Tuesday, 31 December 2019

मंत्री जीतू पटवारी का रीवा दौरा विवादों से घिरा ! कार्यकर्ता को लात, घूंसे मारते हुये वीडियो वायरल।


रीवा:  कमलनाथ सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री का रीवा दौरा विवादों से घिर गया है, उनका एक वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा और खेल मंत्री जीतू पटवारी अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ता को लात और घूंसा मारते हुए, उसे कमरे से बाहर धक्के मार कर बाहर निकालते हुए दिखाई दे रहे हैं।
मंत्री का यह वीडियो रीवा जिले का है। गौरतलब है कि मंत्री जीतू पटवारी सोमवार को एक दिवसीय प्रवास में रीवा पहुंचे थे और कई कार्यक्रमों हिस्सा लिया था।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुआ हंगामा।
जीतू पटवारी सोमवार को रीवा में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे उसी दौरान कार्यकर्ताओं की गुटबाजी खुलकर सामनें 
आनें लगी, कार्यकर्ताओं कि इस हरकत से मंत्री पटवारी नाराज हो गये और उन्होनें पहले कार्यकर्ताओं को कमरे से बाहर करने का प्रयास किया, फिर एक कार्यकर्ता के पैर में लात मारी और उसे घूसा मारते हुए कमरे से बाहर कर दिया। इसी दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने इस घटना का वीडियो बना लिया और फिर ये वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया।

देरी से चालू हुई मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस।
हुआ यह कि, प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए मंत्री जीतू पटवारी देर के पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि अब इस कमरे का दरवाजा बंद कर दो जब तक प्रेस कॉन्फ्रेंस चलेगी कोई भी अंदर बाहर नहीं जाएगा। इस दौरान कुछ लोग बाहर से दरवाजा पीटने लगे और जब दरवाजा खुला तो मऊगंज के पूर्व जनपद अध्यक्ष बृजेन्द्र शुक्ला गेट पर खड़े थे और टीआरएस कॉलेज के जनभागीदार समिति के अध्यक्ष दिवाकर द्विवेदी से भिड़ गए। यह देखकर मंत्री ने बृजेन्द्र को बुलाकर बैठा लिया लेकिन हंगामा शांत नहीं हुआ। इसके बाद मंत्री जीतू पटवारी खुद उठे और सभी को बाहर जाने को कहा।
जिसके बाद मंत्री जीतू पटवारी ने कार्यकर्ता को लात मारी और फिर घूसा मारते हुए उसे कमरे से बाहर कर दिया। इस दौरान मंत्री ने बृजेन्द्र शुक्ला से पूछा आप कांग्रेस पार्टी के हो क्या?

रीवा में कांग्रेस पहले से ही कमजोर।
रीवा में कांग्रेस पहले से ही काफी कमजोर है, यहां से कांग्रेस का एक भी विधायक नही है। सांसद भी भाजपा से है, ऐसे में अब यह देखना होगा कि कार्यकर्ताओं पर इस घटना का क्या असर होगा और आगे आनें वाले वक़्त में रीवा से अपनी जमीन खो चुकी कांग्रेस का क्या हाल होगा। 

देंंखें वीडियो👇👇


Monday, 30 December 2019

म.प्र की तीन राज्य सभा सीटों पर चुनाव के लिए तैयारी शुरू: कांग्रेस में दावेदारों की लंबी लिस्ट।



भोपाल: मध्य प्रदेश की तीन राज्य सभा सीटों पर चुनाव के मद्देनजर, विधानसभा के प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह को चुनाव के लिए रिटर्निंग अफसर नियुक्त कर दिया गया है। साथ ही चुनाव की अधिसूचना जनवरी के पहले हफ्ते में जारी होने की भी संभावना है।
गौरतलब है कि, 9 अप्रैल 2020 में तीन राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह, प्रभात झा, और सत्यानारायण जटिया का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसलिए चुनाव आयोग ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार दो सीटों पर कांग्रेस के सदस्य चुने जाने की राह आसान है। अभी दो सीटों पर भाजपा के सांसद हैं।चुनाव आयोग द्वारा जनवरी के पहले सप्ताह में राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना जारी कर कार्यक्रम घोषित करनें की संभावना जताई जा रही है।

