Saturday, 31 October 2020

कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार का बड़ा बयान, कहा- सिंधिया ने दिया था 50 करोड़ और मंत्री पद का ऑफर।



MP उपचुनाव:  मध्यप्रदेश में विधानसभा की 28 सीटों पर 3 नवंबर को मतदान होना है। जिसे देखते हुये हुये भाजपा एवं कांग्रेस के नेताओं का आपस में आरोप एवं प्रत्यारोप जारी है। इसी बीच अपने बयानों से हमेशा सुर्खियां में रहने वाले पूर्व मंत्री और कांग्रेस के विधायक उमंग सिंघार के एक बयान ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।


कांग्रेस विधायक व पूर्व मंत्री उमंग सिंघार नें कहा की, उन्हें भी 50 करोड़ और मंत्री पद का ऑफर दिया गया था। लेकिन उन्होंने सबको ठुकरा दिया था और कांग्रेस में ही रहने का फैसला लिया था। आज दोपहर धार में पत्रकार वार्ता में सिंघार ने कहा कि मैंने कल ही एक सभा में कहा था कि मुझे भी भाजपा द्वारा ऑफर दिया गया था, तो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने मुझे चुनौती दी थी कि ऑफर देने वाले के नाम का खुलासा करो, इसीलिए आज मैं वह नाम सबके सामने कह रहा हूं कि  मुझे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 50 करोड़ और मंत्री पद का ऑफर दिया था।


सिंघार ने बताया कि जब कांग्रेस की सरकार गिराई जा रही थी और सिंधिया सहित कई कांग्रेसी विधायक बगावत कर गए थे , कई मंत्री बेंगलुरु में रुके हुए थे तब उस समय मेरी सिंधिया से बात हुई और उन्होंने कहा था कि अब कांग्रेस में आपका कोई भविष्य नहीं है, सब पार्टी छोड़ रहे हैं व आप की आर्थिक स्थिति को देखते हुए आपको भी कुछ कर दिया जाएगा, लेकिन मैंने स्वीकार नही किया और कह दिया था कि आज से मेरे और आपके रास्ते अलग-अलग हैं।


उमंग ने बताया कि सिंधिया ने कहा था कि मेरी भाजपा में बात हो चुकी है, आपको भाजपा में शामिल होने पर 50 करोड़ और मंत्री पद मिलेगा। लेकिन मैंने सिंधिया को साफ कह दिया था कि मैं जमुना देवीजी का भतीजा हूं और उन्होंने कभी भी सच्चाई से अलग होकर राजनीति नहीं की। ऐसे मेरे अंदर संस्कार है और इसी के लिए मैं काम करूंगा। कांग्रेस पार्टी के लिए काम करूंगा। अवसरवादी और विश्वासघात वाली राजनीति मैं नहीं करता। मेरी रगों में वही खून है जो स्वर्गीय जमुना जी के रगों में बहता था। स्वर्गीय जमुनादेवी जी ने भी मरते दम तक सिद्धांतों से समझौता नहीं किया था। मैंने सिंधिया से कहा कि आप मौका देख अवसर देखते हैं, मैं नहीं।

Friday, 30 October 2020

MP उपचुनाव: कमलनाथ का स्टार प्रचारक का दर्जा छिना, जानिए आगे क्या होगा।



भोपाल: मध्यप्रदेश में 28 सीटों पर होनें वाले उपचुनावों को लेकर  चुनाव आयोग नें मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर बड़ी कार्यवाही की है। चुनाव आयोग ने पहले उन्हें नोटिस भेजा और बाद में उनकी ओर से मिले जवाब को संतोषजनक नहीं माना। अब उनका स्टार प्रचारक का दर्जा छीन लिया गया है। हालांकि वे चुनाव में प्रचार कर सकेंगे लेकिन इसका पूरा खर्च उम्मीदवार के खाते में जुड़ेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह आदेश शुक्रवार शाम 5 बजे से प्रभावी माना जाएगा।


आगे क्या होगा।

चुनाव आयोग ने तत्काल आदेश जारी करते हुए कमलनाथ पर कार्यवाही की है। आयोग ने शुक्रवार शाम 5 बजे से ही कमलनाथ का स्टार प्रचारक का दर्जा छीन लिया है। हालांकि कमलनाथ इस दौरान भी कांग्रेस के लिए प्रचार कर सकते हैं लेकिन उनके प्रचार पर जाने के चलते होने वाला पूरा खर्च उम्मीदवार को वहन करना होगा।


क्या कहा था कमलनाथ ने।

कमलनाथ ने चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा था। उन्होंने सीएम को नौटंकी कलाकार कहा था। कमलनाथ ने कहा था कि वे मुंबई जाकर एक्टिंग करे। इसके साथ ही उन्होंने शिवराज सिंह चौहान पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि आपके भगवान तो वह माफिया हैं जिससे आपने मध्यप्रदेश की पहचान बनाई है। आपके भगवान को मिलावटखोर हैं। साथ ही चुनाव आयोग नें कमलनाथ द्वारा इमरती देवी को लेकर दिये गये आइटम वाले बयान पर भी संज्ञान लिया था।

सिंधिया एवं उनके समर्थकों पर अजय सिंह का बड़ा हमला, कहा- कांग्रेस का कचरा सिंधिया के साथ चला गया।



  • यदि सुरक्षित प्रजातन्त्र चाहिए तो धोखेबाजों को सबक सिखाना होगा: अजय सिंह।
  • चुनाव के बाद सिंधिया को यही भाजपा दिखा देगी कि पार्टी में उनकी औकात क्या है: अजय सिंह।

भोपाल: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आज कांग्रेस प्रत्याशी हेमंत कटारे समर्थन में मेहगाँव विधानसभा क्षेत्र में भारौली और रोन में आयोजित सभाओं में कहा कि चुनाव के बाद यही भाजपा सिंधिया को दिखा देगी कि भाजपा में उनकी औकात क्या है? भाजपा में जाकर कांग्रेस के साथ उन्होंने जो गद्दारी की, वह सिंधिया की सबसे बड़ी राजनीतिक भूल थी। कांग्रेस में उन्हें वो इज्जत मिलती थी कि वे कांग्रेस सुप्रीमो से सीधे मिल सकते थे। पहली बार सांसद बनते ही उन्हें मंत्री बना दिया गया। लेकिन भाजपा में उनकी एंट्री नरेंद्र सिंह तोमर के यहाँ समोसे खाते हुये हुई। अच्छा हुआ कि कांग्रेस में जो कचरा था वह एक द्फ़े में सिंधिया के साथ चला गया।


श्री सिंह ने कहा कि जब डी॰पी॰ मिश्रा कांग्रेस के मुख्यमंत्री थे तो राजमाता सिंधिया ने इसी तरह उनकी सरकार गिरा दी थी।डी॰पी॰ मिश्रा के दायें बाएँ जो दो मंत्री हुआ करते थे उनमें मेरे पिताजी स्व॰ श्री अर्जुन सिंह और दूसरे शिवपुरी के गौतम शर्मा थे। तब डी॰पी॰ मिश्रा ने उनसे कहा था कि मुझसे भूल हुई कि मैंने राजमाता सिंधिया को महत्व दिया और पुराने कांग्रेसियों को भूल गया। यहाँ के हर गाँव में जो स्वतन्त्रता सेनानी थे वे ओरिजिनल कांग्रेसी थे। इतिहास अपने आपको दोहरा रहा है और अब असल कांग्रेसी बचे हैं जो महाराज की जकड़न से आजाद हैं। फर्जी कांग्रेसी तो बिक गए। जनता कह रही है कि हमने जिसे जिताया था वह बिना हमसे पूछे, बिना बताए चंद रुपयों के लिए बिक गया।


अजय सिंह ने कहा कि हमने सुना है कि नरेंद्र तोमर, शिवराज सिंह, सिंधिया, वी॰डी॰ शर्मा सब एक साथ पद यात्रा करने वाले हैं, सिर्फ एक उम्मीदवार सुनील शर्मा को हराने के लिए। लेकिन इसके बाद भी सुनील शर्मा जीतेंगे। जनता की जब ताकत एक हो जाये तो कोई नहीं हरा  सकता। शिवराज सिंह को घमंड हो गया है। इससे ज्यादा घमंड सिंधिया को है जो कहते हैं कि ग्वालियर चंबल में हमारा ठेका है। वहाँ कोई दूसरा नहीं जा सकता था। मेरे को भी यहाँ अनुमति नहीं थी। उन्होंने कहा कि अब बिकाऊ तो सिंधिया के साथ चला गया, जिनका नाम लेने में भी शर्म आती है लेकिन टिकाऊ आपके सामने है। यदि प्रजातन्त्र सुरक्षित चाहिए है, बच्चों का भविष्य सुरक्षित चाहिए है तो आपको बिकाऊ को सबक सिखाना होगा। यदि हमसे गलती हुई तो आने वाली पीढ़ी कभी माफ नहीं करेगी।  


