Wednesday, 20 May 2020

MP उपचुनाव: दलबदलू नेताओं को टिकट देनें के मसले पर कांग्रेस में भी असंतोष, वरिष्ठ नेता अजय सिंह एवं गोविंद सिंह नें जतायी कड़ी आपत्ति।


  • कांग्रेस द्वारा ग्वालियर-चम्बल की 16 सीटों पर होने वाले उपचुनाव की तैयारियों को लेकर बुलाई गई बैठक में दलबदलू नेताओं को टिकट देनें के मसले पर हुआ विरोध।
  • पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि मेहगांव से तो यह प्रचारित किया जा रहा है कि चौधरी राकेश का टिकट हो गया है, अगर ऐसे ही लोंगों को टिकट देना है तो हमारी क्या जरुरत।
  • पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह की बातों का पूर्व सहकारिता मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह नें भी किया समर्थन। साथ ही भिंड जिला अध्यक्ष जय श्रीराम बघेल ने तो यहां तक कह दिया कि यदि ऐसा होता है तो पूरे जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के इस्तीफे हो जाएंगे।


भोपाल: मध्यप्रदेश में होनें वाले आगामी 24 सीटों के उपचुनावों को लेकर दोंनों ही मुख्य पार्टियां, भाजपा एवं कांग्रेस रणनीति बनानें में जुट गयी हैं। साथ ही दोनों पार्टियों में टिकट बंटवारे को लेकर असंतोष भी फैलता हुआ दिख रहा है, क्योकी दोनों ही पार्टी के बड़े नेता दलबदलू नेताओं को टिकट देनें के मसले पर सहज नहीं हैं।



पूर्व सीएम एवं पीसीसी चीफ़ कमलनाथ नें मंगलवार को ग्वालियर-चंबल अंचल के पार्टी पदाधिकारियों की एक बैठक बुलाई थी। जिसमें दलबदल करनें वाले नेताओं को टिकट देनें के मसले पर जमकर विरोध हुआ। बात तो यहां तक पहुंच गयी की पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें पूर्व सीएम कमलनाथ के सामने ही कह दिया कि, यदि भिंड जिले की मेहगांव सीट से यदि चौधरी राकेश सिंह को टिकट दिया जाता है तो हम लोंगो की क्या जरुरत। साथ ही अजय सिंह नें साफ कहा की यदि ऐसा हुआ तो वो इस्तीफा देनें को भी तैयार हैं।



कमलनाथ ने यह बैठक ग्वालियर एवं चम्बल की 16 सीटों पर होने वाले उपचुनाव की तैयारियों को लेकर बुलाई थी। उन्होंने बैठक के शुरुआत में ही कह दिया था कि किसे टिकट दिया जाए, किसे नहीं यह सर्वे के बाद तय होगा। इस दौरान अजय सिंह ने कहा कि मेहगांव से तो यह प्रचारित किया जा रहा है कि चौधरी राकेश का टिकट हो गया है। नाथ ने कहा कि अभी टिकट किसी का फाइनल नहीं हुआ है सर्वे में जिसका नाम आएगा, उसे टिकट मिलेगा।



अजय सिंह ने कहा कि जो व्यक्ति चलते सदन में उप नेता रहते हुए पार्टी छोड़कर अविश्वास प्रस्ताव के दौरान भाजपा में चला जाए क्या ऐसे व्यक्ति को टिकट देना चाहिए? उन्होंने कहा कि अगर ऐसे लोगों को ही टिकट देना है तो फिर हमारी क्या जरूरत। यदि ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया जाता है तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। सिंह का पूर्व मंत्री और भिंड जिले से वरिष्ठ विधायक डाॅ. गोविंद सिंह ने भी समर्थन किया। भिंड जिला अध्यक्ष जय श्रीराम बघेल ने तो यहां तक कह दिया कि यदि ऐसा होता है तो पूरे जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के इस्तीफे हो जाएंगे। हालाकि इस बारे में अभी तक अजय सिंह, डा.गोविंद सिंह और बघेल का कोई भी वक्तव्य नही आया है।



आइये जानतें हैं, कौन है चौधरी राकेश सिंह और किस समय उन्होनें कांग्रेस छोड़ी थी।
वर्ष 2011-12 में भाजपा सरकार के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था उस दौरान चलते विधानसभा सत्र में उपनेता रहे चौधरी राकेश ने कह दिया था कि वे अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन नहीं करते हैं। इस तरह कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर गया था।और राकेश ने भाजपा का दामन थाम लिया था। वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उनके छोटे भाई मुकेश चौधरी को मेहगांव से टिकट दिया और वे चुनाव जीत गए थे। 2018 में फिर भाजपा ने राकेश को भिंड से टिकट दिया जहां से वे हार गए थे उसके बाद से ही वे कांग्रेस में आने के लिए प्रयासरत थे। 



सिंधिया समर्थक मानें वाले चौधरी राकेश सिंह को सिंधिया की वजह से फिर से कांग्रेस में हुई थी वापसी।
मध्यप्रदेश के इतिहास में यह एकमात्र घटनाक्रम है जब विधानसभा सत्र के बीच उपनेता प्रतिपक्ष ने अपनी ही पार्टी से इस्तीफे का ऐलान किया हो। चौधरी राकेश सिंह ने कांग्रेस को यह झटका दिया था। लेकिन जब भाजपा में उनकी दाल नही गली तो वो वापस कांग्रेस में लौट आए। गौरतलब है की, चौधरी राकेश सिंह को सिंधिया समर्थक नेता माना जाता है। एक बार फिर उन्होंने शिवपुरी में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जब लोकसभा का नामांकन भरा था तब चौधरी राकेश भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आ गए थे।

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