Tuesday, 30 June 2020

कांग्रेस विधायक एवं यूथ कांग्रेस अध्यक्ष कुणाल चौधरी की रिपोर्ट आयी कोरोना निगेटिव।


भोपाल: मध्यप्रदेश के कालापीपल विधानसभा से कांग्रेस विधायक एवं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष कुणाल चौधरी की रिपोर्ट कोरोना निगेटिव आयी है। बता दें की कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी कुछ दिनों पहले कोरोना संक्रमण के चपेट में आ गये थे। साथ ही उन्होनें अभी हाल में ही हुये राज्यसभा चुनाव में PPE किट पहनकर मतदान किया था। लेकिन अब सुखद खबर यह है की उनकी रिपोर्ट कोरोना निगेटिव आयी है।



इस बात की जानकारी खुद कुणाल चौधरी नें ट्वीट करके दी है। उन्होनें ट्विटर पर लिखा- "ईश्वर के आशीर्वाद व आप सभी शुभचिंतकों की दुआओं से मेरी कोरोना की 1st रिपोर्ट निगेटिव आई है। डॉक्टरों ने अभी कुछ एहतियात की सलाह दी है, क्वारंटाइन अवधि को पूर्ण करने के बाद मैं आप सभी के बीच पुनः उपस्थित रहूँगा। मेरे स्वास्थ्य लाभ की कामना करने वालों का तहेदिल से आभार। धन्यवाद।"



सीधी: लॉकडाउन का संशोधित आदेश जारी, 31 जुलाई तक रहेगा प्रभावशील।

  • कोविड-19 से बचाव के लिए जारी निर्देशों का पालन करते हुए विभिन्न गतिविधियाँ की जा सकेंगी आयोजित।
  • राष्ट्रीय निर्देशों का पालन करना होगा अनिवार्य।

सीधी: जिले में नोवल कोरोना (कोविड-19) वायरस संक्रमण के बचाव हेतु भारत सरकार एवं म.प्र.शासन से अनलॉक 1.0 के संबंध में प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सीधी द्वारा दिनांक 01.06.2020 को प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया था। भारत सरकार गृह मंत्रालय नई दिल्ली के 29 जून 2020 की पत्र द्वारा अनलॉक 2.0 अंतर्गत प्रतिबंधित गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से प्रारंभ करने के दिशा निर्देश जारी किये गये हैं तथा कंटेन्टमेन्ट क्षेत्र के बाहर चिन्हित गतिविधियों को प्रतिबंधित करने एवं सशर्त संचालन करने के निर्देश दिए गए है। उक्त को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा-144 के तहत सम्पूर्ण सीधी जिले की सीमाओं अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश प्रसारित किया गया है। यह आदेश 31 जुलाई 2020 तक प्रभावशील रहेगा।

प्रतिबंधित गतिविधियां।
जारी आदेशानुसार सीधी जिले की समस्त स्कूल, कालेज, कोचिंग सेंटर, ट्यूशन क्लासेस, सार्वजनिक पुस्तकालय बंद रहेंगे। ऑनलाइन/दूरस्थ शिक्षण को अनुमति रहेगी। सिनेमा हॉल, सॉपिंग काम्पलेक्स, व्यायामशाला, स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, बार और ऑडिटोरियम, असेम्बली हॉल और इसी तरह के अन्य स्थान प्रतिबंधित किया गया है। समस्त सामाजिक, राजनैतिक, खेलकूद, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक आयोजनों में पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, अन्य रोगों से ग्रसित व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं और 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे घर पर रहेंगे तथा वे केवल अत्यावश्यक सेवाओं और स्वास्थ्य प्रयोजन के लिये ही बाहर जा सकते है। सायं 10 बजे से प्रातः 05 बजे तक व्यक्तियों की आवाजाही अत्यंत आवश्यक परिस्थिति को छोड़कर निषिद्ध रहेगी।

गतिविधियां सशर्त संचालित करने की अनुमति होगी।
जारी आदेशानुसार जिला/राज्य के अंदर तथा बाहर से आने जाने के लिये पास की आवश्यकता नहीं होगी। राज्य शासन द्वारा मजदूरों के परिवहन में लगाई गई बसें एवं फैक्ट्री संचालन के लिये उनके मजदूरों को लाने ले जाने वाली बसे इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगी। टैक्सी में चालक सहित कुल 03 व्यक्ति तथा ऑटो रिक्शा का संचालन चालक के अतिरिक्त केवल दो व्यक्ति को बैठाकर किया जा सकेगा। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र की समस्त निषिद्ध दुकानों को छोड़कर सामाजिक दूरी का पालन करते हुये प्रातः 07 बजे से 09 बजे रात्रि तक खुली रह सकेंगी। शासकीय उचित मूल्य (पीडीएस) की दुकानें लॉकडाउन आदेश दिनांक 23.03.2020 के पूर्व शासन द्वारा जो समय निर्धारित था, के अनुसार खुली रहेंगी। सब्जी मंडी (पालिका बाजार) सीधी में स्थान कम होने के कारण लोगो के अधिक भीड़ हो जाने एवं सामाजिक दूरी का पालन न होने से सब्जी मण्डी (पालिका बाजार) के स्थान पर पूर्व निर्धारित संजय गांधी स्मृति महाविद्यालय सीधी का प्रांगण नियत किया जाता है। शेष शर्ते यथावत रहेंगी। सब्जी एवं फल की दुकानें यथावत एवं पूर्व निर्देशों के अनुरूप खुलेंगी। शासकीय एवं निजी कार्यालय पूरी क्षमता के साथ खुले रहेंगे, सभी शासकीय कार्यालयों में अधिकारियों की उपस्थिति शतप्रतिशत रहेगी।

सीधी जिला अंतर्गत हेयर कटिंग, सैलून, पार्लर को सुबह 07 बजे से रात्रि 07 बजे तक शर्तों के अधीन संचालन की अनुमति रहेगी। बुखार, जुकाम, खांसी एवं गले में खराश वाले व्यक्तियों का प्रवेश निषेध होगा। हैण्ड सैनेटाइजर की प्रवेश द्वार पर उपलब्धता एवं उसका उपयोग किया जाना अनिवार्य होगा। सभी केश शिल्पियों एवं स्टाफ के लिए फेस मास्क, हेड कवर एवं एप्रान का उपयोग हर समय अनिवार्य होगा। प्रत्येक ग्राहक के लिये पृथक से डिस्पोजल तौलिया एवं पेपर उपयोग लाया जायेगा। सभी औजारों एवं उपकरणों को एक बार उपयोग में करने के उपरांत सैनेटाइज करना अनिवार्य होगा। सभी हेयरकट के उपरांत स्टाफ को अपने हाथों को सैनेटाइज करना अनिवार्य होगा। सभी कॉमन एरिया फर्स, लिफ्ट, लाउंज, सीढि़यों एवं हैण्डरेल्स का डिस्इन्फेक्शन किया जाना अनिवार्य होगा।

हॉटस्पॉट्स और कंटेनमेंट जोन में दिशा निर्देशों का संचालन।
कन्टेनमेंट जोन में दिनांक 31 जुलाई 2020 तक लॉकडाउन लागू रहेगा। कंटेनमेंट जोन में केवल आवश्यक गतिविधियों की अनुमति होगी। लोगों की आवाजाही रोकने के लिये सख्त घेराबंदी की जायेगी। केवल चिकित्सा संबंधी आपात सेवाओं एवं आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बनाये रखने के लिये संबंधित लोगों के आवाजाही की अनुमति रहेगी। कंटेनमेंट जोनो में गहन कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की जायेगी, हर घर की निगरानी की जायेगी और अन्य अपेक्षित चिकित्सा उपाय किये जायेंगे।

कंटेनमेंट जोन के अतिरिक्त जिले में विशेष रूप से निषिद्ध की गई गतिविधियों को छोड़कर अन्य सभी गतिविधियों की अनुमति रहेगी।

