Tuesday, 31 March 2020

म.प्र. के पूर्व सीएम कमलनाथ नें पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिख, लॉकडाउन में फंसे लोंगों के लिये मागी मदद।


भोपाल: देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके साथ ही मजदूरों एवं छात्रों का पलायन देश एवं राज्य सरकारों के लिए संकट का विषय बना हुआ है। केंद्र एवं राज्य सरकारें अपनी तरफ से कोशिश कर रही हैं बावजूद इसके यह पलायन थम नहीं रहा।



जिसको लेकर अब प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। अपने पत्र में कमलनाथ ने कहा है कि, अपने शहर से बाहर रह रहे मजदूर और छात्र को जीवन की बुनियादी सुविधाएं सुविधाएं नहीं मिल पा रही है और ना ही उन्हें कोई भरोसा दिलाने वाला है। जिससे उनके मन में डर स्वाभाविक है। इसलिए वह उन राज्यों से पलायन कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी से यह अपील की है कि उन छात्रों एवं मजदूरों को भी भरोसा दिलाया जाए। उनके खाने-पीने और रहने का इंतजाम किया जाए । जो लोग कोरोना से ग्रसित नहीं दिखते हैं, उन्हे स्पेशल ट्रेन के जरिए उनके घर तक पहुंचाया जाए। साथ ही उन्हें 3 माह के राशन के साथ 7500 रुपए प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जाए।


अपने लिखे पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा है कि कोरोना की महामारी से निपटने के लिए वह सरकार के साथ हैं किंतु विभिन्न राज्य से पलायन करने वाले मजदूरों एवं छात्रों के सामने इस वक्त भीषण संकट खड़ा हो चुका है। जिससे जहां वह रह रहे हैं उन राज्यों में उन्हें बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। जिसकी वजह से लाखों मजदूर और छात्र अपने घरों तक सैकड़ों मील पैदल चलकर पहुंच रहे हैं। उनके पास खाने-पीने के कोई साधन नहीं है। इसलिए उन्होंने पीएम मोदी से अपील की है कि-



  1. केंद्र सरकार तत्काल राज्य सरकारों से समन्वय स्थापित कर देश के विभिन्न हिस्सों में प्रवासी मजदूरों एवं छात्रों के लिए खाने एवं रहने की तत्काल व्यवस्था करें। 
  2. राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करके सोशल डिस्टेंसिंग के साथ रहने व खाने का प्रबंध किया जाए और इस काम में सामाजिक संस्थाओं की मदद ली जाए। 
  3. सभी जगह पर छात्र एवं मजदूर परिवारों का स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की जाए और जिन्हें कोई बीमारी नहीं है उन्हें अपने-अपने घर तक पहुंचने में मदद की जाए। विशेष ट्रेन के जरिए लोगों को उनके घर तक पहुंचाया जाए जिसके व्यय की प्रतिपूर्ति राज्य एवं केंद्र सरकार मिलकर करें।
  4. अपने घर जाने वाले लोगों के लिए 3 माह का राशन और 7500 रुपए प्रति माह के हिसाब से 2 माह की आर्थिक मदद की जाए। 
  5. एक सक्रिय नियंत्रण केंद्र की व्यवस्था हर राज्य में खाद्य सुरक्षा, भुखमरी और पलायन के प्रभावों को नियंत्रित करने के लिए भी की जाए।  
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि देश इस आपातकाल से लड़ने के लिए तैयार नहीं था किंतु हम मजदूरों एवं बेसहारा छात्रों को ऐसे नहीं छोड़ सकते। हमें इनकी मदद के लिए आगे आना होगा।

निजामुद्दीन मरकज का मध्यप्रदेश कनेक्शन: 107 लोंगों में से 31 लोग भोपाल में पकड़े गए, 22 लोगों का लिया गया सैंपल।


भोपाल: राजधानी दिल्ली में एक मार्च से 15 मार्च तक तबलीग-ए-जमात में हिस्सा लेने देश-विदेशों से करीब 1830 लोगों की जमात निजामुद्दीन इलाके में स्थित मरकज में आई थी। इस कार्यक्रम में श्रीलंका, बांग्लादेश, इंग्लैंड, इंडोनेशिया, ईरान समेत 16 देशों के लोग आए थे। वहीं देश के कई राज्यों से लोग भी आए थे।यहां आने के बाद लोग निजामुद्दीन थाने के ठीक पीछे बने तबलीग-ए-जमात के मुख्यालय में ठहरे थे।



दिल्ली, निजामुद्दीन मरकज का मध्यप्रदेश कनेक्शन।
दिल्ली के निजामुद्दीन में मरकज में शामिल तबलीगी जमात के 31 लोग भोपाल के अलग-अलग इलाके से पकड़े गए हैं।जबकि मध्य प्रदेश से कुल 107 लोग इसमें शरीक होने गए थे। 31 लोगों के अलावा दिल्ली से लौटते समय 50 जमातें शहर की अलग-अलग मस्जिदों में रुकी थीं। एक जमात में करीब 15 से 20 या इससे अधिक लोग रहते हैं।



4 दिन से पुलिस इन सभी की कर रही थी तलाश।
ऐशबाग के रहमानी मज्जिद से 11 लोगों की जमात  मिली। ये लोग बर्मा से दिल्ली निजामुद्दीन और फिर भोपाल पहुंचे।जहांगीराबाद की सिकंदराजहां मज्जिद से 8 लोगों की जमात मिली। जबकि दूसरी मज्जिद से 12 लोगों मिली जमात मिली है। 4 दिन से पुलिस इन सभी की तलाश कर रही थी।



स्वास्थ्य विभाग की टीम ने  22 लोगों का लिया सैंपल।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिला प्रशासन और पुलिस की मदद से ऐसे लोगों की तलाश कर उनके सैंपल लिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि करीब 22 लोगों सैंपल लिए गए हैं। इन लोगों को घर पर ही क्वारेंटाइन किया गया है।

सीएम शिवराज सिंह ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर, मकरज में शामिल हुए सभी लोंगों को क्वॉरेन्टाइन करनें के लिये किया निर्देशित।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मरकज में शामिल होकर लौटी 50 जमातें भोपाल में रुकी थीं। दिल्ली से लौटे मध्य प्रदेश के 107 लोगों में से 31 लोग भोपाल के पुराने शहर के रहने वाले हैं।प्रशासन और लोगों की तलाश कर रहा है जो मरकज में शामिल हुए थे। इसके बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में निर्देश दिए कि तबलीग जमात में हिस्सा लेने वाले प्रदेश के नागरिकों को क्वॉरेन्टाइन में रखा जाए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जैसा कि खबर है कि कुछ दिन पहले दिल्ली के निजामुद्दी में तबलीग जमात का एक बड़ा धार्मिक आयोजन हुआ था। इसमें पूरे देश के श्रद्धालु भाग लेने गए थे। इस समूह में से 200 लोगों के COVID_19 से संक्रमित होने और इनमें से 6 लोगों की तेलंगाना में मृत होने की सूचना मिली है।