कांग्रेस से दिग्विजय, सिंधिया एवं अजय सिंह के अलावा, राज्यसभा की रेस में कई और भी नाम।
कांग्रेस में राज्यसभा जानें वाले दावेदारों की लंबी लिस्ट है। वर्तमान सांसद दिग्विजय सिंह के अलावा सबसे मज़बूत दावेदारी ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं अजय सिंह की बताई जा रही है। हला की अभी तक पीसीसी चीफ़ के लिये भी कोई नाम फाइनल नही हो पाया है, अब अगर पार्टी सिंधिया को राज्य सभा भेजने का मन बनाती है, तो पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह की दावेदारी पीसीसी चीफ़ के लिये और भी मजबूत हो जायेगी। हालांकि, अतंमि निर्णय आलाकमान को लेना है। सीएम कमलनाथ , दिग्विजय के नाम पर सहमती जता सकते हैं। लेकिन दिग्विजय, सिंधिया एवं अजय सिंह के अलावा, राज्यसभा की रेस में पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन एवं सीएम कमलनाथ के लिए विधानसभा की सीट रिक्त करने वाले दीपक सक्सेना के नामों पर भी कांग्रेस विचार कर सकती है। 

कांग्रेस के लिए क्या है, राज्य सभा के सीटों का गणित।
मध्यप्रदेश में खाली होने वाली राज्यसभा की तीन सीटों में से,  फिलहाल भाजपा के पास दो और कांग्रेस के पास एक सीट है। लेकिन विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद अब समीकरण बदल चुकें हैं। विधानसभा की मौजूदा सदस्यों की संख्या के मुताबिक कांग्रेस की राह दो सीटों पर आसान दिख रही है। राज्य सभा सदस्यों के चुनाव में प्रत्याशी को जीत के लिए 58 विधायकों के वोटों की जरूरत पड़ती है। कांग्रेस के पास अपनें विधायकों के अलावा कमलनाथ सरकार के मंत्रिमंडल में एक निर्दलीय विधायक है, तथा तीन निर्दलीय कांग्रेस विचारधारा के हैं और सरकार को समर्थन भी दे रहे हैं। इसी तरह बसपा के दो और सपा का एक विधायक भी कमलनाथ सरकार को समर्थन कर रहे हैं। कुल मिलाकर कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के पास 121 विधायकों का समर्थन है। वहीं, भाजपा के 108 विधायक हैं। ऐसे में कांग्रेस के दो प्रत्याशियों की राज्यसभा चुनाव में जीत आसान नजर आ रही है। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा, कि कांग्रेस अपनें दिग्गजों को कैसे भरोसे में लेती है, और कैसे गुटीय सामंजस्य स्थापित करती है, क्यूंकि पीसीसी चीफ़ एवं राज्यसभा दोनों पर ही कांग्रेस आलाकमान को फैसला लेना है।

Wednesday, 25 December 2019

VIDEO: मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्राम पंचायत तेंदुआ के ग्रामीणों की आखिर कब होगी सुनवाई? प्रशासन नें उचित कार्यवाही का दिया था आश्वासन।


तेंदुआ/ सीधी: सीधी जिले से लगभग 10 किलोमीटर दूर, ग्राम पंचायत तेंदुआ आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। यहाँ सरकार की किसी भी योजना का लाभ ग्रामीणों को नही मिल पा रहा। ग्राम पंचायत का समुचित विकास ना होनें की बजह लोग, यहां के सरपंच एवं पंचयात सचिव को बताते हुये उनपर गंभीर आरोप भी लगायें थे।

इस संबंध में तेंदुआ ग्राम पंचयात के ग्रामींण, जिला कलेक्ट्रेट भी पहुंचे थे, और प्रशासन से अपनी शिकायत भी दर्ज करायी थी। प्रशासन की तरफ से भी शिकायत कि जाँच कर उचित कार्यवाही का आश्वासन ग्रामीणों को दिया गया था।
इससे पहले ग्राम पंचयात सरपंच नारायण दास साकेत का एक विडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वो काफी गुस्से से यह कहते दिखाई दे रहे की, वह गाँव का कोई भी काम नही करेंगें और कोई भी सरकारी योजना का लाभ ग्रामीणों को नही मिलेगा, जिसको शिकायत हो, जाये कलेक्टर से मिले। अब इस संबंध में ग्रामींण, जिला प्रशासन से मिलकर अपनीं शिकायत भी दर्ज करा चुकें है। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा, की प्रशासन आगे क्या कार्यवाही करता है।

गौरतलब है की, ग्रामीणों ने सरपंच नारायण दास साकेत, पंचयात सचिव तरुण मिश्रा एवं पूर्व सरपंच पर पंचयात की राशि में घोटले का आरोप लगाया था।
ग्रामीणों ने शिकायत पत्र के माध्यम से कहा था की-

