Friday, 26 March 2021

शहडोल: पिछले साल औरंगाबाद रेल हादसे में 16 मजदूरों की हुई थी मौत, अभी तक नही मिला उनका मृत्यु प्रमाण पत्र।



शहडोल: पिछले साल कोविड-19 महामारी के फैलने के दौरान अचानक लॉकडाउन की घोषणा के बाद चारों तरफ अफरा तफरी मच गयी थी और प्रवासी मजदूर पलायन को मजबूर हो गये थे। इसी दौरान महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में एक दिल दहला देनें वाली घटना घटित हुई थी। यह घटना पिछले साल 8 मई को हुई थी, जिसमें 16 मजदूर रेलवे पटरी पर मालगाड़ी की चपेट में आ गये थे और उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी। अब इस घटना को घटित हुये 10 महीनें हो गयें हैं लेकिन अभी भी इनमें से कई मजदूरों के परिवारों को अपने मृतक परिजनों का मृत्यु प्रमाण पत्र नही मिल पाया है।


इस बारे में जयसिंह नगर के एसडीएम दिलीप पांडेय के हवाले से जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक महाराष्ट्र सरकार को एक बार फिर इस विषय में पत्र लिखा जायेगा। साथ ही ये भी जानकारी मिली है की 'महाराष्ट्र सरकार को इस विषय में बार-बार पत्र लिखा गया है, लेकिन 8 मई, 2020 को महाराष्ट्र के औरंगाबाद में जान गंवाने वाले लोगों का मृत्यु प्रमाण पत्र अभी तक नही मिल पाया है।


हालांकि इस हादसे में जान गंवाने वालों को महाराष्ट्र सरकार और मध्यप्रदेश सरकार की तरफ से पूरा मुआवजा दिया गया है। लेकिन मृत्यु प्रमाण पत्र का इंतजार अभी भी किया जा रहा है। परिजनों को डर है कि अगर यह नहीं मिलता है तो वह कई सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाएंगे।


गौरतलब है की, पिछले साल 8 मई को रेल हादसे में मारे गये सभी मजदूर महाराष्ट्र के जलगांव में आयरन फैक्ट्री में काम करते थे। ये लोग औरंगाबाद से मध्यप्रदेश के लिए निकली स्पेशल ट्रेन को पकड़ना चाहते थे। इन सभी लोगों को उम्मीद थी कि वह भुसावल जाकर ट्रेन पकड़ लेंगे। करीब 45 किलोमीटर तक चलने के बाद सभी थक गए और ट्रैक पर ही आराम करने लगे। थकान की वजह से ज्यादातर लोगों को नींद आ गई और वह ट्रैक पर ही सो गए। इसी दौरान वहां से ट्रेन गुजरी और सभी लोग इसकी चपेट में आ गए।

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