Saturday, 30 May 2020

अजय सिंह नें स्व.जोगी की पूर्व सीएम अर्जुन सिंह एवं सीधी से जुड़ी यादें साझा करते हुये बताया की कैसे वो कलेक्टर से बनें राजनेता।


  • अजीत जोगी जितने अच्छे प्रशासनिक अफसर थे, उतने ही अच्छे राजनेता भी थे। उनकी कार्यशैली के कारण कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें पार्टी में शामिल किया था: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह।

भोपाल: छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री एवं सीधी के कलेक्टर रहे अजीत जोगी के निधन पर मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें गहरा दुख व्यक्त करते हुये स्व. जोगी के साथ मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अर्जुन सिंह एवं सीधी जिले से जुड़ी हुई यादें साझा करीं। बता दें की, दिल का दौरा पड़ने के बाद श्री जोगी लंबे समय से कोमा में थे। जिनका कल शुक्रवार को निधन हो गया था।



क्या कहा पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें स्व. श्री जोगी की याद में।
पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी को याद करते हुये पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें कहा की, मुझे याद है जोगी जी भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देना चाहते थे, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा उनका इस्तीफा मंजूर नहीं कर रहे थे। वोरा जी नहीं चाहते थे कि बेहतर प्रशासनिक अफसर नौकरी छोड़े। लेकिन जोगी जी अड़े थे कि उनका इस्तीफा मंजूर किया जाए। उस दौरान मुझे संदेश मिला कि मैं अपने पिता अर्जुन सिंह (दाऊ साहब) तक उनका संदेश पहुंचाऊं की उनका इस्तीफा मंजूर कराया जाए।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें कहा की उस दौरान मेरे पिता (दाऊ साहब) पंजाब के राज्यपाल थे। यह बात वर्ष 1985 की है। दाऊ साहब ने वोरा जी से कहा कि इनका इस्तीफा तत्काल मंजूर किया जाय, यही पार्टी का निर्देश है। जोगी जी का इस्तीफा मंजूर होते ही पार्टी ने उन्हें राज्यसभा टिकट दिया और चुनाव जीतकर राज्यसभा तक पहुंचे। जिस तरह वे प्रशासनिक सेवा में सफल रहे उसी तरह उन्होंने राजनीति में भी अपनी छाप छोड़ी। राज्यसभा के बाद वे लोकसभा और फिर छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंंत्री बने।



स्व. अजीत जोगी को चेम्बर में बैठना पसंद नहीं था: अजय सिंह।
श्री सिंह नें कहा की, अजीत जोगी की कार्यशैली निराली थी। कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कभी चेम्बर में बैठना पसंद नहीं किया। श्री सिंह नें कहा की, मुझे याद है जब वे सीधी कलेक्टर थे, उस दौरान वे पोर्च में बैठकर ही आमजन से मुलाकात करते और मौके पर ही उनकी समस्या का हल कर देते थे। इसका एक लाभ यह भी होता था कि लोग उनसे मुलाकात करने में झिझक नहीं करते थे। अपनी बात भी खुलकर कह देते थे। आमजन से साथ उठने बैठने से उन्हें जिले की खबरें भी मिलती रहती थीं, यदि कहीं कोई गड़बड़ होती थी तो पहली सूचना उन्हें आमजन से ही मिलती थी।



पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें कहा की, कई बार तो नेता मजाक में कहते थे कि कलेक्टर साहब के कारण तो उनके पास लोगों ने आना ही बंद कर दिया। यदि ऐसा ही रहा तो उनकी पूछपरख ही कम हो जाएगी। लेकिन यह भी सही है कि वे जिनते आमजन में लोकप्रिय थे, उनते ही नेताओं के बीच भी लोकप्रिय थे।



बता दें की, स्व. श्री जोगी का नाम छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री के तौर पर भी इतिहास में दर्ज हो गया है। तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के करीबी रहे जोगी का संपर्क राजीव गांधी से होने के बाद वे IAS छोड़कर राजनीति में आ गए। राजनीति के चाणक्य माने जाने वाले अर्जुन सिंह से ही जोगी ने राजनीतिक दांवपेच सीखे। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अर्जुन सिंह के गृह जिले सीधी में बतौर कलेक्टर श्री जोगी की पोस्टिंग रही।



स्व. अजीत जोगी का, स्व. अर्जुन सिंह से जुड़ा एक किस्सा ये भी।
स्व. अजीत जोगी बतौर कलेक्टर काम करने से भी नहीं डरते थे। एक बार सूखा पडऩे के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने टेलीफोन पर राहत बांटने के मौखिक आदेश दिए थे, जिस पर उन्होंने राशि का आवंटन कर दिया।

No comments:

Post a comment

Latest Post

सीधी: शासकीय चिकित्सकों के प्राइवेट प्रेक्टिस पर रोक, आदेश जारी।

सीधी: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सीधी द्वारा आदेश जारी कर जिलान्तर्गत क्षेत्र की समस्त शासकीय अस्पतालों में पदस्थ समस्त विशेषज्ञ/...