Monday, 23 March 2020

तीन बार सीएम रहे अर्जुन सिंह और श्यामाचरण शुक्ल का रिकॉर्ड तोड़, चौथी बार MP के सीएम बने शिवराज सिंह।


भोपाल: आखिरकार 15 महीनें की कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के अंत होनें बाद आज एक बार फिर शिवराज सिंह चौहान नें चौथी बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रुप में शपथ ली। सोमवार रात करीब 9 बजे उन्होंने राजभवन में आयोजित सादे समारोह में प्रदेश के सीएम पद की शपथ ली। इसी के साथ शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश के 32वें मुख्यमंत्री बन गए हैं। इससे पहले सोमवार शाम विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया।सोमवार रात राजभवन में शिवराज सिंह चौहान को राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। फिलहाल उन्हें अकेले ही शपथ दिलाई गई है। इस अवसर पर राजभवन में अधिकतम 40 लोगों के बैठने का इंतजाम किया गया। 



गौरतलब है कि, भाजपा विधायक दल की बैठक में दल के नेता के चुनाव के लिए अरूण सिंह को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया था। अरूण सिंह बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव हैं और उन्होने ही बैठक में मुख्यमंत्री पद के लिये नाम का चुनाव कराया। इस बैठक में शिवराज सिंह चौहान, नरोत्तम मिश्रा, गोपाल भार्गव, वी डी शर्मा सहित सभी विधायक शामिल रहे। बैठक में गोपाल भार्गव ने शिवराज सिंह चौहान का नाम विधायक दल के नेता के लिये प्रस्तावित किया जिसका सारे विधायकों ने अनुमोदन किया, नरोत्तम मिश्रा सहित सभी विधायकों ने शिवराज सिंह चौहान के नाम का समर्थन किया।



शिवराज सिंह चौहान चौथी बार बनें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री, अर्जुन सिंह और श्यामाचरण शुक्ल तीन बार सीएम रहे हैं।
शिवराज सिंह चौहान चौथी बार मध्यप्रदेश के सीएम बने हैं। मध्यप्रदेश के इतिहास में पहला मौका है जब किसी ने चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। शिवराज के अलावा अब तक अर्जुन सिंह और श्यामाचरण शुक्ल तीन बार सीएम रहे हैं।

शिवराज सिंह चौहान 2005 से लेकर 2018 तक रहे मुख्यमंत्री।
शिवराज सिंह चौहान 2005 से 2018 तक लगातार 13 साल सीएम रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने तीन बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शिवराज सिंह चौहान पहली बार 29 नवंबर 2005 को बाबूलाल गौर के स्थान पर राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। शिवराज चौहान बीजेपी मध्य प्रदेश के महासचिव और अध्यक्ष भी रह चुके है। वे विदिशा संसदीय क्षेत्र से पांच बार लोकसभा का चुनाव भी जीत चुके हैं। उन्होंने पहली बार विदिशा लोकसभा सीट का चुनाव 1991 में जीता था। वे वर्तमान समय में सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

शिवराज सिंह चौहान, दिग्विजय सिंह से हार चुकें हैं चुनाव।
शिवराज सिंह चौहान ने 1990 में पहला चुनाव लड़ा था। पहली बार राज्य विधानसभा के लिए 1990 में सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट से चुने गए थे। बाद में अगले साल हुए विदिशा संसदीय चुनाव क्षेत्र से लोकसभा के लिए पहली बार चुने गए। इसके बाद 5 बार विदिशा संसदीय क्षेत्र से सांसद चुने गए।2003 में भाजपा ने दिग्विजय सिंह के 10 साल के शासन के खिलाफ पूरे दम से चुनाव लड़ा। पार्टी ने जबरदस्त जीत दर्ज की, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ राघौगढ़ से चुनाव लड़ने वाले शिवराज सिंह हार गए। हालांकि बाद में बुधनी विधानसभा के लिए उपचुनाव लड़कर जीता।

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