Thursday, 23 April 2020

शिवराज सरकार में सिंधिया समर्थकों को मिले पहले से कमतर मंत्रालय, सिंधिया करीबी को नहीं मिला डिप्टी CM का पद।


भोपाल: मध्यप्रदेश में भाजपा की शिवराज सरकार के कैबिनेट गठन के बाद बुधवार को पांचों मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया। कमलनाथ सरकार को गिरानें में अहम रोल अदा करनें वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया के दो समर्थकों को भी मंत्री बनाया गया। सिंधिया समर्थकों को मिनी कैबिनेट में शामिल करनें के लिये भाजपा को फिलहाल अपनें कुछ दिग्गजों को भी होल्ड पर रखना पड़ा। सबसे बड़ी दिलचस्प बात यह रही की कमलनाथ सरकार के समय नेता प्रतिपक्ष रहे गोपाल भार्गव को भी होल्ड पर रखा गया।



अब मंत्रिमंडल गठन एवं विभगों के बंटवारे के बाद सवाल यह उठ रहे की, सिंधिया समर्थकों को जो विभाग मिले, क्या वो कमलनाथ सरकार के मुकाबले कमतर है। बात इतनी ही नही, शिवराज सिंह चौहान सरकार में फिलहाल सिंधिया का कोई भी समर्थक डिप्टी सीएम भी नही बना, जिसके कयास पहले से लगाये जा रहे थे।



जैसा की पता है की, ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक छह मंत्रियों गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रभुराम चौधरी और इमरती देवी सहित 22 विधायकों ने कमलनाथ सरकार से इस्तीफा दे दिया था।  जिसके बाद मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ को इस्तीफा देना पड़ा था और शिवराज सिंह को सरकार बनाने के लिये अवसर मिल गया था। इनमें से फिलहाल दो लोगों को ही शिवराज कैबिनेट में शामिल किया गया है।



सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामने वाले तुलसीराम सिलावट को स्वास्थ्य मंत्रालय नही मिला जो की कमलनाथ सरकार में उनके पास था, जबकी कयास उन्हें डिप्टी सीएम बनाये जाने के चल रहे थे। सिलावट को इस बार जल संसाधन मंत्रालय दिया गया है। बात दूसरे सिंधिया समर्थक गोविंद सिंह राजपूत की करें तो उन्हें भी मंत्री बनाया गया, लेकिन उन्हें इस बार कोऑपरेटिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय दिया गया है, जबकी राजपूत इससे पहले कमलनाथ सरकार में राजस्व और परिवहन मंत्रालय जैसा बड़ा  मंत्रालय संभाल रहे थे।



बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा को शिवराज कैबिनेट में दूसरे नंबर का दर्जा मिला है। नरोत्तम मिश्रा को मध्य प्रदेश के गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, इससे पहले मिश्रा शिवराज सिंह चौहान की पिछली सरकार में वह जल संसाधन, संसदीय कार्य, जनसंपर्क जैसे विभाग संभाल रहे थे, लेकिन इस बार उन्हें काफी भारी विभाग दिए गए हैं। कमल पटेल को कृषि मंत्री बनाया गया है, जो मध्य प्रदेश में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, वहीं, मीना सिंह को आदिम जाति कल्याण विभाग दिया गया है।



हला की, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि, मंत्रालय का आवंटन कोरोना वायरस से लड़ाई को ध्यान में रखकर किया गया है। ऐसे में वही मंत्रालय आवंटित किए गए हैं जो कोरोना से लड़ाई के बीच सबसे ज्यादा जरूरी थे। उन्होंने कहा कि जैसे ही लॉकडाउन हटता है, वैसे ही बाकी कैबिनेट की घोषणा कर दी जाएगी और अपने साथियों से बातचीत करने के बाद विभागों में दोबारा से फेरबदल किया जा सकता है।

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