श्री सिंह ने कहा कि विधानसभा में मैंने संकल्प लिया था कि जब तक कांग्रेस सरकार नहीं बनेगी तब तक चैन से नहीं रहूँगा। शिवराज के झूठे आश्वासन और हाव भाव से जनता थक चुकी थी। मैं चुनाव जरूर हारा लेकिन आपके सहयोग और आशीर्वाद से कांग्रेस की सरकार बनी। कमलनाथ के रुप में एक अनुभवी राजनैतिक मुख्यमंत्री बना। उन्हें पहली बार मौका मिला मध्यप्रदेश को प्रथम पंक्ति लाने का। उनकी क्षमता देखकर भाजपा नेता विचलित हो गए। फिर चुनी हुई सरकार को गिराने के लिए इतनी बड़ी मंडी लगी कि प्रजातन्त्र की नींव हिल गयी। परिणाम आपके सामने है। उन्होने कांग्रेस प्रत्याशी हेमंत कटारे को जिताने की अपील करते हुये कहा कि यहाँ से पूरे देश में यह संदेश जाना चाहिए कि गद्दारी से सरकार गिराने वाले लोभियों को जनता ने सिरे से नकार दिया है।

बड़ामलहरा से भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह लोधी की तबीयत अचानक बिगड़ी, भोपाल रेफर।



MP उपचुनाव: मध्यप्रदेश में होनें वाले विधानसभा उपचुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ी हुई हैं, 03 नवंबर को 28 सीटों पर मतदान होना है। लेकिन इसी बीच छतरपुर से बड़ी खबर आयी है। बड़ामलहरा विधानसभी सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह लोधी की तबियत अचानक खराब हो गई है, उन्हें भोपाल रेफर किया गया है।  


प्राप्त जानकारी के अनुसार, चुनाव प्रचार में जुटे बीजेपी प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह लोधी अचानक बीमार हो गये हैं, उन्हें दमोह के अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां हालत में सुधार ना होने पर दमोह से भोपाल रेफर किया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक उन्हें फेफड़ों में इन्फेक्शन की समस्या है, ऐसे में तीन चार दिन तक उन्हें अस्पताल में रहना पड़ सकता है। शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री गोपाल भार्गव ने जानकारी दी है कि इलाज के लिए लोधी को चिरायु हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।


गौरतलब है की कांग्रेस ने छतरपुर की बड़ा मलहरा सीट से साध्वी रामसिया भारती को टिकट दिया है।  राम सिया भारती का मुकाबला, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के समर्थक प्रद्युम्न लोधी से है।  प्रद्युम्न लोधी हाल ही में कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे। हालांकि इससे पहले लोधी भाजपा में ही थे लेकिन फिर कांग्रेस में शामिल हो गए थे और अब एक बार फिर भाजपा में शामिल होकर चुनाव लड़ रहे हैं।

Thursday, 29 October 2020

इतिहास में पहली बार किसी प्रदेश में लोभ और महत्वाकांक्षा के कारण, थोक के भाव थोपे गए उपचुनाव: अजय।



भोपाल: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में यदि कहीं उपचुनाव हो रहे हैं तो वह है - मध्यप्रदेश। बाबा साहब अंबेडकर ने संविधान में उपचुनावों का प्रावधान करते समय कभी नहीं सोचा था कि लोभी विधायकों द्वारा लालच में दलबदल करने के कारण उपचुनाव कराना पड़ेंगे। उन्होंने उपचुनाव का प्रावधान इसलिए किया था कि जब किसी विधायक या सांसद की मृत्यु हो जाती है या वह बीमारी या अन्य कारणों से स्तीफ़ा देता है, तो सीट खाली न रह जाये। लेकिन मध्यप्रदेश में तो थोक में 28 सीटों पर जो उपचुनाव हो रहे हैं वे लोभ और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के कारण हो रहे हैं। यह कोई साधारण घटना नहीं है।


अजय सिंह आज अम्बाह विधानसभा क्षेत्र के खिल्ली और पोरसा में कांग्रेस प्रत्याशी सत्यप्रकाश सखवार के पक्ष में चुनावी सभाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा को कमलनाथ की कार्यशैली से लगा कि वे तो हमारे 15 साल का इतिहास मिटा देंगे। वे 15 साल, जिसमें सिर्फ और सिर्फ कोरे आश्वासन होते रहे, लंबे चौड़े भाषण होते रहे और काम धेले भर का नहीं हुआ। शिवराज सिंह को लगा कि वे दस बार के अनुभवी सांसद हैं, जो हर मंत्रिमंडल में रहा हो, जिसने मध्यप्रदेश को पहली पंक्ति में रखने की व्यूह रचना बना रखी हो, जिसने काम की शुरुआत किसानों की कर्ज माफी से की हो, ऐसे कमलनाथ का काम दिखने लगेगा तो हम कहीं के नहीं रहेंगे। कैसे कुछ किया जाये कि कुछ गड़बड़ हो और सरकार गिर जाये। तब शिवराज सिंह ने चारों ओर निगाह दौड़ाई। अजय सिंह  ने सिंधिया का नाम लिए बिना कहा कि शिवराज सिंह को आपके पड़ोसी जिले में वह आदमी मिल गया जो कांग्रेस से गद्दारी कर सकता था। मैं उनका नाम नहीं लूँगा क्योंकि यहाँ हर जबान पर उसका नाम है।


श्री सिंह ने कहा कि स्व॰ अर्जुन सिंह जी जब पंजाब के राज्यपाल बने तो राजीव जी ने उनसे कहा कि वे अपने बेटे अजयसिंह से उपचुनाव लड़ने के लिए कहें। तब उन्होंने कहा कि आप ही उनसे बात करे। फिर मैं उपचुनाव जीता और छ्ह बार विधायक बना। लेकिन 18 के चुनाव में मैं अपनी विधानसभा में केवल दो दिन रहा। बाकी दिन कमलनाथ, सिंधिया और मैं पूरे मध्यप्रदेश में हैलीकाप्टर से एक साथ जाकर चुनावी सभाएं करते थे। मन में सिर्फ एक बात थी कि किसी तरह कांग्रेस की सरकार बन जाये। शिवराज सिंह ने संकल्प ले रखा था कि कोई जीते या न जीते लेकिन राहुल भैया को चुनाव नहीं जीतना चाहिए। क्योंकि विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाकर और बाहर मैंने उनकी नींद हराम करके रखी थी। मैंने भी संकल्प ले रखा था कि कुछ भी हो जाये, कांग्रेस की सरकार बने और वह बनी।


अजय सिंह ने कहा कि आज मैं फिर वही संकल्प लेकर आपके बीच कांग्रेस को जिताने का आग्रह करने आया हूँ। आपको तय करना है कि टिकाऊ को वोट दें या बिकाऊ को। गद्दारों ने आपके वोट का सम्मान नहीं किया और उसे बेच दिया। शिवराज सिंह जनता को भगवान मानने का ढोंग करके जनता को ही धोका दे रहे हैं। विधायकों की खरीददारी करके शिवराज ने मध्यप्रदेश का नाम कलंकित कर दिया है। यह प्रदेश साफ सुथरी राजनीति के लिए जाना जाता था जिसका नाम भाजपा ने बदनाम कर दिया। जनता अब उन्हें माफ नहीं करेगी।

खाली कुर्सियां देख भाजपा नेताओं पर फूटा उमा भारती का गुस्सा, जताई नाराजगी।



MP उपचुनाव:  मध्य प्रदेश विधानसभा उपचुनाव में अपनी पार्टियों को जीत दिलाने के लिए नेता पूरे जोरशोर से प्रचार में जुटे हैं। भारतीय जनता पार्टी की फायर ब्रांड नेता उमा भारती भी जमकर बीजेपी प्रत्याशियों के लिए प्रचार कर रही हैं। लेकिन मेहगांव विधानसभा क्षेत्र में उनकी नाराजगी भी देखने को मिली। उन्होंने बीजेपी नेताओं को ही आड़े हाथों ले लिया।