  • सरपंच एवं सचिव नें, पी सी सी सड़क एवं नाली निर्माण में घोटाला किया है।
  • प्राथमिक शाला, बाउन्ड्री निर्माण में घोटाला कर राशि आहरित कल ली गयी।
  • प्राथमिक शाला के बगल में पुलिया बनी ही नही, पर पुलिया निर्माण के नाम पर राशि आहरित कर ली गयी।
  • ग्राम सभा चौपाल के निर्माण के नाम पर राशि आहरित कर ली गयी, लेकिन निर्माण हुआ ही नही।
  • ग्राम पंचयात कक्ष निर्माण तथा आगनवाड़ी निर्माण में भी घोटले की शिकायत ग्रामीणों नें की है।
  • शौचालय निर्माण के नाम पर राशि आहरित कर ली गयी, लेकिन राशि उचित व्यक्ति तक पहुंची ही नही।
ऐसे और भी कई बेहद गंभीर आरोप, ग्रामीणों नें पंचयात सचिव एवं सरपंच पर लगायें थे, साथ ही प्रशासन से सरपंच नारायण दास साकेत,सचिव तरुण मिश्रा एवं पूर्व सरपंच श्यामकली सेन द्वारा कराये गये कार्यों की जांच कर उन पर कार्यवाही की मांग भी की थी। 

देखिये वीडियो👇👇
               (Video source: Good morning TV)

Monday, 23 December 2019

VIDEO: फ्लाइट यात्री नें भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को सिखाया नैतिकता का पाठ, वीडियो वायरल।


भोपाल: भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में फ्लाइट का एक यात्री भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को नैतिकता का पाठ सिखाता सुनाई दे रहा है। वह उन्हें गुस्से में काफी कुछ कह रहा है। वह उनसे कह रहा है कि आपकी वजह से पूरी फ्लाइट के पैसेंजर लेट हो रहे हैं। आगेे बोलते हुये वह गुस्से में साध्वी से कहता है कि आप जनप्रतिनिधि हैं आप फर्स्ट क्लास से सफर नहीं कर सकतीं क्या। यह पूरा विवाद फ्लाइट के अंदर हुआ है।

गौरतलब है की, साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने दिल्ली से भोपाल के लिए शनिवार को उड़ान भरी थी। लेकिन उन्हें मनपसंद सीट नहीं मिलने से वह फ्लाइट में ही धरने पर बैठ गईं थी। जिससे उड़ान में 20 मिनट देर हो गई थी।
साध्वी प्रज्ञा शनिवार शाम को दिल्ली से स्पाइस जेट की उड़ान संख्या एसजी 2489 से भोपाल आ रही थीं। विमान के अंदर उन्हें सीट नंबर 2-ए दी गई। सांसद चाहती थीं कि प्रोटोकाल के लिहाज से उन्हें सीट नंबर ए-1 दी जाए, लेकिन यह सीट पहले ही दूसरे यात्री को दी जा चुकी थी।

करीब 20 मिनट बाद विमान से उतरीं।
शाम सात बजे विमान भोपाल में राजाभोज एयरपोर्ट पर लैंड हुआ। भोपाल के सभी यात्री उतर गए, लेकिन साध्वी नहीं उतरीं। वे विमान के अंदर ही धरने पर बैठ गई। स्पाइस जेट के स्टाफ ने भी उनसे नीचे आने का अनुरोध किया, लेकिन वे नहीं मानीं। बाद में एयरपोर्ट डायरेक्टर अनिल विक्रम विमान के अंदर पहुंचे और सांसद से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया। इसके बाद वे विमान से उतरीं।

देंखें वीडियो👇

Sunday, 22 December 2019

फ्लाइट में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने खड़ा किया हंगामा, अपनी सीट के आवंटन से थी नाराज।


भोपाल: भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने दिल्ली से भोपाल आने के दौरान एक निजी विमान सेवा की सेवाओं में कमी और कर्मचारियों के खराब व्यवहार की शिकायत हवाई अड्डे पर दर्ज करवाई है। प्रज्ञा ने स्पाइस जेट के विमान से दिल्ली से भोपाल आने के बाद शनिवार शाम को हवाई अड्डे के निदेशक को अपनी शिकायत लिखित में दी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली से फ्लाइट की उड़ान के बाद साध्वी ने हंगामा खड़ा कर दिया और अपनी सीट के आवंटन से नाराज प्रज्ञा भोपाल हवाई अड्डा पहुंचने के बाद भी कुछ समय तक विमान में बैठी रहीं, साथ ही एयरलाइन के स्टाफ पर खराब व्यवहार करने का आरोप लगाया। बाद में वो दिल्ली से स्पाइसजेट की फ्लाइट एसजी 2,489 से उतरने के बाद राजा भोज हवाईअड्डे के निदेशक के पास स्पाइस जेट के कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।

प्रज्ञा ने बाद में संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने विमान में धरना नहीं दिया। मैंने अधिकारियों को बताया कि वास्तव में स्पाइस जेट विमान सेवा का स्टाफ यात्रियों के साथ सही व्यवहार नहीं करता है। उन्होंने मेरे साथ पहले भी ठीक से बर्ताव नहीं किया था और आज भी उनका व्यवहार अच्छा नहीं था।

