Thursday, 30 April 2020

सीधी: राजीव सिंह बघेल को, कांग्रेस सोशल मीडिया एवं आइटी विभाग में प्रदेश सचिव के पद पर किया गया मनोनीत।


सीधी: ममध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलमाथ के नेर्देशानुसार राजीव सिंह बघेल, झलवार, जिला सीधी (मध्यप्रदेश) को सोशल मीडिया एवं आइटी विभाग में प्रदेश सचिव के पद पर मनोनीत किया गया है।

सोशल मीडिया एवं आईटी विभाग के अध्यक्ष अभय तिवारी नें पत्र जारी करते हुये कहा की, आशा है की आप संगठन की अपेक्षा के अनुरुप निष्ठा व लगन से कार्य कर कांग्रेस की विचारधारा को सोशल मीडिया के माध्यम से जन जन तक पंहुचाने का कार्य कर पार्टी को मजबूती पहुंचायेंगे।



बता दें की, राजीव सिंह बघेल सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं एवं कांग्रेस का पक्ष मजबूती से रखतें है, यही वजह है कि उन्हें प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी दी गयी है।

अनूपपुर में कोरोना की दस्तक: 2 व्यक्ति निकले कोरोना पॉज़िटिव, जिला प्रशासन नें की पुष्टि।


  • अनूपपुर में 2 कोरोना पॉज़िटिव व्यक्तियों की पुष्टि। दोनो व्यक्ति आगमन से ही क्वॉरंटीन केंद्र में, आमजनो से नही किया कोई सम्पर्क।
  • कलेक्टर ने आमजनो से की अपील- घबरायें नहीं, सोशल डिस्टेंसिंग एवं कोरोना संक्रमण से सावधानियों का अनिवार्य रूप से पालन करें।

अनूपपुर: देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना का कहर जारी है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ती जा रही है। अगर मध्यप्रदेश के विंध्य क्षेत्र की करें तो अब यहां भी कोरोना का संक्रमण फैलना शुरू हो गया था। रीवा और शहडोल के बाद, आज अनूपपुर में भी 2 कोरोना पॉज़िटिव व्यक्तियों की पुष्टि जिला प्रशासन नें की है।

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अनूपपुर में 2 पॉज़िटिव प्रकरण की पुष्टि हुई है। उल्लेखनीय है कि 27 अप्रैल को जाँच हेतु 20 सैम्पल आईसीएमआर जबलपुर भेजे गए थे, जिनकी जाँच रिपोर्ट 30 अप्रैल को प्राप्त हुई, जिनमे 2 व्यक्ति कोरोना पॉज़िटिव पाए गए हैं।

प्रारम्भिक जाँच में यह तथ्य सामने आयें है कि दोनो ही व्यक्ति बाहर से आए हैं, एक व्यक्ति अहमदनगर महाराष्ट्र से एवं एक व्यक्ति भोपाल से अनूपपुर आया  है। आने के बाद से ही ये दोनो व्यक्ति क्वॉरंटीन केंद्र में हैं।

कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर ने बताया कि दोनो ही व्यक्तियों ने अनूपपुर आने पर ज़िम्मेदारी निभाते हुए सर्वप्रथम प्रशासन को सूचित किया, जहाँ पर उन्हें प्रारम्भिक जाँच कर क्वॉरंटीन केंद्र में रखा गया एवं सैम्पल जाँच के लिए भेजे गए। प्रारम्भिक जाँच के अनुसार इन व्यक्तियों का ज़िले में आमजनो से कोई सम्पर्क नही रहा।

उक्त दोनों कोरोना पॉज़िटिव व्यक्तियों को ज़िला चिकित्सालय के आइसोलेशन वार्ड मे शिफ्ट कर दिया गया है एवं निर्धारित प्रोटोकॉल एवं दिशानिर्देशों के अनुरूप कार्यवाही की जा रही है। वर्तमान में दोनो ही कोरोना पॉज़िटिव व्यक्तियों का स्वास्थ्य स्थिर है।

जिला प्रशासन नें आमजनो से अपील की है कि घबरायें नहीं एवं शासन द्वारा दिए गए निर्देश का अनुपालन करें। कोरोना से लड़ाई में हर एक नागरिक का ज़िम्मेदार आचरण आवश्यक है।

मुकुल वासनिक को प्रदेश कांग्रेस प्रभारी बनाये जानें का, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें किया स्वागत।


भोपाल: कांग्रेस नें मध्यप्रदेश में बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुये दीपक बावरिया का मध्यप्रदेश कांग्रेस, प्रदेश प्रभारी पद से इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। साथ ही कांग्रेस ने उनकी जगह मुकुल वासनिक को मध्यप्रदेश कांग्रेस का कार्यवाहक प्रभार सौंपा है। फिलहाल वासनिक केरल , तमिलनाडु और पंडुचेरी का प्रभार संभाले हुए है।



हला की बावरिया के इस्तीफे की वजह उनकी बीमारी को बताया गया है। साथ ही पार्टी नें उनके अबतक के योगदान के लिए आभार जताया है। लेकिन खबरों की मानें तो सिंधिया से नजदीकियों के चलते बावरिया को हटाया गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में गलत मैसेज ना जाए इसलिए उनसे इस्तीफा के लिये कहा गया।



पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें मुकुल वासनिक को कांग्रेस का प्रभारी महासचिव बनाये जानें का किया स्वागत।
मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय सिंह नें मुकुल वासनिक को प्रदेश कांग्रेस का प्रभारी महासचिव बनाये जानें का स्वागत करते हुये उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।


