Tuesday, 29 December 2020

सांसद रीति पाठक ने किया रेलवे टनल निर्माण कार्य का अवलोकन, सीधी कलेक्टर भी रहे मौजूद।



  • जून 2021 तक टनल का कार्य पूरा होना संभावित।
  • मध्यप्रदेश में निर्मित सर्वाधिक लंबाई की है रेलवे टनल।

सीधी: सांसद रीती पाठक एवं कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा बघवार से गोविन्दगढ़ को जोड़ने वाली निर्माणाधीन रेलवे टनल का निरीक्षण अवलोकन किया गया। रीवा-सीधी नवीन रेल लाइन अंतर्गत निर्माणाधीन 3338 मीटर लंबी टनल मध्यप्रदेश के अंदर रेलवे की सबसे बड़ी टनल है। टनल की खुदाई का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा उससे जुड़े हुए अन्य कार्य किए जा रहे हैं। टनल का कार्य जून 2021 तक पूर्ण होना प्रस्तावित है। टनल 7.9 मीटर ग 7.9 मीटर साइज की है।


इस अवसर पर सांसद श्रीमती पाठक ने कहा कि सीधी जिले के लोगों के रेल के सपने को पूरा करने के लिए बहुत बड़ी सौगात है। रेलवे टनल तथा चिलरी (भितरी) में सोननदी पर निर्माणाधीन रेलवे पुल इसमें एक महत्वपूर्ण कड़ी है जिनकी जून 2021 तक पूर्ण होना प्रस्तावित है। उन्होने कहा कि ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना के पूर्ण होने से सीधी जिले के निवासियों को लाभ होगा तथा जिला विकास की नई ऊचाईयों को प्राप्त करेगा। उन्होने परियोजना के शीघ्र पूर्ण होने के लिए शुभकामनाएं दी हैं।


कलेक्टर श्री चौधरी द्वारा उपस्थित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ रेलवे परियोजना पूर्ण करने हेतु कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उनसे संपर्क करें। समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निराकृत किया जायेगा।


इसके उपरान्त उनके द्वारा चिलरी (भितरी) में सोन नदी पर निर्माणाधीन रेलवे पुल का भी अवलोकन किया गया। सोननदी पर निर्माणाधीन लगभग 700 मीटर लंबा पुल परियोजना का महत्वपूर्ण पुल है जिसमें 45.7 मीटर के 15 स्पान हैं। पुल के बेड ब्लाक कास्टिंग का कार्य प्रारंभ है। रेलवे पुल का कार्य भी जून 2021 तक पूर्ण होना प्रस्तावित है।   


इस अवसर पर उपखण्ड अधिकारी चुरहट अभिषेक सिंह, रेलवे के डिप्टी सीई दीपक मुके, एक्सईएन ए.के. शर्मा सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं संविदाकार उपस्थित रहें।

Monday, 28 December 2020

MP कांग्रेस में फिर दिखी गुटबाजी: कमलनाथ के फैसले से नाखुश अरुण यादव, अजय सिंह से मिले।



भोपाल: मध्यप्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर गुटबाजी देखने को मिली। दरअसल, दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस पार्टी का भोपाल में हुआ आंदोलन आपसी गुटबाजी में उलझ कर रह गया। कांग्रेस पार्टी ने तय किया था कि 28 दिसंबर को विधानसभा सत्र के पहले दिन किसान आंदोलन के समर्थन में विधानसभा का घेराव करेगी। पार्टी ने बड़े स्तर पर इसकी तैयारी की थी। लेकिन विधानसभा सत्र स्थगित होने के बाद घेराव को बदलकर मौन धरने में तब्दील कर दिया गया।


किसान आंदोलन की जिम्मेदारी पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव को दी गयी थी। इस बीच कांग्रेस की घोषणा को देखते हुए प्रशासन ने विधानसभा के आसपास के इलाके में धारा 144 लागू कर भारी वाहनों के प्रवेश पर बैन लगा दिया। उसके बावजूद अरुण यादव ने बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रॉली बुलवा लिए और अपने घर के सामने लगवा लिए थे। लेकिन ऐनवक्त पर कल शाम हुई सर्वदलीय बैठक में विधानसभा सत्र स्थगित करने का फैसला हो गया। इसलिए सारे ट्रैक्टर ट्रॉली अरुण यादव के घर पर ही खड़े रह गए।


अरुण यादव नें कहा था - सत्र भले ही स्थगित हो लेकिन हम विधानसभा का घेराव करेंगें।

विधानसभा सत्र स्थगित होने के बाद भी कांग्रेस नेता अरुण यादव का एक बयान सामने आया था। जिसमें उन्होंने दावा किया था कि सत्र भले ही स्थगित हो गया लेकिन कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता ट्रैक्टर पर बैठकर विधानसभा का घेराव करेंगे।


कमलनाथ नें विधानसभा घेराव का कार्यक्रम बदलकर मौन धरने का फ़ैसला किया।

अरुण यादव के नेतृत्व में विधानसभा घेराव का प्लान, प्रदर्शन से पहले ही फ्लॉप हो गया। क्योंकी पूर्व सीएम कमलनाथ ने विधानसभा घेराव का कार्यक्रम बदलकर मौन धरना देने का फैसला कर लिया। इसी को लेकर कांग्रेस के अंदर गुटबाजी अब देखने को मिल रही है।


नाखुश अरुण यादव, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह से मिले।

पूर्व सीएम कमलनाथ के फैसला बदलने के कारण कार्यक्रम की रूपरेखा को बदला गया। जिसको लेकर अरुण यादव, पूर्व सीएम कमलनाथ से नाखुश बताए जा रहे हैं। साथ ही उन्होनें आज मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह से भी मुलाकात की। उनकी अजय सिंह से मुलाकात को आज के घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि अरुण यादव नें अजय सिंह से मुलाकात को महज एक औपचारिकता बताया है और कहा की अजय सिंह में मेरे बड़े भाई जैसे हैं और सघर्ष में हमेशा मेरा साथ निभाया है, इसी नाते उनसे आज मुलाकात कर मैनें विभिन्न मुददों पर बात करी है।


अरुण यादव की नाराजगी को लेकर सज्जन वर्मा का बयान।

विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम बदलने पर अरुण यादव की नाराजगी की अटकलों पर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा विधानसभा सत्र स्थगित होने के कारण कार्यक्रम बदलने का फैसला हुआ। कांग्रेस पार्टी में किसी तरह की गुटबाजी नहीं है।

Saturday, 26 December 2020

MP: तीन महीने के लिए टले नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव, आदेश जारी।



भोपाल: राज्य निर्वाचन आयोग ने मध्य प्रदेश में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव अगले 3 महीने के लिए स्थगित करने का फैसला किया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी पत्र में कहा है कि कोविड 19 महामारी को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय और पंचायतों के निर्वाचन का काम जन स्वास्थ की दृष्टि से व जनहित में फरवरी 2021 के बाद करवाया जाएगा।


