Thursday, 18 February 2021

सीधी बस हादसे के बाद सरकार की खुली नींद, औचक निरीक्षण पर निकले परिवहन मंत्री।



सीधी CHRONICLE: सीधी बस हादसे के बाद अब मध्यप्रदेश सरकार की नीद खुलती हुई प्रतीत हो रही है। हादसे के बाद से ही मध्य प्रदेश सरकार के परिवहन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने तत्काल प्रभाव से सीधी RTO को निलंबित कर दिया है। इस हादसे की वजह से अब परिवहन विभाग के अफसर और मैदानी अमला अलर्ट पर है और बसों की चेकिंग करने सड़क पर उतर गये है। आज सुबह खुद परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भोपाल में औचक निरीक्षण पर निकल पड़े।  


मध्यप्रदेश के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भोपाल होशंगाबाद नेशनल हाईवे पर पहुंचे और सड़कों पर दौड़ रही बसों का निरीक्षण किया। चेकिंग के दौरान यह निकल कर सामने आया की, बसों में न तो आग से बचने वाले इक्यूपमेंट थे ना फर्स्ट एड की व्यवस्था थी। यहां तक की इमरजेंसी गेट से बाहर निकलने के इंतजाम भी पुख्ता नही थे। इमरजेंसी गेट पर सीट लगाकर क्षमता से ज़्यादा यात्री बैठाने की व्यवस्था कर रखी थी। फर्स्ट एड बॉक्स या तो खाली थे या एक्सपायरी डेट की दवाइयां भरी हुई थीं। कंडक्टर के पास लाइसेंस नहीं था। बसों का जायजा लिया तो पता चला कि खटारा बसों की वजह से कब कौन सी घटना हो जाए कहा नहीं जा सकता।


जिन बसों के अंदर आग बुझाने के लिए फायर इक्विपमेंट लगाए भी गए थे वह एक्सपायरी डेट के निकले। फर्स्ट एड बॉक्स में जो दवाइयां मिलीं वो सालों पहले एक्सपायर हो चुकी हैं। लेकिन उन दवाइयों को जांचने परखने के लिए परिवहन विभाग ने कभी दिलचस्पी नही दिखाई। बसों के गेट टूटे हुए थे। ड्राइवर की सीट भी मापदंड के मुताबिक नहीं थी।


परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मानक पूरा नहीं करने वाली बसों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। जिन बसों में यात्री सवार थे उन्हें यात्रियों को छोड़ने के बाद ज़ब्त करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा पूरे प्रदेश में बसों की जांच की जाएगी और तय गाइडलाइन का पालन नहीं मिला तो उन बसों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई अफसर लापरवाही बरतते मिला तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

No comments:

Post a Comment

Latest Post

कौन हैं चौधरी राकेश सिंह? जिनको लेकर कांग्रेस में मचा है घमासान।

भोपाल:   मध्यप्रदेश में संगठन की मजबूती के लिये प्रदेश कांग्रेस ने बड़ा बदलाव किया है। प्रदेश कांग्रेस ने संगठन में 56 जिलों में प्रभारियों ...