Saturday, 30 January 2021

इंदौर में बुजुर्गों पर अमानवीय घटना से शर्मसार हुआ मध्यप्रदेश: अजय सिंह।



  • बुजुर्गों से घुटने टेक कर माफी मांगें शिवराज: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह।

भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि गांधी के देश में इंदौर में अशक्त बुजुर्गों के साथ जो अमानवीय कार्य और हिंसा हुई है उससे न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरा देश शर्मसार हुआ है।


अजय सिंह ने कहा कि अहिंसा के पुजारी महामानव गांधी जी की पुण्यतिथि के ठीक एक दिन पहले शिवराज सरकार की नाक के नीचे इंदौर नगर निगम कचरे की गाड़ी में पशुओं की तरह बुजुर्गों को भरकर लावारिस छोड़ने जा रही थी। इस शर्मनाक घटना ने हर इंसान का दिल झकझोर दिया है। यह घटना सारे वरिष्ठजनों का अपमान है। जनता के सामने घुटने टेक कर अभिवादन की नौटंकी करने वाले शिवराज सिंह में यदि जरा सी भी शर्म और दयाभाव बचा है तो उन्हें उसी तरह घुटने टेक कर सार्वजनिक रूप से देश की जनता से माफी मांगना चाहिए। यह घटना भाजपा की हिटलरशाही का नमूना है।


अजय सिंह ने कहा है कि वह तो अच्छा हुआ कि बुजुर्गों को लावारिस हालत में बेशर्मों की तरह छोड़ कर जाते हुये नगर निगम वालों की करतूत को लोहार पीपल्या गाँव के किसानों ने देख लिया, वरना लावारिस बुजुर्गों का क्या हाल होता, उसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। अब सरकार लीपापोती करने में लगी है। मस्टरकर्मियों को बर्खास्त करने से कुछ नहीं होगा। बर्खास्त तो उन कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर को किया जाना चाहिए जिनकी दंभ भरी और भ्रष्टाचारी हरकतों के कारण नीचे के कर्मचारियों में अमानवीय मानसिकता विकसित हो रही है।


आगे श्री सिंह नें कहा की इंदौर की घटना तो केवल एक उदाहरण है, पूरे प्रदेश में यही हाल है। अफसरों की इसी मानसिकता के चलते विगत दिवस देवास जिले में शिवराज सिंह की सभा में एक प्रताड़ित किसान अनूप सिंह हाड़ा ने मुख्यमंत्री के सामने मिट्टी का तेल डालकर आत्मह्त्या करने की कोशिश की थी। यह घटना सरकार की विकसित होती अमानवीय मानसिकता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।


यह है पूरा मामला।

इंदौर नगर-निगम के कर्मचारी एक कचरा गाड़ी में शहर के बेसहारा बुजुर्गों को पशुओं की तरह भरकर उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे छोड़ने आए थे। लेकिन जब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया तो नगर निगम कर्मचारी बुजुर्गों को गाड़ी में वापस भरकर ले गए।स्थानीय युवक ने बताया कि नगर-निगम के कर्मचारियों ने करीब 15 से 20 बुजुर्गों को गाड़ी में एक-दूसरे के ऊपर लादकर बिठाया था।इनमे से कई लागों की हालत तो इतनी खराब थी की वे ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे। निगम कर्मचारियों ने उन्हें गाड़ी से उठाकर नीचे बिठा दिया था। हालांकि विरोध के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें फिर से गाड़ी में बिठाया गया और वापस इंदौर भेजा गया।

अन्ना हजारे का आमरण अनशन से इनकार, कहा- किसान आंदोलन का नही करेंगे समर्थन।



सीधी CHRONICLE: कृषि कानूनों को लेकर अन्ना हजारे द्वारा आमरण अनशन का ऐलान किया गया था। इस मामले में जब उन्हें प्रस्ताव दिया गया कि केंद्र सरकार द्वारा उच्च स्तरीय कमेटी गठित की जायेगी, जो इस मामले में चिंतन करेगी। इस कमेटी में उन्हें भी शामिल किया जायेगा। इस प्रस्ताव के बाद अन्ना हजारे ने आमरण अनशन को स्थगित कर दिया।


कृषि कानूनों को लेकर समाजसेवी अन्ना हजारे द्वार 30 जनवरी को आमरण अनशन का ऐलान किया था, जो की अब स्थगित कर दिया गया है। अन्ना हजारे के आमरण अनशन के ऐलान के बाद से ही केंद्र सरकार हरकत में आ गई थी तथा केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी के साथ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनसे मुलाकात की। परिणाम स्वरूप अन्ना हजारे नें केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री द्वारा दिये गये प्रस्ताव को मां लिया और आमरण अनशन को स्थगित करनें का फ़ैसला किया।


क्या कहा केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने।

श्री चौधरी नें बताया कि अन्ना हजारे की कई मांगों को लेकर ठोस कदम उठाये जाएंगे। केंद्र सरकार ने अन्ना हजार के पत्रों का जवाब भी दिया है। उनके मुताबिक कृषि बजट में बढ़ोत्तरी भी की गई है। जो बजट पहले 23 हजार करोड़ का हुआ करता था, अब की बार सरकार ने उसे बढ़ाकर 1 लाख 35 हजार करोड़ रुपये का किया है।महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि 15 मांगों पर उच्चस्तरीय कमेटी ने अभी तक सकारात्मक कदम नहीं उठाये, इसी वजह से अनशन की बात कही गई थी। अब इस मामले में एक्सपर्ट की कमेटी गठित की गई है, उस लिस्ट में अन्ना हजारे का नाम भी शामिल है। इस कमेटी को छह महीने का समय दिया गया है। पहले चुनाव और फिर कोरोना महामारी के चलते अन्ना हजारे की मांगों पर विचार नहीं हो सका, लेकिन अब इसमें देरी नहीं होगी।


क्या कहा अन्ना हजारे नें।

अन्ना हजारे ने कहा कि उनकी  पहली मांग स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करना है। स्वामीनाथन आयोग कह रहा है कि केंद्रीय कृषि मूल्य आयोग को संवैधानिक दर्जा तथा स्वायत्तता देना और कृषी उपज को लागत मूल्य, यानि हल चलाने से, फसल निकालने तक, मार्केट में ट्रांसपोर्ट करना, बीज, खाद के ऊपर  50 प्रतिशत बढ़ाकर सी-2 में 50 प्रतिशत मिलाकर MSP (किमान समर्थन मूल्य) देने की बात कही थी,  लेकिन अब वो नहीं दे रहे हैं, क्योंकि राज्य कृषिमूल्य आयोग ने जो लागत केंद्र कृषि मूल्य आयोग को लिखकर दिया है, उस msp में केंद्र कृषि मूल्य आयोग 30% से,  40%,  50% तक कटौती कर देते है। अन्ना हजारे ने बताया कि केंद्रीय कृषि मूल्य आयोग को चुनाव आयोग की तरह ही स्वायत्तता देनी चाहिए, जिसके कारण सरकार का हस्तक्षेप नहीं होगा और किसानों को सही दाम उनकी उपज का मिलेगा।


किसान आंदोलन को लेकर अन्ना हजारे की राय।

अन्ना हजारे ने कहा की, किसानों की भलाई के लिये मैंने शुरू शुरू में दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को सपोर्ट किया था और कहा था कि उनके आंदोलन में जो मुझे अच्छा ही दिखाई दे रही है वो है अहिंसा। वह शांति के मार्ग से आंदोलन कर रहे हैं यह बहुत ही महत्वपूर्ण बात है। आंदोलनकारी जितना भी अहिंसा के मार्ग से आंदोलन करेंगे तो सामने वाला कुछ नहीं कर सकता। लेकिन 26 जनवरी के दिन लाल किले पर जो तोड़फोड़ देखने को मिली और वहां पर किसी ने झंडा फहराया वह देख कर बहुत दुख हुआ। यह बहुत गलत हुआ इसलिए जो सपोर्ट मैंने इन्हें किया था अब मैं उन्हें समर्थन नहीं करता हूं।

Wednesday, 27 January 2021

सीधी: डीजल एवं पेट्रोल के दामों में हो रही मूल्य वृद्धि को लेकर यूथ कांग्रेस नें राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन।



