Wednesday, 24 February 2021

सीधी: अजय सिंह नें हाथी हमले में मृतकों के प्रति जताई संवेदना, प्रशासन को आड़े हाथों लिया।



सीधी: जिले के कुसमी ब्लाक के अंतर्गत संजय टाइगर रिजर्व अभ्यारण के बफर जोन में हाथियों का आतंक जानलेवा हो गया है। हाथियों ने पिछले दिनों तीन व्यक्तियों को कुचल कर मार डाला और प्रशासन के पास 5 दिन पूर्व ही शिकायत का भी कोई असर नहीं हुआ। जिसकी वजह से हाथियों ने ग्राम खैरी में तीन व्यक्तियों को कुचल दिया।

अब इस घटना को लेकर मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि, सीधी जिले के कुसमी ब्लाक में पूर्व में भी हाथियों द्वारा निर्दोष लोगों के घरों एवं खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया जा चुका है। लेकिन संजय टाइगर रिजर्व के अधिकारियों द्वारा कोई भी ऐसी स्थाई व्यवस्था जैसे दीवाल कटीले तारों का प्रबंध नहीं किया गया है। जिससे हाथियों का झुंड प्रतिवर्ष रिहायशी गांवों की ओर आ जाता है और बड़े पैमाने पर नुकसान करता है। श्री सिंह ने कहा है कि पीड़ितों के गांव में बिजली की सप्लाई भी बंद थी अन्यथा संभव है कि प्रकाश देखकर हाथी गांव की ओर प्रवेश ना करते।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने तीन व्यक्तियों की दुखद मौत पर शोकाकुल परिजनों के साथ गहरी संवेदना व्यक्त की है साथ ही उन्होंने संजय टाइगर रिजर्व के अधिकारियों से मृतकों के परिजनों को  10 लाख रुपए मुआवजा दिए जाने की भी मांग की है।  श्री सिंह ने कहा है कि अगर हाथियों के तांडव को रोकने के लिए संजय टाइगर रिजर्व के प्रशासन द्वारा कोई स्थाई व्यवस्था नहीं की गई तो इसके गंभीर परिणाम होंगे एवं ग्रामीणों का आक्रोश रोके नहीं रुकेगा।

26 और 27 फरवरी को नहीं चलेगीं बसें, सीधी हादसे के बाद की जा रही कार्रवाई से संचालक नाराज।



भोपाल: मध्यप्रदेश के सीधी जिले में 16 फ़रवरी को एक बस के नहर में डूब जानें से उसमें सवार 54 लोगों की मृत्यु हो गयी थी। जिसे देखते हुए  परिवहन विभाग सख्त हो गया है। परिवहन विभाग ने सभी बसों की चेकिंग के लिए जगह-जगह चेकिंग पॉइंट बना दिए है, जहां बसों की जांच की जा रही है। अगर बस में डबल डोर नहीं या फिटनेस नहीं है तो बसों पर चालानी कार्रवाई की जा रही है।


परिवहन विभाग द्वारा सख्ती और चालानी कार्रवाई को लेकर मध्यप्रदेश के बस संचालक दो दिन 26 और 27 फरवरी को हड़ताल पर रहेंगे। बस संचालकों का कहना है कि सीधी हादसे के बाद भोपाल सहित प्रदेश में चल रही परिवहन विभाग की चेकिंग की एकतरफा कार्रवाई के चलते बस संचालकों ने 2 दिनों तक बसों को बंद करने का निर्णय लिया है। जिसमें प्रदेश भर की करीब 20,000 बसों का संचालन नहीं होगा।

बस ऑपरेटर एसोसिएशन नें कहा- सस्ता टिकट, महंगा डीजल।
वहीं जबलपुर में हुई बस ऑपरेटर एसोसिएशन की लगातार बैठकों का दौर जारी है। जिसमें सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी की जा रही है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि मध्यप्रदेश में जब 58 रुपए प्रति लीटर डीजल बिक रहा था, तब बसों का किराया निर्धारित किया गया था। लेकिन आज मध्य प्रदेश में 90 रुपए लीटर डीजल बिक रहा है, लेकिन किराया हम पुरानी दरों पर ही वसूल कर रहे हैं। ऐसे हालातों में बस संचालकों के लिए अपनी बसों को चलाना बेहद मुश्किल हो गया है इसके पहले जब बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने सरकार से बातचीत की थी तो अपनी मांग रखी थी कि मध्यप्रदेश में बसों के किराए में कम से कम 50 फ़ीसदी का इज़ाफ़ा किया जाए। तब सरकार ने उनकी इस मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया था लेकिन बसों का किराया नहीं बढ़ाया गया।

बैठक में कहा- सीधी बस हादसे के लिए प्रशासन जिम्मेदार।
बस संचालकों का कहना है कि सीधी बस हादसा पूरी तरह सतना और सीधी के जिला प्रशासन और पुलिस की अनदेखी का नतीजा था। यदि सतना में परीक्षा थी तो जिला कलेक्टर को मालूम होना चाहिए था कि इस मार्ग पर कितनी बसें संचालित हैं और आसपास के जिलों का एकमात्र सेंटर सतना है। इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी। दूसरा कारण यह था कि सीधी में एक सड़क बहुत खराब थी। इसके बाद भी वहां पुलिस की कोई व्यवस्था नहीं थी, जो ट्रैफिक को नियंत्रित कर सके।एसोसिएशन ने कहा है कि सीधी बस हादसे की सजा हमें दी जा रही है जबकि इस हादसे के पीछे प्रशासन जिम्मेदार है।प्रशासन अपनी गलती छिपाने के लिए हमें निशाना बना रहा है।  

आरटीओ 2-2 मिनट पर दे रहे परमिट, किसी मार्ग पर फ्रीक्वेंसी तय नहीं।
संचालकों ने कहा कि सरकार 10 साल में किसी भी मार्ग पर फ्रीक्वेंसी तय नहीं कर पाई है। आरटीओ असफर दो-दो मिनट के अंतराल पर परमिट जारी कर रहे है। बस स्टैंड पर अराजक तत्व बस संचालकों से वसूली करते हैं। बस स्टैंड पर समय पर पहुंचना और दो गाड़ियों के बीच कम अंतराल होने से स्पर्धा दुर्घटनाओं की वजह है। राजस्व और भ्रष्टाचार दोनों के कारण सरकार परमिट पर रोक नहीं लगा रही है।

संचालक बोले- सरकार का यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं।
बस संचालकों का कहना है कि अधिकारियों को यात्रियों की सुरक्षा की तरफ ध्यान नहीं है। चार्टर्ड और सूत्र सेवा बसों में डबल गेट नहीं है। इमरजेंसी गेट भी नहीं है। चार्टर्ड बसें एयर कंडीशन होती हैं, उनके पलटने पर तुरंत आग लग सकती है। इसके बाद भी ऐसी बसों पर कार्रवाई नहीं हो रही है।

1 मार्च से बड़ी हड़ताल की चेतावनी।
बस ऑपरेटर एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि अगर सरकार ने बसों का किराया बढ़ाने की मांग पूरी नहीं की तो आने वाली 1 मार्च से मध्यप्रदेश में बसों के पहिए जाम कर दिए जाएंगे और प्रदेश भर में बस संचालक हड़ताल पर चले जाएंगे।

Tuesday, 23 February 2021

सीधी: हाथी हमले के मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रूपये की सहायता मंजूर, कलेक्टर ने पीडि़तों के परिजनों को दी सांत्वना।



