Sunday, 28 February 2021

हिंदू महासभा ने सोनिया, राहुल और कमलनाथ को लिखा पत्र, कहा- कांग्रेस का नाम "गोडसेवादी कांग्रेस" रख लें।



सीधी CHRONICLE: नाथूराम गोडसे के भक्त एवं गोडसे का मंदिर स्थापित करने में मुख्य भूमिका निभाने वाले बाबूलाल चौरसिया को कांग्रेस में शामिल करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। जहां एक तरफ कांग्रेस इस मसले पर दो धड़ों में बंट गयी है तो वहीं हिंदू महासभा भी कांग्रेस पर हमलावर हो गई। हिंदू महासभा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी व मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ को पत्र लिखे हैं।


पत्र में हिंदू महासभा ने लिखा है कि, अब कांग्रेस में किसी की आस्था नहीं बची है। इसलिए कांग्रेस का नाम बदलकर "गोडसेवादी कांग्रेस" रख दिया जाना चाहिए। आम आदमी कांग्रेस में शामिल नहीं होना चाहता है। यह बात साबित होती है बाबूलाल चौरसिया को गांधीवादी कांग्रेस में शामिल करने से। बाबूलाल ने ग्वालियर में गोडसे का मंदिर स्थापित किया था, इसलिए कांग्रेस कार्यालय में नाथूराम गोडसे का चित्र भी लगा लेना चाहिए।  


दौलतगंज स्थित हिंदू महासभा के कार्यालय से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयवीर भारद्वाज ने बताया कि नाथूराम गोडसे के मंदिर की स्थापना में मुख्य रूप से भूमिका निभाने वाले हिंदू महासभा को नेता बाबूलाल को पार्टी में शामिल करके कांग्रेस ने बता दिया है कि अब आम आदमी कांग्रेस में जाना नहीं चाहता है। इसलिए अब अखिल भारतीय कांग्रेस का नाम बदलकर "गोडसेवादी कांग्रेस" कर देना चाहिए। इस दौरान उन्होंने बाबूलाल चौरसिया के बयानों का भी खंडन किया है, जिसमें उन्होंने धोखे से गोडसे की पूजा कराने की बात कही थी। उनका कहना था कि हर कार्यक्रम में वह सबसे आगे रहते थे।


कांग्रेस में गांधी एवं गोडसे को लेकर घमासान।

गोडसे भक्त बाबूलाल चौरसिया की कांग्रेस में एंट्री पर कांग्रेस में भी घमासान मचा हुआ है। पार्टी अब दो गुटों में बंटती हुई नजर आ रही है। एक चौरसिया के पक्ष में है, दूसरा खिलाफ। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, लक्ष्मण सिंह के बाद दूसरे गुट में शनिवार को पार्टी नेता मानक अग्रवाल भी जुड़ गए। अग्रवाल बोले, 'कमलनाथ बताएं कि वे गांधीवादी विचारधारा के साथ हैं या गोडसे की।'

MP के गृह मंत्री का राहुल गांधी को लेकर विवादित बयान, कहा- BJP नेता चुनाव प्रचार कर रहे, पप्पू मछली पकड़ रहा !



सीधी CHRONICLE: भारतीय निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल सहित चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया। जिसके बाद राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच जुबानी-जंग तेज हो गई है। इसी बीच मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने राहुल गांधी को लेकर एक विवादास्पद बयान दे डाला है।


नरोत्तम मिश्रा ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कई अन्य भाजपा नेताओं का जिक्र करते हुए राहुल गांधी के ऊपर तंज कसा है। नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया के साथ बातचीत में राहुल गांधी के ऊपर निशाना साधते हुये कहा की, आप अंतर देखो "मोदी जी तमिलनाडु में प्रचार कर रहे हैं, अमित शाह जी पश्चिम बंगाल में हैं, नड्डा जी असम में हैं, राजनाथ जी केरल में हैं और पप्पू मछली पकड़ रहा है, फिर कहेंगे EVM खराब है।"


बता दें की, नरोत्तम मिश्रा बंगाल में बीजेपी की तरफ से चुनाव प्रभारी भी हैं। उनके इस बयान के बाद सियासत गर्म हो गयी है। इससे पहले नरोत्तम मिश्रा ने 8 चरणों में बंगाल चुनाव की तारीखों के ऐलान को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी थी। बंगाल में आधे दर्जन से ज्यादा चरणों में चुनाव को लेकर ममता बनर्जी के बयान पर मिश्रा ने कहा था कि यह निर्वाचन आयोग का फैसला है। ममता बनर्जी, आयोग को संवैधानिक संस्था नहीं मानती हैं। मिश्रा ने आगे कहा था कि केंद्र और चुनाव आयोग को पश्चिम बंगाल में तत्काल रिजर्व पुलिसबल की तैनाती करनी चाहिए, ताकि वहां शांतिपूर्ण तरीके से मतदान की प्रक्रिया पूरी कराई जा सके।

Saturday, 27 February 2021

सीधी में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो पलटने से 2 की मौत, 2 घायल।



सीधी: मध्यप्रदेश के सीधी जिले में अभी कुछ दिन पहले बस के नहर में डूबनें से 54 लोगों की मौत की घटना अभी तक जहन से बाहर भी नहीं निकल पायी थी की आज एक और सड़क हादसे नें दिल दहला दिया। सीधी से पटपरा की ओर जा रही एक स्कॉर्पियो सोन नदी के गऊघाट पुल के आगे अनियंत्रित होकर पलट गई जिसमें सवार 2 लोगों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई वहीं दो को मामूली चोटें आई हैं। घटना की जानकारी लगते ही कमर्जी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतकों को जिला अस्पताल पहुंचाया।




प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर करीब 3.30 बजे स्कॉर्पियो क्रमांक एमपी 53 बीसी 0920 में सवार रोशन सिंह चौहान (25) निवासी नौढिया, भीमसेन सेन (23), शिवम सिंह एवं एक अन्य व्यक्ति नौढ़िया से सवार होकर पटपरा की ओर जा रहे थे। जैसे ही स्कॉर्पियो गऊघाट पुल से 200 मीटर दूर पहुंची तो अनियंत्रित होकर पलट गई जिसमें सवार रोशन सिंह चौहान निवासी नौढ़िया और भीमसेन सेन की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं शिवम सिंह एवं एक अन्य व्यक्ति को पुलिस तत्काल अस्पताल लेकर पहुंची जहां शिवम सिंह को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है वहीं एक अन्य घायल जिसे मामूली चोट आई थी।

विंध्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मेहनत में नहीं है कोई कमी, बैलट पेपर से चुनाव हो जाएँ तो भाजपा हो जाएगी साफ: अजय।


रीवा: मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय ने आज रीवा में कांग्रेस के संभागीय कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा कि अगली बार कांग्रेस के कार्यकर्ता सिद्ध कर देंगे कि कांग्रेस सरकार बनाने में उनका योगदान कम नहीं है। पिछली बार यह बात सुनने में आई कि यहाँ के कार्यकर्ताओं से कुछ भूल हुई, इस कारण विंध्य से कांग्रेस का प्रदर्शन ठीक नहीं रहा। मेरा मानना है कि यहाँ के कार्यकर्ताओं की मेहनत में कोई कमी नहीं थी। चुनाव में धांधली ईवीएम मशीन से की गई। यदि आज दोबारा बैलट पेपर से चुनाव हो जाएँ तो सच सामने आ जाएगा और यहाँ से भाजपा साफ हो जाएगी।


