Wednesday, 15 April 2020

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा लॉकडाउन 2.0 से संबंधित गाइलाइन जारी, जानें 20 अप्रैल से शर्तों के साथ किन क्षेत्रों में मिलेगी छूट।


नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आज यानी बुधवार को लॉकडाउन 2.0 के दौरान कुछ क्षेत्रों में छूट संबंधी गाइलाइन
जारी कर दी है। कोरोना मुक्त इलाकों में यह छूट 20 अप्रैल से लागू होगी। लॉकडाइन के पहले 21 दिनों की तरह 3 मई तक चलने वाले दूसरे चरण में भी हेल्थ सर्विसेज चालू रहेंगी।

कृषि और पशुपालन उद्योग को छूट।

  • खेती से जुड़ी सभी गतिविधियां चालू रहेंगी, किसानों और कृषि मजदूरों को हार्वेस्टिंग से जुड़े काम करने की छूट रहेगी।
  • कृषि उपकरणों की दुकानें, उनके मरम्मत और स्पेयर पार्ट्स की दुकानें खुली रहेंगी ।
  • खाद, बीज, कीटनाशकों के निर्माण और वितरण की गतिविधियां चालू रहेंगी, इनकी दुकानें खुली रहेंगी।
  •  कटाई से जुड़ी मशीनों (कंपाइन) के एक राज्य से दूसरे राज्य में मूवमेंट पर कोई रोक नहीं रहेगी।
  • मछली पालन से जुड़ी गतिविधियां, ट्रांसपोर्ट चालू रहेंगी।
  •  दूध और दुग्ध उत्पाद के प्लांट और इनकी सप्लाई चालू रहेगी।
  • मवेशियों के चारा से जुड़े प्लांट, रॉ मटिरिलय की सप्लाई चालू रहेगी।


कुछ इंडस्ट्रीज को लॉकडाउन 2.0 में छूट इस प्रकार है।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में (जो म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन या म्यूनिसिपलिटी के तहत न हों) काम करने वाले उद्योगों को छूट।
  • दिशा निर्देश के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवसायिक गतिविधियों को सीमित दायरे में इजाजत दी गई है। दिशा निर्देश के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र में इंडस्ट्री को मुक्त रखा गया है, लेकिन शर्त यह है कि वह शहरी एमसीडी के क्षेत्र में नहीं आता हो। जिन क्षेत्रों को रियायत दी गई है उसमें स्पेशल इकॉनमिक जोन भी शामिल हैं, लेकिन इन क्षेत्रों में सामाजिक दूरी बनाए रखना होगा। 
  • स्पेशल इकनॉमिक जोन में मैन्यूफैक्चरिंग और दूसरे औद्योगिक संस्थानों, निर्यात से जुड़ी इकाइयों को शर्तों के साथ छूट। यहां ये उद्योग अपना काम शुरू कर सकते हैं लेकिन उन्हें वर्करों को अपने परिसर में ही ठहराने का भी इंतजाम करना होगा। वर्करों को वर्कप्लेस पर लाने की जिम्मेदारी नियोक्ता की होगी और उसे इस दौरान सोशल डिस्टेसिंग के मानकों का पालन करना होगा। 
  • दवा, फार्मा, मेडिकल डिवाइसेज समेत जरूरी सामानों के निर्माण और रॉ मटिरियल्स से जुड़ीं इकाइयों को छूट।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को काम करने की इजाजत।
  • आईटी हार्डवेयर के निर्माण की छूट।
  •  पैकेजिंग मरटिरियल्स की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स को छूट।
  •  अलग-अलग शिफ्ट में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए जूट इंडस्ट्री को छूट।


ग्रामीण इलाकों में ईंट भट्ठों को भी छूट।
  • खाद्य प्रसंस्करण, आईटी हार्डवेयर, कोयला उद्योग, खान उद्योग, तेल रिफाइनरी इंडस्ट्री, पैकेजिंग इंडस्ट्री और जूट उद्योग को राहत दी गई है। ये उद्योग 20 अप्रैल से काम कर सकेंगे। इसके साथ साथ ग्रामीण क्षेत्रों में ईंट भट्ठे चलाने को भी इजाजत दी गई है। सड़क निर्माण, सिंचाई प्रोजेक्ट और बिल्डिंग निर्माण कार्य को भी प्रतिबंध के दायरे से मुक्त कर दिया गया है। 

कुछ निर्माण गतिविधियों को भी छूट।
  • सड़क की मरम्मत और निर्माण को छूट, जहां भीड़ नहीं हो।
  •  सड़क निर्माण, सिंचाई परियोजनाओं, बिल्डिंग निर्माण को छूट।
  • ग्रामीण क्षेत्र में सभी तरह के इंडस्ट्रियल प्रॉजेक्ट्स (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों समेत) को छूट।
  • शहरी क्षेत्रों में भी कंस्ट्रक्शन वर्क को छूट लेकिन सिर्फ उन्हीं को जहां साइट पर ही वर्कर उपलब्ध हैं।