राष्ट्रीय निर्देशों का पालन करना होगा अनिवार्य।
कोविड-19 की रोकथाम के लिये राष्ट्रीय निर्देशों का पालन पूरे जिले में किया जायेगा। सभी सार्वजनिक और कार्यस्थलों पर फेसकवर पहनना अनिवार्य होगा। सार्वजनिक स्थानों में कम से कम 06 फीट (02 गज) की दूरी रखी जाय और दुकान पर सामाजिक दूरी का पालन करते हुये 05 से अधिक व्यक्तियों के इकट्ठा होने की अनुमति नहीं होगी। सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी संख्या में इकठ्ठा होना/सम्मेलन प्रतिबंधित रहेगा। विवाह समारोह में सामाजिक दूरी सुनिश्चित की जायेगी और 50 से अधिक अतिथियों की अनुमति नही होगी। अन्त्येष्टि एवं अंतिम संस्कार के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित की जायेगी तथा 20 से अधिक लोगों की अनुमति नहीं होगी। शराब, पान, गुटखा, तंबाकू आदि के सेवन की सार्वजनिक स्थानों पर पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। सार्वजनिक और कार्यस्थल में थूकना राज्य/संघ राज्य क्षेत्र स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा बनाये गये कानूनों, नियमों तथा विनियमों के अनुसार यथानिर्धारित जुर्माने से दण्डनीय होगा।

कार्य स्थल के बारे में अतिरिक्त निर्देश।
जहां तक संभव हो वर्क फ्रॉम होम की प्रणाली अपनाई जाये। कार्यालय, कार्यस्थलों दुकानों, बाजारों तथा औद्योगिक तथा वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्य/व्यवसाय के अलग-अलग समय का पालन किया जायेगा। सभी प्रवेश एवं निकास स्थलों एवं कॉमन एरिया में थर्मल स्कैनिंग, हाथ धोने एवं सैनेटाइजर की व्यवस्था की जाए। समस्त कार्यस्थल जनसुविधाओं और दरवाजे के हैंडल आदि जैसे मानव सम्पर्क में आने वाले सभी चीजों का बार-बार सैनेटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए और यह सिफ्ट के बाद भी किया जाए। कार्यस्थल के सभी प्रभारी व्यक्ति मजदूरों के बीच पर्याप्त दूरी, शिफ्टों के बीच पर्याप्त अंतराल, स्टाफ के लंच ब्रेक के अलग-अलग समय आदि के द्वारा सामाजिक दूरी का पालन किया जाए।

आरोग्य सेतु ऐप्लिकेशन।
समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी आरोग्य सेतु ऐप का अपने स्मार्ट फोन में इंस्टॉल कर समय-समय पर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी अद्यतन करेंगे। जिला अंतर्गत निवासरत समस्त नागरिकों से यह अपेक्षा की गयी है कि वो भी अपने स्मार्ट फोन में आरोग्य सेतु ऐप इंस्टॉल कर समय-समय पर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी अद्यतन करेंगे।

"कोरोनिल" पर बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद नें मारी पलटी, कहा- कोरोना की नहीं बनाई दवा।


पतंजलि Coronil: बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद ने कोरोनिल पर पलती मार लिया है। उत्तराखंड आयुष विभाग के नोटिस के जवाब में पतंजलि ने कहा है कि उसने कोरोना की दवा नहीं बनाई है। गौरतलब है की, हाल में ही बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की मौजूदगी में कोरोनिल की लॉन्चिंग हुई थी।



आयुष मंत्रालय के नोटिस के बाद कोरोना की दवा बना लेने के अपने दावे से स्वामी रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद पलट गई है। उत्तराखंड के आयुष विभाग को भेजे गए नोटिस के जवाब में पतंजलि की ओर से कहा गया है कि उन्होंने कभी भी कोरोना की दवा बनाने का दावा नहीं किया। बल्कि उन्होंने एक ऐसी दवाई बनाई है जिससे कोरोना के मरीज ठीक हुए हैं।



पतंजलि आयुर्वेद के अध्यक्ष आचार्य बालकृष्ण का कहना है-
पतंजलि आयुर्वेद अब भी अपने दावे और दवा पर कायम है। हमने कभी भी कोरोना की दवा बनाने का दावा नहीं किया है। सरकार की गाइडलाइन के अनुसार अनुमति लेकर जो दवाई बनाई गई है, उससे कोरोना के मरीज भी ठीक हुए हैं। आयुष विभाग की ओर से जारी नोटिस का जवाब दे दिया गया है। - आचार्य बालकृष्ण, अध्यक्ष, पतंजलि आयुर्वेद।



गौरतलब है की, 23 जून को पतंजलि आयुर्वेद ने राजस्थान की निम्स यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर कोरोना की दवा बनाने का दावा किया था। इस दवा का नाम कोरोनिल और श्वासारी बटी रखा गया था। योग गुरु बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और निम्स यूनिवर्सिटी के चेयरमैन की उपस्थिति में हरिद्वार में कोरोनिल को लॉन्च किया गया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पतंजलि आयुर्वेद की ओर से यह दावा भी किया गया था कि कोरोना मरीजों पर इसका क्लिनिकल टेस्ट भी किया गया है।



इसके ठीक बाद स्वास्थ्य मंत्रालय के आयुष विभाग ने पतंजलि आयुर्वेद के इस दावे को नकार दिया। मंत्रालय ने कहा कि पतंजलि की ओर से कोरोना की दवा बनाने के लिए लाइसेंस नहीं लिया गया है। वहीं उत्तराखंड के आयुष विभाग ने भी कहा था कि पतंजलि आयुर्वेद की ओर से इम्यूनिटी बूस्टर बनाने का लाइसेंस लिया गया था। इसके साथ ही आयुष विभाग ने पतंजलि आयुर्वेद को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक हफ्ते के भीतर जवाब भी मांगा था।

सीधी: प्रशासन से नहीं मिली मदद, तो शव को ठेले पर ले जाने को मजबूर हुए परिजन।


सीधी: मध्यप्रदेश के सीधी जिले में नगर पालिका एवं स्वास्थ्य विभाग के शिथिल रवैये की वजह से इंसानियत को शर्मशार कर देने वाला मामला सामने आया है। दरअसल एक वृद्ध द्वारा अपने परिजन का शव जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर सोन नदी तक हॉथ ठेले से ले जाया गया।



मध्यप्रदेश में सरकारें दो बदली पर सीधी जिले का हाल जस का तस बना हुआ है। सीधी की प्रशासनिक व्यवस्था इस कदर बिगड़ चुकीं है की, यहां शव ले जानें के लिये शव वाहन तक नही मिल पा रहा। ऐसे घटनाएं जिले को शर्मसार कर रहीं हैं।



प्राप्त जानकारी के मुताबिक एक वृद्ध द्वारा अपने परिजन का शव जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर सोन नदी तक हॉथ ठेले से ले जाया गया। इतना ही नही मृतक के परिजन दाह संस्कार हेतु लकड़ी खरीदने में असमर्थ होने के कारण शव को सोन नदी में प्रवाहित कर दिये। परिजनों का तो ये भी आरोप है की, उन्होनें नगर पालिक एवं स्वास्थ्य विभाग से शव वाहन माँगा था लेकिन शव वाहन नही दिया गया।

Monday, 29 June 2020

सीधी: सरकार डाल रही आम जनता की जेब में डाका, उपचुनाव के बाद कांग्रेस सरकार की होगी वापसी: पंकज।


सीधी: आई टी एवं सोसल मीडिया सेल जिला अध्यक्ष पंकज सिंह ने कहा है की कोरोना वैश्विक महामारी से जहां गरीब मजदूर, किसान, व्यापारी, आम जनता बहुत परेशान हुई तो वहीं दूसरी तरफ वर्तमान सरकार ने गरीब मजदूर, किसानों, व्यापारी, आम जनता की जेब पर महगांई रूपी डाका डाल रही है। अगर बात करे डीजल-पेट्रोल की तो यूपीए सरकार 2014 के समय कच्चा तेल 107 रू. डालर प्रति बैरल था और डीजल का दाम 55 रू. एवं पेट्रोल का दाम 71 रू. हुआ करता था। अगर  बात करे आज की तो कच्चे तेल का दाम 42 रू. डालर प्रति बैरल है। जहां डीजल की बात करे तो डीजल पैट्रोल में दौड़ लगी कौन किसको हराएगा। डीजल के दाम जहा 80.45 रू. एवं पेट्रोल 89.60 रू. है ये जनता के ऊपर  दोहरी मार मार  सरकार द्वारा की जा रही है।