राज्य निर्वाचन आयोग ने अपने आदेश में इसके पीछे कोरोना संक्रमण को बड़ी वजह बताया है।आयोग ने कहा है कि नगरीय निकाय के चुनाव जो दिसंबर माह 2020 -जनवरी 2021 में आयोजित कराये जाने थे। इसी प्रकार त्रि-स्तरीय पंचायतों के प्रस्तावित आम निर्वाचन जो माह दिसंबर-फरवरी 2021 तक आयोजित कराने थे। इन्हे माह फरवरी 2021 तक स्थगित किये जा रहे हैं। इस सम्बन्ध के आदेश शनिवार को जारी किये गए है।


आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि 407 नगरीय निकायों में से 307 का कार्यकाल 25 सितंबर 2020 को खत्म हो चुका है। 8 नगरीय निकायों का कार्यकाल जनवरी और फरवरी में खत्म हो जाएगा। त्रिस्तरीय पंचायतों में पंच, सरपंच, जनपद सदस्य का कार्यकाल मार्च 2020 में खत्म हो चुका है।

Friday, 25 December 2020

सीधी: यूथ कांग्रेस ने नगर पालिका की समस्याओं को लेकर कलेक्टर के नाम दिया ज्ञापन।



सीधी: नगर पालिका सीधी क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न समस्याओं से आम जन परेशान है। जिसको लेकर यूथ कांग्रेस सीधी अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह दादू के साथ सैकड़ों यूथ कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने नगरीय क्षेत्र की निम्न समस्याओं को लेकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपाकर अनुरोध किया तथा शीघ्र निराकरण करवाने की व्यवस्था की मांग की।उचित मूल्य खाद्यन की पात्रता पर्ची से गरीब परिवार के पात्र हितग्राहियों का नाम काट दिया गया है सर्वेक्षण किया जाए और हितग्राहियों का नाम पात्रता सूची में जोड़ा जाय।

  1. शहर के चौबीसों वार्ड में पानी निकास की नालिया मलवे से भरी है वार्ड के निवासियों का रहना दूभर हो रहा है एक सप्ताह के भीतर नालियो की सफाई कराई जाना सुनिश्चित किया जाए।
  2. पुलिस कंट्रोल रूम के पास सर्किट हाउस रोड़ सूखानाला पुल लम्बे समय से निर्माणाधीन है लोगो का आवागमन बाधित है पुल निर्माण कार्य यथा शीघ्र पूरा करवा जाए।
  3. शहरी क्षेत्र में गरीब परिवार के लोग झुग्गी झोपड़ी बनाकर अवाद है सभी वार्डो में सर्वेक्षण करा कर झुग्गी झोपडी वासियों को पट्टा दिया जाय अथवा शाशकीय आवास बनाया जाकर आवास दिलाया जाय।
  4. शहरी क्षेत्र की स्ट्रीट लाइट अधिकांश खराब रहती है यथाशीघ्र दुरुस्त कराई जाय एवं घरेलू बिजली के बिल की दर घटाई जाय।
  5. रसोई गैस की कीमतों में बेतहासा वृद्धि हो रही हैं गैस सिलेंडर की बड़ी हुई कीमत वापस ली जाय।
  6. डीजल-पेट्रोल पर प्रदेश सरकार द्वारा लगाए गए सभी टैक्स वापस लिए जाए डीजल पेट्रोल के दाम घटाए जाय।

उक्त बिंदुओं संबंधी ज्ञापन सौंपकर अनुरोध है कि ज्ञापन मे अंकित बिंदुओं का एक सप्ताह के अंदर निराकरण कराया जाय अन्यथा कांग्रेस पार्टी सभी संगठन के साथ बृहद आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री ज्ञान सिंह, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रूद्र प्रताप सिंह बाबा, पूर्व अध्यक्ष आंनद सिंह, दया शंकर पांडेय, देवेन्द्र सिंह मुन्नू पूर्व नपा अध्यक्ष, विक्रम सिंह, माधुरी सिंह, पुष्पा सिंह, अशोक कोरी, सुरेश सिंह, सरदार अजीत सिंह, विनोद मिश्रा, कमल कामदार, कमलेंद्र सिंह डब्बू, पंकज सिंह अध्यक्ष आईटी एवं सोशल मीडिया सेल, सुबोध प्रताप सिंह, अजीत सिंह, ओमकार कर्चुली, वीरेंद्र सिंह, नारायण सिंह, विजय सिंह, मनोज सिंह, बांके अवधिया, गेद लाल कोल, गोविंद गुप्ता, भूपेंद्र सिंह, सौरभ सिंह NSUI, नागेश सिंह, राहुल सिंह, जीत सिंह, विकाश साहू, संगम सिंह, नितिन द्विवेदी, शिवकांत सिंह, सत्यम द्विवेदी, रूपेश सिंह, सुरज, आकाश सिंह, ओम सिंह, विकल सिंह, आशीष सोनी, अमित आवधिया, शुभम सिंह, अजय सिंह, लाला, विकाश सिंह परिहार, शिवेंद्र सिंह, लवकुश विष्कर्मा, ओमकार सिंह, भोलू सिंह, मोहित तिवारी, मोहित सिंह, आकाश मिश्रा, जज्जी सिंह, अनुभव सिंह, अनुराग सिंह, डी.एम. सिंह, आनंद सिंह, किशन सिंह, विकाश मिश्रा, सत्यम मिश्रा, अमित सेंगर, आलोक शुक्ला, विवेक मिश्रा, राहुल शुक्ला, रोहित सिंह, केसव शर्मा एवं अन्य कई लोग उपस्थित रहे।

Wednesday, 23 December 2020

रीवा में भगवान परशुराम आश्रम का तोड़ा जाना देश के संतों का घोर अपमान: अजय।



  • सरकारी ज़मीनों पर बने अन्य धार्मिक स्थलों को कब गिराने वाले हैं शिवराज सिंह ?: अजय सिंह।
  • बड़े बिल्डरों के अतिक्रमण भाजपा को क्या मंदिर दिखते हैं?:अजय सिंह।    

भोपाल/ रीवा: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने रीवा में सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों के इकलौते केंद्र भगवान परशुराम आश्रम को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के इशारे पर प्रशासन द्वारा अचानक ढहाए जाने पर कड़ी आपत्ति की है। जिस समय आश्रम ढहाया जा रहा था, उस समय वहाँ पर ढ़ोल मंजीरों के साथ राम नाम का संकीर्तन चल रहा था।


उन्होंने कहा कि यह घटना देश के साधु संतों का घोर अपमान है। देश के कई संत महात्मा राम वन पथ गमन और चित्रकूट यात्रा के दौरान यहाँ रुकते थे। शिवराज सरकार ने दुर्भावनावश किए गए इस कार्य से भगवान परशुराम और भगवान राम के प्रति आस्था रखने वाली तमाम धर्म प्राण जनता के विश्वास को तोड़ने का जो काम किया है उससे सभी को आघात पहुंचा है। उन्होंने शिवराज सिंह से पूछा है कि पूरे प्रदेश में अतिक्रमण करके जो धार्मिक स्थल सालों से निर्मित हैं, उन्हें वे कब गिरने वाले हैं? इसकी सिलसिलेवार कार्ययोजना वे शीघ्र घोषित करें अन्यथा यह माना जाएगा कि विंध्य प्रदेश की जनता से वे घृणा करते हैं और उसे उपेक्षा से देखते हैं।