प्लंबर, कारपेंटर, मोटर मकैनिक को भी छूट।
  • इसके साथ साथ इलेक्ट्रिक, आईटी, मोटर मैकेनिक, प्लंबर, कारपेंटर इन सब को छूट दी गई है। ये लोग 20 अप्रैल के बाद सामाजिक दूरी बनाते हुए अपना काम जारी रख सकते हैं। 

बैंकिंग, पोस्टल सर्विसेज।
  • बैंक शाखाएं, एटीएम, पोस्टल सर्विसेज चालू रहेंगी।
  • ऑनलाइन टीचिंग और डिस्टेंस लर्निंग को प्रोत्साहित किया जाएगा।

ग्रामीण रोजगार के लिए छूट।
  • मनरेगा के काम की इजाजत रहेगी, सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करते हुए।
  • मनरेगा के कामों को सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करते हुए किया जाएगा।
  • मनरेगा में सिंचाई और वॉटर कंजर्वेशन से जुड़े कामों को प्राथमिकता दी जाएगी।


इमर्जेंसी में प्राइवेट गाड़ियों के आवागमन में को शशर्त इजाजत।
  • इमर्जेंसी के हालात में फोर वीलर में ड्राइवर के अलावा केवल एक ही रहेगा।
  • दुपहिया पर सिर्फ एक ही शख्स यानी उसका चालक सवार हो सकता है, उल्लंघन करने पर जुर्माना।
  •  कोई शख्स क्वारंटीन किया गया है मगर नियमों का उल्लंघन करता है तो आईपीईस की धारा 188 के तहत कार्रवाई।

तेल और गैस सेक्टर का ऑपरेशन चलता रहेगा, इनसे जुड़ीं ट्रांसपोर्टेशन, डिस्ट्रिब्यूशन, स्टोरेज और रिटेल से जुड़ी गतिविधियां चलती रहेंगी 

इन चीजों के ट्रांसपोर्टेशन में छूट।
  • गुड्स/कार्गो के लोडिंग-अनलोडिंग के काम को छूट।
  • जरूरी सामानों जैसे पेट्रोलियम और एलपीजी प्रोडक्ट्स, दवाओं, खाद्य सामग्रियों के ट्रांसपोर्टेशन को इजाजत रहेगी।
  • सभी ट्रकों और गुड्स/कैरियर वीइकल्स को छूट रहेगी, एक ट्रक में 2 ड्राइवरों और एक हेल्पर की इजाजत।
  • इस बार ट्रकों के मरम्मत की दुकानों को भी छूट, हाईवेज पर ढाबे भी खुले रहेंगे ताकि ट्रकर्स को दिक्कत न हो।


रेलवे की मालगाड़ियों को छूट बरकरार।

सभी जरूरी सामानों की सप्लाई चेन की इजाजत 

दुकानें जिनको छूट दी गई है।

  • किराना की दुकानों, राशन की दुकानों, फल, सब्जी, मीट, मछली, पोल्ट्री, खाद्यान्न, डेयरी और मिल्क बूथ, मवेशियों के चारे की दुकानों को छूट बरकरार।
  • प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को छूट, डीटीएच और केबल सर्विस को भी छूट।
  • आईटी से जुड़ी कंपनियों को वर्कफोर्स के 50 प्रतिशत स्ट्रेंथ के साथ काम करने की इजाजत (जोखिम वाले क्षेत्रों के रूप चिह्नित इलाकों में नहीं)।
  •  ई-कॉमर्स कंपनियों की गतिविधियों, इनके ऑपरेटरों की गाड़ियों को छूट, इसके लिए इजाजत लेनी होगी।


सरकारी काम में लगे कॉल सेंटरों को भी छूट।
  • सरकारी काम में लगीं डेटा और कॉल सेंटर सर्विसेज को इजाजत 

प्राइवेट सिक्यॉरिटी सर्विसेज को इजाजत 

केंद्र सरकार के सभी दफ्तर खुले रहेंगे।

  • सरकार ने साफ-साफ कहा है कि सभी केंद्रीय कार्यालयों में डेप्युटी सेक्रटरी से ऊपर के अधिकारी की सौ फीसदी उपस्थिति रहेगी, जबकि अवर सचिव से नीचे के कर्मचारी की उपस्थिति जरूरत के हिसाब से 33 के आस पास होनी चाहिए। 
  • राज्यों में भी 33 प्रतिशत उपस्थिति के साथ सरकारी दफ्तर खोलने के निर्देश।
  • उधर राज्यों और केन्द्र शासित राज्यों को भी निर्देश दिया गया है कि ग्रुप ए और बी सर्विसेस को छोड़कर नीचे के कर्मचारियों को आवश्यकतानुसार 33 फीसदी तक ही बुलाएं।

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