प्रज्ञा ने कहा, ‘उन्होंने मुझे बुक की गई सीट नहीं दी। मैंने उनसे नियम दिखाने के लिए कहा और नहीं दिखाने पर अंत में मैंने निदेशक को बुलाया और अपनी शिकायत दर्ज कराई।’
उन्होंने कहा, 'मैंने एयरपोर्ट डायरेक्टर के पास इसकी लिखित शिकायत दी। रेल, फ्लाइट्स पब्लिक की सुविधा के लिए होती हैं। एक जनप्रतिनिधि के नाते हम आम लोगों को मिल रही सुविधा के प्रति जिम्मेदार होते हैं। इसलिए मेरा दायित्व है कि मैं इसकी शिकायत करूं।'
भोपाल के राजा भोज हवाई अड्डे के निदेशक अनिल विक्रम ने बताया, ‘मुझे सीट आवंटन को लेकर शिकायत मिली है। हम सोमवार को इस मामले को देखेंगे।’

अर्जुन सिंह की प्रतिमा वहां लगे, जहां विवाद नही हो: अजय सिंह का सीएम कमलनाथ को पत्र।


भोपाल: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह "राहुल" नें मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अर्जुन सिंह की भोपाल में प्रतिमा लगाये जानें के संबंध में मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखा है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष नें सीएम कमलनाथ को पत्र के माध्यम से कहा कि, स्वर्गीय अर्जुन सिंह की प्रतिमा कहां स्थापित हो, यह निर्णय शासन का है, इस संबंध में मेरा कोई व्यक्तिगत मत नही है , लेकिन भाजपा नेताओं द्वारा किए गए विवाद को देखतें हुये मेरा यह सुझाव है की, जिस जगह पर अभी स्वर्गीय अर्जुन सिंह की प्रतिमा स्थापित की गयी है, वहा से किसी अन्य जगह पर स्थापित करना जादा उचित होगा, जहां पर कोई विवाद ना हो। आगे पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें कहा, जिस व्यक्ति नें अपना सम्पूर्ण जीवन प्रदेश हित और देश की सेवा में लगा दिया, उनकी प्रतिमा स्थापना के संबंध कोई विवाद हो यह उचित नही है।

महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पुन: स्थापित की जाए।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें कहा की,भाजपा शासनकाल में चंद्रशेखर आजाद की जो प्रतिमा हटाई  गयी थी, उसे पुन: स्थापित किया जाय।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें आगे कहा की, पिछले कुछ दिनों से मुझे जानकारी मिल रही है कि, पुर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अर्जुन सिंह की प्रतिमा स्थापना के संबंध में अनावश्यक 
विवाद उत्पन्न किया जा रहा है।

ये है विवाद ।
आज़ाद और अर्जुन सिंह की मूर्ति को लेकर विवाद ये है कि भोपाल के नानके पेट्रोल पंप तिराहे पर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की मूर्ति लगी हुई थी। उसे 2013 में हटा दिया गया था। उनकी जगह अर्जुन सिंह की मूर्ति लगा दी गयी, इसका आज़ाद के रिश्तेदार अमित आज़ाद सहित बीजेपी और कई संगठनों ने तीव्र विरोध किया था।

पूर्व सीएम शिवराज सिंह नें भी किया था विरोध।
पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के साथ ऐसा कृत्य, मध्यप्रदेश शर्मिंदा है। इस दुस्साहस के लिए दोषियों को तत्काल कड़ी से कड़ी सजा और उचित सम्मान के साथ मां भारती के सपूत की प्रतिमा पुनः स्थापित हो, अन्यथा देश स्वयं को कभी माफ न कर सकेगा।

Saturday, 21 December 2019

मुरैना जिले की जौरा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक बनवारी लाल शर्मा का निधन, सीएम कमलनाथ नें कहा उनका निधन मेरे लिये एक व्यक्तिगत क्षति।


भोपाल: मुरैना जिले की जौरा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक बनवारी लाल शर्मा का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। बनवारी लाल शर्मा का निधन भोपाल के कैंसर अस्पताल में हुआ। वो लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे और
कैंसर अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनकी उम्र 66 साल थी।
अभी कुछ दिनों पहले ही, मुख्यमंत्री कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस विधायक बनवारी लाल शर्मा की नातिन की शादी में एक साथ शरीक हुये थे।

2018 में बनवारी लाल शर्मा नें बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार को हराया था।
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में बनवारी लाल शर्मा को 56,187 वोट मिले थे। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार को हराया था। 2013 के विधानसभा चुनाव में बनवारी लाल शर्मा भाजपा उम्मीदवार सूबेदार सिंह से चुनाव हार गए थे। 2013 में हार का अंतर करीब 2 हजार वोट था।

