Monday, 30 November 2020

किसान आंदोलन को हल्के में न ले केंद्र सरकार, कृषि संबंधी काले क़ानूनों के गंभीर दुष्परिणाम होंगे: अजय।



शिवराज सिंह केंद्र की हाँ में हाँ न मिलाकर प्रधानमंत्री को बताएं जमीनी हकीकत: अजय सिंह।

भोपाल: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि केंद्र सरकार देश के किसानों द्वारा तीन काले कृषि क़ानूनों के खिलाफ किए जा रहे आंदोलन को हल्के में न ले। इसे गंभीरता से लेते हुये इन क़ानूनों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए वरना इसके भयानक दुष्परिणाम होंगे। उन्होने शिवराजसिंह से भी आग्रह किया है कि वे केंद्र की हाँ में हाँ न मिलाकर जमीनी हकीकत प्रधानमंत्रीजी  को बताएं क्योंकि यह किसानों के जीवन मरण का प्रश्न है।


अजय सिंह ने कहा कि अव्वल तो इन क़ानूनों का मसौदा तैयार करते समय किसान संगठनों के एक भी प्रतिनिधि  से चर्चा नहीं की गई। आश्चर्य है कि जिनके लिए कृषि कानून बनाया जा रहा था, उन्हें ही इसके बारे में नहीं मालूम था। जिनका कृषि से कोई सीधा लेना देना नहीं है ऐसी बड़ी बड़ी कंपनियों के दबाव में उनके फायदे के लिए यह काले कृषि कानून लाये गए हैं। नए कानून से कार्पोरेट्स तो कृषि उपजों से लाभ प्राप्त करने की कोशिश करेंगे और किसान वहीं का वहीं खड़ा रहेगा।


श्री सिंह ने कहा कि किसानों की यह आशंका भी सही है कि बड़े लोग जमाखोरी करेंगे जिससे छोटे छोटे किसानों को नुकसान होगा। आम तौर पर बाजार में अनाज की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर नहीं होती हैं। कानून में न्यूनतम समर्थन मूल्य की कोई गारंटी नहीं है। इससे किसानों का नुकसान ही नुकसान है। जिन आढ़तियों और साहूकारों के चंगुल से बचाने के लिए कांग्रेस सरकारों ने कृषि मंडियों की व्यवस्था बनाई उसे भाजपा सरकार ने ध्वस्त कर दिया है| इसे फिर से व्यापारियों के हाथ में सौंपने का षड्यंत्र किया गया है।


अजयसिंह ने कहा कि नए कानून में कांट्रेक्ट फ़ार्मिंग की जो व्यवस्था की गई है उसके सभी प्रावधान कार्पोरेट्स के पक्ष में हैं। एक अपढ़ या साधारण पढ़ा लिखा किसान उसे नहीं समझ पाएगा। विवाद होने पर उसे न्यायिक कोर्ट में न ले जाकर साधारण एस0डी0एम0 कोर्ट में ले जाने कि व्यवस्था है। इससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद नहीं के बराबर रहेगी। प्रथम दृष्ट्या कृषि से जुड़े कानून किसान विरोधी हैं इन्हें तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए।

Friday, 27 November 2020

सीधी: जिले में मिले 5 नए कोरोना संक्रमित, 8 व्यक्तियों ने जीती कोरोना से जंग।



सीधी: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा जानकारी दी गई कि शुक्रवार कि शाम तक में  रैपिड एंटीजन किट द्वारा 113 टेस्ट किए गए जिसमें से फीवर क्लीनिक जिला अस्पताल से 3 तथा रीवा मेडिकल कॉलेज वायरोलॉजी लैब से 2 पॉजिटिव केस कि रिपोर्ट प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि उक्त पॉजिटिव केस को आइसोलेशन में भर्ती करने की तैयारी एवं कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और कंटेन्मेंट एरिया बनाने की कार्यवाही की जा रही है।  


सी.एम.एच.ओ. ने बताया कि कोरोना संक्रमण से 8 लोगों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है। सभी को अपने घर पर होम आइसोलेशन में एक सप्ताह रहने के लिए समझाइश देते हुए आवश्यक दवाओं के सेवन करने के लिए दवा प्रदान की गई है तथा सभी को आवश्यक सावधानियां रखने की सलाह दी गई है।


अब जिले में कुल 1702 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। अब तक 1565 व्यक्तियों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। अब जिले में कुल एक्टिव केस 127 हो गए हैं।

मोदी सरकार नें अपने ही देश के किसानों के साथ छेड़ा युद्ध: उमेश तिवारी।



सीधी: नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर हरियाणा सीमा पर जारी किसानों के आंदोलन को रोकनें और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकनें के लिये पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले दागे गए तथा आंदोलनकारी किसानों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें भी की गई। अब इस बात को लेकर सीधी के समाजसेवी एवं हमेशा किसानों की हक की लड़ाई लड़नें वाले उमेश तिवारी नें कड़ी प्रतिक्रिया दी है।


श्री तिवारी नें कहा, शीत के मौसम में ठण्डे पानी की तेज बौछार, आंसू गैस के गोले बरसाना, लाठियां भाँजना और दिल्ली पुलिस के अफसर का गुरुद्वारों को अपने यहां किसी को न आने देने की समझाईश और आने वाले किसानो से हर तरह से निपट लेने का सार्वजनिक बयान सब कुछ एक ही संकेत देता है की मोदी सरकार नें अपने ही देश के किसानो के साथ युद्द छेड़ दिया है।


श्री तिवारी नें आगे कहा, जिस प्रकार दुश्मन देश की सेना से लड़ते समय अस्थाई अवरोधक किला का एक तरीका सड़क को खोद कर इतना बड़ा गड्डा - इतनी चौड़ी खाई बनाना या बड़े बड़े पत्थर अड़ा देना भी होता है कि शत्रु की गाड़ियां, ट्रक्स और टैंक आगे नहीं बढ़ सकें। किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए मोदी और खट्टर सरकार ने यही किया। सड़कें खुदवा दीं गड्डे भी किये और उनसे निकली मिटटी के ढेर भी लगवा दिए तथा ट्रकों में मिट्टी भरवाकर सड़को को जाम किये।