सीधी: डीजल, पेट्रोल एवं गैस के दामों में हो रही मूल्य वृद्धि को लेकर यूथ कांग्रेस नें अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुराने बस स्टैंड से लेकर कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला तथा राज्यपाल के नाम कलेक्टर सीधी को ज्ञापन सौंपा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में आई भारी गिरावट के बावजूद भी देश की जनता को उसका लाभ नहीं मिल रहा है। तेल कंपनियां एवं सरकार द्वारा डीजल पेट्रोल एवं रसोई गैस में गैर जरूरी मूल्य वृद्धि कर जनता की जेब पर डाका डाला जा रहा है। कोरोना काल में जहां एक तरफ देश की जनता रोजगार, व्यापार एवं रोजी रोटी के संकट से जूझ रही है, वही सरकार लगातार पेट्रोलियम पदार्थों का रेट बढ़ाकर जनता को राहत देने के बजाय आफत में डाल रही है।


डीजल पेट्रोल एवं रसोई गैस की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी से जहां एक तरफ बेतहाशा महंगाई बढ़ रही है वहीं युवा, किसान, व्यापारी यहां तक की समाज का हर तबका काफी परेशान एवं हताश है। सरकार एक तरफ किसान सम्मान निधि के नाम पर कुछ पैसे ट्रांसफर कर किसान हितैषी बनने का दिखावा करती है वही डीजल पेट्रोल एवं रसोई गैस के दामों में बेतहाशा वृद्धि कर जनता को बड़ी बेरहमी से लूट रही है। केंद्र सरकार एवं तेल कंपनियों की मिलीभगत के चलते आज भारत की जनता विश्व में सबसे महंगा डीजल पेट्रोल एवं रसोई गैस खरीदने को मजबूर हो रही है।


यूथ कांग्रेस सीधी के अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह ने कहा की, वर्तमान युवाओं के साथ भारतीय जनता पार्टी की सरकार छलावा कर रही है। युवाओ को ही छला गया, 2000 युवाओं को रोजगार देने की बात करी और एक भी युवा को रोजगार नहीं मिला। युवा इस सरकार को सबक सिखाने के लिए तैयार बैठा है। सरकर गरीब मजदूर, किसानों, आम जनता की जेब पर महगांई रूपी डाका डाल रही है। हम बात करे डीजल पेट्रोल की तो यूपीए सरकार 2014 के समय कच्चा तेल 107 रू. डालर प्रति बैरल था और डीजल का दाम 55 रू. एवं पेट्रोल का दाम 71 रू. हुआ करता था। हम बात करे आज की तो कच्चे तेल का दाम 42 रू. डालर प्रति बैरल है और डीजल के दाम जहा 84.33 रू. लगभग एवं पेट्रोल 95.60 रू. के लगभग है।


आज के यूथ कांग्रेस के इस कार्यक्रम में ज्ञान सिंह प्रदेश महामंत्री मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी, रूद्र प्रताप सिंह अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी, सुरेश प्रताप सिंह, नारायण सिंह अध्यक्ष सीधी विधानसभा, विनय मिश्रा अध्यक्ष धौहनी विधानसभा, अशोक कोरी, कमल कामदार , बसंत अवधिया, रजनीश श्रीवास्तव, भूपेंद्र सिंह चौहान, कुमुदिनी सिंह, रेखा सिंह , पुष्पा सिंह, रीता सोनी, मेनका सिंह, जय सिंह ,सुनील चौधरी, भूपेंद्र सिंह बघेल, राहुल सिंह चौहान, राकू भाई कामदार, आशीष मोटवानी, अंकित सिंह, नितिन द्विवेदी, अजीत सिंह, सौरव सिंह बघेल, अंकुश सिंह परिहार, गिरजा साहू, लव कुश सिंह, आदर्श सिंह " टिंकू", सौरव सिंह ,शिवेंद्र सिंह, सोनू गुरु, रामजियावन साहू, इंद्रबहादुर सिंह चंदेल, संगम सिंह, अखिलेश चंदेल, सुनील शर्मा, राजबहादुर विश्वकर्मा, ओमकार सिंह चौहान, रंजीत सेन, विकाश विश्वकर्मा, विकाश सेन उपस्थित रहे।

Monday, 25 January 2021

MP: 17 साल बाद विंध्य के किसी नेता को मिलेगा विधानसभा अध्यक्ष का पद, इन दो नामों की है चर्चा।



भोपाल: मध्य प्रदेश की 15 वीं विधानसभा का बजट सत्र 22 फरवरी से शुरू होगा। जिसे देखते हुये विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर फिर से सरगर्मियां तेज हो गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत की विधानसभा अध्यक्ष पद को लेकर बात हुई है। आने वाले दिनों में इस पद के लिए नेता के नाम पर मुहर लगा दी जाएगी।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस बार 17 साल बाद विंध्य के खाते में विधानसभा अध्यक्ष का पद आएगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं रीवा के देवतलाव से विधायक गिरीश गौतम या सीधी के विधायक केदारनाथ शुक्ल, विधानसभा अध्यक्ष बन सकते हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस की सरकार में विंध्य से श्रीनिवास तिवारी 24 दिसंबर 1993 से 11 दिसंबर 2003 तक मप्र के विधानसभा अध्यक्ष रहे थे।



मध्य प्रदेश की 15 वीं विधानसभा का बजट सत्र 22 फरवरी से शुरू होगा. राज्यपाल के अनुमोदन के बाद अधिसूचना जारी कर दी गई है। सत्र 33 दिन का होगा जो 26 मार्च तक चलेगा। बजट सत्र में कुल 23 बैठकें होंगी। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण  से होगी और पहले ही दिन स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का चुनाव होगा। फिलहाल विधानसभा में प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा हैं। बजट सत्र में राज्य सरकार आगामी वित्तीय वर्ष 2021-2022 का बजट पेश करेगी। प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा राज्य का बजट पेश करेंगे। विधानसभा सचिवालय में अशासकीय विधेयकों की सूचना 24 फरवरी तक और अशासकीय संकल्पों की सूचनाएं 11 फरवरी तक हासिल की जा सकती हैं। जबकि स्थगन प्रस्ताव,ध्यानाकर्षण, प्रस्ताव के नियम 267 के अधीन भी जाने वाली सूचनाएं विधान सभा सचिवालय में 16 फरवरी तक मिल सकेंगी।

Wednesday, 20 January 2021

हनुवंतिया जल महोत्सव: पैरा ग्लाइडिंग के दौरान बड़ा हादसा, दो लाेगों की मौत।



खंडवा: जिले के पर्यटन स्थल हनुवंतिया में जल महोत्सव के दौरान पैरा ग्लाइडिंग मोटर सैकड़ों फीट उंचाई से जमीन पर आ गिरा, जिसमे पैरामोटर्स को चला रहे पायलट सहित एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। मरने वालों के नाम गजपाल सिंह और बालचंद दांगी हैं। दोनों मृतक इवेंट कम्पनी के कर्मचारी बताये गये हैं। हनुवंतिया जल महोत्सव में पैरा ग्लाइडिंग के दौरान हुई दुर्घटना के संबंध में कलेक्टर अनय द्विवेदी ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।


प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार शाम एक इवेंट कंपनी के पायलट और एक ऑपरेटर पैराग्लाइडिंग कर रहे थे। तभी मशीन में आई तकनीकी खराबी की वजह से पैराग्लाइडर करीब ढाई सौ मीटर ऊंचाई से जमीन पर अनियंत्रित होकर गिर पड़ा। घटना के बाद पैराग्लाइडिंग करने वाले दोनों इवेंट कंपनी के कर्मचारियों को तत्काल मुंदी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने इन्हें मृत घोषित कर दिया।


सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जताया दुख।

इस घटना पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होने लिखा की, हनुवंतिया में हुई पैरा मोटरिंग दुर्घटना में दो अमूल्य जिंदगियों के असमय काल कवलित होने के समाचार से बहुत दुख पहुंचा है। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान देने और परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं। ऊं शांति!


