Wednesday, 14 April 2021

कोरोना से बिगड़े हालात के लिए सीएम जिम्मेदार, उन्हें पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नही: कमलेश्वर।



  • मानव अधिकार आयोग स्थिति का संज्ञान ले: कमलेश्वर पटेल।

भोपाल: ऑक्सीजन की कमी, इंजेक्शन की कमी, टेस्टिंग की असफलता, अस्पताल में भर्ती में देर होने और व्यवस्थाएं नही होने से जो मौतें हुई है उनके लिए जिम्मेदार कौन है? स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय राजनीति करने और फिर लोगों का जीवन खतरे में डालने के लिए जिम्मेदार कौन है? मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिस तरह कोरोना को लेकर घोर अवैज्ञानिक और गुमराह करने वाले बयान दिए है उनसे जो हालात बिगड़े है उनका जिम्मेदार कौन है? मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री को कोई नैतिक अधिकार नहीं है कि वे अपने पद पर बनें रहें। यह बात पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल नें कही है।


श्री पटेल नें आगे कहा की, सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा सिर्फ भाषण देने औऱ झूठा प्रचार करने में करोड़ो रूपये बर्बाद करने के कारण ऐसे हालात बने। साथ ही श्री पटेल नें कहा की, मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक तंत्र को पंगु बना दिया है। कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण करने के बजाय राजनीति करने से नहीं चूक रहे हैं। देश से 80 देशों को ठेके दिए गए लेकिन मध्यप्रदेश के लिए मांग नही की। रेमडेसिविर इंजेक्शन, ऑक्सीजन की मांग नहीं की।  


श्री पटेल ने कहा कि आम नागरिकों को स्वास्थ्य का अधिकार देने में स्वास्थ्य मशीनरी पूरी तरह असफल हो गई है। कर्मठ स्वास्थ्यकर्मियों को पूरी सहूलियतें देने में भी सरकार नाकाम है। कोरोना से बचने के तरीकों का प्रचार करने के बजाय खुद की फ़ोटो पोस्टर छपवाने में करोडो रुपये खर्च कर दिए। समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाने का परिणाम है कि स्थिति नियंत्रण के बाहर चली गई है।

 

उन्होंने कहा कि यदि थोड़ी शर्म बाकी हो तो मुख्यमंत्री को खुद अपना त्यागपत्र दे देना चाहिए। राज्य और राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोगों को खुद स्थिति का संज्ञान लेना चाहिए।

No comments:

Post a comment

Latest Post

दमोह उपचुनाव: कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन चुनाव जीते, भाजपा प्रत्याशी अपना ही बूथ हारे।

दमोह उपचुनाव: कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन चुनाव जीत चुकें हैं। मतगड़ना के 26वां राउंड खत्म होते ही मध्य प्रदेश के दमोह उपचुनाव की तस्वीर साफ...