Wednesday, 29 April 2020

केंद्र सरकार की गाइडलाइन: देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों एवं छात्रों को उनके घर जाने की मंजूरी।


  • गृह मंत्रालय ने राज्यों को 6 प्वाइंट की गाइड लाइन जारी कर कहा- घर भेजने से पहले मजदूरों-छात्रों और पर्यटकों की जांच हो, अगर उनमें कोरोना वायरस संक्रमण का कोई लक्षण नहीं पाया जाए तो उन्‍हें जाने की अनुमति दी जाए।

नई दिल्ली: देशभर में कोरोना का कहर जारी है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ती जा रही है। जिसे देखते हुए कोरोना के संक्रमण के रोकथाम के लिये देशभर में 3 मई तक का लॉकडाउन किया गया है। ऐसे में सबसे बड़ी समस्या प्रवासी मजदूरों के साथ ये है की वो दूसरे राज्यों में फसें हैं और अपनें घर नही जा पा रहें है। लेकिन अब  देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों और छात्रों के किये एक राहत भरी खबर है। 



केंद्र सरकार ने बुधवार को लॉकडाउन के 35 दिनों बाद प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए प्रवासी मजदूर, छात्र और पर्यटक अपने घरों को जा सकते हैं। इसके लिए राज्य सरकारें बसों का इंतजाम करेंगी। गृह मंत्रालय ने इसका आदेश बुधवार को जारी कर दिया है। मंत्रालय ने 6 प्वाइंट्स की गाइडलाइन राज्यों को भेजी है। इसमें बताया गया है कि कैसे सरकारें इन फंसे हुए लोगों को उनके घर तक पहुंचाने का काम कर सकती हैं। 



गृह मंत्रालय ने राज्यों के लिए 6 प्वाइंट की गाइडलाइन जारी की है।

  • सभी राज्य और केंद्र शासित राज्य सरकारें मजदूरों, छात्रों और पर्यटकों को घर भेजे जाने के लिए नोडल अथॉरिटी गठित करें। यही अथॉरिटी अन्य राज्य सरकारों के साथ बातचीत करके फंसे हुए लोगों को भेजने और उन्हें वापस बुलाने का काम करेगी। अथॉरिटी की जिम्मेदारी होगी कि वह फंसे हुए लोगों का रजिस्ट्रेशन कराएं।
  • अगर कहीं पर कोई समूह फंसा हुआ है और वह अपने मूल निवास स्थान जाना चाहता है तो राज्य सरकारें आपसी सहमति के साथ उन्हें छूट दे सकतीं हैं।
  • फंसे हुए लोगों की पूरी तरह से मेडिकल जांच होगी। बगैर लक्षण वाले को ही यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी।
  • जिस बस में लोगों को ले जाने की व्यवस्था होगी उसे पूरी तरह से सैनिटाइज कराया जाएगा और अंदर भी लोगों को बैठाने में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन कराया जाएगा।
  • राज्य सरकारें फंसे हुए लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए खुद रूट तय करेंगी।
  • घर पहुंचते ही लोगों की जांच होगी। इसके बाद सभी को 14 दिनों का होम क्वारैंटाइन में रहना होगा। इस बीच लोगों को अपने मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु ऐप हमेशा ऑन रखना होगा ताकि उन्हें ट्रेस किया जा सके।

गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइंस के मुताबिक अगर किसी राज्‍य में फंसा कोई व्‍यक्ति दूसरे राज्‍य में जाना चाह रहा है तो इसके लिए दोनों राज्‍यों की सरकारें आपस में बातचीत करके उपयुक्‍त कदम उठाएं। लोगों को सड़क के रास्‍ते ले जाया जाए। लोगों को भेजने से पहले सभी की मेडिकल जांच (स्‍क्रीनिंग) की जाए। अगर कोरोना वायरस संक्रमण का कोई लक्षण नहीं पाया जाए तो उन्‍हें जाने की अनुमति दी जाए।

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