Friday, 17 April 2020

आगामी 24 सीटों पर होनें वाले उपचुनाव के लिये पूर्व सीएम कमलनाथ, वरिष्ठ नेताओं दिग्विजय सिंह, अजय सिंह एवं अरुण यादव से चर्चा कर रणनीति बनानें में लगे।


भोपाल: आनें वाले दिनों में मध्यप्रदेश विधानसभा की 24 सीटों पर होनें वाले उपचुनाव के लिये कांग्रेस नें तैयारियां शुरू कर दी हैं। पीसीसी चीफ़ एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ नें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव से सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर रणनीति बनानें में लग गयें हैं।



कमलनाथ होंगें कांग्रेस का चुनावी चेहरा, साथ ही ग्वालियर-चंबल की 16 सीटों पर सिंधिया के पार्टी छोड़नें एवं कांग्रेस की सरकार को गिरानें के मुद्दे को सामनें रख जनता के समक्ष जानें का रहेगा प्रयास।
पार्टी का चुनावी चेहरा पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ही होंगे। उपचुनाव में ग्वालियर-चंबल की 16 सीटों पर सिंधिया के दलबदल व जनमत के साथ हुए छल के मुद्दे को हवा दी जाएगी। उपचुनाव को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़कर कमल नाथ स्वयं सारी तैयारी में जुटे हैं। प्रदेश में डेढ़ दशक के बाद जैसे-तैसे सत्ता में लौटी कांग्रेस सरकार को उसकी अंदरूनी गुटबाजी और फूट ने ही सड़क पर ला दिया। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने इस पूरे सियासी घटनाक्रम के बाद 24 सीटों पर उपचुनावों की तैयारी शुरू कर दी है।



सितंबर तक उपचुनाव होनें के आसार।
प्रदेश में कोरोना वायरस के चलते उत्पन्न आपात स्थितियां सामान्य होते ही चुनावी सरगर्मी शुरू हो जाएगी। कांग्रेस को इस बात का अनुमान है कि सितंबर के पहले उपचुनाव के आसार नजर नहीं हैं इसलिए लॉकडाउन के समय का उपयोग हर सीट की राजनीतिक जमावट और संभावित प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा में हो रहा है।



पिछले महीने मप्र में आए सियासी तूफान के बीच शिवराज सिंह, चौथी बार बनें प्रदेश के सीएम।
पिछले महीने मप्र में आए सियासी तूफान और संख्या बल के चलते कांग्रेस की सत्ता पलट के बाद शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार सूबे की कमान संभाल ली है। जिन दो दर्जन सीटों पर उपचुनाव होना है उनमें से 23 पर कांग्रेस काबिज थी, एकमात्र आगर सीट ही भाजपा के पास थी। आगर से निर्वाचित मनोहर ऊंटवाल और जौरा विधायक रहे बनवारी लाल शर्मा के निधन के कारण ये दोनों सीटें रिक्त हुई हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन में 22 कांग्रेस विधायकों ने अपनी विधानसभा सदस्यता छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। अल्पमत में आते ही कमल नाथ सरकार को सत्ता से बेदखल होना पड़ा। कांग्रेस के सामने अब 23 सीटों पर पुन:विजय पताका फहराने की चुनौती है।



उपचुनाव, कमलनाथ के लिये प्रतिष्ठा का प्रश्न।
मध्यप्रदेश में आनें वाले यह उपचुनाव, कमलनाथ के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बनानें वाला है। 40 साल की सियासी यात्रा के दौरान पहली बार कमल नाथ को राजनीतिक शिकस्त खानी पड़ी। इसलिए आगामी उपचुनावों को उन्होंने अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। 



दिग्विजय सिंह, अजय सिंह और अरुण यादव सहित अन्य नेताओं से संभावित प्रत्याशियों के नामों पर हुई चर्चा।
पूर्व सीएम एवं पीसीसी चीफ़ कमलनाथ नें, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व पीसीसी चीफ़ अरुण यादव ,सुरेश पचौरी सहित अन्य नेताओं से विचार-विमर्श कर संभावित प्रत्याशियों के नामों पर भी चर्चा की है। हर सीट पर तीन विधायक और एक वरिष्ठ नेता को तैनात किया जाएगा। मालवा के वरिष्ठ नेता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सदस्य केके मिश्रा को उपचुनाव में मीडिया प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने को कहा गया है। मिश्रा कहते हैं कि भाजपा ने हमारे दगाबाजों को खरीदकर जिस तरह लोकप्रिय सरकार को अपदस्थ किया जनता उसका जवाब चुनाव में देगी।



हम पूरी तैयारी से मैदान में जाएंगे : कमल नाथ।
पूर्व सीएम कमल नाथ ने कहा कि  कोरोना संकट पर नियंत्रण पाना हमारी प्राथमिकता है, इसके बाद सभी 24 सीटों पर हम पूरी तैयारी से चुनावी मैदान में जाएंगे। भाजपा के सियासी खेल की असलियत जनता के सामने रखेंगे। 15 महीने के कार्यकाल की उपलब्धियों और जनमत के साथ ही हुए छल के मुद्दे पर हम पुन: जनता का विश्वास जीतेंगे।

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