सीधी: कलेक्टर द्वारा ग्रामपंचायत, नगर पंचायत एवं नगरपालिका को, बेसहारा व्यक्तियों के लिए भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश।


सीधी: नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से स्वास्थ्य एवं जीवन की सुरक्षा के खतरे की उत्पन्न हुई स्थिति के मद्देनजर 14 अप्रैल 2020 तक संपूर्ण जिले में लॉकडाउन किया गया है। ऐसे में गरीब और बेसहारा लोगों को खानें-पीनें की काफी दिक्कते हो रही हैं।

ऐसे में जिला कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि जिले में कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहे, यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित ग्रामपंचायत, नगर पंचायत एवं नगरपालिका को दी गयी है। यदि किसी को किसी भी प्रकार की समस्या हो तो वह अपने क्षेत्र के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत या मुख्य नगरपालिका अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त जिलास्तरीय कण्ट्रोल रूम में 07822-250123 या मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री ए. बी. सिंह से मोबाइल नंबर 8989141300 में भी संपर्क कर सकते हैं।

गौरतलब है की, जिले की सभी ग्राम पंचायतों को प्रतिदिन सुबह 11 से दोपहर 4 बजे तक अनिवार्य रूप से खोलने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसी ग्राम पंचायतें जहाँ नियमित सचिव पदस्थ हैं वहाँ सचिव तथा अन्य ग्राम पंचायतों में रोजगार सहायक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगें। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे ग्रामीण जनों को इस विपदा की घड़ी में आवश्यक मदद उपलब्ध कराएँगें। कलेक्टर ने लोगों से लोकस्वास्थ्य एवं जन हित में लाक डाउन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

सीधी: कोरोना से जंग जीतने अगले 15 दिन तक रहें सतर्क, अतिआवश्यक हो तभी घर से निकलें बाहर - कलेक्टर रवींद्र चौधरी।


सीधी: नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से स्वास्थ्य एवं जीवन की सुरक्षा के खतरे की उत्पन्न हुई स्थिति के मद्देनजर 14 अप्रैल 2020 तक संपूर्ण जिले में लॉकडाउन किया गया है। कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने जिले के नागरिकों को समझाईस  दी है कि कोरोना से जंग जीतने के लिए अगले 15 दिन बहुत ही सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। सभी लोग अपने घरों में ही रहें, यदि अतिआवश्यक हो तभी घर से बाहर निकलें।  कलेक्टर श्री चौधरी ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिये लॉकडाउन के दौरान प्रतिबंध की अवधि में कुुछ छूट भी प्रदान की गयी है। इस दौरान लोग अपनी आवश्यकतानुसार राषन, सब्जी एवं फल आदि निर्धारित दुकानों से खरीद सकेंगें। उन्होंने बताया कि जिले में खाद्यान्न, सब्जी, फल, दूध आदि सभी सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है इसके लिए परेषान होने की आवष्यकता नहीं है।



कलेक्टर श्री चौधरी ने कहा कि जिले के जो मजदूर, बच्चे या छात्र अन्य जिलों या स्थानों पर रह रहे हैं, वे वहीं पर रहें। यदि उन्हें कोई समस्या है तो वे कंट्रोल रूम में फोन नं. 104, 181 तथा 07822-250123 पर अपनी समस्या तथा अपना पूरा विवरण दर्ज करा सकते हैं, जिससे वे जहां रह रहे हैं, वहीं पर उनकी समस्या का समाधान कराया जा सके। उन्होंने कहा कि यह हमारे धैर्य और संयम की परीक्षा है। आप जहां पर भी हैं हमें अपनी तकलीफ बतायें वहां के प्रषासन द्वारा आपको आवश्यकतानुसार मदद की जायेगी। 



उन्होने बताया कि बाहर से आने वाले हर व्यक्ति की पूरी स्क्रीनिंग की जा रही है तथा उसके बाद इन व्यक्तियों को उनके गृह स्थान पर पहुँचाया जा रहा है, जहाँ पर स्थानीय मेडिकल टीम तथा संबंधित टीम की निरंतर निगरानी में उन्हें उनके घर पर क्वारेन्टाईन में 14 दिन तक रखा जा रहा है। इसलिये किसी भी व्यक्ति को परेषान होने की आवश्यकता नहीं है। 



कलेक्टर श्री चौधरी ने लोगों से अपील की है कि निर्धारित अवधि में भी सामान लेने के लिये घर से एक ही व्यक्ति बाहर निकले। मुंह पर रूमाल या मास्क लगायें तथा सोशल डिस्टेंस को बनाए रखें। साथ ही 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे या 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति तथा महिलायें बिल्कुल भी बाहर नहीं निकलें। यदि कोई भी व्यक्ति को लॉकडाउन के निर्देषों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उस पर वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। उन्होने लोकहित में सभी से प्रशासन को सहयोग प्रदान करने की अपील की है।

सीधी: निर्धारित मूल्य से अधिक में सामग्री बेचनें वाले दुकानदारों पर की जायेगी दण्डात्मक कार्यवाही: कलेक्टर रवीन्द्र चौधरी।


सीधी: कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने हेतु जिला प्रशासन ने संपूर्ण जिले को लॉक डाउन किया गया है। लॉक डाउन में किसी भी व्यक्ति को घर से निकलने की अनुमति नहीं है।नागरिकों की सुविधा हेतु अति-आवश्यक सामग्री की दुकानों को निश्चित समयावधि के लिए खोला जाता है।

जिससे की आम नागरिक अति-आवश्यक सामग्री दुकानों से खरीद सके। कलेक्टर ने समस्त दुकानदारों को निर्देश दिए कि इस संकट की घड़ी में जरूरत की सामग्री अधिक मूल्य पर आम नागरिकों को विक्रय ना करें। सामग्रियों की कालाबाजारी ना करें।



अपनी दुकानों पर सामग्री की रेट लिस्ट चस्पा की जाए। सभी दुकानदार पूरी पारदर्शिता एवं विश्वास बनाकर व्यवसाय करें। सोशल डिस्टेसिंग बनाए रखें एवं ग्राहकों को भी निर्धारित घेरो में खड़े करके ही सामग्री देवे। कालाबाजारी एवं अधिक मूल्य पर सामग्री विक्रय की शिकायतें प्राप्त न हो सुनिश्चित करें।    



जिला प्रशासन द्वारा सामग्री की आपूर्ति के प्रयास निरन्तर जारी है। जिले में किसी भी सामग्री की कोई कमी नही आने दी जायेगी। आप सभी संयम रखें, प्रशासन का सहयोग करें। जनहित में आप सभी के लिए जिला प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है।

VIDEO: सीएम शिवराज सिंह नें, इंदौर वासियों से घर पर रहनें की अपील कर कहा- सोशल डिस्टेंसिंग ही कोरोना को हरानें का एकमात्र विकल्प।