आइये जानतें हैं, कौन हैं मुकुल वासनिक?
मुकुल वासनिक महाराष्ट्र से कांग्रेस के सीनियर नेताओं में से एक हैं। मुकुल वासनिक कांग्रेस के बड़े नेता और तीन बार के सांसद बालकृष्णा वासनिक के बेटे हैं। बालकृष्ण वासनिक कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में से रहे हैं। मुकुल वासनिक ने कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे रखी हैं और वह कांग्रेस पार्टी का एक चर्चित चेहरा हैं।



उन्होंने बेहद ही छोटी से आयु में राजनीति में कदम रखा था और आज वह एक प्रसिद्ध नेता के तौर पर जाने जाते हैं। मुकुल वासनिक लंबे समय से कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए हैं। मुकुल वासनिक तीन बार सांसद रहे चुके हैं। वह पहली बार 1984-1989 में लोकसभा के सांसद बने थे। इसके बाद इन्होंने साल 10 वीं और 12 वीं लोकसभा का चुनाव लड़ा था और जीतकर फिर से सांसद बनें थे।

कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पद से दीपक बावरिया का इस्तीफ़ा मंजूर, सिंधिया से नजदीकियों को माना जा रहा है वजह।


भोपाल: कांग्रेस नें अब मध्यप्रदेश में संगठनात्मक बदलाव चालू कर दिया है। इसी कड़ी में आज दीपक बावरिया का मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के पद से इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। कांग्रेस ने उनकी जगह मुकुल वासनिक को मध्यप्रदेश कांग्रेस का कार्यवाहक प्रभार सौंपा है। फिलहाल वासनिक केरल , तमिलनाडु और पंडुचेरी का प्रभार संभाले हुए है।

हला की बावरिया के इस्तीफे की वजह उनकी बीमारी को बताया गया है। साथ ही पार्टी नें उनके अबतक के योगदान के लिए आभार जताया है। लेकिन खबरों की मानें तो सिंधिया से नजदीकियों के चलते बावरिया को हटाया गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में गलत मैसेज ना जाए इसलिए उनसे इस्तीफा के लिये कहा गया।

बाबरिया सिंधिया के समर्थन में हमेशा देते रहें हैं बयान।
2018 के विधानसभा चुनाव में बावरिया को प्रदेश प्रभारी बनाकर मध्यप्रदेश भेजा गया था। बावरिया को राहुल गांधी का करीबी माना जाता है। बावरिया अपनें विवादास्पद बयानों की वजह से भी चर्चा में रहें हैं। हालात तो यहां तक पहुंच गये थे की, कार्यकर्ताओं नें उनके साथ धक्का मुक्की भी कर दी थी। बाद में राहुल गांधी को हस्तक्षेप करना पड़ा था।

बावरिया के बयान सियासी गलियारों में कांग्रेस की जमकर किरकिरी करवाते रहे हैं। हाल ही में जब कमलनाथ सरकार पर संकट गहराया था तब उनकी सिंधिया से नजदीकियों की चर्चाएं जोरों पर रही। कई बार उन्होंने सिंधिया के समर्थन मे बयान दिया था। वही सिंधिया के बीजेपी का दामन थामने के बाद भी बावरिया की उनसे नजदीकियों की खबरें हाईकमान तक पहुंची थी। बताया जा रहा है इन्ही सब दवाबों के चलते उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

आइये जानतें हैं, कौन हैं मुकुल वासनिक?
मुकुल वासनिक महाराष्ट्र से कांग्रेस के सीनियर नेताओं में से एक हैं। मुकुल वासनिक कांग्रेस के बड़े नेता और तीन बार के सांसद बालकृष्णा वासनिक के बेटे हैं। बालकृष्ण वासनिक कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में से रहे हैं। मुकुल वासनिक ने कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे रखी हैं और वह कांग्रेस पार्टी का एक चर्चित चेहरा हैं।

उन्होंने बेहद ही छोटी से आयु में राजनीति में कदम रखा था और आज वह एक प्रसिद्ध नेता के तौर पर जाने जाते हैं। मुकुल वासनिक लंबे समय से कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए हैं। मुकुल वासनिक तीन बार सांसद रहे चुके हैं। वह पहली बार 1984-1989 में लोकसभा के सांसद बने थे। इसके बाद इन्होंने साल 10 वीं और 12 वीं लोकसभा का चुनाव लड़ा था और जीतकर फिर से सांसद बनें थे।


पूर्व मंत्री स्व. इन्द्रजीत पटेल की माँ का निधन, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें दुख व्यक्त करते हुये कहा- मुझे हमेशा उनका आशीर्वाद मिलता रहा है।


सीधी: मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे स्वर्गीय इंद्रजीत कुमार पटेल की माता एवं पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल की दादी श्रीमती रघुनाथिया देवी का आज सुबह उनके गृह ग्राम सुपेला में निधन हो गया। उनकी उम्र करीब 101 वर्ष के आसपास बताई गई है।



पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें जताया दुख।
मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें स्व. इन्द्रजीत पटेल के माँ के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुये कहा- " पूर्व मंत्री स्वर्गीय श्री इन्द्रजीत पटेल की माताजी और श्री कमलेश्वर पटेल की दादीजी श्रीमती रघुनाथिया देवी का आज सबेरे गृह ग्राम सुपेला जिला सीधी में दुखद निधन हो गया है। मैं जब भी सुपेला जाता था तो उनसे भेंट अवश्य करता था।मुझे हमेशा उनका  आशीर्वाद और स्नेह मिलता रहा। परम पिता परमात्मा उनकी आत्मा को शांति दे और अपने श्रीचरणों में स्थान दे | ॐ शांति |

अभिनेता ऋषि कपूर का 67 साल की उम्र में निधन, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें जताया दुख।


