Wednesday, 25 November 2020

अर्जुन सिंह से लेकर कमलनाथ तक सभी के करीबी थे अहमद पटेल, निधन पर अजय सिंह नें जताया दुख।



भोपाल: कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता अहमद पटेल का निधन हो गया है। वह कोरोना पॉजिटिवि होने के बाद करीब एक महीने से अस्पताल में भर्ती थे। गुरुग्राम के अस्पताल में इलाज चल रहा था। बुधवार की सुबह करीब 3.30 उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके बेटे फैजल ने अपने पिता के मौत की पुष्टि की। अहमद पटेल  71 वर्ष के थे।


अहमद पटेल का जाना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। गांधी परिवार के बाद अहमद पटेल की गिनती कांग्रेस के सबसे ताकतवर नेताओं में की जाती थी। हमेशा पर्दे के पीछे रहने वाले अहमद पटेल कांग्रेस संगठन के सबसे बड़े स्तंभ थे।जिनकी राजनीतिक कुशलता का लोहा उनके विरोधी भी मानते थे। मध्य प्रदेश की सियासत में कांग्रेस जब-जब मुसीबत में दिखी अहमद पटेल ने तब-तब यहां भी अहम भूमिका निभाई।


कई मौकों पर मध्य प्रदेश कांग्रेस की राजनीतिक दिशा और दशा तय की।

अहमद पटेल को यूं ही कांग्रेस का चाणक्य नहीं कहा जाता था। गुजरात से आने वाले सौम्य स्वभाव के अहमद पटेल कांग्रेस के लिए सबसे बड़े संकटमोचक माने जाते थे। मध्य प्रदेश की सियासत में अर्जुन सिंह, मोतीलाल वोहरा से लेकर वर्तमान में दिग्विजय सिंह और कमलनाथ से उनके संबंध सबसे घनिष्ट माने जाते थे। दिल्ली में सक्रिय रहने वाले अहमद पटेल ने कई मौकों पर मध्य प्रदेश कांग्रेस की राजनीतिक दिशा और दशा तय की।


अर्जुन सिंह के बेहद करीब थे अहमद पटेल।

अहमद पटेल एमपी के पूर्व सीएम अर्जुन सिंह, दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के सबसे करीबियों में से एक माने जाते थे। गुजरात में जब केशुभाई पटेल की सरकार गिरी तब वाघेला गुट के विधायकों को मध्य प्रदेश के खजुराहो के एक होटल में ठहराया गया। इस काम को अहमद पटेल, कमलनाथ एवं मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह नें ही अंजाम दिया था। जिसके बाद गुजरात में कांग्रेस की सरकार बनी थी।


दिग्विजय सिंह को सीएम बनानें में अर्जुन सिंह के साथ अहमद पटेल की भी भूमिका थी।

इसी तरह मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह जब पहली बार मुख्यमंत्री बने तब उन्हें इस पद को दिलाने में अर्जुन सिंह के साथ साथ अहमद पटेल की भूमिका भी मानी जाती है। 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले कमलनाथ को कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान दिलाने में भी अहमद पटेल की भूमिका रही।


आठ बार सांसद रहे अहमद पटेल।

अहमद पटेल ने संसद में 8 बार गुजरात का प्रतिनिधित्व किया है। तीन बार लोकसभा सांसद की हैसियत से, तो 5 बार राज्यसभा सांसद की हैसियत से। अहमद पटेल ने कांग्रेस पार्टी में हर अहम जिम्मेदारी उठाई। कांग्रेस पार्टी तो गुजरात में मजबूत किया और यूथ कांग्रेस को पूरे देश में सांगठनिक तौर पर खड़ा किया। आज कांग्रेस में जो भी पुराने नेता दिखते हैं, इत्तेफाक से उनमें से कई यूथ कांग्रेस से निकलकर आए हैं।अहमद पटेल कांग्रेस पार्टी के महासचिव से लेकर कोषाध्यक्ष तक रहे। वो 1977 से 1982 तक पटेल, गुजरात यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। साल 1991 में पटेल को कांग्रेस वर्किंग कमेटी का सदस्य बनाया गया, जो वे जीवनपर्यन्त बने रहे।


पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें अहमद पटेल के निधन पर जताया दुख।

मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सीएम अर्जुन सिंह के पुत्र अजय सिंह नें अहमद पटेल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुये कहा- "कांग्रेस पार्टी के स्तंभ, वरिष्ठ राजनेता, राज्यसभा सांसद श्री अहमद पटेल जी के निधन के समाचार से स्तब्ध हूँ। यह कांग्रेस पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है। परमात्मा दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और शोकाकुल परिजनों को दुख सहने की सामर्थ्य दे। विनम्र श्रद्धांजलि ।ॐ शांति।"

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