कम हुईं कांग्रेस की सीटें।

बनवारी लाल शर्मा के निधन से प्रदेश में कांग्रेस की सीटें कम हो गई हैं। झाबुआ उपचुनाव जीतने के बाद कांग्रेस पूर्ण बहुमत में आ गई थी लेकिन अब बनवारी लाल शर्मा के निधन के बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस की 114 सीटें हो गई हैं।

जौरा विधानसभा सीट में उपचुनाव होगा।
बनवारी लाल शर्मा लंबे समय से बीमार थे। बनवारी लाल शर्मा के निधन पर भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने शोक प्रकट किया है। बनवारी लाल शर्मा के निधन के बाद जौरा विधानसभा सीट पर उपचुनाव होगा।

मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ नें जौरा विधायक के निधन पर शोक प्रकट किया।
कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए कहा- जौरा के विधायक,हमारे परिवार के सदस्य बनवारी लाल शर्मा के दुःखद निधन का समाचार मिला ,वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे
उनका निधन मेरे लिये एक व्यक्तिगत क्षति है
परिवार के प्रति मेरी शोक संवेदनाएँ, ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणो में स्थान,पीछे परिजनो को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे।


मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी जौरा विधायक के निधन पर शोक प्रकट किया।
शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करते हुए कहा- जौरा विधायक बनवारी लाल शर्मा जी के निधन का दुखद समाचार मिला। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। विनम्र श्रद्धांजलि!

Tuesday, 17 December 2019

Video: ग्रामीण के सवाल पर भड़के, ग्राम पंचायत तेंदुआ के सरपंच नारायण दास साकेत।


तेंदुआ: ग्राम पंचायत तेंदुआ के सरपंच एवं सचिव पर लगे गंभीर अनियमितता के आरोपों के बाद अब मामला और भी तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ नही मिल पानें के संबंध में जब ग्राम पंचयात तेंदुआ के ही, एक ग्रामीण एवं सामाजिक कार्यकर्ता आकाश सिंह चौहान नें सरपंच से सवाल किया तो सरपंच साहब भड़क गये और कहनें लगे की, नही होगा ग्राम का विकास, जा के दूसरा सरपंच चुन लिजिये। साथ ही उन्होनें कहा की अविश्वास प्रस्ताव ले के आइये, मुझे नही करनी सरपंची। आगे सरपंच नारायण दास साकेत नें कहा की, जाईये सब सदस्यों को इकट्ठा करिये और ग्राम पंचयात में कहलवा दीजिये, मै सरपंची नही करूंगा। आगे बोलते हुये उन्होनें ये भी कहा की मेरी कोई जवाबदारी नही है, मेरा मालिक कलेक्टर और सीईओ है, वो जो बोलेंगें वही करूंगा। जो भी सवाल है जाईये कलेक्टर से करिये, आगे सरपंच नें ये भी कहा की, ग्रामीणों को कोई भी सरकारी योजना का लाभ नही मिलेगा, जिसको जरुरत है ,कलेक्टर के पास जाए।

ग्रामीणों नें की कलेक्टर से मुलाकत।
ग्राम पंचायत में हो रही अनियमितताओं तथा पंचयात सचिव एवं सरपंच के खिलाफ ग्रामीणों नें कलेक्टर से मिलकर शिकायत की है, प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर नें भी जल्द कार्यवाही करनें का ग्रामीणों को आश्वासन दिया है।

क्या है पूरा मामला।
सीधी जिले से लगभग 10 किलोमीटर दूर, ग्राम पंचायत तेंदुआ आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। यहा सरकार की किसी भी योजना का लाभ ग्रामीणों को नही मिल पा रहा। ग्राम पंचायत का समुचित विकास ना होनें की बजह, लोग यहां के सरपंच एवं पंचयात सचिव को बताते हुये उनपर गंभीर आरोप भी लगायें हैं।
ग्रामीणों ने सरपंच नारायण दास साकेत, पंचयात सचिव तरुण मिश्रा एवं पूर्व सरपंच पर पंचयात की राशि में घोटले का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों ने शिकायत पत्र के माध्यम से कहा है की-

  • सरपंच एवं सचिव नें, पी सी सी सड़क एवं नाली निर्माण में घोटाला किया है।
  • प्राथमिक शाला, बाउन्ड्री निर्माण में घोटाला कर राशि आहरित कल ली गयी।
  • प्राथमिक शाला के बगल में पुलिया बनी ही नही, पर पुलिया निर्माण के नाम पर राशि आहरित कर ली गयी।
  • ग्राम सभा चौपाल के निर्माण के नाम पर राशि आहरित कर ली गयी, लेकिन निर्माण हुआ ही नही।
  • ग्राम पंचयात कक्ष निर्माण तथा आगनवाड़ी निर्माण में भी घोटले की शिकायत ग्रामीणों नें की है।
  • शौचालय निर्माण के नाम पर राशि आहरित कर ली गयी, लेकिन राशि उचित व्यक्ति तक पहुंची ही नही।
ऐसे और भी कई बेहद गंभीर आरोप, ग्रामीणों नें पंचयात सचिव एवं सरपंच पर लगायें है, साथ ही प्रशासन से सरपंच नारायण दास साकेत,सचिव तरुण मिश्रा एवं पूर्व सरपंच श्यामकली सेन द्वारा कराये गये कार्यों की जांच कर उन पर कार्यवाही की मांग की थी।