मुंबई: भारतीय सिनेमा के मशहूर अभिनेता ऋषि कपूर का 67 साल की उम्र में निधन हो गया है। कल रात खबर आई थी कि सांस लेने में परेशानी के कारण ऋषि कपूर को एचएन रिलाइंस फाउंडेशन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। सुबह में अमिताभ बच्चन ने ट्वीट कर जानकारी दी कि ऋषि कपूर का निधन हो गया है। मैं टूट चुका हूं।  

ऋषि कपूर का साल 2018 में कैंसर का इलाज चला और वे करीब एक साल से ज्यादा वक्त न्यूयॉर्क में रहे, जहां पर उनका इलाज किया गया। उनके साथ उनकी पत्नी और अभिनेत्री नीतू सिंह थी। फरवरी में स्वास्थ्य कारणों के चलते ऋषि कपूर को दो बार अस्पताल में भर्ती कराया गया था।



29 अप्रैल को हिंदी सिनेमा ने एक्टर इरफान खान को खोया था।अब इरफान के निधन के 1 दिन बाद 30 अप्रैल को ऋषि कपूर अलविदा कह गए। एक के बाद एक, दो दिग्गज अभिनेताओं को गवां देना फिल्म इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ा झटका है। ऋषि कपूर के निधन से देश में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। सोशल मीडिया पर सेलेब्स और फैंस एक्टर के निधन पर शोक जता रहे हैं।



पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें जताया दुख।
मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें ऋषि कपूर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुये कहा- " मशहूर फिल्म अभिनेता श्री ऋषि कपूर के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है । वे एक बेहतरीन कलाकार थे । यह फ़िल्म जगत के अपूरणीय क्षति है। दिवंगत आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि । परमात्मा उन्हें शांति प्रदान करे"।

VIDEO: कटनी में कोरोना ने दी दस्तक, जिला अस्पताल में भर्ती महिला निकली कोरोना पॉजिटिव।


कटनी: देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना का कहर जारी है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। चिंता की बात ये है की, अब कोरोना मध्यप्रदेश के उन जिलों में भी दस्तक देना चालू कर दिया जो अभी तक कोरोना के संक्रमण से अछूते थे। रीवा एवं शहडोल में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलनें के बाद अब कटनी में भी कोरोना नें दस्तक दे दी है।



कटनी में पहला कोरोना पॉजिटिव केस सामने आया है।सिहोरा ग्रामीण अंचल से आई हुई एक महिला जिला अस्पताल में पिछले तीन दिन से भर्ती थी। खून की कमी के चलते खून चढ़ाने के दौरान हुई जांच के बाद आई रिपोर्ट के महिला के कोरोना पॉजिटिव होने की बात सामने आई है। यह महिला जिला अस्पताल में 3 दिनों से भर्ती थी।



देखिये वीडियो, कटनी सिविल सर्जन नें क्या कहा 👇

Wednesday, 29 April 2020

शहडोल: 60 वर्षीय महिला की रिपोर्ट निकली कोरोना पॉजीटिव, मरीजों की संख्या बढ़कर तीन तक पहुंची।


शहडोल: देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना का कहर जारी है। अब मध्यप्रदेश के विंध्य क्षेत्र में भी कोरोना नें अपनें पांव पसारना शुरु कर दिया है। शहडोल में एक और मरीज की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आयी है। अब शहडोल में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या तीन हो गयी है। दो लोग पहले ही कोरोना पॉजिटिव पाये जा चुकें हैं।

शहडोल में एक और कोरोना पॉजीटिव मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग और अलर्ट हो गया है। आज एक महिला कोरोना पॉजिटिव पायी गयी, जो सागर जिले से ब्यौहारी के ओदारी में आई थी। महिला का स्क्रीनिंग करने के बाद उसमें कोरोना के संभावित लक्षण पाये जाने पर 26 अप्रैल को उसका सैंपल लेकर जांच के लिए जबलपुर भेजा गया था। जबलपुर से 29 अप्रैल को महिला की सैंपल रिपोर्ट कोरोना पॉजीटिव निकली है। 

महिला का सैंपल लेने के बाद उसे उसके घर में ही होम क्वारेंटाइन कर दिया गया था। महिला के साथ सागर से आए अन्य लोगों को भी स्क्रीनिंग करने के बाद होम क्वारेंटाइन में रहने को कहा गया। महिला सागर से बस से ब्यौहारी आई थी। इसके साथ बस में लगभग तीन दर्जन लोग सवार थे। बस से ब्यौहारी में उतरने के बाद महिला में संभावित लक्षण पाए जाने के बाद सका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था। 

गांव में महिला के संपर्क में आने वाले लोगों की संख्या लगभग 30 के आसपास है। ओदारी से 60 वर्षीय महिला के कोरोना पॉजीटिव मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के साथ प्रशासन भी हरकत में आ गया है। प्रशासन ने ओदारी की बाहरी सीमा को सील कर दिया है। इसके साथ ही महिला के परिजनों को तत्काल क्वारेंटाइन कर दिया गया है। साथ ही गांव में रहने वाले सभी ग्रामीणों को भी होम क्वारेंटाइन कर दिया गया है। इसके साथ ही महिला के साथ सागर से आने वाले लोगों की भी स्वास्थ्य विभाग डिटेल चेक रहा है।

केंद्र सरकार की गाइडलाइन: देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों एवं छात्रों को उनके घर जाने की मंजूरी।


  • गृह मंत्रालय ने राज्यों को 6 प्वाइंट की गाइड लाइन जारी कर कहा- घर भेजने से पहले मजदूरों-छात्रों और पर्यटकों की जांच हो, अगर उनमें कोरोना वायरस संक्रमण का कोई लक्षण नहीं पाया जाए तो उन्‍हें जाने की अनुमति दी जाए।