देश के नागरिकों को अपने ही देश की राजधानी जाने से रोका जा रहा है। हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश सहित प्रदेशों की सीमायें सील की गईं हैं। अपने ही देश के प्रदेशों के साथ दुश्मन देश जैसा बर्ताव किया जा रहा है। उद्योगपतियों के गुलाम बहुत हुए हैं मगर इतना वफादार गुलाम कम ही देखा गया है कि अपने ही प्रदेशों के बीच परायेपन की दीवार खड़ी कर दे।


श्री तिवारी नें कहा, लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने के साथ अब भाजपा सरकारें भारत एक देश की अवधारणा पर भी हमलावर हुयी है। मगर किसानो का प्रतिरोध इस तरह के कायराना दमन से नहीं रुकेगा। किसान - लड़ाई जारी रहेगी तब तक कि जब तक खेती-किसानी के तीनो विनाशकारी क़ानून वापस नहीं हो जाते।

Thursday, 26 November 2020

बिजली समस्या को लेकर कांग्रेस की चुरहट इकाई नें, मवई विद्युत वितरण केन्द्र का किया घेराव।



सीधी / चुरहट: काग्रेस पार्टी (चुरहट इकाई) द्वारा बिजली की समस्या को लेकर मवई डी.सी. कार्यालय का घेराव किया गया। गरीब मजदूर, आम जनता एवं किसानों की समस्या को लेकर काग्रेस पार्टी नें अघोषित बिजली कटौती, मनमाना बिजली का बिल, बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा बिना किसी कारण किसानों पर फर्जी प्रकरण दर्ज करवाने, लो वोल्टेज की समस्या, डी. सी. कार्यालय अंतर्गत हर गांव में ट्रांसफार्मर की कमी एवं जले ट्रांसफार्मर को रिपेयर करने में लापरवाही बरतने आदि की समस्या को लेकर धरना प्रदर्शन किया।


कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री ज्ञान सिंह ने कहा की आज किसान को सबसे ज्यादा बिजली कि जरुरत है, क्या उसे बिजली मिल रहीं हैं! नही मिल रहीं हैं क्युकी बिजली की अघोषित कटौती से किसान परेशान हैं। अगर बिजली है तो लो वोल्टेज भी बड़ी समस्या है। बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा किसानों पर फर्जी प्रकरण दर्ज होना किसानो पर एक तरह से दोहरी मार है। उन्होनें आगे कहा की मैं जब यूथ कांग्रेस का जिला अध्यक्ष था तब एक चुरहट काग्रेस कार्यकर्ता के ऊपर फर्जी मुकदमा कायम हुआ था। तब पुरे चुरहट के यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ऐतिहासिक एस डी ओ पी कार्यालय का घेराव किया था, घेराव के तीन दिन के अंदर चुरहट एस डी ओ पी का का ट्रांसफर हुआ था।


भारत सिंह  ने कहा किसान, गरीब मजदूर, आम जनता को बिजली की  समस्या 15 दिन के अन्दर हल नही हुई तो फिर तैयार रहे एक बड़े आंदोलन के लिए।


रामविलास पटेल ने कहा बिजली की समस्या बहुत बड़ी हैं आज के समय किसान, मजदूर, आम आदमी  परेशान हैं।


शंभू प्रसाद गौतम ने कहा आज किसान को सबसे बड़ी समस्या बिजली है। खाद की समस्या भी किसान को है, पर कोई ध्यान नहीं देता। कांग्रेस पार्टी की जब सरकार थी तब बिजली का बिल 100 रू. आता था और अब कोई सीमा नही।


कमलेंद्र सिंह नें कहा कि मवई डी. सी. अंतर्गत कई गांवों में ट्रांसफार्मर की कमी और जहा ट्रांसफार्मर जल गए हैं उनका ठीक तरीके से रिपेयर नही किया गया। लापरवाही बरती गई जिससे किसान, आम नागरिक एवं गरीब मजदूर को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है


पंकज सिंह ने कहा, किसान, आम नागरिक, गरीब मजदूर आज बिजली के भारीभरकम बिल के बोझ से दबा हुआ हैं । बिजली विभाग के अड़ियल रवैए से जनता परेशान हैं किसान किससे गुहार लगाए। गरीब मजदूर की हालत इतनी दयनीय हैं कि वो इतने भारी भरकम बजली के बिल को कैसे भरेगा। आज कल तो बिजली के तार मे नही बिजली के बिल में करेंट लगता है।


विजय सिंह नें मंच संचालन करते हुए कहा कि सीमा में जवान और खेत में किसान अपना खून पसीने से देश को सींचा है । आज किसान की स्थिति बहुत दयनीय है।


धरना प्रदर्शन में कांग्रेस के कई  पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिसमें ज्ञान सिंह महामंत्री मध्यप्रदेश काग्रेस कमेटी, भारत सिंह पूर्व विधायक प्रतिनिधि, रामविलास पटेल अध्यक्ष ब्लाक काग्रेस कमेटी, बैजनाथ सिंह, शंभू प्रसाद गौतम पूर्व विधायक प्रतिनिधि, कमलेश्वर सिंह, दर्शन प्रसाद मिश्रा, दिवाकर सिंह, सच्चेलाल सिंह, विजय सिंह चुरहट, आर एन पटेल, अजीत सिंह, कमलेंद्र सिंह डब्बू, पंकज सिंह अध्यक्ष आई टी एवं सोसल मीडिया, ज्ञानेन्द्र सिंह मुन्नू, विजय, भूपेंद्र, प्रभात सिंह राजन, नीरज सिंह, विष्णु विश्कर्मा, उमेश सिंह, उमेश गुप्ता, पिंकू सिंह पोलो, विवेक, रितेंद्र, आदित्य नाथ त्रिपाठी, बुद्धि सागर त्रिपाठी, मुन्नलाल जायसवाल, मुकेश रजक, सुनील वर्मा, पुष्पराज कोल आदि शामिल हैं।

Wednesday, 25 November 2020

सीधी: ब्लॉक कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष पार्टी से निष्कासित, वरिष्ठ नेताओं को गाली-गलौज करने का था आरोप।



सीधी: मध्यप्रदेश विधानसभा के उपचुनावों में मिली हार के बाद से ही कांग्रेस में अंतर्कलह जारी है। प्रदेश स्तर पर कांग्रेस के नेता आपस में एक दूसरे के ऊपर आरोप प्रत्यारोप कर रहें हैं। अब यह अंतर्कलह जिला स्तर तक भी पहुंच गया है। ऐसा ही एक मामला सीधी जिले से आया है, जहां कांग्रेस द्वारा ब्लॉक कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष श्रवण सिंह चैहान को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से 6 वर्षाें के लिए निष्कासित कर दिया गया है।