बिजली के बिल की बात करे तो पिछली कमलनाथ सरकार के समय बिजली का बिल 100 रू.आता था, वही बिल वर्तमान शिवराज सरकार में  2000, 1500 एवं 800 रू. तक आ रहा है। ये एक तरह की लूट ,डाका है जो आम जनता, किसान, गरीब मजदूर के ऊपर डाला जा रहा है।

अगर बात करे गाड़ी मालिकों की तो उनके ऊपर दोहरी मार है एक तरफ कोरोना जैसी महामारी के कारण तीन माह से गाड़ियों का पहिया रुक गया था अब लाक डाउन खुलने के खुलने के बाद इनके ऊपर दोहरी मार पड़ रही है। आईटी सेल अध्यक्ष पंकज सिंह ने बयान में आगे कहा है कि डीजल पैट्रोल की महगांई ने जैसे गाड़ी मालिकों की कमर ही तोड़ दी है। सभी गाड़ी मालिकों ने सरकार से कहा की कम से कम हमारा तीन माह से खड़ी गाड़ियों का परमिट टैक्स माफ करे। भाजपा सरकार पूरी तरह से फैल है और महंगाई के साथ-साथ कोरोना जैसी महामारी से भी निपटने में पूरी तरह से विफल है। आगामी उपचुनाव में जनता भाजपा सरकार को कड़ा सबक सिखाएगी और एक बार पुनः कांग्रेस सरकार की वापसी होगी।

रीवा: भाजपा विधायक दिव्यराज सिंह की रिपोर्ट निकली कोरोना पॉजिटिव, रीवा किले के मुख्य द्वार को किया गया बंद।


रीवा: देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना का संकट बरकरार है। अगर बात मध्यप्रदेश के विंध्य क्षेत्र के रीवा जिले की करें तो, यहांं कोरोना पॉजिटिव व्यक्तियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इसी बीच रीवा जिले की सिरमौर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक दिव्यराज सिंह कोरोना पॉजिटिव निकलें हैं।



गौरतलब है की भाजपा विधायक दिव्यराज सिंह, अभी हाल में ही संपन्न हुये राज्यसभा चुनाव में मतदान में हिस्सा लिया था। दिव्यराज सिंह वोटिंग के दौरान भाजपा विधायक ओमप्रकाश सकलेचा के पास ही बैठे थे। ओमप्रकाश सकलेचा पहले ही कोरोना पॉजिटिव पाये जा चुके हैं।



भाजपा विधायक दिव्यराज सिंह की कोरोना जांच रीवा अस्पताल में ही हुई थी। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने पॉजिटिव रिपोर्ट आने की पुष्टि की है। भोपाल से आनें के बाद बीजेपी विधायक का स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्होंने खुद को क्वारंटाइन कर लिया था।




जिसके बाद उनका सैंपल लिया गया और अब उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। इसके बाद रीवा किले के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया है। तहसीलदार यहां पहुंचे थे और उसके बाद वापस लौट आए। रीवा नगर निगम का अमला यहां मौजूद है। किले के अंदर स्वास्थ्य विभाग की टीम परिवार के बाकी सदस्यों का हाल जान रही है।

रीवा: राजकुमारी मोहेना ने कोरोना को दी मात, परिवार के सभी सदस्यों की रिपोर्ट भी आई निगेटिव।


देहरादून/ रीवा: टीवी ऐक्ट्रेस एवं राजकुमारी मोहेना सिंह, कोरोना को मात देकर स्वस्थ हो गयीं हैं। रीवा राजकुमारी मोहेना सिंह के ससुर एवं उत्तराखंड सरकार के मंत्री सतपाल महाराज और उनकी पत्नी अमृता रावत को भी लगभग 17 दिन एम्स में रखने के बाद जब उनमें कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण न पाए गए तो डाक्टरों ने उन्हें 14 दिन होम क्वारंटाइन की सलाह दी है। होम क्वारंटाइन में उनकी लगातार जांच हो रही थी और अब शनिवार को उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है।



साथ ही उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज एवं उनकी पत्नी अमृता राव सहित उनके परिवार के सभी सदस्य कोरोना मुक्त हो गए हैं। शनिवार को इन सभी की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आयी है। गौरतलब है कि, कोरोना वायरस की चपेट में सबसे पहले पूर्व मंत्री अमृता रावत आईं थीं। इसके बाद उनके परिवार के सभी सदस्य पॉजिटिव आए थे



दरअसल लॉकडाउन के दौरान उत्तराखंड के पर्यटन, संस्कृति, धर्मस्व एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज, उनकी पत्नी अमृता रावत और परिवार के अन्य सदस्य निराश्रितों और जरूरतमंदों को राशन किट बांट रहे थे। इस दौरान उनसे मिलने दिल्ली से उनके कुछ समर्थक भी आए थे। इसके बाद उनमें कोरोना संक्रमण के लक्षण पाए गए थे, जिसके बाद उनके आवास पर क्वारंटाइन का नोटिस चस्पा कर दिया गया था। बाद में मंत्री सतपाल महाराज और उनके पारिवारिक सदस्यों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आयी थी।



कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद मंत्री सतपाल महाराज, उनकी पत्नी पूर्व मंत्री अमृता रावत और उनकी बहू एवं रीवा राजकुमारी मोहेना सिंह ने सभी शुभचिंतकों का आभार जताया है। साथ ही उन्होंने प्रशासन, डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ का भी आभार जताया है।

UP की राज्‍यपाल आनंदीबेन को मिला MP का अतिरिक्त कार्यभार, मंत्रिमंडल विस्तार का रास्ता साफ।


भोपाल: मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार के मंत्रिमंडल की अटकलें एक बार फिर तेज हो गयी है। लेकिन मध्यप्रदेश के राज्यपाल लाल जी टंडन का स्वास्थ सही ना होनें के कारण सपथ ग्रहण में अड़चन आ सकती थी, जिसे देखते हुये उत्तर प्रदेश की गवर्नर आनंदीबेन पटेल को मध्य प्रदेश के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। जिससे अब शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल विस्तार का मार्ग साफ हो गया है।



राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की तरफ से देर रात आनंदीबेन पटेल को यह जिम्मेदारी तब दी गई है जब स्वास्थ्य कारणों से मध्य प्रदेश के 85 वर्षीय राज्यपाल लालजी टंडन छुट्टी पर हैं। गौरतलब है कि लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में एडमिट मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन की हालत दो दिन पहले तक नाजुक बनी हुई थी। उन्हें इलेक्टिव वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। 



जैसा की मालुम है की, लाल जी टंडन 10 दिन की छुट्टी पर लखनऊ पहुंचे थे, लेकिन उनकी तबीयत खराब हो गयी थी। इसके बाद 11 जून को सुबह सांस की दिक्कत, पेशाब की परेशानी और बुखार के चलते उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।



अब ऐसा माना जा रहा की, जल्द ही शिवराज सिंह चौहान सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार संभव है। क्योकिं, 28 जून को दोपहर बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दिल्ली पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री के साथ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत भी दिल्ली दौरे पर हैं। माना जा रहा है कि दिल्ली में ही मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नामों पर अंतिम मुहर लगेगी।



सोमवार यानी आज मुख्यमंत्री भोपाल लौटेंगे। सीएम शिवराज सिंह चौहान के भोपाल वापस लौटने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें लगाई जा रही हैं। 30 जून को शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है। हालांकि मौजूदा राज्यपाल लालजी टंडन के बीमार होने की वजह से मंत्रिमंडल विस्तार में दिक्‍कत दिख रही थी, लेकिन देर रात राष्‍ट्रपति की ओर से यूपी की राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल को मध्‍य प्रदेश का अतिरिक्‍त प्रभार देकर सारी स्थिति साफ कर दी है।

Sunday, 28 June 2020

संभावित मंत्रियों की सूची लेकर सीएम शिवराज दिल्ली रवाना: विंध्य से राजेन्द्र शुक्ला, केदार शुक्ला पर पड़ रहे भारी।