सीधी: जिले के पोंड़ी बस्तुआ क्षेत्र के ग्राम खैरी में जंगली हाथियों के हमले से गत रात्रि में दो बच्चों सहित तीन व्यक्तियों की मौत हो गई। इस दुर्घटना में गोरेलाल यादव 50 वर्ष, रामलाल 10 वर्ष तथा रामप्रताप 8 वर्ष की मौत हो गई। मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रूपये की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है। कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने इनकी अन्त्येष्टि के लिये पांच-पांच हजार रूपये की सहायता राशि तथा संकटापन्न परिवारों को दस हजार रूपये की अतिरिक्त सहायता मंजूर की गई है। कलेक्टर श्री चौधरी द्वारा खैरी ग्राम पहुँच कर दुर्घटना में मृत व्यक्तियों के परिवारजनों को सांत्वना दी।  


कलेक्टर श्री चौधरी ने कहा कि पूरी घटना की जांच कराई जायेगी। जांच में दोषी पाये जाने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी। वन विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी हाथियों के मूवमेंट पर कड़ी निगरानी रखें। हाथियों के दल को आबादी क्षेत्र से वनों की ओर ले जाने के प्रयास करें। यदि हाथियों का दल बस्ती की ओर आता है तो ग्रामवासियों को समय रहते सचेत करें जिससे किसी तरह की दुर्घटना न हो सके। हाथियों का आबादी क्षेत्र में प्रवेश रोकने के लिये वन विभाग के अधिकारी कार्ययोजना तैयार करें।  


कलेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि हाथियों द्वारा जिन घरों को नुकसान पहुंचाया गया है उनकी मरम्मत के लिये 90 हजार रूपये की सहायता राशि दी जायेगी। कलेक्टर ने वन विभाग के अधिकारियों को हाथियों के मूवमेंट के संबंध में ग्रामवासियों को लगातार सूचनायें देने के निर्देश दिये हैं।


घटना की जानकारी प्राप्त होते ही अपर कलेक्टर हर्षल पंचोली तथा संयुक्त संचालक संजय टाइगर रिजर्व ए ए अंसारी के नेतृत्व में राहत एवं बचाव कार्य किया गया। इसके साथ ही मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत आर के शुक्ला, उपखण्ड अधिकारी कुसमी आर के सिन्हा, डीएसपी चुरहट मनोज नामदेव, एसडीओ जया पाण्डेय, एडी सोन घडि़याल बी पी तिवारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद  पंचायत एस एन द्विवेदी, सहित सम्बंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

सीधी: हाथियों नें एक बृद्ध सहित दो मासूमों को कुचला, ग्रामीणों द्वारा दोषी अधिकारियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज करनें की मांग।



सीधी: सीधी जिले के कुसमी जनपद के खैरी ग्राम में बीती रात को हाथियों के आतंक से एक बृद्ध सहित दो मामूम बच्चों की मौत हो गयी। प्राप्त जानकारी के अनुसार हाथियों के हमले से अपनें दो नातियों को बचाने गए बाबा के ऊपर भी हाथियों नें हमला कर दिया जिससे की तीनों की मौत हो गयी।


ग्रामीणों द्वारा संजय दुबरी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज करनें की मांग।

हाथियों के हमले में बृद्ध एवं मामूम बच्चों के दुखद निधन पर, ग्रामीणों द्वारा संजय दुबरी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज करनें की मांग की गयी है। ग्रामीणों का कहना है की, यह वन विभाग एवं प्रशासन की बड़ी लापरवाही है, पिछले तीन दिन से छत्तीसगढ़ से आये एक दर्जन हाथियों के झुंड नें ददरी एवं कोटा में आतंक मचाया हुआ है और संजय दुबरी टाइगर रिजर्व के अधिकारी नीद में सोते रहे, जिसकी वजह से इतनी बड़ी घटना घटी।


गौरतलब है की, सीधी संजय राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से हाथियों का आतंक देखने को मिल रहा है। ददरी, कोटा में हाथियों का दल आतंक मचा रहा है। छत्तीसगढ़ से आये एक दर्जन हाथियों के झुण्ड ने बीती रात खैरी में रामबहोर यादव के दो बच्चो, व गोरे यादव को देर रात्रि कुचल कर मार डाला। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणो नें प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुये चक्का जाम कर दिया था।

30 करोड़ का काढ़ा गट कर गई सरकार, कांग्रेस हुई हमलावर।



भोपाल: कोरोना काल में शिवराज सरकार नें प्रदेशवासियों को त्रिकुट काढ़ा बांटने का ऐलान किया था। अब सरकार नें त्रिकुट काढ़ा बांटने का विधानससभा में जो आंकड़ा प्रस्तुत किया है, उसे लेकर कांग्रेस हमलावर हो गई है। कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने शिवराज सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम मोदी ने कहा था कि आपदा में अवसर तलाशों, जिसका पूरा फायदा उठाते हुए राज्य सरकार ने काढ़ा बांटने में भ्रष्टाचार किया है और प्रदेश की जनता को 30 करोड़ 64 लाख 48 हजार 308 रुपए का काढ़ा बांट दिया।


कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुये कहा कि, काढ़ा आम जनता को तो नहीं मिला, पर काढ़े के नाम पर सिर्फ बीजेपी और सरकार में बैठे नेताओं को जरूर फायदा हुआ है। राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि काढ़े के नाम पर शिवराज सरकार ने बड़ा स्कैम किया है। सच्चाई सामने लाने के लिए इसकी जांच की जानी चाहिए।


क्या है मामला

मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने आयुष मंत्री रामकिशोर कावरे से काढा बांटने को लेकर सवाल पूछा था। जिस पर लिखित जवाब देते हुए आयुष मंत्री रामकिशोर कावरे ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा कोरोना काल में प्रदेशवासियों को 30करोड़ 64 लाख 48 हजार 308 रुपए काढ़ा बांटा गया था। जिसको लेकर कांग्रेस हमलावर जो गई है।

इंदौर में भीषण सड़क हादसा: खड़े टैंकर में जा घुसे कार सवार, 6 की मौके पर ही मौत।



इंदौर: मध्यप्रदेश के इंदौर में एक भीषण सड़क हादसा हो गया, इस हादसे में ढाबे से खाना खाकर लौट रहे 6 छात्रों की मौत हो गयी। यह हादसा सोमवार की देर रात लसूड़िया थाना क्षेत्र में हुआ , जहां एक तेज रफ्तार कार सड़क पर खड़े टैंकर में जा घुसी। हादसा इतना भीषण था कि कार सवार 6 छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई।


प्राप्त जानकारी के अनुसार लसूड़िया थाना क्षेत्र में यह घटना घटी, जहां तेज रफ्तार स्विफ्ट कार तलावली चांदा इलाके में देवास से इंदौर की ओर जाते समय हादसे का शिकार हो गई। यहां पेट्रोल पंप के बाहर खड़े टैंकर के पिछले हिस्से में कार की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले 6 युवकों को पुलिस विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला और उन्हें MY अस्पताल पहुंचाया।


मरने वाले में सभी छात्र।

सभी छात्र देवास बाईपास स्थित ढाबे से खाना खाकर कार से अपने घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान यह सड़क हादसा हो गया। मरने वाले सभी युवकों की पहचान हो गई है। इनमें ऋषि पिता अजय पंवार (भाग्यश्री कॉलोनी निवासी), सूरज बैरागी (मालवीय नगर), छोटू उर्फ चंद्रभान रघुवंशी पिता शैलेंद्र रघुवंशी (मालवीय नगर), सोनू जाट पिता दुलीचंद जाट (भाग्यश्री कॉलोनी), सुमित पिता अमरसिंह (भाग्यश्री कॉलोनी), गोलू पिता विष्णु बैरागी हैं।

