Friday, 31 January 2020

म.प्र. के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कुंवर अर्जुन सिंह की स्मृति में "यादें अर्जुन सिंह" कार्यक्रम का आयोजन, 8 फरवरी को छत्रसाल स्टेडियम सीधी में।


सीधी: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय राजनीति के दिग्गज राजनेता स्व. कुंवर अर्जुन सिंह की स्मृति में आठ फरवरी को ‘यादें अर्जुन सिंह’ द्वितीय सोपान के तहत अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी कुंवर अर्जुन सिंह सर्वहारा कल्याण मंच की तरफ से अरुण सिंह नें "सीधी CHRONICLE" को दूरभाष पर दी। 



उन्होनें बताया कि, विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी कुंवर अर्जुन सिंह की याद में ‘यादें अर्जुन सिंह’ द्वितीय सोपान कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छत्रसाल स्टेडियम में आठ फरवरी को शाम आठ बजे से अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में देश के कई प्रतिष्ठित कवि एवं शायर अपनी रचनाओं के माध्यम से कुंवर अर्जुन सिंह को याद करेंगे। उन्होंने बताया कि मंच के संरक्षक पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल के मार्गदर्शन में कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

कुंवर अर्जुन सिंह का जीवन परिचय।

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय राजनीति के दिग्गज राजनेता स्व. कुंवर अर्जुन सिंह का जन्म 5 नवंबर 1930 को हुआ था। विंध्य की माटी के सपूत एक छोटी सी जागीर में जन्म लेकर भारत की राजनीति के क्षितिज पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कुंवर अर्जुन सिंह की यादों का अब अवशेष शेष रह गया है। चुरहट जागीर के राव घराने में 5 नवंबर 1930 को जन्में अर्जुन बीमारी के बाद राज्यसभा सदस्य रहते हुए 4 मार्च 2011 को इस दुनिया को अलविदा कह गए।



निर्दलीय चुनाव लड़कर, राजनीति की शुरूआत की।

अर्जुन सिंह ने अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत किसी पार्टी के सहारे नहीं अपने बल पर शुरू की थी।साल 1952 में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इलेक्शन कैंपेन के दौरान अर्जुन सिंह के पिता राव शिवबहादुर सिंह को इलेक्शन कैंडिडेट के तौर पर घोषित किया था। लेकिन रीवा पहुंचने के बाद नेहरू ने अपनी स्पीच में ये कह दिया कि उनकी पार्टी से कोई कैंडिडेट नहीं है। इसके बाद अर्जुन सिंह के पिता निर्दलीय इलेक्शन लड़े लेकिन वो उस वक्त जीत नहीं पाए। जिसका अर्जुन सिंह पर गंभीर असर हुआ। और इसी अपमान का बदला लेने के लिए वे व्यक्तिगत तौर पर राजनीति में आ गए और कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

जब पहली बार बने विधायक।
अर्जुन सिंह अपने पिता का बदला लेने के लिए राजनीति में सक्रिय हो गए। साल 1957 में अर्जुन सिंह कांग्रेस का टिकट लेने के लिए तैयार नहीं हुए और कांग्रेस से अपनी हार का बदला लेने के लिए निर्दलीय उमीदवार के रूप में विधानसभा  चुनाव लड़े और विधायक बनें।

जब नेहरू ने अर्जुन सिंह को बुलाया दिल्ली।
अब अर्जुन सिंह विधायक बन चुके थे, और कांग्रेस के इस मिथक की "यदि कांग्रेस किसी को लैंप-पोस्ट टिकट दे तो उसकी जीत पक्की है" को तोड़ने में सफल रहे थे।
साल 1961 में मध्यप्रदेश विधानसभा में एक प्रस्ताव रखा गया कि सभी विधायकों को अपनी सम्पत्ति का सत्यापन करना होगा। इसके बाद अर्जुन सिंह ने नेहरू को एक पत्र लिखा जिससे प्रभावित होकर उन्होंने अर्जुन सिंह को दिल्ली बुला लिया। चर्चा के बाद जब अर्जुन सिंह निकले तो नेहरू से खूब प्रभावित थे और कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा कर दिए।

जब बनें मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष।
1977 में कांग्रेस अल्पमत में आ गई और प्रदेश में जनता पार्टी की सरकार बनी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अर्जुन सिंह को बनाया गया। अर्जुन सिंह ने नेता प्रतिपक्ष बनकर जिस तरह से काम किया शायद ही भारतीय राजनीति में ऐसे उदाहरण देखने को मिलते हैं। उन्होंने तीन साल नेता प्रतिपक्ष रहते हुए तत्कालीन जनता सरकार के तीन सीएम बदलने पर मजबूर कर दिए थे। जिसमें कैलाश जोशी , वीरेंद्र सकलेचा और सुंदरलाल पटवा शामिल हैं। इस बाद राष्ट्रपति लागू होने के बाद इलेक्शन कराए गए। जिसमें कांग्रेस बहुमत में आ गयी।

तीन बार रहे मध्य-प्रदेश के मुख्यमंत्री।
समय बदला, अर्जुन सिंह इंदिरा और संजय के करीबी होने लगे। इंदिरा दतिया के मंदिर गईं तो भोपाल में अर्जुन सिंह के यहां रुकीं। संजय गांधी चुनाव प्रचार के लिए चुरहट तक गए। 1980 आया, कांग्रेस चुनाव जीती। विधायक दल का नेता चुनने के लिए बड़े-बड़े नाम आये।केपी सिंह, विद्याचरण शुक्ला, प्रकाशचंद सेठी, शिवभानु सिंह सोलंकी और अर्जुन सिंह, अभी के मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम भी था लेकिन उन्होंने अपने वोट और अपना साथ अर्जुन सिंह को दे दिया था। मुख्यमंत्री  चुनने का दूसरा दौर चला। पर्यवेक्षक के तौर पर आये प्रणव मुखर्जी की उपास्थिती में मतपेटी में वोट डाले गए।मतपेटी को दिल्ली मंगवा लिया गया।इसके बाद तमाम विरोधी अटकलों के बीच अर्जुन सिंह को कांग्रेस आलाकमान ने मुख्यमंत्री बनाया। साल 1980 में पहली बार वे मुख्यमंत्री बने।  इसके बाद उन्होंने दूसरी बार एक साल और तीसरी बार भी एक साल मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली।

जब उन्हें बनाया गया पंजाब का राज्यपाल।
मप्र के मुख्यमंत्री रहते हुए राजीव गांधी द्वारा अर्जुन सिंह को पंजाब का राज्यपाल बनाया गया। उस समय पंजाब की हालत अत्यंत दयनीय थी। राजनीतिक विष्लेशकों की मानें तो अर्जुन सिंह को पंजाब का राज्यपाल उन्हें परास्त करने के लिए बनाया गया था। उन दिनों पंजाब में गदर मारपीट मची हुई थी। किंतु अर्जुन के माथे पर चिंता की लकीरे नहीं देखी गई।