Tuesday, 19 January 2021

छतरपुर: कृषि बिलों के विरोध में कांग्रेस का हल्ला बोल, अजय सिंह नें कहा- भाजपा के रहते किसान, गरीब और पिछड़ों की नहीं होगी सुनवाई।



  • बैलट पेपर से आज यदि चुनाव को जाये तो भाजपा साफ हो जाएगी: अजय सिंह।
  • ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह अब भारतीय कंपनियाँ देश को दोबारा गुलाम बना रही हैं: अजय सिंह।                 

छतरपुर: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आज छतरपुर में कृषि बिलों के विरोध में आयोजित विशाल किसान रैली में कहा कि आज यदि पूरे देश और राज्यों में बैलट पेपर से चुनाव हो जायें तो बी.जे.पी. साफ हो जाएगी। आजादी की लड़ाई में इनके एक भी व्यक्ति ने हिस्सा नहीं लिया। बी.जे.पी. में एक भी स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी नहीं हैं जिसका वे नाम ले सकें।


अजय सिंह ने कहा कि जब तक केंद्र में बी.जे.पी. की सरकार है, तब तक किसान, गरीब, दलित और आदिवासी की सुनवाई नहीं होगी। 1947 में जब देश आजाद हुआ तब गांधी, नेहरू, आजाद, अंबेडकर सहित सैकड़ों बड़े कांग्रेसी नेताओं ने संकल्प लिया था कि देश के गरीबों और वंचित लोगों को हर तरह के साधन उपलब्ध कराएंगे।लेकिन बी.जे.पी. की सोच इसके बिलकुल उलट है। वह आर.एस.एस. के इशारे पर चलती है जिसकी सोच यह है कि जब तक देश में 95 प्रतिशत जनता गरीब रहेगी, तब तक ही हम सत्ता में रह पाएंगे। इसलिए ये हर वर्ग को आर्थिक रूप से कमजोर करने में लगे हुये हैं। भाजपा के नेताओं में दया भाव बिलकुल नहीं है। देश का किसान दिल्ली में मर रहा है लेकिन सत्ता में काबिज लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की माँ के देहांत पर प्रधानमंत्री मोदी शोक संदेश भेजते हैं लेकिन जो किसान मर रहे हैं उनके बारे में वे एक शब्द नहीं बोलते हैं। यहाँ तक कि उनसे बात भी नहीं करते हैं।


श्री सिंह ने कहा कि अंग्रेजों ने दो सौ साल भारत पर राज किया। एक ईस्ट इंडिया कंपनी थी जिसके कारण भारत गुलाम हुआ। वही इतिहास फिर दोहराया जा रहा है। आज दो- चार बड़ी कंपनियाँ हैं जिनके कारण किसानों के साथ साथ हर वर्ग गुलाम होता जा रहा है।अब यह दूसरी आजादी की लड़ाई हमारे किसान लड़ रहे हैं। उनकी सोच है कि किसान चाहे मर जाएँ लेकिन वही होगा जो हम दिल्ली में बैठकर तय करेंगे। अभी सिर्फ छह साल हुये हैं बी.जे.पी. को सत्ता में आए लेकिन देश कहाँ से कहाँ पहुँच गया। नोटबंदी ने तो सबका दिवाला ही निकाल दिया। बड़ी बड़ी कंपनियाँ और ताक़तें लगी हैं जिन्होंने भाजपा को सत्ता तक पहुंचाया। यदि हमने कमजोरी दिखाई तो हम फिर से गुलाम हो जाएँगे। इसलिए इनकी नीतियों के खिलाफ लड़ने के लिए कमर कस लो। लड़ाई लंबी है।


अजय सिंह ने कहा कि हर बार भाजपा वाले चुनाव के पहले ही बता देते हैं कि कितनी सीटें जीतेंगे और लगभग उतनी ही आती हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में कहा था कि तीन सौ पार और इतनी सीटें आ गई। अब बंगाल में कह रहे हैं कि दो सौ पार। इस आत्मविश्वास के पीछे दाल में जरूर कुछ न कुछ काला है। उन्होंने कहा कि एक हमारे मामा हैं शिवराज सिंह। उन्हें जनता ने 15 साल बाद बाहर किया। लेकिन उन्हें सत्ता की ऐसी भूख जगी कि खरीद फरोख्त करके येन केन प्रकारेण सत्ता हथिया ली।


श्री सिंह नें आगे कहा की, आज भी सत्तर प्रतिशत भाजपा के टिकाऊ इन बिकाऊ लोगों के खिलाफ हैं, लेकिन मामा की सोच है कि सबको खरीद लो और सत्ता पर बने रहो। दिल्ली में इनके आका का बस चले तो यह भी कहने लगेंगे कि नवरत्न कंपनियाँ हमने खोलीं। हीराकुंड और भाखरानंगल बांध हमने बनाया। श्वेत क्रांति और हरित क्रांति भी हम लाये। नेहरू द्वारा स्थापित सभी बड़े बड़े सरकारी प्रतिष्ठान बी.जे.पी. सरकार धीरे धीरे समाप्त करती जा रही है।इसलिए किसानों के संघर्ष में हर वर्ग को साथ देना है ताकि हम दूसरी गुलामी से बच सकें। इस अवसर पर आयोजित सभा को विधायकगण आलोक चतुर्वेदी, विक्रम सिंह नाती राजा, नीरज दीक्षित और पूर्व विधायक एस.पी. सिंह मुन्ना राजा आदि ने भी संबोधित किया।

सीधी: आर्यन सिंह अपहरण कांड का खुलासा, मामा नें बतायी पूरी कहनी।



सीधी: बीते रविवार को 16 वर्षीय किशोर आर्यन सिंह के अपहरण की खबर नें पूरे शहर को चिंतित कर दिया था। लेकिन अब इस मामले में नया खुलासा हुआ है। आर्यन सिंह के मामा नें इस मामले पर बोलते हुये कहा की पहले जो अपहरण की कहानी आर्यन नें बताई थी वो गलत है और उसमें कोई सच्चाई नहीं है।


क्या कहा आर्यन सिंह के मामा नें?

आर्यन सिंह के मामा पंकज सिंह जो की शहर के एक जानें मानें व्यवसायी हैं, उन्होनें नें इस घटना के बारे में एक स्थानीय समाचार चैनल से बात करते हुये बताया की उनके भांजे आर्यन सिंह नें अपहरण की जो कहानी बताई थी वह सत्य नही है। पंकज सिंह नें सिलसिलेवार तरीके से पूरी जानकारी दी। उन्होनें कहा की जब वह आर्यन को लेकर सिंगरौली से लौट रहे थे तभी जमोड़ी थाने से फ़ोन आया की आप बच्चे को लेकर थाना आ जाईये। फिर जमोड़ी पुलिस नें आर्यन से अकेले में पूंछतांछ की और मेरे से आकर कहा की आर्यन झूँठ बोल रहा है, आप अपनें तरीके से अपनें भांजे से पूछिये तो शायद वह सच बतायेगा।


मामा पंकज सिंह द्वारा बताया गया की जब उन्होंने अपनें भांजे आर्यन को विश्वास में लेकर सच जाननें का प्रयास किया तो वह लिपट कर रोनें लगा और सारी सच्चाई बयान की। आर्यन नें अपनें मामा को बताया की उसके परीक्षा के तीन पेपर खराब हो गये थे जिससे वह डर गया था की रिजल्ट आनें के बाद उसे डांट पड़ेगी, जिसको लेकर वह चिंतित था और अपहरण की झूठी कहनी बनाई।


आर्यन नें अपनें मामा को बताया की रविवार की सुबह वह घर से कोचिंग के निकला था लेकिन कोचिंग नही गया और अपनी साइकिल और बैग को कोचिंग सेंटर के पास ही छुपा दिया। फिर वह कॉलेज ग्राउंड गया, जहां एक ट्रक खड़ा था। ट्रक का ड्राईवर आगे की तरफ गाड़ी साफ कर रहा था, और आर्यन छुप के ट्रक में पीछे बैठ गया। ट्रक सिंगरौली पहुंचकर एक रेलवे फाटक पर रुका और आर्यन ट्रक से उतरकर किसी की मदद लेकर मोरवा थाने पहुंचा और पुलिस और परिजनों को मनगढंत अपहरण की कहानी सुनाई।


