Tuesday, 9 June 2020

शिवराज सिंह की सीएम बननें की छटपटाहट एवं तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री को बंधक बनानें के कारण, प्रदेश बना कोरोना का हॉटस्पॉट: अजय सिंह।


  • शिवराज पहले इसका जवाब दें! उनकी शपथ के बाद 24 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा क्यों हुई ?
  • तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट को बीस दिन तक बंधक क्यों बनाया ?
  • अपनी असफलताओं को दूसरों का नाम देना शिवराज सिंह का मूल चरित्र: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह।
  • भाजपा में जानें के बाद सिंधिया जी को आलाकमान के दरवाजों पर भटकना पड़ रहा है: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह।

भोपाल: मध्यप्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि वे कोरोना महामारी से निपटने में असफल होने और सिंधियाजी को लेकर गलतबयानी न करें। श्री सिंह ने कहा कि पूरा प्रदेश जानता है कि भाजपा ने किस तरह अलोकतांत्रिक और शर्मनाक तरीके से पैसे देकर विधायकों को खरीदकर कांग्रेस सरकार गिराई है। उन्होंने कहा कि शिवराज जवाब दें कि 23 मार्च को शपथ लेने के बाद ही 24 मार्च को उनके नरेन्द्र मोदी ने लॉकडाउन की घोषणा क्यों की । इसके साथ ही वे कांग्रेस सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे तुलसी सिलावट से पूछें जिन्हें भाजपा ने 20 दिन तक बेंगलोर में बंधक बनाकर रखा।  जिनपर कोरोना से रोकथाम की जिम्मेदारी थी और जिन्हें सौदेबाजी के तहत  मंत्रीमंडल में मंत्री बनाया है। असलियत यह है कि मध्यप्रदेश में सरकार बनानें के चक्कर में पूरे देश को भाजपा ने कोरोना महामारी की ओर धकेल दिया।



पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री अजयसिंह ने कहा कि 12 फरवरी को श्री राहुल गांधी ने कोरोना को लेकर चेताया था। सात मार्च को श्रीमती सोनिया गांधी ने देश के सभी कांग्रेस राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा था कि कोरोना महामारी को लेकर सख्त कदम उठायें। ऐसे समय में देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ट्रंप की यात्रा से लेकर मध्यप्रदेश में सरकार गिराने के षड्यंत्र में मशगूल थे। शिवराज सिंह को इसका जवाब देना चाहिए।



पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मार्च माह में कमलनाथ जी की कांग्रेस सरकार ने होली के सारे कार्यक्रम निरस्त किये। 13 मार्च को शापिंग माल, स्कूल कालेज और सिनेमाघर बंद करने के निर्देश दिए। यह निर्णय लेने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य था। विधानसभा सत्र स्थगित किया जिसकी भाजपा ने कोरोना नहीं डोरोना कहकर खिल्ली उड़ाई थी। 23 मार्च तक प्रदेश में मात्र 4 मामले कोरोना से संक्रमित होने के पाये गये। श्री सिंह ने कहा कि शिवराजसिंह का यह चरित्र है कि वे अपनी असफलताओं को सदैव दूसरों पर डालकर अपनी जिम्मेदारियों से बचते रहे हैं। शिवराज सरकार के दौरान मध्यप्रदेश, देश के सबसे हाट स्पॉट प्रदेश पर पंहुच गया है।  इस बीच वे कोरोना की रोकथाम की बजाय ज्यादा समय तबादला उद्योग पर देते रहे। उनके करीब 80 दिन के कार्यकाल में हर रोज वे धन प्रेरित ट्रांसफर करते रहे।



पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने सवाल किया कि सरकार बचाना और चलाना तो हर पार्टी की जवाबदारी होती है। शिवराज जी इस बात का जवाब दें कि उनकी पार्टी विश्व की भीषणतम महामारी के दौरान सरकार गिराने में क्यों व्यस्त रही। क्योंकि उन्हें जनता की चिंता नहीं थी बल्कि वे खुद मुख्यमंत्री बनने के लिए छटपटा रहे थे। श्री सिंह ने कहा कि 1 मार्च से लेकर 20 मार्च तक दिल्ली के आका और मध्यप्रदेश भाजपा सरकार गिराने में व्यस्त रही। भाजपा के विधायक कांग्रेस के 22 विधायकों को लेकर बेंगलोर के महंगे रिसोर्ट में रुके रहे। इस दौरान वहां रहे तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट को दोषी ठहराना चाहिए जो शिवराज सिंह के मंत्रिमंडल के सदस्य बने हुए हैं। जिन पर कोरोना से निपटने की अहम जिम्मेदारी थी।



पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने सिंधिया को लेकर शिवराजसिंह की गलत बयानी पर कहा कि सिंधियाजी को तो कांग्रेस ने ही बड़ा नेता बनाया है। उन्हें केन्द्रीय मंत्री बनाया, उत्तरप्रदेश जैसे राज्य का प्रभारी बनाया, कार्यसमिति का सदस्य भी बनाया। उनकी बातों को पार्टी के नेता हमेशा मानते रहे। श्री सिंह ने कहा कि शिवराज जी जवाब दें कि आज उनकी पार्टी में सिंधिया जी की क्या स्थिति है। जिस सौदेबाजी के साथ वे भाजपा में गए थे आज उस सौदे को पूरा कराने के लिए उन्हें आज भाजपा आलाकमान के दरवाजों पर भटकना पड़ रहा है। श्रीमंत हटाकर अब उन्हें श्रीअंत करने जा रहे हैं।




No comments:

Post a comment

Latest Post

सीधी में विस्फोटक हुआ कोरोना: एक साथ मिले 28 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज।

जिले में मिले 28 नए कोरोना संक्रमित। कुल संक्रमित 164 डिस्चार्ज 88 एक्टिव केस 75 सीधी: एक बार कोरोना मुक्त हो चुके मध्यप...