जब अर्जुन सिंह नें कहा, चिंता की जरूरत नहीं।
उनके द्वारा सीधी से पंजाब के लिए रवाना होते समय उपस्थित जनसमुदाय से बस इतना कहा गया था कि जिंदा रहे तो जल्द आप लोगों के बीच आएंगे, कोई चिंता की जरूरत नहीं है। उनके इस बोल से लोगों के आंखों में आंसू तैरने लगा था। अर्जुन सिंह अपनी प्रशासनिक क्षमता का परिचय देते हुए आतंकवाद से झेल रहे पंजाब में जल्द ही राजीव-लोगोवाल समझौता कराकर पंजाब में शांति बहाल कराई गई। इस ऐतिहासिक कार्य के लिए उस दौर में अर्जुन सिंह को भारत रत्न पुरस्कार देने की भी मांग उठी थी।

फिर केंद्र की राजनीति में हुये सक्रिय।
नई दिल्ली की लोकसभा सीट तत्कालीन सांसद की मौत होने से खाली हो गई थी। अर्जुन सिंह को वहां से चुनाव लड़ाने का निर्णय कांग्रेस ने लिया। उनके विरोधी कुनबे में खुशी थी कि दिल्ली में बाहरी व्यक्ति बाटर लो साबित होगा। किंतु अर्जुन सिंह दिल्ली के चक्रब्यूह को तोड़कर चुनाव जीतने में सफल रहे तब उन्हें केंद्र सरकार मे संचार मंत्री बनाया गया। उसके बाद राजीव गांधी की हत्या के बाद नरसिंहा राव सरकार में मानव संसाधन मंत्री से नवाजा गया। उसके बाद मनमोहन सिंह सरकार मे मानव संसाधन मंत्री रहे।

अर्जुन सिंह की सेवाभावना, को आगे बढ़ाते उनके पुत्र अजय सिंह।
4 मार्च 2011 को अर्जुन सिंह की दिल्ली में मौत हो गई, लेकिन उनके उनके पुत्र अजय सिंह अपनें पिता के पदचिन्हों पर चलकर आज भी जनता की सेवा में लगे हुये हैं। अजय सिंह मध्यप्रदेश की राजनीति में दिग्गज नेताओं में शुमार है, वे मध्यप्रदेस सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। साथ ही वो मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके है।

पोता अरुणोदय सिंह बॉलीवुड में नाम कमा रहा है।
अर्जुन सिंह के पोते एवं अजय सिंह के बेटे, अरुणोदय सिंह फिल्मजगत में अपना नाम कमा रहे। वो ये साली जिन्दगी, जिस्म-2, मैं तेरा हीरो और मोहन जोदाडो जैसी बॉलीवुड फिल्मों से अपनें अभिनय का लोहा मनवा चुके है।

Thursday, 30 January 2020

जामिया गोलीकांड: तकरीबन 17 सेकेंड तक पिस्टल लहराता रहा हमलावर, हमले में एक छात्र घायल। देखें वीडियो।


दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में गुरुवार को दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से राजघाट तक मार्च के दौरान एक शख्स ने भीड़ पर फायरिंग की। इस फायरिंग में एक छात्र घायल हो गया। घायल छात्र को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।घायल छात्र का नाम शादाब है।
गौर करने वाली बात यह रही की, जामिया के पास प्रदर्शन के दौरान एक शख्स ने पुलिस की मौजूदगी में गोली चलाई। निशाना छात्रों की ओर था। जबकि हमलावर के पीछे भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। वहां मौजूद चश्मदीदों के मुताबिक फायरिंग करने वाला शख्स लगातार नारेबाजी कर रहा था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पुलिस की भारी मौजूदगी के बावजूद वो हमलावर हथियार लेकर वहां कैसे जा पहुंचा। कैसे उसने पुलिस के सामने फायरिंग कर दी।

हमलावर के हाथ में बंदूक थी, वह जोर-जोर से नारे लगा रहा था। बताया जा रहा है कि वो प्रदर्शन कारियों की तरफ मुंह करके कह रहा था कि वो उन्हें आजादी चाहिए तो वो उन्हें आजादी देगा। यही बोलते-बोलते वो युवक पुलिस की तरफ बढ़ता जा रहा था और प्रर्दशन कारियों की तरफ पिस्तौल दिखाकर नारे लगा रहा था।

हालांकि फायरिंग के फौरन बाद पुलिस ने हमलावर युवक को हिरासत में ले लिया। डीसीपी चिन्मय बिस्वाल ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घायल युवक को नजदीक में ही होली फैमली अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इस घटना के बाद पुलिस के सुरक्षा इंतजामों पर ही सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की इतनी भारी मौजूदगी के बाद कैसे वो शख्स पिस्तौल लेकर वहां भीड़ के बीच में आ गया। कैसे वो पुलिस और भीड़ के बीच खड़े होकर नारेबाजी करता रहा। कैसे उसने पुलिस के सामने ही प्रदर्शनकारियों की तरफ पिस्तौल तानकर गोली चला दी। इन सारे सवालों के जवाब मिलना अभी बाकी है।
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मध्यप्रदेश के आगर से भाजपा विधायक मनोहर ऊंटवाल का निधन, मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह नें जताया शोक।


भोपाल: मध्यप्रदेश के आगर निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा विधायक एवं पूर्व सांसद मनोहर ऊंटवाल का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार सुबह निधन हो गया। कुछ दिन पहले उन्हें ब्रेन हेमरेज होने के कारण इंदौर स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां से बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली रेफर किया गया था।



1963 में धार जिले के बदनावर में जन्मे मनोहर ऊंटवाल पांच बार विधायक और एक बार सांसद रहे। वह 1988 से 2014 के बीच चार बार विधायक रहे। 1986 में पार्षद का चुनाव जीतकर उन्होंने अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया था। 2014 के लोकसभा चुनाव में देवास संसदीय सीट से सांसद थे। 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें आगर-मालवा से टिकट दिया था। मनोहर ऊंटवाल भाजपा के कद्दावर नेता थे। शिवराज मंत्रिमंडल में मंत्री भी रहे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां और एक बेटा है ।

भाजपा सहित राजनैतिक गलियारे में शोक की लहर।

मनोहर ऊंटवाल के दुखद निधन पर मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह और भाजपा के मुख्य सचेतक नरोत्तम मिश्रा ने दुख व्यक्त किया है। वही बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने ट्वीट कर लिखा है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता साथी विधायक श्री मनोहर ऊँटवाल जी के दुःखद निधन का समाचार अत्यंत ही पीड़ा दायक है ।ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणो में स्थान दें। ॐ शान्ति।

मुख्यमंत्री कमलनाथ नें जताया शोक।
मनोहर ऊंटवाल के दुखद निधन पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट करते हुये लिखा, प्रदेश के आगर के विधायक मनोहर उंटवाल  के दुःखद निधन का समाचार प्राप्त हुआ। वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। परिवार के प्रति मेरी शोक संवेदनाएँ। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणो में स्थान व पीछे परिजनो को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे।


पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने जताया गहरा शोक।
मनोहर ऊंटवाल के दुखद निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने गहरा शोक जताया है। शिवराज ने ट्वीट कर लिखा है कि बड़े गौर से सुन रहा था ज़माना, तुम ही सो गए दास्ताँ कहते, कहते। शिवराज ने ट्वीट कर लिखा है कि बीजेपी के प्रदेश महामंत्री, पूर्व सांसद, पूर्व मंत्री, आगर से विधायक और अत्यंत लोकप्रिय नेता, जो सहज, सरल और समर्पित व्यक्तित्व के धनी थे, श्री मनोहर ऊंटवाल जी अब इस दुनिया में नहीं रहे। आज ही सवेरे श्री मनोहर ऊंटवाल जी ने दिल्ली के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके असमय निधन से मध्यप्रदेश की जनता ने अपने प्रिय सेवक को खोया है। उनका पूरा जीवन प्रदेश एवं देशवासियों की सेवा में समर्पित रहा। उनका निधन पूरे मध्यप्रदेश की क्षति है।
आगे शिवराज ने भावुक होते हुए लिखा है कि श्री मनोहर ऊंटवाल जी मेरे व्यक्तिगत मित्र थे, भाई थे, निकट सहयोगी थे। बीजेपी ने अपने प्रिय कार्यकर्ता को खोया है और मैंने अपने व्यक्तिगत मित्र को।
भगवान उनके परिवार को यह असह्य वेदना सहने की शक्ति दे।बड़े गौर से सुन रहा था ज़माना, तुम ही सो गए दास्ताँ कहते, कहते।

मध्यप्रदेश में अब एक और उपचुनाव।
मनोहर लाल ऊंटवाल के निधन के बाद मध्यप्रदेश में एक औऱ सीट खाली हो गई है। इससे पहले मुरैना जिले की जौरा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक बनवारी लाल शर्मा का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। वो लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे। उनकी उम्र 66 साल के थे।

सीधी: अवैध उत्खनन के खिलाफ कम्प्यूटर बाबा की मुहिम, सीधी पहुंचकर रेत माफियाओं के खिलाफ की कार्यवाही।


सीधी/ भोपाल: मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार द्वारा माफिया के खिलाफ काफी तेजी से अभियान चलाया जा रहा है। 11 तरह के माफियाओं पर सरकार नकेल कसने के लिये लगातार प्रयासरत है। इसी के तहत रेत माफियाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। सरकार के इस अभियान का भाजपा विरोध कर रही है, भाजपा के अनुसार कमलनाथ सरकार सिर्फ भाजपा के कार्यकर्ताओं को माफिया के नाम पर प्रताड़ित कर रही है। भाजपा इस अभियान के खिलाफ सड़क पर भी उतर चुकी है, सरकार एवं मुख्य विपक्षी भाजपा के बीच इस मुद्दे की बजह से काफी तल्खी भी देखी जा चुकी है।

इसी कड़ी में म.प्र. मां नर्मदा और मां क्षिप्रा एवं मां मंदाकिनी नदी न्यास अध्यक्ष म.प्र. महामंडेलश्वर कम्प्यूटर बाबा भी प्रशासन के साथ मिलकर अवैध रेत खनन पर लगाम लगाने के लिए यात्रा पर हैं। बाबा ने पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर सीधी जिले के निधपुरी घाट पर प्रशासन के साथ पहुँचकर 2 पोकलेन मशीन और 5 हाइवा जब्त की है।

कम्प्यूटर बाबा ने बताया कि वे सभी नदियों के सरंक्षण और और हो रहे अवैध उत्खनन को रोकने प्रदेश में भ्रमण कर रहे हैं। जहां जहां से शिकायतें सामने आई है, वहां भी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा वे प्रदेश की नदियों को रेत की अवैध खनन की आड़ में खोखला नहीं होने दिया जाएगा। वहीं कम्प्यूटर बाबा ने खनिज अधिकारी और खनिज निरीक्षण से लगभग आधा घंटा तक जिले के रेत खदानों और उत्खनन को लेकर बातचीत की।

Wednesday, 29 January 2020

निवास में अंतर्राज्यीय वालीबाल प्रतियोगिता का हुआ शुभारंभ, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह रहे उपस्थित।


सीधी: ग्राम पंचायत निवास के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में अंतरराज्यीय वालीबाल टूर्नामेंट का उद्घाटन हुआ ‌जिसमें बतौर मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह उपस्थित रहे। यह प्रतियोगिता ग्राम पंचायत निवास द्वारा सभी ग्रामीण जनों के सहयोग से कराई जा रही है। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर व राष्ट्रीय गीत का गायन कर किया गया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि अजय सिंह द्वारा आयोजन कमेटी को धन्यवाद देते हुए कहा कि ग्रामीण अंचल में अंतरराज्यीय प्रतियोगिता होना बहुत बड़ी बात है। और खेल का ऐसा आयोजन होते रहना चाहिए। इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़ और हरियाणा की टीमों ने भाग लिया है।

कार्यक्रम के दौरान प्रदेश महामंत्री ज्ञान सिंह, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सीधी रूद्र प्रताप सिंह, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सिंगरौली तिलकराज सिंह, पूर्व विधायक तिलक राज सिंह, आनंद सिंह शेरगांव, पूर्व प्रत्याशी विधानसभा कमलेश सिंह, भानू पाण्डेय, राजेन्द्र सिंह भदौरिया, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष एड. रंजना मिश्रा, दानबहादुर सिंह, बसंती कोल, राजकुमार सिंह, विनोद मिश्रा, रामसांचै द्विवेदी, सरपंच राजेश साहू सहित ग्रामीण जन उपस्थित रहे।

Tuesday, 28 January 2020

ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय में “युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत महात्मा गांधी” परिसंवाद का हुआ आयोजन, जिसके मुख्य अतिथि पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह रहे।


रीवा: ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय में आज एक परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसका विषय “युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत महात्मा गांधी” था ।इस विषय को लेकर कार्यक्रम में आए हुए लोगों ने अपने विचारों को रखा।

ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों की जहन में बापू के आदर्शों को जिंदा रखनें के लिए एक परिसंवाद का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य अतिथि पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह रहे। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेंद्र शर्मा, विवेक तिवारी "बबला", सुखेंद्र सिंह बन्ना एवं अभय मिश्रा भी रहे। कार्यक्रम में टीआरएस कॉलेज के गौरवशाली इतिहास के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया गया, चाहे वह पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की हो या फिर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी। साथ ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलने के लिए उनको जानने के लिए युवाओं को प्रेरित किया गया। इस दौरान कांग्रेस पार्टी के अनेकों कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

कॉलेज परिसर में कैंटीन का शिलान्यास भी पूर्व नेता प्रतिपक्ष के मुख्य आतिथ्य में हुआ।
कॉलेज परिसर में कैंटीन का अभाव था, जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष दिवाकर द्विवेदी के पहल से टीआरएस कॉलेज को एक कैंटीन मिली, जिसका शिलान्यास पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के मुख्य आतिथ्य में किया गया।

प्रदेश की राजनीति में विंध्य का पर्याप्त स्थान होना जरूरी: अजय सिंह।
विंध्य का प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में क्या स्थान होना चाहिये, इस सवाल के जवाब में पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा की, मै इस मसले पर बात करनें के लिये सही व्यक्ति नही हूं, इस सवाल का जवाब कांग्रेस के प्रदेश आलाकमान एवं केंद्रिय आलाकमान के पास मिलेगा, लेकिन विंध्य को प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में उचित स्थान मिलना चाहिए, ऐसा मेरा मानना है।

मैहर से भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी नें "सीएए" का किया विरोध, कहा धर्म के नाम पर देश का बंटवारा सही नही।