क्या था मामला।

रविवार को सीधी के जमोड़ी थाना अंतर्गत एक सनसनीखेज मामला सामने आया था। जिसमें खबर यह थी की शहर के एमपीईबी के पास के एक 16 वर्षीय किशोर का अज्ञात लोगों द्वारा कोरोना वैक्सीन लगानें के नाम पर अपहरण कर लिया गया है। बाद में वह किशोर जिसका नाम आर्यन सिंह है, सिंगरौली जिले के मोरवा थाने में मिला था और और उसनें बताया की वह रविवार की सुबह अपने घर से कोचिंग के लिए निकला था, जहां रास्ते में उसे 2 व्यक्ति वैक्सीन का डिब्बा लिए मिले, जिन्होंने सायकल से जा रहे आर्यन को रूकवाकर कहा कि हम कोरोना वैक्सीन लगाने वाले कर्मचारी हैं। तब बच्चे ने कहा कि क्या मुझे भी कोरोना वैक्सीन लगेगी। इतना कहते ही दोनो लोगों ने सायकल सहित बच्चे को पास ही खड़े मिनी ट्रक में धक्का देकर बंद कर लिया और लेकर रवाना हो गए। कुछ दूरी जाने पर उक्त लोगों ने मेरी सायकल व बैग को वाहन से नीचे सड़क के किनारे फेंक दिया। कुछ घंटे चलने के बाद एक जगह वाहन रूक गया, आर्यन नें बाहर झांक कर देखा तो जाम लगा था। इसी बीच आर्यन मौका पाकर वाहन से उतरकर भाग गया और पूछते हुए सिंगरौली जिले के मोरवा थानें पहुंच गया था। लेकिन आर्यन द्वारा सुनायी गयी यह कहनी झूठी निकली है।

Monday, 18 January 2021

सीधी: वैक्सीन के नाम पर दिनदहाड़े 16 साल के किशोर का अपहरण।



सीधी: शहर के जमोड़ी थाना अंतर्गत एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सीधी शहर के एमपीईबी कॉलोनी के पास के एक 16 वर्षीय किशोर का अज्ञात लोगों द्वारा कोरोना वैक्सीन लगानें के नाम पर अपहरण कर लिया गया। हला की किशोर की समझदारी से उसकी जान तो बच गयी लेकिन शहर के बीचो-बीच दिनदहाड़े घटित इस अपहरण कांड नें जिले की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 वर्षीय किशोर का नाम आर्यन है। वह रविवार की सुबह अपने घर से कोचिंग के लिए निकला था, जहां रास्ते में उसे 2 व्यक्ति वैक्सीन का डिब्बा लिए मिले, जिन्होंने सायकल से जा रहे आर्यन को रूकवाकर कहा कि हम कोरोना वैक्सीन लगाने वाले कर्मचारी हैं। तब बच्चे ने कहा कि क्या मुझे भी कोरोना वैक्सीन लगेगी। इतना कहते ही दोनो लोगों ने सायकल सहित बच्चे को पास ही खड़े मिनी ट्रक में धक्का देकर बंद कर लिया और लेकर रवाना हो गए।

 

आगे आर्यन ने बताया कि कुछ दूरी जाने पर उक्त लोगों ने मेरी सायकल व बैग को वाहन से नीचे सड़क के किनारे फेंक दिया। आर्यन द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाहन में एक करीब 10 वर्ष की बच्ची भी थी, जिसने अपना नाम खुुशी बताया। कुछ घंटे चलने के बाद एक जगह वाहन रूक गया, आर्यन नें बाहर झांक कर देखा तो जाम लगा था। इसी बीच आर्यन मौका पाकर वाहन से उतरकर भाग गया और पूछते हुए सिंगरौली जिले के मोरवा थानें पहुंच गया और पुलिस को घटना की जानकारी दी।


पुलिस द्वारा बच्चे से परिजनों को मोबाइल नंबर लेकर उन्हें सूचित किया गया तब उसके परिजन सीधी से बच्चे को लेने बैढऩ के लिए रवाना हुए। वहीं मिनी ट्रक में कैद दूसरी बच्ची के संबंध में अभी कुछ पता नहीं चल पाया है। घटना की जानकारी मिलने पर जमोड़ी पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।  

Thursday, 14 January 2021

सिंगरौली: भाजपा का नया तरीका, जो खुद न कर पायें उसे सुप्रीम कोर्ट को सौंप दो- अजय।



  • मोदी सरकार सभी वर्गों को खत्म कर रही, अब किसानों की बारी: अजय सिंह।
  • अब भाजपा की इस विचारधारा और मानसिकता के खिलाफ लड़ाई शुरू हो चुकी है: अजय सिंह।

सिंगरौली: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने आज सिंगरौली में किसान आंदोलन में कहा कि भाजपा सरकार ने अब नया तरीका निकाल लिया है, जो खुद न कर पायें उसे सुप्रीम कोर्ट पर थोप दो। फिर सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से फैसला करा लो। काले कृषि कानूनों में उन्होने ऐसा ही किया। सुप्रीम कोर्ट ने कानून पर अमल तो रोका लेकिन समिति गठित करके एक पुछल्ला लगा दिया। समिति में वही सब लोग हैं जो किसान विरोधी क़ानूनों का समर्थन कर चुके हैं।

 
अजय सिंह ने कहा कि मोदी सरकार धीरे धीरे सभी वर्गों को खत्म कर रही है। पहले सैंकड़ों उद्योगपतियों को निबटाया फिर नोटबंदी करके माता बहनों की जमा पूंजी खत्म करवा द। युवाओं को ठगा और बेरोजगारी चरम पर पहुँचा दी। सभी बड़ी सरकारी कंपनियों को एक एक कर नष्ट करवाया या बेचना शुरू कर दिया।


बी.एस.एन.एल.,रेलवे, भेल, एयर इंडिया, तेल कंपनियाँ, बैंक, एल.आई.सी. जैसे कई उदाहरण हैं। जब उन्हें लगा कि अभी तो किसान बचा है जो इनकम टेक्स भी नहीं देता और नये नये ट्रेक्टर खरीद रहा है, तो उन्हें निबटाने के लिए कृषि कानून ले आए। ऐसा कृषि कानून बना दो कि किसान को  समर्थन मूल्य न मिले। उनकी जमीन दूसरा उद्योगपति ले ले। यह कानून कोई साधारण कानून नहीं है। किसान केवल कागज पर जमीन के मालिक रहेंगे, कब्जा किसी उद्योगपति का रहेगा। यही कारण है कि इसके खिलाफ अलग अलग प्रान्तों  से आवाज उठ रही है।

 
श्री सिंह ने कहा कि बी.जे.पी. की इसी मानसिकता और विचारधारा के खिलाफ हम सभी अंग्रेजों के बाद अब दूसरी आजादी की लड़ाई लड़ रहे हैं, जो लंबी चलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के भाषण से ऐसा लगता है वे गांधी जी से भी पहले पैदा हुये। कहते हैं 70 साल में कुछ नहीं हुआ। उनका बस चले तो कहेंगे भाखरानंगल और हीराकुंड बांध हमने बनवाये। कृषि क्रांति और श्वेत क्रांति भी हम लाये। बड़ी बड़ी नवरत्न कंपनियाँ हमारी देन हैं। उन्होंने कहा कि 70 साल पहले जहां सुई भी नहीं बनती थी, उस भारत में अब हवाई जहाज बनने लगे। आज मुख्य मुद्दा किसानों की लड़ाई है। हम उनके साथ खड़े हैं। उनकी लड़ाई जितनी लंबी चलेगी, हम उतनी दूर तक उनके साथ जाएँगे। इसमें कोई समझौता नहीं होगा।


अजय सिंह ने कहा कि शिवराज सिंह को सिंगरौली तब याद आता है जब चुनाव आते हैं। कहते हैं सिंगरौली को सिंगापुर बना दूंगा, भले ही सरकार का पूरा खजाना लुटाना पड़े। आजकल वे नये मोड में हैं।अधिकारियों के लिए गाड़ दूंगा, उल्टा लटका दूंगा, तान दूंगा, किसी को नहीं छोड़ुंगा, जैसी गुंडों की भाषा बोल रहे हैं। चार दिनों में छह एस.पी. बदल दिये। इस नौटंकी से कुछ नहीं होने वाला। पहले खुद अपना रवैया बदलो, अधिकारी खुद ब खुद ठीक हो जाएंगे। छोटे अधिकारियों को धमकाने से कुछ नहीं होगा। वसूली आपके राज में हो। रेत और खनन माफिया आपकी शह पर पनपें और आप कहो कि सबको निबटा दूंगा। उन्होंने कहा कि समय आ गया है जब सभी वर्गों को जोरदार आवाज उठानी पड़ेगी।

