Thursday, 11 June 2020

शराब ठेकों पर महिला अधिकारियों की ड्यूटी पर, कांग्रेस नें कहा "शर्म करो शिवराज" तो महिला आयोग की अध्यक्ष नें बताया शर्मनाक।


रीवा / भोपाल: मध्यप्रदेश में शराब की दुकानों पर महिला अधिकारियों की ड्यूटी के बाद अब सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस, शिवराज सरकार पर हमलावर है। अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार भोपाल एवं रीवा में महिला अधिकारियों की शराब की दुकानों में ड्यूटी करते देखा गया। जिसके बाद कांग्रेस नेता केके मिश्रा नें इस मुद्दे को लेकर निशाना साधा। महिला आयोग की अध्यक्ष शोभा ओझा नें इसे शर्मनाक करार दिया।



रीवा में महिला अधिकारियों की शराब की दुकानों में लगी ड्यूटी।
रीवा में खुली शराब दुकानों में जब कुछ महिला अधिकारी बैठी दिखाई दीं तो सब को हैरानी होने लगी। दरअसल, आबकारी विभाग की अफसर की ही ड्यूटी शराब दुकानों पर लगाई गई थी। ठेकेदारों और सरकार के बीच विवाद के कारण आबकारी विभाग को शराब की दुकानें खोलनी पड़ी। रीवा ज़िले के मऊगंज इलाके और रीवा शहर के समान इलाके में शराब दुकान में महिला अफसरों की ड्यूटी लगाई गई थी। अब इस मुद्दे को कांग्रेस पूरे तरीके से हमलावर हो गयी है।



कांग्रेस नेता केके मिश्रा का सीएम शिवराज सिंह पर पलटवार।
शराब ठेकों के मुद्दे पर कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर पलटवार किया है। उन्होनें ट्वीट कर लिखा, शिवराजसिंह चौहान जी,आप प्रदेश को शराब की बिक्री करवाकर "आत्मनिर्भर" बनाइए किन्तु आप जिन बहनों से शराब की दुकानों से शराब बिकवा रहे हैं वे किसी की बेटियां है,आपकी भांजियां हैं! कुछ तो शर्म कीजिये,यदि बची हो तो?


शराब बिक्री में महिलाओं की ड्यूटी लगाना शर्मनाक- शोभा ओझा।
महिलाओं से शराब बिक्री कराना शर्मनाक- शोभा ओझा महिला आयोग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि शराब बिक्री में महिलाओं की ड्यूटी लगाने का सरकार का निर्णय शर्मनाक है और ये पूरी तरह से अविवेकपूर्ण निर्णय है इसे सरकार को जल्द से जल्द वापस लेना चाहिए। जो फैसला सरकार ने लिया है वो बिल्कुल भी जायज नहीं है ।



महिला अपराधों का दिया हवाला शोभा ओझा ने सरकार के निर्णय की निंदा करते हुए मध्यप्रदेश में महिला अपराधों का भी हवाला दिया और कहा कि मध्यप्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध के मामले लगातार बढ़ते रहे हैं। महिला अपराधों में प्रदेश अव्वल आता रहा है। ऐसे में सरकार इस प्रकार का शर्मनाक निर्णय ले रही है और बकायदा ड्यूटी चार्ट तैयार कर महिला कर्मचारियों की ड्यूटी प्रस्तावित करना निश्चित ही नारी की सुरक्षा और गरिमा के खिलाफ है। इस फैसले से महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान के मामले में प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।



शोभा ओझा ने आगे कहा कि एक ओर तो लॉकडाउन के बावजूद प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार और दुष्कर्म की घटनाएं नहीं रुक रही हैं और ऊपर से सरकार महिलाओं को शराब की दुकानों पर बैठाने का निर्णय ले रही है। इससे महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में बढ़ोत्तरी होने की पूरी संभावना है। इसलिए सरकार के इस फैसले को किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता है।

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