Wednesday, 29 April 2020

ई-पास के नियमों में बदलाव, अब देश के किसी भी हॉटस्पॉट जिले से मध्यप्रदेश आने के लिए नहीं बनेगा पास।


भोपाल: देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना का कहर जारी है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में देशभर में 3 मई तक का लॉकडाउन है। लॉकडाउन की वजह से लोग अपने-अपने घरों में कैद है। मध्यप्रदेश सरकार ने दूसरे राज्यों में फंसे अपने नागरिकों और प्रदेश के अन्य जिलों में फंसे लोगों को उनके घर पहुंचाने के लिए ई-पास की सुविधा उपलब्ध कराई है। लेकिन अब इस ई-पास के नियमों में बदलाव किया गया है। मंगलवार को ई-पास सुविधा के लिए नया नियम जारी कर दिया गया है।



क्या है? नया नियम।
दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को अब आने-जाने का ई-पास एक साथ मिलेगा। अभी तक आने के लिए अलग और जाने के लिए अलग ई-पास बनता था। हला कि अब देश के किसी भी हॉटस्पॉट जिले से मध्यप्रदेश आने के लिए पास नहीं बनेगा। प्रदेश में आने या जाने के लिए ई-पास तभी बनेगा जब पास बनवाने वाले के पास खुद का वाहन होगा। इंदौर, भोपाल और उज्जैन में केवल मौत या मेडिकल इमरजेंसी पर ही अनुमति दी जाएगी।



अभी तक ये था नियम।
अभी तक ई-पास के लिए सभी आवेदन कर सकते थे। इसके लिए यह लोग अपने साधनों से या साधन की व्यवस्था कर प्रदेश में या प्रदेश के बाहर अपने घर जा सकते थे। उन्हें आने-जाने के लिए ई-पास मिल जाएगा। इसे सिर्फ मोबाइल में ही दिखाकर आप अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं।



ई-पास के लिये ऐसे करें अप्लाई।
अगर आप ई-पास की सुविधा लेना चाहते हैं तो आप अपना आवेदन https://mapit.gov.in/covid-19/ पर कर सकते हैं। इस फार्म में आप अपना मोबाइल नंबर डालकर लॉगिन कर सकते हैं। इसी प्रकार प्रदेश के बाहर रुके लोग अपने संसाधन से यदि प्रदेश में आना चाहते हैं तो वे भी उक्त पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा वे जिस जिले में वापस आ रहे हैं उस जिले के अधिकारी की ओर से ई-पास जारी किया जा सकेगा।

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