उनके ऊपर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को गाली-गलौज करने का आरोप है। पार्टी नेताओं को अभद्र, अपमानजनक एवं गालियां देने का आडियो वायरल होने के पश्चात जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रूद्र प्रताप सिंह "बाबा" ने श्रवण सिंह चैहान को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

उक्त जानकारी देते हुये जिला कांग्रेस कमेटी के संगठन महामंत्री सुरेश प्रताप सिंह ने बताया है कि उक्त प्रकरण को गम्भीरता से लेते हुये पार्टी से आरोपो का परिक्षण करने के उपरान्त श्रवण सिंह चैहान को तत्काल प्रभाव से पार्टी से आगामी 6 वर्षाें के लिए निष्कासित कर दिया गया है।



अर्जुन सिंह से लेकर कमलनाथ तक सभी के करीबी थे अहमद पटेल, निधन पर अजय सिंह नें जताया दुख।



भोपाल: कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता अहमद पटेल का निधन हो गया है। वह कोरोना पॉजिटिवि होने के बाद करीब एक महीने से अस्पताल में भर्ती थे। गुरुग्राम के अस्पताल में इलाज चल रहा था। बुधवार की सुबह करीब 3.30 उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके बेटे फैजल ने अपने पिता के मौत की पुष्टि की। अहमद पटेल  71 वर्ष के थे।


अहमद पटेल का जाना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। गांधी परिवार के बाद अहमद पटेल की गिनती कांग्रेस के सबसे ताकतवर नेताओं में की जाती थी। हमेशा पर्दे के पीछे रहने वाले अहमद पटेल कांग्रेस संगठन के सबसे बड़े स्तंभ थे।जिनकी राजनीतिक कुशलता का लोहा उनके विरोधी भी मानते थे। मध्य प्रदेश की सियासत में कांग्रेस जब-जब मुसीबत में दिखी अहमद पटेल ने तब-तब यहां भी अहम भूमिका निभाई।


कई मौकों पर मध्य प्रदेश कांग्रेस की राजनीतिक दिशा और दशा तय की।

अहमद पटेल को यूं ही कांग्रेस का चाणक्य नहीं कहा जाता था। गुजरात से आने वाले सौम्य स्वभाव के अहमद पटेल कांग्रेस के लिए सबसे बड़े संकटमोचक माने जाते थे। मध्य प्रदेश की सियासत में अर्जुन सिंह, मोतीलाल वोहरा से लेकर वर्तमान में दिग्विजय सिंह और कमलनाथ से उनके संबंध सबसे घनिष्ट माने जाते थे। दिल्ली में सक्रिय रहने वाले अहमद पटेल ने कई मौकों पर मध्य प्रदेश कांग्रेस की राजनीतिक दिशा और दशा तय की।


अर्जुन सिंह के बेहद करीब थे अहमद पटेल।

अहमद पटेल एमपी के पूर्व सीएम अर्जुन सिंह, दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के सबसे करीबियों में से एक माने जाते थे। गुजरात में जब केशुभाई पटेल की सरकार गिरी तब वाघेला गुट के विधायकों को मध्य प्रदेश के खजुराहो के एक होटल में ठहराया गया। इस काम को अहमद पटेल, कमलनाथ एवं मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह नें ही अंजाम दिया था। जिसके बाद गुजरात में कांग्रेस की सरकार बनी थी।


दिग्विजय सिंह को सीएम बनानें में अर्जुन सिंह के साथ अहमद पटेल की भी भूमिका थी।

इसी तरह मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह जब पहली बार मुख्यमंत्री बने तब उन्हें इस पद को दिलाने में अर्जुन सिंह के साथ साथ अहमद पटेल की भूमिका भी मानी जाती है। 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले कमलनाथ को कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान दिलाने में भी अहमद पटेल की भूमिका रही।


आठ बार सांसद रहे अहमद पटेल।

अहमद पटेल ने संसद में 8 बार गुजरात का प्रतिनिधित्व किया है। तीन बार लोकसभा सांसद की हैसियत से, तो 5 बार राज्यसभा सांसद की हैसियत से। अहमद पटेल ने कांग्रेस पार्टी में हर अहम जिम्मेदारी उठाई। कांग्रेस पार्टी तो गुजरात में मजबूत किया और यूथ कांग्रेस को पूरे देश में सांगठनिक तौर पर खड़ा किया। आज कांग्रेस में जो भी पुराने नेता दिखते हैं, इत्तेफाक से उनमें से कई यूथ कांग्रेस से निकलकर आए हैं।अहमद पटेल कांग्रेस पार्टी के महासचिव से लेकर कोषाध्यक्ष तक रहे। वो 1977 से 1982 तक पटेल, गुजरात यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। साल 1991 में पटेल को कांग्रेस वर्किंग कमेटी का सदस्य बनाया गया, जो वे जीवनपर्यन्त बने रहे।


पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें अहमद पटेल के निधन पर जताया दुख।

मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सीएम अर्जुन सिंह के पुत्र अजय सिंह नें अहमद पटेल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुये कहा- "कांग्रेस पार्टी के स्तंभ, वरिष्ठ राजनेता, राज्यसभा सांसद श्री अहमद पटेल जी के निधन के समाचार से स्तब्ध हूँ। यह कांग्रेस पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है। परमात्मा दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और शोकाकुल परिजनों को दुख सहने की सामर्थ्य दे। विनम्र श्रद्धांजलि ।ॐ शांति।"

भाजपा जिलाध्यक्ष के "वायरल ऑडियो" पर कांग्रेस हमलावर, प्रदेश महासचिव नें बताया घृणित तो प्रदेश सचिव नें सांसद से मांगी प्रतिक्रिया।



सीधी: भाजपा जिलाध्यक्ष के वायरल ऑडियो नें सीधी की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस वायरल ऑडियो पर लोग सोशल मीडिया में अपनी प्रतिक्रिया दे रहें हैं। दरअसल, सीधी भाजपा के जिलाध्यक्ष इन्द्रशरण सिंह चौहान का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हुआ है। इस वायरल वीडियो में भाजपा जिलाध्यक्ष किसी महिला से बात करते हुये सुनाई दे रहें हैं। हला की सीधी CHRONICLE इस वायरल ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नही करता। लेकिन इस ऑडियो में जो बातचीत हो रही है वह आपत्तिजनक प्रतीत हो रही है। अब इस वायरल ऑडियो को लेकर कांग्रेस हमलावर हो गयी है।