सीधी: मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से शिवराज सिंह चौहान सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें एक बार फिर तेज हो गयी हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन मंत्री सुहाष भगत के साथ दिल्ली रवाना हो गए हैं। दिल्ली में वो पहले केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर से मुलाकात करेंगे। सोमवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन मंत्री सुहाष भगत राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात में शिवराज मंत्रिमंडल के विस्तार पर चर्चा होगी। 



प्राप्त जानकारी के अनुसार, आलाकमान से हरी झंडी मिलते ही शिवराज सिंह चौहान सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार होगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को आलाकमान से मुलाकात कर शाम तक भोपाल लौट आएंगे। संभावना जतायी जा रही की 30 जून को शिवराज कैबिनेट का विस्तार हो सकता है। मिल रही जानकारी के अनुसार मंत्रिमंडल में लगभग 25 नेताओं को शामिल किया जा सकता है। इसमें से 10 मंत्री सिंधिया समर्थक हो सकते हैं। जबकि भाजपा से 15-16 मंत्री बनाए जा सकते हैं।



मंत्री मंडल की दौड़ में भोपाल से रामेश्वर शर्मा सबसे आगे है, तो वहीं विकल्प के रूप में विश्वास सारंग और एससी कोटे से विष्णु खत्री का नाम भी सूची में रखा गया है। रायसेन से रामपाल सिंह का नाम लगभग तय है। इंदौर से उषा ठाकुर का नाम सबसे आगे है तो वहीं रमेश मेंदोला, मालिनी गौड़ पर भी विचार किया गया है। मालवा निमाड़ से मोहन यादव, चेतन कश्यप, यशपाल सिंह सिसोदिया, आदिवासी कोटे से विजय शाह या प्रेम सिंह पटेल भी मंत्री बनाए जा सकते हैं।



बुंदेलखंड से पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह के साथ एससी कोटे से हरीशंकर खटीक का नाम भी चर्चा में है। ग्वालियर चंबल से अरविंद भदौरिया, यशोधरा राजे सिंधिया के साथ ओबीसी कोटे से भारत सिंह कुशवाह का नाम भी शामिल हो सकता है। महाकौशल से अशोक रोहाणी या अजय विश्नोई में से किसी एक को मौका मिलेगा। पूर्व मंत्री संजय पाठक, गौरीशंकर बिसेन और एसटी कोटे से देवी सिंह सैयाम का नाम पर भी सहमति बन सकती है।



क्या है विंध्य का समीकरण।
शुरुआती दौर में यह खबर थी की, रीवा विधायक एवं पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला इस बार मंत्रिमंडल की दौड़ से बाहर हैं। लेकिन केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर एवं आलाकमान की पसंद के कारण वो एक बार फिर मंत्री बननें की दौड़ में सबसे आगे हो गये हैं। तो वहीं गिरीश गौतम का नाम भी मंत्रिमंडल की रेस में तेजी से उभरा है। जातिगत समीकरण को साधनें के लिये ओबीसी कोटे से रामलल्लू वैश्य और एससी से कुंवर सिंह टेकाम के नाम पर भी चर्चा है।



ऐसे में अब सीधी के वरिष्ठ विधायक केदार नाथ शुक्ला मंत्रिमंडल की रेस से बाहर होते हुये दिख रहें हैं। खबर तो यह भी है की, सीधी विधायक केदार नाथ शुक्ला की प्रदेश के पूर्व भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह पर झाबुआ उपचुनाव के बाद की गयी टिप्पणी एवं सीधी सांसद से चल रहे उनके मतभेद उनपर भरी पड़ते हुये दिख रहें हैं। हला की केदार नाथ शुक्ला का नाम विधानसभा अध्यक्ष के लिये भी चर्चा में हैं। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा की सीधी विधायक केदार नाथ शुक्ला को सरकार में कुछ जिम्मेदारी मिलती है या फिर फहले की भांति सिर्फ़ मायूसी हाँथ लगती है।



सिंधिया खेमें से ये बन सकतें हैं मंत्री।
ज्योतिरादित्य गुट से डॉ. प्रभुराम चौधरी, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, बिसाहूलाल सिंह, एदल सिंह कंसाना, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, हरदीप सिंह डंग और रणवीर जाटव के नाम भी मंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं।

मानव तस्करी के आरोपी जीतू सोनी को इंदौर क्राइम ब्रांच ने गुजरात से किया गिरफ्तार।


भोपाल: 8 महीने से फरार चल रहे लोकस्वामी अखबार के मालिक जीतू सोनी को इंदौर क्राइम ब्रांच ने गुजरात से गिरफ्तार कर लिया है। जिसकी पुष्टि डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने कर दी है। दरअसल 8 महीने से फरार आरोपी जीतू सोनी को पकड़ने के लिए इंदौर क्राइम ब्रांच की 12 से ज्यादा टीमें गुजरात में डेरा जमाए हुई थी। 4 दिन पहले पुलिस ने जीतू को पकड़ने की कोशिश की लेकिन सूचना मिलते ही तो राजकोट स्थित एक फार्म हाउस से फरार हो गया था। जीतू सोनी को पकड़ने के लिए उस पर सवा लाख के इनाम भी रखा गया था

खबरों की मानें तो जल्द ही इंदौर पुलिस इस मामले का खुलासा करेगी। बता दें की, हनी ट्रैप कांड के खुलासे के बाद से जीनू सोनी पर अब तक 56 से ज्यादा FIR दर्ज किए गए हैं। गुजरात के राजकोट में पुलिस को 4 दिन पहले सूचना मिली कि जीतू सोनी वहां रह रहा है। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया किंतु सूचना मिलते ही जीतू वहां से फरार हो गया था। शुक्रवार को एक बार फिर पुलिस ने उसकी लोकेशन निकाली और इंदौर क्राइम ब्रांच की 6 अलग टीमों ने अलग-अलग जगह पर छापे मारे। जिसके बाद जीतू को गुजरात और मध्य प्रदेश के बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया गया है। 

गौरतलब है की, दिसंबर 2019 में पुलिस को जानकारी मिली की लोकस्वामी अखबार के मालिक जीतू सोनी द्वारा शहर में बिना अनुमति के डांस बार चलाया जा रहा है। जहां युवतियों को बंधक बनाकर रखा गया है और उनसे अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही है। पुलिस ने इसके बाद होटल में छापेमारी की और करीबन 65 युवतियों को होटल से बाहर निकाला। जिसके बाद जीतू सोनी पर और कई तरह के अवैध व्यापारी गतिविधियों को संचालित करने के आरोप लगे। अब रविवार को इंदौर क्राइम ब्रांच जीतू को लेकर इन्दौर पहुंच चुकी है, और पूछताछ की जा रही है।

Saturday, 27 June 2020

सीधी: डीजल पेट्रोल के दिन प्रतिदिन बढ़ते दामो को लेकर यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन।


सीधी: देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी डीजल पेट्रोल के प्रतिदिन बढ़ रहे दामों को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन तेज हो गया है। इसी कड़ी में आज मध्यप्रदेश के सीधी जिले में यूथ कांग्रेस नें प्रदर्शन किया। यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव देवेन्द्र सिंह (दादू), प्रदेश सचिव कमलेंद्र सिंह (डब्बू) तथा यूथ कांग्रेस की जिला अध्यक्षा रंजना मिश्रा की उपस्थिति में प्रदेश में बढ़ते डीजल पेट्रोल के दामों के विरोध में प्रदर्शन किया गया। शहर के लालता चौक से कलेक्ट्रेट तक गाड़ी को धक्का लगा कर एवं घोड़े पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया गया। साथ ही महामहिम राज्यपाल को सीधी कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।



ज्ञापन में यूथ कांग्रेस ने तीन माह से खड़ी बस के मालिकों को रियायत देने का जिक्र किया, साथ ही मांग की गयी की तीन माह से खड़ी बसों का परमिट टैक्स माफ हो। यूथ कांग्रेस ने बिजली के बढ़ते बिल का विरोध करते हुए कहा की जिनका बिल बढ़ कर आया है वो तुरंत माफ हो, और पिछली कांग्रेस सरकार की तर्ज पर बिल आए जिससे इस कोरोंना महामारी से जूझ रही आम जनता को कुछ रियायत मिले।