उमा भारती  की भिंड  जिले की मेहगांव विधानसभा के लोधी बाहुल्य गांव नुन्हड़ में चुनाव प्रचार सभा आयोजित की गयी थी। बुधवार को सुबह 11:30 बजे भारतीय जनता पार्टी की स्टार प्रचारक सुश्री उमा भारती की सभा मेहगांव विधानसभा क्षेत्र के लोधी बाहुल्य गांव नुंहड में इसलिए रखी गई थी क्योंकि उमा भारती भी लोधी जाति से ही आती है लेकिन खुद उमा भारती को यह आभास नहीं होगा कि जिन्हें वे लुभाने आई है उनकी बात सुनने के लिए उनकी सभा में वे आएंगे ही नहीं।


दरअसल पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती बुधवार को मेहगांव विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी प्रत्याशी ओपीएस भदौरिया के समर्थन में सभा करने पहुंची थीं। लेकिन परमिशन ना मिलने की वजह से उनका हेलीकॉप्टर सभा स्थल से 25 किलोमीटर दूर मेहगांव में उतरा, जिसके चलते नुंहड़ गांव में सभा स्थल पर मंच पर पहुंचते ही उन्होंने अपनी नाराजगी संचालकों पर जाहिर की।


बीजेपी नेता उमा भारती का गुस्सा उस वक्त और भड़क गया, जब  सभा में 200 लोगों की भी भीड़ नहीं जुटी। कार्यक्रम में जनता ना होने ओर खाली पड़ी कुर्सियां देख उनकी नाराजगी बढ़ गई।


सभा मंच पर जब उमा भारती पहुंची तो उन्होंने माइक पर खड़े होकर सभा आयोजकों को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने कहा कि यदि आप भीड़ नहीं जुटा पा रहे थे तो सभा कैंसिल कर देते या कोई और दूसरा समय ले लेते। सभा स्थल का आलम यह था कि वहां पर बमुश्किल 200 लोग आगे की कुर्सियों पर बैठे थे और पीछे की इससे भी अधिक कुर्सियां खाली पड़ी लोगों का इंतजार कर रही थी।

Wednesday, 28 October 2020

चुनाव के दो खलनायक, एक महत्वाकांक्षी सिंधिया और दूसरा सत्तालोलुप शिवराज: अजय सिंह।



  • लड़ाई जनता और गद्दारों के बीच है: अजय सिंह।
  • कितने लोग खरीदोगे शिवराज, पैसा कहाँ से आ रहा है?: अजय सिंह।

भोपाल: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि पूरे चुनाव के खलनायक यदि कोई हैं तो केवल दो हैं एक महत्वाकांक्षा वाला वो सिंधिया और दूसरा शिवराज सिंह जो सत्ता के बिना नहीं रह सकता। दोनों की जोड़ी ऐसी बनी कि सब हैरान रह गए। साल 2018 के चुनाव में जो एक दूसरे को गाली दे रहे थे, वो अब साथ साथ हैं। जैसे जैसे शिवराज को आभास हुआ कि अब दोनों की जोड़ी काम नहीं आ रही है  तो कहा कि "सिंधिया तू अलग, मैं अलग। " कल तक सिंधिया सबको डराते थे कि मैं ग्वालियर- चंबल  का राजा हूँ। अब जनता बता देगी कि राजा कौन है। दस तारीख को जब नतीजे निकलेंगे तो अंचल की 16 में से एक भी सीट में भाजपा का खाता नहीं खुलने वाला।


अजय सिंह आज कमलनाथ के साथ बड़ा मलहरा और मुंगावली में कांग्रेस प्रत्याशी रामसिया भारती और कन्हई राम लोधी के पक्ष में भीड़ भरी जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह चुनाव जनता और गद्दारों के बीच है। कांग्रेस और भाजपा के बीच नहीं,बल्कि टिकाऊ और बिकाऊ के बीच है। वो मुन्ना प्रद्युम्न, 15 महीने में आपके वोट बेचकर चला गया। किसी को पता नहीं कि कमलनाथ उसे कहाँ से लाये थे। राहुल सिंह लोधी जो तीन दिन पहले मेरे साथ सभाओं में बड़ी बड़ी बातें कर  रहा था, 50 से ज्यादा में बिका। मेरी नाम राशि को कलंकित किया। मेरे बड़े भाई से जब लोगों ने पूछा कि क्या राहुल सिंह भाजपा में चले गए? तब उन्होंने कहा कि "मर जायेगा, लेकिन भाजपा में कभी नहीं जायेगा क्योंकि वह अर्जुन सिंह का बेटा है। " पच्चीस से ज्यादा लोग चले गए, जाने दो कोई फर्क नहीं पड़ता।


अजय सिंह ने पूछा कि कितने लोग खरीदोगे शिवराज? कहा कि सत्ता की इतनी भूख मैंने अपने राजनीतिक जीवन में कभी नहीं देखी। विधायकों को खरीदने के लिए शिवराज  के पास इतना पैसा कहाँ से आ रहा है? उन्होंने रेत में लूटा, व्यापम में लूटा, सिंहस्थ में भगवान का पैसा खा गए, ई टेंडर में घपला किया और अभी सात महीने की लूट जमा कर ली। जब वे बड़ा मलहरा आकर देखेंगे कि अब दाल नहीं गलने वाली तो यहाँ भी नोटों का झोला पटक जाएँगे और कहेंगे कि "पैसा बांटो और वोट खरीद लो।" आप विधायक चुनते हो अपना कीमती वोट देकर और शिवराज विधायक खरीद लेते हैं। मैं कहता हूँ अपनी नहीं तो कम से कम लोगों के वोटों की लाज तो रखो। शिवराज ने मध्यप्रदेश का नाम कलंकित कर दिया।

 

सिंह ने कहा कि सुना है कल यहाँ साध्वी (उमा भारती) आयी थीं। वे 15 साल बाद बड़ा मलहरा आयी थीं। वे कोई मन से नहीं आयीं, उन्होंने तो केवल औपचारिकता पूरी की है। नरेंद्र मोदी ने कहा होगा, जाओ तो चली आयीं। ऐसा नहीं होता तो इतने दिनों तक हरिद्वार में बीमार न रहतीं। वे शायद भूल गईं कि उनके हैलीकाप्टर में पथराव किसने करवाया था। उन्होंने मतदाताओं से आग्रह किया कि कांग्रेस उम्मीदवारों के नाम आपके बीच से उभर कर आए हैं इसलिए कांग्रेस ने उन्हें आपकी सेवा का मौका दिया है। मशीन में वोट डालने से पहले आँख बंद करके अपने आराध्य देव से पूछना कि वोट कहाँ डालूँ, तो अन्तर्मन से आवाज आएगी कि  धीरे से पंजे वाली बटन दबा के चले जाओ।


अजय सिंह ने कहा कि सिंधिया जी से बहुत बड़ी भूल हुई है।कांग्रेस ने उन्हें सब कुछ दिया। सोनिया जी ने मुझसे कहा था, वे मुख्यमंत्री भी बनना चाहते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष भी बनना चाहते हैं और राज्यसभा में भी जाना चाहते हैं। आखिर ज्योतिरादित्य क्या चाहते हैं। मैं निरुत्तर  था। सिंह ने कहा कि अभी तो सिंधिया सिर्फ भाजपा के पोस्टर से गायब हुये हैं,आगे क्या होने वाला है, वे खुद समझ गए होंगे। पहले अपने को टाइगर कहते थे, फिर काला कौआ कहने लगे। चुनाव के बाद क्या बनेंगे यह तो बाद में पता चलेगा। कमलनाथ को पहली बार मध्यप्रदेश की राजनीति करने का मौका मिला। पहली बार मध्यप्रदेश का भविष्य बनाने का मौका मिला। वे असाधारण प्रतिभा वाले व्यक्ति हैं। लेकिन क्या हुआ? जयचंदों और गद्दारों की वजह से विकसित मध्यप्रदेश का सपना टूट गया। अब हमें यह सपना पूरा करना है।

Monday, 26 October 2020

प्रवीण पाठक का हमला, कहा- एक राजघराने ने ग्वालियर को पूरे विश्व में शर्मसार कर दिया।