सीधी बस हादसा: मृतकों के परिजनों से मिले पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, व्यक्त की संवेदना।



सीधी: मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह बीते कल यानी सोमवार को रामपुर नैकिन पहुंचे और बस हादसे में मृतकों के परिजनों से मिलकर मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। अजय सिंह नें घटना को दुखद बताते हुये कहा की इतनी बड़ी घटना की वजह सिर्फ़ और सिर्फ़ प्रशासनिक लापरवाही है। उन्होने कहा कि इस मामले में प्रशासन को सचेत होने की जरूरत है। उन्होनें ये भी कहा की पूरे मामले को लेकर जांच की बात तो की जा रही है लेकिन मुख्यमंत्री क्या करते हैं यह तो अब आने वाला समय ही बताएगा। एक सवाल के जबाब में श्री सिंह नें कहा की सीएम को एक मच्छर के काटनें से इंजीनियर सस्पेंड हो सकता है लेकिन इतनी बड़ी दुर्घटना जिसमें 54 लोगों की जान चली गयी, उसकी जबाबदेही अभी भी सही तरीके से तय नही हो पा रही।  


हला की पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को घटना के दौरान ही सीधी पहुँचना चाहिए था, लेकिन उनके आंख का आपरेशन हुआ था जिसकी वजह से वो विलम्ब से पहुचें। लेकिन आने के बाद चुरहट विधानसभा क्षेत्र के सभी गांव में शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। उनके द्वारा बस हादसे में मृतकों के परिजनों के घर जाकर उन्हे ढाढस बंधाया तथा परिजनों को सांत्वना दी गई। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल सेमरिया, पोड़ी गए जहां मोहन साकेत के घर शोक संवेदना व्यक्त की, वहीं पिपरहा घटना स्थल में बहादुर बच्ची से भी मुलाकात किये। इसके अलावा अन्य स्थानों में भी उनके द्वारा मृतकों के परिजनों से मुलाकात की गई। चुरहट क्षेत्र में रामपुर नैकिन अंतर्गत कई घरों में उनके द्वारा मुलाकात की गई। उनके द्वारा आश्वासन भी दिया गया कि कहीं भी दिक्कत होगी तो हम साथ में है। मृतक के परिजनों को आश्वासन भी दिया गया कि परिजनों के साथ कांग्रेस पार्टी पूरी मदद करने के लिए तैयार है।


16 फरवरी को हुआ था हादसा, हादसे में हुई 54 की मौत।

सीधी से जबलनाथ परिहार की 32 सीटर बस एमपी 19 पी 1882 16 फरवरी को सुबह 5 बजे के करीब सतना के लिए रवाना हुई थी। बस में ड्राइवर समेत सीधी, सिंगरौली जिले के कुल 61 यात्री सवार थे। इनमें अधिकतर  छात्र और छात्राएं थीं। छात्र रेलवे तो छात्राएं एएनएम की परीक्षा देने सतना जा रही थीं। छुहिया घाटी में लगे जाम के चलते बस ड्राइवर ने बघवार से जिगिना कैनाल रूट ले लिया था। इसी बीच लगभग 22 फीट गहरी बाणसागर नहर में बस पलट गई, जिसमें 54 लोगों की मौत हो गयी।

Monday, 22 February 2021

जीतू पटवारी नें अपने ही नगर अध्यक्ष को सार्वजनिक रुप से किया बेइज्जत, सज्जन वर्मा नें कहा- जीतू को समझायेंगे।



  • जीतू पटवारी से कहेंगे कि थोड़ा सा नरम हो जाओ, क्योंकि कड़क होने से साख टूट जाती है: सज्जन वर्मा।

इंदौर: कांग्रेस के संभागीय कार्यकर्ता सम्मलेन में मंच पर ही पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने अपनें शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल को अंगुली दिखात  हुये डांट लगाकर सार्वजनिक रुप से बेइज्जत कर दिया। हुआ यूं कि जब पूर्व मंत्री जीतू पटवारी बोलने के लिए खडे़ हुए तो कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे। इसे देखकर जीतू पटवारी ने कार्यकर्ताओं को शांत रहने के लिए कहा। इस बीच विनय बाकलीवाल भी कार्यकर्ताओं को शांत कराने लगे, इस पर जीतू पटवारी ने उंगली दिखाते हुए कहा कि अध्यक्ष जी जरा आप भी चुप रहो। इस पर विनय बाकलीवाल ने कहा हम तो चुप हैं। लेकिन मंच पर अपने आपको बेइज्जत होता देख उनका चेहरा लाल पड़ गया।


मामला आगे बढ़ा तो पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा नें मोर्चा संभाला और सफाई में जीतू पटवारी को समझाने की बात कही। सज्जन वर्मा नें कहा की आजकल नई पीढ़ी में एक चलन हो गया है कि मैं ही सबसे अच्छा भाषण दे सकता हूं। इसलिए वे अपने भाषण के बीच में डिस्टरबेंस पसंद नहीं करते। हालांकि अच्छे-अच्छे भाषण देने वाले हैं जो तथ्यात्मक भाषण देते हैं। जिस अध्यक्ष के बैनर तले ये सम्मेलन था उसकी गरिमा बनाए रखना कमलनाथ जी का भी काम था, सज्जन वर्मा का भी काम था, जीतू पटवारी का भी काम था. वर्मा ने कहा कि अब इस पर मंथन करना चाहिए। मंथन का दौर है। जीतू पटवारी से कहेंगे कि थोड़ा सा नरम हो जाओ, क्योंकि कड़क होने से साख टूट जाती है।


नारेबाजी पर पूर्व सीएम कमलनाथ भी भड़के।

कांग्रेस के संभागीय कार्यकर्ता सम्मलेन में जब पूर्व सीएम कमलनाथ मंच पर भाषण देने खडे़ हुए तब भी नारेबाजी चलती रही। वे मंच के आसपास से लग रहे नारों से इतना परेशान हो गए कि वे कार्यकर्ताओं पर ही भड़क गए। कमलनाथ ने मंच से ही नारे लगा रहे कार्यकर्ताओं पर अपना गुस्सा निकालते हुए कहा, आप लोग नारे बंद करते हैं या मैं अपना भाषण बंद करूं। क्या आप लोग यहां मुझे डिस्टर्ब करने आए हैं उसके बाद कार्यकर्ता शांत हुए तब जाकर कमलनाथ ने अपना भाषण पूरा किया।

सीधी: भाजपा जिलाध्यक्ष का अपनें ही विधायक पर तंज, कहा- पद के लिये आंसू न बहायें।



  • विधायक बनना क्या केदार शुक्ला के लिए कम है? मंत्री न बनने से नहीं रूकते विकास कार्य : इन्द्रशरण।

सीधी: रीवा के देवतालाब विधानसभा से भाजपा विधायक गिरीश गौतम को मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए  नि​र्विरोध चुन लिया गया है। आज से शुरू हो रहे बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष पद के लिये कांग्रेस द्वारा कोई उम्मीदवार ना उतारनें से गिरीश गौतम नि​र्विरोध चुनें गये। लेकिंन अब विधानसभा अध्यक्ष के प्रबल दावेदार मानें जा रहे सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला का दर्द बाहर आया है। विधानसभा अध्यक्ष का पद उन्हें ना मिलने पर उन्होनें कहा की, मुझे भी पद से मोह है, मै नेता हूं, संन्यासी नही। साथ ही उहोनें कहा की कांग्रेस नें हमेशा ही सीधी का ध्यान रखा है लेकिन भाजपा में सीधी की उपेक्षा हो रही हैं। सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ल के इस बयान पर भाजपा के सीधी जिलाध्यक्ष नें प्रतिक्रिया देते हुये तंज कसा है।


क्या कहा भाजपा जिलाध्यक्ष इन्द्रशरण सिंह चौहान नें?

सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला की भाजपा सरकार में हो रही उपेक्षा एवं विधायक शुक्ला द्वारा दिये गये वक्तव्य को लेकर जब सीधी भाजपा जिलाध्यक्ष इन्द्रशरण सिंह चौहान से सवाल किया गया तो उन्होनें अपनें ही विधायक पर तंज करते हुये कहा की, किसी के मंत्री न बनने से विकास के कोई काम नहीं रुकते हैं। उन्होने कहा कि विंध्य क्षेत्र को संगठन एवं सत्ता में अच्छा महत्व मिला है। इससे विंध्य का मान सम्मान बढ़ा है। श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश संगठन में महामंत्री शरदेन्दु तिवारी, प्रदेश उपाध्यक्ष योगेन्द्र ताम्रकार एवं कांति देव सिंह तथा प्रदेश मंत्री मनीषा सिंह एवं राजेश पाण्डेय हैं। वहीं विंध्य में पहले दो मंत्री राजेन्द्र शुक्ला एवं नागेन्द्र सिंह हुआ करते थे लेकिन इस बार तीन मंत्री विशाहूलाल, मीना सिंह एवं रामखेलावन पटेल हैं वहीं अब विधानसभा अध्यक्ष भी गिरीश गौतम को विंध्य क्षेत्र से बनाया गया है। निश्चित रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, श्री नड्डा सहित मुख्यमंत्री शिवराज सिंह एवं प्रदेश अध्यक्ष केडी शर्मा बधाई के पात्र हैं।  

विधायक बनना क्या केदार शुक्ला के लिए कम है? उन्हें पद के लिये आंसू बहानें की जरुरत नही: इन्द्रशरण।

साथ ही भाजपा अध्यक्ष इन्द्रशरण सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा में हजारों, लाखों कार्यकर्ता हैं जिन्हे टिकट नहीं मिलता है लेकिन विधायक बनना क्या श्री शुक्ल के लिए कम है। हर लोग विधानसभा जाने के लिए आतुर रहते हैं परन्तु उन्हे पार्टी महत्व देती आ रही है। शीर्ष नेतृत्व तय करता है कि कौन उपयुक्त है, समीकरण के आधार पर पद मिलते हैं। लेकिन आंसू बहाने की जरूरत विधायक को नहीं होनी चाहिए। उन्होने कहा कि मंत्री न बनने से विकास नहीं रुकते।

बजट सत्र से पहले कमलनाथ से मिलने पहुंचे सीएम शिवराज, लिफ्ट हादसे के संबंध में पूछा उनका कुशलक्षेम।



भोपाल: आज बजट सत्र से ठीक पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान नें पूर्व सीएम कमलनाथ से मुलाकात कर उनके साथ कल इंदौर के निजी अस्पताल में हुए हादसे के संबंध में उनका कुशलक्षेम पूछा। पूर्व सीएम कमलनाथ से मुलाकात के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा की, लिफ्ट हादसे के वक़्त नेता प्रतिपक्ष जी भी उस लिफ्ट में थे, मैं उनकी कुशलक्षेम जानने के लिए मिलने गया था। नेता प्रतिपक्ष जी स्वस्थ हैं, लेकिन मैंने उनसे कहा है कि पूरा चेकअप करवाएं। लिफ्ट गिरने की घटना के मैंने जांच के निर्देश दिए हैं। यह गंभीर बात है कि कोई लिफ्ट में बैठे और लिफ्ट गिर जाए। प्रदेश भर में हम निर्देश देंगे की लिफ्ट ठीक है या नहीं इसका एक प्रोटोकॉल बनना चाहिए।


गौरतलब है की, कल इन्दौर में पूर्व सीएम कमलनाथ के साथ एक गंभीर हादसा होते होते बचा था। दरअसल कमलनाथ इंदौर के डीएनएस अस्पताल में भर्ती वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामेश्वर पटेल को देखने पहुंचे थे। जहां लिफ्ट गिरने के हादसे में बाल बाल बच गए। लेकिन हादसे की वजह से घबराहट में उनकी तबीयत बिगड़ गई थी फिर उनका अस्पताल में ही ब्लड प्रेशर चेक कराया गया था।


दरअसल, पूर्व सीएम कमलनाथ के साथ अन्य नेता भी लिफ्ट में ऊपर जाने के लिए सवार हो गए थे और इस बीच लिफ्ट अचानक 10 फीट नीचे गिर पड़ी और दरवाजे लॉक हो गए। करीब 10 मिनट बाद बमुश्किल औजार ढूंढ कर लिफ्ट का लॉक खोला गया था। इस दौरान कमलनाथ के साथ पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, पूर्व में जीतू पटवारी और विधायक विशाल पटेल के अलावा कई नेताओं समेत सुरक्षाकर्मी शामिल थे। हालांकि कमलनाथ सहित सभी सुरक्षित बाहर आ गये थे और किसी को भी कोई चोट नहीं आयी थी।

निर्विरोध स्पीकर चुने गए गिरीश गौतम, जानें- कैसा रहा गौतम का सियासी सफर।



भोपाल: रीवा के देवतालाब विधानसभा से भाजपा विधायक गिरीश गौतम को मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए  नि​र्विरोध चुन लिया गया है। आज से शुरू हो रहे बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष पद के लिये कांग्रेस द्वारा कोई उम्मीदवार ना उतारनें से गिरीश गौतम नि​र्विरोध चुनें गये। इसके साथ करीब 17 साल बाद एक बार फिर विधानसभा का अध्यक्ष विंध्य क्षेत्र से मिला है।  गिरीश गौतम विंध्य क्षेत्र में अपने सरल एवं सहज स्वभाव के लिए पहचाने जाते हैं। गौतम को 18 वर्ष बाद किसी बड़े पद से नवाजा गया है।


छात्र जीवन से ही शुरू किया था अपना सियासी सफर।

गिरीश गौतम ने अपनी​ सियासी पारी 1977 में छात्र राजनीति शुरू की। फिर वह 2003 से 2018 तक लगातार चौथी बार दो अलग-अलग सीटों से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने 1993 व 98 सीपीआई से विधानसभा का चुनाव लड़ा। तब गिरीश गौतम को कांग्रेस पार्टी के दिग्गज व विंध्य के चाणक्य कहे जाने वाले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी से शिकस्त का सामना करना पड़ा था। लेकिन वर्ष 2003 में भाजपा के टिकट पर मनगवां विधानसभा से चुनाव लड़े और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी को शिकस्त दी। साल 2008 में मनगवां विधानसभा सीट आरक्षित होने पर भाजपा ने गौतम को पड़ोसी सीट देवतलाब भेजा, जहां से वह 2008, 2013 व 2018 में लगातार जीत दर्ज विधानसभा पहुंचते रहे।


श्रीनिवास तिवारी को हराने से गिरीश गौतम को मिली एक अलग पहचान।

दरअसल, गिरीश गौतम से पहले विंध्य अंचल से आने वाले कद्दावर नेता श्रीनिवास तिवारी 10 साल विधानसभा अध्यक्ष के पद पर रहे। 2003 के विधानसभा चुनाव में गिरीश गौतम ने अजेय कहे जाने वाले श्रीनिवास तिवारी के वर्चस्व को खत्म करते हुए मनगंवा सीट से जीत हासिल की थी, जिसके बाद गौतम को एक अलग पहचान मिली। अब यह एक अजब संगोय है कि अब विधानसभा अध्यक्ष के पद पर गिरीश गौतम की ताजपोशी हुई है।