भाजपा सरकार, देश एवं प्रदेश की जनता की जेब में डाल रही डाका: विनय सिंह परिहार।
मीडिया से बात करते हुये पूर्व यूथ कांग्रेस अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेसी विनय सिंह परिहार ने कहा की यूपीए सरकार 2014 के समय, अन्तराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 107 रू. डालर प्रति बैरल थी, तब देश में डीजल 55 रू. एवं पेट्रोल 71 रू. बिक रहा था। आज अन्तराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 42 रू. डालर प्रति बैरल है, और डीजल 81रू. एवं पेट्रोल 89 रू. बिक रहा है। उन्होनें कहा की, भाजपा सरकार द्वारा देश एवं प्रदेश की जनता की जेब में डाका डाला जा रहा है।



आम जनता को महगाई के कोड़े मारकर कर वसूल रही सरकार: देवेन्द्र सिंह।
इसी कड़ी में प्रदेश सचिव देवेन्द्र सिंह दादू ने कहा की जिस प्रकार अग्रेजों ने किसानों को कोड़े मारकर कर वसूलते थे उसी प्रकार ये सरकार आम जनता को महागाई के कोड़े मारकर कर वसूल रही है।



लॉक डाउन में खड़ी बसों का टैक्स माफ़ हो: कमलेंद्र सिंह।
इसी कड़ी में कमलेंद्र सिंह डब्बू ने कोरोना महामारी से तीन माह से खड़ी बसों का परमिट टैक्स माफ करनें की मांग की।

सरकार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर द्वेष पूर्व भावना से दर्ज करा रही मुकदमे: रंजना मिश्रा।
यूथ कांग्रेस अध्यक्ष रंजना मिश्रा ने कहा की, भाजपा सरकार कांग्रेस कार्यकर्ताओं के ऊपर मुकदमा दर्ज करा कर द्वेष पूर्ण भावना से काम कर रही है।



इस विरोध प्रदर्शन में आई टी सेल जिला अध्यक्ष पंकज सिंह, कार्यकारी चुरहट विधानसभा अध्यक्ष विजय सिंह, कार्यकारी सीधी विधानसभा अधयक्ष नारायण सिंह, नागेश सिंह, विकास साहू, अर्पित द्विवेदी, अमन चौहान, सोनू सिंह, राजबहादुर विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

MP विधानसभा: कमलनाथ होंगे नेता प्रतिपक्ष, कांग्रेस विधानसभा उपाध्यक्ष की भी कर रही मांग।


भोपाल: मध्यप्रदेश में एक तरफ जहां आगामी विधानसभा उपचुनावों को लेकर दोनों ही मुख्य पार्टियां भाजपा एवं कांग्रेस रणनीति बनानें में जुटी है, तो वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के लिये भी हलचल तेज हो गयी है। बता दें की मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होनें जा रहा है। मानसून सत्र पांच दिनों का होगा। शिवराज सिंह चौहान सरकार के गठन के बाद अभी भी विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष का पद खाली है। 



सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद को लेकर अटकलों का दौर जारी है। लेकिन इसी बीच विपक्ष की तरफ से नेता प्रतिपक्ष के चेहरे को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। विधानसभा में कांग्रेस की तरफ से नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी पूर्व सीएम कमलनाथ ही संभालेंगे।



पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने विपक्ष की तरफ से नेता प्रतिपक्ष के नाम का खुलासा करते हुए कहा है कि विधानसभा मेें पूर्व सीएम कमलनाथ ही नेता प्रतिपक्ष होंगे। उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि कांग्रेस का चेहरा कमलनाथ है और वही नेता प्रतिपक्ष भी होंगे। इसके साथ ही शर्मा ने विधानसभा में विधानसभा उपाध्यक्ष पद की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि भाजपा को विधानसभा उपाध्यक्ष पद कांग्रेस को देना चाहिए।



गौरतलब है की, इससे पहले भी कमलनाथ कांग्रेस सरकार के समय मुख्यमंत्री एवं पार्टी अध्यक्ष की दोहरी भूमिका में थे। उसी तरह प्रदेश अध्यक्ष के साथ नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में भी रहेंगे। आप को बता दें की कांग्रेस अपनें यहां एक व्यक्ति एक पद की बात करती है, लेकिन मध्यप्रदेश कांग्रेस के लिये शायद यह नियम लागू नही होता। पिछली 15 महीनों की कांग्रेस सरकार में भी कमलनाथ सरकार और संगठन के मुखिया बनें रहे थे, 15 महीनों तक नया अध्यक्ष नही बना सके थे। कभी लोकसभा चुनाव का बहाना तो कभी कुछ और बहाना देकर समय निकालते गये। बाद में कांग्रेस की 15 महीनों की सरकार का अंत हो गया।



अब कांग्रेस एक बार फिर उसी ढर्रे पर चलनें का मन बना ली है, जहां विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों का नेतृत्व कमलनाथ के ही हाँथों में रहेगा, अब यह देखना दिलचस्प होगा की आनें वाले उपचुनावों में इसका असर पड़ता है।

सीधी: ग्राम देवघटा में पारिवारिक विवाद को लेकर, युवक की कुल्हाड़ी मारकर हत्या।


सीधी: जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवघटा में बीते कल यानी शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाले हत्या का मामला सामनें आया है। जहां दादी को मिलने वाली पारिवारिक पेंशन को लेकर, विवाद में परिवार के ही लोंगों द्वारा 24 वर्षीय युवक की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना बीते शुक्रवार दोपहर 12 बजे के आसपास की है, जिसमें युवक विपिन सिंह "रवी" की जान चली गयी।



क्या है मामला।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवक के दादा जी शासकीय कर्मचारी थे, जिनके निधन के उपरांत उनकी पत्नी यानी मृत युवक की दादी को पेंशन के रूप में प्रतिमाह ₹7000 पिछले कुछ वर्षों से मिल रहे थे। क्योंकि मृत युवक के दादी उसके अन्य चाचा लोंगों के बजाय उनके साथ रहती थीं। जिसको लेकर मृत युवक के चाचा, युवक के पिता पर दबाव डालते थे की दादी को मिलने वाली पेंशन में भी उन्हें हिस्सा दिया जाए।



साथ ही मिली जानकारी के अनुसार, अभी हाल में ही बीते माह 22 मई को मृत युवक की दादी का निधन हो गया था, जिसके उपरांत से उनके चाचा एवं परिवार के लोगों द्वारा उन पर बार-बार यह दबाव डाला जाता था कि उनकी माता को मिलने वाली पूरी पेंशन का उन्हें हिसाब दिया जाए और इसी विवाद को लेकर युवक की नृशंस हत्या कर दी गयी।



प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की दोपहर मृत युवक अपनें पिता को नाश्ता लेकर आया था तभी पुराने विवाद को लेकर, उनके परिवार के सदस्यों ने उनके घर में आकर झगड़ा करना प्रारंभ कर दिया। इस दौरान जब युवक के पिता ने अपने बेटे को बचाने की कोशिश की तो पीछे से भानु प्रताप सिंह ने उसके सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया जिस दौरान साथ में आए लवकेश सिंह ने भी रवि सिंह के गर्दन में लाठी से प्रहार किया जब तक वह संभल पाता तब तक आरोपियों में शामिल मनोरमा सिंह ने मृतक के सिर पर लगे घाव में हसिया से वार कर दिया इस दौरान युवक के पिता के हाथ में भी लाठियां मारी गई। युवक के पिता नें कैसे भी बीच बचाव करते हुये अपने बेटे को बेहोशी की हालत में लाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान उसे खून की उल्टी हुई और उसे जब रीवा के लिए रेफर किया गया उसी दौरान उसकी जिला अस्पताल में मौत हो गई।



अपराधियों पर हत्या का अपराध दर्ज।
इस पूरे मामले में जिला अस्पताल पुलिस चौकी में तीनों अपराधियों पर धारा 302, 294, 323 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।

Thursday, 25 June 2020

सीधी: डीजल-पेट्रोल की कीमतों में लगातार की जा रही वृद्धि के विरोध में, कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।