सीधी: अजय-कमलेश्वर के नेतृत्व में कृषि बिल का विरोध, ट्रैक्टरों के साथ उमड़ा किसानों का हुजूम।



  • कृषि बिल के विरोध में कांग्रेस का हल्ला बोल, हजारों की संख्या में शामिल हुए किसान एवं कार्यकर्ता।
  • ट्रैक्टर पर सवार होकर अजय सिंह एवं कमलेश्वर पटेल नें किया विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व।

सीधी: केंद्र सरकार लाये गये नये कृषि कानून के विरोध में कांग्रेस नें 13 जनवरी को सीधी में विरोध प्रदर्शन किया। शहर के बीचों बीच गांधी चौक स्थित पार्किंग स्थल में विशाल महाआंदोलन किया गया। आंदोलन का नेतृत्व मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह एवं पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल नें किया। इस दौरान अजय सिंह एवं कमलेश्वर पटेल अलग-अलग ट्रैक्टरों को खुद चलाते हुए भारी संख्या में ट्रैक्टर रैली में शामिल ट्रैक्टर में सवार किसानों के साथ कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। इस दौरान दोनों नेताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार द्वार लाये गये कृषि विधेयक के खिलाफ जमकर प्रहार किया। साथ ही पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व मंत्री एवं सिहावल विधायक कमलेश्वर पटेल, पूर्व मंत्री कमलेश्वर द्विवेदी, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रूद्रप्रताप सिंह बाबा द्वारा महामहिम राष्ट्रपति के नाम मोदी सरकार के कृषि से संबंधित तीनो कानूनों को निरस्त करनें ज्ञापन सौंपा गया।


सरकार और न्यायपालिका से किसानों का भरोसा टूट चुका है: अजय सिंह।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने कहा कि जिन लोगों ने मिलकर षड्यंत्रपूर्वक किसान विरोधी काले कानून का ब्ल्यू प्रिंट बनाया था अब वे ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा समीक्षा के लिए बनाई गई विशेषज्ञ समिति के सदस्य बना दिये गए हैं। ऐसे में उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है? इसलिए किसानों ने कहा है कि अब सरकार के साथ- साथ न्याय पालिका से भी उनका भरोसा उठ गया है। वे सभी इस नकली समिति के सामने अपनी बात नहीं रखेंगे। सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बना कर यह समिति बनाई गई है।

किसानों को गिरवी रखना चाहती है केन्द्र की मोदी सरकार : कमलेश्वर पटेल।

पूर्व मंत्री एवं सिहावल विधायक कमलेश्वर पटेल ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार किसानों को गिरवी रखना चाहती है। जिस वजह से तीन काला कानून बिल पास कर दिया है। यह कोई सामान्य आंदोलन नहीं है। आज दो महीने बीतने जा रहा है, किसान अपनी मांग को लेकर डटे हुए हैं इसे समझने की जरूरत है। उन्होने कहा कि कांग्रेस ने देश को आजादी दिलाने से लेकर गोली खाने तक का काम किया है। देश को आजादी दिलाने के लिए कइयो ने कुर्वानी दी। यहां तक की जवाहर लाल नेहरू ने 8 साल तक जेल में गुजारे लेकिन भाजपा को इतना घमंड हो गया है कि पहले उद्योग बेचे अब किसान को भी बेचना चाह रहे हैं। काला कानून बिल से पूरी अर्थव्यवस्था चौपट हो जाएगी। इस बिल को जब तक वापस नहीं लेंगे तब तक आंदोलन जारी रहेगा।         

खुद ट्रैक्टर चलाकर अजय-कमलेश्वर नें किया ट्रैक्टर रैली का नेतृत्व।

किसानों के समर्थन में कृषि कानून के खिलाफ कांग्रेस के आंदोलन को लेकर खुद ट्रैक्टर चलाते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह एवं पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल सभा स्थल पहुंचे। इन दोनों नेताओं के साथ किसानों का अपने ट्रैक्टर के साथ लंबा काफिला भी रैली के रूप में पहुंचा था। ट्रैक्टर में सवार होकर खुद ट्रैक्टर चलाते दोनों नेताओं को देखकर एक अलग ही संदेश किसानों के प्रति देखने को मिला है। किसानों के समर्थन में ट्रैक्टर में सवार एवं चलाने से युवाओं एवं कांग्रेसियों में नेताओं के प्रति काफी उत्साह भी बना रहा। 



कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में अतिथियों का सौपा गया हल।

इस दौरान कांग्रेस नेता आनंद मंगल सिंह चौहान के नेतृत्व में अतिथियों को हल सौंपा गया। लकड़ी से बना हल उनकी टीम के सदस्यों के साथ अजय सिंह एवं कमलेश्वर पटेल को मंच पर सौंपा गया। उनकी टीम में कई लोग खुद हाथ में हल लेकर पहुंचे थे। 



ट्रैक्टरों के कदमताल से घंटों थमा रहा शहर, ट्रैक्टरों की पार्किंग से छत्रसाल स्टेडियम में दिखा अलग नजारा।

किसान आंदोलन में भारी संख्या में शामिल होने आए किसानों के कारण पूरा शहर थम सा गया था। शहर के चारों तरफ किसान ही किसान नजर आ रहे थे। शहर के सभी गली चौराहों में जाम की स्थिति निर्मित हो गई थी। लंबे अरसे के बाद इस तरह के आंदोलन में भारी संख्या में लोग दिखाई दिए। शहर के स्थानीय छत्रसाल स्टेडियम में ट्रैक्टर की पार्किंग बनाई गई थी जहां सैकड़ों की संख्या में खडे ट्रैक्टर का नजारा देखते ही बन रहा था।



Wednesday, 13 January 2021

सीधी: कृषि बिल पर कांग्रेस का हल्ला बोल, अजय सिंह नें कहा- सरकार और न्यायपालिका से किसानों का भरोसा टूट चुका है।



सीधी: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने आज सीधी में आयोजित विशाल किसान रैली में कहा कि जिन लोगों ने मिलकर षड्यंत्रपूर्वक किसान विरोधी काले कानून का ब्ल्यू प्रिंट बनाया था अब वे ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा समीक्षा के लिए बनाई गई विशेषज्ञ समिति के सदस्य बना दिये गए हैं। ऐसे में उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है? इसलिए किसानों ने कहा है कि अब सरकार के साथ- साथ न्याय पालिका से भी उनका भरोसा उठ गया है। वे सभी इस नकली समिति के सामने अपनी बात नहीं रखेंगे। सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बना कर यह समिति बनाई गई है।


अजय सिंह ने कहा कि पूरे देश के लिए आज का समय बहुत संवेदनशील है। विशेषज्ञ समिति के सदस्य काले क़ानूनों के पक्षधर हैं। एक सदस्य तो बड़े अखबार में कानून के पक्ष में संपादकीय भी लिख चुके हैं। उनकी रिपोर्ट वही होगी जो रंगा-बिल्ला चाहेंगे। एक समय था जब ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत का शोषण किया। आज भी वही हालात हैं, फर्क सिर्फ इतना है कि यह काम अब हमारे देश की ही दस बारह कंपनियाँ करेंगी। किसानों की जीवन शैली पूरी तरह समाप्त करने की रूप रेखा बन चुकी है। शून्य डिग्री पर बरसते पानी में दिल्ली में किसान काले कृषि कानून के खिलाफ डटे हैं। केवल वे ही नहीं बल्कि पूरे देश के किसान आक्रोशित हैं, कहीं कम तो कहीं ज्यादा।


श्री सिंह ने कहा कि अब किसानों के साथ साथ देश के मजदूरों और युवा बेरोजगारों को भी अपने लिए आवाज उठानी पड़ेगी। जो लोग बीस साल पहले कच्छ के भूकंप के समय स्कूटर पर भागते थे वे आज दिल्ली आकर एयर इंडिया को खरीद रहे हैं। कहाँ से आया इतना पैसा? लेकिन आप सभी जहां के तहां हैं। यह सब किस वजह से है, केवल अपने चुप रहने के कारण। इसलिए मैं केवल किसान ही नहीं, सभी से ज़ोरदार आवाज उठाने का आव्हान यहाँ से करता हूँ। आज केवल किसानों के साथ नाइंसाफी नहीं हो रही बल्कि सभी के साथ हो रही है। यह लड़ाई आपकी आजादी की भी लड़ाई है।


