Tuesday, 19 January 2021

सीधी: आर्यन सिंह अपहरण कांड का खुलासा, मामा नें बतायी पूरी कहनी।



सीधी: बीते रविवार को 16 वर्षीय किशोर आर्यन सिंह के अपहरण की खबर नें पूरे शहर को चिंतित कर दिया था। लेकिन अब इस मामले में नया खुलासा हुआ है। आर्यन सिंह के मामा नें इस मामले पर बोलते हुये कहा की पहले जो अपहरण की कहानी आर्यन नें बताई थी वो गलत है और उसमें कोई सच्चाई नहीं है।


क्या कहा आर्यन सिंह के मामा नें?

आर्यन सिंह के मामा पंकज सिंह जो की शहर के एक जानें मानें व्यवसायी हैं, उन्होनें नें इस घटना के बारे में एक स्थानीय समाचार चैनल से बात करते हुये बताया की उनके भांजे आर्यन सिंह नें अपहरण की जो कहानी बताई थी वह सत्य नही है। पंकज सिंह नें सिलसिलेवार तरीके से पूरी जानकारी दी। उन्होनें कहा की जब वह आर्यन को लेकर सिंगरौली से लौट रहे थे तभी जमोड़ी थाने से फ़ोन आया की आप बच्चे को लेकर थाना आ जाईये। फिर जमोड़ी पुलिस नें आर्यन से अकेले में पूंछतांछ की और मेरे से आकर कहा की आर्यन झूँठ बोल रहा है, आप अपनें तरीके से अपनें भांजे से पूछिये तो शायद वह सच बतायेगा।


मामा पंकज सिंह द्वारा बताया गया की जब उन्होंने अपनें भांजे आर्यन को विश्वास में लेकर सच जाननें का प्रयास किया तो वह लिपट कर रोनें लगा और सारी सच्चाई बयान की। आर्यन नें अपनें मामा को बताया की उसके परीक्षा के तीन पेपर खराब हो गये थे जिससे वह डर गया था की रिजल्ट आनें के बाद उसे डांट पड़ेगी, जिसको लेकर वह चिंतित था और अपहरण की झूठी कहनी बनाई।


आर्यन नें अपनें मामा को बताया की रविवार की सुबह वह घर से कोचिंग के निकला था लेकिन कोचिंग नही गया और अपनी साइकिल और बैग को कोचिंग सेंटर के पास ही छुपा दिया। फिर वह कॉलेज ग्राउंड गया, जहां एक ट्रक खड़ा था। ट्रक का ड्राईवर आगे की तरफ गाड़ी साफ कर रहा था, और आर्यन छुप के ट्रक में पीछे बैठ गया। ट्रक सिंगरौली पहुंचकर एक रेलवे फाटक पर रुका और आर्यन ट्रक से उतरकर किसी की मदद लेकर मोरवा थाने पहुंचा और पुलिस और परिजनों को मनगढंत अपहरण की कहानी सुनाई।


क्या था मामला।

रविवार को सीधी के जमोड़ी थाना अंतर्गत एक सनसनीखेज मामला सामने आया था। जिसमें खबर यह थी की शहर के एमपीईबी के पास के एक 16 वर्षीय किशोर का अज्ञात लोगों द्वारा कोरोना वैक्सीन लगानें के नाम पर अपहरण कर लिया गया है। बाद में वह किशोर जिसका नाम आर्यन सिंह है, सिंगरौली जिले के मोरवा थाने में मिला था और और उसनें बताया की वह रविवार की सुबह अपने घर से कोचिंग के लिए निकला था, जहां रास्ते में उसे 2 व्यक्ति वैक्सीन का डिब्बा लिए मिले, जिन्होंने सायकल से जा रहे आर्यन को रूकवाकर कहा कि हम कोरोना वैक्सीन लगाने वाले कर्मचारी हैं। तब बच्चे ने कहा कि क्या मुझे भी कोरोना वैक्सीन लगेगी। इतना कहते ही दोनो लोगों ने सायकल सहित बच्चे को पास ही खड़े मिनी ट्रक में धक्का देकर बंद कर लिया और लेकर रवाना हो गए। कुछ दूरी जाने पर उक्त लोगों ने मेरी सायकल व बैग को वाहन से नीचे सड़क के किनारे फेंक दिया। कुछ घंटे चलने के बाद एक जगह वाहन रूक गया, आर्यन नें बाहर झांक कर देखा तो जाम लगा था। इसी बीच आर्यन मौका पाकर वाहन से उतरकर भाग गया और पूछते हुए सिंगरौली जिले के मोरवा थानें पहुंच गया था। लेकिन आर्यन द्वारा सुनायी गयी यह कहनी झूठी निकली है।

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