नई दिल्ली: देशभर में कोरोना का कहर जारी है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ती जा रही है। जिसे देखते हुए कोरोना के संक्रमण के रोकथाम के लिये देशभर में 3 मई तक का लॉकडाउन किया गया है। ऐसे में सबसे बड़ी समस्या प्रवासी मजदूरों के साथ ये है की वो दूसरे राज्यों में फसें हैं और अपनें घर नही जा पा रहें है। लेकिन अब  देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों और छात्रों के किये एक राहत भरी खबर है। 



केंद्र सरकार ने बुधवार को लॉकडाउन के 35 दिनों बाद प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए प्रवासी मजदूर, छात्र और पर्यटक अपने घरों को जा सकते हैं। इसके लिए राज्य सरकारें बसों का इंतजाम करेंगी। गृह मंत्रालय ने इसका आदेश बुधवार को जारी कर दिया है। मंत्रालय ने 6 प्वाइंट्स की गाइडलाइन राज्यों को भेजी है। इसमें बताया गया है कि कैसे सरकारें इन फंसे हुए लोगों को उनके घर तक पहुंचाने का काम कर सकती हैं। 



गृह मंत्रालय ने राज्यों के लिए 6 प्वाइंट की गाइडलाइन जारी की है।

  • सभी राज्य और केंद्र शासित राज्य सरकारें मजदूरों, छात्रों और पर्यटकों को घर भेजे जाने के लिए नोडल अथॉरिटी गठित करें। यही अथॉरिटी अन्य राज्य सरकारों के साथ बातचीत करके फंसे हुए लोगों को भेजने और उन्हें वापस बुलाने का काम करेगी। अथॉरिटी की जिम्मेदारी होगी कि वह फंसे हुए लोगों का रजिस्ट्रेशन कराएं।
  • अगर कहीं पर कोई समूह फंसा हुआ है और वह अपने मूल निवास स्थान जाना चाहता है तो राज्य सरकारें आपसी सहमति के साथ उन्हें छूट दे सकतीं हैं।
  • फंसे हुए लोगों की पूरी तरह से मेडिकल जांच होगी। बगैर लक्षण वाले को ही यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी।
  • जिस बस में लोगों को ले जाने की व्यवस्था होगी उसे पूरी तरह से सैनिटाइज कराया जाएगा और अंदर भी लोगों को बैठाने में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन कराया जाएगा।
  • राज्य सरकारें फंसे हुए लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए खुद रूट तय करेंगी।
  • घर पहुंचते ही लोगों की जांच होगी। इसके बाद सभी को 14 दिनों का होम क्वारैंटाइन में रहना होगा। इस बीच लोगों को अपने मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु ऐप हमेशा ऑन रखना होगा ताकि उन्हें ट्रेस किया जा सके।

गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइंस के मुताबिक अगर किसी राज्‍य में फंसा कोई व्‍यक्ति दूसरे राज्‍य में जाना चाह रहा है तो इसके लिए दोनों राज्‍यों की सरकारें आपस में बातचीत करके उपयुक्‍त कदम उठाएं। लोगों को सड़क के रास्‍ते ले जाया जाए। लोगों को भेजने से पहले सभी की मेडिकल जांच (स्‍क्रीनिंग) की जाए। अगर कोरोना वायरस संक्रमण का कोई लक्षण नहीं पाया जाए तो उन्‍हें जाने की अनुमति दी जाए।

VIDEO: इरफ़ान खान के निधन पर उनके साथी अभिनेता अरुणोदय सिंह नें जताया दुख, कहा- मेरा सौभाग्य की मुझे उनके साथ काम करनें का मिला मौका।


मुंबई: अभिनेता इरफ़ान खान का मुंबई के एक अस्पताल में बुधवार यानी आज निधन हो गया। वह 53 साल के थे और लंबे समय से एक दुलर्भ किस्म के कैंसर से जूझ रहे थे। इरफान को 2018 में न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर हुआ था। उनके परिवार में पत्नी सुतापा और दो बेटे बाबिल और अयान हैं। इरफ़ान खान के निधन पर उनके साथी अभिनेता अरुणोदय सिंह नें गहरा दुख व्यक्त किया है।

क्या कहा? अरुणोदय सिंह नें।
अरुणोदय सिंह नें इरफ़ान खान को याद करते हुये कहा की, यह मेरा सौभाग्य है की मुझे उनके साथ एक नही दो दो फिल्मों में काम करनें का मौका मिला। गौरतलब है की, अरुणोदय सिंह नें अपनें शुरुआती दौर में "ये साली जिन्दगी" जैसी सुपरहिट फिल्म में इरफ़ान खान के साथ काम किया था। बाद में उन्होनें इरफ़ान खान के साथ दुबारा "ब्लैकमेल" फिल्म में काम किया था। अरुणोदय सिंह नें आगे बोलते हुये कहा की, इरफ़ान खान एक बेहतरीन अभिनेता थे। उन्होनें भारतीय सिनेमा को एक नया आयाम दिया है। साथ ही अरुणोदय सिंह नें एक मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को को श्रद्धांजलि दी।



गौरतलब है की, खान को मलाशय संक्रमण के कारण मंगलवार को कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में आईसीयू में भर्ती कराया गया था। उनके निधन के संबंध में जारी बयान में कहा गया है, 'यह काफी दुखद है कि आज हमें उनके निधन की खबर बतानी पड़ रही है। इरफान एक मजबूत इंसान थे, जिन्होंने अंत तक लड़ाई लड़ी और अपने संपर्क में आने वाले हर शख्स को प्रेरित किया। 2018 में एक दुर्लभ किस्म का कैंसर होने के बाद उन्होंने उससे लड़ाई लड़ी और जीवन के हर मोर्चे पर उन्होंने संघर्ष किया।'

देखें वीडियो, अरुणोदय सिंह नें क्या कहा👇


अभिनेता इरफ़ान खान का मुंबई में निधन, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें जताया दुख।