2003 के विधानसभा चुनाव ने बदल दिया था विंध्य के सियासत का समीकरण।

गौरतलब है की, सफेद टाइगर के नाम से मशहूर नेता श्रीनिवास तिवारी 2003 में रीवा जिले की मनगंवा विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरे थे, वे विंध्य के ऐसे नेता थे, जिनको लेकर उनके समर्थकों ने बघेली में एक नारा बनाया था. ''दादा नहीं दऊ आंय, वोट न देवे तऊ आंय'' मतलब दादा को अगर वोट नहीं भी दिया जाएगा तो भी वे चुनाव जीतेंगे। इसी नारे के साथ उनके समर्थक 2003 के विधानसभा चुनाव में श्रीनिवास तिवारी का प्रचार कर रहे थे। लेकिन जब 2003 के विधानसभा चुनाव के नतीजे आए तो मध्य प्रदेश में 10 साल से जमी कांग्रेस की सत्ता ही नहीं गई, बल्कि विधानसभा अध्यक्ष और विंध्य के टाइगर कहे जाने वाले श्रीनिवास तिवारी भी चुनाव हार गए। गिरीश गौतम ने एक दिग्गज नेता को चुनाव हराया था। गिरीश गौतम इसके बाद वह 2008, 2013 और 2018 में देवतालाब से विधायक बने। ऐसे में अब बीजेपी उन्हें विधानसभा अध्यक्ष के रूप में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

भाजपा मंडल अध्यक्ष पर युवती को जबरन शराब पिलाकर गैंगरेप करनें का आरोप, पार्टी ने दिखाया बाहर का रास्ता।



शहडोल: जैतपुर थाना क्षेत्र में एक बेहद ही संगीन मामला सामने आया है, जहां 20 वर्षीय युवती के साथ जैतपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष समेत 3 अन्य लोगों पर जबरन शराब पिलाकर तीन दिन तक गैंगरेप करनें का आरोप है। मिली जानकारी के अनुसार युवती को गंभीर अवस्था में उसके घर के सामने छोड़ दिया, जिसकी शिकायत जैतपुर थाने में की गई है।


20 साल की युवती का आरोप है कि उसे अगवा कर फार्म हाउस पर ले गए और जबरदस्ती शराब पिलाया। उसके बाद दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। आरोप है कि महिला की स्थिति खराब होने पर आरोपी उसे उठाकर उसके घर के सामने ही फेंक कर चले गए। आवाज सुनकर परिजन बाहर आए और उसे नजदीकी थाना ले जाकर एफआईआर दर्ज कराई। पीड़िता की हालत बिगड़ते देख उसे जैतपुर अस्पताल से जिला अस्पताल रेफर किया गया है।


गैंगरेप का आरोप लगाने के बाद जैतपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष विजय त्रिपाठी को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिश है। जिला अध्यक्ष कमलप्रताप सिंह ने पद और प्राथमिक सदस्यता से निष्कासन का आदेश जारी करते हुए कहा है कि ऐसे चरित्रहीन कार्यकर्ता की पार्टी में कोई जगह नहीं है।

Sunday, 21 February 2021

भजापा नेतृत्व द्वारा सीधी विधायक की बार बार उपेक्षा की वजह, कहीं आपसी गुटबाजी तो नहीं।



सीधी: आखिरकार मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष के लिये भाजपा नें अपना उम्मीदवार तय कर दिया। भाजपा की तरफ गिरीश गौतम नें आज अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया है। गिरीश गौतम के नामांकन के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष के प्रबल दावेदार मानें जा रहे सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला अब रेस से पूरी तरह बाहर हो गये हैं। विधानसभा अध्यक्ष का पद ना मिलनें पर केदारनाथ शुक्ला का दर्द भी छलका है और उन्होंन कहा की, मुझे भी पद से मोह है, मै नेता हूं, संन्यासी नही। साथ ही उहोनें कहा की कांग्रेस नें हमेशा ही सीधी का ध्यान रखा है लेकिन भाजपा में सीधी की उपेक्षा हो रही हैं।


अब सवाल यह उठ खड़ा होता है की केदारनाथ जैसे वरिष्ठ और काबिल नेता की उपेक्षा आखिर भाजपा नेतृत्व बार बार क्यों कर रहा है। जैसा की विदित है की सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला अपनें बेबाक राय और बोल के लिये जानें जाते हैं और वो अपनी पार्टी के खिलाफ भी बोलतें रहें है, ऐसे में कुछ ऐसे तथ्य हैं जो हमेशा उनके खिलाफ जाते हैं ।


सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला के सीधी सांसद रीति पाठक से मतभेद।

सीधी से भोपाल तक सीधी विधायक एवं सांसद की आपसी तकरार के बारें में सब को पता है। दरअसल सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला और सांसद रीति पाठक के रिश्ते बिल्कुल समान्य नही है, और दोनों एक दूसरे के बारे मे मीडिया में भी बयानवाजी करनें से पीछे नही हटते। हालत तो यहां तक पहुंच गये थे की सीधी विधायक द्वारा सीधी सांसद पर व्यक्तिगत छींटाकशी की गयी थी, जिसके जवाब में सांसद रीति पाठक ने, सीधी विधायक के मानसिक स्थिति पर ही सवालिया निशान लगा दिया था, और शिवराज सिंह को बीच बचाव करना पड़ा था।


सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला द्वारा पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह के खिलाफ की गई टिप्पणी।

झाबुआ उपचुनाव हारने के बाद  भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सीधी से विधायक केदारनाथ शुक्ला ने अपनी ही पार्टी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह की काबिलियत पर सवालिया निशान लगाते हुए यह तक कह डाला था कि उन्हीं के असक्षम नेतृत्व के चलते पार्टी चुनाव हारी है ।शुक्ल ने यहां तक कह दिया कि  राकेश सिंह के नेतृत्व में पार्टी चौपट हो रही है और उन्हें जल्द पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया जाना चाहिए। केदारनाथ शुक्ला का इतना बोलते ही पार्टी में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पार्टी नें केदारनाथ शुक्ल की इस बयान बाजी को अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस थमा दिया था।  साथ ही सीधी सांसद रीति पाठक प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के खेमे की मानी जाती है, और उस समय सीधी विधायक के खिलाफ इतनी जल्दी कार्यवाही किये जानें के पीछे सीधी भाजपा की आपसी गुटवाजी भी वजह बनी थी।

इंदौर: डीएनएस अस्पताल की लिफ़्ट गिरनें से बाल बाल बचे कमलनाथ, घबराहट से तबीयत हुई खराब।



इंदौर: पूर्व सीएम कमलनाथ के साथ इन्दौर में एक गंभीर हादसा होते होते बचा। दरअसल कमलनाथ इंदौर के डीएनएस अस्पताल में भर्ती वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामेश्वर पटेल को देखने पहुंचे थे। जहां लिफ्ट गिरने के हादसे में बाल बाल बच गए। लेकिन हादसे की वजह से घबराहट में उनकी तबीयत बिगड़ गई और फिर उनका अस्पताल में ही ब्लड प्रेशर चेक कराया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फोन कर उनकी सेहत के बारे में जानकारी ली है। इसके साथ ही सीएम ने इंदौर के कलेक्टर को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।  


