Sunday, 19 January 2020

VIDEO: शिरडी से LIVE, सीएम उद्धव ठाकरे के बयान से बवाल, आज शिरडी बंद।


शिरडी: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साईं जन्मभूमि पाथरी शहर के लिए विकासनिधि के ऐलान के बाद शिरडी के लोग नाराज हैं। मुख्यमंत्री के इस निर्णय के खिलाफ आज शिरडी बंद है, लोंगों का कहना है कि साईं बाबा ने अपने जन्म और धर्म जिक्र कभी नहीं किया और न ही साईं चरित्र में इसके बारे में कुछ लिखा हुआ है।

आज शिरडी में बाजार बंद।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बायन के बाद आज शिरडी का बाजार बंद रखा गया है, हला की मन्दिर दर्शन के लिये खुला हुआ है। आज रविवार छुट्टी का दिन होनें की बजह से भक्तों की सुबह से ही काफी भीड़ है। बाजार बंद होने के बजह से लोंगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह के नाश्ते, चाय एवं बच्चों के दूध के लिये लोंगों को यहां वहां भटकना पड़ रहा है।


साईं संस्थान ट्रस्ट में, भक्तों की भारी भीड़।
बाज़ार बंद होनें के कारण, सुबह के चाय, नाश्ते और बच्चों के दूध एवं अन्य जरूरी आवश्यकताओं के लिये भक्तों की लम्बी कतार, साईं संस्थान ट्रस्ट में सुबह से ही देखी जा सकती है।साथ ही कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा भी फ़्री चाय नाश्ते की भी व्यवस्था की गयी थी।

क्या कहा था मुख्यमंत्री ने, जिसका हो रहा विरोध?
उद्धव ठाकरे ने  9 जनवरी को औरंगाबाद में साईंबाबा के कथित जन्म स्थान पाथरी शहर के लिए 100 करोड़ की विकास निधि देने का ऐलान किया था। मुख्यमंत्री के इस फैसले का शिरडी के लोग विरोध कर रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि पाथरी को लेकर अगर सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेगी तो वो कोर्ट जाएंगे।
साईं मंदिर के एक पूर्व ट्रस्टी का कहना है कि साईंबाबा ने कभी भी अपने जन्म, धर्म पंथ के बारे में किसी को नहीं बताया। बाबा सर्वधर्मसमभाव के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे गलत जानकरी दी गई है। 
पूर्व ट्रस्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री पहले साई सत चरित्र का अध्ययन करें और उसके बाद कोई फैसला लें।

राष्ट्रपति के बयान का भी हुआ था विरोध।
पूर्व ट्रस्टी ने बताया इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी साईंबाबा के जन्मस्थान को लेकर ऐसा बयान दे चुके हैं। राष्ट्रपति 1 अक्टूबर 2018 को साईं बाबा समाधि शताब्दी समारोह का उद्धघाटन करने आए थे। उन्होंने भी कहा था कि पाथरी गांव साईबाबा का जन्मस्थान है और इसके विकास के लिए मैं काम करूंगा।उस समय भी राष्ट्रपति के इस वक्तव्य का विरोध किया गया था।

शिरडी के ग्रामीणों का क्या कहना हैं।
वहीं शिरडी के ग्रामीणों नें सीधी CHRONICLE से बात करते हुये कहा, कि कुछ लोगों का मानना है कि पाथरी बाबा का जन्मस्थान है लेकिन ऐसा कहीं भी लिखा नहीं है। साई चरित्र में भी बाबा के जन्मस्थान, मां-बाप या गुरु धर्म के बारे में लिखा नहीं है और ये सारी बातें सिर्फ तर्क के आधार पर हो रही हैं। यहां के लोग नहीं मानते हैं कि बाबा का कोई जन्मस्थान है। लोगों का कहना है कि वो मुख्यमंत्री के फैसले के खिलाफ कोर्ट में भी जा सकते हैं।
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