Tuesday, 16 March 2021

क्या सिंधिया समर्थकों को पचा नहीं पा रहे BJP नेता? सिंधिया समर्थकों से सौतेलापन क्यूँ?



सीधी CHRONICLE: सिंधिया समर्थकों को लेकर भाजपा में अंतर्कलह जारी है। अभी पिछले रविवार को मध्यप्रदेश के मुरैना में BJP नेताओं के साथ खाने पर जाने से सिंधिया समर्थक को रोका गया जिसको लेकर जमकर बवाल हुआ। अब सवाल यह खड़ा होता है की, क्या सिंधिया समर्थकों को BJP नेता पचा नहीं पा रहे? आखिर सिंधिया समर्थकों के साथ सौतेलापन क्यूँ?     

क्या था मामला।

हुआ यूं की कांग्रेस से दल बदलकर BJP में आए और राज्यसभा सांसद बने ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक और BJP के जिलाध्यक्ष आपस में उलझ गए। यह चौकानें वाला मामला बीते रविवार को सामनें आया था। दरअसल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भाजपा के अनुसूचित वर्ग के कार्यकर्ता रामवीर निगम के साथ उनके घर खाना खाने पहुंचे थे। यहीं इन दोनों वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में ही सिंधिया समर्थक हरिओम शर्मा और भाजपा जिलाध्यक्ष योगेशपाल गुप्ता उलझ गए।


सिंधिया समर्थक हरिओम शर्मा प्रदेश पदाधिकारियों के साथ अंदर जाना चाह रहे थे, लेकिन जिलाध्यक्ष ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान 10 मिनट तक दोनों के बीच तू-तू, मैं-मैं के साथ गाली गलौच भी हुई।हालांकि, वहां मौजूद सिंधिया समर्थक रघुराज कंषाना, रविप्रताप भदौरिया, पूर्वमंत्री गिरराज डंडौतिया सहित अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।


बाद में सिंधिया समर्थक हरिओम शर्मा नें कहा की, हम लोग सिंधिया के साथ भाजपा में सम्मान के लिये आये थे लेकिन हमारा बार बार अपमान किया जा रहा। उहोनें आगे कहा की कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के समय हमें सम्मान नही मिला, तत्कालीन सीएम कमलनाथ नें महाराज सिंधिया का अपमान करते हुये कहा था की सड़क पर उतरना है तो उतर जाइये। इसी अपमान के चलते हम लोगों नें भाजपा की सरकार बनवाई, लेकिन भाजपा में भी हमें वही अपमान झेलना पड़ रहा है।


अब सवाल यह है की, क्या भाजपा द्वारा सिंधिया समर्थकों के साथ सौतेलापन व्यव्हार किया जा रहा। क्या सिंधिया समर्थक अब भाजपा में घुटन महसूस कर रहें। मुरैना में घटी यह घटना फिलहाल यही इंगित करती हुई दिख रही है। साथ ही सिंधिया समर्थक पिछले एक साल से बार बार यह मांग कर रहे की ज्योतिरादित्य सिंधिया को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिले लेकिन अब तक सिंधिया मंत्री नही बन पाये हैं।


मध्यप्रदेश विधानसभा के उपचुनावों में सिंधिया समर्थक तत्कालीन मंत्री इमरती देवी को हार का सामना करना पड़ा था। कहा यह जा रहा था की इमरती देवी को कोई ना कोई पद दिया जायेगा। लेकिन पद तो दूर की बात है अब तो उन्हें कार्यक्रमों में बैठनें की उचित जगह भी नही दी जा रही। ऐसा ही एक फ़ोटो पिछले दिनों सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ था जिसमें इमरती देवी पीछे खड़ी हुई दिख रही थी। जिसको लेकर कांग्रेस नें तंज किया था।


अभी हाल में ही राहुल गांधी ने भी सिंधिया को लेकर बयान देते हुये कहा था की, सिंधिया भाजपा में कभी मुख्यमंत्री नही बन पायेंगें, इस पर सिंधिया ने जवाब देते हुये कहा था की काश-राहुल गांधी पहले ये चिंता कर लेते। राहुल गांधी के उस बयान के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानों का दौर चालू हो गया था। अब पिछले कुछ समय से चल रहे घटनक्रमों को देखते हुये सवाल खड़ा हो रहा की जिस सम्मान के लिये सिंधिया समर्थक भाजपा में गये थे वह सम्मान उन्हें मिल रहा या नही ? अब यह देखना दिलचस्प होगा की आगे आनें वाले दिनों में सिंधिया समर्थकों का अगला कदम क्या होगा।

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