भोपाल/इंदौर: देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मध्यप्रदेश का इंदौर शहर कोरोना के सबसे जादा चपेट में है। इंदौर में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देख मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर में टोटल लॉकडाउन के निर्देश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने वीडियो जारी करते हुए इंदौर की जनता से अपील की है कि वह प्रशासन के कार्यों में मदद करें। वहीं उन्होने प्रदेश की जनता से माफी मांगते हुए कहा है कि इंदौर के लोगों के स्वस्थ जीवन के लिए ही उन पर सख्ती की जाएगी।

दरअसल आज इंदौर में 17 और लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद मुख्यमंत्री ने वीडियो जारी करते हुए यह निर्देश दिए हैं कि इंदौर को पूरी तरह से लॉक डाउन किया जाएगा। साथ ही इंदौर में जो लोग पॉजिटिव मिले हैं उनके परिजनों को भी क्वॉरेंटाइन किया जाएगा।



इंदौर दुनिया का अद्भुत शहर: सीएम शिवराज सिंह चौहान।
वीडियो के द्वारा सीएम चौहान ने कहा है कि इंदौर दुनिया का अद्भुत शहर है, जहां अपनी जागरूकता से इंदौर वासियों ने इसे स्वच्छता में तीन बार देश में अव्वल स्थान दिया है। लेकिन आज प्रदेश का यह खूबसूरत शहर कोरोना वायरस के प्रकोप में है। आज यह कोरोना के संक्रमण से लड़ रहा है। इसलिए हम इंदौर वासियों से अपील करते हैं कि कोरोना को हर हालत में हराना है।

सोशल डिस्टेंसिंग, कोरोना को हरानें का एकमात्र विकल्प।
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा की, कोरोना को हराना है,
जिसका एकमात्र विकल्प सोशल डिस्टेंसिंग है। क्षेत्र में लॉक डाउन के बाद भी संपर्क के चैन नहीं टूट पा रहे हैं। उन्होंने इंदौर वासियों से अपील की है कि वह अपने घर में रहे। प्रधानमंत्री द्वारा बताई गई लक्ष्मणरेखा का पालन करें। वही मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि प्रशासन अति आवश्यक चीजों की आपूर्ति आपके घर तक कर रहा है। हमारे डॉक्टर, नर्स, पुलिस आपकी सेवा में तत्पर है। सरकार के निर्देशों का पालन करें। मुख्यमंत्री ने इंदौर वासियों से अपील की है कि वह अपने घर पर रहें तथ्स सरकार और प्रशासन का सहयोग करें। संकट बड़ा है लेकिन हमारे हौसले उससे भी बड़े हैं। हम सब मिलकर कोरोना को खत्म करेंगे।

देखें वीडियो,सीएम शिवराज सिंह चौहान ने क्या कहा 👇

ईरान और इटली में फंसे मध्यप्रदेश के 500 लोंगों को विशेष विमान द्वारा एयर लिफ्ट कर भोपाल लानें की तैयारी।


भोपाल: मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना के संक्रमण के बीच सरकार नें एक बड़ा फ़ैसला लिया है। सरकार अब मध्यप्रदेश के विदेश में रह रहे करीब 500 लोंगों को एयर लिफ्ट करनें की तैयारी में है।



मध्यप्रदेश के रहवासियों, जो ईरान और इटली में फंसें हैं, उनके लिये एक सुखद खबर है। ईरान और इटली में फंसे मध्यप्रदेश के 500 लोगों को जल्द ही वहां से निकाला जाएगा। रेस्क्यू के बाद इन सभी लोगों को विशेष विमान से एयर लिफ्ट कर जल्द भोपाल लाया जाएगा और क्वॉरेंटाइन किया जाएगा। भोपाल के आर्मी एरिया 3 EME सेंटर में 500 बिस्तरों का अस्पताल कोरोना मरीजों के लिए तैयार किया गया है।



सभी एयर लिफ्ट किये गये लोंगों को 14 दिन तक किया जायेगा क्वॉरेंटाइन।
मध्यप्रदेश के कई लोग दूसरे देशों में फंसे हुए हैं। प्रशासन ने उनकी सूची तैयार कर ली है। ऐसे करीब 500 लोग हैं, इनमें कुछ छात्र भी शामिल हैं। सरकार अभी इन सभी को उन देशों से निकालकर भोपाल लाने की तैयारी कर रही है। सभी लोगों को विशेष विमान से भोपाल लाया जाएगा और फिर एहतियातन सभी 500 लोगों को 14 दिन तक क्वॉरेंटाइन किया जाएगा। अगर ज़रूरत पड़ी तो 28 दिन तक आइसोलेशन में भी रखा जा सकता है। कलेक्टर द्वारा बनाई गई कमेटी 500 लोगों की मॉनिटरिंग करेगी।



आर्मी एरिया स्थित क्वॉरेंटाइन में रहेगी कड़ी निगरानी।
आर्मी एरिया में वैसे आम लोगों का आना-जाना प्रतिबंधित है। लेकिन फिलहाल भोपाल के आर्मी एरिया में बने अस्पताल को कोरोना मरीजों के लिए तैयार किया जा रहा है।

जरूरत पड़ने पर ईरान और इटली से लाए जा रहे इन लोगों को वहां रखा जा सकता है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम भी आर्मी एरिया में 24 घंटे तैनात रहेगी।आर्मी भी सुरक्षा के मद्देनजर अपने जवानों को तैनात करेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अस्पताल आर्मी के अंतर्गत आता है, यही कारण है कि यहां पहले से ही आर्मी की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है।

Coronavirus: इंदौर अब हाईरिस्क पर, मौत के मामले में दूसरे नंबर पर पहुंचा मध्यप्रदेश।


इंदौर : देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। यदि बात करें मध्यप्रदेश की, तो यहां कोरोना से संक्रमित सबसे जादा मरीज इंदौर में है और यहां के हालात लगातार बिगड़ते जा रहें है। कोरोना के संक्रमण  से इंदौर में अबतक 44 मरीज पॉजिटिव मिले है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल भेजे गए 40 सैम्पल में 17 पॉजिटिव आने के बाद इंदौर शहर को हाईरिस्क जोन में रखा गया है। टोटल लॉकडाउन के बाद अब 48 घंटों कोरोना के कम्यूनिटी संक्रमण को रोकने के लिए अहम हो गया है। 



संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने की बजह से हालात जादा बिगड़े।
जानकारी के अनुसार पूर्व में सामने आए 27 मरीजों के संपर्क में आए लोगों में कोरोना पॉजिटिव मिला है। ये सभी मरीज इंदौर के हैं। कोरोना से अब तक प्रदेश में 5 मरीजों की मौत हो चुकी है, जिसमें इंदौर के 3 तथा उज्जैन के 2 मरीज है। ऐसे में अब प्रशासन की चिंताएं बढ़ती जा रही है। लोगों को बचाने के लिए मास्क और सेनिटाइज के साथ घरों से बेवजह बाहर ना निकले और 1 मीटर की दूरी में रहने के सख्त निर्देश जारी किए  गये हैं। साथ ही पीड़ित के घर से बाहर के 5 किलोमीटर की परिधि को बफर जोन घोषित किया गया है। 