अजय सिंह ने कहा कि भाजपा के तमाम नेता और विधायक वहाँ जब मत्था टेकने लगातार जाते रहे और विश्व कल्याण के लिए आयोजित महायज्ञों में ज़ोर शोर से शामिल होते थे, तब उन्हें अतिक्रमण नहीं दिखा। आश्रम तोड़े जाने के समय वे सब के सब गायब थे। जाहिर है कि धर्म उनके लिए सिर्फ राजनीति का माध्यम है। उन्होंने कहा कि नोटिस देने के 24 घंटे के अंदर प्रशासनिक तत्परता का जिले का यह पहला मामला है। पूरे प्रकरण में भाजपा जन प्रतिनिधियों की आपसी खींचतान स्पष्ट नजर आ रही है। शिवराज सिंह द्वारा दुर्भावनावश की गई इस कार्यवाही को विंध्य की जनता राम जन्म भूमि के शिलान्यास कार्यक्रम से भी जोड़ रही है।


श्री सिंह ने कहा कि रीवा में ही बड़े बड़े बिल्डरों द्वारा सरकारी जमीन पर बनाए गए बेश कीमती भवन भाजपा सरकार को क्यों नहीं दिखते? पूँजीपतियों की सरकार को क्या वे धार्मिक स्थल नजर आते हैं? जब प्रशासन और समाजसेवियों के बीच यह तय हो गया था कि भवन का कब्जा शासन ले ले। उस पर प्रशासक बैठा दे। लेकिन आश्रम को तोड़कर जनभावनाओं पर प्रहार न करे। तब फिर ऐसा क्या हो गया कि आश्रम को बुलडोजर चला कर अचानक गिरा दिया गया। विंध्य प्रदेश की जनता शिवराज सिंह से इस प्रश्न का जवाब मांग रही है।


श्री अजय सिंह ने कहा कि भगवान परशुराम आश्रम में भव्य यज्ञशाला थी। जमीन का संरक्षण कर यहाँ कई किस्म के पेड़ लगाकर स्थल को हरा भरा किया गया था। यहाँ विश्व कल्याण के लिए कई बड़े बड़े महायज्ञ हो चुके हैं। यहाँ संतों का निवास स्थल जनसहयोग से बनाया गया था। इसे तोड़ने का विरोध करने वाले और जेसीबी मशीन के सामने खड़े हो गए कई साधू संतों को प्रशासन ने बल पूर्वक हटा दिया। धर्म की राजनीति करने वाली भाजपा को यह कृत्य करते जरा भी संकोच नहीं हुआ। पूरे रीवा शहर में शासकीय ज़मीनों का अतिक्रमण प्रशासन को दिखाई नहीं देता। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी कार्यवाही राजनीति से प्रेरित है और समय आने पर विंध्य की जनता इसका जवाब जरूर देगी।

Monday, 21 December 2020

सीधी: जिले के नगरीय निकाय चुनाव में, कांग्रेस दे युवाओं को प्रतिनिधित्व - पंकज।



सीधी: आई टी एवं सोशल मीडिया सेल के जिला अध्यक्ष पंकज सिंह ने कांग्रेस पार्टी से जिले के चारो नगरीय निकाय चुनाव में युवाओं को प्रतिनिधित्व देने पर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह तथा पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल से आग्रह किया है और कहा की आज सीधी जिले का युवा अपनी नगरीय निकाय चुनाव में भागीदारी को लेकर उत्सुक है। अगर नगरीय निकाय चुनाव में युवाओं को तवज्जो मिली तो चारो नगरीय निकाय चुनाव में जीत कांग्रेस की होगी।


जिले का युवा कांग्रेस पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों के अनुसार समाज के अंतिम छोर पर खड़े गरीब को सरकारी योजनाओं का लाभ उचित ढंग से दिलाने हेतु कार्य करेगा। आईटी सेल एवं सोशल मीडिया के अध्यक्ष पंकज सिंह ने बयान में आगे कहा है कि ऐसे युवा जिन्होंने पार्टी के लिए संघर्ष किया है एवं लंबे समय से संगठन में जुड़े रहे हैं उन्हें नगरीय निकाय के चुनावों में पर्याप्त रूप से प्रतिनिधित्व दिए जाने की आवश्यकता है। जिससे आने वाले कल में युवा कांग्रेस संगठन से जुड़कर पार्टी को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका का निर्वहन कर सके।


युवाओं की क्षमता किसी से छिपी हुई नहीं है और अगर युवाओं को प्रतिनिधित्व दिया जाता है तो निश्चित रूप से सभी नगरीय निकायों में कांग्रेस पार्टी की विजय होगी। इस संदर्भ में अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व का ही होगा और सभी के लिए वह अंतिम होगा।

शिवराज सिंह बताएं कि किसानों का दो लाख तक का ऋण कब तक माफ करेंगे: अजय।



  • किसानों के साथ- साथ अब उनके बच्चों से किस बात का बदला ले रहे हैं शिवराज सिंह: अजय सिंह।
  • एमएसपी घाटे की भरपाई के लिए बोनस कब तक घोषित करेंगे शिवराज सिंह: अजय सिंह।

भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि किसानों के लिए बड़ी बड़ी बातें करने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के साथ साथ अब उनके बच्चों के साथ भी छल और धोखा किया है। उन्होंने किसानों के बच्चों के लिए चल रही कृषि उद्यमी योजना को अचानक बंद करके इस बात को स्वयं सिद्ध कर दिया है। किसान पुत्रों को स्व रोजगार के लिए बैंक लोन लेने पर 18 लाख रुपए तक की सब्सिडी मिलती थी, जो अब नहीं मिलेगी। बीस हजार किसान पुत्रों के आवेदन शिवराज सरकार के पास लंबित हैं जिन पर उन्हें अब सब्सिडी नहीं मिलेगी। वे सभी अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं।


अजय सिंह ने कहा कि शिवराज सिंह कहते हैं कि किसान मेरे लिए भगवान हैं। वे बताएं कि कमलनाथ सरकार कि ऋण माफी योजना के बाकी किसानों के दो लाख रुपए तक के ऋण कब तक माफ करेंगे। इसकी घोषणा वे किसान चौपालों में करें। दिल्ली में आंदोलन करते हुये 33 किसानों की अब तक जान जा चुकी है और शिवराज सिंह मोदी के लाये हुये तीन काले क़ानूनों की वकालत कर रहे हैं। कहते हैं कि "मेरी जान भले ही चली जाये लेकिन किसानों का विश्वास नहीं टूटने दूँगा।" उन्होंने किसानों को एमएसपी जारी रखने का विश्वास दिलाया था लेकिन मक्का और धान एमएसपी से आधी कीमत में बिक रहा है। किसान हलाकान हो रहे हैं क्योंकि उनके साथ विश्वासघात हुआ है। शिवराज जो किसान चौपालें लगा रहे हैं उसमें वे यह भी बताएं कि किसानों को  एमएसपी से आधी कीमत क्यों मिल रही है। भाजपा सरकार ने इसकी भरपाई के लिए अभी तक बोनस की घोषणा क्यों नहीं की है?