MP उपचुनाव: मध्यप्रदेश में 28 सीटों पर हो रहे उप चुनाव में गद्दारी और खुद्दारी का मुद्दा जोरों पर है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा और ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमले कर रही है। अब इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस के एक विधायक ने रविवार को सिंधिया का नाम लिए बिना एक बड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि एक राजघराने ने पूरे विश्व में ग्वालियर को शर्मसार कर दिया।


कमलनाथ सरकार को अपने समर्थक 22 विधायकों के साथ गिराने में मुख्य भूमिका निभाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया पर कांग्रेस लगातार हमलावर है। रविवार को ग्वालियर दक्षिण विधानसभा के कांग्रेस विधायक ने बिना नाम लिए सिंधिया और उनके परिवार पर बड़ा हमला किया है। विधायक प्रवीण पाठक ने कहा कि “हम लोगों ने ग्वालियर में जन्म लिया है तो हम का तक इस बात का दंश झेलेंगे कि 1857 में जो गद्दारी की गई उसका कलंक भी ग्वालियर की जनता पर लगे।


श्री पाठक नें आगे कहा की, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को मारने उनकी हत्या करने के लिए जिस पिस्टल का उपयोग हुआ वो भी ग्वालियर के राजघराने से गई इस दंश को हम कब तक झेलेंगे। उन्होंने कहा कि इस काले इतिहास के पन्नों पर धीरे धीरे धूल जम रही थी तब तक 2020 में फिर ग्वालियर के राजघराने ने लोकतंत्र की हत्या कर दी और ग्वालियर को पूरे विश्व में शर्मसार कर दिया।


कांग्रेस विधायक पाठक नें कहा,  क्या हमने ग्वालियर में जन्म लिया ये हमारा जुर्म है? अब ये जो चुनाव है ये इस बात का बदला लेने का, अपने आप को प्रमाणित करने का चुनाव है और जिनके कारण ग्वालियर चंबल संभाग के एक एक व्यक्ति का अपमान हुआ उनसे बदला लेने का समय है उन गद्दारों को सबक सिखाने का समय है।

Saturday, 24 October 2020

नोटों के लिए जनता के कीमती वोट का सौदा करने वाले प्रजातंत्र के असली रावण, अब जनता करेगी इनका वध: अजय।

  • प्रजातंन्त्र के रावणों का वध जरूरी: अजय सिंह।
  • शिवराज सिंह ने सत्ता के लिये अपने आपको कंस मामा साबित कर दिया: अजय सिंह।

भोपाल: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने एक बयान में नागरिकों को दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जन  सेवा की झूठी बातें करने वाले और पैसों के लिए जनता के वोट गिरवी रखने वाले रावण से कम नहीं है। ऐसे रावणों का वध अब जनता ही करेगी। जनता असली रावणों को पहचानती है। जनता सच्चाई जानती है। उसे सच का साथ देने से कोई नहीं रोक सकता।


श्री सिंह ने कहा कि रावण समझते हैं कि पैसे बांट देंगे। उन्हें नही मालूम कि जनता पैसों के लिए अपने मान सम्मान पर आंच नहीं  आने देगी। उन्होंने कहा कि अपना जमीर बेचने के बाद अब धोखेबाजों के पास कुछ नहीं बचा। खुद को बेचकर जो धन कमाया वो कितने दिन चलेगा? ऐसे विश्वासघाती तमगे के साथ जनसेवा की झूठी बातें करना धोखेबाजी से कम नहीं।


अजय सिंह नें आगे कहा कि शिवराज सिंह चौहान ने अपने आपको कंस मामा साबित कर दिया है। सत्ता के लिए अपने लालच को इतना बढ़ा लिया है कि अब जनता से कह रहे है लालच का साथ दो। जनता न्याय करेगी। जनता सच को चुनेगी।  जनता चाहती है कि वह ऐसा न्याय दे कि भविष्य में पूरे देश मे नेताओ को सबक मिले कि जनता के वोटों का सौदा करने  का क्या परिणाम होता है।

मेरे जीवित रहते कांग्रेस में कभी वापस नहीं आ पाएंगे सिंधिया: मुकुल वासनिक।



MP उपचुनाव: मध्यप्रदेश विधानसभा की 28 सीटों पर हो रहे उपचुनाव के मद्देनजर दोंनों ही मुख्य पार्टियां कांग्रेस एवं भाजपा अपनी तैयारियां तेज कर दी है। इसी कड़ी में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा ग्वालियर में चुनावी तैयारियों को लेकर एक बैठक बुलाई गई थी। यहां मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव मुकुल वासनिक भी उपस्थित थे। जहां उनके द्वारा दिया गया एक बयान चर्चा का विषय बना हुआ है।


सूत्रों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैठक में उपस्थित विधायक प्रवीण पाठक ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर कहा कि क्या हम लोगों का अपराध केवल ये है कि हम ग्वालियर में पैदा हुये हैं। जो हर बार हमें 1857 की गद्दारी के दुष्परिणाम भुगतने पड़ते हैं। श्री पाठक ने कहा कि क्या हमारा कुसूर सिर्फ इतना है कि महात्मा गांधी की हत्या में प्रयुक्त रिवाल्वर भी ग्वालियर घराने से पकड़ी गई थी। जिसकी बदनामी भी हमारे सिर आती है।


अब एक बार फिर सिंधिया की गद्दारी ने कांग्रेस को कलंकित कर दिया है। लेकिन दुख की बात ये है कि चूंकि ये राजा-महाराजा है इसलिए इनके लिए पार्टी में वापसी के दरवाजे हमेशा खुल जाते हैं, जिस प्रकार माधवराव सिंधिया 1996 में अलग पार्टी बनाई थी, लेकिन उन्हें बाद में कांग्रेस में वापस ले लिया गया था।


क्या कहा मुकुल वासनिक नें?

विधायक प्रवीण पाठक की बात पर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि आप लोग चिंता न करें, मेरे जीवित रहते ज्योतिरादित्य सिंधिया किसी स्थिति में कांग्रेस में वापस नहीं आ पाएंगे। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वासनिक ने आश्वासन दिया कि अब इतिहास नहीं दोहराया जाएगा और सिंधिया के कांग्रेस में लौटने के सारे दरवाजे बंद हैं।

Friday, 23 October 2020

MP उपचुनाव: फिर विवादों में घिरी इमरती देवी, अपनी ही पार्टी के लिये कहा- "भाड़ में जाए पार्टी"।



MP उपचुनाव: मध्यप्रदेश में जैसे जैसे उपचुनाव की तारीख नजदीक आ रही, वैसे ही दोनों मुख्य पार्टियों की तरफ से राजनीतिक बयानबाज़ी तेज होती जा रही है। अभी हाल में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा भाजपा की डबरा विधानसभा से उम्मीदवार इमरती देवी पर दिये गये एक बयान को लेकर भाजपा एवं खुद इमरती देवी नें कड़ा विरोध जताया था, लेकिन आज इमरती देवी खुद एक विवादास्पद बयान देकर फंसती नजर आ रही है। शुक्रवार को वे चुनाव प्रचार के लिए डबरा विधानसभा के मसूदपुर गांव पहुंची थीं। वहां केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ उनका एक कार्यक्रम था। मसूदपुर से लौटते हुए इमरती देवी ने एक ऐसा बयान दे दिया जिससे उनकी काफी किरकिरी हो रही है।


इमरती देवी को कुछ किसानों ने घेर लिया जो धान का वाजिब मूल्य न मिलने के कारण पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। धान का समर्थन मूल्य 1900 रूपये होने के बावजूद उन्हें 13-14 सौ रूपये ही मिल रहे है। ये मुद्दा फिलहाल डबरा क्षेत्र में काफी गर्माया हुआ है और इसे लेकर किसान काफी नाराज हैं। इमरती देवी को अपने बीच देखकर किसानों ने उनसे बात शुरू की जिसके बाद इमरती देवी नें कहा कि मैं पूरी तरह डबरा के किसानों के साथ हूं और मैं किसानों के लिए लड़ती रहूंगी। यहां तक तो ठीक था, लेकिन इसी बीच किसी ने पार्टी की बात की तो इमरती देवी ने कहा “भाड़ में जाए पार्टी।”


इस बात को लेकर बवाल खड़ा हो गया और लोगों के बीच चर्चा आम हो गई कि इमरती देवी ने बीजेपी को कहा है कि भाड़ में जाए पार्टी। गौरतलब है की इमरती देवी, सिंधिया की अगुआई में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गयी थी और अब भाजपा से ही डबरा विधानसभा से उम्मीदवार हैं। अब ऐसे में यह समझ से परे है की वो अपनी ही पार्टी के लिये ऐसी शब्दावली का इस्तेमाल क्यों कर रहीं।