मुंबई / भोपाल: अभिनेता इरफ़ान खान का मुंबई के एक अस्पताल में बुधवार यानी आज निधन हो गया। वह 53 साल के थे और लंबे समय से एक दुलर्भ किस्म के कैंसर से जूझ रहे थे। इरफान को 2018 में न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर हुआ था। उनके परिवार में पत्नी सुतापा और दो बेटे बाबिल और अयान हैं। 



चार दिन पहले ही जयपुर में इरफ़ान की माँ सईदा बेगम का हुआ था निधन।
परिवार को एक सप्ताह में लगा यह दूसरा झटका है। 'मकबूल' अभिनेता की 95 वर्षीय मां सईदा बेगम का चार दिन पहले ही जयपुर में निधन हुआ था। अभिनेता कोरोना वायरस से निपटने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए थे।



इरफान ने देश में ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपने अभिनय से सबका दिल जीता।
इरफान खान ने केवल देश में ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपने अभिनय का लोहा मनवाते हुये लोंगों का दिल जीत लिया था। खान को मलाशय संक्रमण के कारण मंगलवार को कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में आईसीयू में भर्ती कराया गया था। उनके निधन के संबंध में जारी बयान में कहा गया है, 'यह काफी दुखद है कि आज हमें उनके निधन की खबर बतानी पड़ रही है। इरफान एक मजबूत इंसान थे, जिन्होंने अंत तक लड़ाई लड़ी और अपने संपर्क में आने वाले हर शख्स को प्रेरित किया। 2018 में एक दुर्लभ किस्म का कैंसर होने के बाद उन्होंने उससे लड़ाई लड़ी और जीवन के हर मोर्चे पर उन्होंने संघर्ष किया।'



पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें जताया दुख।
मध्यप्रदेश प्रदेश विधनसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें अभिनेता इरफ़ान खान के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुये कहा- "बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता श्री इऱफान खान के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है । वे एक  बहुमुखी प्रतिभा के धनी और जीवंत अभिनेता थे । उनके निधन से फ़िल्म जगत को अपूरणीय क्षति हुई है । ईश्वर उनकीआत्मा को शांति प्रदान करे"।

ई-पास के नियमों में बदलाव, अब देश के किसी भी हॉटस्पॉट जिले से मध्यप्रदेश आने के लिए नहीं बनेगा पास।


भोपाल: देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना का कहर जारी है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में देशभर में 3 मई तक का लॉकडाउन है। लॉकडाउन की वजह से लोग अपने-अपने घरों में कैद है। मध्यप्रदेश सरकार ने दूसरे राज्यों में फंसे अपने नागरिकों और प्रदेश के अन्य जिलों में फंसे लोगों को उनके घर पहुंचाने के लिए ई-पास की सुविधा उपलब्ध कराई है। लेकिन अब इस ई-पास के नियमों में बदलाव किया गया है। मंगलवार को ई-पास सुविधा के लिए नया नियम जारी कर दिया गया है।



क्या है? नया नियम।
दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को अब आने-जाने का ई-पास एक साथ मिलेगा। अभी तक आने के लिए अलग और जाने के लिए अलग ई-पास बनता था। हला कि अब देश के किसी भी हॉटस्पॉट जिले से मध्यप्रदेश आने के लिए पास नहीं बनेगा। प्रदेश में आने या जाने के लिए ई-पास तभी बनेगा जब पास बनवाने वाले के पास खुद का वाहन होगा। इंदौर, भोपाल और उज्जैन में केवल मौत या मेडिकल इमरजेंसी पर ही अनुमति दी जाएगी।



अभी तक ये था नियम।
अभी तक ई-पास के लिए सभी आवेदन कर सकते थे। इसके लिए यह लोग अपने साधनों से या साधन की व्यवस्था कर प्रदेश में या प्रदेश के बाहर अपने घर जा सकते थे। उन्हें आने-जाने के लिए ई-पास मिल जाएगा। इसे सिर्फ मोबाइल में ही दिखाकर आप अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं।



ई-पास के लिये ऐसे करें अप्लाई।
अगर आप ई-पास की सुविधा लेना चाहते हैं तो आप अपना आवेदन https://mapit.gov.in/covid-19/ पर कर सकते हैं। इस फार्म में आप अपना मोबाइल नंबर डालकर लॉगिन कर सकते हैं। इसी प्रकार प्रदेश के बाहर रुके लोग अपने संसाधन से यदि प्रदेश में आना चाहते हैं तो वे भी उक्त पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा वे जिस जिले में वापस आ रहे हैं उस जिले के अधिकारी की ओर से ई-पास जारी किया जा सकेगा।

बुरहानपुर में भी कोरोना की दस्तक, विधायक सुरेन्द्र सिंह "शेरा" होम क्वारंटाइन में।


बुरहानपुर: देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना का कहर जारी है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।अब मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में कोरोना वायरस नें दस्तक दे दी है। प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव को ध्यान में रखते हुए लगातार विभिन्न क्षेत्रों को सेनेटाईज किया जा रहा है। सोमवार रात को आई सैंपलों की रिपोर्ट में दाउदपुरा निवासी एक व्यक्ति की कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जिसका फिलहाल इंदौर में इलाज चल रहा है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना पॉजिटिव मरीज के परिजनों सहित अन्य लोगो के सैंपल लेकर जांच के लिये भेज दिये गयें हैं, साथ ही परिजनों को क्वारंटाइन किया गया है।बुरहानपुर जिले के दाऊदपुरा वार्ड के काली फाटक क्षेत्र को कंटेनमेंट ऐरिया घोषित किया गया है।