श्री सिंह ने कहा कि आज मैंने अखबारों में पढ़ा कि शिवराज सिंह ने सांसदों और विधायकों से कहा कि वे किसानों को समझाएँ कि मोदी से बड़ा उनका हितैषी कोई नहीं है। जबकि आज ही के समाचार पत्रों में देश के किसानों का ऐलान भी छपा है कि -" जब मोदी मन की बात करेंगे, हम देश भर में ताली-थाली बजाएँगे।" शिवराज सिंह को विरोधाभासी और झूठी बातें करने के पहले यह जान लेना चाहिए कि किसानों की क्रमिक भूख हड़ताल तीनों नए कृषि क़ानूनों के रद्द होने तक चलने वाली है। अपने आप को किसान का पुत्र कहने वाले मुख्यमंत्री को यह मालूम होना चाहिए कि अन्न उपजाना सबसे कठिन काम है। किसानों के लिए सरकारें जितना भी करें वह इसके आगे कम ही होता है।


श्री अजय सिंह ने कहा कि यदि भाजपा सांसदों और विधायकों को किसानों की इतनी चिंता है तो वे बताएं कि सभी के सभी किसान आंदोलन पर पुतले की माफिक मौन क्यों हैं? एक ने भी किसानों की मांगों का समर्थन क्यों नहीं किया। संसद और विधानसभाओं में न तो कोई व्यावहारिक सुझाव दिये गए हैं और न ही कोई प्रश्न लगाया है। जाहिर है उन्हें किसानों के दुख दर्द से कुछ लेना देना नहीं है। क्यों नहीं दम-खम से कहते हैं कि किसान न तो खालिस्तानी है, न नक्सली है और न वामपंथी। न उन्हें चीन भड़का रहा है और न पाकिस्तान। विपक्षी पार्टियां तो उनका समर्थन कर रही हैं न कि भड़का रही हैं। वे अपनी पार्टी की सरकार को हठधर्मिता छोडने के लिए दबाव क्यों नहीं बनाते। मेरा शिवराज सिंह से आग्रह है कि यदि वे सच्चे मन से किसानों के साथ खड़े हैं तो इसकी शुरुआत मध्यप्रदेश से करें।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा का निधन, अजय सिंह ने दी श्रद्धांजलि।



नई दिल्ली/ भोपाल: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा का निधन हो गया है। वोरा ने 93 साल की उम्र में दिल्ली के फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल में आखिरी सांस ली। वह कुछ हफ्ते पहले ही कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे और कई दिनों तक एम्स में भर्ती रहने के बाद उन्हें छुट्टी भी मिल गई थी। मोतीलाल वोरा पुराने दिग्गज राजनीतिकों में शुमार किए जाते रहे और 50 सालों से कांग्रेस के साथ संगठन और सरकारों में जुड़े रहे हैं।


राजस्थान के जोधपुर में ब्रिटिश इंडिया के जमाने में जन्मे वोरा ने छत्तीसगढ़ के रायपुर और कलकत्ता से उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद कई अखबारों के साथ काम किया था। इसके अलावा, वोरा सामाजिक कामों में भी हमेशा आगे रहे थे। इसके बाद वह सक्रिय राजनीति में आए और अर्जुन सिंह सरकार में मंत्री रहने के अलावा उत्तर प्रदेश के राज्यपाल भी रहे।


मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके वोरा का राजनीतिक सफर 1960 के दशक में शुरू हुआ था और शुरुआत में वोरा समाजवादी विचारधारा वाली पार्टी के साथ जुड़े थे, लेकिन उसके बाद 1970 में कांग्रेस में आए और कांग्रेस पार्टी और राज्य सरकार में उच्च पदों पर रहने के बाद राज्यसभा तक भी पहुंचे।  


1983 में इंदिरा गांधी सरकार में वोरा को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1985 में वोरा ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभाला। इसके बाद राजीव गांधी सरकार में भी वोरा शामिल हुए, जब राज्यसभा के सदस्य के तौर पर उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था।


अजय सिंह नें दी श्रद्धांजलि।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके मोतीलाल वोरा के निधन पर मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें गहरा दुख व्यक्त करते हुये श्रद्धांजलि अर्पित की है। अजय सिंह नें कहा- "अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री , पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठतम नेता श्री मोती लाल वोरा जी का आकस्मिक निधन  सम्पूर्ण कांग्रेस परिवार के लिए गहरा आघात है। परमपिता परमेश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करे।  ॐ शांति"।


Friday, 18 December 2020

म.प्र युवा कांग्रेस चुनाव 2020: देवेन्द्र सिंह "दादू" बने सीधी यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष।



सीधी: मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस चुनाव के नतीजे आज शुक्रवार को घोषित कर दिए गए हैं। इसी बीच सीधी यूथ कांग्रेस को लेकर बड़ी खबर है, देवेन्द्र सिंह "दादू" यूथ कांग्रेस सीधी के अध्यक्ष चुनें गये हैं। दादू को 480 मत मिले जबकी प्रकाश सिंह परिहार को 440 मत मिले।


बता दे कि युवा कांग्रेस चुनाव के सीधी के लिए अभी हाल में ही ऑनलाइन वोटिंग हुई थी, इसमें  1005 सदस्यों नें ऑनलाइन मतदान में हिस्सा लिया था। जिला अध्यक्ष के लिए 5 उम्मीदवार मैदान में थे। जिसमें से कमलेंद्र सिंह नें पहले ही देवेन्द्र सिंह "दादू" एवं दिग्विजय सिंह नें प्रकाश परिहार का समर्थन किया था। मुख्य मुकाबला देवेन्द्र सिंह एवं प्रकाश परिहार के बीच था जिसमें से देवेन्द्र सिंह दादू को जीत मिली है।


वहीं अगर प्रदेश अध्यक्ष की बात करें तो, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं झाबुआ से कांग्रेस विधायक कांतिलाल भूरिया के बेटे डॉक्टर विक्रांत भूरिया नए अध्यक्ष चुने गए हैं। प्रदेश में अध्यक्ष पद के लिए 9 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला था, जिसमें सबसे ज्यादा वोट व्रिकांत को मिले।

MP: डॉक्टर विक्रांत भूरिया बने युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष।



मप्र युवा कांग्रेस चुनाव 2020: मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस चुनाव के नतीजे आज शुक्रवार को घोषित कर दिए गए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं झाबुआ से कांग्रेस विधायक कांतिलाल भूरिया के बेटे डॉक्टर विक्रांत भूरिया नए अध्यक्ष चुने गए हैं। प्रदेश में अध्यक्ष पद के लिए 9 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला था, जिसमें सबसे ज्यादा वोट व्रिकांत को मिले।


बता दे कि युवा कांग्रेस चुनाव के लिए 10,11 और 12 दिसंबर को वोटिंग हुई थी, इसमें3 लाख 50 हजार सदस्यों में से 1 लाख 10 हजार ने ऑनलाइन मतदान में हिस्सा लिया था। प्रदेश अध्यक्ष के लिए 9 उम्मीदवार मैदान में थे। प्रदेश अध्यक्ष के अलावा प्रदेश महामंत्री, जिला अध्यक्ष, जिला महामंत्री व विधानसभा प्रभारी भी घोषित हुए। 116 उम्मीदवारों में से 11 प्रदेश महामंत्री और 56 सचिव बनाए गए है।