कांग्रेस प्रदेश महामंत्री ज्ञान सिंह नें इसे घृणित और अश्लील बताया।

भाजपा जिलाध्यक्ष के वायरल ऑडियो पर कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री ज्ञान सिंह चौहान नें कड़ी प्रतिक्रिया दी है और ऑडियो में हो रही बातचीत को घृणित और अश्लील बताया है। एक निजी न्यूज़ पोर्टल से बात करते हुये कांग्रेस महामंत्री नें कहा की, भाजपा जिलाध्यक्ष एक जिम्मेदारी का पद है और इस पद पर बैठा हुआ व्यक्ति इस तरह की घृणित और अश्लील बात करे यह कतई उचित नही है। उन्होनें आगे कहा की, इस ऑडियो में साफ साफ सुनाई दे रहा की भाजपा जिलाध्यक्ष द्वारा घूमनें फिरनें और मिलनें जुलनें की बात हो रही है। कांग्रेस प्रदेश महामंत्री नें ये भी कहा की, भाजपा जिलाध्यक्ष ऐसे पद पर बैठें हैं की युवा और समाज उनकी बातों का अनुशरण करता है, और उनकी इस तरह की घृणित और अश्लील बातचीत एक गलत संदेश दे रही है।


प्रदेश कांग्रेस सचिव अरुण सिंह 'चिन्टू' नें इस मसले पर सीधी सांसद रीति पाठक को आड़े हाथों लिया।

प्रदेश कांग्रेस सचिव (आईटी एवं सोशल मीडिया सेल) अरुण सिंह 'चिन्टू' नें भाजपा जिलाध्यक्ष के वायरल ऑडियो को लेकर कहा की, सीधी जिला भाजपा अध्यक्ष का एक ओडियो मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसमें वो एक यौन एवं घरेलू हिसा से उत्पीड़ीत महिला की मदद के बहानें उसे अपने झांसे में लेनें की दिशा में प्रयासरत दिख रहे है और उस  पीड़ित महिला पर आयी "आपदा को अवसर" में बदलनें का निंदनीय कृत्य कर रहें हैं।


कांग्रेस प्रदेश सचिव नें आगे कहा की, मैं जिले की सांसद रीति पाठक जो की एक खुद महिला है, जो की पूर्व सीएम कमलनाथ द्वारा चुनावी सभा में दिये गये एक बयान को इमरती देवी से जोड़कर ग्वालियर में प्रेस वार्ता कर रहीं थी, उनसे अनुरोध करता हूं की वो सामनें आये और अपनें जिला अध्यक्ष के इस कृत्य पर अपनी प्रतिक्रिया दें।  


क्या है इस वायरल ऑडियो में?

वायरल हुये ऑडियो में जो महिला भाजपा जिलाध्यक्ष से बातचीत कर रही है, वह घरेलू हिंसा एवं यौन उत्पीड़न की शिकार लग रही है और भाजपा जिलाध्यक्ष से मदद मांगती हुई प्रतीत हो रही है। आगे इस ऑडियो में भाजपा जिलाध्यक्ष उक्त महिला से उसकी कुछ खास तस्वीर मागते हुये सुनाई दे रहें हैं। साथ ही भाजपा जिलाध्यक्ष, महिला को अपनें घर पर किराये से रखनें की बात भी कर रहें हैं। इसके साथ ही भाजपा जिलाध्यक्ष, महिला को किसी प्राइवेट हॉस्पीटल में नौकरी दिलवानें की बात करते हुये उसे अपनें साथ घूमनें चलनें का प्रस्ताव भी दे रहें हैं।


भाजपा जिलाध्यक्ष की प्रतिक्रिया।

इस मसले पर एक निजी न्यूज़ पोर्टल नें भाजपा जिलाध्यक्ष इन्द्रशरण सिंह चौहान से बात की, जिसमें उन्होनें स्वीकार किया की वायरल ऑडियो उनका ही हैं। उन्होनें स्वीकार किया की उक्त महिला उनसे एक दो बार मिली है। उन्होनें कहा की वह पीड़ित थी जिसको लेकर मै उसकी मदद करना चाह रहा था। लेकिन कुछ लोग उस लड़की को मोहरा बनाकर उसको मेरे खिलाफ इस्तेमाल कर रहें हैं। उन्होनें आगे कहा की उस लड़की की कोई गलती नही है, वह गहरवार है और मैं चौहान इस नाते मैनें उससे बस थोडा हंसी मजाक कर लिया। उन्होनें आगे कहा की मैनें ना तो कोई आपत्तिजनक और ना ही कोई अश्लील बात की है।

कांग्रेस नेता अहमद पटेल का निधन, कोरोना पॉजिटिव होने के बाद से थे अस्पताल में भर्ती।



सीधी CHRONICLE: कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता अहमद पटेल का निधन हो गया है। वह कोरोना पॉजिटिवि होने के बाद करीब एक महीने से अस्पताल में भर्ती थे। गुरुग्राम के अस्पताल में इलाज चल रहा था। बुधवार की सुबह करीब 3.30 उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके बेटे फैजल ने अपने पिता के मौत की पुष्टि की। अहमद पटेल  71 वर्ष के थे।


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल एक महीना पहले कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे।इसके बाद उनका गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें नहीं बचाया जा सका।अहमद पटेल 15 नवंबर से आईसीयू में भर्ती थे।


बेटे फैजल पटेल ने ट्वीट कर दी जानकारी।

अहमद पटेल के बेटे फैजल पटेल ने ट्वीट कर कहा, ''पिता अहमद पटेल का निधन आज सुबह 3 बजकर 30 मिनट पर हुआ है। एक महीने पहले वह कोरोना से संक्रमित हुए थे और शरीर के कई अंगों के काम बंद करने की वजह से उनकी हालत बिगड़ रही थी। खुदा उन्हें जन्नत दे। आप सभी से अनुरोध है कि कोरोना गाइडलाइन्स का पालन करते हुए भीड़ इकट्ठा न करें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।''

Tuesday, 24 November 2020

AUDIO: भाजपा जिलाध्यक्ष के वायरल ऑडियो पर बवाल, जानिये जिलाध्यक्ष की प्रतिक्रिया?



