Sunday, 28 June 2020

संभावित मंत्रियों की सूची लेकर सीएम शिवराज दिल्ली रवाना: विंध्य से राजेन्द्र शुक्ला, केदार शुक्ला पर पड़ रहे भारी।


सीधी: मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से शिवराज सिंह चौहान सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें एक बार फिर तेज हो गयी हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन मंत्री सुहाष भगत के साथ दिल्ली रवाना हो गए हैं। दिल्ली में वो पहले केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर से मुलाकात करेंगे। सोमवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन मंत्री सुहाष भगत राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात में शिवराज मंत्रिमंडल के विस्तार पर चर्चा होगी। 



प्राप्त जानकारी के अनुसार, आलाकमान से हरी झंडी मिलते ही शिवराज सिंह चौहान सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार होगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को आलाकमान से मुलाकात कर शाम तक भोपाल लौट आएंगे। संभावना जतायी जा रही की 30 जून को शिवराज कैबिनेट का विस्तार हो सकता है। मिल रही जानकारी के अनुसार मंत्रिमंडल में लगभग 25 नेताओं को शामिल किया जा सकता है। इसमें से 10 मंत्री सिंधिया समर्थक हो सकते हैं। जबकि भाजपा से 15-16 मंत्री बनाए जा सकते हैं।



मंत्री मंडल की दौड़ में भोपाल से रामेश्वर शर्मा सबसे आगे है, तो वहीं विकल्प के रूप में विश्वास सारंग और एससी कोटे से विष्णु खत्री का नाम भी सूची में रखा गया है। रायसेन से रामपाल सिंह का नाम लगभग तय है। इंदौर से उषा ठाकुर का नाम सबसे आगे है तो वहीं रमेश मेंदोला, मालिनी गौड़ पर भी विचार किया गया है। मालवा निमाड़ से मोहन यादव, चेतन कश्यप, यशपाल सिंह सिसोदिया, आदिवासी कोटे से विजय शाह या प्रेम सिंह पटेल भी मंत्री बनाए जा सकते हैं।



बुंदेलखंड से पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह के साथ एससी कोटे से हरीशंकर खटीक का नाम भी चर्चा में है। ग्वालियर चंबल से अरविंद भदौरिया, यशोधरा राजे सिंधिया के साथ ओबीसी कोटे से भारत सिंह कुशवाह का नाम भी शामिल हो सकता है। महाकौशल से अशोक रोहाणी या अजय विश्नोई में से किसी एक को मौका मिलेगा। पूर्व मंत्री संजय पाठक, गौरीशंकर बिसेन और एसटी कोटे से देवी सिंह सैयाम का नाम पर भी सहमति बन सकती है।



क्या है विंध्य का समीकरण।
शुरुआती दौर में यह खबर थी की, रीवा विधायक एवं पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला इस बार मंत्रिमंडल की दौड़ से बाहर हैं। लेकिन केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर एवं आलाकमान की पसंद के कारण वो एक बार फिर मंत्री बननें की दौड़ में सबसे आगे हो गये हैं। तो वहीं गिरीश गौतम का नाम भी मंत्रिमंडल की रेस में तेजी से उभरा है। जातिगत समीकरण को साधनें के लिये ओबीसी कोटे से रामलल्लू वैश्य और एससी से कुंवर सिंह टेकाम के नाम पर भी चर्चा है।



ऐसे में अब सीधी के वरिष्ठ विधायक केदार नाथ शुक्ला मंत्रिमंडल की रेस से बाहर होते हुये दिख रहें हैं। खबर तो यह भी है की, सीधी विधायक केदार नाथ शुक्ला की प्रदेश के पूर्व भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह पर झाबुआ उपचुनाव के बाद की गयी टिप्पणी एवं सीधी सांसद से चल रहे उनके मतभेद उनपर भरी पड़ते हुये दिख रहें हैं। हला की केदार नाथ शुक्ला का नाम विधानसभा अध्यक्ष के लिये भी चर्चा में हैं। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा की सीधी विधायक केदार नाथ शुक्ला को सरकार में कुछ जिम्मेदारी मिलती है या फिर फहले की भांति सिर्फ़ मायूसी हाँथ लगती है।



सिंधिया खेमें से ये बन सकतें हैं मंत्री।
ज्योतिरादित्य गुट से डॉ. प्रभुराम चौधरी, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, बिसाहूलाल सिंह, एदल सिंह कंसाना, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, हरदीप सिंह डंग और रणवीर जाटव के नाम भी मंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं।

2 comments:

  1. बिधान आभा सीट में पिछड़ा वर्ग का आरक्षण नहीं होता तो मंत्री पद के लिए आरक्षण कैसा ?

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  2. Vindhya se Nagendra singh nagod ko mantri banaya jana chahiye.

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