मध्य प्रदेश में युवा कांग्रेस में चुनाव की शुरुआत 2011 में हुई थी। सबसे पहले प्रियव्रत सिंह और फिर 2013 में  कुणाल चौधरी दूसरे अध्यक्ष बने थे। इसके बाद करीब 7 साल बाद अब 2020 में चुनाव कराए गए है, जिसमें संजय यादव और विवेक त्रिपाठी को पछाड़ते हुए व्रिकांत भूरिया को नया युवा कांग्रेस का अध्यक्ष को जीत मिली है, हालांकि शुरु से ही भूरिया को प्रबल दावेदार माना जा रहा था।

Thursday, 17 December 2020

MP: गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बिना नाम लिए सोनिया गांधी को बताया 'कैकेई'।



सीधी CHRONICLE: मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी का नाम लिए बिना उनपर निशाना साधा है। नरोत्तम मिश्रा ने कहा, "मुझे व्हाट्सएप आया कि कैकेई के बाद ऐसी कौन सी मां है जो षड्यंत्र पूर्वक अपने बेटे को गद्दी दिलाना चाहती है। वो बोला ताश की गड्डी में कितने पत्ते होते हैं, जवाब मिला 52, इस पार्टी के भी 52 सांसद हैं। हैरानी की बात यह है कि एक जोकर (पार्टी में) है।"

मिश्रा ने आगे कहा, "मुझे एक व्हाट्सएप फॉरवर्ड मिला, जिसमें कहा गया था कि जापान में हर दिन स्कूल जाने वाले बच्चे को लेने के लिए ट्रेन रुकती है। वे नहीं जानते कि भारत में एक पार्टी एक बच्चे को प्रधानमंत्री बनाने के लिए काम कर रही है।

गौरतलब है कि कृषि कानूनों को लेकर राजधानी दिल्ली में चल रहे आंदोलन के जवाब में भाजपा ने पूरे देश में किसान रैली करने का ऐलान किया है। इस क्रम में 16 दिसंबर को मध्यप्रदेश के ग्वालियर, जबलपुर, रीवा सहित कई जिलों में किसान रैली का आयोजन किया गया। इस रैली के माध्यम से भाजपा का मकसद किसानों के बीच पहुंचना और नए कानून की बारीकियों को समझाना है। इसी के साथ ही किसानों को कृषि कानून पर फैलाए जा रहे झूठ और भविष्य में उन्हें होने वाले फायदों की जानकारी भी दी जाएगी।

MP की कमलनाथ सरकार गिराने में PM मोदी की थी भूमिका: कैलाश विजयवर्गीय।



इंदौर: किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने एक बड़ा बयान दिया है। किसान सम्मेलन में अपने भाषण के दौरान विजयवर्गीय ने कहा कि मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार गिराने में नरेंद्र मोदी की महत्वपूर्ण भूमिका थी।


अपने भाषण के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि 'जब तक कमलनाथ जी की सरकार थी, एक दिन चैन से सोने नहीं दिया। अगर भाजपा का कोई कार्यकर्ता था कमलनाथ जी को सपने में भी जो दिखाई देता था वो नरोत्तम मिश्रा जी थे। तालियां बजाकर नरोत्तम मिश्रा जी का स्वागत करें। ये पर्दे के पीछे की बात कर रहा हूं आप किसी को बताना मत, मैंने आज तक किसी को नहीं बताई, पहली बार इस मंच पर बता रहा हूं कि कमलनाथ जी की सरकार गिराने में यदि महत्वपूर्ण भूमिका किसी की थी तो नरेंद्र मोदी जी की थी धर्मेंद्र प्रधान जी की नहीं थी। पर किसी को बताना मत ये बात, आज तक मैने किसी को नहीं बताई। '


कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमारे आरोपों की पुष्टि खुद कैलाश विजयवर्गीय ने कर दी। कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा कि 'भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने किसान सम्मेलन के मंच से कांग्रेस के उन तमाम आरोपों की पुष्टि कर दी है कि प्रदेश की लोकप्रिय, जनादेश वाली कमलनाथ सरकार को बीच समय में नरेंद्र मोदी जी के इशारे पर गिराया गया है।'


सलूजा नें आगे कहा कि 'भाजपा शुरू से ही झूठ कहती आई है कि कांग्रेस की सरकार गिराने में उसका कोई योगदान नहीं है, कांग्रेस के अंदरूनी संघर्ष के कारण प्रदेश की कांग्रेस सरकार गिरी है। लेकिन आज कैलाश विजयवर्गीय की स्वीकारोक्ति से यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस के आरोप पूरी तरह से सही हैं और भाजपा झूठ बोल रही थी एवं चुनी हुई कांग्रेस की सरकारों को असंवैधानिक तरीक़े से गिराने में देश के सर्वोच्च पद पर बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ही हाथ है।'

Wednesday, 16 December 2020

सीधी: नगर पालिका चुनाव की सरगर्मियां तेज, सोशल मीडिया पर तेज हुई दावेदारी।



सीधी: नगरीय निकाय आरक्षण की प्रक्रिया होते ही नगर पालिका सीधी में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। नगर पालिका परिषद सीधी के अनारक्षित सीट होने के साथ ही सोशल मीडिया पर टिकट के लिए दावेदारी तेज हो गयी है। हालांकि दोनों ही मुख्य पार्टियों कांग्रेस एवं भाजपा के दावेदार खुद से अपनी दावेदारी पेश करनें से बचते नज़र आ रहें हैं लेकिन उनके समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया में जमकर दावेदारी की जा रही है। दोनों पार्टियों से किसे टिकट मिलेगा यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इस पर बाजारों, चाय की दुकानों एवं पान की दुकानों पर चर्चा गर्म है। पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता संगठन से टिकट प्राप्त करने को लेकर निचले से उपर स्तर के पदाधिकारियों से सम्पर्क करने, उन्हें विश्वास में लेने जुटे हुए हैं।


दोनों ही पार्टी के दावेदार अभी चुपचाप तरीके से जीत-हार के समीकरणों को टटोलने के साथ अपने चहेतों से सम्पर्क कर रहे हैं। उन्हें विश्वास में लेकर चुनाव लड़ने की तैयारियां कर रहे हैं। हालांकि निवर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह "मुन्नू" अपनी दावेदारी से इंकार कर चुकें हैं, उनका कहना है की वो 10 साल तक नगर पालिका सीधी के अध्यक्ष रह चुकें हैं और अब किसी और को मौका मिलना चाहिए। बता दें की देवेन्द्र सिंह "मुन्नू" दो मर्तबा भाजपा के टिकट पर नगर पालिका सीधी के अध्यक्ष रह चुके है लेकिन अब वो कांग्रेस की सदस्यता ले चुकें हैं।