अजय सिंह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि हमारा हौसला कम नहीं होना चाहिए। दुगने उत्साह से अगले चुनाव के लिए जुटना है। कांग्रेस की कमलनाथ सरकार में 15 महीनों में बहुत बड़े बड़े कामों की शुरुआत हुई थी। आज हम फिर से वापस 15 साल पुरानी जगह पर पहुँच गए हैं। शिवराजसिंह का वही लच्छेदार भाषण होता है लेकिन जमीन पर कुछ नहीं। भाजपा सरकार माफियाओं के साथ खड़ी है। गरीब मजदूरों को जेल भेजा जाता है। महंगाई चरम पर है। युवाओं के रोजगार छीने लिए गए। किसानों और कामगारों ने अपनी गाढ़ी कमाई से जैसे तैसे मोटर साइकिलें तो ले ली लेकिन महंगा पेट्रोल भराने के लिए पैसे नहीं हैं। बहुत पहले कहा जाता था कि बीजेपी सेठ साहूकारों की पार्टी है। आज हमें फिर वही देखने को मिल रहा है। कांग्रेस गरीब, शोषित, पीड़ित और कमजोरों की मदद करने वाली पार्टी है।


अजय सिंह ने कहा कि आज महान संत रविदास जी की जयंती है। समाज के लिए उनके अवदान को याद करते हुये उन्होंने कहा कि उनका कर्म, विचार और जीवन शोषित और पीड़ित समाज के कल्याण और उत्थान के लिए था। उनकी जयंती मनाना तभी सार्थक होगा जब कांग्रेस कार्यकर्ता उन वर्गों तक पहुंचे जिनके लिए संत रविदास ने अपना पूरा जीवन खपा दिया। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान उनकी जयंती के कार्यक्रम में तो गए लेकिन दलित समाज के घर नहीं गए। भाजपा की कथनी और करनी में यही अंतर है।

कांग्रेस में मतभेद बढ़े: सज्जन सिंह वर्मा ने अरुण यादव के गोडसे बाले बयान पर साधा निशाना।



  • पूर्व पीसीसी चीफ़ अरुण यादव पर पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा का पलटवार, कहा- मुद्दा उठाने वाले के क्षेत्र से दो MLA गोडसे की विचारधारा में शामिल।

सीधी CHRONICLE: हिंदू महासभा के नेता बाबूलाल चौरसिया के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर अब कांग्रेस नेताओं की जुबानी जंग खुलकर सामने आ गयी है। कांग्रेस इस मसले को लेकर दो धड़ों में बंट गयी है। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने हिंदू महासभा के नेता बाबूलाल चौरसिया को कांग्रेस में शामिल करने को लेकर पूर्व पीसीसी चीफ अरुण यादव द्वारा सवाल किये जानें पर पलटवार किया है।


क्या कहा सज्जन वर्मा नें।

सज्जन वर्मा नें अरुण यादव पर इशारों ही इशारों में निशाना साधते हुये कहा- जिन लोगों ने पार्टी में ये मुद्दा उठाया, उनके क्षेत्र के दो विधायक गोडसे विचारधारा वाली पार्टी में चले गए। हम तो उस विचारधारा से खींचकर लोगों को गांधी की विचारधारा से जोड़ रहे हैं। इसमें क्या बुराई है। इससे एक बार फिर ये बात साबित हुई कि इस देश में सिर्फ बापू की विचारधारा चलेगी। बता दें की अरुण यादव ने कहा था कि मैं संघ विचारधारा के खिलाफ लड़ाई सड़कों पर लड़ता हूं।


वासनिक बोले- सारे संदर्भ देखने के बाद ही कुछ कहूंगा।

मध्यप्रदेश के प्रभारी कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक शुक्रवार रात इंदौर पहुंचे। विमानतल पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, संगठन मजबूत करेंगे, ये सतत चलने वाली प्रक्रिया है। हिंदू महासभा के बाबूलाल चौरसिया के कांग्रेस में शामिल होने पर उठे विवाद पर वे बोले कि जानकारी मिली है, सारे संदर्भ देखने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा। यहां से वे रात में ही ओंकारेश्वर के लिए रवाना हो गए।


गौरतलब है कि ग्वालियर में हिंदू महासभा के बाबूलाल चौरसिया के कांग्रेस में आने के विरोध में शुक्रवार को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव द्वारा जारी किए गए पत्र से पार्टी के भीतर विवाद और गहरा गया है। यादव ने पत्र में कहा कि महात्मा गांधी और गांधी विचारधारा के हत्यारे के खिलाफ, मैं खामोश नहीं बैठ सकता। मैं आरएसएस विचारधारा को लेकर लाभ-हानि की चिंता किए बगैर जबानी जंग नहीं, सड़कों पर लड़ता हूं।

सीधी में दिखा व्यापारिक संगठनों के बंद का असर, सड़क पर उतरे व्यवसाई।



सीधी: देश में वस्‍तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी (GST) को आसान बनाने, पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के खिलाफ सीधी के व्यापारियों नें बीते कल यानी शुक्रवार को सीधी बंद किया। कंफेडेरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की ओर से बुलाए गए इस भारत बंद को ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन (AITWA) का भी समर्थन मिला।साथ ही कुछ अन्‍य संगठनों ने भी व्‍यापारियों के इस बंद का समर्थन किया। बंद का असर मध्यप्रदेश के सीधी जिले में भी व्यापक रहा।


दोपहर तक बंद रहीं दुकानें, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी हर्षल पंचोली को सौंपा गया ज्ञापन।

सीधी के व्यापारियों ने दोपहर तक दुकानें बंद रखी। इस दौरान कैट के जिलाध्यक्ष कमल कामदार के नेतृत्व में व्यापारी प्रतिनिधि मंडल पूरे शहर में सुबह से ही भ्रमण कर व्यापारियों से अनुरोध कर दुकानें बंद कराने का आग्रह करता रहा। जिसका असर रहा कि दोपहर 2 बजे तक लगभग 90 प्रतिशत से ज्यादा बड़ी दुकानें बंद रहीं। बाद में व्यापारियों के एक प्रतिनिधि मंडल नें GST के व्यापार विरोधी कानूनों में संशोधन की मांग हेतु ज्ञापन भी अतिरिक्त जिला  दंडाधिकारी हर्षल पंचोली को सौंपा।


आज के बंद को सफल बनाने एवं केंद्र सरकार को कड़ा संदेश देनें के लिये सीधी कैट अध्यक्ष कमल कामदार, देवेन्द्र सिंह मुन्नू, विनय सिंह परिहार "बीनू", संतोष जायसवाल, अजय गुप्ता, अजय हरवानी, अविनाश बदवानी, रिंकू गुप्ता, रामगोपाल गुप्ता, एसदील दानी, राजा नामदेव, संजय हरवानी, अशू कामदार, बब्बू हारवानी, राजेश गुप्ता, संजय गुप्ता, भानू गुप्ता, संतोष आहूजा, अवनीश त्रिपाठी सहित कई लोगों ने दुकानें बंद कराने के लिए सुबह से दोपहर तक पैदल घूमते हुए व्यापारियों से अनुरोध किया।

Friday, 26 February 2021

यह सीधी विधायक का गुस्सा है या दर्द, कहा- इंसान की गलतियां माफ़ की जाती हैं, चालाकियां नहीं।



सीधी: शिवराज सरकार के सत्ता मे आने के बाद से ही भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला लगातार चर्चाओं में बने हुए है। पहले चर्चा यह थी की सीधी विधायक को इस बार मंत्रिमंडल में जगह मिलना तय है। सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला नें खुद कहा था की वो इस बार 100 प्रतिशत मंत्री बनेंगे। लेकिन शिवराज सरकार के गठन और मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सीधी विधायक को सिर्फ़ निराशा ही हांंथ लगी।


