Sunday, 5 July 2020

राजेन्द्र शुक्ला का अजय सिंह को जवाब, कहा- विंध्य की उपेक्षा करने की हिम्मत किसी में नहीं।


रीवा: मध्यप्रदेश में भाजपा की शिवराज सिंह सरकार का बहुप्रतिक्षित मंत्रिमंडल विस्तार आखिरकार 2 जुलाई को 100 दिनों के लम्बे इन्तजार के बाद हो ही गया। लेकिन शिवराज सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में विंध्य की पूरी तरह से उपेक्षा की गयी। अगर बात विंध्य के रीवा, सीधी एवं सिंगरौली जिले की करे तो 2018 के विधानसभा चुनाव में यहां की जनता नें भाजपा को 15 मे से 14 विधायक जिताकर दिये लेकिन विडंबना यह है की इनमें से किसी को भी मंत्री नही बनाया गया। 



मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पूर्व मंत्री एवं रीवा विधायक राजेंद्र शुक्ला भोपाल से रीवा लौटे, जिनका कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार जोरदार स्वागत किया गया। बता दें की पिछली शिवराज सरकारों में मंत्री रहे राजेंद्र शुक्ला को भी मंत्रिमंडल में इस बार स्थान नहीं मिल पाया है।



रीवा पहुंचने के बाद पूर्व मंत्री नें कहा की, जैसे मैं केबिनेट मंत्री के रूप में रीवा आता था वैसे ही जनता ने मेरा गर्मजोशी से स्वागत किया तो मंत्री और विधायक में फर्क कैसा? साथ ही श्री शुक्ला नें कहा की, भाजपा के सरकार में हर विधायक मंत्री के समान होता है। यहाँ सभी के वैसे ही कार्य होते हैं और जब कांग्रेस सरकार के दौरान मैंने रीवा के विकास के काम रुकने नहीं दिए, तो अब तो वैसे भी भाजपा की सरकार है। अब एक बार फिर रीवा विकास की रफ़्तार पकड़ेगा।



उन्होंने यह भी कहा कि जितना योगदान भाजपा सरकार बनाने का सिंधिया जी का है, उतना ही योगदान विंध्य की जनता का भी है। यहाँ की जनता ने पूरे विंध्य में कमल खिलाया है, जिसकी वजह से आज भाजपा फिर जनसेवा के लिए सत्ता में है। पूर्व मंत्री ने रीवा की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि आप अपने जनप्रतिनिधियों पर पूरा भरोसा रखें, एक बार फिर विकास की रफ़्तार पकड़ेगा आपका रीवा। इसके लिए मुझे मंत्री बनने की जरूरत नहीं है। मैं विधायक रहते हुए भी वे सभी काम करूंगा।



पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को दिया जवाब।
उन्होंने बिना नाम लिए मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को जवाब देते हुये कहा की- कुछ लोग यह कहते है इतनी सीट देने के बाद भी विंध्य से मंत्री न बनाकर विंध्य की उपेक्षा की गई है। पर वे ये जान लें कि विंध्य की उपेक्षा करने की हिम्मत किसी में नहीं है। श्री शुक्ल ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद जब विपक्ष में थें तब रीवा आकर उन्होंने ट्रैन से उतरते ही विंध्य की धरती को स्पर्श करते हुए नमन किया था।



क्या कहा था पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें।
मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा था कि मंत्रिमंडल गठन में विंध्य क्षेत्र की घोर उपेक्षा की गई है। भाजपा ने सबसे ज्यादा इस क्षेत्र से सीटें जीती और सबसे ज्यादा मंत्री वे बने जिन्होंने गद्दारी करके अपना पद पाया है। धन और पद लोभी, विंध्य की जनता पर भारी पड़े हैं। यही धोखा देना और दो मुंही बात करना ही भाजपा का असली चाल, चरित्र और चेहरा है। मध्यप्रदेश के गौरवशाली राजनीतिक इतिहास को कलंकित करने वाली भाजपा ने एक कलंक का टीका प्रदेश के माथे पर लगा दिया। उसने उन्हें मंत्री बना दिया जो विधानसभा के सदस्य ही नहीं हैं।

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