भोपाल: सीएए और एनआरसी के विरोध में विपक्ष जहां लामबन्द है, वही भाजपा समर्थन में रैलियां कर लोंगों को सीएए और एनआरसी के बारे में समझाते हुये विपक्ष पर जनता को गुमराह करनें का आरोप लगा रही है। इसी बीच अब भाजपा को अपने घर में ही बड़ा झटका लगा है। मध्यप्रदेश के मैहर से भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी ने सीएए कानून का विरोध किया है। उनका कहना है कि धर्म के नाम पर देश का बंटवारा नही किया जाना चाहिए। देश में बेरोजगारी पर बात करने की जरूरत है। सीएए से देश का माहौल खराब हो रहा है।


सीएए से भाईचारा खत्म हो रहा है: नारायण त्रिपाठी।
मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा विधायक नारायण ने एक बार फिर पार्टी लाइन से हटकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ये मेरे दिल की आवाज है और मैं अपनी अंतर्रात्मा से सीएए का विरोध कर रहा हूं। सीएए से भाईचारा खत्म हो रहा है। देश में गृह क्लेश बढ़ रहा है। लोग एक-दूसरे को अब देखना नहीं चाह रहे हैं।

देश में बेरोजगारी पर बात करने की जरूरत है, न कि धर्म के आधार पर नागरिकता की: नारायण त्रिपाठी।

उन्होंने आगे कहा कि, इस देश में बेरोजगारी पर बात करने की जरूरत है, न कि धर्म के आधार पर नागरिकता की। या तो आप संविधान के साथ हैं या विरोध में हैं और यदि संविधान के हिसाब से नहीं चलना है तो फाड़ कर फेंक देना चाहिए। मैं गांव से आता हूं और गांव में आज भी आधार कार्ड नहीं बन रहे तो बाकी कागज कहां से लाएंगे। नारायण त्रिपाठी ने स्पष्ट करते हुए कहा कि यह पार्टी की राय नहीं है, बल्कि ये मेरा व्यक्तिगत राय है और हम पार्टी फोरम पर अपनी बात रखेंगे। 

सीएए वोट की राजनीति के लिए सही, लेकिन देश के लिये सही नही: नारायण त्रिपाठी।
उन्होंने यह भी कहा कि यह वोट की राजनीति के लिए सही है, लेकिन देश के लिए सही नहीं है।

धर्म के नाम पर देश का बंटवारा सही नही: नारायण त्रिपाठी।
नारायण त्रिपाठी ने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम की बात होती है लेकिन धर्म के नाम पर बंटवारा किया जा रहा है ये गलत है। देश को अगर आगे ले जाना है तो इस कानून को लागू नहीं करना होगा। इससे देश को कोई फायदा नहीं होने वाला है। 
गौरतलब है की, विधायक नारायण त्रिपाठी पार्टी के लिए पहले भी मुसीबत बन चुकें है। इससे पहले भी कई बार वे विवादित बयान देकर पार्टी के लिए परेशानी खड़ी कर चुके है। विधानसभा में भी फ्लोर टेस्ट के दौरान नारायण त्रिपाठी ने क्रॉस वोटिंग की थी, और सीएम कमलनाथ के साथ साझा  प्रेस कांफ्रेंस करी थी।

Monday, 27 January 2020

VIDEO: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें अनुशासनहीनता पर अपनी ही पार्टी को कटघरे में खड़ा किया।


भोपाल: मध्यप्रदेश कांग्रेस में अनुशासहीनता दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। ताजा उदहारण इंदौर का है, जहां रविवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर इंदौर में कांग्रेस नेताओं के बीच जमकर हाथापाई हो गई थी। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके पहले कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिदित्य सिंधिया के भोपाल दौरे के दौरान कार्यकर्ताओं ने धक्का मुक्का की थी, यहां तक की पीसीसी का एक गेट तक तोड़ दिया था। अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने अनुशासनहीनता पर अपनी ही पार्टी को कटघरे में खड़ा किया है।



क्या कहा अजय सिंह नें?
मध्यप्रदेश में कांग्रेस भले ही सरकार बनाने में कामयाब हो गई हो गई हो लेकिन गुटबाज से अबतक नही उभर पाई है।नेताओं द्वारा अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोला जा रहा है, एक के बाद एक अनुशासहीनता सामने आ रही है, नेता पार्टी गाइड लाइन से हटकर बयानबाजी कर रहे है। ऐसे में अब पार्टी के वरिष्ठ एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने अनुशासनहीनता पर अपनी ही पार्टी को कटघरे में खड़ा किया है। अजय सिंह का कहना है कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में जो फूट नजर आ रही है यह कांग्रेस का दुर्भाग्य है।



वर्चस्व की लड़ाई ही इस फूट का बड़ा कारण है, जिसके चलते कांग्रेस की छवि  धूमिल हो रही है। अजय सिंह ने आगे कहा कि, कांग्रेसियों में आपस की लड़ाई सिर्फ वर्चस्व बनाये रखने के लिए हो रही हैं। अपनें अपनें नेता के नजदीक बनने की होड़ में इस तरह के परिणाम सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ को बतौर प्रदेश अध्यक्ष का साफ संदेश कार्यकर्ताओ पर जाना चाहिए कि इस तरह की घटनाएं कांग्रेस की छवि धूमिल कर रही हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें, निगम मंडल की नियुक्ति पर कहा की, मंडल और निगम की नियुक्ति में हो रही देरी पर जवाब मुख्यमंत्री कमलनाथ और दीपक बाबरिया ही दे सकते है , क्योंकि इन पदों के लिए लाइन लम्बी है।

देंखें वीडियो👇


Sunday, 26 January 2020

मध्यप्रदेश में धूमधाम से मनाया गया गणतंत्र दिवस, पंचायत मंत्री कमलेश्वर पटेल नें सीधी में फहराया तिरंगा।


भोपाल: मध्यप्रदेश में रविवार को गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किये गये थे, जहां ध्वजारोहण कर अतिथियों द्वारा परेड की सलामी ली गई, इसके बाद विभिन्न कार्यक्रम हुए। राजधानी के लाल परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय कार्यक्रम हुआ, जिसमे राज्यपाल ने ध्वजारोहण किया। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इंदौर के नेहरू स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रध्वज फहराकर परेड की सलामी ली। इस इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश में किए गए अपनी सरकार के कार्यों का उल्लेख किया।



मध्यप्रदेश में राजधानी भोपाल समेत प्रदेशभर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर स्कूल-कॉलेजों, शासकीय भवनों में ध्वजारोहण किया गया। जिला मुख्यालयों पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किये गये, जहां अतिथियों द्वारा ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली गई। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इंदौर में पहले कांग्रेस कार्यालय में ध्वजारोहण किया, इसके बाद मुख्य कार्यक्रम में पहुंचकर तिरंगा फहराया। वहीं, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने सीधी में ध्वजारोहण किया।



कमलनाथ सरकार के नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह नें आगर मालवा में ध्वजारोहण किया।


कमलनाथ सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी नें उज्जैन में ध्वजारोहण किया।



विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने नरसिंहपुर और विधानसभा उपाध्यक्ष हिना लिखिराम कांवरे ने सिवनी में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। पीडब्लूडी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने देवास पुलिस परेड ग्राउंड पर गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण किया। कृषि मंत्री सचिन यादव ने डीआरपी लाइन खरगोन में ध्वजारोहण कर मुख्यमंत्री कमलनाथ के संदेश का वाचन किया।