इस बार के नगर पालिका सीधी के चुनाव में सोशल मीडिया में जहां कांग्रेस की तरफ से प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष लालचंद्र गुप्ता, कांग्रेस प्रदेश महामंत्री ज्ञान सिंह चौहान, सीधी यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विनय सिंह परिहार के साथ साथ पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष विक्रम सिंह चौहान के नाम प्रमुखता से सामनें आये हैं तो वहीं भाजपा से समाजसेवी डॉक्टर अनूप मिश्रा, पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष जीतेन्द्र सिंह चौहान, सीधी से भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला के पुत्र गुरुदत्त शरण शुक्ला "मालिक"  सहित अन्य लोंगों के नाम सामनें आ रहें हैं। वहीं अन्य कई नेता चुनावी ताल ठोक सकते है।


गौरतलब है की नगर पालिका सीधी सीट पहले हुए आरक्षण में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित कर दी गई थी जिसको लेकर प्रमुख राजनीतिक दलों के कई दावेदार पिछड़ा वर्ग से चुनाव लडऩे की तैयारी में टिकट को लेकर अपने-अपने दलों में सक्रिय माहौल बनाने में जुटे थे परंतु बीते दिनों नए सिरे से की गई आरक्षण की प्रक्रिया के उपरांत अब सीधी नगर पालिका के अध्यक्ष पद की सीट अनारक्षित घोषित हो गई है। लेकिन अभी भी ये सभी दावेदार यह मान रहे हैं कि भाजपा एवं कांग्रेस में पिछड़ा वर्ग के समर्पित नेताओं को भी टिकट मिल सकता है।


भाजपा एवं कांग्रेस से जो पिछड़ा वर्ग की महिलाएं वर्षों से तैयारी में थीं वो अब भी ये मान रही हैं कि उन्हें ही पार्टी महत्व देगी। भाजपा की तरफ से सक्रिय एवं सुर्खियों में रहने वाली नेत्रियों में सुनीता रानी वर्मा, पूनम सोनी सहित कई अन्य दावेदार थे। वहीं कांग्रेस से एड. विनोद वर्मा की बहू दीपिका वर्मा, पूर्व पार्षद बृजेंद्रमणि अवधिया बाके की धर्मपत्नी रोशनी अवधिया सहित अन्य दावेदार थे। लेकिन ये सभी दावेदार यह मान रहे हैं कि भले ही सीट अनारक्षित हुई है परन्तु लम्बी तैयारी के कारण उन्हे टिकट मिलना चाहिए।

पहली बार मंच साझा करेंगे केपी यादव और सिंधिया, लेकिन यादव के पोस्टर से सिंधिया गायब।



ग्वालियर: राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को लोकसभा चुनाव में उनके घर में शिकस्त देने वाले उनके पुरानें सहयोगी एवं गुना संसदीय क्षेत्र के सांसद केपी यादव आज ग्वालियर में आयोजित होने वाले किसान सम्मेलन में सिंधिया के साथ मंच साझा करेंगे। सिंधिया को चुनाव हरानें के बाद ये पहली बार होगा कि दोनों नेता भाजपा के मंच पर एक साथ होंगे।


बता दें की कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन के बीच मध्यप्रदेश सरकार बिल की स्थिति को स्पष्ट करने के लिये प्रदेश में किसान सम्मेलनों का आयोजन कर रही है। ग्वालियर चंबल संभाग का आयोजन आज बुधवार को ग्वालियर में फूलबाग मैदान में आयोजित होगा।


यादव के पोस्टर से सिंधिया की फ़ोटो गायब, चर्चा का बाजार गर्म।

इसी बीच सांसद केपी यादव के पोस्टर्स में सिंधिया को जगह नही मिली है, जिसकी सियासी गलियारों में काफी चर्चा हो रही है। बता दें की सांसद केपी यादव ने अपने फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया एकाउंट पर खुद किसान सम्मेलन में शामिल होने की जानकारी दी है। यादव ने अपने पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को जगह दी है लेकिन सांसद यादव के पोस्टर से सिंधिया का फोटो गायब है।


किसान सम्मेलन में ग्वालियर चंबल संभाग के बड़े नेता और कार्यकर्ता होंगे शामिल।

किसान सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई मंत्री एवं ग्वालियर चंबल संभाग के बड़े नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे जो कृषि कानूनों 2020 को लेकर स्थिति को स्पष्ट करेंगे और सरकार का पक्ष रखेंगे।



Tuesday, 15 December 2020

मोदी सरकार द्वारा देश में थोपा जा रहा है कॉर्पोरटीकरण: उमेश तिवारी।



  • किसान विरोधी कानूनों को रद्द करने संयुक्त किसान मोर्चा ने दिया धरना।

सीधी: अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति व संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी विरोध के आवाहन पर आज संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा गल्ला मंडी से कलेक्ट्रेट तक किसान मार्च निकाल कर कलेक्टरेट पर धरना देकर राष्ट्रपति को कलेक्टर सीधी के माध्यम से ज्ञापन सौंप कर किसान आंदोलन का समर्थन किया गया और केंद्र शासन द्वारा जबरन थोपे गये तीन किसान विरोधी कानूनों को रद्द करने के की मांग की गई।


धरना आंदोलन को संबोधित करते हुए टोंको-रोंको-ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी ने कहा कि आज देश के किसान जान चुके हैं कि कॉरपोरेटस-राजनेताओं के गठजोड़ और साजिशों से शिक्षा और स्वास्थ्य को व्यापार बनाने में कामयाब हो चुके है इन क्षेत्रों में कॉर्पोरेटस की मुनाफ़ाखोरी हावी हुई है। अब किसान अपने सख्त और सशक्त विरोध से कॉर्पोरेट की ताकत का आक्रमण खेती पर नहीं होने देंगे। केंद्र शासन द्वारा थोपे जा रहे तीन क़ानूनों का मकसद बड़ी कंपनियों को मुनाफा काटने और लूट की छूट देने का है उन्हें छूट दी गई है कॉन्ट्रैक्ट खेती की, जिसमें फंसाए जाने पर किसानों को न्यायालय में जाने से भी मना किया गया है।


निजी मंडियों को टैक्स फ्री कर सरकारी मंडियों को धीरे धीरे बंद कर न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म कर दिया जाएगा। उपज का सही मूल्य के लिए क़ानून क्यों नहीं ? इसलिए कि खेती घाटे का सौदा रहने से उसे खरीदना, छीनना, पूंजीपति, उद्योगपतियों के लिए आसान होगा। जमाखोरी की छूट देकर, 1955 से लगे प्रतिबन्ध को हटाए जाने से बड़ी कंपनियाँ सस्ते में अनाज खरीदकर महंगे दाम पर बेचेगी और गरीबों की अन्नसुरक्षा छीनी जाएगी। फसल बीमा के नाम पर भी मोदी सरकार ने बीमा कंपनियों को हजारों  करोड रूपये का फायदा पहुंचाया। किसानों को गांव गांव से लाखों रूपये भरने के बावजूद किसी प्राकृतिक आपदा से हुई नुकसान की भरपाई नहीं मिली। यह भी कार्पोरेटीकरण का ही नतीजा है।


इन तीन कानूनों से नुकसान भुगतेंगे किसान – मजदूर, खेतीहर और उनसे जुड़े कारीगर और छोटे उद्योग। करोडपति, अरबपति बनेगी कंपनियाँ अंबानी, अडानी, जिंदल, मित्तल, टाटा, बिरला जैसे मुट्ठी भर कॉरपोरेट। खेती में ठेका पद्धति से शिकार हुए किसान कंपनी की धोखाधड़ी के खिलाफ न्यायालय में जाने से भी कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग / ठेकाखेती के क़ानून में अमान्य किया गया है।