बाद में विधानसभा अध्यक्ष के लिये भी सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा था। लेकिन ऐन वक्त पर विधानसभा अध्यक्ष के लिये रीवा जिले की देवतलाब सीट से विधायक गिरीश गौतम को चुन लिया गया। ऐसे में एक बार फिर सीधी विधायक उपेक्षा के शिकार हो गये। जिसके बाद केदार नाथ शुक्ला का दर्द बाहर आया था और उन्होनें कहा था की, कांग्रेस की सरकारों में सीधी का ध्यान हमेशा रखा गया लेकिन भाजपा में सीधी की लागातार उपेक्षा हो रही है। आगे श्री शुक्ला नें कहा था की, मै नेता हूं कोई सन्यासी नही, मुझे भी पद का लोभ है।


मामला यहीं पर नही रुका, अब सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला द्वारा सोशल मीडिया पर किये गये पोस्ट से राजनीति एक बार फिर गर्म हो गयी है। सीधी विधायक नें फेसबुक पर लिखते हुये कहा की, "इंसान की गलतियां माफ़ की जाती हैं, चालाकियां नहीं।"  इससे साथ ही, केदार नाथ शुक्ला नें एक और पोस्ट किया और लिखा की " उम्र थका नही सकती, ठोकरें गिरा नहीं सकती। अगर जीतनें की जिद हो तो परिस्थितियां हरा नही सकतीं"।  

अब सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला द्वारा सोशल मीडिया में किये गये पोस्ट को लेकर राजनीतिक पंडित तरह तरह के कयास लगा रहें हैं। लेकिन इतना तो साफ हो गया है की श्री शुक्ला अब चुप बैठनें के मूड में नही हैं और अपनी ही पार्टी को आइना दिखाने का मन बना लिया है। साथ ही अब यह देखना भी दिलचस्प होगा की केदारनाथ शुक्ला के आगे की  रणनीति क्या होगी। मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हे जगह मिलेगी या नही। बता दें की केदारनाथ शुक्ला चार बार के विधायक हैं और वरिष्ठ भी हैं। लेकिन इसके बाद भी उन्हें लगातार उपेक्षित किया जा रहा है।

'गोडसे भक्त' की कांग्रेस में एंट्री का विरोध: अरुण यादव नें कहा- मैं ख़ामोश नहीं बैठूंगा।



भोपाल: हिंदू महासभा के नेता बाबूलाल चौरसिया की कांग्रेस में एंट्री को लेकर पार्टी के में घमासान मच गया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने बाबूलाल को पार्टी में शामिल करने के खिलाफ बगावती तेवर अपना लिये हैं। बाबूलाल के कांग्रेस में आते ही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने सबसे पहले महात्मा गांधी ‘बापू’ से क्षमा मांग ली थी. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था- बापू हम शर्मिंदा हैं। यहां पर गौर करनें वाली बात यह रही की अरुण यादव नें सोशल मीडिया में किये गये पोस्ट में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को तो टैग किया, लेकिन कमलनाथ को टैग नहीं किया।  


उसके बाद अरुण यादव ने दूसरा ट्वीट किया है। इसमें उन्होंने सीधे-सीधे अपनी बात कही है। उन्होंने लिखा- महात्मा गांधी और गांधीजी की विचारधारा के हत्यारे के खिलाफ मैं खामोश नहीं बैठ सकता हूं।' अरुण यादव ने इसके साथ एक प्रेस रिलीज भी पोस्ट की है। जिसमें उन्होनें लिखा की, मैं आरएसएस की विचारधारा को लेकर लाभ-हानि की चिंता किये बिना ज़ुबानी जंग नहीं, बल्कि सड़क पर लड़ाई लड़ता हूं। मेरी आवाज कांग्रेस और गांधी विचारधारा को समर्पित एक सच्चे कांग्रेस कार्यकर्ता की आवाज है। जिस संघ कार्यालय में कभी तिरंगा नहीं लगता है, वहां इंदौर के संघ कार्यालय (अर्चना) पर कार्यकर्ताओं के साथ जाकर मैंने तिरंगा फहराया। देश के सारे बड़े नेता कहते हैं कि देश का पहला आतंकवादी नाथूराम गोडसे था। आज गोडसे की पूजा करने वाले के कांग्रेस में प्रवेश पर वो सब नेता खामोश क्यों हैं?

अरुण यादव ने आगे कहा- यदि यही स्थिति रही तो गोडसे को देशभक्त बताने वाली भोपाल से बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर भविष्य में कांग्रेस में प्रवेश करेंगी तो क्या कांग्रेस उसे स्वीकार करेगी? प्रज्ञा ठाकुर के उस बयान पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि मैं प्रज्ञा ठाकुर को जिंदगी भर माफ नहीं कर सकता हूं।


उन्होनें आगे लिखा की, अपनी ही सरकार में कमलनाथ ने इन्हीं बाबूलाल चौरसिया और उनके सहयोगियों का ग्वालियर में गोडसे का मंदिर बनाने और पूजा करने के विरोध में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। इन स्थितियों में जब संघ और पूरी भाजपा एकजुट होकर महात्मा गांधीजी, नेहरू जी और सरदार वल्लभ भाई पटेलजी के चेहरे को षडयंत्रपूर्वक नई पीढ़ी के सामने भद्दा करने की कोशिश कर रही है, तब काग्रेस की गांधीवादी विचारधारा को समर्पित एक सच्चे सिपाही के नाते में चुप नहीं बैठ सकता हूं। यह मेरा वैचारिक संघर्ष किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं होकर कांग्रेस पाटी की विचारधारा को समर्पित है। इसके लिए मैं हर राजनीतिक क्षति सहने को तैयार हूं।

घरेलू गैस 25 रुपए महंगी: फरवरी माह में यह तीसरी बढ़ोत्तरी, तीन महीने में छह बार बढ़े दाम।



  • दिसंबर के बाद से अब तक  घरेलू गैस 150 रुपए महंगी।

सीधी CHRONICLE: सरकारी तेल कंपनियों ने गुरुवार को घरेलू गैस के दाम फिर बढ़ा दिए हैं। प्रति सिलेंडर 25 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद 14.2 किलोग्राम के गैस सिलेंडर की कीमत भोपाल में 800 रुपए हो गयी है। बढ़े दाम 25 फरवरी आधी रात से ही लागू हो गए हैं। यह बढ़ोतरी उज्जवला योजना के लाभार्थियों समेत सब्सिडी और गैर-सब्सिडी वाले सिलेंडर पर समान रूप से लागू होगी।


दिसंबर से फरवरी तक 150 रुपए की हुई बढ़ोत्तरी।

फरवरी माह में यह तीसरी बढ़ोत्तरी है। इससे पहले एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम  4 फरवरी को 25 रुपए और 15 फरवरी को 50 रुपए बढ़ाए गए थे। इस तरह एक महीने में घेरलू रसोई गैस 100 रुपए महंगा हो गया है। पिछले साल दिसंबर के बाद से एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 150 रुपए की बढ़ोतरी हो चुकी है।


बड़े शहरों में गैस सिलेंडर सब्सिडी पूरी तरह खत्म।

प्राप्त जानकारी के अनुसार - ‘मेट्रो और बड़े शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी खत्म की जा चुकी है। दिल्ली जैसे शहरों में सभी उपभोक्ताओं को पूरी कीमत चुकानी पड़ती है। सिर्फ दूरस्थ इलाकों के उपभोक्ताओं को सब्सिडी के तौर पर कुछ राशि दी जा रही है।