Saturday, 25 January 2020

VIDEO: मंत्री-सांसद विवाद अब सड़क पर आया, कांग्रेस-भाजपा दोनों के कार्यकर्ता आपस में भिड़े।


देवास: कमलनाथ सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी एवं देवास से भाजपा सांसद महेंद्र सोलंकी का विवाद अब सड़क पर आ गया है। कांग्रेस एवं भाजपा, दोनों के कार्यकर्ता अब सड़क पर आकर एक दुसरे के साथ गाली गलौच और पत्थरवाजी कर रहें। शुक्रवार को मंत्री जीतू पटवारी की देवास में प्रेस कांफ्रेंस थी, और उनको देवास आना था। मंत्री पटवारी के विरोध में भाजपा कार्यकर्ता उनको काला झंडा दिखाने के लिये इकट्ठा हुये थे। इसी बीच कांग्रेस के कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गये और दोनों पक्षों मे गाली गलौच और एक दूसरे पर पत्थरवाजी चालू हो गयी, जिसको शांत करानें के लिये पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्राप्त जानकारी के अनुसार यहा घटना देवास के विकास नगर चौराहे की बतायी जा रही है।



आइये जानतें हैं विवाद का कारण।
गौरतलब है की देवास में जिला योजना समिति की बैठक में जमकर हंगामा हो गया था। बैठक में बीजेपी सांसद महेंद्र सोलंकी और मंत्री जीतू पटवारी के बीच तीखी नोंकझोंक हुई थी। बैठक में हंगामे के दौरान मंत्री जीतू पटवारी ने सांसद से कहा मैं आपको बैठक से बाहर निकाल सकता हूँ। वहीं सांसद ने कहा आप 18 लाख लोगों का अपमान कर रहे हैं, जिन्होंने मुझे सांसद चुना। कैसे मंत्री हो एक सांसद को बाहर निकालने की बात कर रहे हो। वहीं जीतू पटवारी ने कहा इन्होंने मेरा व्यग्तिगत अपमान किया है। भाजपा सांसद महेन्द्र सोलंकी नें मीडिया से बात करते हुए कहा था कि, मंत्री जीतू पटवारी कितने सभ्य और शिष्ट हैं इसका वीडियो आप लोगों ने देखा ही होगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में जीतू पटवारी का एक वीडियो आया था जिसमें वो अपने ही कार्यकर्ता को लात मारते हुए दिखाई दे रहे थे। बता दें कि सांसद महेंद्र सोलंकी जिस वीडियो का जिक्र कर रहे थे वह मंत्री जीतू पटवारी के पिछले रीवा दौरे का था।

सांसद महेंद्र सोलंकी नें, मंत्री सज्जन वर्मा को मुख्यमंत्री कमलनाथ का दलाल भी कहा  था।


भाजपा सांसद महेंद्र सोलंकी ने कमलनाथ सरकार के मंत्री सज्जन वर्मा पर बेहद गंभीर आरोप लगाये थे। उन्होनें मंत्री सज्जन वर्मा को मुख्यमंत्री कमलनाथ का दलाल तक कह डाला था। साथ ही उन्होनें सज्जन वर्मा पर आरोप लागते हुये कहा था की, सज्जन वर्मा के लोग देवास के गली गली घूम कर दलाली कर रहें है, निगम-मंडल में पद दिलवानें के नाम पर, 2 करोड़ तक की रकम मांग रहे। साथ ही उन्होनें कमलनाथ के मंत्रियों को घोटालों में लिप्त होनें की बात कही थी।

सांसद नें कहा था ,अगली बार नहीं बनोगे मंत्री।
विवाद के बाद सांसद ने जीतू पटवारी को यहां तक कह दिया  था कि आप अगली बार मंत्री नहीं बन पाओगे। सांसद का कहना था कि शहर में अवैध निर्माण तोड़ने के नाम पर अफसर वसूली में लगे हुए हैं। जनता परेशान है। सांसद ने मंत्री पटवारी से कहा था कि आप तो जिला योजना समिति की सिर्फ औपचारिक मीटिंग लेने 3 महीने में आ जाते हैं। इसके बाद मंत्री जीतू पटवारी भड़क गए और कहा कि मैं आपको बैठक से बाहर कर सकता हूं। ये मेरे पॉवर में है।

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               ( Video source-Social media)

Friday, 24 January 2020

VIDEO: भाजपा का नया नारा "सबसे बड़ा भू माफिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया"।


ग्वालियर: राजगढ़ थप्पड़ कांड एवं भाजपा कार्यकर्ताओ के साथ आये दिन अधिकारियों द्वारा किए जा रहे दुर्व्यवहार को लेकर अब भाजपा हमलावर हो गई है। भाजपा नें सरकार का कांग्रेसीकरण करने का आरोप लगाया। शुक्रवार को भाजपा नेताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। नेताओं ने जिले में चल रहे एंटी माफिया अभियान पर भी सवाल उठाये। खास बात ये रही कि प्रदर्शन सरकार के खिलाफ था लेकिन इसमें भाजपा नेताओं ने सिंधिया पर भी निशाना साधा और उनको भू माफिया बताया।


सांसद विवेक नारायण शेजवलकर के नेतृत्व में शुक्रवार को भाजपा नेताओं ने ग्वालियर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पार्टी जिला अध्यक्ष देवेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में प्रदेश और जिले के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल थे। भाजपा नेताओं ने कमलनाथ सरकार के खिलाफ जमकर नारे बाजी करते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाए। दरअसल भाजपा का आरोप है कि मुख्यमंत्री और पार्टी ने सरकार का कांग्रेसीकरण कर दिया है इसलिए अधिकारी सिर्फ उनके लोगों कि सुन रहे हैं और भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपमानित कर रहे हैं। लेकिन भाजपा ये चलने नहीं देगी। ग्वालियर में एंटी माफिया अभियान के नाम पर जनता और पार्टी विशेष के लोगों को चिंहित कर परेशान किया जा रहा है और बड़े एवं ताकतवर भू माफिया को छोड़ा जा रहा है

भाजपा का नया नारा "सबसे बड़ा भू माफिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया"।


कमलनाथ सरकार के खिलाफ भाजपा के प्रदर्शन पर गौर करनें वाली बात यह रही कि, भाजपा नेताओं के निशाने पर कांग्रेस महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य रहे। सांसद विवेक शेजवलकर के बगल में खड़े जिला अध्यक्ष देवेश शर्मा ने यहाँ सिंधिया को निशाना बनाते हुए नारे लगवाए, सबसे बड़ा भू माफिया ज्योतिरादित्य सिंधिया। कुछ देर ये नारे लगने के बाद फिर से सरकार विरोधी नारेबाजी होती रही। प्रदर्शन के अंत में पार्टी ने एडीएम किशोर कन्याल को राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

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कमलनाथ सरकार के खिलाफ भाजपा का हल्ला-बोल आज, सीधी से सांसद रीति पाठक करेंगी नेतृत्व।