धरना आंदोलन को इन्होंने भी संबोधित किया द्वारिका प्रसाद बैस राष्ट्रीय किसान महासंघ, लालजी बैस भारतीय किसान यूनियन, रामचरण सोनी सामाजिक कार्यकर्ता, सरोज सिंह एकता परिषद, रामविशाल विश्वकर्मा सामाजिक कार्यकर्ता, शिव कुशवाहा ओबीसी महासभा, गजेंद्र सिंह भारतीय किसान यूनियन, विनायक पटेल कुर्मी क्षत्रिय महासभा, जयवीर सिंह, उमाकांत पांडेय, मृगेंद्र पटेल, छोटेलाल सिंह, शिवकुमार सिंह क्रांतिकारी मोर्चा, महावीर यादव आदि। राष्ट्रीय किसान महासंघ के जिलाध्यक्ष ददन सिंह नें धरना आंदोलन का संचालन किया।

सीधी: जिले में मिले 5 नए कोरोना संक्रमित, 2 व्यक्तियों ने जीती कोरोना से जंग।



सीधी: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा जानकारी दी गई कि मंगलवार कि शाम तक में  रैपिड एंटीजन किट द्वारा 77 टेस्ट किए गए जिसमें से फीवर क्लीनिक जिला अस्पताल से 1, रामपुर नैकिन से 1, सेमरिया से 2, रीवा मेडिकल कालेज वायरोलॉजी लैब से 1 पॉजिटिव केस कि रिपोर्ट प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि उक्त पॉजिटिव केस को आइसोलेशन में भर्ती करने की तैयारी एवं कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और कंटेन्मेंट एरिया बनाने की कार्यवाही की जा रही है।     

सी.एम.एच.ओ. ने बताया कि कोरोना संक्रमण से 2 लोगों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है। सभी को अपने घर पर होम आइसोलेशन में एक सप्ताह रहने के लिए समझाइश देते हुए आवश्यक दवाओं के सेवन करने के लिए दवा प्रदान की गई है तथा सभी को आवश्यक सावधानियां रखने की सलाह दी गई है।


अब जिले में कुल 1854 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। अब तक 1732 व्यक्तियों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। अब जिले में कुल एक्टिव केस 110 हो गए हैं।

Monday, 14 December 2020

कमलनाथ नें दिए राजनीति छोड़ने के संकेत, कहा- अब मैं आराम करना चाहता हूं।



छिंदवाड़ा: मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ में एक बड़ा बयान दिया है। उन्‍होंने छिंदवाड़ा के सौसर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राजनीति छोड़ने के संकेत दिए हैं। कमलनाथ ने कहा कि अब मैं आराम करना चाहता हूं, मुझे किसी भी पद की कोई महत्वाकांक्षा और लालच नहीं है, मैंने काफी कुछ हासिल किया है। मैं घर पर रहने के लिए तैयार हूं।


अब कमलनाथ के इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी सफाई के साथ मैदान में आ गई। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा है कि कमलनाथ के बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। साथ ही कमलनाथ के मीडिया कोऑर्डिनेटर नरेंद्र सलूजा ने सफाई जारी करते हुए कहा की कमलनाथ राजनीति में रहते हुए जन सेवा का कार्य जारी रखेंगे।


गौरतलब है कि मध्‍य प्रदेश उपचुनाव में 28 सीटों में से सिर्फ 9 पर जीत हासिल करने के कारण कमलनाथ के खिलाफ राज्‍य में आवाज उठ रही हैं। फिलहाल कमलनाथ मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता होने के साथ-साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। उपचुनाव में करारी हार के बाद उन पर गलत टिकट बंटवारे, कमजोर उम्मीदवारों को मैदान में उतारनें एवं गलत रणनीति अपनानें के आरोप लगातार लग रहे हैं। यही नहीं, राज्‍य के तमाम नेता उपचुनाव में हार का ठीकरा कमलनाथ पर फोड़ रहे हैं।  


भाजपा ने कसा तंज।

कमलनाथ के बयान को लेकर भाजपा ने भी तंज कसा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ने कहा है कि यदि कमलनाथ समय रहते हुए संन्यास ले लेते तो मध्य प्रदेश इतना पीछे नहीं जाता।

Wednesday, 9 December 2020

केंद्र को कृषि संबंधी तीनों क़ानून लेने चाहिए वापस, एमएसपी पर बोनस घोषित करें राज्य सरकार: अजय।









  • अभी भी समय है कि केंद्र को अपना अड़ियल रवैया छोडकर किसानों की बात मान लेना चाहिए: अजय सिंह।
  • विपक्ष पर आरोप लगाकर भाजपा खुद को धोखा दे रही है: अजय सिंह।

सीधी: मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि अभी भी समय है कि केंद्र को अपना अड़ियल रवैया छोडकर किसानों की बात मान लेना चाहिए। उसे कृषि संबंधी तीनों क़ानूनों को वापस ले लेना चाहिए। विपक्षी पार्टियों पर किसानों को भड़काने का आरोप लगाकर केंद्र की भाजपा सरकार वास्तव में खुद को धोखा दे रही है।


अजय सिंह ने कहा कि सरकार कह रही है कि नए क़ानूनों से किसानों का भला होगा, जबकि स्वयं किसान कह रहे हैं कि इनसे हमारा भला नहीं होगा। अभी मका और धान न्यूनतम समर्थन मूल्य से आधी कीमत पर व्यापारी खरीद रहे हैं। जाहिर है बड़े व्यापारियों, कारपोरेट और जमाखोरों का भला हो रहा है। तब फिर सरकार किसानों का जबरन भला क्यों करना चाहती है। अगर नए कृषि कानून किसानों के हित में ही हैं तो वह कहीं दिखाई क्यों नहीं दे रहा है। इस वास्तविकता के गवाह स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। विगत रविवार को मन की बात के दौरान उन्होने महाराष्ट्र के धूलिया जिले के एक किसान जितेंद्र को नए क़ानूनों के फायदे गिनाते हुये व्यापारी के पास फंसे हुये उसके रुपए दिलवाए। किसान ने इसके लिए धन्यवाद तो दिया लेकिन सारी पोल खोल दी। उसने बताया कि उसे कैसे एम एस पी से 600 रुपए कम में अपनी मका की फसल बेचना पड़ी। यह वही कम पैसा है जिसमें उसे दो लाख रुपए का घाटा हुआ है।


श्री सिंह ने कहा कि सरकार के रवैये से किसानों को उसकी नियत में खोट साफ दिखाई दे रही है। किसान सिर्फ इतनी ही तो मांग कर रहा है कि उसे मंडी समिति की व्यवस्था और एम एस पी की गारंटी चाहिए। इतनी सी बात का कोई सीधा जवाब देने को तैयार नहीं है। एम एस पी अनिवार्य करने की बात पर सरकार चुप हो जाती है। किसानों के समर्थन में बड़े बड़े खिलाड़ी अपने अवार्ड राष्ट्रपति को वापस करने का ऐलान कर चुके हैं। देश की सभी ट्रेड यूनियन किसानों का समर्थन कर रही हैं। नए क़ानूनों का विरोध तो विदेशों में भी शुरू हो गया है। ब्रिटेन, कनाडा और यू एस ए से भी किसान आंदोलन को समर्थन देने की बात समाचार पत्रों में आ रही है लेकिन केंद्र सरकार के कान में जूं भी नहीं रेंग रही।


