Wednesday, 22 January 2020

VIDEO: मंत्री-सांसद विवाद, शिवराज सिंह नें जीतू पटवारी सहित कमलनाथ के मंत्रियो पर अहंकारी होनें एवं दादागीरी करनें का आरोप लगाया।


देवास: जिला योजना समिति की बैठक में मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री जीतू पटवारी और भाजपा सांसद महेन्द्र सोलंकी के बीच हुए विवाद पर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब इस मामले मेें प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार करते हुये मंत्री जीतू पटवारी सहित कमलनाथ सरकार के मंत्रियों पर सत्ता के नशे में अहंकारी होनें का आरोप लगाया है।

मंत्री का पद अहंकार एवं दादागीरी के लिये नही होता: शिवराज सिंह।

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान नें कहा की, मंत्री का पद संवैधानिक होता है ना की अहंकार एवं दादागीरी के लिये। आगे उन्होनें कहा की मंत्री का पद प्रदेश के विकास एवं जनता की सेवा के लिये होता है लेकिन जब सत्ता का नशा सर पर चढ़कर बोलता है तो व्यक्ति अपनी संवैधानिक कर्तव्य एवं मर्यादाएं भूल जाता है। मंत्री हैं, तो सवाल किये जायेंगे, मांगे की जायेंगी और मंत्री से अपेक्षाएँ भी होंगी। मंत्री का काम यह है की, जनता के सवालों का जवाब दें, जायज अपेक्षाओं को पूरा करें, ये बात बात पर बाहर कर दूंगा यह कौन सी मानसिकता है। मध्य-प्रदेश की राजनीती में मैने ऐसी मानसिकता कभी नही देखी।

कमलनाथ के मंत्री अहंकार में चूर है: शिवराज सिंह।

आगे बोलते हुये शिवराज सिंह चौहान नें कहा की, कमलनाथ के मंत्री कभी कहतें है, की सांसद को बाहर निकाल दूंगा तो कभी कलेक्टर थप्पड़ मारनें लगती है, अजीब हालत हो गयी है। इसका अर्थ यह है की मंत्रियों को  विकास एवं जनसेवा से कोई लेना देना नही है, अहंकार में चूर है, अहंकार तो बड़े बड़ों का नही रहा, रावण, कंस एवं हिरणाकश्यप का भी नही रहा तो इनका कब तक रहेगा, आगे शिवराज सिंह चौहान में कहा की मै दुखी हूँ, कमलनाथ के मंत्रियों की मर्यादाहीन भाषा से।

शिवराज सिंह नें मुख्यमंत्री कमलनाथ को भी घेरा।
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह नें मुख्यमंत्री कमलनाथ से सवाल किया की आप किसको डरा रहे हो, हमारे कार्यकर्ताओं को भारत माता की जय बोलनें पर थप्पड़ मरवा रहे हो, थाने ले जाकर पिट्वा रहे हो, आप कितनो को जेल भेजोगो, आप अहंकार में आकर कुछ भी करोगे, यह अहंकार जनता जल्द उतार देगी, आगे शिवराज सिंह ने कहा की अब मै भी तैयार हू, देखता हू  कमलनाथ क्या करेंगे।

आइये जानतें हैं विवाद का कारण।
भाजपा सांसद ने बताया कि इस बैठक में मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का एक प्रतिनिधि बैठा हुआ था जो बैठक के लिए अधिकृत नहीं था। जब मैंने इस बात का विरोध किया तो वो लोग हंगामा करने लगे और बैठक के बाद जब में बाहर आया तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए और मुर्दाबाद के नारे लगाए।
देखें वीडियो 👇(पूरा वीडियो देखनें के लिये सीधी CHRONICLE के फेसबुक पेज पर विजिट करें)


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