नगर निगम बुरहानपुर द्वारा जिला कलेक्टर राजेश कुमार कौल के निर्देशानुसार सोडियम हाईड्राक्लोराइड का छिड़काव कर सेनेटाईज किया गया है साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में सर्वे कार्य भी किया जा रहा है।

विधायक सुरेन्द्र सिंह शेरा, हुए क्वारंटाइन।
जिले में कोरोना पॉजिटिव केस मिलने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से निर्दलीय विधायक ठा.सुरेंद्र सिंह शेरा भी होम क्वारेंटाइन हो गए है। मंगलवार स्वास्थ्य विभाग द्वारा विधायक निवास के बाहर क्वारंटाइन का भी बोर्ड लगाया गया है, जिसमे उनके 14 दिन के होम क्वारंटाइन का निर्देश है। इसकी पुष्टि जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. शकील खान ने भी कर दी है।

Tuesday, 28 April 2020

सीधी: अन्य प्रदेशों में फसें श्रमिकों को वापस लाने के लिए समन्वय अधिकारी नियुक्त, संपर्क हेतु फोन नंबर जारी।


सीधी: देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना का कहर जारी है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ती जा रही है। मध्यप्रदेश का विंध्य क्षेत्र भी अब कोरोना के चपेट में आ चुका हैं। विंध्य क्षेत्र के रीवा में 2 एवं शहडोल में भी 2 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल चुकें हैं। कोरोना की रोकथाम के लिये देश सहित मध्यप्रदेश मे भी 3 मई तक लॉकडाउन किया गया है।

ऐसे में प्रदेश के कई मजदूर दूसरे राज्यों में फसें हुये है, जिनको वापस लानें का फ़ैसला प्रदेश सरकार कर चुकी है। जिसको देखते हुये सीधी जिला प्रशासन नें जिले के विभिन्न राज्यों में फसे मजदूरों को वापस लाने हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त कर संपर्क हेतु मोबाइल नंबर जारी किया है।

लॉकडाउन के कारण अन्य राज्यों में फसें जिले के मजदूरों को वापस लाने एवं उनको गंतव्य स्थान तक पहुंचाने तथा संपर्क हेतु राज्यवार नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। जिले में जिला स्तरीय प्रबंधन टीम गठित कर दायित्व सौपें गए है।

विभिन्न राज्यों में सीधी जिले के फ़ंसे मजदूरों की वापसी हेतु, जिला स्तरीय प्रबंधन टीम। 👇





विभिन्न राज्यों में सीधी जिले के फ़ंसे मजदूरों की वापसी हेतु, राज्यवार नोडल अधिकारी 👇



सतना: दूसरे राज्यों में फसें मजदूरों को वापस लाने हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त, संपर्क हेतु मोबाइल नंबर जारी।


सतना: देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना का कहर जारी है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ती जा रही है। मध्यप्रदेश का विंध्य क्षेत्र भी अब कोरोना के चपेट में आ चुका हैं। विंध्य क्षेत्र के रीवा में 2 एवं शहडोल में भी 2 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल चुकें हैं। कोरोना की रोकथाम के लिये देश सहित मध्यप्रदेश मे भी 3 मई तक लॉकडाउन किया गया है।



ऐसे में प्रदेश के कई मजदूर दूसरे राज्यों में फसें हुये है, जिनको वापस लानें का फ़ैसला प्रदेश सरकार कर चुकी है। जिसको देखते हुये सतना प्रशासन नें जिले के विभिन्न राज्यों में फसे मजदूरों को वापस लाने हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त कर संपर्क हेतु मोबाइल नंबर जारी किया है।



लॉकडाउन के कारण अन्य राज्यों में फसें जिले के मजदूरों को वापस लाने एवं उनको गंतव्य स्थान तक पहुंचाने तथा संपर्क हेतु राज्यवार नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। जिले में जिला स्तरीय प्रबंधन टीम गठित कर दायित्व सौपें गए है।



सीधी: लाक डाउन के निर्देशों का उल्लंघन करने पर, 13 प्रतिष्ठानों के विरूद्ध की गयी कार्यवाही।


सीधी: एसडीएम गोपद बनास नीलांबर मिश्रा के नेतृत्व में आज दिनांक 28.04.2020 (मंगलवार) को निरीक्षण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन और धारा 144 के अंतर्गत प्रसारित नियमों के उल्लंघन होने के कारण 13 प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए कुल 18 हजार रुपए का जुर्माना वसूल करते हुए रेड क्रॉस सीधी इकाई में जमा कराया गया।

तहसीलदार लक्ष्मीकांत मिश्रा, नायब तहसीलदार सौरव मिश्रा, टीआई सिटी कोतवाली, राजस्व निरीक्षक गिर्द प्रथम के संयुक्त दल द्वारा कार्यवाही करते हुए चौरसिया किराना स्टोर, ओम ट्रेडर्स, अभिमन्यु स्टोर, गुप्ता स्टोर, आशीष किराना स्टोर, शुभम किराना स्टोर, शीतल गुप्ता किराना स्टोर, कोमल चंद किराना स्टोर, विनीत गुप्ता  किराना स्टोर सहित कुल 13 प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्यवाही की गयी है। 

एसडीएम गोपद बनास श्री मिश्रा ने सभी नागरिकों एवं दुकान संचालकों से अपील की है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) से संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन और धारा 144 के अंतर्गत प्रसारित नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रशासन द्वारा कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा निर्देशों के पालन हेतु कड़ाई से कार्यवाही की जा रही है। आज दिनांक तक कुल 75 हजार रुपए का जुर्माना वसूल करते हुए रेड क्रॉस सीधी इकाई में जमा कराया गया है।

'त्रिकुट चूर्ण' काढ़ा के पैकेट पर सीएम शिवराज सिंह के फ़ोटो लगें होनें पर खड़ा हुआ विवाद, विवेक तनखा नें उठाये सवाल।