पिछले 3 महीने में 6 बार बढ़े एलपीजी सिलेंडर के दाम।

पिछले 3 महीने में एलपीजी सिलेंडर के दाम 6 बार बढ़ाए गए हैं। पिछले साल 1 दिसंबर को घरेलू रसोई गैस के एक सिलेंडर की कीमत 600 थी। कीमत 2 दिसंबर को 50 रुपए बढ़कर 650 पहुंची, फिर 15 दिसंबर को 50 रुपए बढ़कर 700 हुई। इसके बाद जनवरी में दाम नहीं बढ़े। फरवरी में 4 तारीख को 25 रुपए की बढ़ोतरी हुई, 15 फरवरी को 50 रुपए दाम बढ़ाए गए और 14.2 किलोग्राम सिलेंडर का दाम 775 रुपए हो गया। 25 फरवरी को 25 रुपए बढ़कर यह 800 रुपए पहुंच गया।

यात्री कृपया ध्यान दें! MP में 1 मार्च से बढ़ेगा बस किराया, सफर हो जाएगा महंगा।



भोपाल: मध्यप्रदेश के बस यात्रियों को झटका लगने वाला है। पेट्रोल-डीजल के दाम में बेतहाशा बढ़ोतरी के बाद मध्य प्रदेश में अब बस का सफर भी महंगा हो जाएगा। परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने 1 मार्च से बसों का किराया बढ़ाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक के बाद इस संबंध में निर्णय लिया गया है। किराया कितना बढ़ेगा, अभी यह तय नहीं है। राजपूत ने कहा कि बस संचालक और यात्रियों की सहमति से किराया तय किया जाएगा।


बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने कहा कि परिवहन मंत्री के आश्वासन पर हमें भरोसा है। बस ऑपरेटर्स किराये में 60 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। अगर 1 मार्च से किराया नहीं बढ़ाया गया तो फिर अनिश्चितक़ालीन हड़ताल कर दी जाएगी। ऑपरेटर्स का कहना है पेट्रोल-डीजल के दाम जब 58 रुपये थे उस वक्त जो किराया तय किया गया था अब भी वही है. जबकि अब पेट्रोल 100 रुपये तक पहुंच गया है।


किराये में 15 से 25 फीसदी तक की हो सकती है बढ़ोत्तरी।

सरकार बसों के किराए में 15 से 25 प्रतिशत बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रही है। इस पर बस ऑपरेटर एसोसिएशन का कहना है कि 25 प्रतिशत किराया बढ़ोतरी होती है, तो हम उसका स्वागत करेंगे। डीजल के रेट में ही 25 से 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई है। किराए में 25 प्रतिशत से कम बढ़ोतरी मंजूर नहीं है। मप्र बस ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष गोंविद शर्मा ने बताया कि अभी हम वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश भर के बस ऑपरेटर से बातचीत करने जा रहे हैं। इसके बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

Thursday, 25 February 2021

सीधी: सांसद रीति पाठक नें मोटेरा स्टेडियम का नाम नरेंद्र मोदी स्टेडियम होने पर दी बधाई, सोशल मीडिया पर हुईं जमकर ट्रोल।



सीधी: सीधी- सिंगरौली संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सांसद रीति पाठक सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और अपने विचार रखती हैं। कई बार उन्हें ट्रोल का भी सामना करना पड़ता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है। सांसद रीति पाठक नें अहमदाबाद स्थित मोटेरा स्टेडियम का नाम नरेंद्र मोदी स्टेडियम होने को लेकर सोशल मीडिया यानी फ़ेसबुक एवं ट्वीटर पर बधाई संदेश दिया, जिसके बाद वो जमकर ट्रोल हो गईं।


सांसद रीति पाठक के इसी पोस्ट पर यूजर्स खूब रिएक्शन दे रहे हैं। सांसद ने लिखा: "विश्व के सबसे बड़े स्टेडियम का नामकरण हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी के नाम से किया गया है। अहमदाबाद स्थित मोटेरा स्टेडियम का नाम नरेंद्र मोदी स्टेडियम होने पर आप सभी को हार्दिक बधाई"। सांसद के इस ट्वीट पर कुछ लोग उन्हें जमकर ट्रोल कर रहें।

 


दिनेश शर्मा नाम के एक फ़ेसबुक यूजर नें लिखा " आखिर ऐसा क्या हो गया जो 1 स्टेडियम का नामकरण प्रधानमंत्री के नाम पे कर दिया गया तो आप जनता को शुभकामनाएं दे रही है??? जिस भाजपा ने आजीवन कांग्रेस के नेताओ के नामकरण का विरोध किया आज उसी ने यही प्रथा चालू कर दी। खैर आप जिस दिन सीधी सिंगरौली रोड को जनता को समर्पित करेंगी उस दिन भले आप सभी को शुभकामनाएं दे सकती है"।


शिव जायसवाल लिखतें हैं " सबसे मजेदार की बात तो यह है नरेंद्र मोदी स्टेडियम के पवेलियन का नाम 2 उद्योगपतियों के नाम पर पड़ा है एक साइड अंबानी के नाम दूसरा साइड अडानी के नाम रखा गया है । इस देश में हम दो हमारे दो चल रहा है।


अमित बघेल लिखतें हैं " माननीया सांसद महोदया जी इतनी चाटुकारिता भी सही नहीं है, आपके पार्टी और कांग्रेस में कोई अंतर नहीं है, खिलाड़ियों के नाम पर शायद ही कोई स्टेडियम होंगे, तभी तो ओलंपिक और कॉमन वेल्थ में निराशाजनक प्रदर्शन रहता है हमारा क्युकी खिलाड़ियों का उचित संबल के साथ साथ सम्मान भी नहीं मिलता और अब तो विध्य प्रदेश का कोई मंत्री भी नहीं बन रहा जबकि सबसे ज्यादा सीटें यहीं से आती है"।


दिव्यांशू गौतम लिखतें हैं " नरेंद्र मोदी जी सरदार पटेल के उसूलों पर चलते थे अब क्या हुआ उनका नाम हटाकर अपना नाम रख लिया। किसी दिन भारत का नाम बदलकर नरेंद्र मोदी ना कर दे। नीरज पटेल लिखतें हैं " रीती जी अगर इस post मे dislike का बटन होता तो आपको ये post हटानी पड़ती"। अशोक तिवारी लिखतें हैं "सरदार पटेल जी के नाम के जगह मोदी जी का नाम कहा तक उचित है ?...विजय कुमार साहू लिखतें हैं " क्यों ना सीधी जिला का नाम बदलकर विकास रख दिया जाए"।


गौरतलब है की, दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्‍टेडियम का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखा गया है। बुधवार दोपहर राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नए बने स्‍टेडियम का उद्घाटन किया। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। 'मोटेरा' के नाम से मशहूर इस स्‍टेडियम को अब तक 'सरदार पटेल स्‍टेडियम' के नाम से जाना जाता था। स्‍टेडियम का नाम मोदी के नाम पर रखने का विरोध भी शुरू हो गया है। कांग्रेस इसे सरदार पटेल का अपमान बता रही है।

MP सरकार नें कोरोना के इलाज में खर्च किये 724 करोड़: निजी अस्पतालों को दिए 173 करोड़, 30 करोड़ का काढ़ा एवं उसकी पैंकिंग में लग गए 8 करोड़।



भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने बुधवार को जानकारी देते हुये बताया की, कोरोना के इलाज पर 724 करोड़ रुपए खर्च हुये, जिसमें से 173 करोड़ प्राइवेट अस्पतालों को दिए गये, 30 करोड़ का त्रिकुट काढ़ा बांटा एवं काढ़े को पैक करनें में 8 करोड़ लगे। गौर करने वाली बात ये है की, 173 करोड़ रुपए की राशि सिर्फ़ 8 निजी अस्पतालों में बांटी गयी। जिसमें से करीब 125 करोड़ रुपए भोपाल और इंदौर के दो अस्पतालों को मिला। इसमें भोपाल के चिरायु चैरिटेबल फाउंडेशन को 70 करोड़ रुपए और इंदौर के सर अरविंदो इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस को 55 करोड़ रुपए दिए।


बांकी बची 53 करोड़ रुपए की राशि इंडेक्स, अमलतास, आरडी गार्डी, एलएन मेडिकल काॅलेज, पीपुल्स मेडिकल काॅलेज में बंटी। यह जानकारी बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने दी है। प्रदेश के आठ निजी अस्पतालों को 173 करोड़ रुपए की राशि 28964 कोरोना मरीजों के इलाज के एवज में दी गई। इलाज के दौरान इन अस्पतालों में 956 लोगों की मौत हो गई।



30 करोड़ का त्रिकुट काढ़ा, जिसकी पैंकिंग में लग गए 8 करोड़ रुपए।

स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी द्वारा दी गई खर्च की जानकारी से यह भी साफ हो गया कि प्रत्येक मरीज के इलाज पर करीब 61 हजार रुपए का खर्चा आया। इधर, 30 करोड़ रुपए के त्रिकुट काढ़े की पैकिंग पर 8 करोड़ रुपए खर्च होने की जानकारी सामने आई। बता दें की कोरोना इलाज में खर्च हुई राशि के बारे में कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी, जीतू पटवारी, मनोज चावला और हर्ष गहलोत ने सवाल पूछे थे।


कांग्रेस नें सरकार को घेरा।

कालापीपल से कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी नें कहा की, राज्य सरकार कोरोना जैसी आपदा में भी अवसर तलाशने में पीछे नहीं रही। व्यापमं कांड के दो कर्ताधर्ताओं चिरायु और अरविंदो को 70% से ज्यादा राशि बांट दी गई। जब जनता इलाज के लिए भटक रही थी तब सरकार चहेतों को रेवड़ियां बांटने में लगी थी।

"गोडसे" का मंदिर बनाने की मांग करनें वाले "बाबूलाल चौरसिया" कांग्रेस में हुये शामिल, पूर्व CM कमलनाथ ने दिलाई सदस्यता।



भोपाल: मध्यप्रदेश में होनें वाले आगामी नगर निकाय चुनाव को देखते हुये दल बदल की प्रक्रिया फिर शुरू हो गयी है। इसी कड़ी में हिंदू महासभा के नेता बाबूलाल चौरसिया ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। बता दें कि ये वही बाबूलाल चौरसिया है जिन्होने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के मंदिर बनाने की मांग की थी। सदस्यता ग्रहण करने के बाद बाबूलाल चौरसिया ने कहा कि कांग्रेस उनकी पार्टी है और वह कांग्रेस से युवा वर्ग को जोड़ने की पूरी कोशिश करेंगे। बाबूलाल चौरसिया की सदस्यता के दौरान कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक भी मौजूद रहें।


अब सवाल यह खड़ा होता है की, जो कांग्रेस भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा द्वारा गोडसे को देशभक्त बताए जाने पर भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर थी, उसने खुद एक गोडसे भक्त का पार्टी में स्वागत किया है। बता दें की साल 2019 में हिंदू महासभा ने ग्वालियर में 'नाथूराम गोडसे का 70वां बलिदान दिवस' मनाया था। तब इस संगठन ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर साल 2017 में सीज की गई गोडसे की प्रतिमा लौटाने की मांग की थी। हिंदू महासभा के ज्ञापन में यह भी मांग की गई थी कि नाथूराम गोडसे के अंतिम बयान को स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए। बाबूलाल चौरसिया इस पूरे इवेंट में शामिल थे। साथ ही उन्होंने कसम खाई थी कि कोर्ट में दिए गए गोडसे के आखिरी बयान को वह एक लाख लोगों तक पहुंचाएंगे।


बता दें कि इससे पहले बाबूलाल चौरसिया कांग्रेस के ही सदस्य थे लेकिन पीछले नगरीय निकाय चुनाव में वार्ड 44 से कांग्रेस ने बाबूलाल चौरसिया की जगह कांग्रेस नेता शम्मी शर्मा को टिकट दिया था। जिसके बाद बाबूलाल चौरसिया ने कांग्रेस का हाथ छोड़ हिंदू महासभा की सदस्यता ली थी और हिंदू महासभा की टिकट पर ही पार्षद चुने गए थे।

Wednesday, 24 February 2021

सीधी: अजय सिंह नें हाथी हमले में मृतकों के प्रति जताई संवेदना, प्रशासन को आड़े हाथों लिया।



सीधी: जिले के कुसमी ब्लाक के अंतर्गत संजय टाइगर रिजर्व अभ्यारण के बफर जोन में हाथियों का आतंक जानलेवा हो गया है। हाथियों ने पिछले दिनों तीन व्यक्तियों को कुचल कर मार डाला और प्रशासन के पास 5 दिन पूर्व ही शिकायत का भी कोई असर नहीं हुआ। जिसकी वजह से हाथियों ने ग्राम खैरी में तीन व्यक्तियों को कुचल दिया।

अब इस घटना को लेकर मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि, सीधी जिले के कुसमी ब्लाक में पूर्व में भी हाथियों द्वारा निर्दोष लोगों के घरों एवं खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया जा चुका है। लेकिन संजय टाइगर रिजर्व के अधिकारियों द्वारा कोई भी ऐसी स्थाई व्यवस्था जैसे दीवाल कटीले तारों का प्रबंध नहीं किया गया है। जिससे हाथियों का झुंड प्रतिवर्ष रिहायशी गांवों की ओर आ जाता है और बड़े पैमाने पर नुकसान करता है। श्री सिंह ने कहा है कि पीड़ितों के गांव में बिजली की सप्लाई भी बंद थी अन्यथा संभव है कि प्रकाश देखकर हाथी गांव की ओर प्रवेश ना करते।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने तीन व्यक्तियों की दुखद मौत पर शोकाकुल परिजनों के साथ गहरी संवेदना व्यक्त की है साथ ही उन्होंने संजय टाइगर रिजर्व के अधिकारियों से मृतकों के परिजनों को  10 लाख रुपए मुआवजा दिए जाने की भी मांग की है।  श्री सिंह ने कहा है कि अगर हाथियों के तांडव को रोकने के लिए संजय टाइगर रिजर्व के प्रशासन द्वारा कोई स्थाई व्यवस्था नहीं की गई तो इसके गंभीर परिणाम होंगे एवं ग्रामीणों का आक्रोश रोके नहीं रुकेगा।

26 और 27 फरवरी को नहीं चलेगीं बसें, सीधी हादसे के बाद की जा रही कार्रवाई से संचालक नाराज।



भोपाल: मध्यप्रदेश के सीधी जिले में 16 फ़रवरी को एक बस के नहर में डूब जानें से उसमें सवार 54 लोगों की मृत्यु हो गयी थी। जिसे देखते हुए  परिवहन विभाग सख्त हो गया है। परिवहन विभाग ने सभी बसों की चेकिंग के लिए जगह-जगह चेकिंग पॉइंट बना दिए है, जहां बसों की जांच की जा रही है। अगर बस में डबल डोर नहीं या फिटनेस नहीं है तो बसों पर चालानी कार्रवाई की जा रही है।