अब तक मध्यप्रदेश में 64 मरीज कोरोना से संक्रमित, इंदौर हाईरिस्क पर रखा गया है।
अब मध्यप्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 47 से बढ़कर 64 पहुंच गई है। सबसे ज्यादा 44 मरीज इंदौर में है। इसके अलावा जबलपुर में 8, भोपाल में 3, उज्जैन में 5, शिवपुरी में 2 और ग्वालियर में 2 संक्रमित मिले हैं। जबकि अब तक पांच मरीजों (इंदौर-3, उज्जैन-2) की मौत हो चुकी है।इंदौर में लगातार बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए इसे हाईरिस्क पर रखा गया है।



पिछले पांच दिनों में बढ़े संक्रमण के मामले।
कोरोना संक्रमण के मामले में मध्य प्रदेश देश में दसवें नंबर पर है। लेकिन, शहरों की बात करें तो 24 मार्च तक कोरोना मुक्त रहा इंदौर बीते पांच दिनों में देश के सबसे संक्रमित शहरों की सूची में आठवें नंबर पर पहुंच गया है। इंदौर में मरीज बढ़ने की रफ्तार लगातार बढ़ती जा रही है।



मौत के मामले में दूसरे नंबर पर पहुंचा मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण के कारण अब तक 5 लोगों की मौत हो गई है। कोरोना संक्रमण के कारण सबसे ज्यादा मौतें अभी तक महाराष्ट्र में हुई हैं। महाराष्ट के बाद मध्यप्रदेश दूसरे स्थान पर है।गौरतलब है की, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की अपील की थी। लेकिन इंदौर में शाम को पांच बजे के बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई थी।

वीडियो: कोरोना की बजह से लगे लॉकडाउन के बीच देश की पहली शादी इंदौर में संपन्न।


इंदौर: मध्यप्रदेश में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, सबसे जादा कोरोना संक्रमित मरीज इंदौर से है। इसी बीच इंदौर में  30 मार्च यानी सोमवार को कोरोना की बजह से लगे लॉकडाउन के बीच देश की पहली शादी हुई है।जिसमें बकायदा प्रशासन के निर्देशों का पालन कर दूल्हा- दुल्हन परिणय सूत्र में बंध गए। यह विवाह इस समय इसलिए किया गया क्योंकि जैन धर्म की मान्यतानुसार एक बार यदि लग्न भेज दिए जाएं तो विवाह तय दिन पर ही होता है।



इंदौर का ये अनूठा विवाह रेडीमेड कपड़ा व्यवसायी अक्षय जैन के घर पर संपन्न हुआ। व्यवसायी की बेटी किंजल और मुम्बई में सेंट्रल गवर्मेन्ट में कार्यरत एप्पील ओरा के विवाह में कुछ रुकावटें तो आई लेकिन लग्न परम्परा के चलते आखिर में प्रशासन और देश की सरकार के निर्देशों का पालन कर विवाह संपन्न हो ही गया।

इस विवाह में ना तो गाजे-बाजे थे ना महिला संगीत हुआ और ना ही बड़ी संख्या में रिश्तेदारों की मौजूदगी थी। विवाह में दूल्हा और दुल्हन के साथ महज 8 लोग शामिल हुए। पिता ने जैन धर्म की मान्यता से परिणय गृहस्थ संस्कार दीक्षा के साथ बेटी को विदाई दी और विदाई के बाद बाकायदा प्रशासनिक अनुमति के साथ दूल्हा अपनी दुल्हन को अपने पैतृक गांव बड़नगर ले गया। दुल्हन के पिता अक्षय जैन ने बताया कि उन्होने आचार्य नवरत्नसागर जी महाराज से 17 वर्ष पूर्व अपने बच्चों का परिणय जैन विधान से करने और दिन के लग्न करने का नियम संकल्प लिया था, जिन्हे उसी परिकल्पना से पूर्ण किया। इधर, दूल्हे एप्पील ओरा ने बताया कि विवाह नियत दिन पर ही होना था और इसे टाला नही जा सकता था, ऐसे में दोनों पक्षों के कुछ लोगो की मौजूदगी में सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाने सहित सेनेटाइजर का उपयोग कर विवाह संपन्न हुआ है। वही दुल्हन किंजल ने बताया कि शादी के अरमान तो बहुत थे लेकिन कोरोना वायरस की महामारी के चलते चंद लोगों की मौजूदगी में विवाह किया गया। 

दुल्हन ने इंदौर सहित देशवासियों से अपील की है कि लोग संकट की घड़ी में अपने घर पर रहें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। लॉक डाउन के दौरान संपन्न हुए विवाह में परिजन उतना जश्न तो नही मना पाए लेकिन मास्क लगाकर और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर उन्होंने जता दिया कि कोरोना को हर हाल में हराना है।

देखें शादी का वीडियो👇

सीधी: मुख्यालय से अनुपस्थित रहने पर, दो अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही के लिए कलेक्टर ने किया लेख।


सीधी: भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्यामें लगातार इजाफ़ हों रहा है, अब यह आंकड़ा 1347 तक पहुंच गया है । जिसमें से 43 लोंगों की मौत हो चुकी है। अब तक 138 लोग ठीक हो चुकें है। यदि बात मध्यप्रदेश की करें तो यहां भी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, अब यह आंकड़ा 47 पहुंच गया है, जिसमें से 4 लोंगों की मौत हो चुकी है।

जिसको देखते हुए सीधी जिला प्रशासन भी सख्त हो गया है एवं कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने बिना पूर्व सूचना के मुख्यालय से अनुपस्थित रहने पर नाप तौल निरीक्षक एस. के. बाँके तथा सहायक कोषालय अधिकारी आशीष मिश्रा के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को लिखा है।

कलेक्टर श्री चौधरी ने बताया कि वर्तमान समय में कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी से निपटने के लिए पूरे देश को लाकडाउन किया गया है तथा राज्य शासन द्वारा आमजन की सुविधाओं के लिए विशेष सहायता दिए जाने की घोषणाएँ की जा रही हैं, जिन्हें मूर्त रूप दिया जाना हैं। लेकिन कई समय से उक्त अधिकारियों के बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने पर योजनाओं के क्रियान्वयन में समस्या में आ रही दिक़्क़तों को देखते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए लिखा गया है।

गौरतलब है की, सीधी कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने आदेश जारी कर सभी शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मुख्यालय से बाहर जाना प्रतिबन्धित किया है। जारी आदेशानुसार जिले में पदस्थ सभी अधिकारी /कर्मचारी बिना कलेक्टर की पूर्व अनुमति के मुख्यालय से बाहर नहीं जायेंगे।अन्यथा की स्थिति में उनके विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी। विशेष स्थिति में ही मुख्यालय छोड़ने की अनुमति दी जा सकेगी।