भोपाल/ सीधी: मध्य प्रदेश में आज भाजपा का हल्ला बोल है। प्रदेश के सभी ज़िला मुख्यालयों पर पार्टी नेता कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे।  भाजपा का ये प्रदर्शन राजगढ़ के कलेक्टर थप्पड़ कांड और प्रदेश में माफिया के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में है। हर ज़िला मुख्यालय पर पार्टी के वरिष्ठ नेता हल्ला बोल का नेतृत्व करेंगे।
राजगढ़ में सीएए के समर्थन में भाजपा की रैली के दौरान अफसर और कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद के बाद सियासी घमासान अभी तक शांत नही हुआ है, राजगढ़ विवाद सहित माफिया के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में पार्टी आज हल्लाबोल कार्यक्रम के तहत सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेगी। पार्टी के सीनियर लीडर्स इस आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। बड़े नेताओं के नेतृत्व में सभी जिलों में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट का घेराव कर अपनी नाराजगी को जताएंगे।

सीधी से सांसद रीति पाठक करेंगी नेतृत्व।
भाजपा की लिस्ट के तहत सीधी से रीति पाठक, रीवा में भूपेंद्र सिंह, सतना में राजेंद्र शुक्ला, मुरैना में जय सिंह कुशवाहा, गुना में उमाशंकर गुप्ता, सागर में गौरीशंकर बिसेन, टीकमगढ़ में लाल सिंह आर्य, छतरपुर में विष्णु दत्त शर्मा, दमोह में जयंत मलैया, अनूपपुर में ओम प्रकाश धुर्वे, जबलपुर में नरोत्तम मिश्रा, बालाघाट में ढाल सिंह बिसेन, होशंगाबाद में अरविंद भदौरिया, रायसेन में विश्वास सारंग, राजगढ़ में रामेश्वर शर्मा, इंदौर में राकेश सिंह, खंडवा में नंदकुमार सिंह चौहान, झाबुआ में सुदर्शन गुप्ता और रतलाम में जीएस डामोर को हल्ला बोल के नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

भाजपा का यह है आरोप।
भाजपा, प्रदेश में माफिया के खिलाफ हो रही कार्रवाई को लेकर सरकार पर हमलावर है उसका आरोप है कि माफिया के नाम पर भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। जबकि कांग्रेस से जुड़े ऐसे लोगों की सूची सौंपने के बाद भी उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा।

कांग्रेस का पलटवार।
सरकार के खिलाफ बीजेपी के हल्ला बोल का कांग्रेस भी जवाब देगी। वो माफिया के खिलाफ कार्रवाई की हकीकत जनता को बताएगी। वो बीजेपी के उस दुष्प्रचार का जवाब देगी कि माफियाराज के खिलाफ सरकार की कार्रवाई किसी पार्टी विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि गलत तरीके से काम करने वालों के खिलाफ है।

Thursday, 23 January 2020

सिंगरौली: भाजपा विधायक के पुत्र की गुडांगर्दी, पार्टी के ही मंडल अध्यक्ष के साथ की मारपीट।

    (फोटो फ़ाईल: रामलल्लू वैश्य, सिंगरौली विधायक)

सिंगरौलीनेता पुत्रों की दबंगई की खबरें अक्सर सामने आती रहती है, अब ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से आया है, जहां भाजपा विधायक रामलल्लू वैश्य के पुत्र ने गुडांगर्दी करते हुए पार्टी के ही मंडल अध्यक्ष के साथ मारपीट कर है। पुलिस ने विधायक पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद जमीन पर कब्जा को लेकर हुआ। बुधवार को मोरवा थाना क्षेत्र के  खानहना बॉर्डर पर सिंगरौली विधायक राम लल्लू वैश्य के पुत्र विवेक वैश्य ने सिंगरौली मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र गर्ग बंटी व उनके चाचा सुभाष गर्ग पर जानलेवा हमला कर दिया। मारपीट के बाद विधायक पुत्र ने वाहन में तोडफ़ोड़ भी की। घटना के बाद समाज के प्रबुद्ध लोग व व्यापारियों ने मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र के समर्थन में थाने पहुंच गए। जहां इस मामले में मोरवा पुलिस ने आरोपी विवेका वैश्य, गेंदालाल साहू व अन्य लोगों के खिलाफ धारा 294, 323, 506 , 427, 352, 34 के तहत मामला दर्ज कर जांच में जुटी है।

शिकायत में पीडि़त ने बताया है कि खानहना बॉर्डर मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र गर्ग की जमीन पर विधायक पुत्र विवेकानंद जबरन घर बनाने की कोशिश कर रहा था। जानकारी होने पर मंडल अध्यक्ष अपने चाचा व एक अन्य के साथ मोरवा अनपरा रोड के खनहना पहुंचे। जहां जमीन पर निर्माण कार्य चल रहा था। मंडल अध्यक्ष के पूछने पर विधायक पुत्र ने वाहन में तोडफ़ोड़ करते हुए मारपीट किया। जिससे मंडल अध्यक्ष घायल हो गया है।

VIDEO: पंचायत मंत्री का महिला की फरियाद सुनने से इनकार, धक्के मारते हुये कहा, बंद करो नौटंकी।


रीवा: कमलनाथ सरकार के ग्रामीण एवं पंचायत विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल का रीवा दौरा विवादों में घिर गया है।जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जिसमें वह एक महिला कर्मचारी को धक्का देते दिखाई दे रहे हैं, और महिला की फरियाद भी सुनने से इनकार कर रहें हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार को नगर निगम की संविदा कर्मी महिला उनके पास अपनी फरियाद लेकर आई थी। वह मंत्री पटेल के पैरों पर गिरकर अपनी गुहार लगाने लगी। महिला की बात को अनसुना करते हुए मंत्री ने साफ कह दिया कि नौटंकी बंद करो। 


गरीबों के ये आंसू कमलनाथ के मंत्रियों को ले डूबेंगे: शिवराज सिंह।
इस वीडियो को पूर्व सीएम शिवराज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा है कि कांग्रेस के नेता सत्ता के नशे में चूर हैं। इन्हें जिन नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए चुना गया है, अब उनके आंसू भी दिखाई देना बंद हो गये हैं। गरीबों के ये आंसू इन्हें ले डूबेंगे।


दरअसल, नगर निगम की संविदा कर्मी मुन्नी पटेल का कहना था कि उसे एक माह से वेतन नहीं मिला है। वह मंत्री जी से वेतन दिलाने की मांग करने आई थीं। जब मंत्री ने उसे धक्का देते हुये बाहर करनें लगे तो महिला की आंखों से आंसू गिरने लगे। इस पर मंत्री ने कहा कि रोना गाना बंद करो, नाटक-नौटंकी यहां नहीं चलने वाली है। अभी मैं पत्रकार वार्ता करने आया हूं। बाद में बात करूंगा। इस मामले में मंत्री कमलेश्‍वर पटेल ने पार्षद नम्रता सिंह पर पूरी घटना का प्लान करने का आरोप लगा दिया। इसके साथ ही मौके पर मौजूद रीवा कलेक्टर बसंत कुर्रे ने भी कहा कि योजना के तहत उक्त महिला मंत्री तक पहुंची है।

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Wednesday, 22 January 2020

VIDEO: पूर्व सीएम शिवराज सिंह की मौजूदगी में ही राजगढ़ कलेक्टर को लेकर भाजपा के पूर्व मंत्री नें की अमर्यादित टिप्प्णी, मंत्री जयवर्धन सिंह नें शिवराज सिंह से की माफ़ी की माँग।


राजगढ़: मध्य प्रदेश के राजगढ़ का थप्पड़ कांड अब एक अलग मोड़ पर आता दिख रहा है, जहां अब इज्जत और मर्यादा को ताक पर रखकर बयानवाजी चालू हो गयी है। आज राजगढ़ में जिले की कलेक्टर निधी निवेदिता को लेकर भाजपा के पूर्व मंत्री बद्रीलाल यादव नें अमर्यादित टिप्प्णी की और गौर करनें वाली बात यह रही की उस वक़्त पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मंच पर मौजूद थे।


पूर्व मंत्री के बयान से गर्म हुई सियासत।
कांग्रेस ने पूर्व मंत्री के बयान को बेशर्म सियासत करार दिया है। यही नहीं कांग्रेस ने कहा कि, बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री ने महिला अफ़सरों के बारे में जो बोला उसके बाद यदि मप्र के हर घर से निकलकर महिलायें इन्हें थप्पड़ नहीं जड़ें तो और क्या करे..?