  • मोदी सरकार की जन विरोधी नीतियों के विरोध में कांग्रेस ने  सौंपा ज्ञापन।
  • डीजल पेट्रोल के कीमतों में बेतहाशा वृद्धि कर भाजपा सरकार जनता को ठग रही है: रुद्र प्रताप, कांग्रेस जिला अध्यक्ष।

सीधी: कोरोना महामारी के बीच केंद्र एवं प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा लगातार पिछले 22 दिनों से डीजल एवं पेट्रोल के कीमतों में बेतहाशा की जा रही वृद्धि को तत्काल वापस करने एवं  भाजपा सरकार की अन्य जन विरोधी नीतियों के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी सीधी द्वारा महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा गया।



जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह ने भाजपा सरकार द्वारा प्रतिदिन बढ़ाए जा रहे डीजल एवं पेट्रोल के  कीमतों का विरोध करते हुए कहा कि, वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार में  कच्चे तेल की कीमत ना के बराबर है तब भी भारत की सरकार देश की जनता पर डाका डालते हुए पिछले 22 दिन से लगातार डीजल पेट्रोल के रेट बढ़ाकर अपना झोला भरने में लगी हुई है।



उन्होंने कहा कि 2014 में यूपीए सरकार में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम उच्चतम स्तर पर तब भी तत्कालीन यूपीए सरकार द्वारा जनता को सस्ता डीजल एवं पेट्रोल दिया जाता था। उन्होंने कहा कि 2014 में क्रूड आयल 106.85 डॉलर प्रति बैरल था तब पेट्रोल ₹71 प्रति लीटर मिलता था।आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत मात्र 38 डॉलर प्रति बैरल हो गई है लेकिन मोदी सरकार देश की जनता को ₹88 प्रति लीटर पेट्रोल बेच रही है।



कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आगे कहा कि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल में भारी गिरावट के चलते भारत सरकार को 1 लीटर पेट्रोल, पूरा खर्च एवं मुनाफा तथा कंपनियों का भी लाभ जोड़कर ₹28 में  पड़ता है। लेकिन मोदी सरकार इस महामारी के बीच ₹88 प्रति लीटर पेट्रोल बेच कर प्रति लीटर में ₹60 अतिरिक्त कमाई कर रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अपनी लूट नीति एवं कुप्रबंधन के चलते डीजल का भाव पेट्रोल से ज्यादा करके इतिहास रच दिया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में पूरी दुनिया अपने देश की जनता को राहत दे रही है, लेकिन भारत की सरकार जनता को राहत देने के बजाय जनता के जेब में डाका डाल कर अपना छोला भरने में लगी हुई है।



कांग्रेस पार्टी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि पिछले 22 दिनों से डीजल पेट्रोल में की जा रही लगातार वृद्धि तत्काल वापस ली जाए। लॉकडाउन के दौरान लोगों के बिजली बिल भारी भरकम दिए जा रहे हैं । उन्हें माफ किया जाए तथा आगामी बिजली के बिल इंदिरा गृह ज्योति योजना के तहत  100 यूनिट तक बिजली ₹100 में दी जाए। खरीफ की बोनी के लिए लघु एवं सीमांत किसानों को पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी निशुल्क बीज वितरण किया जाए। विगत 5- 6 जून  को  आए चक्रवाती तूफान से सीधी जिले में काफी नुकसान हुआ है। उसका सर्वे करवाकर तत्काल सहायता  राशि दिलाई जाए।



जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रूद्र प्रताप सिंह बाबा की अगुवाई में सौपे गए ज्ञापन में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष लाल चंद गुप्ता, प्रदेश महामंत्री ज्ञान सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष आनंद सिंह चौहान, संगठन प्रभारी महामंत्री सुरेश प्रताप सिंह ,महिला कांग्रेस अध्यक्ष बसंती देवी कोल, युवक कांग्रेस अध्यक्ष रंजना मिश्रा, जिला प्रवक्ता प्रदीप सिंह दीपू, महामंत्री अरविंद तिवारी, अशोक  कोरी, ओंकार सिंह करचुली, किसान कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष पंकज सिंह, अल्पसंख्यक कांग्रेस अध्यक्ष अब्दुल समद ,पिछड़ा वर्ग विभाग अध्यक्ष राज बहोर जयसवाल ,आईटी सेल अध्यक्ष पंकज सिंह, कांग्रेस सेवा दल यूथ विंग अध्यक्ष अरविंद सिंह रोशन, एनएसयूआई अध्यक्ष दीपक  मिश्रा ,ब्लॉक अध्यक्ष श्रवण सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे।

पूर्व मंत्री प्रभुराम चौधरी को खिलाया प्लास्टिक की थाली में खाना, कांग्रेस ने बताया दलित का अपमान।


भोपाल: मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा उपचुनावों को लेकर राजनीति अब तेज हो गयी है। भाजपा एवं कांग्रेस के नेता एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहें हैं। कांग्रेस नें अब भाजपा को घेरनें के लिये थाली पॉलिटिक्स शुरू कर दी है। कांग्रेस ने बीजेपी नेता प्रभुराम चौधरी के खाने की थाली को लेकर भाजपा पर तंज कसा है। कांग्रेस ने इसे दलितों का अपमान बताया है।



क्या है मामला।
कांग्रेस ने एक तस्वीर ट्वीट कि जिसमें सिंधिया के समर्थन में कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर चुके पूर्व मंत्री प्रभुराम चौधरी प्लास्टिक की डिस्पोजल थाली में खाना खा रहें हैं, जबकि उनके सामने बैठे भाजपा के संगठन मंत्री आशुतोष तिवारी स्टील की थाली में खा रहे हैं।



कांग्रेस ने कहा कि तस्वीर शर्मसार करती है। अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले पूर्व मंत्री श्री प्रभुराम चौधरी को भाजपा के संगठन मंत्री श्री आशुतोष तिवारी के साथ जब खाना परोसा गया तो प्रभुराम चौधरी के लिए डिस्पोजेबल थाली का उपयोग कर अपमानित किया गया। इसी सम्मान की भूख में जनता को धोखा दिया?


कांग्रेस ने कहा कि दलित होने का यह मतलब नहीं कि कोई भी व्यक्ति उससे दोयम दर्जे का व्यवहार करे, कांग्रेस ने मंत्रिमंडल में 21% स्थान दलितों को दिए। भाजपा दलितों का कितना सम्मान कर रही है यह सोशल मीडिया पर दिख रहा है?



हालांकि इस थाली पॉलिटिक्स को लेकर अभी तक किसी भी बीजेपी नेता का कोई रिएक्शन नहीं आया है। लेकिन यह तस्वीर सोशल मीडिया में पिछले कुछ दिनों से काफी तेजी से वायरल हो रही है।

Wednesday, 24 June 2020

MP विधानसभा अध्यक्ष की दौड़ में केदारनाथ शुक्ला पिछड़े, गोपाल भार्गव एवं नागेन्द्र सिंह का नाम सबसे आगे।


भोपाल: शिवराज सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें एक बार फिर तेज हो गयी हैं। लेकिन 20 जुलाई से 24 जुलाई तक चलनें वाले विधानसभा के मानसून सत्र को देखते हुये अब विधानसभा अध्यक्ष की तलाश तेज हो गयी है। विधानसभा अध्यक्ष के लिये भाजपा नें गुणा भाग करना चालू कर दिया है।

ऐसे में भाजपा किसी एक विधायक को उम्मीदवार बनाएगी जो वरिष्ठ होने के साथ सियासी समीकरण साधनें में माहिर हो। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस सूची में पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, नागेंद्र सिंह नागौद, जगदीश देवड़ा और डॉ. सीतासरण शर्मा का नाम सबसे आगे है। लेकिन सीधी विधायक केदार नाथ शुक्ला का नाम इस रेस में पिछड़ता हुआ दिख रहा है।

गौरतलब है कि पिछली कमलनाथ सरकार गिरने के बाद विधानसभा के तत्कालीन अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने अपना इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद जगदीश देवड़ा को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया था। तभी से वे विधानसभा का काम देख रहे हैं। लेकिन अब जब मानसून सत्र शुरु होने वाला है, उससे पहले नए विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होना है। 


