Wednesday, 3 June 2020

MP राज्यसभा चुनाव: दिग्विजय-सिंधिया जैसे दिग्गज मैदान में, तीसरी सीट के लिये मुकाबला हुआ रोचक।


भोपाल: देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना का संकट बरकरार है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिसकी रोक-थाम के लिये देशभर में लॉक डाउन है। लेकिन इसी बीच चुनाव आयोग ने दस राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर चुनाव का ऐलान कर दिया है, जिसमें मध्यप्रदेश की भी 3 सीटें शामिल हैं। सभी सीटों पर 19 जून को चुनाव कराया जायेगा।



मध्यप्रदेश में राज्यसभा का चुनाव और भी रोचक और दिलचस्प होनें वाला है। क्योंकि यहां कभी कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया अब बीजेपी के खेमें में हैं। गौरतलब है की, सिंधिया अपनें 22 समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़ दी थी, जिससे कांग्रेस की कमलनाथ सरकार का 15 महीनों में ही अंत हो गया था। अब सिंधिया समेत उनके समर्थक भाजपा की सदस्यता ले चुकें हैं। साथ ही भाजपा नें ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा के लिये प्रत्याशी बनाया है। जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी मैदान में हैं।



दरअसल, चुनाव आयोग ने दस राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर चुनाव का ऐलान कर दिया है। सभी सीटों पर 19 जून को चुनाव कराया जायेगा। आंध्र प्रदेश की 4, गुजरात की 4, झारखंड की 2, मध्य प्रदेश की 3, राजस्थान की 3 और मणिपुर व मेघालय की 1-1 सीट के अलावा जून-जुलाई में खाली हो रही अरुणाचल प्रदेश की 1, कर्नाटक की 4 और मिजोरम की 1 सीट पर ये चुनाव होने हैं। सबसे दिलचस्प लड़ाई मध्य प्रदेश में नजर आ रही है, क्योंकि मध्यप्रदेश में कांग्रेस को बड़ी बगावत का सामना करना पड़ा है जिससे उसके हाथों से सत्ता भी खिसक गई है।



मध्य प्रदेश में तीन राज्यसभा सीटों पर चार प्रत्याशी हैं। ऐसे में मुकाबला काफी रोचक हो गया है। बीजेपी से ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुमेर सिंह सोलंकी चुनाव लड़ रहे हैं तो कांग्रेस से दिग्विजय सिंह और फूल सिंह बरैया हैं। हालांकि, कांग्रेस ने फर्स्ट प्रायोरिटी दिग्विजय सिंह को दी है, ऐसे में उनकी सीट सेफ मानी जा रही है। दूसरी तरफ बीजेपी ने भी ज्योतिरादित्य सिंधिया को फर्स्ट प्रायोरिटी पर रखा है। ऐसे में माना जा रहा है कि ये दोनों ही नेता राज्यसभा पहुंचने में सफल हो जाएंगे लेकिन तीसरी सीट को लेकर पेच फंसा है। 



कांग्रेस की कमलनाथ सरकार गिरने के बाद जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अपना बहुमत साबित किया तो उनके पाले में 112 विधायक थे। इनमें 107 विधायक बीजेपी के थे, जबकि सपा, बसपा और निर्दलीयों ने उनकी सरकार को समर्थन दिया था। जबकी कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद गणित बिगड़ चुका है, ऐसे में यह माना जा रहा की तीसरी सीट भाजपा के हिस्से में जा सकती है।

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