किसान विरोधी क़ानूनों का असर प्रदेश में दिखने लगा, समर्थन मूल्य से आधी कीमत में भी नहीं बिका मक्का: अजय।



भोपाल: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने कहा कि केंद्र द्वारा लाये गए किसान विरोधी तीन काले क़ानूनों का असर अब मध्यप्रदेश में साफ दिखाई देने लगा है। श्री सिंह ने कहा कि केंद्र ने मक्के का समर्थन मूल्य 1850 रुपए रखा है लेकिन मध्यप्रदेश के किसान सात आठ सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर पर मक्का बेचने को मजबूर हैं। प्रदेश के मक्का उत्पादक किसान आक्रोशित हैं। कल दमोह जिले की पाटन तहसील के किसानों ने उग्र आंदोलन किया और एस॰डी॰एम॰ को ज्ञापन भी दिया। किसानों ने आरोप लगाया है कि व्यापारी लगभग फ्री में मक्का खरीद रहे हैं। किसान लुट रहा है।


अजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में 46 लाख मीट्रिक टन मक्के का उत्पादन होता है। छिंदवाड़ा जिला कार्न सिटी कहलाता है जहां मक्के का 24 लाख टन उत्पादन हर साल होता है। यह एक व्यवसायिक और रोजगार पैदा करने वाली फसल बन चुकी है। ऐसे में प्रदेश के किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की आधी कीमत भी नहीं मिल रही है। लेकिन किसानों की आँखों में आँसू न देखने का डायलाग बोलने वाले शिवराज मामा को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।


खाद की जगह पत्थर निकले।

अजयसिंह ने कहा कि शिवराज सिंह किसानों को सोसायटियों के माध्यम से नकली खाद बँटवा रहे हैं। खाद की बोरियों में कंकड़- पत्थर, कोयला और मिट्टी निकल रही है। अखिल भारतीय किसान सभा की सीहोर इकाई ने सरकार के खिलाफ आंदोलन कर शिवराज सिंह के नाम सीहोर कलेक्टर को ज्ञापन भी दिया है। किसानों ने आरोप लगाया है कि बर्बाद किसानों को और बर्बाद किया जा रहा है, इसमें सरकार की मिलीभगत है। किसानों ने 'रत्नम' खाद की बोरियाँ भी खोलकर दिखाई। सिंह ने कहा कि किसानों ने पहले कृषि अधिकारियों को शिकायत भी की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पूरे प्रदेश में यही आलम है।


खून के आँसू रुला रही प्याज।

अजय सिंह ने कहा कि सीजन के समय दो रुपए किलो मारी मारी फिरने वाली प्याज अब 50 से 70 रुपए किलो तक बिक रही है। आम आदमी की थाली से प्याज गायब हो गई और वह अब खून के आँसू रुला रही है। प्याज के असीमित भंडारण पर सरकार की कोई रोक नहीं है। रोज उपयोग में आने वाली दालों की कीमतें भी 20-25 प्रतिशत तक बढ़कर 165 रुपए किलो तक बिक रही है। यदि खाद्य पदार्थों के यही हाल रहे तो आम आदमी तो लुट जाएगा।


कृषि कानून किसानों को बर्बाद करेंगे।

अजय सिंह ने कहा कि केंद्र द्वारा लाये गए तीन कृषि कानून किसानों को बर्बाद कर देंगे। मंडियाँ चौपट हो जायेंगी। इसलिए भावी मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वादा किया है कि सरकार बनने पर ऐसा कानून लाएँगे कि समर्थन मूल्य से कम में खरीदी को अपराध माना जाएगा। पंजाब में ऐसा हो चुका है। उन्होंने  कहा कि लगभग 75 प्रतिशत फसलों की खरीदी समर्थन मूल्य पर होती है। इससे किसानों को करोड़ों रुपए मिलते हैं।

Thursday, 22 October 2020

सीधी: शासकीय चिकित्सकों के प्राइवेट प्रेक्टिस पर रोक, आदेश जारी।



सीधी: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सीधी द्वारा आदेश जारी कर जिलान्तर्गत क्षेत्र की समस्त शासकीय अस्पतालों में पदस्थ समस्त विशेषज्ञ/चिकित्सा अधिकारी/आयुष चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि अपने अपने कर्तव्यस्थल पर उपस्थित रहकर कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुये चिकित्सालय में उपचार हेतु आने वाले रोगियों की जांच व परामर्श देना सुनिश्चित करें। शासकीय चिकित्सकों को निज निवास में निजी प्रेक्टिस पर आगामी एक माह तक के लिये प्रतिबंधित किया गया है। (आपातकालीन स्थिति को छोड़कर)।


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि कोविड-19 वैश्विक महामारी नियंत्रण व उपचार को दृष्टिगत रखते हुये यह आवश्यक है कि जिलान्तर्गत शासकीय अस्पताल में पदस्थ चिकित्सकों द्वारा कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुये रोगियों की जांच व परामर्श दिया जाना सुनिश्चित करें। गत माह की तुलना में चालू माह में कोविड-19 संक्रमित रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई है साथ ही कई चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ भी प्रभावित हुये हैं।  


जारी आदेशानुसार निजी प्रेक्टिस करते पाये जाने/निज निवास में रोगियों की भीड़ इकट्ठा किया जाना जाये जाने की स्थिति में संबंधित चिकित्सक के विरूद्ध कड़ी दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी। उन्होंने उक्त आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सीधी: जिले में मिले 16 नए कोरोना संक्रमित, 31 व्यक्तियों ने जीती कोरोना से जंग।



सीधी: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ० बी. एल. मिश्रा के द्वारा जानकारी दी गई कि बुद्धवार शाम तक में  रैपिड एंटीजन किट द्वारा 115 टेस्ट किए गए जिसमें से फीवर क्लीनिक जिला अस्पताल से 2, चुरहट से 3, रामपुर से 1, कुसमी से 7, मझौली से 1 एवं रीवा मेडिकल कॉलेज वायरोलॉजी लैब से 2 इस प्रकार से कुल 16 पॉजिटिव केस कि रिपोर्ट प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि उक्त सभी पॉजिटिव केस को आइसोलेशन में भर्ती करने की तैयारी एवं कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और कंटेन्मेंट एरिया बनाने की कार्यवाही की जा रही है।  


सी.एम.एच.ओ. डॉ० मिश्रा ने बताया कि कोरोना संक्रमण से 31 लोगों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है। सभी को अपने घर पर होम आइसोलेशन में एक सप्ताह रहने के लिए समझाइश देते हुए आवश्यक दवाओं के सेवन करने के लिए दवा प्रदान की गई है तथा सभी को आवश्यक सावधानियां रखने की सलाह दी गई है।


अब जिले में कुल 1303 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। अब तक 1108 व्यक्तियों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। अब जिले में कुल एक्टिव केस 186 हो गए हैं। कल देर रात आइसोलेशन वार्ड में एक महिला की मृत्यु हो गई है। मृत्यु का 1 प्रकरण और बढ़ जाने के बाद अब जिले में कुल 10 मृत्यु हो चुकी है।

लड़ाई अब भाजपा और जनता के बीच, लोगों ने बिकाऊ से साथ न रहने की ठान ली है: अजय सिंह।



  • भाजपा वाले भी समझ गए कि सिंधिया को लाकर गलती की: अजय सिंह।

भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने कहा कि उपचुनावों में लड़ाई अब कांग्रेस और भाजपा के बीच नहीं हो रही बल्कि जनता और भाजपा के बीच हो रही है। मैं अभी तक 28 में से 14 विधानसभा क्षेत्रों से होकर आया हूँ। हर सभा में मुझे यह लगा कि जनता ने ठान लिया है कि हमें बिकाऊ माल के साथ नहीं रहना है, पता नहीं कब गद्दारी कर जाएँ। बुंदेलखंड का हर व्यक्ति वोट की कीमत समझता है और उसका स्वाभिमान भी है। अजय सिंह आज सुरखी में पारुल साहू के समर्थन में एक भीड़ भरी जनसभा को संबोधित कर रहे थे। पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह भी उनके साथ थे।

 