देखिये वीडियो, सरपंच नें क्या कहा👇👇

गुना से भाजपा सांसद के.पी यादव का जाति प्रमाण निरस्त होनें के क्या मायनें? क्या समाप्त होगी लोकसभा सदस्यता?


भोपाल: मध्य प्रदेश की गुना-शिवपुरी लोकसभा सीट से भाजपा सांसद के.पी यादव का जाति प्रमाण पत्र निरस्त होने से, अब आगे क्या हो सकता है, आइये जानतें है। 

7 वर्ष तक की सजा के साथ-साथ, लोकसभा सदस्यता भी समाप्त हो सकती है।
सांसद के पी यादव एवं उनके बेटे सार्थक यादव के खिलाफ आईपीसी की धारा 466 (दस्तावेज की कूट रचना) एवं 181 (शपथ दिलाने या अभिपुष्टि कराने के लिए प्राधिकॄत लोक सेवक के, या व्यक्ति के समक्ष शपथ या अभिपुष्टि पर झूठा बयान) के तहत मामला दर्ज हो सकता है। यदि ऐसा हुआ और इन मामलों में सांसद के पी यादव दोषी पाए गए तो अधिकतम 7 वर्ष तक की सजा हो सकती है। ऐसी स्थिति में के पी यादव की लोकसभा सदस्यता समाप्त हो सकती।

पूरा मामला क्या है ?
अशोकनगर जिले की मुंगावली एसडीएम श्री बीवी श्रीवास्तव ने  गुना सांसद केपी यादव का जाति प्रमाण पत्र निरस्त होनें की पुष्टि की है। SDM श्रीवास्तव ने बताया कि मामला इनके चिरंजीव सार्थक यादव से जुड़ा है। दोनों पिता-पुत्र का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर प्रतिवेदन एडीएम अशोकनगर को भेज दिया गया है। 
मामला सन 2014 का है। एसडीएम मुंगावली एक शिकायत की जांच कर रहे थे। शिकायत में बताया गया था कि भाजपा सांसद केपी यादव ने अपने बेटे को आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए अपनी वार्षिक आय क्रीमी लेयर (800000 प्रतिवर्ष) से कम बताई थी। लेकिन जांच में पाया गया कि सांसद कृष्णपाल सिंह यादव की वार्षिक आय ₹800000 से ज्यादा है अतः सार्थक यादव एवं उनके सांसद पिता के पी सिंह यादव दोनों का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया ताकि भविष्य में आरक्षण का लाभ ना ले पाएं। 

कौन हैं के.पी यादव?
के.पी यादव मध्य-प्रदेश के गुना-शिवपुरी लोकसभा सीट से भाजपा सांसद है, वो ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनाव हराकर देशभर की सुर्खियों में आए थे। बता दें, भाजपा में आनें से पहले के.पी यादव सिंधिया के ही समर्थक थे, लेकिन बाद में उन्होनें भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी, और सिंधिया के खिलाफ ही 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा और विजयी हुए।

Sunday, 15 December 2019

सीधी जिले की ग्राम पंचायत तेंदुआ में घोर अनियमितता, ग्रामीणों ने सरपंच-सचिव पर लगाये गंभीर आरोप।


तेंदुआ/ सीधी: सीधी जिले से लगभग 10 किलोमीटर दूर, ग्राम पंचायत तेंदुआ आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। यहा सरकार की किसी भी योजना का लाभ ग्रामीणों को नही मिल पा रहा। ग्राम पंचायत का समुचित विकास ना होनें की बजह लोग, यहां के सरपंच एवं पंचयात सचिव को बताते हुये उनपर गंभीर आरोप भी लगायें हैं।
ग्रामीणों ने सरपंच नारायण दास साकेत, पंचयात सचिव तरुण मिश्रा एवं पूर्व सरपंच पर पंचयात की राशि में घोटले का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों ने शिकायत पत्र के माध्यम से कहा है की-