प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्व सीएम कमलनाथ के साथ अन्य नेता भी लिफ्ट में ऊपर जाने के लिए सवार हो गए और इस बीच लिफ्ट अचानक 10 फीट नीचे गिर पड़ी और दरवाजे लॉक हो गए। करीब 10 मिनट बाद बमुश्किल औजार ढूंढ कर लिफ्ट का लॉक खोला गया। इस दौरान कमलनाथ के साथ पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, पूर्व में जीतू पटवारी और विधायक विशाल पटेल के अलावा कई नेताओं समेत सुरक्षाकर्मी शामिल थे। हालांकि कमलनाथ सहित सभी सुरक्षित हैं और किसी को भी कोई चोट नहीं आयी है, लेकिन कांग्रेस का कहना है कि यह सुरक्षा में बड़ी चूक और लापरवाही है। इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होना चाहिए।


बता दें की, इस अस्पताल का निर्माण अभी-अभी हुआ है, इसलिए लिफ्ट भी ज्यादा पुरानी नहीं थी। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने फोन कर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से बात की और घटना की जांच के आदेश इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह को दिए हैं। जबकि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कलेक्टर ने तत्काल डीएनएस हास्पिटल में लिफ्ट की खराबी और दुर्घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। कलेक्टर ने एडीएम मुख्यालय हिमांशु चंद्र को जांच के लिए आदेशित किया है।

कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष के लिये नहीं उतारेगी अपना उम्मीदवार, गिरीश गौतम का निर्विरोध चुना जाना तय।



भोपाल: आखिरकार मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष के लिये भाजपा नें अपना उम्मीदवार तय कर दिया। भाजपा की तरफ गिरीश गौतम नें आज अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इसी बीच कांग्रेस नें विधानसभा अध्यक्ष के लिये अपना उम्मीदवार ना उतारनें का फ़ैसला लिया है, जिसे देखते हुये गिरीश गौतम का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है।


मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ नें ट्वीट के माध्यम से कहा की, "BJP का शुरू से संसदीय परंपराओं में कभी विश्वास नहीं रहा है। वर्षों से विधानसभा अध्यक्ष का पद सत्ता पक्ष को व उपाध्यक्ष का पद विपक्ष को देने की परंपरा है। इस परंपरा को भाजपा ने तोड़ा है। लेकिन, हमारा शुरू से ही संसदीय परंपराओं में विश्वास रहा है। हमने निर्णय लिया है कि हम विधानसभा अध्यक्ष पद की संवैधानिक गरिमा को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष पद के निर्वाचन में पूर्ण सहयोग करते हुए निर्विरोध ढंग से विधानसभा अध्यक्ष पद का निर्वाचन करवाने में अपनी ओर से पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे।"


हालांकि भाजपा इस बार विधानसभा उपाध्यक्ष का पद कांग्रेस को देने के मूड में नही दिख रही। भाजपा का कहना है की विधानसभा में परंपराओं को तोड़ने का काम कांग्रेस ने किया था। लिहाजा अब वह सकारात्मक रुख की उम्मीद न रखे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा एवं गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा नें भी ऐसे संकेत दिये हैं की इस बार उपाध्यक्ष का पद कांग्रेस को नही दिया जायेगा।


गौरतलब है की, मध्य प्रदेश विधानसभा में यह परंपरा रही है कि स्पीकर का पद सत्ता पक्ष और डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष के पास रहता है। लेकिन, 2018 में कमलनाथ सरकार के दौरान यह परंपरा टूट गई। विधानसभा में स्पीकर पद के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार के मुकाबले बीजेपी के उम्मीदवार खड़े करने के फैसले के बाद कांग्रेस ने डिप्टी स्पीकर के पद पर भी अपना उम्मीदवार उतार दिया था और बहुमत के आधार पर स्पीकर और डिप्टी स्पीकर दोनों पद कांग्रेस के पास रहे थे।

केदार का छलका दर्द, कहा- कांग्रेस में हमेशा सीधी को दी गई तवज्जो, पर भाजपा नें की उपेक्षा।



भोपाल / सीधी: भाजपा नें आखिरकार विधानसभा अध्यक्ष के लिये देवतलाब विधायक गिरीश गौतम का नाम तय कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष पद की दौड़ में सीधी विधायक एवं वरिष्ठ नेता केदारनाथ शुक्ला का भी नाम था। लेकिन वो विधानसभा अध्यक्ष बनते-बनते रह गए, जिसके बाद उनका दर्द बाहर आया है। केदार शुक्ला नें कहा की समय बड़ा बलवान होता है। कांग्रेस में हमेशा सीधी को मंत्रिमंडल में तवज्जो दी गई, पर भाजपा ने आज तक सीधी से किसी को मंत्री नहीं बनाया।


मुझे भी पद का मोह, मै नेता हूं- सन्यासी नही: केदार।

पहले मंत्री बनने की दौड़ में पिछड़ने के बाद अब विधानसभा अध्यक्ष बनते-बनते रह गए केदारनाथ शुक्ला ने कहा, मुझे भी पद से मोह है, मैं राजनीतिक व्यक्ति हूं, संन्यासी नहीं। मैं पार्टी का सीनियर विधायक हूं, विंध्य को सरकार की कैबिनेट में जगह मिलनी चाहिए। गौरतलब है की केदारनाथ शुक्ला सीधी से भाजपा के विधायक हैं। उन्होनें लगातार चार विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की है।


2018 के विधानसभा चुनाव में विंध्य नें भाजपा को दी थी बड़ी बढ़त।

साल 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को विंध्य क्षेत्र से सर्वाधिक सीटें मिली थीं। सीधी, रीवा, सतना एवं शहडोल को लेकर 31 सीटों में से भाजपा को 24 सीटें मिली थी। कांग्रेस के दिग्गज नेता अजय सिंह, राजेन्द्र सिंह एवं सुंदरलाल तिवारी तक चुनाव हार गये थे। इसके बावजूद भी वर्तमान शिवराज सरकार में विंध्य क्षेत्र का प्रतिनिधित्व ना के बराबर है। हला की अब गिरीश गौतम को विधानसभा अध्यक्ष बनानें का फ़ैसला लेकर भाजपा नें डैमज कण्ट्रोल करनें का प्रयास किया है।

MP विधानसभा के नये अध्यक्ष होंगे गिरीश गौतम, थोड़ी देर बाद दाखिल करेंगे नामाकंन।



भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा के नये स्पीकर का नाम तय हो गया है। रीवा जिले की देवतालाब सीट से भाजपा विधायक गिरीश गौतम होगें मध्यप्रदेश विधानसभा के नये अध्यक्ष। बता दें की मार्च 2020 में शिवराज सिंह चौहान के सत्ता संभालने के बाद लंबे समय तक प्रोटेम स्पीकर का दायित्व संभाल रहे रामेश्वर शर्मा की जगह अब स्थाई विधानसभा अध्यक्ष की ताजपोशी होगी। विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व देने की लंबे समय से चल रही मांग को मद्दे नजर रखते हुए इस पद पर रीवा के देवतालाब से विधायक गिरीश गौतम का चुना जाना तय हो गया है।


रविवार सुबह 10:00 बजे वे विधानसभा में अपना नामांकन दाखिल करेंगे और इस बात की पूरी उम्मीद है कि वे निर्विरोध इस पद के लिए चुन लिए जाएं। गिरीश गौतम ने राजनीति में लंबा संघर्ष किया है और कई बार विधायक बनने के बाद भी वे मंत्री पद से दूर रहे हैं। फिलहाल शिवराज के वर्तमान मंत्रिमंडल में विंध्य क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कम है, जिसे देखते हुये सीएम शिवराज और भाजपा संगठन ने पेशे से किसान रहे गिरीश गौतम को विधानसभा अध्यक्ष बनानें का फ़ैसला किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांग्रेस इस पद के लिए संभवत अपना उम्मीदवार खड़ा नहीं करेगी।