Monday, 30 March 2020

सीधी: कलेक्टर ने आदेश जारी कर सभी शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यालय से बाहर जाने से किया प्रतिबन्धित।



सीधी: बिना अनुमति के मुख्यालय छोड़ने पर की जायेगी कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही। कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने आदेश जारी कर सभी शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मुख्यालय से बाहर जाना प्रतिबन्धित किया है। 

जारी आदेशानुसार जिले में पदस्थ सभी अधिकारी /कर्मचारी बिना कलेक्टर की पूर्व अनुमति के मुख्यालय से बाहर नहीं जायेंगे।अन्यथा की स्थिति में उनके विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी। विशेष स्थिति में ही मुख्यालय छोड़ने की अनुमति दी जा सकेगी।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान समय में कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी से निपटने के लिए पूरे देश को लाकडाउन किया गया है तथा राज्य शासन द्वारा आमजन की सुविधाओं के लिए विशेष सहायता दिए जाने की घोषणाएँ की जा रही हैं, जिन्हें मूर्त रूप दिया जाना हैं। उक्त को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर श्री चौधरी ने ऐसी स्थिति में बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय से अनुपस्थित रहने पर अप्रसन्नता व्यक्त की है तथा कड़े निर्देश जारी किए हैं।

Alkem Contributes INR 7 Crores in "PM CARES Fund" to help the Government for combating Coronavirus.


Shri. Basudeo N. Singh - Executive Chairman, Alkem Laboratories Ltd. on behalf of over 18,000 Alkemites said- We are witnessing unprecedented times with pandemic COVID-19 casting its shadow not onlyin India but across more than 100 nations. Currently close to 7 lakhs people across the globe have tested positive for this virus and more than 33,000 people have lost their lives fighting it, and these number continue to rise by the day. However, it is heartening to see that the whole world stands united in this torrid times to beat this virus and emerge stronger and healthier than before. Every citizen is contributing to this fight by following the protocols set by the Central and State Governments and ensuring the safety of himself and the people around him at large.



In this respect, we would like to make a special mention about the efforts of the entire medical and support fraternity including doctors, paramedics, nurses, hospital staffs and healthcare workers who are providing an untiring and selfless service around the clock to help the affected patients. We salute them. We would also like to thank the Central and various State Governments for taking proactive measures to control the spread of this virus.



Alkem, as one of the leading pharmaceutical companies in the country, is committed in the above fight against this virus and is doing its bit to help the country and the world overcome these testing times. Our team of over 18,000 dedicated and passionate Alkemites across various departments like Manufacturing, Quality, Supply Chain, Research, IT, Finance and HR are working around the clock to ensure uninterrupted production and supply of medicines and critical drugs in the market to help our patients comply with their treatment. Additionally we are also making a contribution of INR 7 Crores towards Prime Minister's Citizen Assistance and Relief in Emergency Situations (PM CARES) Fund to help the Government in their initiatives in combating this virus.



We would also like to urge people across India and the world to continue in their efforts to contain the spread of this virus by adhering to social distancing norms, maintaining personal hygiene and taking caring of themselves and the people around them by staying at home and avoiding unnecessary travel.



Together we will and we would win over this virus and make world a healthier place.

सीधी: कलेक्टर नें अधिकारियों को निर्देशित कर कहा- बेघर बेसहारा व्यक्तियों को सहजता से उपलब्ध हो खाद्यान्न।


सीधी: देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। जैसे की पता है की कोरोना जैसी वैश्विक बीमारी के संक्रमण से रोकथाम के लिये पूरे देश में 21 दिन यानी 14 अप्रैल तक का लॉक डाउन घोषित है, इस लाकडाउन अवधि में आवागमन के साधनों को बंद किए जाने के कारण जो परिवार अपने-अपने स्थान से अन्यत्र रुके हुए हैं अथवा अन्य बेघर, बेसहारा व्यक्तियों के साथ साथ सबसे बुरा असर देहाड़ी मजदूरों पर पड़ रहा है। जिनके खाने-पीने का इंतजाम नही हो पा रहा है। ऐसेे में सीधी जिला कलेक्टर रविन्द्र चौधरी नें अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है की,गरीब, बेघर एवं बेसहारा लोंगों के लिये सहजता से खाद्यान्न उप्लब्ध करायें।

कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने कहा कि संचालक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय भोपाल द्वारा कोरोना वायरस (कोविड-19) से रोग के फैलने से रोकने हेतु लाकडाउन अवधि में आवागमन के साधनों को बंद किए जाने के कारण जो परिवार अपने-अपने स्थान से अन्यत्र रुके हुए हैं अथवा अन्य बेघर, बेसहारा व्यक्तियों को भोजन हेतु सीधी जिले को 2 हजार क्विंटल खाद्यान्न (गेंहू एवं चावल) का आवंटन प्राप्त हुआ है। इस आवंटन को जिले की 448 उचित मूल्य दुकानों को 4 क्विंटल प्रत्येक के मान से 1792 क्विंटल खाद्यान्न नि:शुल्क वितरण हेतु प्रदाय किया है। इसके साथ ही उपखण्ड अधिकारी कुसमी एवं मझौली को 25-25 क्विंटल तथा उपखण्ड अधिकारी गोपदबनास, चुरहट तथा सिहावल को 50-50 क्विंटल का अतिरिक्त आवंटन प्रदाय किया गया है। संबंधित उपखण्ड अधिकारी आवश्यकतानुसार उक्त खाद्यान्न का वितरण कर सकेंगें। कलेक्टर श्री चौधरी उक्त कार्य की निगरानी के लिए नियुक्त निरीक्षण कर्ता अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे।


कलेक्टर श्री चौधरी ने निरीक्षण कर्ता अधिकारियों को निर्देशित किया है कि  संबंधित अधिकारी उनको आवंटित समितियों द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण करेंगें तथा स्थानीय निकाय से संपर्क कर वास्तविक पीड़ितों को 05 किलोग्राम प्रति परिवार के मान से अपने समक्ष खाद्यान्न प्रदाय कराना सुनिश्चित करेंगें। प्रत्येक शासकीय उचित मूल्य दुकान का विक्रेता वितरण किए जाने वाले खाद्यान्न का पृथक से अभिलेख संधारित करेंगे। कलेक्टर श्री चौधरी ने बताया कि प्रत्येक शासकीय उचित मूल्य दुकान को 4 नग सेनेटाईज़र, 5 नग साबुन तथा मास्क उपलब्ध कराये जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि खाद्यान्न वितरण के समय समाजिक दूरी तथा सेनेटाईजेशन के निर्देशो का कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने नागरिक आपूर्ति निगम को निर्देशित किया है कि आवंटित खाद्यान्न का तत्काल उठाव कर शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर पहुँचाया जाना सुनिश्चित करें।

कलेक्टर श्री चौधरी ने निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें तथा इस विपदा की घड़ी में ग़रीब एवं निराश्रित परिवारों को राहत प्रदान करने का कार्य करें। कलेक्टर श्री चौधरी ने स्पष्ट किया है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जायेगी। उदासीनता और लापरवाही पाये जाने पर कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।

