Friday, 19 February 2021

सीधी बस हादसा: योगेंद्र और रमेश की दोस्ती के सफर का अंत, चौथे दिन मिले दोनों के शव।



सीधी: सीधी बस हादसे में मरनें वालों की संख्या अब 53 पहुंच गई है। एक युवक अभी भी लापता है। हादसे के चौथे दिन शुक्रवार को दो युवकों के शव मिले। घटनास्थल से करीब 28 किमी दूर गोविंदगढ़ (रीवा) थाना क्षेत्र में एक किलोमीटर के अंतराल पर शुक्रवार को पहले रमेश फिर योगेंद्र का शव मिला। दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे। दोनों दोस्त उस दिन बस में एक ही सीट पर बैठे थे।


पिपरौंध निवासी सुरेश कुमार राजस्व विभाग में लिपिक हैं। सुभाष नगर नूतन कॉलोनी में रहते हैं। नूतन कॉलोनी में ही पीडब्ल्यूडी में कार्यरत राजेंद्र विश्वकर्मा का भी परिवार रहता है। सुरेश के बड़े बेटे योगेंद्र और राजेंद्र के मझले बेटे रमेश में गहरी दोस्ती थी। योगेंद्र को बैंक में जॉब मिल चुकी थी, जबकि रमेश को नौकरी की तलाश थी। दोनों को जब भी फुर्सत मिलती, साथ-साथ निकल लेते थे। हादसे के बाद से दोनों परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है।


दोनों दोस्त सतना के लिए साथ निकले थे।

दरअसल, 16 फरवरी को रमेश को सतना से ट्रेन पकड़नी थी और योगेंद्र को भी बैंक के काम से सतना जाना था। इसलिए दोनों दोस्त सुबह 5 बजे एक साथ घर से निकले थे। रमेश की लाश छुहिया घाटी में बने टनल के दूसरी ओर टीकर के पास 500 मीटर दूरी पर सुबह 10 बजे मिली, फिर योगेंद्र का शव टनल से डेढ़ किलोमीटर दूर दोपहर करीब 12 बजे मिला।


5 साल पहले योगेंद्र की हुई थी शादी।

सुरेश कुमार के तीन संतानों में योगेंद्र (28) सबसे बड़े थे। उनकी पांच साल पहले शादी हुई थी। अभी उसकी कोई संतान नहीं थी। पति की मौत से उनकी पत्नी बदहवास सी हो गई हैं। योगेंद्र से छोटा विपिन एयरफोर्स में है। विवेक शर्मा सबसे छोटा है।


गौरतलब है की, मंगलवार सुबह हुए इस बस हादसे में 51 लोगों की मौत हो चुकी थी, आज दो शव और मिलनें से अब यह आंकड़ा 53 हो गया है। 6 लोगों को बचा लिया गया और एक युवक अभी भी लापता हैं। इसके अलावा बस चालक भी था जिसे गिरफ्तार कर लिया गया था।बस में चालक सहित कुल 61 लोग इसमें सवार थे। यह बस 32 सीट क्षमता वाली थी लेकिन इसमें 61 लोग सवार थे। यह बस यात्रियों से खचाखच भरी थी और ट्रैफिक जाम से बचने के लिए अपने निर्धारित मार्ग को बदलकर दूसरे मार्ग से जा रही थी और नहर में गिर गई थी।

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