कमलनाथ ने तोड़ी परंपरा, नहीं देंगे उपाध्यक्ष का पद : वीडी शर्मा।

शिवराज सरकार कांग्रेस को उपाध्यक्ष का पद देने के लिए तैयार नहीं है, क्योंकि कमलनाथ सरकार में भाजपा को यह पद नहीं दिया गया था। विधानसभा में सीटों के गणित के हिसाब से चुनाव होता है तो दोनों पद भाजपा के पाले में ही जाएंगे।


गौरतलब है की, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा कह चुके हैं कि मप्र विधानसभा में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव की परंपरा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तोड़ी थी। अब इसका खामियाजा तो कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा। शर्मा ने स्पष्ट किया कि उपाध्यक्ष का पद कांग्रेस को नहीं दिया जाएगा।

Saturday, 20 February 2021

कोकीन कांड का MP कनेक्शन: पामेला ने विजयवर्गीय के करीबी पर लगाया साजिश का आरोप।



सीधी CHRONICLE: बंगाल के कोकीन कांड का कनेक्शन अब मध्यप्रदेश से भी जुड़ता नजर आ रहा है। कोकीन रखने के आरोप में गिरफ्तार की गईं बंगाल की युवा भाजपा नेता पामेला गोस्वामी नें कोर्ट में पेशी के दौरान कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है। पामेला ने आरोप लगाया है कि कैलाश विजयवर्गीय के करीबी राकेश सिंह को इस मामले में गिरफ्तार किया जाना चाहिए। पामेला का कहना है कि राकेश सिंह की ही उन्हें फंसाने की साजिश है। फिलहाल पामेला गोस्वामी को NDPS कोर्ट ने 25 फरवरी तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है।  


क्या कहा राकेश सिंह नें।

राकेश सिंह ने पामेला गोस्वामी के आरोपों को निराधार बताया है।राकेश सिंह ने कहा है कि अगर ये आरोप साबित हो जाता है तो वह राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने कहा, कोलकाता पुलिस और टीएमसी कुछ भी करा सकती है। अगर कहीं से भी आरोप साबित हो जाता है तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। लेकिन इसके लिए सबूत देना होगा।


राकेश सिंह ने ये भी कहा की ये ममता बनर्जी की साजिश है। भाजपा को तोड़ने और बदनाम करने की साजिश है। आज कैलाश विजयवर्गीय का नाम लिया, कल अमित शाह का नाम लेंगी। जिंदगी में आजतक मैंने चाय नहीं पी, तो कोकीन सिगरेट में मेरा नाम कैसे जोड़ा जा सकता है। इस मामले की जांच होनी चाहिए। कोलकाता पुलिस बीजेपी को बदनाम करने की राजनीति कर रही है, हम डरने वाले नहीं है।


पामेला गोस्वामी पर राकेश सिंह ने आगे कहा, इस लड़की के पापा ने चार महीने पहले थाने में शिकायत की थी कि मेरी लड़की ड्रग एडिक्टिड है, हम अपनी लड़की को निकालना चाहते हैं। हम बीजेपी के सामान्य कार्यकर्ता हैं। अभी आगे और भी बीजेपी नेताओं को बदनाम किया जाएगा।


क्या कहा कैलाश विजयवर्गीय नें।

पामेला गोस्वामी के आरोपों को लेकर कैलाश विजयवर्गीय नें किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इंकार कर दिया, लेकिन विजयवर्गीय ने कहा कि तृणमूल के सरकार में पुलिस ने उनके हजारों समर्थकों और नेताओं को झूठे एनडीपीएस और फौजदारी मुकदमों में फंसाया है। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव के अनुसार इस मामले में हमें न्यायपालिका पर विश्वास है। कानून अपना काम खुद करेगा।


गौरतलब है की, पश्चिम बंगाल पुलिस ने कोकीन रखने के आरोप में बीजेपी की युवा नेता पामेला गोस्वामी को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने पामेला को उस वक्त गिरफ्तार किया, जब वह न्यू अलीपुर इलाके में एनआर एवेन्यू में अपनी कार में सवार थी। पुलिस को उनके पास से करीब 100 ग्राम कोकीन बरामद हुआ। पामेला के साथ प्रबीर डे नाम के शख्स को भी गिरफ्तार किया गया। ये दोनों एक ही कार में सवार थे। पामेला गोस्वामी पश्चिम बंगाल बीजेपी महिला युवा मोर्चा की नेता हैं। फिलहाल पामेला गोस्वामी पश्चिम बंगाल बीजेपी महिला युवा मोर्चा की सचिव हैं।

विधानसभा का बजट सत्र: विधानसभा स्पीकर पद के दावेदार गिरीश एवं केदार ने डाला राजधानी में डेरा।



सीधी CHRONICLE: मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र को देखते हुये विधानसभा अध्यक्ष पद के दावेदार राजधानी पहुंच गए है। विधानसभा में इस बार स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का चयन किया जाना है, जिसको लेकर लेकर राजधानी में सरगर्मी तेज हो गई है। ऐसा माना जा रहा है की इस बार 17 साल बाद विंध्य के खाते में विधानसभा अध्यक्ष का पद आएगा। जिसे देखते हुये विधानसभा स्पीकर पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे विंध्य के दोनों नेता गिरीश गौतम और केदारनाथ शुक्ला ने भोपाल में डेरा डाल दिया है।


एक निजी न्यूज़ चैनल से बातचीत में गिरीश गौतम नें कहा की, स्पीकर कौन होगा ये संगठन को तय करना है। हालांकि विंध्य की भावना है कि उसे अवसर मिलना चाहिए। हमने अपनी बात पार्टी के भीतर कह दी है। वहीं केदारनाथ शुक्ला की मानें तो संख्या के अनुपात के हिसाब से विंध्य को प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। अधिक से अधिक विंध्य को मिले अच्छा है, फैसला संगठन को करना है। हालांकि दोनों नेताओं को अभी तक संगठन की ओर से किसी तरह का कोई संकेत नहीं मिला है।


17 साल बाद विंध्य के खाते में आ सकता है विधानसभा अध्यक्ष का पद।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस बार 17 साल बाद विंध्य के खाते में विधानसभा अध्यक्ष का पद आ सकता है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं रीवा के देवतलाव से विधायक गिरीश गौतम या सीधी के विधायक केदारनाथ शुक्ल, विधानसभा अध्यक्ष बन सकते हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस की सरकार में विंध्य से श्रीनिवास तिवारी 24 दिसंबर 1993 से 11 दिसंबर 2003 तक मप्र के विधानसभा अध्यक्ष रहे थे।

सीधी बस हादसा: पांचवें दिन मिला अरविंद का शव, रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया बंद।



सीधी: सीधी बस हादसे मे रेस्क्यू टीम द्वारा आखिरी तलाश पूरी कर ली गयी। हादसे में नहर में बहे कुकरीझर निवासी अरविंद विश्वकर्मा (22) का शव पांचवें दिन मिल गया। शनिवार दोपहर करीब 1:00 बजे गोविंदगढ़ थाने के अमिलकी गांव के पास नहर में यह शव मिला। गोताखोरों की टीम ने शव को बाहर निकलवाया है, जिसे पोस्टमार्टम के लिए रामपुर नैकिन भिजवा दिया गया। आखिरी शव मिलने के बाद अब सर्च ऑपरेशन भी बंद कर दिया गया है। हादसे में मरने वालों की संख्या अब 54 हो गई है।