शिवराज सिहं चौहान जी के नेतृत्व में यह सब हुआ है उन्हें माफ़ी माँगना चाहिए: जयवर्धन सिंह।

कैबिनेट मंत्री जयवर्धन सिंह ने भी निशाना साधा है। उन्होंंने सोशल मीडिया पर बायन जारी किया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तुलना धृतराष्ट्र से की है। उन्होंने लिखा है कि, धृतराष्ट्र मंच पर विराजित थे और भाजपाई अपने शब्दों से महिला अधिकारियों का चीरहरण कर रहे थे। राजगढ़ में भाजपा के नेता बद्रीलाल यादव के शब्द महिलाओं के प्रति भाजपा की घटिया सोच को प्रदर्शित करती है। ये सब शिवराज सिहं चौहान जी के नेतृत्व में हुआ है उन्हें माफ़ी माँगना चाहिए।’

कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफ़ीज़ ने भी भाजपा नेता के बयान को भद्दा बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता द्वारा दिए गए बयान से पार्टी की महिलाओं को लेकर सोच सबके सामने आ गई है।
गौरतलब है कि राजगढ़ कलेक्टर निधि निवेदिता और डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा के साथ हुए भाजपा नेताओं के विवाद के बाद आज राजगढ़ में भाजपा ने सभा कर जमकर हमला बोला| इस दौरान भाजपा नेता व पूर्व राज्यमंत्री बद्रीलाल यादव के बोल बिगड़ गए। उन्होंने महिला कलेक्टर को लेकर आपत्तिजनक शब्दो का प्रयोग करते हुए हमला बोला। भाजपा नेता के बयान पर कांग्रेस आक्रामक हो गई है।
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VIDEO: मंत्री-सांसद विवाद, शिवराज सिंह नें जीतू पटवारी सहित कमलनाथ के मंत्रियो पर अहंकारी होनें एवं दादागीरी करनें का आरोप लगाया।


देवास: जिला योजना समिति की बैठक में मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री जीतू पटवारी और भाजपा सांसद महेन्द्र सोलंकी के बीच हुए विवाद पर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब इस मामले मेें प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार करते हुये मंत्री जीतू पटवारी सहित कमलनाथ सरकार के मंत्रियों पर सत्ता के नशे में अहंकारी होनें का आरोप लगाया है।

मंत्री का पद अहंकार एवं दादागीरी के लिये नही होता: शिवराज सिंह।

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान नें कहा की, मंत्री का पद संवैधानिक होता है ना की अहंकार एवं दादागीरी के लिये। आगे उन्होनें कहा की मंत्री का पद प्रदेश के विकास एवं जनता की सेवा के लिये होता है लेकिन जब सत्ता का नशा सर पर चढ़कर बोलता है तो व्यक्ति अपनी संवैधानिक कर्तव्य एवं मर्यादाएं भूल जाता है। मंत्री हैं, तो सवाल किये जायेंगे, मांगे की जायेंगी और मंत्री से अपेक्षाएँ भी होंगी। मंत्री का काम यह है की, जनता के सवालों का जवाब दें, जायज अपेक्षाओं को पूरा करें, ये बात बात पर बाहर कर दूंगा यह कौन सी मानसिकता है। मध्य-प्रदेश की राजनीती में मैने ऐसी मानसिकता कभी नही देखी।

कमलनाथ के मंत्री अहंकार में चूर है: शिवराज सिंह।

आगे बोलते हुये शिवराज सिंह चौहान नें कहा की, कमलनाथ के मंत्री कभी कहतें है, की सांसद को बाहर निकाल दूंगा तो कभी कलेक्टर थप्पड़ मारनें लगती है, अजीब हालत हो गयी है। इसका अर्थ यह है की मंत्रियों को  विकास एवं जनसेवा से कोई लेना देना नही है, अहंकार में चूर है, अहंकार तो बड़े बड़ों का नही रहा, रावण, कंस एवं हिरणाकश्यप का भी नही रहा तो इनका कब तक रहेगा, आगे शिवराज सिंह चौहान में कहा की मै दुखी हूँ, कमलनाथ के मंत्रियों की मर्यादाहीन भाषा से।

शिवराज सिंह नें मुख्यमंत्री कमलनाथ को भी घेरा।
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह नें मुख्यमंत्री कमलनाथ से सवाल किया की आप किसको डरा रहे हो, हमारे कार्यकर्ताओं को भारत माता की जय बोलनें पर थप्पड़ मरवा रहे हो, थाने ले जाकर पिट्वा रहे हो, आप कितनो को जेल भेजोगो, आप अहंकार में आकर कुछ भी करोगे, यह अहंकार जनता जल्द उतार देगी, आगे शिवराज सिंह ने कहा की अब मै भी तैयार हू, देखता हू  कमलनाथ क्या करेंगे।

आइये जानतें हैं विवाद का कारण।
भाजपा सांसद ने बताया कि इस बैठक में मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का एक प्रतिनिधि बैठा हुआ था जो बैठक के लिए अधिकृत नहीं था। जब मैंने इस बात का विरोध किया तो वो लोग हंगामा करने लगे और बैठक के बाद जब में बाहर आया तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए और मुर्दाबाद के नारे लगाए।
देखें वीडियो 👇(पूरा वीडियो देखनें के लिये सीधी CHRONICLE के फेसबुक पेज पर विजिट करें)


सीधी: बाइक और स्कॉर्पियो की जोरदार भिड़ंत, हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत, एक की हालत गंभीर।

                               (डेमो फोटो)
सीधी: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई, वहीं एक अन्य गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज जारी है। हादसा एक बाइक और स्कॉर्पियो की आमने-सामने भिड़ंत हो 
जानें के कारण हुआ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीती रात राष्ट्रीय राजमार्ग 39 सीधी सिंगरौली सड़क मार्ग पर बाइक और स्कॉर्पियो की आमने-सामने भिड़ंत हो गई, हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई वहीं एक गंभीर रूप से जख्मी हो गया है।
दोनों मृतक बहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत झींगाझर के निवासी बताए जा रहे हैं। इस हादसे में अशोक रावत (18) और इंद्रभान रावत (22) की मौके पर मौत हो गई। वहीं रविन्द्र कोल (21) नाम का व्यक्ति घायल हुए है जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