अजय सिंह ने कहा कि महराज सिंधिया और नए महाराज गोविंदसिंह राजपूत अहंकार में हैं। सिंधिया के मूल में गद्दारी है। उनके पूर्वजों ने महारानी लक्ष्मीबाई को धोखा दिया और अब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी माँ जैसी संस्था कांग्रेस पार्टी को धोखा दिया है। उनके पीछे पीछे गोविंद सिंह राजपूत भी चल दिये जिन्हें कांग्रेस ने सब कुछ दिया। युवक कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया। विधायक बनाया और मंत्री बनाया, फिर भी वे लोभ में पड़कर भाजपा में चले गये। वे अपने ही पार्टी के साथियों को ही धमकाते थे। उनके कारण के ही हमारे 25 साल पुराने साथी राजेन्द्र सिंह मोकलपुर पार्टी छोडकर चले गये।

 

अजय सिंह ने कहा कि अब भाजपा वाले भी समझ गये कि सिंधिया को लाकर बहुत बड़ी गलती की। वे जान गये कि सिंधिया की महत्वाकांक्षा को कोई पूरा नहीं कर सकता, उनके अहम को कोई संतुष्ट नहीं कर सकता। कल्पना करिए कि हमारे गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह कैसा महसूस कर रहे होंगे। वे सोच रहे होंगे कि गद्दारों के भाजपा में आने पर हमारी क्या हैसियत रह जाएगी। अब जनता की बारी है कि वह सच्चाई का साथ दे और ईमानदार को वोट दे। उन्होने कांग्रेस प्रत्याशी पारुल साहू को अपना अमूल्य मत देकर गद्दारों को सबक सिखाने की बात कही।


श्री सिंह ने कहा कि सिंधिया की कहानी अब खत्म हो गई है। पहले कहते थे कि टाइगर जिंदा है। फिर अपने आपको काला कौआ कहने लगे। उन्होने कहा कि पूर्व मंत्री और फिल्मी गीतकार स्व॰ विट्ठलभाई पटेल ने ही ' झूठ बोले कौआ काटे' गीत लिखा था। उन्होने इसके आगे क्या लिखा था, यह आप सबको मालूम है। सिंधिया पहली बार सांसद बनने के बाद ही मंत्री बने। राहुल गांधी जी के सबसे नजदीक माने जाते थे लेकिन उन्होने पार्टी छोडकर सिद्ध कर दिया है कि उनकी महत्वाकांक्षा असीमित है।

Wednesday, 21 October 2020

कांग्रेस से सब कुछ मिलने के बाद भी सिंधिया की भूख नहीं मिटी: अजय सिंह।



  • शिवराज ने सिंधिया की असीमित महत्वाकांक्षा का दोहन किया: अजय सिंह।

भोपाल: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने आज बड़ा मलहरा में साध्वी रामसिया भारती के पक्ष में भगवा, बम्हौरी और रानीताल में आयोजित चुनावी सभाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कमलनाथ एक असाधारण व्यक्ति हैं। जब वे मुख्यमंत्री के रूप में एक विकसित मध्यप्रदेश का सपना गढ़ रहे थे, जब उन्होंने बड़े बड़े काम शुरू किए तो शिवराज सिंह चौहान चिंता में पड़ गए। शिवराजसिंह और उनके लोगों के मन में अच्छी ख़ासी चल रही कमलनाथ सरकार को गिराने का षड्यंत्र चलने लगा। उन्होने विचार किया कि कांग्रेस में ऐसा कौन व्यक्ति है जिसकी असीमित महत्वाकांक्षा है। उन्हें सिंधिया के रूप में वह व्यक्ति मिल गया जिन्होने 22 विधायकों को साथ में लेकर कमलनाथ को धोखा दिया और सरकार गिरा दी।

अजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को वो सब कुछ दिया जो किसी को इतनी जल्दी नहीं मिला।लेकिन सिंधिया की भूख ऐसी थी जो मिट नहीं रही थी। पहली बार सांसद बनते ही उन्हें केंद्र में मंत्री बना दिया गया। उनकी हर बात पर अमल होता था, सोनिया जी और राहुल जी उनसे बिना समय के तत्काल मिलते थे और उनकी बात को पूरा करते थे। ग्वालियर- चंबल संभाग के मामलों में उनकी सिफ़ारिश ही चलती थी। लेकिन उनके खून में गद्दारी थी इसलिए उन्होने 22 विधायकों से स्तीफ़ा दिलाकर कांग्रेस सरकार गिरा दी। शिवराज सिंह अपने षड्यंत्र में सफल हो गए।

श्री सिंह ने कहा कि प्रजातन्त्र में हम और आप यह सोचकर वोट डालते हैं कि हमारे कीमती वोट का अर्थ है। जनता शिवराज सिंह के झूठे वादों और उनका चेहरा देख देख कर थक चुकी थी। जनता ने शिवराज को 15 साल दिये लेकिन उन्होने कांड और घोटालों के अलावा कुछ नहीं किया। इसलिए जनता ने 2018 में कांग्रेस को सत्ता सौंपी। क्या लाखों किसानों का कर्जा माफ करना कमलनाथ की गलती थी। क्या उन्होने प्रदेश भर में बिजली के बिल कम नहीं किए। उन्होने लोगों को शुद्ध दूध और वस्तुएँ दिलाने के लिए शुद्ध के लिए युद्ध अभियान छेड़ा। माफियाओं के खिलाफ बड़ी से बड़ी कार्यवाही की। वे ऐसा मध्यप्रदेश बना रहे थे जहां मजदूरों को यहीं काम मिले। उन्हें दूसरे प्रदेशों में न भटकना पड़े। लेकिन स्वार्थियों ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

अजय सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड के पानी में वो ताकत है जो सबके घमंड और महत्वाकांक्षा को धूल चटा देती है। कमलनाथ सरकार के रुके हुये काम दोबारा शुरू करने के लिए जरूरी है कि आप तीन तारीख को दलबदलुओं और लोभियों को ऐसा सबक सिखा दें कि भविष्य में कोई प्रजातन्त्र के साथ सरकार गिराने जैसा खिलवाड़ और पाप न करे।

नोट से सरकार बनाने वालों को सबक सिखायेगी जनता, जनादेश के लुटेरे अब बेशर्मी से मांग रहे हैं वोट: अजय।


  • नौटंकी वाले भैया के पाखंड को अब समझ गई जनता: अजय सिंह।

भोपाल: भाजपा चाहे कितना भी झूठ बोले जनता सच जानती है। हाथरस की अमानवीय घटना पर एक शब्द भी नहीं बोलने और दोषियों का मौन समर्थन करने वाले भाजपा नेताओं  की असलियत जनता समझ रही है। नौटंकीबाज शिवराज का प्रदर्शन बर्दाश्त के बाहर हो गया है। अब वो कहने लगेंगे कि हां मैं नौटंकीबाज हूँ। जनता को ठगता हूँ।  


पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भाजपा नेताओं के ढोंग और षड्यंत्र पर जारी बयान में कहा कि जनता के वोटों और उनके फैसले पर डकैती डालने वाले गद्दार नेताओं ने बेशर्मी की हद कर दी। सरे आम लोकतंत्र का कत्ल करने वालों को अब जनता सजा देगी और न्याय करेगी।  


अजय सिंह ने कहा कि पूरे देश में शिवराज ने मध्यप्रदेश का नाम खराब किया है। राजनीतिक स्वच्छता के लिए पूरे देश में मध्यप्रदेश का नाम था लेकिन जोर जबरदस्ती से नोट के दम पर, विधायकों की खरीदी कर सरकार गिराने और जबरदस्ती मुख्यमंत्री बनकर उन्होंने मध्य प्रदेश की इज्जत गिरा दी।  


अजय सिंह ने कहा कि शिवराज सरकार ने अपने साथ पूरे प्रशासन को अपने अनैतिक काम में शामिल कर लिया है। वीडियो कांफ्रेंस करके रोज कलेक्टरों को चुनाव जिताने के निर्देश दे रहे हैं । भीड़ जुटाने के लिए उन पर दबाव डाल रहे हैं । पिछले 15 सालों से यही करते आ रहे हैं। जब जनता ने नकार दिया तो गुंडागर्दी करके सरकार गिरा दी। यह बात पूरा देश जानता है। पूरा देश गवाह है कि शिवराज सरकार कैसे जनादेश की चोरी करके सत्ता में आई।  