सीधी: आज सीधी के राजनैतिक गलियारे में एक वायरल ऑडियो नें भूचाल ला दिया। आज दिनभर इस वायरल ऑडियो की चर्चा पूरे जिले में होती रही। दरअसल, सीधी भाजपा के जिलाध्यक्ष इन्द्रशरण सिंह चौहान का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हुआ। इस वायरल वीडियो में भाजपा जिलाध्यक्ष किसी महिला से बात करते हुये सुनाई दे रहें हैं। हला की सीधी CHRONICLE इस वायरल ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नही करता। लेकिन इस ऑडियो में जो बातचीत हो रही है वह आपत्तिजनक प्रतीत हो रही है।

क्या है इस वायरल ऑडियो में?

वायरल हुये ऑडियो में जो महिला भाजपा जिलाध्यक्ष से बातचीत कर रही है, वह घरेलू हिंसा एवं यौन उत्पीड़न की शिकार लग रही है और भाजपा जिलाध्यक्ष से मदद मांगती हुई प्रतीत हो रही है। आगे इस ऑडियो में भाजपा जिलाध्यक्ष उक्त महिला से उसकी कुछ खास तस्वीर मागते हुये सुनाई दे रहें हैं। साथ ही भाजपा जिलाध्यक्ष, महिला को अपनें घर पर किराये से रखनें की बात भी कर रहें हैं। इसके साथ ही भाजपा जिलाध्यक्ष, महिला को किसी प्राइवेट हॉस्पीटल में नौकरी दिलवानें की बात करते हुये उसे अपनें साथ घूमनें चलनें का प्रस्ताव भी दे रहें हैं।

भाजपा जिलाध्यक्ष की प्रतिक्रिया।

इस मसले पर एक निजी न्यूज़ पोर्टल नें भाजपा जिलाध्यक्ष इन्द्रशरण सिंह चौहान से बात की, जिसमें उन्होनें स्वीकार किया की वायरल ऑडियो उनका ही हैं। उन्होनें स्वीकार किया की उक्त महिला उनसे एक दो बार मिली है। उन्होनें कहा की वह पीड़ित थी जिसको लेकर मै उसकी मदद करना चाह रहा था। लेकिन कुछ लोग उस लड़की को मोहरा बनाकर उसको मेरे खिलाफ इस्तेमाल कर रहें हैं। उन्होनें आगे कहा की उस लड़की की कोई गलती नही है, वह गहरवार है और मैं चौहान इस नाते मैनें उससे बस थोडा हंसी मजाक कर लिया। उन्होनें आगे कहा की मैनें ना तो कोई आपत्तिजनक और ना ही कोई अश्लील बात की है।






Saturday, 21 November 2020

सीधी: मिले 18 नए कोरोना संक्रमित, 20 व्यक्तियों ने जीती कोरोना से जंग।



सीधी: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा जानकारी दी गई कि शनिवार कि शाम तक में  रैपिड एंटीजन किट द्वारा 98 टेस्ट किए गए जिसमें से फीवर क्लीनिक जिला अस्पताल से 3, रामपुर नैकिन से 1, सेमरिया से 4 रीवा मेडिकल कॉलेज वायरोलॉजी लैब से 10 इस प्रकार से कुल 18 पॉजिटिव केस कि रिपोर्ट प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि उक्त सभी पॉजिटिव केस को आइसोलेशन में भर्ती करने की तैयारी एवं कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और कंटेन्मेंट एरिया बनाने की कार्यवाही की जा रही है।  


सी.एम.एच.ओ. ने बताया कि कोरोना संक्रमण से 20 लोगों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है। सभी को अपने घर पर होम आइसोलेशन में एक सप्ताह रहने के लिए समझाइश देते हुए आवश्यक दवाओं के सेवन करने के लिए दवा प्रदान की गई है तथा सभी को आवश्यक सावधानियां रखने की सलाह दी गई है।


अब जिले में कुल 1609 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। अब तक 1467 व्यक्तियों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। अब जिले में कुल एक्टिव केस 132 हो गए हैं।

कोरोना से फिर बिगड़े हालात: इन जिलों में नाइट कर्फ्यू, शादी समारोह में उपस्थिति की सीमा भी होगी तय।



भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में लॉकडाउन नहीं लगेगा। इस बात की जानकारी सीएम शिवराज सिंह चौहान ने दी है। हालांकि कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए पुलिस आज 9 बजे से 30 दिनों के लिए विशेष अभियान चलाएगी। इस दौरान भारत सरकार की तरफ से कोविड-19 को लेकर जारी गाइडलाइन का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


मध्‍यप्रदेश के 5 जिलों में नाइट कर्फ्यू।

कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने नाइट कर्फ्यू लगाने पर भी फ़ैसला लिया है। 21 नवंबर यानी आज रात से यह नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि 21 नवंबर से अगले आदेश तक हर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लगा रहेगा। यह कर्फ्यू राज्य के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, विदिशा और रतलाम जिलों में लगाया गया है। जो लोग आवश्यक सेवाओं के लिए सर्विस करते हैं या फैक्टरियों में काम करते हैं उन्हें इस कर्फ्यू से छूट मिलेगी।


शादी समारोह में उपस्थिति की सीमा तय होगी।

फेस मास्क का उपयोग पब्लिक प्लेसेस में समस्त नागरिक करें इसका सख्ती से पालन कराया जायेगा। प्रदेश के समस्त जिलों में 21 नवम्बर से जिला क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों की बैठक आयोजित कर 22 नवम्बर तक समस्त जिला कलेक्टर विवाह/सामाजिक कार्यक्रमों में उपस्थिति की अधिकतम सीमा क्या तय की जाए और जिले में कौन-कौन से कन्टेनमेंट जोन बनाए जाएंगे का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजेंगे।