अजय सिंह ने कहा कि जब तक फिर से बैलट पेपर पर ठप्पा लगाकर चुनाव नहीं होंगे तब तक कोई उम्मीद नहीं की जा सकती। भाजपा के लोग पहले ही तय कर लेते हैं कि चुनाव में कितनी सीट कबाड़ना है। फिर रिजल्ट आने पर उतनी ही मिलती है। यह कैसे संभव है? एक की महत्वाकांक्षा ने मध्यप्रदेश की सरकार गिरा दी और फिर वे राज्यसभा सदस्य बन गए।


श्री सिंह नें ये भी कहा की, उपचुनाव में मैं 22 जगह प्रचार में गया। किसी क्षेत्र में भी नहीं लग रहा था कि भगोड़ा लोग जीतेंगे। ऐसा विरोध मैंने पहले कभी नहीं देखा। लेकिन धांधली कर वे जीत गए। रायसेन में मंत्री डा. प्रभुराम चौधरी गौरीशंकर शेजवार के पुत्र मुदित शेजवार को हराकर विधायक बने थे। वहाँ की पूरी भाजपा और उनके विधायक अंदर से खिलाफ काम कर रहे थे। लेकिन प्रभुराम 62 हजार मतों से जीत गए। यही हाल गोविंद सिंह राजपूत का था। पूरे सुरखी में सागर के भाजपा विधायक और कार्यकर्ताओं को मनाने के लिए राजपूत अंत तक सिर पटकते रहे लेकिन उनका आंतरिक विरोध जारी रहा। ऐसी परिस्थितियों में भी राजपूत 42 हजार वोटों से जीत गए। इन परिणामों से जीतने वाले दोनों लोग स्वयं सकते में हैं। इसलिए प्रदेश में दोबारा ऐसा न होने देने के लिए किसानों, मजदूरों और बेरोजगार नौजवानों को बड़ी लड़ाई लड़नी पड़ेगी।

Tuesday, 12 January 2021

सीधी: कांग्रेस पार्टी का किसान महाआंदोलन 13 जनवरी को, अजय-कमलेश्वर करेंगें नेतृत्व।



सीधी: केंद्र की मोदी सरकार द्वारा बनाए गए 3 किसान विरोधी काले कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर दिल्ली  की सीमाओं में आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में जिला कांग्रेस कमेटी सीधी द्वारा आज दिनांक 13 जनवरी को पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल भैया एवं पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल  तथा कमलेश्वर द्विवेदी के नेतृत्व में किसान मजदूर महा आंदोलन का आयोजन किया गया है।

 

किसान महा आंदोलन को लेकर जहां किसानों में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है वही कांग्रेस पार्टी ने भी आंदोलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां की है। आंदोलन में पूरे जिले से बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों के साथ किसानों की पहुंचने की संभावना है। जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा की गई तैयारी के अनुसार पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल भैया रीवा सीधी रोड कुंवर ,अर्जुन सिंह तोरण द्वार पश्चिमी गेट से हजारों किसानों एवं ट्रैक्टरों के साथ प्रवेश करेंगे। इसी तरह से पूर्व मंत्री एवं सिहावल विधायक कमलेश्वर पटेल सीधी सिंगरौली मार्ग पूर्वी तोरण द्वार से ट्रैक्टर में बैठकर किसानों एवं मजदूरों के साथ शहर में प्रवेश करेंगे।


जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रूद्र प्रताप सिंह बाबा मड़वास रोड से ट्रैक्टर  रैली का नेतृत्व करेंगे तथा जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष चिंतामणि तिवारी सीधी व्यौहारी मार्ग से ट्रैक्टर रैली का नेतृत्व करते हुए शहर में प्रवेश करेंगे।सीधी मऊगंज रोड के ट्रैक्टर रैली एवं किसानों का नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी चुरहट के अध्यक्ष राम विलास पटेल करेंगे। आंदोलन  गांधी चौराहा स्थित पार्किंग स्थल पर विशाल किसान मजदूर महासभा के रूप में आयोजित किया गया है।


आंदोलन को सफल एवं ऐतिहासिक बनाने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रूद्र प्रताप सिंह बाबा, प्रदेश उपाध्यक्ष लाल चंद गुप्ता, प्रदेश महामंत्री ज्ञान सिंह, पूर्व अध्यक्ष चिंतामणि तिवारी ,आनंद सिंह चौहान, राजेंद्र सिंह भदोरिया, देवेंद्र सिंह मुन्नू, किसान कांग्रेस के अध्यक्ष जगदीश मिश्रा, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष बसंती देवी कोल, प्रवक्ता प्रदीप सिंह दीपू, युवक कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह दादू , अल्पसंख्यक कांग्रेस के अध्यक्ष अब्दुल समद, अनुसूचित विभाग के अध्यक्ष अशोक कोरी ,पिछड़ा वर्ग विभाग के अध्यक्ष राज बहोर जयसवाल, कांग्रेश सेवादल अध्यक्ष अरविंद सिंह रोशन, एनएसयूआई के अध्यक्ष दीपक मिश्रा ,ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष  डॉ महेंद्र तिवारी, रामविलास पटेल ,राजकुमार सिंह, अरविंद तिवारी संकट ,सुंदर लाल सिंह वरकडे, नीरज गुप्ता, लालवेन्द  सिंह, प्रदीप दीक्षित, संतोष तिवारी, हंस लाल यादव, जय सिंह ,राम नारायण सिंह, परमजीत पांडे ने अधिक से अधिक किसान मजदूरों एवं आम जनमानस से ट्रैक्टर एवं अन्य वाहनों के साथ किसान महा आंदोलन में शामिल होकर किसानों की आवाज बुलंद करने की अपील की है।  


उक्त जानकारी देते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता प्रदीप सिंह दीपू ने बताया कि आंदोलन में शामिल होने वाले ट्रैक्टर एवं अन्य वाहन एक लाइन से शहर में प्रवेश करेंगे इस दौरान किसी प्रकार से यातायात बाधित ना हो और शहर वासियों को किसी भी प्रकार की अन्य परेशानियों का सामना ना करना पड़े इसका विशेष रुप से पार्टी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों से सावधानी बरतनी का निर्देश जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा दिया गया है। चारों मुख्य मार्गो से आने वाले ट्रैक्टर एवं  अन्य वाहनों  के  पार्किंग की व्यवस्था छत्रसाल स्टेडियम में की गई है। सभी ट्रैक्टर एवं वाहन छत्रसाल स्टेडियम में एकत्र होंगे वहां से  किसान मजदूर एवं पार्टी कार्यकर्ता पैदल कार्यक्रम स्थल गांधी चौक जाएंगे।

भाजपा की मानसिकता में खोट, अंग्रेजों ने बांटकर और भाजपा ने गरीब बनाकर हुकूमत चलाई: अजय।



  • किसान अपनों से ही आजादी की दूसरी लड़ाई लड़ रहे हैं: अजय सिंह।
  • देश भाजपा के षड्यंत्र को नहीं समझेगा तो हम दूसरी गुलामी की ओर बढ़ते जाएँगे: अजय सिंह।                

रीवा: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आज रीवा में किसान कानून के विरोध में किसान महापंचायत में कहा कि धिक्कार है ऐसी मोदी सरकार को कि सुप्रीम कोर्ट को फैसला लेना पड़ा कि फिलहाल कृषि कानून लागू नहीं होगा। लोकसभा और राज्यसभा में बिना चर्चा के यह कानून बना। यह कोई साधारण बात नहीं है कि 50 दिनों से देश का अन्नदाता दिल्ली में पड़ा है। हमारे पूर्वजों ने पहले अंग्रेजों से आजादी की लड़ाई लड़ी। अब यह दूसरी आजादी की लड़ाई है जो किसान लड़ रहे हैं, वह भी अपनों से।


अजय सिंह ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार को आर.एस.एस. चला रहा है। भाजपा की मानसिकता में खोट है। जिस तरह अंग्रेजों ने लोगों को बांटकर हुकूमत चलाई उसी तरह भाजपा लोगों को आर्थिक रूप से तोड़कर विपन्न बनाना चाहती है। इसके पीछे उनकी सोच है कि जब देश के 95 प्रतिशत लोग गरीब हो जाएँगे, तब हम हुकूमत चला सकते हैं। आर्थिक तंत्र पर चोट करने के लिए अब भाजपा के सामने एक ही वर्ग है और वह है इस देश का किसान और मजदूर। उन्होंने कहा कि जब तक हम लोग भाजपा के कुचक्र और षड्यंत्र को नहीं समझेंगे तब तक दूसरी गुलामी के रास्ते पर बढ़ते जाएँगे।