बुआ की बेटी को परीक्षा दिलाने निकला था अरविंद, इसी साल होनी थी शादी।

कुकरीझर निवासी अरविंद बोदरहवा सिहावल निवासी अपनी बुआ की बेटी यशोदा विश्वकर्मा को एएनएम की परीक्षा दिलाने के लिए हादसे वाली बस में सवार हुआ था। घटना में यशोदा की भी माैत हो गई थी। उसका शव 16 फरवरी को ही मिल गया था। पिता विश्वनाथ और मां आशा विश्वकर्मा के चार संतानों में अरविंद सबसे बड़ा था। पिता जहां खंडवा में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करते हैं। वहीं अरविंद सीधी में कंप्यूटर का ऑनलाइन काम करता था। तीन भाई अभी पढ़ाई कर रहे हैं। इसी साल अरविंद की शादी होनी थी।


रेस्क्यू ऑपरेशन हुआ पूरा।

शनिवार को एक बार फिर रेस्क्यू टीम ने टनल में प्रवेश किया। इससे पहले गुरुवार को भी टीम ने टनल में सर्चिंग अभियान चलाया था। अरविंद के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था। पहले हादसे का जख्म और अब लापता  होने का दर्द परिवार वालों पर भारी पड़ रहा था। आखिरकार वह मृत ही मिला। अब NDRF और SDRF की टीमों ने सर्चिंग ऑपरेशन बंद कर दिया है।


16 फरवरी को हुआ था हादसा, हादसे में हुई 54 की मौत।

सीधी से जबलनाथ परिहार की 32 सीटर बस एमपी 19 पी 1882 16 फरवरी को सुबह 5 बजे के करीब सतना के लिए रवाना हुई थी। बस में ड्राइवर समेत सीधी, सिंगरौली जिले के कुल 61 यात्री सवार थे। इनमें अधिकतर  छात्र और छात्राएं थीं। छात्र रेलवे तो छात्राएं एएनएम की परीक्षा देने सतना जा रही थीं। छुहिया घाटी में लगे जाम के चलते बस ड्राइवर ने बघवार से जिगिना कैनाल रूट ले लिया था। इसी बीच लगभग 22 फीट गहरी बाणसागर नहर में बस पलट गई, जिसमें 54 लोगों की मौत हो गयी।

सीधी बस हादसा- Live update: आज पांचवे दिन एक और व्यक्ति का शव बरामद, 54 पहुंचा मृतकों का आंकड़ा।



सीधी: आज पांचवे दिन फिर से एनडीआरएफ की टीम नें बाणसागर नहर में  सर्च अभियान चालू किया। आज दिनांक 20-02-2021 को दुर्घटना के शिकार एक और व्यक्ति का शव रीवा जिले की सीमा में प्राप्त हुआ है। अब मृतकों की संख्या बढ़कर 54 हो गयी है।


गौरतलब है की, मंगलवार सुबह हुए इस बस हादसे में 51 लोगों की मौत हो चुकी थी, शुक्रवार को दो शव और मिलनें से अब यह आंकड़ा 53 हो गया था। अब आज एक और शव मिलनें से मृतकों की संख्या 54 हो गयी है। 6 लोगों को बचा लिया गया और एक युवक अभी भी लापता हैं। इसके अलावा बस चालक भी था जिसे गिरफ्तार कर लिया गया था।


बस में चालक सहित कुल 61 लोग इसमें सवार थे। यह बस 32 सीट क्षमता वाली थी लेकिन इसमें 61 लोग सवार थे। यह बस यात्रियों से खचाखच भरी थी और ट्रैफिक जाम से बचने के लिए अपने निर्धारित मार्ग को बदलकर दूसरे मार्ग से जा रही थी और नहर में गिर गई थी।


सीधी बस हादसा: नहर में बहे अरविंद की तलाश अभी भी जारी, एनडीआरएफ नें फिर शुरू किया सर्च अभियान।



सीधी: सीधी बस हादसे को पांच दिन हो गये हैं लेकिन अभी भी एक युवक लापता है, जिसकी तलाश जारी है। आज फिर से एनडीआरएफ की टीम नें सर्च अभियान चालू किया है। लापता युवक का नाम अरविंद विश्वकर्मा है और वह सीधी जिले के कुकरीझर के रहनें वाले हैं। रेस्क्यू में जुटी जबलपुर एनडीआरएफ और सीधी एसडीआरएफ की टीम ने सर्चिंग जारी रखा है। शनिवार को एक बार फिर संयुक्त टीम ने टनल में प्रवेश किया है। इससे पहले गुरुवार को भी टीम ने टनल में सर्चिंग अभियान चलाया था।


बता दें की सीधी बस हादसे में अब तक 53 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। कुकरीझर निवासी अरविंद का ही पता नहीं चल पा रहा है। शुक्रवार को टनल में पानी के प्रेशर के बाद जहां दो युवकों के शव मिले थे। वहीं अरविंद की तलाश अब तक अधूरी है। एनडीआरएफ टीम द्वारा मिली जानकारी के अनुसार टनल में ही दोनों युवक फंसे थे। इसे देखते हुए आज एक बार फिर इस चार किमी के टनल में तलाश शुरू की गई है। टीम ने इस बार कांटा भी डाल रहे हैं। जिससे गहराई में शव फंसे होने पर मिल जाए।


गौरतलब है की, मंगलवार सुबह हुए इस बस हादसे में 51 लोगों की मौत हो चुकी थी, शुक्रवार को दो शव और मिलनें से अब यह आंकड़ा 53 हो गया है। 6 लोगों को बचा लिया गया और एक युवक अभी भी लापता हैं। इसके अलावा बस चालक भी था जिसे गिरफ्तार कर लिया गया था।बस में चालक सहित कुल 61 लोग इसमें सवार थे। यह बस 32 सीट क्षमता वाली थी लेकिन इसमें 61 लोग सवार थे। यह बस यात्रियों से खचाखच भरी थी और ट्रैफिक जाम से बचने के लिए अपने निर्धारित मार्ग को बदलकर दूसरे मार्ग से जा रही थी और नहर में गिर गई थी।

महंगाई पर मंत्री रामखेलावन पटेल का 'अजीब, बयान, कहा- MP में नही है महंगाई, 1 रुपये किलो बिक रहा चावल- गेहूं और नमक।



सीधी CHRONICLE: पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस के बढ़ते दामों को लेकर कांग्रेस ने आज आधे दिन का बंद का आह्वान किया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ नें जनता से अपील कर कहा है की बंद को सफल बनानें में सहयोग करें। लेकिन इसी बीच महंगाई को लेकर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रामखेलावन पटेल ने एक अजीबो-गरीब बयान दे डाला है। उन्होंने कहा कि महंगाई की बातें झूठी हैं। महंगाई कहीं है ही नहीं।


बता दें की शुक्रवार को पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री रामखेलावन पटेल नर्मदा जयंती पर पूजन के लिए नर्मदा तट पर पहुंचे थे। इस दौरान जब उनसे पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस के बढ़ते दामों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा,"महंगाई की बातें झूठी हैं। महंगाई कहीं है ही नहीं।''  


श्री पटेल नें आगे कहा,''कांग्रेस हमेशा राजनीति करने का काम करती है। जब कांग्रेस की सरकार थी तो कभी महंगाई कम नहीं हुई थी। जबकि अब पीएम मोदी और प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने महंगाई को कम किया है। प्रदेश में महंगाई नहीं है। प्रदेश में गेहूं, चावल और नमक 1 रुपये किलो में मिल रहा है।''

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सीधी: अजय सिंह नें हाथी हमले में मृतकों के प्रति जताई संवेदना, प्रशासन को आड़े हाथों लिया।

सीधी: जिले के कुसमी ब्लाक के अंतर्गत संजय टाइगर रिजर्व अभ्यारण के बफर जोन में हाथियों का आतंक जानलेवा हो गया है। हाथियों ने पिछले दिनों तीन...