Sunday, 5 January 2020

दलबदल के महारथी एवं हनीट्रैप में नाम उछल चुके भाजपा विधायक के घर पहुंचे सीएम कमलनाथ: दिवंगत पिता को दी श्रद्धांजलि।


सतना: मुख्यमंत्री कमलनाथ मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद विंध्य क्षेत्र केे सतना में पहली बार पहुंचे। सीएम के रूप में कमलनाथ का सतना का पहला दौरा था। वे रविवार की सुबह 10 बजे विशेष विमान में सवार होकर भोपाल से खजुराहो पहुंचे। इसके बाद 11.30 बजे हेलीकॉप्टर से बदेरा में बने हेली पैड पर पहुंचे। फिर कार में सवार होकर सीएम कमलनाथ मैहर भाजपा के विधायक नारायण त्रिपाठी घर पर पहुंचकर दिवंगत पिता को श्रद्धांलजि दी।
गौरतलब है की, मैहर विधायक के पिता श्याम सुंदर त्रिपाठी का विगत एक पखवाड़े पहले निधन हो गया था।


सीएम कमलनाथ के भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी के घर पहुंचनें पर, कई राजनैतिक मायनें निकाले जा रहे।
हला की, मुख्यमंत्री कमलनाथ, विधायक त्रिपाठी के घर उनके दिवंगत पिता को श्रद्धांजलि अर्पित करनें गये थे, लेकिन राजनैतिक गलियारों में इसके कई मतलब निकाले जा रहे।
बता दें की, ये वही नारायण त्रिपाठी है जो विधानसभा में मतविभाजन के दौरान कांग्रेस के पक्ष में वोटिंग के बाद सुर्ख़ियों में आये थे। लेकिन बाद में दलबदल के महारथी मैहर सीट से बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने मीडिया के सामने आकर आज कांग्रेस को ठेंगा दिखाते हुये बोले कि वे बीजेपी के साथ थे और बीजेपी के साथ ही रहेंगे।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने नारायण त्रिपाठी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और स्पष्ट किया था, कि विधायक त्रिपाठी भाजपा में ही हैं कांग्रेस में नहीं गए हैं। 
नारायण त्रिपाठी का दल बदल का लम्बा इतिहास रहा है, और वो कभी निर्दलीय, समाजवादी, कांग्रेस, भाजपा से होते हुये कांग्रेस और फिर भाजपा के साथ हो लिये।

जब कांग्रेस के दिग्गज अजय सिंह, नारायण की वजह से चंद मतों से यह चुनाव हार गये थे।
एक समय था जब अजय सिंह ने ही नारायण त्रिपाठी को कांग्रेस मे लाकर 2013 मे मैहर से टिकट दिया था और कांग्रेस के विधायक चुने गये थे लेकिन इन्ही नारायण त्रिपाठी ने 2014 लोकसभा चुनाव में जब अजय सिंह सतना लोकसभा सीट से चुनाव लड़े थे और उस दौरान मतदान से दो दिन पहले नारायण त्रिपाठी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ मंच साझा करते हुये भाजपा मे चले गये थे और अजय सिंह महज चंद मतों से यह चुनाव हार गये थे।
हला की जब कमलनाथ सरकार, नारायण को अपने पाले में लाने के बाद एक तरफ जहा जश्न मना रही थी तो वही मध्यप्रदेश केे दिग्गज कांग्रेसी नेता अजय सिंह ने नारायण त्रिपाठी की घर वापसी पर सवाल खड़े करते हुये पार्टी को चेताया था।

क्या कहा था, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें?
अजय सिंह ने कहा था कि नारायण त्रिपाठी को लाने से पहले पार्टी को यह सोचना चाहिए था, निष्ठावान कार्यकर्ताओं के ऊपर क्या गुजरेगी। हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ को अनुभवी नेता बताते हुए कहा कि पांच साल सरकार चलाने के लिए उन्होंने यह सोच समझकर ही यह कदम उठाया होगा !
अजय सिंह ने कहा था कि इन लोगों के बारे में जो उनकी व्यक्तिगत राय है, वह जग जाहिर है। जहां तक आज की राजनीतिक संस्कृति है,उसके बारें में कुछ नहीं कहा जा सकता नारायण त्रिपाठी के बारे मे मुझे और बोलने की जरुरत नही है ।

हनीट्रैप मामलें में भी उछल चुका है नारायण त्रिपाठी का नाम।
बता दें की, मध्यप्रदेश के बहुचर्चित हनीट्रैप मामले में भी मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी का नाम उछल चुका है। अब ऐसे में सीएम कमलनाथ का नारायण त्रिपाठी के घर पहुंचना राजनैतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

संविधान बचाओ महारैली में मुख्य अतिथि के रुप में उपास्थित हुये थे सीएम कमलनाथ।
पूर्व सांसद सुखलाल कुशवाहा की 56वीं जंयती पर सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने दिवंगत पिता की याद में शहर के बीटीआई मैदान में संविधान बचाओ महारैली का आयोजन किया था। जहां मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के मुखिया सीएम कमलनाथ को बुलाया गया था। जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने की। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में विस उपाध्यक्ष हीना कावरे, पंचायत मंत्री कमलेश्वर पटेल, प्रभारी मंत्री लखन घनघोरिया के साथ चित्रकूट विधायक नीलांशू चतुर्वेदी मौजूद रहे।

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