श्री सिंह ने कहा कि अब सभी को लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहना है। नोटबंदी करके मोदी ने हमारी माता बहनों को सबसे पहले आर्थिक रूप से कमजोर किया। वर्षों से उनकी जमा पूंजी उजागर करके खर्च करवा दी। दो करोड़ लोगों को हर साल रोजगार देने का झूठ बोला। सबकी जेब में 15-15 लाख देने का लालच देकर इस देश की तमाम जनता को ठगा। यह बात सबने स्वयं महसूस की है। अब किसानों की बरबादी के तीन काले कानून लाये हैं। उन्होंने कहा कि एक समय था जब 1965 में दाऊ साहब कृषि मंत्री थे तब जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से सोयाबीन लगाने का काम शुरु हुआ था। रुचि सोया के मालिक कैलाश सहारा ने साइकिल पर घूम घूम कर सोयाबीन का महत्व बताते हुये प्रचार किया और बीज बांटा। फिर रुचि सोया तेल प्लांट लगाया। आज सरकार की किसान विरोधी नीति के कारण करोड़ों का प्लांट कौड़ियों के मोल बिक गया। यह तो केवल एक उदाहरण है ऐसे बहुत सारे मामले हैं।


अजय सिंह ने कहा कि मोदी ने अपने मित्र ट्रंप को यदि भारत न बुलाया होता तो कोरोना इतना ज्यादा न फैलता। उनकी यात्रा होने और मध्यप्रदेश की सरकार गिराने तक लॉकडाउन नहीं लगाया। और फिर अचानक लॉकडाउन लगा दिया। लाखों मजदूर सैंकड़ों मील चलकर अपने अपने गाँव पहुंचे। यही घोषणा वे पहले कर देते कि सात दिन बाद लॉकडाउन लगेगा और बसें- ट्रेनें बंद रहेंगी, तो सारे मजदूर कम से कम एक हफ्ते में बसों और ट्रेनों से अपने अपने घर पहुँच जाते। देश के मजदूर पैदल भागते रहे लेकिन मोदी की आँख से गरीबों के लिए एक आँसू नहीं गिरा। पाक प्रधानमंत्री की माताजी के निधन पर वे शोक संदेश भेजते हैं लेकिन दिल्ली में दर्जनों किसानों की मृत्यु पर संवेदना का एक शब्द नहीं बोलते। लानत है ऐसी मानसिकता पर। अब मकर संक्रांति आने वाली है। सूर्य की दिशा बदलेगी। मैं ईश्वर से प्रार्थना करूंगा कि उसी के साथ लंबी दाढ़ी वाले मोदीजी की सोच भी बदले।

सीधी गैंगरेप केस: राहुल गांधी नें घटना पर जताया दुख, कहा- "एक और निर्भया! कब तक सहेंगे नारी पर वार"?



सीधी: मध्यप्रदेश के सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र में महिला के साथ सामूहिक बलात्कार एवं प्राइवेट पार्ट में सरिया डालनें की घटना नें सभी को हिलाकर रख दिया। घटना के बाद से सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट रहा है। इसी बीच कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रिय अध्यक्ष राहुल गांधी नें भी ट्वीट कर घटना पर दुख व्यक्त किया हैं।


राहुल गांधी नें ट्वीट करते हुये कहा- " एक और निर्भया! कब तक सहेंगे नारी पर वार"?


गौरतलब है की, मध्यप्रदेश के सीधी जिले में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामनें आयी है। अमिलिया थाना क्षेत्र में महिला के साथ तीन युवकों ने निर्भया गैंगरेप जैसी हैवानियत करते हुये सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उनके प्राइवेट पार्ट में लोहे का सरिया डाल दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फ़िलहाल पीड़िता का इलाज रीवा में चल रहा है और हालत गंभीर बताई जा रही है।

Monday, 11 January 2021

सीधी गैंगरेप केस: सांसद रीति पाठक नें सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान को किया उजागर, बाद में एडिट किया पोस्ट।



सीधी: मध्यप्रदेश के सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र में महिला के साथ सामूहिक बलात्कार एवं प्राइवेट पार्ट में सरिया डालनें की घटना नें सभी को हिलाकर रख दिया। घटना के बाद से सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट रहा है। इसी बीच सीधी जिले से भाजपा की लोकसभा सांसद रीति पाठक नें सोशल मीडिया फ़ेसबुक एवं ट्विटर पर पीड़िता का नाम उजागर कर दिया। हालांकि कुछ ही मिनटों के अंदर फ़ेसबुक एवं ट्विटर दोनों के ही पोस्ट को एडिट कर दिया गया।

(रीति पाठक का फ़ेसबुक पोस्ट)


(सांसद रीति पाठक का ट्विटर पोस्ट)








सुप्रीम कोर्ट की वो रूलिंग, जिसके तहत रेप विक्टिम की पहचान ज़ाहिर करना जुर्म है।

सुप्रीम कोर्ट इस स्थिति पर कई बार अफसोस ज़ाहिर कर चुका है कि बलात्कार पीड़िताओं को समाज में अछूतों जैसा बर्ताव सहन करना पड़ता है। पीड़िताओं से हमदर्दी जताते हुए शीर्ष कोर्ट की सख्त हिदायत है कि किसी भी सूरत में बलात्कार या यौन शोषण पीड़िता की पहचान को उजागर नहीं किया जा सकता, पीड़िताओं की मृत्यु के बाद भी और किसी सांकेतिक तरीके से भी नहीं। बलात्कार के मामलों को सनसनीखेज़ तरीके से पेश करने के लिए मीडिया को भी शीर्ष अदालत चेता चुकी है। इस संबंध में ह्यूमन राइट वॉच की रिपोर्ट कहती है कि भारत में रेप पीड़िता के निजता के अधिकार के प्रति बहुत कम जागरुकता है, जिसका खामियाजा पीड़िता को ही न्याय पाने के संघर्ष के दौरान उठाना पड़ता है।  


धारा 228 (ए) यौन हिंसा के पीड़ितों की पहचान उजागर करने से संबंधित है।

भारतीय दंड संहिता की धारा 228 के तहत यह कानून है कि यौन उत्पीड़न या दुष्कर्म से पीड़ित किसी भी व्यक्ति की पहचान उजागर नहीं की जा सकती। पीड़ित का नाम मुद्रित या प्रकाशित करने वाले व्यक्ति या संस्था को ऐसा करने पर दो साल की जेल और जुर्माना हो सकता है। कोई भी व्यक्ति प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया, आदि में पीड़िता का नाम या रिमोट तरीके से प्रिंट या प्रकाशित नहीं कर सकता है और ऐसे किसी भी तथ्य का खुलासा नहीं कर सकता, जिससे पीड़िता की पहचान की जा सके और जो बड़े पैमाने पर सार्वजनिक रूप से उसकी पहचान बताए।


गौरतलब है की, मध्यप्रदेश के सीधी जिले में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामनें आयी है। अमिलिया थाना क्षेत्र में महिला के साथ तीन युवकों ने निर्भया गैंगरेप जैसी हैवानियत करते हुये सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उनके प्राइवेट पार्ट में लोहे का सरिया डाल दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फ़िलहाल पीड़िता का इलाज रीवा में चल रहा है और हालत गंभीर बताई जा रही है।

सतना: कृषि बिल के विरोध में कांग्रेस का हल्ला बोल, अजय सिंह नें कहा- किसानों की शहादत नहीं जाएगी बेकार।



  • कृषि कानून लाकर किसानों के पेट पर मारी गई लात: अजय सिंह।
  • आज नहीं तो कल, किसानों को हक जरूर मिलेगा: अजय सिंह।                      

सतना: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने कहा की पूरे देश के किसान मोदी द्वारा लाये गए तीन काले कृषि क़ानूनों को रद्द करने के लिए कई  दिनों से कड़कती ठंड और बरसात में आंदोलित हैं। लेकिन मोदी किसानों और मजदूरों की नहीं, अडानी- अंबानी जैसे बड़े उद्योगपतियों की सुनते हैं। उन्होंने किसानों के पेट में लात मारी है। जब पेट पर लात पड़ती तब गुस्सा और खतरनाक हो जाता है। मुझे पूरा भरोसा है कि किसानों की शहादत बेकार नहीं जायेगी। आज नहीं तो कल, उन्हें अपना हक जरूर मिलेगा क्योंकि किसान भाइयों के साथ पूरा हिन्दोस्तान है।