बैठक में जिला आपूर्ति अधिकारी आशुतोष तिवारी, डीआरसीएस दीप्ति बनवासी सहित नियुक्त निरीक्षणकर्ता अधिकारी उपस्थित रहे।

आध्यात्मिक गुरु पंडित देव प्रभाकर शास्त्री 'दद्दा जी' की धर्मपत्नी के निधन पर, पूर्व सीएम कमलनाथ एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें जताया शोक।


भोपाल: आध्यात्मिक गुरु पंडित देव प्रभाकर शास्त्री 'दद्दा जी' की धर्मपत्नी श्रीमती कुंती देवी के निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक जताया है।



गौरतलब है की, आध्यात्मिक गुरु पंडित देव प्रभाकर शास्त्री 'दद्दा जी' की धर्मपत्नी श्रीमती कुंती देवी के निधन हृदयाघात से हुआ था। इलाज के लिए उन्हे कटनी के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हो गई थी।



पूर्व सीएम कमलनाथ नें जताया शोक।
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ नें श्रीमती कुंती देवी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा- " आध्यात्मिक गुरु परम पूज्य पंडित देव प्रभाकर शास्त्री ‘दद्दा’ जी की धर्मपत्नी श्रीमती कुंती देवी जी के दुःखद निधन का समाचार प्राप्त हुआ।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को दुखों के इस वज्रपात को सहने की शक्ति दें"।


पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें श्रीमती कुंती देवी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें, श्रीमती कुंती देवी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि- " आध्यात्मिक गुरु परम पूज्य पंडित देव प्रभाकर शास्त्री ‘दद्दा’ जी की धर्मपत्नी श्रीमती कुंती देवी जी के निधन का समाचार दुःखद है। परमात्मा से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को दुखों के इस वज्रपात को सहने की शक्ति दें"।
।।ॐ शांति ।।

राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह नें, अपना एक महीनें का वेतन "पीएम केयर फंड" में किया जमा।


सीधी / नई दिल्ली: देश में कोरोना संक्रमितों के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। जनता कर्फ्यू से लेकर लॉकडाउन के बाद भी कोरोना संक्रमितों की संख्या में कमी नहीं आ रही है।जिसके चलते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नें पीएम केयर फंड नाम से एक अकाउंट तैयार कर लोगों से अपील की थी कि वह मदद के लिए आगे आए और दान करें।


पीएम ने अकाउंट की जानकारी शेयर करते हुए कहा था कि पीएम केयर फंड छोटे डोनेशन को भी स्वीकार करता  है। इससे व्यवस्था की क्षमताओं को बढ़ाने में मदद मिलेगी साथ ही यह कोरोना से लड़ने के लिए रिर्सच में भी मदद करेगा।  पीएम ने इस खाते की जानकारी भी शेयर की है।


कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर देशवासी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। देशभर से पीएम मोदी के पीएम केयर फंड को चौतरफा समर्थन मिल रहा है। 


अब मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह इस संकट की घड़ी नें मदद के लिये सामनें आयें हैं। उन्होनें "पीएम केयर फंड" में अपने एक महीनें का वेतन देते हुए कहा- "मा.प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने कोरोना महामारी से लड़ने के लिए ‘आपात स्थितियों में प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और राहत कोष (पीएम केयर्स फंड)’ की शुरुआत की है। मैंने अपनी एक महीने का वेतन से कोरोना महामारी से लड़ने के लिए पीएम केयर्स फंड में योगदान दिया"।


बता दें कि "पीएम केयर फंड" एक चैरिटेबल ट्रस्ट है। प्रधानमंत्री मोदी इस ट्रस्ट के चेयरेमैन हैं, जबकि दूसरे सदस्यों में रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री शामिल हैं।

पूर्व सीएम कमलनाथ नें इंदौर में लॉकडाउन के तहत, दूध की सप्लाई को भी बंद करने के निर्णय को बताया बेहद आपत्तिजनक।


इंदौर: देेश मेें लगातार कोरोना सेे संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अब तक 1161 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं, जिसमें से 102 मरीज ठीक हो चुकें हैं तो 28 मरीजों की मौत हो चुकी है। अगर बात मध्यप्रदेश की करें तो अब 47 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाये गये है, जबकी 2 मरीजों की मौत हों चुकी है।

मध्यप्रदेश के इंदौर में संक्रमितों की लगातार बढ़ती संख्या के मद्देनजर इंदौर अब अगले तीन दिन पूरा लॉकडाउन रहेगा। रविवार शाम कमिश्नर आकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया। इसके तहत शहर में 1 अप्रैल तक किराना, सब्जी, दूध समेत अन्य किसी सामान की बिक्री नहीं होगी। न होम डिलेवरी की जाएगी। कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि जो भी व्यक्ति इस लॉकडाउन का उल्लंघन करेगा, उस पर कानूनी कार्रवाई होगी।केवल सात पेट्रोल पंप खुलेंगे। वह भी अनिवार्य सेवा वाले वाहनों को ही ईंधन मुहैया करवाएंगे।



इंदौर को पूर्ण रुप से लॉक डाउन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ नें बड़ी बात कही है। नाथ का कहना है कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन हो, लेकिन इंदौर में जिस प्रकार से दूध की सप्लाई को भी बंद करने का निर्णय लिया गया है वो बेहद ही आपत्तिजनक है।



कमलनाथ ट्वीट कर लिखा है कि "शिवराज जी,प्रदेश में कोरोना संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन का सख़्ती से पालन हो,इसमें किसी को गुरेज़ नहीं है लेकिन इंदौर में जिस प्रकार से दूध की सप्लाई को भी बंद करने का निर्णय लिया गया है वो बेहद ही आपत्तिजनक है।दूध-दवाई आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में आती है"।




वही अगले ट्वीट में लिखा है कि देश भर में आवश्यक वस्तुओं पर कोई रोक नहीं है।इस निर्णय से उन बच्चों , बुजुर्गों , मरीज़ों का क्या होगा जो दूध पर ही आश्रित है ?उन पशु पालकों के बारे में भी सोचे , जो पूर्व से ही दोहरी मार झेल रहे है। जनहित में इस निर्णय को तत्काल बदला जावे।


Sunday, 29 March 2020

सीधी: लाक डाउन का संशोधित आदेश जारी, दुकानों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य।


सीधी: देेश मेें लगातार कोरोना सेे संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अब तक 1127 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं, जिसमें से 90 मरीज ठीक हो चुकें हैं तो 27 मरीजों की मौत हो चुकी है। अगर बात मध्यप्रदेश की करें तो अब 39 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाये गये है, जबकी 2 मरीजों की मौत हों चुकी है।

