Friday, 22 May 2020

मंत्री तुलसी सिलावट को नही है "कोरोना" का डर, खुलेआम उड़ाई गयी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां।


इंदौर: मध्यप्रदेश में होनें वाले 24 सीटों के उपचुनावों के लिये अब दोनों ही पार्टियों के नेताओं नें कमर कसते हुये रणनीति तेज कर दी है। जिन 24 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होनें वालें हैं, उनमें इन्दौर की सांवेर सीट सबसे हॉट सीट मानी जा रही है, क्योकी यहां से मध्यप्रदेश के के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट प्रतिनिधित्व करतें हैं। श्री सिलावट सिंधिया के समर्थक मानें जातें हैं। लेकिन तुलसी सिलावट के पाला बदल कर भाजपा की सदस्यता लेते ही उनका विरोध बढ़ गया है। पहले विरोध करनें वाले कांग्रेस के खेमें थे, लेकिन अब तो भाजपा के घर के अंदर से आवाज उठनें लगी हैं। पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू नें सिलावट के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।



इसी बीच, मंत्री तुलसी सिलावट  गुरुवार को सांवेर विधानसभा पहुंचे जहां उन्होंने सांवेर की जनता की भलाई और विकास के लिए अधिकारियों को तमाम दिशा निर्देश जनता के ही सामने दे डाले। लेकिन अफसरों को निर्देश देने वाले मंत्री खुद नियम का पालन करना भूल गए और इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियाँ उड़ाई गयी।



दरअसल, बुधवार को मंत्री सिलावट ने इंदौर में दावा किया था की वो प्रदेश में कोरोना के खिलाफ सबसे पहले जागृत हुए थे लेकिन अचानक ही आज मंत्री की समझ पर सवाल खड़े हो गये क्योंकि पूरे लाव लश्कर के साथ वो न सिर्फ सांवेर पहुंचे बल्कि उन्होंने स्वयं सोशल डिस्टेसिंग की धज्जियां उड़ाई। इंदौर सांसद शंकर लालवानी और विधायक रमेश मेंदोला के साथ सांवेर में विकास कार्यो के अवलोकन के दौरान मंत्री सिलावट ने अपने ही सामने सोशल डिस्टेसिंग की धज्जियां तो उड़ते ही देखी साथ ही उन्होंने खुद भी सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नही किया।



गौरतलब है कि, देशभर में इंदौर कोरोना संक्रमित टॉप 10 शहरों की सूची में शामिल है, तथा मंत्री सिलावट नें खुद कल दावा किया था कि उन पर आरोप लगाने वाले ये संज्ञान ले ले कि वो प्रदेश में सरकार के अंग है और वो प्रदेश की बीजेपी सरकार के मंत्री भी है। उन्होंने ये भी बताया था कि प्रदेश और देश मे बीजेपी की सरकार है और आज उन्होनें सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाकर यह साबित भी कर दिया की वों मंत्री हैं और कुछ भी कर सकतें हैं।



जहां पिछले 2 महीनें से आम जनता अपने घरों में रहकर सरकार और प्रशासन के हर निर्देशो का पालन कर रही है तो दूसरी तरफ मंत्री ही सोशल डिस्टेसिंग एवं कोरोना के रोक थाम के लिये बनाये गये नियमों की धज्जियां उड़ाने पर तुले हुए हैं।



पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू के द्वारा दी गई चुनौती के बाद मंत्री सिलावट ने जल्दबाजी में ऐसा कदम उठा लिया जो लोगो के लिये खतरे का सबब बन सकता है। मंत्री सिलावट ने तो बकायदा अपने एक समर्थक की पीठ थप थपा कर ये भी जता दिया कि अब उन्हें किसी महामारी की नही बल्कि उपचुनाव की चिंता सता रही है और ये ही वजह है कि उन्हें न तो अब जनता की जान की परवाह है और ना ही किसी गाइडलाइन की।

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