भोपाल: देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना का कहर जारी है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ती जा रही है। जिसे देखते हुये मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार नें एक करोड़ लोगों को मुफ्त में विशेष 'त्रिकुट चूर्ण' काढ़ा वितरित करनें का फ़ैसला लिया था। जिसका मकसद लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ानें का था। लेकिन अब त्रिकुट चूर्ण' काढ़ा के वितरित करनें से जुड़ा हुआ एक विवाद खड़ा हो गया है।



क्या है, मामला।
सरकार नें लोगों को मुफ्त में विशेष 'त्रिकुट चूर्ण' काढ़ा वितरित करनें के लिये जो पैकेट बनवाये हैं, उन पैकेटों में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की फ़ोटो लगी हुई है। जिसको देखते हुये कांग्रेस शिवराज सरकार पर हमलावर हो गयी है। कांग्रेस का कहना हैं की आप सरकारी पैक्स में आप किसी का चित्र नही लगा सकते, यह दंडनीय अपराध है।



राज्यसभा सांसद एवं कांग्रेस नेता विवेक तनखा नें उठाये सवाल।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद विवेक तनखा नें त्रिकुट चूर्ण' काढ़ा के पैकेट पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के फ़ोटो लगे होनें पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुये ट्वीट कर कहा- 
"माफ़ करिए शिवराज जी। कोरोना के इस जंग में आप का चित्र गवर्न्मंट पैक्स में देना बहुत ग़लत मेसिज है। सरकारी पैक्स में ऐसा करना दंडनीय अपराध। क्या आप के अनुमति से हुआ है ! नहीं तो जिस अधिकारी के आदेश से हुआ है उसे दंडित करे"।


जीवन अमृत योजना के अंतर्गत काढ़े के पैकेट तैयार कर मुफ्त में वितरित करनें की है योजना।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया था की, ''जीवन अमृत योजना के अंतर्गत आयुष विभाग के सहयोग से मध्‍यप्रदेश लघु वनोपज संघ द्वारा इस काढ़े के 50-50 ग्राम के पैकेट तैयार किए गए हैं। ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में लगभग एक करोड़ व्‍यक्तियों को यह काढ़ा मुफ्त में वितरित किया जा रहा है।''

उन्होंने कहा था की, '' कोरोना वायरस संकट के इस दौर में यह आवश्‍यक है कि हर व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्‍छी रहे, जिससे यह वायरस हमें प्रभावित नहीं कर पाए, हम ऐसे प्रयास करें, जिससे कोरोना हो ही नहीं।''

चौहान ने कहा था की ,'' हमारे ऋषियों एवं वैद्यों ने आयुर्वेद में ऐसी औषधियां बनाई हैं, जिनसे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और हम स्‍वस्‍थ्‍य रहते हैं. हमारे आयुष विभाग द्वारा तैयार किया गया विशेष 'त्रिकुट चूर्ण' काढ़ा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में अत्‍यधिक कारगर है। इसे प्रतिदिन तीन से चार बार पिएं।''

रीवा: कोरोना का कहर बढ़ता हुआ, डॉ. सिंघल के दो पारिवारिक सदस्य भी निकले कोरोना पॉजिटिव।


रीवा: देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना का कहर जारी है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। साथ ही कोरोना अब मध्यप्रदेश के विंध्य क्षेत्र में भी पांव पसारने लगा है।  कल शहडोल में दो मजदूरों के कोरोना पॉजिटिव निकलनें के बाद अब खबर है की, पिछले दिनों कोरोना पॉजिटिव निकले रीवा के मशहूर चिकित्सक डॉ. राजेश सिंघल के दो पारिवारिक सदस्य भी कोरोना पॉजिटिव निकलें हैं। हला की, बीते कल डॉक्टर सिंघल की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आयी थी।

रीवा से यह खबर आ रही की, डॉ राजेश सिंहल के संपर्क में आएं दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सोमवार तक चिकित्सक के बेटा-बेटी समेत 34 लोगों की जांच कराई गई थी। जिसमें अभी कई लोगों की रिपोर्ट आना बांकी है। सीएमएचओ आरएस पाण्डेय के अनुसार डॉ. सिंहल के संपर्क में आए 34 लोगों की कोरोना जांच की गई थी। जिसमें से दो की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई है।



डॉक्टर सिंघल के दो पारिवारिक सदस्यों का कोरोना पॉजिटिव निकलना मतलब अभी रीवा में कोरोना के संक्रमण का खतरा बरकरार है। साथ ही डॉक्टर सिंघल के सम्पर्क में सीधी और सतना के कुछ लोग भी सम्पर्क में आये थे, जिनकी लिस्ट पहले ही जारी हो चुकी है और प्रशासन सतर्क हो गया है।



गौरतलब है कि, डॉक्टर राजेश सिंघल कैंसर से पीड़ित थे, जिसके इलाज के लिये वो 22 फरवरी को दिल्ली गये हुये थे। लेकिन उनका स्वास्थ्य ठीक ना होनें की वजह से डॉक्टरों नें उनकी कीमोथेरेपी करनें से मना कर दिया था। अब अंदाजा यह लगाया जा रहा की, इसी बीच उनके कोरोना संक्रमित डॉक्टरों के सम्पर्क में आनें से उन्हें कोरोना का संक्रमण लगा।

डॉक्टर सिंघल 13 अप्रैल को दिल्ली से रीवा लौट आये थे, इस दौरान उनकी कई लोगों से मुलाकात भी हुई। जिसमें रीवा के कई डॉक्टर भी शामिल है। इसके बाद डॉक्टर सिंघल 22 अप्रैल लो फिर दिल्ली लौट गये, जहां जांच के बाद वो कोरोना पॉजिटिव पाये गये। फिलहाल उनका इलाज दिल्ली में ही चल रहा।

