Wednesday, 16 December 2020

सीधी: नगर पालिका चुनाव की सरगर्मियां तेज, सोशल मीडिया पर तेज हुई दावेदारी।



सीधी: नगरीय निकाय आरक्षण की प्रक्रिया होते ही नगर पालिका सीधी में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। नगर पालिका परिषद सीधी के अनारक्षित सीट होने के साथ ही सोशल मीडिया पर टिकट के लिए दावेदारी तेज हो गयी है। हालांकि दोनों ही मुख्य पार्टियों कांग्रेस एवं भाजपा के दावेदार खुद से अपनी दावेदारी पेश करनें से बचते नज़र आ रहें हैं लेकिन उनके समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया में जमकर दावेदारी की जा रही है। दोनों पार्टियों से किसे टिकट मिलेगा यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इस पर बाजारों, चाय की दुकानों एवं पान की दुकानों पर चर्चा गर्म है। पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता संगठन से टिकट प्राप्त करने को लेकर निचले से उपर स्तर के पदाधिकारियों से सम्पर्क करने, उन्हें विश्वास में लेने जुटे हुए हैं।


दोनों ही पार्टी के दावेदार अभी चुपचाप तरीके से जीत-हार के समीकरणों को टटोलने के साथ अपने चहेतों से सम्पर्क कर रहे हैं। उन्हें विश्वास में लेकर चुनाव लड़ने की तैयारियां कर रहे हैं। हालांकि निवर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह "मुन्नू" अपनी दावेदारी से इंकार कर चुकें हैं, उनका कहना है की वो 10 साल तक नगर पालिका सीधी के अध्यक्ष रह चुकें हैं और अब किसी और को मौका मिलना चाहिए। बता दें की देवेन्द्र सिंह "मुन्नू" दो मर्तबा भाजपा के टिकट पर नगर पालिका सीधी के अध्यक्ष रह चुके है लेकिन अब वो कांग्रेस की सदस्यता ले चुकें हैं।


इस बार के नगर पालिका सीधी के चुनाव में सोशल मीडिया में जहां कांग्रेस की तरफ से प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष लालचंद्र गुप्ता, कांग्रेस प्रदेश महामंत्री ज्ञान सिंह चौहान, सीधी यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विनय सिंह परिहार के साथ साथ पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष विक्रम सिंह चौहान के नाम प्रमुखता से सामनें आये हैं तो वहीं भाजपा से समाजसेवी डॉक्टर अनूप मिश्रा, पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष जीतेन्द्र सिंह चौहान, सीधी से भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला के पुत्र गुरुदत्त शरण शुक्ला "मालिक"  सहित अन्य लोंगों के नाम सामनें आ रहें हैं। वहीं अन्य कई नेता चुनावी ताल ठोक सकते है।


गौरतलब है की नगर पालिका सीधी सीट पहले हुए आरक्षण में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित कर दी गई थी जिसको लेकर प्रमुख राजनीतिक दलों के कई दावेदार पिछड़ा वर्ग से चुनाव लडऩे की तैयारी में टिकट को लेकर अपने-अपने दलों में सक्रिय माहौल बनाने में जुटे थे परंतु बीते दिनों नए सिरे से की गई आरक्षण की प्रक्रिया के उपरांत अब सीधी नगर पालिका के अध्यक्ष पद की सीट अनारक्षित घोषित हो गई है। लेकिन अभी भी ये सभी दावेदार यह मान रहे हैं कि भाजपा एवं कांग्रेस में पिछड़ा वर्ग के समर्पित नेताओं को भी टिकट मिल सकता है।


भाजपा एवं कांग्रेस से जो पिछड़ा वर्ग की महिलाएं वर्षों से तैयारी में थीं वो अब भी ये मान रही हैं कि उन्हें ही पार्टी महत्व देगी। भाजपा की तरफ से सक्रिय एवं सुर्खियों में रहने वाली नेत्रियों में सुनीता रानी वर्मा, पूनम सोनी सहित कई अन्य दावेदार थे। वहीं कांग्रेस से एड. विनोद वर्मा की बहू दीपिका वर्मा, पूर्व पार्षद बृजेंद्रमणि अवधिया बाके की धर्मपत्नी रोशनी अवधिया सहित अन्य दावेदार थे। लेकिन ये सभी दावेदार यह मान रहे हैं कि भले ही सीट अनारक्षित हुई है परन्तु लम्बी तैयारी के कारण उन्हे टिकट मिलना चाहिए।

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