Wednesday, 8 January 2020

मंत्री की स्थिति "चुल्लू भर पानी में डूब मरने की", सीएम कमलनाथ तत्काल ऐसे मंत्री को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करें: उमेश तिवारी।


सीधी: सीधी जिले की सिहावल तहसील अंतर्गत एक  महिला से हिस्सा-बारिशाना एवं जमीनी मामले को लेकर राजस्व अमले द्वारा बार-बार रिश्वत की मांग से परेशान होकर बतौर रिश्वत महिला द्वारा अपनी भैंस तहसील कार्यालय में लाकर बांधनें तथा एसडीएम द्वारा अपनें कर्मचारियों के काले कारनामों पर पर्दा डालने के लिये, पीड़िता महिला सहित मामले को कभरेज कर रहे चार मीडिया कर्मी व अन्य नौ लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करानें का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।
अब इस मसले पर टोंको-रोंको-ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा के सयोंजक उमेश तिवारी नें सिहावल क्षेत्र से आनें वाले कमलनाथ सरकार के मंत्री को आड़े हांथो लेते हुये, मंत्री जी की स्थिति "चुल्लू भर पानी में डूब मरने" की बता दी, साथ ही  मुख्यमंत्री कमलनाथ से ऐसे मंत्री को तत्काल अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त करनें की मांग कर दी। गौरतलब है की, मध्यप्रदेश के सीधी जिले का सिहावल विधानसभा क्षेत्र, कमलनाथ सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल का है। वो यहां दो बार से कांग्रेस के विधायक है।

मंत्री को चुल्लू भर पानी में डूब मरने की स्थिति: उमेश तिवारी।


उमेश तिवारी नें अपनें फेसबुक पोस्ट एवं वॉट्सएप्प के माध्यम से कहा की ,अखवारों में प्रकाशित खबरों की जानकारी अनुसार सिहावल तहसील के कर्मचारियों की घूसखोरी की हवस पूर्ति मे घूंस की क़िस्त चुकाने के लिए अपनी भैंस ले जाकर तहसील कार्यालय में बांधने की घटना अत्यंत दुखद एवं निंदनीय है। सीधी जिले के समस्त कार्यालय घूसखोरी के लिए कुख्यात हो चुके हैं। जिले का राजस्व अमला तो सारी सीमाओं के पार जा चुका है। उसका कारण है की जिले के मंत्री ने जिस तरह से भ्रष्ट कर्मचारियों अधिकारियों की पदस्थापना में सेटिंग करके जिले वासियों तथा जिले के संसाधनों को लूटने का षड्यंत्र रचने का काम किया है उसी का परिणाम सिहावल की घटना है। मौजूदा समय में संपूर्ण जिले में मंत्री के परिजनों के व्यापक भ्रष्टाचार की जन चर्चा है। मंत्री के कार्य प्रणाली पर सवालिया निसान है कि मंत्री के गृह तहसील में ही जिस तरह से एक महिला को अपना बारिशाना उठाने के लिए 10 हजार की घूस देनी पड़ी और घूंस की बांकी राशि देने के लिए उसे अपनी भैस तहसील कार्यालय ले जाकर कर्मचारियों की घूंस पूर्ति हेतु बांधनी पड़ी यह स्थिति मंत्री को "चुल्लू भर पानी में डूब मरने" की है। इससे बड़ी विडंबना और अधिकारी की तानाशाही क्या हो सकती है की घूंसखोर कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही के बजाय पीड़ितों के खिलाफ पुलिस में आपराधिक प्रकरण कायम कराकर तानाशाही का प्रदर्शन किया है।

मुख्यमंत्री से मंत्री को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करनें की मांग।

आगे श्री तिवारी नें कहा की, मुख्यमंत्री कमलनाथ से मांग है कि ऐसे मंत्री को तत्काल अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त करें तथा घूसखोर कर्मचारियों को जेल भेजने की कार्यवाही करें।

उमेश तिवारी की फेसबुक पोस्ट👇
उमेश तिवारी का फेसबुक लिंक👇
मंत्री को चुल्लू भर पानी में डूब मरने की स्थिति। अखवारों में प्रकाशित खवारो की जानकारी अनुसार सिहावल तहसील के...
Posted by Umesh Tiwari on Wednesday, January 8, 2020

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