प्राप्त जानकारी के अनुसार संभावित विधानसभा अध्यक्ष के नाम की सूची में कई नाम शामिल है, लेकिन संगठन हर बात को ध्यान में रखकर नाम पर मुहर लगाना चाहता है।विधानसभा अध्यक्ष की संभावित सूची में पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, नागेंद्र सिंह नागौद, जगदीश देवड़ा और डॉ. सीतासरण शर्मा का नाम सबसे आगे है। हालांकि, संगठन नेताओं के साथ बैठक कर सीएम इस मामले में अंतिम फैसला लेंगे। बताया जा रहा है कि शिवराज चाहते हैं कि पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव विधानसभा अध्यक्ष बन जाएं। साथ ही संगठन के कुछ नेता भी इस पद पर गोपाल भार्गव को देखना चाहते हैं, लेकिन भार्गव पूर्व भाजपा सरकार में मंत्री थे और अब भी मंत्री ही बनना चाहते हैं।

स्पीकर पद के लिए सीतासरन शर्मा भी बड़े दावेदार हैं। शर्मा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के करीबी माने जाते हैं। डॉ. शर्मा इससे पहले शिवराज सिंह चौहान के पिछले कार्यकाल में पांच वर्ष तक विधानसभा अध्यक्ष रहे हैं। वहीं, विधानसभा के वरिष्ठ सदस्य जगदीश देवड़ा का नाम भी स्पीकर पद के लिए प्रमुखता से लिया जा रहा है। देवड़ा अनुसूचित जाति वर्ग से हैं। भाजपा को विधानसभा की 24 सीटों पर उपचुनाव का सामना करना है। इन क्षेत्रों में अनुसूचित जाति वर्ग के वोट ज्यादा हैं तो एक संभावना यह भी है कि पार्टी देवड़ा पर दांव लगा सकती है। अभी वे प्रोटेम स्पीकर हैं। 

पिछले दिनों मध्यप्रदेश के सीधी से भाजपा के वरिष्ठ विधायक केदारनाथ शुक्ला का नाम विधानसभा अध्यक्ष के लिये प्रमुखता से चल रहा था। लेकिन अब गुटीय राजनीति को साधने तथा आगामी 24 सीटों के उपचुनावों को देखते हुये समीकरण फिट ना बैठनें के कारण सीधी विधायक का नाम फिलहाल इस रेस से बाहर दिख रहा हैं। हला की अभी भी सतना के नगोद से विधायक नागेन्द्र सिंह, विधानसभा अध्यक्ष की रेस में बनें हुये है। केदारनाथ शुक्ला का नाम शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल में भी शामिल करनें के लिये चल रहा है। ऐसा माना जा रहा है की केदारनाथ शुक्ला इस बार शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल में जरूर शामिल होंगें, इसके संकेत भी पिछले दिनों सीएम शिवराज सिंह एवं केदारनाथ शुक्ला की मुलाकत के बाद मिले थे। शिवराज सिंह से मुलाकात के बाद सीधी विधायक नें कहा था की इस बार मै 100 प्रतिशत मंत्री बनूंगा।

जन अभियान परिषद में दोबारा ई डी बनाये गये धीरेंद्र पाण्डेय को मुख्यमंत्री तत्काल हटायें, विधानसभा उपचुनावों में धांधली की आशंका: अजय सिंह।


भोपाल: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने शिवराज सरकार पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री ने एक अयोग्य व्यक्ति धीरेंद्र पाण्डेय को विवादास्पद जन अभियान परिषद में फिर से कार्यपालक निदेशक बना दिया है। नियमों में इस पद पर केवल अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी की नियुक्ति की जा सकती है। उन्होंने यह नियुक्ति तत्काल निरस्त करने की मांग की है।



अजय सिंह ने कहा है कि धीरेंद्र पाण्डेय पूर्व में जन अभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक रहते हुये गंभीर वित्तीय अनियमितता के आरोपी हैं। उन्होंने जन अभियान परिषद के मध्यप्रदेश भर में फैले अमले का विगत विधानसभा चुनाव के समय सत्ताधारी दल भाजपा के पक्ष में भारी दुरुपयोग किया था। उस समय मध्यप्रदेश कांग्रेस ने चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को बार बार सप्रमाण शिकायतें की थी।  बाद में आयोग ने जन अभियान परिषद के पदाधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से दूर रखने के निर्देश सरकार को दिये थे।अब शिवराज सिंह चौहान ने आगामी विधानसभा उपचुनाव को देखते हुए फिर से धीरेंद्र पाण्डेय को नियम विरुद्ध परिषद का कार्यपालक निदेशक बना दिया है। इस नियुक्ति से उपचुनावों में भाजपा के पक्ष में काम करने के लिए धांधली की शुरुआत हो चुकी है।



अजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ सरकार ने आते ही जनवरी,19 में पाण्डेय को परिषद से हटाकर उनको विज्ञान और प्राद्योगिकी परिषद में सीनियर साइंटिस्ट के उनके मूल पद पर भेज दिया था। बाद में महालेखाकार ने जांच कर गम्भीर वित्तीय अनियमितताएं निकाली थी जो आज भी शासन के पास रखी हैं। इनमें वृक्षारोपण, नदी महोत्सव, जल संसद, नर्मदा सेवा यात्रा, साधु संतों की एकात्म यात्रा आदि में की गई अनियमितताएं शामिल हैं। धीरेंद्र पाण्डेय ने प्रदेश के संविदा कर्मियों के नियमितीकरण के लिए जी ए डी द्वारा जारी दिशा निर्देशों की अवहेलना करते हुए परिषद के जिले भर में फैले कर्मियों को चुनाव पूर्व ताबड़तोड़ एकतरफा नियमित कर दिया था। भाजपा सरकार के समर्थक संविदा पर रखे गए इन कर्मचारियों को रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी मुंबई, शारदा विद्या बिहार भोपाल और असम स्थित विद्या भारती के प्रकल्प में विधानसभा चुनाव के पहले बाकायदा प्रशिक्षण दिया गया था। कांग्रेस ने यह सब शिकायतें चुनाव के समय चुनाव आयोग को की थी जिस पर आयोग ने संज्ञान लिया था।



अजय सिंह ने कहा है कि अब फिर भाजपा सरकार द्वारा वही प्रक्रिया दोहरायी जा रही है। विधानसभा उपचुनावों में भाजपा के पक्ष में धांधलियों की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। ग्वालियर संभाग में पदस्थ जन अभियान परिषद के पदाधिकारियों ने बूथ लेवल पर गुपचुप तरीके से मतदाता सूची के पन्ना प्रभारियों को पुनः सक्रिय करना शुरू कर दिया है। निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी है कि चुनाव आयोग जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को अभी से उनकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दें। अजय सिंह ने उपचुनाव वाले विधानसभा क्षेत्रों के कांग्रेस पदाधिकारियों से भी आग्रह किया है वे अभी से अपने अपने पोलिंग बूथों पर जन अभियान परिषद की गतिविधियों के प्रति सतर्क रहें।

सीधी में फिर एक व्यक्ति निकला कोरोना पॉजिटिव: कुल आंकड़ा 20 तक पहुंचा, ग्राम सरदा कंटेनमेंट एरिया घोषित।


  • ग्राम सरदा में कोरोना संक्रमित मरीज पाए जाने पर कंटेनमेंट एरिया घोषित।
  • जिला दंडाधिकारी ने कोरोना वायरस से संक्रमण के रोकथाम के लिए निर्धारित प्रोटोकाल के पालन के दिए निर्देश।


सीधी: एक बार कोरोना मुक्त हो चुके मध्यप्रदेश के सीधी जिले में एक बार फिर कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। आज जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार सीधी में फिर एक व्यक्ति की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आयी है। सीधी में अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों का कुल आंकड़ा 20 तक पहुंच गया है। जिसमें से 17 लोग पहले ही स्वस्थ होकर घर जा चुकें हैं, एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है और 2 ऐक्टिव केस हैं। 

