Monday, 25 May 2020

डॉ. शिवम मिश्रा आत्महत्या मामले में पूर्व सीएमएचओ, स्टाफ नर्स सहित 2 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज होनें से जगी न्याय की उम्मीद।


सीधी: पिछले साल चुरहट में पदस्थ डॉ. शिवम मिश्रा के आत्महत्या मामले में पूर्व सीएमएचओ, स्टाफ नर्स सहित 2 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज होनें के बाद अब न्याय की उम्मीद जग गयी है। गौरतलब है की, पिछले साल चुरहट में पदस्थ डॉ. शिवम मिश्रा ने अपने सरकारी आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जहां पूरे जिले में इस प्रकरण को लेकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की गयी थी। जिला प्रशासन से डॉ. को आत्महत्या करने के लिये मजबूर करनें वालों के ऊपर केस दर्ज करने के लिए समाजसेवी सहित लोग सड़कों पर उतर आये थे। अब लंबे इंतजार के बाद रिपोर्ट का खुलासा हुआ है और डॉक्टर को न्याय मिलनें की उम्मीद जगी है।



प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीधी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चुरहट में पदस्थ डॉक्टर के आत्महत्या मामले में अब नया खुलासा हुआ है, जिसमें यह बात सामने आई है कि डॉक्टर शिवम मिश्रा द्वारा स्टाफ नर्स की प्रताड़ना से तंग आकर अपने आवास में सीलिंग फैन पर फांसी लगाकर आत्महत्या का कदम उठाया गया था। करीब 1 वर्ष से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई। जिसके आधार पर चुरहट थाने में तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, स्टाफ नर्स व 2 अन्य के खिलाफ मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है।



सामुदायिक स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ डॉ शिवम मिश्रा अपनी ड्यूटी के प्रति मुस्तैद थे जिनकी लापरवाह कर्मचारियों से नहीं बनती थी चुरहट स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ नर्स अंजना मर्सकोले विलंब से चिकित्सालय पहुंचती थीं, बिना सूचना के ही नदारद रहती थीं, जिस डॉक्टर शिवम मिश्रा को कड़ी आपत्ति थी। जिसके खिलाफ कार्यवाही के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भी लिखा गया था। स्टाफ नर्स ने डॉक्टर की इस कार्यवाही से उनके खिलाफ चुरहट थाना में छेड़खानी का आरोप लगाया था। जिस पर तत्कालीन नगर निरीक्षक रामबाबू चौधरी द्वारा शिवम मिश्रा के खिलाफ धारा 354, 323 एवं एससी, एसटी एक्ट की धारा के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया गया था।



अपनी बदनामी तथा फर्जी मुकदमें से तंग आकर डॉक्टर शिवम मिश्रा ने शासकीय आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद डॉक्टर के परिजनों ने इस पूरे मामले के जांच की मांग की थी और मामला कोर्ट में चला गया था, जांच रिपोर्ट में पुष्टि होने पर उपखंड अधिकारी चुरहट द्वारा चार लोगों को दोषी करार दिया गया, जिसके बाद चुरहट थाने में तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी आरएल वर्मा, स्टाफ नर्स अंजना मर्सकोले, एएच सिद्दीकी, कृष्ण कुमार पांडे के खिलाफ धारा 306, 120 बी के तहत मामला पंजीबद्ध किया है।

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