प्रमुख निर्णय जो राज्य सरकार द्वारा लिए गए।

  • प्रदेश में कंटेनमेंट जोन को छोड़कर किसी भी जिले शहर क्षेत्र में लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा।
  • अंतरराज्यीय एवं अंतर जिला परिवहन सतत एवं निर्बाध रूप से चल सकेगा।
  • अधिक संक्रमण के निम्न जिलों में कल 21 नवंबर से आगामी आदेश तक प्रत्येक रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक दुकानें व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे एवं नागरिक अति आवश्यक होने पर इस अवधि में परिवहन कर सकेंगे।
  • इंदौर, भोपाल, ग्वालियर ,रतलाम ,विदिशा जिले में रात 10 से सुबह 6 बजे तक व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।
  • औद्योगिक मजदूरों के आवागमन एवं ट्रकों के परिवहन पर कोई रोक नहीं रहेगी। 
  • कक्षा 1 से 8 तक के समस्त स्कूल 31 दिसंबर तक बंद रहेंगे।
  • कक्षा 9 से 12 के स्कूली छात्र-छात्राएं एवं कॉलेज के छात्र छात्राएं विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्कूल कॉलेज आ जा सकेंगे।
  • फेस मास्क का उपयोग पब्लिक प्लेस में समस्त नागरिक करें इसका सख्ती से पालन कराया जाए।
  • प्रदेश के समस्त जिलों में 21 नवंबर से जिला क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों की बैठक आयोजित कर 22 नवंबर तक जिला कलेक्टर सुझाव सरकार को भेजेंगे।

Friday, 20 November 2020

मध्यप्रदेश में कोरोना ने बढ़ाई चिंता, फिर लग सकता है लॉकडाउन।

  • लॉकडाउन पर मुख्यमंत्री आज ले सकते हैं बड़ा फैसला।

भोपाल: मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार एक बार फिर से लॉकडाउन का फैसला ले सकती है। इसे लेकर आज दोपहर अहम बैठक होगी।त्यौहार में कोविड-19 के नियमों को दरकिनार कर की गई शॉपिंग के दुष्परिणाम सामने आना चालू हो गये हैं। जिसको लेकर अब सरकार सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज 3:00 बजे आला अधिकारियों की बैठक बुलाई है।


बैठक को लेकर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बयान दिया है। कहा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री आज लॉकडाउन पर फैसला ले सकते हैं। इसके अलावा बाजारों का समय नए सिरे से तय किया जा सकता है। वहीं अन्य ​विषयों को लेकर भी गृह विभाग आज गाइडलाइन जारी करेगा। बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज अधिकारियों से चर्चा करेंगे।


बैठक में कोरोना से निपटने के लिए सख्त कदम उठाने पर विचार किया जा सकता है। इसके तहत रात 8:00 बजे के बाद दुकाने व व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद करने, सरकारी व निजी कार्यालयों में 50 फ़ीसदी उपस्थिति के साथ ही रविवार को दुकानें व व्यापारी संस्थान बंद करने पर विचार किया जा सकता है। साथ ही फिर से कंटेनमेंट जोन बनाने का निर्णय लिया जा सकता है।


गौरतलब है कि नवंबर आते ही एक बार फिर कोरोना की रफ्तार तेज हो चली है। पिछले 24 घंटे में 1363 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार नए मरीजों की पुष्टि होने के बाद अब प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1 लाख 88 हजार 18 हो गई। मध्यप्रदेश में अब तक 3129 मरीजों की मौत हो चुकी है।


राजधानी भोपाल में फिर बढ़े कोरोना के केस।

मेडिकल बुलेटिन के अनुसार राजधानी भोपाल में एक दिन में सबसे ज्यादा 381 नए मरीज मिले। एक दिन में अबतक का सबसे बड़ा आंकड़ा दिवाली के बाद सामने आया है। जिसके बाद यही कहा जा रहा है कि शहर में कोरोना की दूसरी फेस शुरू हो गई है। वहीं ​फिर से सरकार लॉकडाउन पर विचार कर रही है। दूसरी ओर स्वास्थ्य महकमा कोरोना को लेकर फिर से सतर्क हो गया है। जिला प्रशासन संक्रमण को रोकने के लिए मैदान में उतरा है।

Thursday, 19 November 2020

राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह का किडनी प्रत्यारोपण सफल, हालत स्थिर।



सीधी: राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह का आज दिल्ली के BL KAPOOR Hospital Pvt Limited में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ सुनील प्रकाश, डॉ वाई एस राणा, डॉ अश्विनी की टीम की देखरेख में किडनी प्रत्यारोपण का ऑपरेशन सफलता के साथ पूर्ण हुआ है।


अजय प्रताप सिंह के तरफ से समस्त चिकित्सकों, अस्पताल स्टाफ वा सभी शुभचिंतकों के प्रति धन्यावाद वा आभार व्यक्त किया गया है। अजय प्रताप सिंह के किडनी प्रत्यारोपण की खबर उनके टीम के द्वारा ट्विटर के माध्यम से दी गयी है।

सीधी: कोरोना ने फिर पकड़ी रफ्तार, जिले में मिले 15 नए कोरोना संक्रमित।



  • 20 व्यक्तियों ने जीती कोरोना से जंग।
  • कुल संक्रमित 1584
  • डिस्चार्ज 1442
  • एक्टिव केस 132
  • मृत्यु 10

सीधी: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा जानकारी दी गई कि गुरुवार कि शाम तक में  रैपिड एंटीजन किट द्वारा 195 टेस्ट किए गए जिसमें से फीवर क्लीनिक जिला अस्पताल से 10, अमिलिया से 2 तथा मेडिकल कॉलेज रीवा वायरोलॉजी लैब से 3 इस प्रकार से कुल पॉजिटिव केस कि रिपोर्ट प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि उक्त सभी पॉजिटिव केस को आइसोलेशन में भर्ती करने की तैयारी एवं कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और कंटेन्मेंट एरिया बनाने की कार्यवाही की जा रही है।  


सी.एम.एच.ओ. ने बताया कि कोरोना संक्रमण से 20 लोगों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है। सभी को अपने घर पर होम आइसोलेशन में एक सप्ताह रहने के लिए समझाइश देते हुए आवश्यक दवाओं के सेवन करने के लिए दवा प्रदान की गई है तथा सभी को आवश्यक सावधानियां रखने की सलाह दी गई है।


अब जिले में कुल 1584 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। अब तक 1442 व्यक्तियों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। अब जिले में कुल एक्टिव केस 132 हो गए हैं।

Wednesday, 11 November 2020

अजय सिंह की कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील, कहा- हम प्रजातन्त्र के रक्षक हैं हमें जनता के लिए जनता के साथ मैदान में रहना है।