अजय सिंह आज केंद्र सरकार के किसान क़ानूनों को खत्म करने के लिए सतना में आयोजित हल्ला बोल आंदोलन में किसानों की रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने कृषि कानून लाकर पूरे भारत को फिर से गुलामी की ओर ढकेल दिया है। यह वह समय था जब खेत में पसीना किसान का बहता था लेकिन फायदा ईस्ट इंडिया कंपनी और अंग्रेजों को होता था। क्या अन्नदाताओं की यही दशा देखने के लिये देश आजाद हुआ था। पहले हम अंग्रेजों की हुकूमत के खिलाफ लड़े थे और आज किसानों को काले क़ानूनों से आजादी के लिए अपनी जान गंवानी पड़ रही है।


श्री सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने फैसले में कहा है कि या तो कानून रद्द करें या फिर इसकी बारीकी से जांच करा कर इसे लागू करें। उन्होंने कहा कि कानून को बारीकी से समझें तो यह किसानों के लिए नहीं, उद्योगपतियों और व्यापारियों के फायदे के लिए लाया गया है। यदि यह कानून रद्द नहीं किया गया तो हम दिल्ली जाकर किसान भाइयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे। हमारी सहानुभूति सिर्फ किसानों के साथ है। शास्त्री जी के "जय जवान जय किसान" के नारे को बुलंद करेंगे। किसान भाइयों के लिये हम सभी चिंतित हैं।


अजय सिंह ने कहा कि मोदी जी ने यह साबित कर दिया है कि सबसे बड़ा झूठ बोलने वाला यदि कोई है तो वे स्वयं हैं। चुनाव से पहले कहा था कि किसानों की आय दोगुनी करूंगा। करोड़ों युवाओं को रोजगार दूंगा। सबके जेब में 15-15 लाख डालूँगा। लेकिन सब भूल गए। बंगाल का चुनाव आने से पहले उन्होंने रवीन्द्रनाथ टैगोर का रूप धारण कर लिया। देश में ई.वी.एम. का खेल शुरू करने वाले मोदी ही हैं। चुनाव के पहले ही संभावित नतीजों की घोषणा कर देते हैं।


श्री सिंह नें आगे कहा की, मध्यप्रदेश की चुनी हुई सरकार को कैसे लूटा गया यह सबने देखा। जिस दिन यहाँ की सरकार गिरी उसके दूसरे दिन लॉक डाउन की घोषणा हुई। पहले यह घोषणा हो जाती तो इतनी मौतें नहीं होतीं। लॉक डाउन के पहले जब पूरे विश्व में कोरोना फैल चुका था उस समय ट्रंप को नमस्ते के लिये गुजरात बुलाया। उनके साथ 10 हजार लोगों की भारी भरकम टीम भी आई। उसके बाद देश में कोरोना बढ़ा। भाजपा राज में देश का सोना गिरवी रखा गया। उधार पैसा लिया गया। आखिर देश का पैसा गया तो गया कहाँ ? आज पूरे देश में मोदी का इतना विरोध है कि उन्हें कोई सुनने को तैयार नहीं है।

सीधी: निर्भया गैंगरेप जैसी हैवानियत, महिला से गैंगरेप के बाद प्राइवेट पार्ट में डाला सरिया।



सीधी: मध्यप्रदेश के सीधी जिले में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामनें आयी है। अमिलिया थाना क्षेत्र में महिला के साथ तीन युवकों ने निर्भया गैंगरेप जैसी हैवानियत करते हुये सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उनके प्राइवेट पार्ट में लोहे का सरिया डाल दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी उसी गांव के रहने वाले बताए गए हैं।


पीड़ित महिला को गंभीर अवस्था में पहले सीधी जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया और फिर हालत बिगड़ते देख रीवा रेफर कर दिया गया। महिला की बहन ने बताया कि आरोपियों ने बलात्कार के बाद महिला के प्रायवेट पार्ट में लोहे का सरिया डाल दिया था। जिससे पीड़िता को रक्तस्त्राव होने लगा था। जो दूसरे दिन भी जारी रहा, जब उसकी तबियत ज्यादा बिगड़ने लगी तो उन्‍हें अमलिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां से फिर उन्‍हें जिला चिकित्सालय भेज दिया गया। फ़िलहाल पीड़िता का इलाज रीवा में चल रहा है और हालत गंभीर बताई जा रही है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार रात आरोपियों ने महिला को आवाज देकर पानी मांगा। महिला ने पानी न होने की बात कही तो आरोपी जबरदस्ती उसके झोपड़ी में घुस गए। बताया जाता है कि चार साल पहले पति की मौत के बाद महिला अपने दो बच्चों के साथ झोपड़ी में दुकान चलाकर परिवार पाल रही थी। पीड़िता गर्म कपड़े नहीं पहने थी। वह ठंड से कांप रही थी। उसकी हालत देखकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजूलता पटले ने मानवता का परिचय देते हुये अपनी शॉल और जैकेट पहनाकर रीवा रेफर करवाया।

Saturday, 9 January 2021

भोपाल: कोरोना वैक्सीन का ट्रायल डोज लगवाने वाले वालंटियर की 9 दिन बाद संदिग्ध मौत।



  • वॉलंटियर की मौत कोवैक्सीन का टीका लगवाने से हुई या किसी अन्य कारण से, इसकी जांच जारी।
  • पुलिस ने 22 दिसंबर को वालंटियर दीपक मरावी के शव का पोस्टमार्टम कराया था।
  • प्रारंभिक रिपोर्ट में शव में जहर मिलने की पुष्टि हुई है।

भोपाल: भारत बायोटेक और आईसीएमआर द्वारा बनाई गई स्वदेशी कोरोना वैक्सीन (कोवैक्सीन) को लेकर अब कई तरह की भ्रांतिया जन्म लेने लगीं हैं। भोपाल के पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में 12 दिसंबर को कोवैक्सीन का ट्रायल टीका लगवाने वाले 47 वर्षीय वॉलंटियर दीपक मरावी की 21 दिसंबर को हुई मौत पर अब कई सवाल खड़े हो गये हैं। मरावी टीला जमालपुरा स्थित सूबेदार कॉलोनी में अपने घर में मृत पाए गए थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।


पुलिस ने 22 दिसंबर को मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया था। इसकी प्रारंभिक रिपोर्ट में शव में जहर मिलने की पुष्टि हुई है। मौत कोवैक्सीन का टीका लगवाने से हुई या किसी अन्य कारण से, इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट आने के बाद होगी। दीपक के शव का विसरा पुलिस को सौंप दिया गया है। बता दें कि भारत बायोटेक और आईसीएमआर द्वारा बनाई गई स्वदेशी कोरोना वैक्सीन (कोवैक्सीन) का 7 जनवरी को फाइनल ट्रायल पूरा हुआ है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस विसरे का कैमिकल एनालिसिस कराएगी। मृतक दीपक मरावी के परिजन के अनुसार, दीपक को 19 दिसंबर को अचानक घबराहट, बेचैनी, जी मिचलाने के साथ उल्टियां होने लगीं। लेकिन, उन्होंने इसे सामान्य बीमारी समझकर इलाज नहीं कराया। परिजन के मुताबिक डोज लगवाने के बाद से ही दीपक ने मजदूरी पर जाना बंद कर दिया था, वे कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कर रहे थे।


परिजन नें बताया कि दीपक की सेहत 19 दिसंबर को बिगड़ी थी और 21 दिसंबर को उनका निधन हुआ। उस वक्त वे घर में अकेले थे। मां काम से बाहर गई थी और छोटा बेटा बाहर खेल रहा था। अगले दिन सुभाष नगर विश्राम घाट पर हमने उनका अंतिम संस्कार कर दिया। परिजन ने बताया कि डोज लगवाने के बाद सेहत का हाल जानने अस्पताल से फोन आते रहे। 21 दिसंबर को पिताजी के निधन की जानकारी लेने पीपुल्स प्रबंधन से तीन बार फोन आए। लेकिन, संस्थान से कोई भी नहीं आया।

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