  • सरपंच एवं सचिव नें, पी सी सी सड़क एवं नाली निर्माण में घोटाला किया है।
  • प्राथमिक शाला, बाउन्ड्री निर्माण में घोटाला कर राशि आहरित कल ली गयी।
  • प्राथमिक शाला के बगल में पुलिया बनी ही नही, पर पुलिया निर्माण के नाम पर राशि आहरित कर ली गयी।
  • ग्राम सभा चौपाल के निर्माण के नाम पर राशि आहरित कर ली गयी, लेकिन निर्माण हुआ ही नही।
  • ग्राम पंचयात कक्ष निर्माण तथा आगनवाड़ी निर्माण में भी घोटले की शिकायत ग्रामीणों नें की है।
  • शौचालय निर्माण के नाम पर राशि आहरित कर ली गयी, लेकिन राशि उचित व्यक्ति तक पहुंची ही नही।
ऐसे और भी कई बेहद गंभीर आरोप, ग्रामीणों नें पंचयात सचिव एवं सरपंच पर लगायें है, साथ ही प्रशासन से सरपंच नारायण दास साकेत,सचिव तरुण मिश्रा एवं पूर्व सरपंच श्यामकली सेन द्वारा कराये गये कार्यों की जांच कर उन पर कार्यवाही की मांग की है। अब देखना यह होगा की प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाता है।

ग्रामीणों द्वारा प्रशासन को दिया गया शिकायत पत्र संलग्न है।👇👇






यह रिपोर्ट ग्रामीणों द्वारा प्रशासन को दिये गये शिकायत पत्र एवं उनके बयानों के माध्यम से बनाई गई है।। टीम सीधी CHRONICLE 

Friday, 13 December 2019

संस्कृत बोलने से मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल होता है कम: सतना सांसद, गणेश सिंह का बयान।


सतना: भाजपा के सतना (मध्यप्रदेश) से, सांसद गणेश सिंह ने गुरुवार को एक अजीबोगरीब बयान दे डाला। उन्होनें दावा किया कि अमेरिका के एक शिक्षण संस्थान के शोध के अनुसार रोजाना संस्कृत भाषा बोलने से तंत्रिका तंत्र मजबूत होता है और मधुमेह तथा कोलेस्ट्रॉल कम होता है।

बता दें, सतना सांसद गणेश सिंह नें यह बात, लोकसभा में संस्कृति यूनिवर्सिटीज बिल हो रही चर्चा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि अमेरिका के एक संस्थान में शोध किया गया है जिसमें यह बात सामने आई है कि संस्कृत भाषा से नर्वस सिस्टम बेहतर होता है। यही नहीं, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल भी कंट्रोल में रहते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि यूएस स्पेस रीसर्च ऑर्गनाइजेशन नासा के शोध के मुताबिक अगर कंप्यूटर प्रोग्रामिंग संस्कृत में की जाए तो उसमें कोई रुकावट नहीं होगी। 

आगे बोलते हुये उन्होनें ये भी कहा,कि विश्व की 97 प्रतिशत से भी ज्यादा भाषाएं, संस्कृत पर आधारित हैं। इनमें कुछ इस्लामिक भाषाएं भी शामिल हैं।

बिल पर संस्कृत में बात करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी ने कहा कि भाषा बहुत लचीली है और एक वाक्य को कई तरीकों से बोला जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न अंग्रेजी शब्द जैसे कि भाई और गाय संस्कृत से लिए गए हैं। सारंगी ने कहा कि इस प्राचीन भाषा के प्रचार से किसी अन्य भाषा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।  

इसी के साथ लोकसभा ने गुरुवार को देश में तीन मानद संस्कृत विश्वविद्यालयों को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान करने वाले केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक 2019 को मंजूरी दे दी। इस विधेयक के तहत नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान और श्री लाल बहादुर शास्त्री विद्यापीठ के साथ-साथ तिरुपति स्थित राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान किया गया है।

Friday, 6 December 2019

तेलंगाना दुष्कर्म-हत्या / चारों आरोपियों के एनकाउंटर पर, भाजपा सांसद मेनका गाँधी नें खड़े किये सवाल।


हैदराबाद: तेलंगाना दुष्कर्म के चारों आरोपियों का पुलिस ने आज तड़के एनकाउंटर कर दिया।शमशाबाद के डीसीपी प्रकाश रेड्डी के मुताबिक, पुलिस आरोपियों को लेकर उस अंडरब्रिज पर पहुंची थी, जहां उन्होंने डॉक्टर को कैरोसिन डालकर जलाया था। पूछताछ और घटना को रीक्रिएट करनेके दौरान आरोपी पुलिस के हथियार छुड़ा कर भागने लगे। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें चारों आरोपी मारे गए।

एनकाउंटर पर भाजपा सांसद ने खड़ा किया सवाल।
अब भाजपा सांसद मेनका गांधी नें इस एनकाउंटर पर सवाल खड़े करते हुये कहा " जो भी हुआ है, बहुत भयानक हुआ है इस देश के लिये।आप लोंगों को जान से नही मार सकते, क्युकी आप ऐसा चाहते हो। आप कानून को अपनें हांथ में नही ले सकते। उन्हें कोर्ट द्वारा फांसी दी जाती।
देखिये वीडियो 👇

