Monday, 22 February 2021

सीधी: भाजपा जिलाध्यक्ष का अपनें ही विधायक पर तंज, कहा- पद के लिये आंसू न बहायें।



  • विधायक बनना क्या केदार शुक्ला के लिए कम है? मंत्री न बनने से नहीं रूकते विकास कार्य : इन्द्रशरण।

सीधी: रीवा के देवतालाब विधानसभा से भाजपा विधायक गिरीश गौतम को मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए  नि​र्विरोध चुन लिया गया है। आज से शुरू हो रहे बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष पद के लिये कांग्रेस द्वारा कोई उम्मीदवार ना उतारनें से गिरीश गौतम नि​र्विरोध चुनें गये। लेकिंन अब विधानसभा अध्यक्ष के प्रबल दावेदार मानें जा रहे सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला का दर्द बाहर आया है। विधानसभा अध्यक्ष का पद उन्हें ना मिलने पर उन्होनें कहा की, मुझे भी पद से मोह है, मै नेता हूं, संन्यासी नही। साथ ही उहोनें कहा की कांग्रेस नें हमेशा ही सीधी का ध्यान रखा है लेकिन भाजपा में सीधी की उपेक्षा हो रही हैं। सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ल के इस बयान पर भाजपा के सीधी जिलाध्यक्ष नें प्रतिक्रिया देते हुये तंज कसा है।


क्या कहा भाजपा जिलाध्यक्ष इन्द्रशरण सिंह चौहान नें?

सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला की भाजपा सरकार में हो रही उपेक्षा एवं विधायक शुक्ला द्वारा दिये गये वक्तव्य को लेकर जब सीधी भाजपा जिलाध्यक्ष इन्द्रशरण सिंह चौहान से सवाल किया गया तो उन्होनें अपनें ही विधायक पर तंज करते हुये कहा की, किसी के मंत्री न बनने से विकास के कोई काम नहीं रुकते हैं। उन्होने कहा कि विंध्य क्षेत्र को संगठन एवं सत्ता में अच्छा महत्व मिला है। इससे विंध्य का मान सम्मान बढ़ा है। श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश संगठन में महामंत्री शरदेन्दु तिवारी, प्रदेश उपाध्यक्ष योगेन्द्र ताम्रकार एवं कांति देव सिंह तथा प्रदेश मंत्री मनीषा सिंह एवं राजेश पाण्डेय हैं। वहीं विंध्य में पहले दो मंत्री राजेन्द्र शुक्ला एवं नागेन्द्र सिंह हुआ करते थे लेकिन इस बार तीन मंत्री विशाहूलाल, मीना सिंह एवं रामखेलावन पटेल हैं वहीं अब विधानसभा अध्यक्ष भी गिरीश गौतम को विंध्य क्षेत्र से बनाया गया है। निश्चित रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, श्री नड्डा सहित मुख्यमंत्री शिवराज सिंह एवं प्रदेश अध्यक्ष केडी शर्मा बधाई के पात्र हैं।  

विधायक बनना क्या केदार शुक्ला के लिए कम है? उन्हें पद के लिये आंसू बहानें की जरुरत नही: इन्द्रशरण।

साथ ही भाजपा अध्यक्ष इन्द्रशरण सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा में हजारों, लाखों कार्यकर्ता हैं जिन्हे टिकट नहीं मिलता है लेकिन विधायक बनना क्या श्री शुक्ल के लिए कम है। हर लोग विधानसभा जाने के लिए आतुर रहते हैं परन्तु उन्हे पार्टी महत्व देती आ रही है। शीर्ष नेतृत्व तय करता है कि कौन उपयुक्त है, समीकरण के आधार पर पद मिलते हैं। लेकिन आंसू बहाने की जरूरत विधायक को नहीं होनी चाहिए। उन्होने कहा कि मंत्री न बनने से विकास नहीं रुकते।

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