Saturday, 17 October 2020

उपचुनाव में ग्वालियर- चंबल की सभी 16 सीटें जीतेगी कांग्रेस, सिंधिया का हो जायेगा सफाया: अजय।



  • कमलनाथ बनेंगे दोबारा मुख्यमंत्री: अजय सिंह।
  • गिर्राज दण्डोतिया का अहम उन्हें ले डूबेगा: अजय सिंह।

भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर चम्बल संभाग की जनता से कहते फिर रहे हैं कि आपसे हमारे परिवार के तो हजारों पीढ़ियों से संबंध हैं। मैं कहता हूँ कि रहे होंगे, लेकिन गद्दारी के बाद अब नहीं हैं। यह सत्य उन्हें इस अंचल की 16 सीटों के रिजल्ट से अगली दस तारीख को पता चल जाएगा। कमलनाथ दोबारा तो मुख्यमंत्री बनेंगे ही, लेकिन ग्वालियर चम्बल संभाग से सिंधिया का नाम ख़त्म हो जाएगा। अजय सिंह आज मुरैना जिले के दिमनी विधानसभा क्षेत्र में कमलनाथ के साथ पंहुचकर कांग्रेस प्रत्याशी रविन्द्रसिंह तोमर के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोग कमलनाथ के आगे पूर्व लगाना छोड़ दें और उन्हें भावी मुख्यमंत्री कहें।


अजय सिंह ने कहा कि कितनी बात करें गद्दारों की। लोग कहते हैं कि सिंधिया ले गये गिर्राज दण्डोतिया को भाजपा में। लेकिन शिवराज खुद कह रहे हैं कि मैंने गिर्राज से कहा “कहाँ फंसे हो यार,साथ आओ, सरकार गिरा दो। ” अब सवाल यह है कि गिर्राज किसके पाले में हैं। इतना तो तय है कि वह नरेन्द्र सिंह तोमर के पाले में नहीं है। चर्चा थी कि शिवराज की जगह नरेन्द्र सिंह मुख्यमंत्री बनेंगे। लेकिन सिंधिया की वजह से वे मुख्यमंत्री नहीं बन पाये। सिंधिया के धोखे को यहाँ की जनता कभी माफ़ नहीं करेगी। वर्ष 2003 में ग्रामीण विकास मंत्री बनने के तुरंत बाद तोमर मेरे पास आये और कहा कि इस विभाग का काम जहाँ से आपने ख़त्म किया था, वहां से मुझे शुरू करना है। इसे कहते है राजनितिक शुचिता।


श्री सिंह ने कहा कि मेरे पिता स्व. अर्जुनसिंह जी तीन बार मुख्यमंत्री रहे। उनके समय दस्युओं का ह्रदय परिवर्तन होकर आत्म समर्पण हुआ। चम्बल विकास प्राधिकरण का गठन हुआ। एक पत्रकार ने जब उनसे पूछा कि गृह जिले के अलावा आपको कौनसा जिला अच्छा लगता है? उत्तर था, मुरैना। कारण पूछने पर उन्होंने कहा कि यह जिला अपनी अलग तासीर रखता है। यहाँ के लोगों का एक साफ़ सुथरा व्यक्तित्व रहता है। वह पेट में कुछ नहीं रखता, सीधा कह देता है। अजय सिंह ने कहा कि यह वीरों की भूमि है। आत्मसम्मान के लिए गोली चल गई तो लोग माफ़ कर देते हैं। गद्दारी करी तो सर छुपाने के लिए जगह नहीं मिलती। खाने को हो न हो, कपड़े हों न हों, लेकिन किसी धोखेबाज का साथ नहीं देते। हमारे प्रत्याशी रविन्द्र सिंह के भाई के साथ जो घटना घटी वह माफ़ करने लायक नहीं है। मंत्री दण्डोतिया का अहम् इतना है कि हम जो करें वह सही, बाकी सब गलत। मैं भी सात बार का विधायक हूँ लेकिन मेरी प्रतिद्वंदी से कभी अनबन नहीं रही। हम एक दूसरे की मदद करते हैं, एक दूसरे से रिश्ता रखते हैं। अलग अलग पार्टी और विचारधारा के हो सकते हैं लेकिन इस तरह की घटना कभी नहीं होने देते जो यहाँ पर भाई भूपेंद्र तोमर  के साथ घटी।


अजय सिंह ने कहा कि आज उपचुनावों की कोई जरुरत नहीं थी। अपने कामों से कमलनाथजी ने पूरे देश में मध्यप्रदेश का नाम रोशन करने की योजनायें बनाई थीं, जिस पर एक व्यक्ति की इच्छाओं  के कारण विराम लग गया। मध्यप्रदेश पर अब गद्दारी का कलंक लग गया। सिंधिया की इच्छा थी कि हम ही मुख्यमंत्री बनें, हम ही कांग्रेस अध्यक्ष बनें और हम ही राज्यसभा सदस्य बनें। सिंधिया को कांग्रेस ने क्या नहीं दिया। सम्मान इतना मिला कि वे एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जो सोनिया जी और राहुल जी से बिना समय लिए सीधे मिल सकते थे। कमलनाथ जी को भी समय लेना पड़ता था। सिर्फ एक व्यक्ति की महत्वाकांक्षा की वजह से जिनको जनता ने चुना, वहां फिर से चुनाव हो रहे हैं। उन्होंने ग्वालियर चम्बल का नाम बदनाम किया। यह घटना इतिहास में दर्ज की जायेगी।

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