परिवहन विभाग द्वारा सख्ती और चालानी कार्रवाई को लेकर मध्यप्रदेश के बस संचालक दो दिन 26 और 27 फरवरी को हड़ताल पर रहेंगे। बस संचालकों का कहना है कि सीधी हादसे के बाद भोपाल सहित प्रदेश में चल रही परिवहन विभाग की चेकिंग की एकतरफा कार्रवाई के चलते बस संचालकों ने 2 दिनों तक बसों को बंद करने का निर्णय लिया है। जिसमें प्रदेश भर की करीब 20,000 बसों का संचालन नहीं होगा।

बस ऑपरेटर एसोसिएशन नें कहा- सस्ता टिकट, महंगा डीजल।
वहीं जबलपुर में हुई बस ऑपरेटर एसोसिएशन की लगातार बैठकों का दौर जारी है। जिसमें सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी की जा रही है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि मध्यप्रदेश में जब 58 रुपए प्रति लीटर डीजल बिक रहा था, तब बसों का किराया निर्धारित किया गया था। लेकिन आज मध्य प्रदेश में 90 रुपए लीटर डीजल बिक रहा है, लेकिन किराया हम पुरानी दरों पर ही वसूल कर रहे हैं। ऐसे हालातों में बस संचालकों के लिए अपनी बसों को चलाना बेहद मुश्किल हो गया है इसके पहले जब बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने सरकार से बातचीत की थी तो अपनी मांग रखी थी कि मध्यप्रदेश में बसों के किराए में कम से कम 50 फ़ीसदी का इज़ाफ़ा किया जाए। तब सरकार ने उनकी इस मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया था लेकिन बसों का किराया नहीं बढ़ाया गया।

बैठक में कहा- सीधी बस हादसे के लिए प्रशासन जिम्मेदार।
बस संचालकों का कहना है कि सीधी बस हादसा पूरी तरह सतना और सीधी के जिला प्रशासन और पुलिस की अनदेखी का नतीजा था। यदि सतना में परीक्षा थी तो जिला कलेक्टर को मालूम होना चाहिए था कि इस मार्ग पर कितनी बसें संचालित हैं और आसपास के जिलों का एकमात्र सेंटर सतना है। इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी। दूसरा कारण यह था कि सीधी में एक सड़क बहुत खराब थी। इसके बाद भी वहां पुलिस की कोई व्यवस्था नहीं थी, जो ट्रैफिक को नियंत्रित कर सके।एसोसिएशन ने कहा है कि सीधी बस हादसे की सजा हमें दी जा रही है जबकि इस हादसे के पीछे प्रशासन जिम्मेदार है।प्रशासन अपनी गलती छिपाने के लिए हमें निशाना बना रहा है।  

आरटीओ 2-2 मिनट पर दे रहे परमिट, किसी मार्ग पर फ्रीक्वेंसी तय नहीं।
संचालकों ने कहा कि सरकार 10 साल में किसी भी मार्ग पर फ्रीक्वेंसी तय नहीं कर पाई है। आरटीओ असफर दो-दो मिनट के अंतराल पर परमिट जारी कर रहे है। बस स्टैंड पर अराजक तत्व बस संचालकों से वसूली करते हैं। बस स्टैंड पर समय पर पहुंचना और दो गाड़ियों के बीच कम अंतराल होने से स्पर्धा दुर्घटनाओं की वजह है। राजस्व और भ्रष्टाचार दोनों के कारण सरकार परमिट पर रोक नहीं लगा रही है।

संचालक बोले- सरकार का यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं।
बस संचालकों का कहना है कि अधिकारियों को यात्रियों की सुरक्षा की तरफ ध्यान नहीं है। चार्टर्ड और सूत्र सेवा बसों में डबल गेट नहीं है। इमरजेंसी गेट भी नहीं है। चार्टर्ड बसें एयर कंडीशन होती हैं, उनके पलटने पर तुरंत आग लग सकती है। इसके बाद भी ऐसी बसों पर कार्रवाई नहीं हो रही है।

1 मार्च से बड़ी हड़ताल की चेतावनी।
बस ऑपरेटर एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि अगर सरकार ने बसों का किराया बढ़ाने की मांग पूरी नहीं की तो आने वाली 1 मार्च से मध्यप्रदेश में बसों के पहिए जाम कर दिए जाएंगे और प्रदेश भर में बस संचालक हड़ताल पर चले जाएंगे।

Tuesday, 23 February 2021

सीधी: हाथी हमले के मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रूपये की सहायता मंजूर, कलेक्टर ने पीडि़तों के परिजनों को दी सांत्वना।



सीधी: जिले के पोंड़ी बस्तुआ क्षेत्र के ग्राम खैरी में जंगली हाथियों के हमले से गत रात्रि में दो बच्चों सहित तीन व्यक्तियों की मौत हो गई। इस दुर्घटना में गोरेलाल यादव 50 वर्ष, रामलाल 10 वर्ष तथा रामप्रताप 8 वर्ष की मौत हो गई। मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रूपये की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है। कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने इनकी अन्त्येष्टि के लिये पांच-पांच हजार रूपये की सहायता राशि तथा संकटापन्न परिवारों को दस हजार रूपये की अतिरिक्त सहायता मंजूर की गई है। कलेक्टर श्री चौधरी द्वारा खैरी ग्राम पहुँच कर दुर्घटना में मृत व्यक्तियों के परिवारजनों को सांत्वना दी।  


कलेक्टर श्री चौधरी ने कहा कि पूरी घटना की जांच कराई जायेगी। जांच में दोषी पाये जाने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी। वन विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी हाथियों के मूवमेंट पर कड़ी निगरानी रखें। हाथियों के दल को आबादी क्षेत्र से वनों की ओर ले जाने के प्रयास करें। यदि हाथियों का दल बस्ती की ओर आता है तो ग्रामवासियों को समय रहते सचेत करें जिससे किसी तरह की दुर्घटना न हो सके। हाथियों का आबादी क्षेत्र में प्रवेश रोकने के लिये वन विभाग के अधिकारी कार्ययोजना तैयार करें।  


कलेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि हाथियों द्वारा जिन घरों को नुकसान पहुंचाया गया है उनकी मरम्मत के लिये 90 हजार रूपये की सहायता राशि दी जायेगी। कलेक्टर ने वन विभाग के अधिकारियों को हाथियों के मूवमेंट के संबंध में ग्रामवासियों को लगातार सूचनायें देने के निर्देश दिये हैं।


घटना की जानकारी प्राप्त होते ही अपर कलेक्टर हर्षल पंचोली तथा संयुक्त संचालक संजय टाइगर रिजर्व ए ए अंसारी के नेतृत्व में राहत एवं बचाव कार्य किया गया। इसके साथ ही मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत आर के शुक्ला, उपखण्ड अधिकारी कुसमी आर के सिन्हा, डीएसपी चुरहट मनोज नामदेव, एसडीओ जया पाण्डेय, एडी सोन घडि़याल बी पी तिवारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद  पंचायत एस एन द्विवेदी, सहित सम्बंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

सीधी: हाथियों नें एक बृद्ध सहित दो मासूमों को कुचला, ग्रामीणों द्वारा दोषी अधिकारियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज करनें की मांग।



सीधी: सीधी जिले के कुसमी जनपद के खैरी ग्राम में बीती रात को हाथियों के आतंक से एक बृद्ध सहित दो मामूम बच्चों की मौत हो गयी। प्राप्त जानकारी के अनुसार हाथियों के हमले से अपनें दो नातियों को बचाने गए बाबा के ऊपर भी हाथियों नें हमला कर दिया जिससे की तीनों की मौत हो गयी।