भोपाल: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा हैं कि हम हम प्रजातन्त्र के रक्षक हैं। हमें जनता के लिए मैदान में रहना है। पार्टी कार्यकर्ताओं के नाम जारी अपील में उन्होंने कहा कि उपचुनाव के नतीजे आप सबके सामने हैं। इस बार कांग्रेस संगठन के आप सभी लोगों ने पूरे मनोयोग से अपने अपने स्थान पर कांग्रेस को जिताने के लिए भरपूर मेहनत की, फिर परिणाम चाहे जो भी हों।हमारी लड़ाई विचारधारा की है जो निरंतर जारी रहेगी, इसलिए हिम्मत नहीं हारना है सिर्फ धैर्य के साथ आत्मविश्वास को बनाए रखना है।


श्री सिंह ने कहा कि यदि हम समझते हैं कि जनता यही चाहती थी तो यह कहना गलत है । तंत्र और धन से जो चुनाव प्रबंधन हुआ उसने भाजपा को पूरे देश में बेनकाब कर दिया है। भाजपा ने षड्यंत्रकारी राजनीति का एक नया मुहावरा गढ़ा है। धन लाओ, लोकतान्त्रिक सरकार गिराओ, उपचुनाव कराओ और धन तंत्र के सहयोग से चुनाव जीत लो। फिर ऐसी जीत को जनता की जीत बताओ। यह परिपाटी अब भविष्य में कहीं भी लागू की जा सकती है। ताजा उपचुनाव के नतीजे यही कहानी कहते हैं।


अजय सिंह ने अपनी अपील में कहा है कि जनभावनायेँ हमारी सबसे बड़ी पूंजी है, सबसे बड़ी शक्ति है। यही हमारे साथ होगी इसलिए हमें अभी और तैयार रहना है। जो संगठन शक्ति हमने दिखाई है उसे और मजबूती देने की जरूरत है। अब हर पल जवाब देने और जनता के साथ खड़े रहने का समय है। जनता को भगवान बता कर उसी को धोका देने, उसी की भावनाओं की अनदेखी करने के भाजपाई ढोंग को उजागर करने की जरूरत है।


उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि आपने इस चुनाव में अमूल्य योगदान दिया है। आप जानते हैं कि जो एक बार गिर जाये वह बार बार गिर सकता है। हमारी लड़ाई समाज को बांटने वाले दल बल से है। उन्हें नैतिकता और धर्म नहीं सिर्फ सत्ता चाहिए। उन्हें प्रजातन्त्र सिर्फ सत्ता सुख के लिए चाहिए, चाहे कीमत कुछ भी हो।

कमलनाथ नें सीएम शिवराज सिंह से की मुलाकात, उपचुनाव में जीत की दी बधाई।

भोपाल: मध्य प्रदेश के 28 सीटों के उपचुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। इसके साथ ही जनता ने स्पष्ट तौर पर शिवराज सरकार को बहुमत सौंपा है। भाजपा की जीत एवं शिवराज सिंह चौहान की सीएम की कुर्सी यथावत रहनें पर पूर्व सीएम कमलनाथ द्वारा बधाई दी गयी है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ नें, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से उनके निवास पर सौजन्य भेंट कर उन्हें बधाई दी।


हला की यह एक औपचारिक एवं सौजन्य मुलाकात थी, लेकिन कमलनाथ के ऊपर शिवराज सिंह से दोस्ती के आरोप पहले भी लगते रहें हैं। कांग्रेस के अन्दर ही कुछ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का मानना है की कमलनाथ अपनी पिछली 15 महीने की सरकार में शिवराज सिंह की दोस्ती के वजह से ही हनी ट्रैप, व्यापम एवं ई टेंडरिंग जैसे घपलों की जांच को सही तरीके से आगे नही बढ़ाया था।



गौरतलब है की, उपचुनाव के नतीजे से पहले कमलनाथ नें सत्ता में वापसी की बात कही थी, लेकिन ऐसा नही हुआ और कांग्रेस को पराजय का मुंह देखना पड़ा। साथ ही मध्य प्रदेश सहित पूरे देश को उम्मीद थी कि कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस बड़े परिवर्तन करेगी। वही इस नतीजे ने एक बार फिर से कमलनाथ के नेतृत्व को सवालों के घेरे में रख दिया है।


इसके साथ जो सवाल तेजी से लोगों के मन में उठ रहे हैं वह है कि क्या मध्यप्रदेश में कांग्रेस को कमलनाथ के भरोसे छोड़ सकते हैं? हालांकि अब इस सवाल के जवाब में कांग्रेस का अंदरूनी वर्ग भी कन्नी काटता नजर आ रहा है। अब ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा की कमलनाथ की शिवराज सिंह से इस मुलाकात के क्या मायनें निकाले जातें हैं।

करारी हार के बाद कमलनाथ ने बुलाई बैठक, दिग्विजय- अजय- अरुण भी रहेंगे मौजूद।



भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस को करारी हार झेलनी पड़ी है। जिसको लेकर कांग्रेस में मंथन का दौर जारी है। इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ नें तत्काल एक बैठक बुलाई है। यह बैठक कमलनाथ के निवास पर रखी गई है।


बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के अलावा राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, विवेक तंखा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव, सुरेश पचौरी और सांसद नकुल नाथ मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि अपनी करारी शिकस्त पर चर्चा करने के लिए कमलनाथ ने ये बैठक बुलाई है। साथ ही कमलनाथ नें सभी 28 जिलों के जिला अध्यक्ष, पार्टी के प्रत्याशी और 28 विधानसभा सीटों जिला प्रभारियों को भी तत्काल भोपाल बुलाया है।


प्रदेश कांग्रेस के प्रशासन प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि बुधवार शाम 6:00 बजे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के निवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक आयोजित की जाएगी। जिसमें 28 जिलों के कांग्रेस अध्यक्ष के अलावा जिला प्रभारी एवं कांग्रेस प्रत्याशियों का अनिवार्य रूप से उपस्थित होना जरूरी है। माना जा रहा है की जिन जिलों में कांग्रेस को करारी शिकस्त मिली है, उन जिलों के जिला अध्यक्षों पर कार्रवाई की जा सकती है।


गौरतलब है की, 28 विधानसभा सीटों पर हुये उपचुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस के नेतृत्व पर सवाल उठने लगे हैं। पार्टी के नेताओं द्वारा ही कई बार पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए गए हैं। वहीं बीजेपी ने उन्हें मध्यप्रदेश के बाहर का नेता बताया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा की कमलनाथ की अगली रणनीति क्या होगी। क्या वो अभी भी विधायक दल एवं संगठन दोनों के मुखिया के रूप में काम करतें रहेंगे या फिर कुछ बदलाव देखनें को मिलेगा।