शिवराज की नौटंकी।

उन्होंने कहा कि शिवराज की नौटंकी अब पूरे देश में मशहूर हो गई है। कभी मामा, कभी किसानों का बेटा, कभी गरीब, कभी जनता का पुजारी और भी कई प्रकार से बहरूपिया बन घूमते हैं। कभी कहते है पांव पांव चलता हूँ जबकि 15 सालों में सरकारी जहाज का सर्वाधिक दुरुपयोग किया। अब "नौटंकी शिवराज" को पूरा देश जान गया है। इसलिए अब कहलाते हैं, नौटंकी वाले मामा।  

तुलसी सिलावट के बाद, राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत नें भी दिया मंत्री पद से इस्तीफा।



भोपाल: मध्यप्रदेश उपचुनाव से पहले शिवराज मंत्रिमंडल में इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। तुलसी सिलावट के बाद अब राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत नें भी मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। बता दें की शिवराज सिंह चौहान सरकार में जल संसाधन मंत्री रहे तुलसी सिलावट ने अपने पद से आज सुबह ही इस्तीफ़ा दे दिया था।


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने दोनों के इस्तीफे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भेजे हैं। दोनों मंत्री विधायक नहीं हैं और उनको मंत्री बने 6 महीने पूरे होने हो गए है। अबतक दोनों बिना विधायक बने छह महीने से मंत्री पद पर थे लेकिन कार्यकाल पूरा होने के बाद दोनों ने इस्तीफा दे दिया है।वहीं इन दोनों नेताओं के इस्तीफे की मांग काफी समय से उठ रही थी। विपक्ष सरकार पर इनके इस्तीफे के लिए लगातार दबाव बना रहा था। सिलावट सांवेर सीट से भाजपा प्रत्याशी हैं तो वहीं गोविंद सिंह राजपूत सुरखी से भाजपा प्रत्याशी हैं।


गौरतलब है की, इसी साल मार्च में ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने 22 समर्थक विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल हुए थे और कमलनाथ की सरकार गिर गई थी। शिवराज सिंह ने 23 मार्च को चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वही 21 अप्रैल को मंत्री पद की शपथ लेने वाले पांच मंत्रियों में से डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा, कमल पटेल , मीना सिंह विधानसभा से निर्वाचित सदस्य है, लेकिन गोविंद सिंह राजपूत और तुलसी सिलावट निर्वाचित सदस्य नहीं है, क्योंकि कांग्रेस छोड़ने के बाद इन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। वही कोविड-19 के कारण उपचुनाव 6 महीने के भीतर नहीं कराए जा सके और राजपूत व सिलावट को मंत्री बने मंगलवार को 6 महीने पूरे हो गए है, ऐसे में आज दोनों मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ा।


जानें क्या है नियम?

संवैधानिक नियमों  के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति जो किसी भी सदन का सदस्य नहीं है और मंत्री पद की शपथ लेता है तो उसको शपथ लेने के छह महीने के अंदर सदन का सदस्य बनना जरूरी होता है। लेकिन तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत अभी तक सदन के सदस्य नहीं बन पाए हैं।

तुलसी सिलावट ने मंत्री पद से दिया इस्तीफा, जानिए क्या है मामला।



इंदौर: मध्यप्रदेश में होनें वाले उपचुनाव के मतदान से पहले, शिवराज सिंह चौहान सरकार के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट नें मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। सिलावट नें 6 महीने का कार्यकाल पूरा होने पर पद से इस्तीफा दे दिया है।


उन्होंने अपना इस्तीफा सीएम शिवराज सिंह चौहान को भेज दिया है। मीडिया में कल से ही खबरें चल रही थी सिलावट मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, क्योंकि उनका 6 महीने का कार्यकाल मंगलवार को ही पूरा हो गया था। बता दें की तुलसी सिलावट, सांवेर विधानसभा से भाजपा के प्रत्यासी है। वो सिंधिया के कट्टर समर्थक मानें जातें हैं।

 
जानें क्या है नियम?

संवैधानिक नियमों  के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति जो किसी भी सदन का सदस्य नहीं है और मंत्री पद की शपथ लेता है तो उसको शपथ लेने के छह महीने के अंदर सदन का सदस्य बनना जरूरी होता है। लेकिन तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत अभी तक सदन के सदस्य नहीं बन पाए हैं।

Tuesday, 20 October 2020

अजय सिंह द्वारा लोकयुक्त से मिलकर सिंधिया- शिवराज सहित अन्य BJP नेताओं के विरुद्ध कार्यवाही की मांग, जानिये क्या है मामला?


  • सिंधिया, शिवराज, नरोत्तम, भार्गव, भूपेन्द्र सिंह, उमाशंकर, सारंग सहित 25 पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कार्यवाही की जाये: अजय सिंह।
  • उन्होंने लोकसेवक पद का दुरुपयोग और लोक कर्तव्य में बेईमानी की है: अजय सिंह।
  • चुनाव में होने वाला करोड़ों का खर्च भाजपा उम्मीदवारों से वसूला जाये: अजय सिंह।

भोपाल: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आज सुबह लोकयुक्त से मिलकर ज्योतिरादित्य सिंधिया, शिवराज सिंह चौहान, नरोत्तम मिश्रा, गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह, उमाशंकर  गुप्ता और विश्वास सारंग के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही करने के लिए शपथ पत्र सहित शिकायती पत्र दिया है। पत्र में लिखा है कि इन सभी ने अपने लोकसेवक होने का दुरुपयोग किया है। उन्होंने लोक कर्तव्य का पालन नहीं किया है। यह कृत्य भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा सात के अंतर्गत अपराध है। साथ ही धारा आठ के अंतर्गत दंडनीय है। इसमें सात वर्ष का कारावास और जुर्माना दोनों लगाया जा सकता है।

 

अजय सिंह ने लिखा है कि इन सभी ने कांग्रेस के 22 पूर्व विधायकों को पद देने का प्रलोभन देकर बदले में कांग्रेस के नेतृत्व में चुनी हुई सरकार गिराने का कृत्य किया है। अखबारों में प्रकाशित खबरों और आम चर्चा के अनुसार उन्हें प्रलोभन दिया गया कि सभी को न केवल भाजपा के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ाया जाएगा बल्कि 12 लोगों को मंत्री भी बनाया जाएगा।  विभाग भी ज्योतिरादित्य सिंधिया की इच्छा से दिये जाएँगे, साथ ही कुछ राशि भी दी जाएगी।


श्री सिंह ने लिखा है कि योजनाबद्ध तरीके से 22 विधायकों को बेंगलोर ले जाकर प्रेस्टीज़ गोल्फ लिंक रिसार्ट में रखा गया। किसी से मिलने नहीं दिया गया और फोन जब्त कर लिए गए। उल्लेखनीय है कि कर्नाटक में भाजपा शासन है। सभी के स्तीफ़े भूपेंद्र सिंह के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष को भिजवाए गए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह जब उनसे मिलने गए तो पुलिस प्रशासन ने अंदर नहीं जाने दिया। प्रथम दृष्टया स्पष्ट है कि ये सभी विधायक, ज्योतिरादित्य सिंधिया और भाजपा नेता सरकार गिराने का षड्यंत्र कर रहे थे। जो कांग्रेस सरकार गिरने पर सिद्ध हो गया।


अजय सिंह ने लिखा है कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि वादे के अनुसार 14 ऐसे व्यक्तियों को जो विधायक नहीं थे, मंत्री बना दिया गया। ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा से राजयसभा सदस्य चुने गए। उन्हें केंद्र में मंत्री पद से नवाजे जाने की पूरी संभावना है। उपचुनाव में स्तीफ़ा देने वाले सभी लोगों को भाजपा ने अपना उम्मीदवार घोषित किया है। तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, प्रभुराम चौधरी, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, हरदीप सिंह, राज्यवर्धन सिंह, बृजेन्द्र सिंह यादव, सुरेश धाकड़, ओ॰पी॰एस॰ भदौरिया, गिर्राज दंडोतिया, एदल सिंह कंसाना और बिसाहू लाल सिंह ने सरकार गिराने के प्रतिफल के रूप में मंत्री पद प्राप्त किया। जाहिर है  सभी ने लोक कर्तव्य का पालन अनुचित रूप से और बेईमानी से किया। इस तरह उन्होने षड्यंत्र सिद्ध कर दिया।  