ग्रामीणों द्वारा संजय दुबरी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज करनें की मांग।

हाथियों के हमले में बृद्ध एवं मामूम बच्चों के दुखद निधन पर, ग्रामीणों द्वारा संजय दुबरी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज करनें की मांग की गयी है। ग्रामीणों का कहना है की, यह वन विभाग एवं प्रशासन की बड़ी लापरवाही है, पिछले तीन दिन से छत्तीसगढ़ से आये एक दर्जन हाथियों के झुंड नें ददरी एवं कोटा में आतंक मचाया हुआ है और संजय दुबरी टाइगर रिजर्व के अधिकारी नीद में सोते रहे, जिसकी वजह से इतनी बड़ी घटना घटी।


गौरतलब है की, सीधी संजय राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से हाथियों का आतंक देखने को मिल रहा है। ददरी, कोटा में हाथियों का दल आतंक मचा रहा है। छत्तीसगढ़ से आये एक दर्जन हाथियों के झुण्ड ने बीती रात खैरी में रामबहोर यादव के दो बच्चो, व गोरे यादव को देर रात्रि कुचल कर मार डाला। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणो नें प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुये चक्का जाम कर दिया था।

30 करोड़ का काढ़ा गट कर गई सरकार, कांग्रेस हुई हमलावर।



भोपाल: कोरोना काल में शिवराज सरकार नें प्रदेशवासियों को त्रिकुट काढ़ा बांटने का ऐलान किया था। अब सरकार नें त्रिकुट काढ़ा बांटने का विधानससभा में जो आंकड़ा प्रस्तुत किया है, उसे लेकर कांग्रेस हमलावर हो गई है। कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने शिवराज सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम मोदी ने कहा था कि आपदा में अवसर तलाशों, जिसका पूरा फायदा उठाते हुए राज्य सरकार ने काढ़ा बांटने में भ्रष्टाचार किया है और प्रदेश की जनता को 30 करोड़ 64 लाख 48 हजार 308 रुपए का काढ़ा बांट दिया।


कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुये कहा कि, काढ़ा आम जनता को तो नहीं मिला, पर काढ़े के नाम पर सिर्फ बीजेपी और सरकार में बैठे नेताओं को जरूर फायदा हुआ है। राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि काढ़े के नाम पर शिवराज सरकार ने बड़ा स्कैम किया है। सच्चाई सामने लाने के लिए इसकी जांच की जानी चाहिए।


क्या है मामला

मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने आयुष मंत्री रामकिशोर कावरे से काढा बांटने को लेकर सवाल पूछा था। जिस पर लिखित जवाब देते हुए आयुष मंत्री रामकिशोर कावरे ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा कोरोना काल में प्रदेशवासियों को 30करोड़ 64 लाख 48 हजार 308 रुपए काढ़ा बांटा गया था। जिसको लेकर कांग्रेस हमलावर जो गई है।

इंदौर में भीषण सड़क हादसा: खड़े टैंकर में जा घुसे कार सवार, 6 की मौके पर ही मौत।



इंदौर: मध्यप्रदेश के इंदौर में एक भीषण सड़क हादसा हो गया, इस हादसे में ढाबे से खाना खाकर लौट रहे 6 छात्रों की मौत हो गयी। यह हादसा सोमवार की देर रात लसूड़िया थाना क्षेत्र में हुआ , जहां एक तेज रफ्तार कार सड़क पर खड़े टैंकर में जा घुसी। हादसा इतना भीषण था कि कार सवार 6 छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई।


प्राप्त जानकारी के अनुसार लसूड़िया थाना क्षेत्र में यह घटना घटी, जहां तेज रफ्तार स्विफ्ट कार तलावली चांदा इलाके में देवास से इंदौर की ओर जाते समय हादसे का शिकार हो गई। यहां पेट्रोल पंप के बाहर खड़े टैंकर के पिछले हिस्से में कार की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले 6 युवकों को पुलिस विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला और उन्हें MY अस्पताल पहुंचाया।


मरने वाले में सभी छात्र।

सभी छात्र देवास बाईपास स्थित ढाबे से खाना खाकर कार से अपने घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान यह सड़क हादसा हो गया। मरने वाले सभी युवकों की पहचान हो गई है। इनमें ऋषि पिता अजय पंवार (भाग्यश्री कॉलोनी निवासी), सूरज बैरागी (मालवीय नगर), छोटू उर्फ चंद्रभान रघुवंशी पिता शैलेंद्र रघुवंशी (मालवीय नगर), सोनू जाट पिता दुलीचंद जाट (भाग्यश्री कॉलोनी), सुमित पिता अमरसिंह (भाग्यश्री कॉलोनी), गोलू पिता विष्णु बैरागी हैं।

सीधी बस हादसा: मृतकों के परिजनों से मिले पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, व्यक्त की संवेदना।



सीधी: मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह बीते कल यानी सोमवार को रामपुर नैकिन पहुंचे और बस हादसे में मृतकों के परिजनों से मिलकर मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। अजय सिंह नें घटना को दुखद बताते हुये कहा की इतनी बड़ी घटना की वजह सिर्फ़ और सिर्फ़ प्रशासनिक लापरवाही है। उन्होने कहा कि इस मामले में प्रशासन को सचेत होने की जरूरत है। उन्होनें ये भी कहा की पूरे मामले को लेकर जांच की बात तो की जा रही है लेकिन मुख्यमंत्री क्या करते हैं यह तो अब आने वाला समय ही बताएगा। एक सवाल के जबाब में श्री सिंह नें कहा की सीएम को एक मच्छर के काटनें से इंजीनियर सस्पेंड हो सकता है लेकिन इतनी बड़ी दुर्घटना जिसमें 54 लोगों की जान चली गयी, उसकी जबाबदेही अभी भी सही तरीके से तय नही हो पा रही।  


हला की पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को घटना के दौरान ही सीधी पहुँचना चाहिए था, लेकिन उनके आंख का आपरेशन हुआ था जिसकी वजह से वो विलम्ब से पहुचें। लेकिन आने के बाद चुरहट विधानसभा क्षेत्र के सभी गांव में शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। उनके द्वारा बस हादसे में मृतकों के परिजनों के घर जाकर उन्हे ढाढस बंधाया तथा परिजनों को सांत्वना दी गई। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल सेमरिया, पोड़ी गए जहां मोहन साकेत के घर शोक संवेदना व्यक्त की, वहीं पिपरहा घटना स्थल में बहादुर बच्ची से भी मुलाकात किये। इसके अलावा अन्य स्थानों में भी उनके द्वारा मृतकों के परिजनों से मुलाकात की गई। चुरहट क्षेत्र में रामपुर नैकिन अंतर्गत कई घरों में उनके द्वारा मुलाकात की गई। उनके द्वारा आश्वासन भी दिया गया कि कहीं भी दिक्कत होगी तो हम साथ में है। मृतक के परिजनों को आश्वासन भी दिया गया कि परिजनों के साथ कांग्रेस पार्टी पूरी मदद करने के लिए तैयार है।


16 फरवरी को हुआ था हादसा, हादसे में हुई 54 की मौत।

सीधी से जबलनाथ परिहार की 32 सीटर बस एमपी 19 पी 1882 16 फरवरी को सुबह 5 बजे के करीब सतना के लिए रवाना हुई थी। बस में ड्राइवर समेत सीधी, सिंगरौली जिले के कुल 61 यात्री सवार थे। इनमें अधिकतर  छात्र और छात्राएं थीं। छात्र रेलवे तो छात्राएं एएनएम की परीक्षा देने सतना जा रही थीं। छुहिया घाटी में लगे जाम के चलते बस ड्राइवर ने बघवार से जिगिना कैनाल रूट ले लिया था। इसी बीच लगभग 22 फीट गहरी बाणसागर नहर में बस पलट गई, जिसमें 54 लोगों की मौत हो गयी।