म.प्र.: पूरे प्रदेश में भाजपा करेगी कलेक्ट्रेट का घेराव, सांसद रीति पाठक करेंगी सीधी का नेतृत्व।


भोपाल/ सीधी: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में CAA के समर्थन में रैली के दौरान हुए थप्पड़ कांड एवं कार्यकर्ताओं पर दर्ज FIR के बाद अब भाजपा ने कमलनाथ सरकार को बैकफुट पर लाने की रणनीति तैयार करली है। भाजपा द्वारा एक सूची जारी की गई है। जिसमें 24 जनवरी 2020 को जिलों में कलेक्ट्रेट घेराव का नेतृत्व करने के लिए प्रदेश के वरिष्ठ ने नेताओं के नाम हैं। लिस्ट में भूपेंद्र सिंह/ रीवा, राजेन्द्र शुक्ला/ सतना, शशांक श्रीवास्तव/ सिंगरौली, अजय प्रताप सिंह/ शहडोल तथा शर्देँदु तिवारी/उमरिया कलेक्ट्रेट घेराव का नेतृत्व करेंगे।
सीधी से सांसद रीति पाठक कलेक्ट्रेट घेराव का नेतृत्व करेंगी।
सीधी कलेक्ट्रेट के घेराव का नेतृत्व स्थानीय सांसद रीति पाठक करेंगी। बता दें, रीति पाठक 2019 में सीधी से दुबारा सांसद बनी थी। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा की, सीधी कलेक्ट्रेट के घेराव में सीधी से भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला की उपस्थिती रहेगी या नही।



Tuesday, 21 January 2020

VIDEO: मंत्री-सांसद विवाद, सांसद महेंद्र सोलंकी का पलटवार, मंत्री जीतू पटवारी को असभ्य तथा सज्जन वर्मा को बताया मुख्यमंत्री का दलाल।


देवास: जिला योजना समिति की बैठक में मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री जीतू पटवारी और भाजपा सांसद महेन्द्र सोलंकी के बीच हुए  विवाद पर अब सांसद का बयान सामनें आया है।भाजपा सांसद महेन्द्र सोलंकी नें मीडिया से बात करते हुए कहा कि, मंत्री जीतू पटवारी कितने सभ्य और शिष्ट हैं इसका वीडियो आप लोगों ने देखा ही होगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में जीतू पटवारी का एक वीडियो आया था जिसमें वो अपने ही कार्यकर्ता को लात मारते हुए दिखाई दे रहे थे। बता दें कि सांसद महेंद्र सोलंकी जिस वीडियो का जिक्र कर रहे थे वह मंत्री जीतू पटवारी के पिछले रीवा दौरे का है।

सांसद महेंद्र सोलंकी नें, मंत्री सज्जन वर्मा को मुख्यमंत्री कमलनाथ का दलाल कहा।
भाजपा सांसद महेंद्र सोलंकी ने कमलनाथ सरकार के मंत्री सज्जन वर्मा पर बेहद गंभीर आरोप लगाये। उन्होनें मंत्री सज्जन वर्मा को मुख्यमंत्री कमलनाथ का दलाल तक कह डाला। साथ ही उन्होनें सज्जन वर्मा पर आरोप लागते हुये कहा की, सज्जन वर्मा के लोग देवास के गली गली घूम कर दलाली कर रहें है, निगम-मंडल में पद दिलवानें के नाम पर, 2 करोड़ तक की रकम मांग रहे। साथ ही उन्होनें कमलनाथ के मंत्रियों को घोटालों में लिप्त होनें की बात कही।

आइये जानतें हैं विवाद का कारण।
भाजपा सांसद ने बताया कि इस बैठक में मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का एक प्रतिनिधि बैठा हुआ था जो बैठक के लिए अधिकृत नहीं था। जब मैंने इस बात का विरोध किया तो वो लोग हंगामा करने लगे और बैठक के बाद जब में बाहर आया तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए और मुर्दाबाद के नारे लगाए।

सांसद नें कहा ,अगली बार नहीं बनोगे मंत्री।
विवाद के बाद सांसद ने जीतू पटवारी को यहां तक कह दिया कि आप अगली बार मंत्री नहीं बन पाओगे। सांसद का कहना था कि शहर में अवैध निर्माण तोड़ने के नाम पर अफसर वसूली में लगे हुए हैं। जनता परेशान है। सांसद ने मंत्री पटवारी से कहा कि आप तो जिला योजना समिति की सिर्फ औपचारिक मीटिंग लेने 3 महीने में आ जाते हैं। इसके बाद मंत्री जीतू पटवारी भड़क गए और कहा कि मैं आपको बैठक से बाहर कर सकता हूं। ये मेरे पॉवर में है।

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VIDEO: देवास, ज़िला योजना समिति की बैठक में हंगामा, मंत्री जीतू पटवारी एवं सांसद महेन्द्र सोलंकी के बीच हुई नोक-झोंक।


देवास: राजगढ़ थप्पड़ कांड एवं डिप्टी कलेक्टर के बाल खींचनें का मामला अभी शांत भी नही हुआ था, की एक बार फिर मध्य प्रदेश की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के बीच चल रही तनातनी सामने आ गई । देवास में जिला योजना समिति की बैठक में जमकर हंगामा हो गया। बैठक में बीजेपी सांसद महेंद्र सोलंकी और मंत्री जीतू पटवारी के बीच तीखी नोंकझोंक हुई।


बैठक में हंगामे के दौरान मंत्री जीतू पटवारी ने सांसद से कहा मैं आपको बैठक से बाहर निकाल सकता हूँ। वहीं सांसद ने कहा आप 18 लाख लोगों का अपमान कर रहे हैं, जिन्होंने मुझे सांसद चुना। कैसे मंत्री हो एक सांसद को बाहर निकालने की बात कर रहे हो। वहीं जीतू पटवारी ने कहा इन्होंने मेरा व्यग्तिगत अपमान किया है।

जीतू पटवारी का विवादों से गहरा नाता: रीवा दौरे के वक़्त भी उनपर अपनें ही कार्यकर्ता को लात और घूंसा मारनें का आरोप लगा था।
कुछ दिनों पहले कमलनाथ सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री का रीवा दौरा विवादों से घिर गया था, उनका एक वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो गया था। इस वायरल वीडियो में मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा और खेल मंत्री जीतू पटवारी अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ता को लात और घूंसा मारते हुए दिख रहे थे, उसे कमरे से बाहर धक्के मार कर बाहर निकालते हुए दिखाई दे रहे थे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुआ था हंगामा।


जीतू पटवारी रीवा में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे उसी दौरान कार्यकर्ताओं की गुटबाजी खुलकर सामनें 
आनें लगी थी, कार्यकर्ताओं कि इस हरकत से मंत्री पटवारी नाराज हो गये और उन्होनें पहले कार्यकर्ताओं को कमरे से बाहर करने का प्रयास किया, फिर एक कार्यकर्ता के पैर में लात मारी और उसे घूसा मारते हुए कमरे से बाहर कर दिया था। 
देखिये "देवास ज़िला योजना समिति की बैठक में हंगामा, मंत्री जीतू पटवारी एवं सांसद महेन्द्र सोलंकी के बीच हुई नोक-झोंक" का वीडियो👇




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