हला की, बीते कल डॉक्टर सिंघल की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आयी थी जिसकी वजह से विंध्यवासियों के साथ साथ प्रशासन नें भी थोड़ी राहत की सांस ली थी। लगा था की रीवा अभी भी ग्रीन ज़ोन में ही रहेगा, लेकिन अब डॉक्टर सिंघल के दो सदस्यों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आनें से एक बार फिर चिंता की लकीरें खिंच गयी है।

Monday, 27 April 2020

शहडोल में कोरोना की दस्तक: दो मजदूर मिले कोरोना पॉजिटिव, क्वारंटाइन सेंटर से छुट्टी होने के बाद आई रिपोर्ट।


शहडोल: देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना का कहर जारी है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ रही है। लेकिन इन सब के बीच भी मध्यप्रदेश का रीवा एवं शहडोल संभाग अभी तक प्रत्यक्ष रूप से कोरोना से अछूता था। लेकिंन अब खबर यह है की शहडोल में दो कोरोना पॉजिटिव मिल चुकें हैं।

जी हां, शहडोल में दो कोरोना पॉजीटिव मजदूर मिल गए हैं। दोनों मजदूर महाराष्ट्र, अहमदनगर, एवं विदिशा से आए थे। हला की वहां से आने के बाद इन मजदूरों को गोहपारू एवं झींक बिजुरी में क्वारंटाइन किया गया था। मजदूरों को 14 दिन क्वारंटाइन में रखने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था। इस दौरान उनकी स्क्रीनिंग करने के बाद उनमें कोरोना के संभावित लक्षण पाए जाने पर उनका सैंपल जबलपुर जांच के लिए भेजा गया था। 

लेकिन सैंपल रिपोर्ट आने से पहले ही मजदूरों को 14 दिन क्वारंटाइन सेंटर में रखने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था। इसके बाद मजदूरों की कोरोना पॉजीटिव रिपोर्ट आई है। जिसके बाद से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। ऐसे में अब चिंता की बात ये है की, ये दोनों मजदूर क्वारंटाइन से निकलनें के बाद कहां कहां गये और किन लोंगों से मिले। ऐसे में अब संक्रमण का खतरा और भी बढ़ गया है।

ये मजदूर जिन जगहों पर गए होंगे, वहां भी कोरोना फैलने का डर बना रहेगा। गौरतलब है की शहडोल से अब तक 90 संदिग्ध लोगों की जांच के बाद सैंपल लेकर जबलपुर जांच के लिए भेजा जा चुका था। इसमें से 74 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं जिले में अब तक कुल 11 हजार 261 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है।

VIDEO: जबलपुर एसपी रहे अमित सिंह का दिखा अलग अंदाज़, कविता के माध्यम से भरा पुलिसकर्मियों में जोश।


भोपाल: देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना का कहर जारी है। जिसकी रोक-थाम के लिये मध्यप्रदेश सहित देशभर में लॉकडाउन चल रहा है। मध्यप्रदेश पुलिस लॉकडाउन को सफल बनाने के लिये रात दिन मेहनत कर रही है। आपको बता दें की मध्यप्रदेश में पहला कोरोना पॉजिटिव मरीज जबलपुर में मिला था एवं उस समय जबलपुर के तत्कालीन एसपी अमित सिंह नें बड़ी बखूबी से अपना कर्तव्य निर्वहन करते हुये, टोटल लॉकडाउन के जरिए कोरोना के संक्रमण को जबलपुर में फैलनें से काफी हद तक रोक दिया था। लेकिन पिछले दिनों आईपीएस अमित सिंह का जबलपुर से स्थानांतरण का दिया गया।



अब प्रदेश में कोरोना के कहर के बीच दिन रात ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियों के लिये एवं कोरोना योद्धाओं का हौसला बढ़ाने के लिये जबलपुर के एसपी रहे आईपीएस अधिकारी अमित सिंह ने फेसबुक पर एक वीडियो के माध्यम से कविता सुनाई है। अमित सिंह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। इस समय जब पुलिस कोरोना के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ रही है। ऐसे हालातों में पुलिसकर्मियों के उत्साह को बढ़ाने आईपीएस अधिकारी ने कविता लिखी है और वीडियो के माध्यम से कोरोना संकट में सड़क पर 24 घंटे काम करने वाले सभी खाकीधारी को समर्पित की है।



‘कोरोना रुपी अदृश्य शत्रु से योद्धा के भाति लड़ना है, ना झुकना है ना डरना है, ना रुकना है।।

लड़ाई लम्बी है, हमको आगे बढ़ते रहना है, हमको आगे बढ़ते रहना है।।

कर्त्तव्य तुम्हारा इतिहास के पन्नों पर अंकित होना है, ना झुकना है ना डरना है, ना रुकना है।।

देशभक्ति और जनसेवा का इससे बेहतर मौका अब नहीं मिलना है।।

ऐ वर्दीधारी अपने कर्तव्यपथ पर आगे बढ़ते रहना है…
देशभक्ति और जनसेवा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने को तत्पर रहना है।।

ऐ खाकीधारी तुम्हारे संकल्प से ही कोरोना का निश्चित ही होना ख़ाक है..।।

कोरोना योद्धा देवेंद्र यशवंत कर्तव्यपथ पर तेरा यह बलिदान याद रखेगा हिंदुस्तान।।

कोरोना की इस लड़ाई में हर वर्दीधारी के तुम बनकर उभरे हो सबसे बड़ी आन।।
कसम तुम्हारी हम खाते हैं कोरोना का कर देंगे चूर-चूर अपमान..।।

देखें वीडियो, अमित सिंह नें कविता के माध्यम से क्या कहा👇


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