अजय सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश के किसान मुख्यमंत्री शिवराजसिंह भी केंद्र को सच बताने में प्रधानमंत्री से डर रहे हैं। उनके बड़बोले कृषि मंत्री कमल पटेल कृषि अधिनियम पर सहमति की बात तो करते हैं और दूसरी ओर किसान होकर बेशर्मी से कहते हैं कि सरकार क्या एम एस पी पर सारा अनाज खरीद लेगी। यह भी कहते हैं कि एम एस पी से सहमत हूँ। कल भारत बंद के दौरान स्वयं कृषि मंत्री के गृह जिले हरदा में किसानों को पूरा समर्थन मिला, मंडी और बाजार सौ प्रतिशत बंद रहे। भाजपा से जुड़े किसान संगठन भी इसमें शामिल रहे।


अजय सिंह ने कहा कि यदि शिवराज सरकार की मंशा में खोट नहीं है और वह वास्तव में किसानों के साथ है तो अब तक घोषित एम एस पी पर हर बार की तरह बोनस घोषित करे।

MP नगरीय निकाय चुनाव : सीधी नगर पालिका सामान्य वर्ग के लिए मुक्त।



सीधी: मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित प्रदेश के 16 नगर निगमों के महापौर एवं 99 नगर पालिका व 292 नगर परिषदों के अध्यक्ष के लिए आरक्षण की प्रक्रिया रवींद्र भवन में नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त की मौजूदगी में की गई। जिसमें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।


सीधी नगरपालिका सामान्य वर्ग के लिए मुक्त।

आज भोपाल के रवींद्र भवन में हुई आरक्षण प्रक्रिया के तहत सीधी नगरपालिका सामान्य वर्ग के लिए मुक्त हुई है। बता दें की इसके पहले के कार्यकाल में सीधी नगरपालिका के लिये भाजपा से देवेन्द्र सिंह "मुन्नू" अध्यक्ष चुनें गये थे। हला की अब देवेन्द्र सिंह "मुन्नू" कांग्रेस की सदस्यता ले चुके हैं।


रीवा और सिंगरौली महापौर का पद अनारक्षित।

आरक्षण प्रक्रिया के तहत भोपाल और खंडवा में अगली महापौर ओबीसी महिला होगी, जबकि ग्वालियर, देवास, बुरहानपुर, सागर और कटनी में सामान्य महिला महापौर बनेंगी। इंदौर, जबलपुर, रीवा और सिंगरौली महापौर का पद अनारक्षित हो गया है।


एससी वर्ग के लिए आरक्षित।

मकरोनिया, दमुआ, डबरा, गोहद, सारणी, खुरई, आमला, चंदेरी, बीना, गोटेगांव, नागदा, भिंड, हटा, महाराजपुर, लहार।


25 नपा ओबीसी वर्ग के लिए।

एससी महिला के लिए आरक्षित- इनमें से 8 नपा खुरई, सारणी, गोहद, दमुआ, गोटेगांव, नागदा, भिंड और हटा।


ओबीसी वर्ग मुक्त नपा।

सबलगढ़, शहडोल, सिरोंज, मैहर, सिवनी, मंडला, रहली, इटारसी, पनागर, जुन्नारदेव, राघोगढ़, मनावर।


ओबीसी महिला ।

छतरपुर, धार, जावरा, सनावद, नेपानगर, आष्टा, हरदा, व्यावरा, पांढुर्ना, श्योपुरकला, होशंगाबाद, रायसेन और मंदसौर।


सामान्य वर्ग के लिए मुक्त।

सारंगपुर, सिवनी-मालवा, बेगमगंज, टीकमगढ़, नौगांव, पोरसा, अशोकनगर, डोंगर-परासिया, सीहोरा, कोतमा, पसान, सीधी, बड़नगर, गंजबासौदा, नरसिंहगढ़, सिहोर, पीथमपुर, बड़वाह, नरसिंहपुर, सेंधवा, गाडरवारा, अनूपपुर, आगर, शाजापुर, उमरिया, दमोह और खाचरोद।


सामान्य महिला वर्ग के लिए नपा।

बैतूल, विदिशा, राजगढ़, पिपरिया, गढ़ाकोटा, पन्ना, खरगोन, बालाघाट, नैनपुर, धनपुरी, महिदपुर, शिवपुरी, बैरसिया, मुलताई, देवरी, दतिया, गुना, वारासिवनी, चौरई, सौसर, अमरवाड़ा, करेली, नीमच, अंबाह, मंडीदीप, सुजालपुर।


ST वर्ग के लिए 6 नपा।

मलाजखंड, झाबुआ, अलीराजपुर, पाली, बड़वानी, बिजुरी।

ST महिला के लिए।

अलीराजपुर बड़वानी और बिजुरी।

Saturday, 5 December 2020

Corona Vaccine: ट्रायल डोज लेने वाले हरियाणा के मंत्री अनिल विज निकले कोरोना पॉजिटिव।



Coronavirus Updates: हरियाणा सरकार के मंंत्री अनिल विज कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने खुद ट्वीट कर यह जानकारी दी है। विज कोरोना की वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल के लिए वालंटियर बने थे। उन्होंने बताया कि वह कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं और अंबाला कैंट के एक सिविल अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग उनके संपर्क में आए थे, वे अपना कोरोना टेस्ट करा लें।


गौरतलब है की, बीते 20 नवंबर को विज को कोरोना की वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल के लिए पहला टीका लगाया गया था। विज ने खुद ही कोरोना वैक्सीन के परीक्षण के लिए वालंटियर बनने की इच्छा जताई थी। 20 नवंबर को हरियाणा में कोवाक्सिन का तीसरे चरण का ट्रायल शुरू किया गया था। इस दौरान अनिल विज को पहला टीका लगाया गया था। विज के साथ 200 वालंटियर्स को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज दी गई थी।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, विज को 28 दिन बाद वैक्सीन का दूसरा डोज दिया जाएगा। बता दें कि भारत बायोटेक कंपनी आईसीएमआर के साथ मिलकर कोरोना की वैक्सीन कोवाक्सिन का निर्माण कर रही है। पीजीआई रोहतक देश के उन तीन सेंटर्स में से है जहां तीसरे चरण के ट्रायल का टीका लगाया गया। कंपनी का दावा है कि उनकी वैक्सीन 90 प्रतिशत कारगर होगी।

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सीधी: आज थोड़ी कम हुई कोरोना की रफ्तार, मिले 43 नए कोरोना संक्रमित।

सीधी: जिले में कोरोना की लगातार तेज होती रफ्तार के बीच आज थोड़ी सी राहत भी मिली है। दरअसल, कई दिनों बाद आज सीधी में संक्रमण की गति थोड़ी कम...