Tuesday, 2 February 2021

केन्द्रीय बजट पर कमलेश्वर पटेल की तीखी प्रतिक्रिया, कहा- अब भारत के मानव संसाधन को दांव पर लगा दिया।



सीधी: पूर्व पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने केन्द्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि नारेबाजी और जुमलेबाजी से अर्थव्यवस्था में बदलाव नहीं हो सकता। केन्द्रीय बजट में आत्मनिर्भरता का जो जुमला भ्रम फैलाने के लिये इस्तेमाल किया गया है वह बजट में नदारत है। उन्होने कहा कि देश के महत्वपूर्ण संसाधनों को बेचते बेचते अब मोदी सरकार ने कीमती मानव संसाधन की भी बोली लगा दी है।


श्री पटेल ने कहा कि बीमा क्षेत्र में विदेशी पूंजी निवेश को बढाकर अब सरकार ने विदेशी  बीमा कंपनियों के हाथों भारत के मानव संसाधन को सौंप देने की ठान ली है। सीधा-सीधा यह कहना है कि विदेशी बीमा कंपनियां आयें और भारतीयों का बीमा करें और खूब लाभ कमायें। पटेल ने कहा कि भारतीय नागरिकों के लिये बंदिशें लगाने को आतुर सरकार अब विदेशी पूंजी को बुला रही है। अब हर नागरिक को पूछना चाहिए कि कहां गया राष्ट्रवाद। देश की भक्ति करने की बात करते करते अब देश को गुलाम बनाने की चालें चलने लगे।

 

कमलेश्वर पटेल ने कहा कि अर्थव्यवस्था को बर्बादी के मुहाने पर लेकर आ गई मोदी सरकार ने देश के करोडों युवाओं को सपनों और उनकी मेहनत को मिटटी में मिला दिया। मंहगाई और बेरोजगारी का इल्जाम कोविड19 के सर पर मढ दिया। जनता के पास सब हिसाब मौजूद है। बजट से पहले ही पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ा दिये और बजट से पहले भी कई बार ऐसी कार्रवाइयां कर दी जिससे पूरा बैंकिंग सेक्टर पूरा उद्योग सेक्टर तबाही की हालत में है। उन्होंने कहा कि यह बजट भी दृष्टिहीनता का शिकार है।

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