कोरोना वायरस (कोविड-19) की रोकथाम के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सीधी द्वारा आदेश जारी कर 14 अप्रैल 2020 की रात्रि 12 बजे तक संपूर्ण सीधी जिला को पूर्ण लाक डाउन घोषित किया गया है। उक्त आदेश के परिप्रेक्ष्य में आंशिक संशोधन किया गया है।

जारी संशोधित आदेशानुसार किराना दुकान, आटा चक्की अथवा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत चलने वाली दुकानों हेतु किसी भी स्थिति में सुबह 11 से दोपहर 4 बजे तक ही खोलने की अनुमति रहेगी। इसके साथ ही विक्रेता एवं क्रेता सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगें तथा एक मीटर की दूरी से क़तार सुनिश्चित करेंगें। पीडीएस दुकानों में संबंधित सोसाइटी सेनिटाईजेशन हेतु सेनेटाईज़र अथवा साबुन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करेंगे।

उक्त आदेशों के उल्लंघन की दशा में भा.द.सं. की धारा 188 एवं डिज़ास्टर मैनेजमेंट एक्ट के सेक्शन 51 से 60 के तहत कार्यवाही की जाएगी।

भोपाल: Corona lockdown! गरीबों एवं भूखों के खानें की व्यवस्था के लिये, प्रदेश कांग्रेस कार्यालय रसोई में तब्दील।


भोपाल: देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। जैसे की पता है की कोरोना जैसी वैश्विक बीमारी के संक्रमण से रोकथाम के लिये पूरे देश में 21 दिन यानी 14 अप्रैल तक का लॉक डाउन घोषित है, इस लॉक डाउन का सबसे बुरा असर देहाड़ी मजदूरों के साथ साथ गरीबों के उपर पड़ रहा है। जिन्हें खाने-पीने से लेकर उनके रहनें तक का इंतजाम नही हो पा रहा, और ऐसे में ये सभी लोग पलायन को मजबूर हो रहें हैं जिससे कोरोना के संक्रमण का खतरा और भी बढ़ सकता है।



जिसे देखते हुए भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय को अब रसोई में तब्दील कर दिया गया है। यहां रोजाना हजारों गरीब लोगों के लिए खाना तैयार होता है और इस खाने को कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता जरूरतमंदों तक पहुंचाने का काम करते हैं।




हला की मध्यप्रदेश में भले ही कुछ दिनों पहले कांग्रेस की सरकार चली गई हो, लेकिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी का हाथ अभी भी गरीबों के साथ है। खुद को गरीबों का हितैषी बताने वाली कांग्रेस पार्टी ने कोरोना वायरस से पैदा हुए हालात से निपटने के लिए भूखों को भोजन कराने के लिए भोपाल में अपनी रसोई शुरू की है।इस रसोई से गरीबों और जरूरतमंदों के लिए खाना बनाया जाता है।



गोविंद गोयल कर रहे रसोई की देखभाल।
कांग्रेस नेता गोविंद गोयल को रसोई की जिम्मेदारी दी गई है। यहां पर गोविंद गोयल ने कांग्रेस के दूसरे नेताओं कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर रसोई की शुरुआत की है।

कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देख, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें नागरिकों से घर पर रहनें की अपील की।


भोपाल: देेश मेें लगातार कोरोना सेे संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अब तक 1037 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं, जिसमें से 85 मरीज ठीक हो चुकें हैं तो 24 मरीजों की मौत हो चुकी है। अगर बात मध्यप्रदेश की करें तो अब 39 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाये गये है, जबकी 2 मरीजों की मौत हों चुकी है।



देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते संकट को देख मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें नागरिकों से अपील करते हुए कहा की " कोरोना वायरस से बचाव के लिए सभी नागरिकों में जागरूकता जरूरी है। आपसे आग्रह है कि घरों से बाहर ना निकले। घर के अंदर ही रहे। दो-दो घंटे के अंतराल से हाथ साबुन से धोते रहे। अपने मुंह पर मास्क या कपड़ा बांधे। भीड़ में बिल्कुल भी नहीं जाए। लंबे समय तक सर्दी-खांसी, गले में दर्द या सांस लेने में परेशानी आ रही है तो चिकित्सक से संपर्क कर जांच करवाएं। सावधानी और जागरूकता से ही हम कोरोना वायरस से खुद का, अपने परिवार का और समाज का बचाव कर सकते हैं"।



गौरतलब है की, मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में 21 दिन यानी 14 अप्रैल तक का लॉक डाउन चल रहा है, जिससे की कोरोना के संक्रमण को बढनें से रोका जाय। लॉक डाउन के समय नागरिकों को घर पर ही रहनें का आदेश है। सिर्फ़ जरूरी कामों के लिये ही घर से निकलनें की छूट है।

Saturday, 28 March 2020

सीधी: म.प्र. कांग्रेस महामंत्री ज्ञान सिंह नें, कोरोना आपदा प्रबंधन के लिये जिला कलेक्टर को सौंपा ₹ 1 लाख रुपये का चेक।


सीधी: देश में लगातार कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब यह आंकड़ा 1022 तक पहुंच चुका है, इसमें से 85 मरीज ठीक हो चुकें है, जबकी कोरोना वायरस से संक्रमित 24 मरीजों की अब तक मौत हो चुकी है। 



यदि बात मध्यप्रदेश की करें तो यहां भी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अब मध्यप्रदेश मे यह आंकड़ा 34 तक जा पहुंचा है, जिसमें से 2 संक्रमित व्यक्तियों की मौत भी हो चुकी है।



ऐसे में अब मध्यप्रदेश के सीधी जिले में कोरोना जैसी घातक बीमारी से निजात दिलाने, संक्रमण की रोकथाम के लिये तथा लॉक डाउन के दौरान जरुरतमंदों की मदद के लिये कई समाजसेवी सामनें आ रहें है और प्रशासन के साथ मिल कर उनकी मदद कर रहें है।



ऐसा ही एक उदाहरण आज देखनें को मिला, जब सीधी के समाजसेवी तथा मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री ज्ञान सिंह चौहान नें जिले में 100 जरूरतमंदों गरीब और भूखों को अनाज किट वितरित किया साथ ही अन्य जरूरतमंदों की मदद के लिए जिला प्रशासन को रेडक्रॉस के लिए ₹ 1 लाख रुपये का चेक जिला कलेक्टर रवीन्द्र चौधरी को सौंपा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया नें, कोरोना आपदा प्रबंधन कें लिये 30 लाख रुपये सीएम राहत कोष में जमा किये।


भोपाल: देेश मेें लगातार कोरोना सेे संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अब तक 959 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं, जिसमें से 84 मरीज ठीक हो चुकें हैं तो 21 मरीजों की मौत हो चुकी है। अगर बात मध्यप्रदेश की करें तो अब 33 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाये गये है, जबकी 2 मरीजों की मौत हों चुकी है।

देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते संकट को देख अब मदद के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा की तरफ से राज्यसभा उम्मीदवार ज्योतिरादित्य सिंधिया, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मदद के लिए सामने आए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य एवं अन्य संसाधनों की आपूर्ति के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में 30 लाख रुपए की सहायता राशि दान में दी है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री चौहान को पत्र लिखकर यह सहायता राशि जारी की।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पत्र में लिखा है कि कोरोना जैसे वैश्विक महामारी से हमारा देश और प्रदेश जूझ रहा है। ऐसे में मैं प्रदेश वासियों के स्वास्थ्य एवं अन्य जरूरतों के लिए संसाधनों की आपूर्ति के लिए 30 लाख रुपए मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करने के लिए तत्पर और वचनबद्ध हूं। सिंधिया ने कहा है कि उन्हें विश्वास है कि मुख्यमंत्री राहत कोष के जरिए प्रदेशवासियों की मदद कर हम इस कठिन समय में उन्हें हरसंभव की सहायता उपलब्ध करा सकेंगे।

वहीं प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए सिंधिया ने पत्र में लिखा है कि केंद्र की मोदी सरकार प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में इस महामारी से मुकाबला करने की हरसंभव कोशिश कर रही है। जिसके लिए जनता कर्फ्यू और संपूर्ण लॉक डाउन जैसे फैसले प्रदेशवासियों के हित में लिए गए हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पत्र में प्रधानमंत्री मोदी पर विश्वास जताते हुए कहा है कि नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हम सभी देशवासी मिलकर कोरोना जैसी महामारी से लड़कर इस पर विजय हासिल करेंगे।

Friday, 27 March 2020

शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार : सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला को मिलेगी जगह ! या मिलेगी विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी ?


भोपाल / सीधी : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पद ग्रहण के बाद अब उनके मंत्रिमंडल के साथ साथ विधानसभा अध्यक्ष के नाम पर फाइनल सहमति बनानें का प्रयास जारी है। ऐसे में अब यह माना जा रहा की भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सीधी विधानसभा से विधायक पंडित केदारनाथ शुक्ला का इस बार मंत्रिमंडल में जगह मिलना तय है। साथ ही उनका नाम विधानसभा अध्यक्ष के लिये भी तेजी से उभरा है।

शिवराज सिंह चौहान द्वारा चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार की कवायद शुरू हो गई है। मंत्रिमंडल में काफी सोच समझकर मौका दिया जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, समीकरणों को साधने के लिए इस बार मंत्रिमंडल में दो उप मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। वहीं करीब दो दर्जन से अधिक विधायकों को मंत्री बनाया जाएगा इसके लिए आलाकमान के साथ चर्चा का दौर चल रहा है।

वर्तमान राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए उत्तरप्रदेश की तर्ज पर इस बार डा.नरोत्तम मिश्रा व तुलसी सिलावट को उप मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। कांग्रेस सरकार गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्रियों को भी मंत्रिमंडल में मौका मिलना तय है।



शिवराज मंत्रिमंडल में इनको मिल सकती है जगह...
गोपाल भार्गव, भूपेन्द्र सिंह, रामपाल सिंह, यशोधरा राजे सिंधिया, विजय शाह, अजय विश्नोई, राजेन्द्र शुक्ला, केदारनाथ शुक्ला, गौरीशंकर बिसेन, संजय पाठक, पारस जैन, जगदीश देवडा, विश्वास सारंग, हरिशंकर खटीक, मीना सिंह, प्रदीप लारिया, अरविंद भदौरिया, ओम प्रकाश सकलेचा, बृजेन्द्र प्रताप सिंह, रमेश मेंदोला, जालम सिंह पटेल, मालिनी गौड़, गोपीलाल जाटव, नीना वर्मा, यशपाल सिंह सिसोदिया, रामोलावन पटेल, मोहन यादव, पंचूलाल, दिव्यराज सिंह आदि को मौका मिल सकता है। यदि पार्टी में उम्र की कोई सीमा नही रखी गई तो नागेन्द्र सिंह नागौद या नागेन्द्र सिंह गुढ़ को भी मौका मिल सकता है।



सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला बनेंगें विधानसभा अध्यक्ष? या मिलेगी मंत्रिमंडल में जगह।
इस समय सीधी सहित समूचे विंध्य में यह चर्चा है, की सीधी विधयाक एवं वरिष्ठ नेता केदारनाथ शुक्ला इस बार सरकार का हिस्सा बनेंगें और मंत्रिमंडल में शामिल होंगें। साथ ही यह भी चर्चा जोरों पर है की, उनका नाम विधानसभा अध्यक्ष के लिये भी तेजी से उभरा है। हला की वरिष्ठ भाजपा नेता डा. सीताशरण शर्मा का नाम भी विधानसभा अध्यक्ष की लिस्ट में हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विश्वसनीय डा. शर्मा ने वर्ष 2013 से 2018 तक विधानसभा का बहुत ही संजीदा तरीके से संचालन किया था।
कुछ तथ्य ऐसे भी, जो जा सकतें हैं सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला के खिलाफ।

सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला अपनें बेबाक राय और बोल के लिये जानें जाते हैं और वो अपनी पार्टी के खिलाफ भी बोलतें रहें है, ऐसे में कुछ ऐसे तथ्य हैं जो उनके खिलाफ भी जा सकतें है।

सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला के सीधी सांसद रीति पाठक से मतभेद।
सीधी से भोपाल तक सीधी विधायक एवं सांसद की आपसी तकरार के बारें में सब को पता है। दरअसल सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला और सांसद रीति पाठक के रिश्ते बिल्कुल समान्य नही है, और दोनों एक दूसरे के बारे मे मीडिया में भी बयानवाजी करनें से पीछे नही हटते। हालत तो यहां तक पहुंच गये थे की सीधी विधायक द्वारा सीधी सांसद पर व्यक्तिगत छींटाकशी की गयी थी, जिसके जवाब में सांसद रीति पाठक ने, सीधी विधायक के मानसिक स्थिति पर ही सवालिया निशान लगा दिया था, और शिवराज सिंह को बीच बचाव करना पड़ा था।

सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला द्वारा पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह के खिलाफ की गई टिप्पणी।
झाबुआ उपचुनाव हारने के बाद  भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सीधी से विधायक केदारनाथ शुक्ला ने अपनी ही पार्टी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह की काबिलियत पर सवालिया निशान लगाते हुए यह तक कह डाला था कि उन्हीं के असक्षम नेतृत्व के चलते पार्टी चुनाव हारी है ।शुक्ल ने यहां तक कह दिया कि  राकेश सिंह के नेतृत्व में पार्टी चौपट हो रही है और उन्हें जल्द पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया जाना चाहिए। केदारनाथ शुक्ला का इतना बोलते ही पार्टी में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पार्टी नें केदारनाथ शुक्ल की इस बयान बाजी को अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस थमा दिया था।

अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा की, पार्टी की आपसी गुटबाजी केदारनाथ शुक्ला के खिलाफ जाती है या फिर उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिलती है, या फिर विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी इस बार उनके नाम पर की जाती है जिसके कयास काफी वक़्त से लगाये जा रहेंं हैं।

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