कोरोना संक्रमण के नये मरीज के बारे में प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये व्यक्ति ग्राम शरदा के हैं एवं दिल्ली में काम करते थे। हाल मे ही वह 16 जून को दिल्ली से अपने गृह ग्राम वापस आए थे एवं होम आइशोलेशन में रह रहे थे। रेड जोन से संबंधित होने के कारण 20 जून को इनका सैम्पल कराया गया। जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव पाए जाने पर सीधी के जी.एन.एम कोविड हेल्थ सेन्टर में भर्ती कर दिया गया है।

ग्राम सरदा में कोरोना संक्रमित मरीज पाए जाने पर कंटेनमेंट एरिया घोषित।
जिले के जनपद पंचायत सिहावल अंतर्गत ग्राम सरदा में कोरोना संक्रमित मरीज के पाए जाने पर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा आदेश जारी कर संक्रमित मरीज के घर को एपीसेंटर घोषित करते हुये वार्ड क्रमांक 03,04 एवं 05 को पश्चिम सीमा ग्राम पंचायत भवन से पूर्वी सीमा कछियान टोला तक एवं उत्तरी सीमा झींगाझर पहाड़ी से दक्षिण सीमा सरदा नाला तक के क्षेत्र को कंटेनमेंट एरिया घोषित किया गया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री चौधरी ने इस क्षेत्र के समस्त घरों का सर्वे निर्धारित प्रपत्र में अनिवार्यतः करने के निर्देश दिए हैं।

कोरोना महामारी की रोकथाम एवं समुचित प्रबंधन हेतु मध्यप्रदेश शासन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी एपिडेमिक डिसीज कोविड-19 रेगुलेशन 2020 अन्तर्गत उक्त कंटेनमेन्ट एरिया के सर्विस हेतु दल गठित किया गया है। जारी आदेशानुसार अनुविभागीय दंडाधिकारी सिहावल सुधीर बेक एवं उप पुलिस अधीक्षक आर. एस. पाण्डेय समन्वय अधिकारी होंगे। इसके साथ ही इंसीडेंट कमांडर तहसीलदार बहरी वीरेन्द्र पटेल तथा राजस्व अधिकारी राजस्व निरीक्षक कुबरी चंद्रशेखर द्विवेदी, पुलिस अधिकारी थाना प्रभारी बहरी रामदीन सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सिहावल अशोक कुमार तिवारी, पीडब्ल्यूडी अधिकारी उपयंत्री सचितानंद तिवारी दल के सदस्य होंगे। कंटेनमेन्ट प्लान एवं कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग हेतु खण्ड चिकित्सा अधिकारी सिहावल डॉ. रीकेश शर्मा नोडल अधिकारी एवं प्रभारी सीडीपीओ सिहावल अनुसुईया बाजपेई सहयोगी रहेंगी।

कंटेनमेंट एरिया संबंधित निर्देश।
कंटेनमेन्ट एरिया के अंतर्गत पूर्ण रूप से आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। कंटेनमेंट एरिया के समस्त निवासियों का होम कोरेंटाईन में रहना होगा। कंटेनमेन्ट एरिया के पेरीमीटर अंतर्गत आवश्यक सामग्री पहुंचाने की सुविधाओं के अतिरिक्त किसी भी प्रकार से लोगों का बाहर जाना प्रतिबंधित रहेगा। उक्त क्षेत्र में एन्ट्री एक्जिट प्वाईन्ट पर स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा सतत् स्क्रीनिंग की जायेगी। समस्त वार्ड वार फंटलाईन कार्यकर्ता समस्त घरों का भ्रमण कर जानकारी लेते हुये निर्धारित प्रोफार्मा में रिपोर्ट खण्ड चिकित्सा अधिकारी सिहावल डॉ. रीकेश शर्मा को अनिवार्यतः उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेगें तथा डॉ. नागेन्द्र बिहारी दुबे, जिला टीकाकरण अधिकारी से समन्वय स्थापित करेंगे।

समस्त टीम कोविड-19 सस्पेक्टेड केस की मॉनीटरिंग प्रतिदिन करेगें एवं कोविड-19 संक्रमण की सम्भावित लक्षण जैसे बुखार, खांसी श्वास लेने में तकलीफ आदि लक्षण आने पर आर.आर.टी. को सूचना देना सुनिश्चित करेंगे। आगे संक्रमण फैलने से रोकने हेतु त्वरित कार्यवाही अंतर्गत संदिग्ध संक्रमित की कॉटेक्ट ट्रेसिंग करते हुये समस्त संबंधितों (सेल्फ डिक्लेरेशन फार्म में उल्लेखित) से अनिवार्यतः संपर्क किया जाकर उन्हें होम कोरेन्टाईन करवाने की कार्यवाही व उनकी भी प्रतिदित संपर्क करते एवं ट्रेकिंग की रिपोर्ट किया जाना सुनिश्चित करें। उक्त क्षेत्र का सेनेटाईजेशन किया जाना सुनिश्चित करेंगे। सस्पेक्टेड केस आर.आर.टी. या एम.एम.यू. द्वारा परीक्षण किये जाने तक एक अलग चिन्हित कमरे में आईसोलेशन में रखा जाना सुनिश्चित करना है एवं समस्त परिवार को फेस मास्क उपलब्ध कराते हुये हेण्ड हाइजीन और पर्सनल हाइजीन के प्रोटोकाल पालन करवाना सुनिश्चित करें। समस्त कार्यकर्ता पीपीई प्रोटोकॉल का पालन करना सुनिश्चित करेंगे तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना सुनिश्चित करेगें।

अजय सिंह नें चौधरी राकेश की कांग्रेस में वापसी को लेकर कहा, सिंधिया के गुलामों की कांग्रेस में जरूरत नहीं।


रीवा: मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह इस समय अपनें गृह क्षेत्र विंध्य के दौरे पर हैं। बीते कल यानी मंगलवार को वो रीवा प्रवास पर थे और पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना के रीवा स्थित आवास पर प्रेस से रुबरु हुये। मीडिया द्वारा चौधरी राकेश सिंह की कांग्रेस में वापसी को लेकर पूंछे गये सवाल पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष नें कहा की, पहले जो पार्टी छोड़कर गए हैं उनकी घर वापसी का कोई विरोध नहीं है। विरोध उन नेताओं का है जिन्होंने मंच से भाषण दिया था कि जीवन भर सिंधिया की गुलामी करेंगे। अब कांग्रेस में जब सिंधिया नहीं हैं तो उनके गुलामों की क्या जरूरत है। 



पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें कहा कि, चौधरी राकेश सिंह नें विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव के समय जो किया था वो तो पुरानी बात हो गयी, लेकिन लोकसभा चुनाव के समय चौधरी राकेश ने भरे मंच से यह कहा था की ऊपर भगवान हैं और नीचे सिंधिया, अब मैं जीवन भर सिंधिया की गुलामी करूंगा।इसलिए अब ऐसे लोग वहीं जाएं जहां पर उनके नेता चले गए हैं, वहां चाहे गुलामी करें या राज करें कांग्रेस का कोई मतलब नहीं है।



पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें आगे कहा की, चौधरी राकेश के मामले में विधानसभा के सदन में की गई गद्दारी और भाजपा की टिकट पर चुनाव लडऩे की बात पुरानी हो गयी। कांग्रेस कार्यकर्ता इन गलतियों को माफ कर सकते हैं लेकिन कोई व्यक्ति किसी एक नेता की गुलामी की बात करे तो उसकी क्या गारंटी है कि वह पार्टी के हित में काम करेगा।



पूर्व नेता प्रतिपक्ष रीवा में कुछ समय के लिए पूर्व विधायक सुखेन्द्र सिंह बन्ना के आवास पर रुके। जहां पर पार्टी के सभी प्रमुख नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान राज्यसभा सांसद राजमणि पटेल, पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना, पूर्व विधायक राजेन्द्र मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा, पार्टी के जिला अध्यक्ष त्रियुगीनारायण शुक्ला, गुरमीत सिंह मंगू, डॉ. मुजीब खान, विद्यावती पटेल, रमाशंकर सिंह पटेल, गिरीश सिंह, शिवप्रसाद प्रधान, बबिता साकेत, विनोद शर्मा, नृपेन्द्र सिंह, विक्रम सिंह, राजेन्द्र सिंह, मुस्तहाक खान सहित अन्य मौजूद रहे। 

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