Wednesday, 24 June 2020

MP विधानसभा अध्यक्ष की दौड़ में केदारनाथ शुक्ला पिछड़े, गोपाल भार्गव एवं नागेन्द्र सिंह का नाम सबसे आगे।


भोपाल: शिवराज सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें एक बार फिर तेज हो गयी हैं। लेकिन 20 जुलाई से 24 जुलाई तक चलनें वाले विधानसभा के मानसून सत्र को देखते हुये अब विधानसभा अध्यक्ष की तलाश तेज हो गयी है। विधानसभा अध्यक्ष के लिये भाजपा नें गुणा भाग करना चालू कर दिया है।

ऐसे में भाजपा किसी एक विधायक को उम्मीदवार बनाएगी जो वरिष्ठ होने के साथ सियासी समीकरण साधनें में माहिर हो। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस सूची में पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, नागेंद्र सिंह नागौद, जगदीश देवड़ा और डॉ. सीतासरण शर्मा का नाम सबसे आगे है। लेकिन सीधी विधायक केदार नाथ शुक्ला का नाम इस रेस में पिछड़ता हुआ दिख रहा है।

गौरतलब है कि पिछली कमलनाथ सरकार गिरने के बाद विधानसभा के तत्कालीन अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने अपना इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद जगदीश देवड़ा को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया था। तभी से वे विधानसभा का काम देख रहे हैं। लेकिन अब जब मानसून सत्र शुरु होने वाला है, उससे पहले नए विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होना है। 


प्राप्त जानकारी के अनुसार संभावित विधानसभा अध्यक्ष के नाम की सूची में कई नाम शामिल है, लेकिन संगठन हर बात को ध्यान में रखकर नाम पर मुहर लगाना चाहता है।विधानसभा अध्यक्ष की संभावित सूची में पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, नागेंद्र सिंह नागौद, जगदीश देवड़ा और डॉ. सीतासरण शर्मा का नाम सबसे आगे है। हालांकि, संगठन नेताओं के साथ बैठक कर सीएम इस मामले में अंतिम फैसला लेंगे। बताया जा रहा है कि शिवराज चाहते हैं कि पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव विधानसभा अध्यक्ष बन जाएं। साथ ही संगठन के कुछ नेता भी इस पद पर गोपाल भार्गव को देखना चाहते हैं, लेकिन भार्गव पूर्व भाजपा सरकार में मंत्री थे और अब भी मंत्री ही बनना चाहते हैं।

स्पीकर पद के लिए सीतासरन शर्मा भी बड़े दावेदार हैं। शर्मा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के करीबी माने जाते हैं। डॉ. शर्मा इससे पहले शिवराज सिंह चौहान के पिछले कार्यकाल में पांच वर्ष तक विधानसभा अध्यक्ष रहे हैं। वहीं, विधानसभा के वरिष्ठ सदस्य जगदीश देवड़ा का नाम भी स्पीकर पद के लिए प्रमुखता से लिया जा रहा है। देवड़ा अनुसूचित जाति वर्ग से हैं। भाजपा को विधानसभा की 24 सीटों पर उपचुनाव का सामना करना है। इन क्षेत्रों में अनुसूचित जाति वर्ग के वोट ज्यादा हैं तो एक संभावना यह भी है कि पार्टी देवड़ा पर दांव लगा सकती है। अभी वे प्रोटेम स्पीकर हैं। 

पिछले दिनों मध्यप्रदेश के सीधी से भाजपा के वरिष्ठ विधायक केदारनाथ शुक्ला का नाम विधानसभा अध्यक्ष के लिये प्रमुखता से चल रहा था। लेकिन अब गुटीय राजनीति को साधने तथा आगामी 24 सीटों के उपचुनावों को देखते हुये समीकरण फिट ना बैठनें के कारण सीधी विधायक का नाम फिलहाल इस रेस से बाहर दिख रहा हैं। हला की अभी भी सतना के नगोद से विधायक नागेन्द्र सिंह, विधानसभा अध्यक्ष की रेस में बनें हुये है। केदारनाथ शुक्ला का नाम शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल में भी शामिल करनें के लिये चल रहा है। ऐसा माना जा रहा है की केदारनाथ शुक्ला इस बार शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल में जरूर शामिल होंगें, इसके संकेत भी पिछले दिनों सीएम शिवराज सिंह एवं केदारनाथ शुक्ला की मुलाकत के बाद मिले थे। शिवराज सिंह से मुलाकात के बाद सीधी विधायक नें कहा था की इस बार मै 100 प्रतिशत मंत्री बनूंगा।

No comments:

Post a comment

Latest Post

सीधी: ‘‘एक मास्क-अनेक जिंदगी’’ अभियान, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने लोगों को मास्क के उपयोग के लिए किया प्रेरित।

सीधी: नागरिकों को कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु पूरे प्रदेश में ‘‘एक मास्क-अनेक जिंदगी’’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से ...