श्री सिंह ने अगली वस्तुस्थिति बताते हुये लिखा है कि विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी को शिवराज सिंह चौहान ने लालच दिया और उनसे स्तीफ़ा दिलाकर तत्काल नागरिक आपूर्ति निगम का चेयरमेन बना दिया। इसके बाद नारायण पटेल और सुमित्रा देवी कासडकर के भी स्तीफ़े दिलाये गए जो कांग्रेस के विधायक थे। मंत्री बनाए गए लोगों के अलावा स्तीफ़ा देने वाले लोगों में मनोज चौधरी, जसपाल सिंह जज्जी, जसवंत जाटव, संतराम सिरोनिया, मुन्नालाल गोयल, रणवीर सिंह जाटव, कमलेश जाटव और रघुराज कंसाना भी शामिल थे। अजय सिंह ने लिखा है कि कांग्रेस के 25 पूर्व विधायकों के स्तीफ़ा देने के कारण उपचुनाव हो रहे हैं जिसके लिए ये सभी जिम्मेदार हैं। अकारण चुनाव थोपे जाने के फलस्वरूप करोड़ों रुपयों के शासकीय धन का जो अपव्यय हो रहा है, वह इन सभी से वसूला जाये।


सिंह ने लिखा है कि षड्यंत्र में शामिल सभी लोग अंतत: विगत 20 मार्च को चुनी हुई कमलनाथ सरकार गिराने में सफल रहे। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्तीफ़ा दिया। ताबड़तोड़ 23 मार्च को शिवराज सिंह को शपथ दिलाई गई और फिर पूरे भारत में 25 मार्च से लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई। संभवत: लॉकडाउन लगाने में विलंब इसलिए किया गया क्योंकि भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस सरकार गिराना थी। सरकार गिरने के बाद जो घटनाक्रम हुआ उससे प्रकाशित खबरें और आम चर्चा सच साबित हुई।


श्री सिंह ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों की व्याख्या करते हुये लिखा है कि धारा सात के अंतर्गत यदि कोई लोक सेवक लाभ के पद के लिए लोक कर्तव्य का पालन अनुचित रूप से और बेईमानी से करता है या करवाता है तो वह अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसा कृत्य करने के लिए यदि वह कोई इनाम लेता है या लाभ की प्रत्याशा में लोक कर्तव्य का निर्वहन नहीं करता है तो इस अपराध के लिए कम से कम तीन साल से सात साल तक का कारावास और जुर्माने का भागी होगा। लोक कर्तव्य में बेईमानी के लिए प्रेरित करने वाले पर भी यही सजायेँ लागू होती हैं। इन प्रावधानों से स्पष्ट है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिलकर शिवराजसिंह चौहान, नरोत्तम मिश्रा, गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह, उमाशंकर गुप्ता, सुदर्शन गुप्ता और विश्वास सारंग ने षड्यंत्र पूर्वक कांग्रेस सरकार गिरायी है। अपने लोक सेवक होने का दुरुपयोग किया है। लोक कर्तव्य का पालन नहीं किया है जो कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत अपराध है।

Monday, 19 October 2020

सीधी: जिले में मिले 12 नए कोरोना संक्रमित, 23 व्यक्तियों ने जीती कोरोना से जंग।



  • कुल संक्रमित 1242, डिस्चार्ज 1050, एक्टिव केस 183, मृत्यु 9

सीधी: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. एल. मिश्रा के द्वारा जानकारी दी गई कि सोमवार शाम तक में  रैपिड एंटीजन किट द्वारा 185 टेस्ट किए गए जिसमें से फीवर क्लीनिक जिला अस्पताल से 6, रामपुर से 1, सिहावल से 3, सेमरिया से 2 इस प्रकार से कुल 12 पॉजिटिव केस कि रिपोर्ट प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि उक्त सभी पॉजिटिव केस को आइसोलेशन में भर्ती करने की तैयारी एवं कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और कंटेन्मेंट एरिया बनाने की कार्यवाही की जा रही है।  


सी.एम.एच.ओ. डॉ. मिश्रा ने बताया कि कोरोना संक्रमण से  10 लोगों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है। सभी को अपने घर पर होम आइसोलेशन में एक सप्ताह रहने के लिए समझाइश देते हुए आवश्यक दवाओं के सेवन करने के लिए दवा प्रदान की गई है तथा सभी को आवश्यक सावधानियां रखने की सलाह दी गई है।


अब जिले में कुल 1242 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। अब तक 1050 व्यक्तियों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। अब जिले में कुल एक्टिव केस 183 हो गए हैं।

BJP समझ गई है कि सिंधिया एक "खतम कहानी" हैं, इसलिए उनको अलग प्रचार करने को कहा: अजय।



  • भाजपा रथ से भी सिंधिया का फोटो गायब है: अजय सिंह।
  • टुकड़ों में बिकने वालों की तो चार पीढ़ियाँ तर जायेंगी: अजय सिंह।                                   

भोपाल: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने कहा कि भाजपा को भी लग रहा है कि सिंधिया एक "खतम कहानी" हैं। पहले शिवराज और सिंधिया दो बैलों की जोड़ी साथ में प्रचार कर रही थी। जब शिवराज को लगा कि साथ जाने में गड़बड़ हो रहा है तो सिंधिया से कह दिया कि अब अकेले जाओ। भाजपा के जो प्रचार रथ तैयार हुये उसमें भी ज्योतिरादित्य सिंधिया की फोटो गायब कर दी ।अजय सिंह आज कमलनाथ के साथ मांधाता में कांग्रेस प्रत्याशी रामकिशन और नेपानगर में उत्तमपाल के पक्ष में चुनावी सभाओं को संबोधित कर रहे थे।


अजय सिंह ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है कि सिंधिया ने पाला बदला है । सिंधिया परिवार की पृष्ठभूमि किसी से छिपी नहीं है। इतिहास गवाह है कि सिंधियाओं  ने 1857 में यही किया। सन 1967 में यही किया और अब 2020 में भी धोखा दिया। क्या नहीं दिया था कांग्रेस ने उन्हें। स्वयं सिंधिया ने माना कि वे जब पहली बार सांसद बने तो उन्हें मंत्री बना दिया। बिना रोक टोक के और बिना समय के वे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया जी और राहुल जी से मिल सकते थे। लेकिन वाह सिंधिया की दोस्ती।


श्री सिंह ने कहा कि चंद टुकड़ों में बिक गए वे विधायक जिन्होंने आपकी सेवा का संकल्प लिया था। अब उन्हें करना क्या है, चाहे जीतें या हारें। इतने पैसे मिल गए कि चार पुश्तें तर जायेंगी। भाजपा में गया छोटा चेतन कह रहा है कि मैंने जनता की सेवा के लिए आपका वोट बेचा। मैं कहता हूँ कि पहले अपनी सेवा तो कर ले क्योंकि 35 करोड़ तुमने खाये। अब तू जनता की सेवा क्या करेगा। तीन तारीख को हम सब हिसाब कर लेंगे।


उन्होंने कहा कि यह कहना आसान है कि कमलनाथ जी ने हमारी नहीं सुनी। उनको तो सुनाना ही नहीं था तो क्या सुनते। मुझसे और अरुण यादव से बड़ी भूल हुई जो हमने टिकट में उनका समर्थन कर दिया था। अब हमारे प्रायश्चित करने का समय है। तीन तारीख को आप बता दो कि निमाड़ का आदमी स्वाभिमानी है, मेहनत से खेती करता है, वह कोई बिकाऊ नहीं है। मैं दावे से कह सकता हूँ कि 10 तारीख को कांग्रेस की सरकार बनेगी और कमलनाथ दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे।


अजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ साधारण व्यक्ति नहीं हैं।उन्होंने सवा साल सरकार क्या चलाई कि शिवराज एंड कंपनी के हौसले पस्त हो गए। वे परेशान हो गए कि यदि कमलनाथ पाँच सालऊ रह गए तो प्रदेश से भाजपा का पत्ता साफ हो जाएगा। जनता ने 2018 में कांग्रेस को सत्ता सौंपी थी। लोग थक गए थे मामा के भाषणों और भाजपा की नीतियों से। आज उपचुनावों की आवश्यकता नहीं थी। एक व्यक्ति सिंधिया की महत्वाकांक्षा की वजह से यह जबर्दस्ती थोपा हुआ चुनाव है। मैं कमलनाथ से वचन लेता हूँ कि दोबारा मुख्यमंत्री बनने पर बंद पड़ी नेपा मिल को चालू करवायेंगे ताकि मजदूरों को फिर से  यहीं पर काम मिल सके।

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