Saturday, 30 January 2021

अन्ना हजारे का आमरण अनशन से इनकार, कहा- किसान आंदोलन का नही करेंगे समर्थन।



सीधी CHRONICLE: कृषि कानूनों को लेकर अन्ना हजारे द्वारा आमरण अनशन का ऐलान किया गया था। इस मामले में जब उन्हें प्रस्ताव दिया गया कि केंद्र सरकार द्वारा उच्च स्तरीय कमेटी गठित की जायेगी, जो इस मामले में चिंतन करेगी। इस कमेटी में उन्हें भी शामिल किया जायेगा। इस प्रस्ताव के बाद अन्ना हजारे ने आमरण अनशन को स्थगित कर दिया।


कृषि कानूनों को लेकर समाजसेवी अन्ना हजारे द्वार 30 जनवरी को आमरण अनशन का ऐलान किया था, जो की अब स्थगित कर दिया गया है। अन्ना हजारे के आमरण अनशन के ऐलान के बाद से ही केंद्र सरकार हरकत में आ गई थी तथा केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी के साथ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनसे मुलाकात की। परिणाम स्वरूप अन्ना हजारे नें केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री द्वारा दिये गये प्रस्ताव को मां लिया और आमरण अनशन को स्थगित करनें का फ़ैसला किया।


क्या कहा केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने।

श्री चौधरी नें बताया कि अन्ना हजारे की कई मांगों को लेकर ठोस कदम उठाये जाएंगे। केंद्र सरकार ने अन्ना हजार के पत्रों का जवाब भी दिया है। उनके मुताबिक कृषि बजट में बढ़ोत्तरी भी की गई है। जो बजट पहले 23 हजार करोड़ का हुआ करता था, अब की बार सरकार ने उसे बढ़ाकर 1 लाख 35 हजार करोड़ रुपये का किया है।महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि 15 मांगों पर उच्चस्तरीय कमेटी ने अभी तक सकारात्मक कदम नहीं उठाये, इसी वजह से अनशन की बात कही गई थी। अब इस मामले में एक्सपर्ट की कमेटी गठित की गई है, उस लिस्ट में अन्ना हजारे का नाम भी शामिल है। इस कमेटी को छह महीने का समय दिया गया है। पहले चुनाव और फिर कोरोना महामारी के चलते अन्ना हजारे की मांगों पर विचार नहीं हो सका, लेकिन अब इसमें देरी नहीं होगी।


क्या कहा अन्ना हजारे नें।

अन्ना हजारे ने कहा कि उनकी  पहली मांग स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करना है। स्वामीनाथन आयोग कह रहा है कि केंद्रीय कृषि मूल्य आयोग को संवैधानिक दर्जा तथा स्वायत्तता देना और कृषी उपज को लागत मूल्य, यानि हल चलाने से, फसल निकालने तक, मार्केट में ट्रांसपोर्ट करना, बीज, खाद के ऊपर  50 प्रतिशत बढ़ाकर सी-2 में 50 प्रतिशत मिलाकर MSP (किमान समर्थन मूल्य) देने की बात कही थी,  लेकिन अब वो नहीं दे रहे हैं, क्योंकि राज्य कृषिमूल्य आयोग ने जो लागत केंद्र कृषि मूल्य आयोग को लिखकर दिया है, उस msp में केंद्र कृषि मूल्य आयोग 30% से,  40%,  50% तक कटौती कर देते है। अन्ना हजारे ने बताया कि केंद्रीय कृषि मूल्य आयोग को चुनाव आयोग की तरह ही स्वायत्तता देनी चाहिए, जिसके कारण सरकार का हस्तक्षेप नहीं होगा और किसानों को सही दाम उनकी उपज का मिलेगा।


किसान आंदोलन को लेकर अन्ना हजारे की राय।

अन्ना हजारे ने कहा की, किसानों की भलाई के लिये मैंने शुरू शुरू में दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को सपोर्ट किया था और कहा था कि उनके आंदोलन में जो मुझे अच्छा ही दिखाई दे रही है वो है अहिंसा। वह शांति के मार्ग से आंदोलन कर रहे हैं यह बहुत ही महत्वपूर्ण बात है। आंदोलनकारी जितना भी अहिंसा के मार्ग से आंदोलन करेंगे तो सामने वाला कुछ नहीं कर सकता। लेकिन 26 जनवरी के दिन लाल किले पर जो तोड़फोड़ देखने को मिली और वहां पर किसी ने झंडा फहराया वह देख कर बहुत दुख हुआ। यह बहुत गलत हुआ इसलिए जो सपोर्ट मैंने इन्हें किया था अब मैं उन्हें समर्थन नहीं करता हूं।

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