Monday, 22 February 2021

जीतू पटवारी नें अपने ही नगर अध्यक्ष को सार्वजनिक रुप से किया बेइज्जत, सज्जन वर्मा नें कहा- जीतू को समझायेंगे।



  • जीतू पटवारी से कहेंगे कि थोड़ा सा नरम हो जाओ, क्योंकि कड़क होने से साख टूट जाती है: सज्जन वर्मा।

इंदौर: कांग्रेस के संभागीय कार्यकर्ता सम्मलेन में मंच पर ही पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने अपनें शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल को अंगुली दिखात  हुये डांट लगाकर सार्वजनिक रुप से बेइज्जत कर दिया। हुआ यूं कि जब पूर्व मंत्री जीतू पटवारी बोलने के लिए खडे़ हुए तो कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे। इसे देखकर जीतू पटवारी ने कार्यकर्ताओं को शांत रहने के लिए कहा। इस बीच विनय बाकलीवाल भी कार्यकर्ताओं को शांत कराने लगे, इस पर जीतू पटवारी ने उंगली दिखाते हुए कहा कि अध्यक्ष जी जरा आप भी चुप रहो। इस पर विनय बाकलीवाल ने कहा हम तो चुप हैं। लेकिन मंच पर अपने आपको बेइज्जत होता देख उनका चेहरा लाल पड़ गया।


मामला आगे बढ़ा तो पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा नें मोर्चा संभाला और सफाई में जीतू पटवारी को समझाने की बात कही। सज्जन वर्मा नें कहा की आजकल नई पीढ़ी में एक चलन हो गया है कि मैं ही सबसे अच्छा भाषण दे सकता हूं। इसलिए वे अपने भाषण के बीच में डिस्टरबेंस पसंद नहीं करते। हालांकि अच्छे-अच्छे भाषण देने वाले हैं जो तथ्यात्मक भाषण देते हैं। जिस अध्यक्ष के बैनर तले ये सम्मेलन था उसकी गरिमा बनाए रखना कमलनाथ जी का भी काम था, सज्जन वर्मा का भी काम था, जीतू पटवारी का भी काम था. वर्मा ने कहा कि अब इस पर मंथन करना चाहिए। मंथन का दौर है। जीतू पटवारी से कहेंगे कि थोड़ा सा नरम हो जाओ, क्योंकि कड़क होने से साख टूट जाती है।


नारेबाजी पर पूर्व सीएम कमलनाथ भी भड़के।

कांग्रेस के संभागीय कार्यकर्ता सम्मलेन में जब पूर्व सीएम कमलनाथ मंच पर भाषण देने खडे़ हुए तब भी नारेबाजी चलती रही। वे मंच के आसपास से लग रहे नारों से इतना परेशान हो गए कि वे कार्यकर्ताओं पर ही भड़क गए। कमलनाथ ने मंच से ही नारे लगा रहे कार्यकर्ताओं पर अपना गुस्सा निकालते हुए कहा, आप लोग नारे बंद करते हैं या मैं अपना भाषण बंद करूं। क्या आप लोग यहां मुझे डिस्टर्ब करने आए हैं उसके बाद कार्यकर्ता शांत हुए तब जाकर कमलनाथ ने अपना भाषण पूरा किया।

सीधी: भाजपा जिलाध्यक्ष का अपनें ही विधायक पर तंज, कहा- पद के लिये आंसू न बहायें।



  • विधायक बनना क्या केदार शुक्ला के लिए कम है? मंत्री न बनने से नहीं रूकते विकास कार्य : इन्द्रशरण।

सीधी: रीवा के देवतालाब विधानसभा से भाजपा विधायक गिरीश गौतम को मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए  नि​र्विरोध चुन लिया गया है। आज से शुरू हो रहे बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष पद के लिये कांग्रेस द्वारा कोई उम्मीदवार ना उतारनें से गिरीश गौतम नि​र्विरोध चुनें गये। लेकिंन अब विधानसभा अध्यक्ष के प्रबल दावेदार मानें जा रहे सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला का दर्द बाहर आया है। विधानसभा अध्यक्ष का पद उन्हें ना मिलने पर उन्होनें कहा की, मुझे भी पद से मोह है, मै नेता हूं, संन्यासी नही। साथ ही उहोनें कहा की कांग्रेस नें हमेशा ही सीधी का ध्यान रखा है लेकिन भाजपा में सीधी की उपेक्षा हो रही हैं। सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ल के इस बयान पर भाजपा के सीधी जिलाध्यक्ष नें प्रतिक्रिया देते हुये तंज कसा है।


क्या कहा भाजपा जिलाध्यक्ष इन्द्रशरण सिंह चौहान नें?

सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला की भाजपा सरकार में हो रही उपेक्षा एवं विधायक शुक्ला द्वारा दिये गये वक्तव्य को लेकर जब सीधी भाजपा जिलाध्यक्ष इन्द्रशरण सिंह चौहान से सवाल किया गया तो उन्होनें अपनें ही विधायक पर तंज करते हुये कहा की, किसी के मंत्री न बनने से विकास के कोई काम नहीं रुकते हैं। उन्होने कहा कि विंध्य क्षेत्र को संगठन एवं सत्ता में अच्छा महत्व मिला है। इससे विंध्य का मान सम्मान बढ़ा है। श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश संगठन में महामंत्री शरदेन्दु तिवारी, प्रदेश उपाध्यक्ष योगेन्द्र ताम्रकार एवं कांति देव सिंह तथा प्रदेश मंत्री मनीषा सिंह एवं राजेश पाण्डेय हैं। वहीं विंध्य में पहले दो मंत्री राजेन्द्र शुक्ला एवं नागेन्द्र सिंह हुआ करते थे लेकिन इस बार तीन मंत्री विशाहूलाल, मीना सिंह एवं रामखेलावन पटेल हैं वहीं अब विधानसभा अध्यक्ष भी गिरीश गौतम को विंध्य क्षेत्र से बनाया गया है। निश्चित रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, श्री नड्डा सहित मुख्यमंत्री शिवराज सिंह एवं प्रदेश अध्यक्ष केडी शर्मा बधाई के पात्र हैं।  

विधायक बनना क्या केदार शुक्ला के लिए कम है? उन्हें पद के लिये आंसू बहानें की जरुरत नही: इन्द्रशरण।

साथ ही भाजपा अध्यक्ष इन्द्रशरण सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा में हजारों, लाखों कार्यकर्ता हैं जिन्हे टिकट नहीं मिलता है लेकिन विधायक बनना क्या श्री शुक्ल के लिए कम है। हर लोग विधानसभा जाने के लिए आतुर रहते हैं परन्तु उन्हे पार्टी महत्व देती आ रही है। शीर्ष नेतृत्व तय करता है कि कौन उपयुक्त है, समीकरण के आधार पर पद मिलते हैं। लेकिन आंसू बहाने की जरूरत विधायक को नहीं होनी चाहिए। उन्होने कहा कि मंत्री न बनने से विकास नहीं रुकते।

Latest Post

कौन हैं चौधरी राकेश सिंह? जिनको लेकर कांग्रेस में मचा है घमासान।

भोपाल:   मध्यप्रदेश में संगठन की मजबूती के लिये प्रदेश कांग्रेस ने बड़ा बदलाव किया है। प्रदेश कांग्रेस ने संगठन में 56 जिलों में प्रभारियों ...