भाजपा की बड़ी जीत के बीच इमरती देवी सहित शिवराज सरकार के तीन मंत्री हार गए चुनाव।



MP उपचुनाव: मध्यप्रदेश की 28 सीटों पर उपचुनाव में भाजपा को बड़ी जीत मिली है और शिवराज सिंह चौहान ने अपनी सरकार बचा ली है। लेकिन इसके बावजूद भाजपा को झटका भी लगा है। शिवराज सरकार के तीन मंत्री चुनाव हार गए हैं। 2 पूर्व मंत्रियों समेत शिवराज सरकार के 14 मंत्री उपचुनाव में प्रत्याशी थे। डबरा, दिमनी और सुमावली सीट में बड़ा उलटफेर हुआ है। डबरा से मंत्री इमरती देवी, सुमावली से एंदल सिंह कंषाना और दिमनी से गिर्राज दंडोतिया चुनाव हार गए हैं।


गौरतलब है की, डबरा सीट काफी हॉट सीट थी और इसकी चर्चा देश भर में थी। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ‘आइटम’ वाले बयान के बाद भाजपा प्रत्याशी इमरती देवी सुर्ख़ियों में आ गई तबी। भाजपा ने इस बयान को सभी सीटों पर मुद्दा बनाया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत सभी भाजपा नेताओं ने कमलनाथ के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रया दी थी।  लेकिन जिस सीट से यह विवाद शुरू हुआ, वही भाजपा चुनाव हार गयी। जनता ने इस बात को ज्यादा तूल नहीं दिया और इमरती देवी को चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा।


मुरैना से दो मंत्री हारे चुनाव।

मुरैना में भी बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। सुमावली से केबिनेट मंत्री ऐंदल सिंह कंषाना व दिमनी से राज्य मंत्री गिर्राज डंडोतिया अपने अपने क्षेत्र से चुनाव हार गए हैं। गिर्राज डंडोतिया 27 हजार मतों से हार गए। यहां कांग्रेस प्रत्याशी रविंद्र सिंह भिड़ोसा को 71 हजार से अधिक मत मिले वहीं गिर्राज डंडोतिया को 44 हजार के करीब ही मत मिल पाए। वहीं सुमावली से बीजेपी प्रत्याशी ऐेंदल सिंह कंषाना अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के अजब सिंह कुशवाह से करीब 25 हजार से हार गए। इधर, मुरैना जिले की मुरैना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के राकेश मावई जीत गए हैं। उन्होंने भाजपा के रघुराज कंसाना को हराया है।

Monday, 9 November 2020

सीधी: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह द्वारा, सोनू बंसल की संदिग्ध मौत की न्यायिक जांच की मांग।



सीधी: मड़रिया सीधी निवासी 22 वर्षीय युवा मजदूर सोनू बंसल की मौत पर श्री अजय सिंह पूर्व नेता प्रतिपक्ष मध्य प्रदेश विधानसभा ने दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।


अजय सिंह ने दूरभाष पर स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के साथ ही कांग्रेस संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से घटना की जानकारी लेने के बाद मध्य प्रदेश सरकार से घटना की न्यायिक जांच  तथा मृतक युवक के आश्रितों को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग  की है।


अजय सिंह ने यह भी कहा है कि मामले की गम्भीरता को देखते हुए घटना की विस्तृत एवं निष्पक्ष जांच आवश्यक है क्यों कि इस मामले में मृतक के परिजनों ने पुलिस हिरासत में मृत्यु होने का आरोप लगाया है।

सतना: भीषण सड़क हादसे में, एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत।



सतना: मध्यप्रदेश के सतना जिले में आज सुबह, बोलेरो और डंपर के बीच जोरदार भिड़ंत हो गयी। इस भीषण हादसे में एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत हो गयी तथा 5 गंभीर रुप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौते पर पहुंची और बोलेरो-डंपर की जोरदार भिड़ंत, एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत घायलों को एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल भेजा। वही मृतकों के शवों को पीएम के लिए रवाना किया।

यह दुखद घटना सतना जिले के नागौद थाना अंतर्गत रेरुआ मोड़ के पास की है। यहां आज सुबह रीवा जिले के पनवार थाना के अदवा गांव के विश्वकर्मा परिवार की बोलेरो को तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी पन्ना जिले में पारिवारिक शोक के कार्यक्रम में शामिल होकर रीवा वापस लौट रहे थे, तभी यह हादसा हो गया।

टक्कर इतनी तेज थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही परिवार के 7 लोगों ने दम तोड़ दिया। वही 5 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सतना जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वही मृतकों के शवों को पीएम के लिए भेजा गया है। मृतकों में 3 महिला, 3 पुरुष और एक सात महिने का बच्चा शामिल है। घायलों में 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है। घटना के बाद गांव और घर में मातम पसर गया है।

घायलों के नाम।

  • गुलाब कली विश्वकर्मा पत्नी अरुण विश्वकर्मा उम्र 35 वर्ष।
  • फूल कली विश्वकर्मा पत्नी राम कुशल विश्वकर्मा उम्र 48 वर्ष।
  • शिव शंकर विश्वकर्मा पुत्र राम जी विश्वकर्मा उम्र 17 वर्ष।
  • आशीष विश्वकर्मा पुत्र राम कुशल विश्वकर्मा उम्र 16 वर्ष।
  • छोटू विश्वकर्मा पुत्र अरुण विश्वकर्मा उम्र 7 वर्ष।

मृतकों के नाम

  • गीता विश्वकर्मा पत्नी साधो विश्वकर्मा उम्र 83 वर्ष।
  • राम जी विश्वकर्मा पुत्र राम निहोर विश्वकर्मा उम्र 48 वर्ष।
  • अरुण विश्वकर्मा पुत्र राम शिरोमणि विश्वकर्मा उम्र 35 वर्ष।
  • लाला विश्वकर्मा पुत्र राम जी विश्वकर्मा उम्र 38 वर्ष।
  • शिवा बढती विश्वकर्मा पत्नी राम जी विश्वकर्मा उम्र 65 वर्ष
  • वाहन चालक सागर सिंह पुत्र सूर्यभान सिंह उम्र 55 वर्ष।
  • गुड्डू विश्वकर्मा पुत्र लाला विश्वकर्मा उम्र 7 माह।

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