पीड़िता की बहन ने कहा, पुलिस का एनकाउंटर आगे उदाहरण बनेगा।

एनकाउंटर की खबर मिलने के बाद पीड़िता के पिता ने कहा- हमारी बच्ची को मरे हुए 10 दिन हो गए। तेलंगाना सरकार, पुलिस और जो लोग मेरे साथ खड़े थे, उन्हें बधाई। वहीं, पीड़िता की बहन ने कहा कि आरोपी एनकाउंटर में मारे गए। मैं इससे काफी खुश हूं। यह एक उदाहरण होगा, उम्मीद है आगे से ऐसा कुछ नहीं होगा। मैं पुलिस और तेलंगाना सरकार को शुक्रिया कहना चाहती हूं।


तेलंगाना के कानून मंत्री का बड़ा बयान।
तेलंगाना के कानून मंत्री ए इंद्राकरण रेड्डीने एक न्यूज चैनल से कहा- भगवान ने कानून से पहले सजा दे दी आरोपियों को। उनके साथ जो हुआ उससे पूरा हिंदुस्तान खुश है। टीवी में हमने देखा कि आरोपी पुलिस के हथियार लेकर भागने की कोशिश कर रहेथे। जो हुआ अच्छा हुआ।

पीड़िता की पड़ोसियों ने पुलिस को बांधी राखी।

गौरतलब है की, हैदराबाद में 27 नवंबर को टू-व्हीलर का टायर पंक्चर होने के बाद एक टोल प्लाजा के पास इंतजार कर रही 26 वर्षीय वेटरनरी डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। डॉक्टर का जला हुआ शव अगले दिनसुबह मिला था। पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।इनके नाम मोहम्मद आरिफ, जोलू शिवा, जोलू नवीन और चिंताकुंटा चेन्नाकेशवुलु थे। आरिफ की उम्र 26 साल थी, जबकि बाकी आरोपियों की उम्र 20 साल बताई गई। ये सभी ट्रक ड्राइवर और क्लीनर थे, जिन्होंने शराब पीने के बाद 7 घंटे तक डॉक्टर के साथ दरिंदगी की थी। इसके बाद पीड़ित को शादनगर के बाहरी इलाके में जला दिया था। चारों आरोपियों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

इंद्रशरण सिंह चौहान, सीधी भाजपा के नये जिलाध्यक्ष घोषित। पूर्व अध्यक्ष डा. राजेश मिश्रा ने दी बधाई।


भोपाल।सीधी: मध्यप्रदेश में भाजपा ने अपनें नये जिला अध्यक्षों के नाम का की घोषणा कर दी है। पहली सूची में 32 जिला अध्यक्षों की घोषणा की गई है। 

इन जिलों को मिले भाजपा के नये जिला अध्यक्ष।
मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, जबलपुर, जबलपुर ग्रामीण, कटनी, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, हरदा, भोपाल ग्रामीण, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, खंडवा, बड़वानी, अलीराजपुर, उज्जैन, उज्जैन ग्रामीण, शाजापुर और रतलाम जिला अध्यक्षों की घोषणा की गई है।

सीधी से इंद्रशरण सिंह चौहान के नाम की घोषणा।
मध्यप्रदेश के सीधी जिले से भाजपा ने श्री इंद्रशरण सिंह चौहान को अपना नया जिला अध्यक्ष नियुक्त किया है। बता दें की, इंद्रशरण  सिंह चौहान की पहचान सीधी  में एक जमीन से जुड़े हुये नेता एवं भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता के रुप में होती है। उन्हीनें राजनीति की शुरुआत एक सरपंच के रुप में की थी।

सीधी के पूर्व  जिला अध्यक्ष डा. राजेश मिश्रा ने नवनियुक्त अध्यक्ष इंद्रशरण सिंह को दी बधाई।
सीधी के अपदस्थ अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने कहा -
"संगठन का निर्णय सर्वोपरि!
श्री इन्द्रशरण सिंह चौहान जी को सीधी का जिलाध्यक्ष बनाये जाने पर हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं |
आशा है कि आप  संगठन विस्तार एवं विचारधारा को आगे बढ़ाने में अपनी प्रबल भूमिका निभाएंगे"।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह नें भी नवनियुक्त भाजपा जिला  अध्यक्षों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा -
"भारतीय जनता पार्टी, मध्यप्रदेश के सभी नवनिर्वाचित जिला अध्यक्षो को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
आशा करता हूँ कि आप सभी पूर्ण मनोयोग से संगठन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे"।

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