Saturday, 26 October 2019

झाबुआ उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के साथ ही, अब जल्द ही कांग्रेस के नए अध्यक्ष का फैसला, दौड़ में कई दावेदार।


भोपाल: झाबुआ उपचुनाव तथा दिग्गजों के आपसी खींचतान की वजह से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर फैसला रुक गया था, लेकिन अब झाबुआ उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के साथ ही जल्द ही संगठन से जुड़े अहम फैसले होने वाले हैं। दीपावली बाद प्रदेश कांग्रेस के नए अध्यक्ष का ऐलान भी संभव है।इस बारे में पार्टी आलाकमान एवं सोनिया गांधी द्वारा मुख्यमंत्री कमलनाथ, महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से अलग-अलग चर्चा की जा चुकी है।

समन्वय के फार्मूले के तहत होगा अध्यक्ष का फैसला।
प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने प्रदेश अध्यक्ष के बारे में प्रदेश में रायशुमारी कर नेताओं से सहमति ले ली है, और उसकी रिपोर्ट भी सोनिया गांधी को दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोनिया गांधी जल्द ही पीसीसी अध्यक्ष का नाम तय करने वाली हैं। सोनिया गांधी ने अध्यक्ष के लिए समन्वय का फॉर्मूला अपनाया है। इसके लिए प्रदेश के सभी गुटों के नेताओं से सहमति ली जा चुकी है।

अध्यक्ष पद  की दौड़ में ये हैं मुख्य दावेदार।

ज्योतिरादित्य सिंधिया :
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम सबसे निकट माना जा रहा था, लेकिन सिंधिया कुछ दिनों से अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ाकर, भाजपा को बैठे बैठाए कमलनाथ सरकार को घेरनें का मौका दे दिया, साथ ही सिंधिया कांग्रेस में अपनी भूमिका से थोड़े नाराज भी नजर आ रहे हैं। झाबुआ में उनका चुनाव प्रचार न करना इसी ओर इशारा करता है। झाबुआ के चुनाव नें मध्यप्रदेश की राजनीति में खलबली मचा दी है। इस चुनाव में जहां एक और कमलनाथ की पकड़ को साबित किया है तो दूसरी और दिग्विजय सिंह की जमीनी राजनीति एक बार फिर प्रमाणित हो गई। यह चुनाव केवल भारतीय जनता पार्टी ही नही हारी बल्कि ज्योतिरादित्य सिंधिया भी हार गए। वह अब प्रदेश अध्यक्ष के पद से भी अपनी दावेदारी हारते हुये दिख रहे।

अजय सिंह: 
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का नाम भी प्रदेश अध्यक्ष के लिये सबसे तेजी से उभरा है, और वो भी अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हैं। अजय सिंह के यहां हुई 20 से 25 विधायकों की बैठक का घटनाक्रम भी यह दर्शाता है की कांग्रेस के कई विधायक और कमलनाथ सरकार के कई मंत्री भी अजय सिंह को प्रदेश की कमान देना चाहते है। साथ ही अजय सिंह भी प्रदेश भर मे काफी सक्रिय दिखायी दे रहें है, हाल ही के दिनों मे वो कई जिलों में कार्यकर्ता सम्मलेन के साथ साथ कांग्रेस सदस्यता अभियान की शुरुआत कर संगठन को मजबूत करनें में महत्वपूर्ण भुमिका अदा कर रहें है।
इसके साथ ही झाबुआ उपचुनाव का परिणाम भी मप्र की सियासत में एक बार फिर दिग्विजय सिंह की पकड़ मजबूत हुई है, और दिग्विजय सिंह भी यह चाहते हैं की प्रदेश की कमान पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को दे दी जाए, अजय सिंह का अनुभव और प्रदेशभर में उनकी स्वीकार्यता संगठन को और भी मजबूत करनें मे मददगार साबित होगी।
कांतिलाल भूरिया की झाबुआ उपचुनाव के लिये उम्मीदवारी भी अजय सिंह से मुलाकात और दिग्विजय सिंह के दबाब औऱ गारंटी पर ही फाइनल की गई थी।

कमलनाथ के कई मंत्रियों के नाम भी दौड़ मे।
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए मंत्रियों के नामों पर भी विचार हो रहा है। मंत्रियों मे पहला नाम खेल एवं उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी का आ रहा है, साथ ही आदिवासी वर्ग से आने वाले मंत्री बाला बच्चन और ओमकार सिंह मरकाम का नाम भी प्रदेश अध्यक्ष के लिए बढ़ाया गया है।

दावेदार और भी :
वही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, पूर्व मंत्री मुकेश नायक का नाम भी प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए उभरकर सामने आया है। वहीं आरक्षित वर्ग से प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह चौधरी भी पद के दावेदार माने जा रहे हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष पद पर फैसला जल्द ही: दीपक बावरिया प्रदेश प्रभारी,कांग्रेस।
झाबुआ उपचुनाव के कारण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर फैसला रुक गया था। अब प्राथमिकता से जल्द ही पार्टी हाइकमान इस संबंध में फैसला ले सकती हैं। सारे राजनीतिक हालत उनके सामने हैं। परिस्थितियों को ध्यान में रखकर सर्व स्वीकार्यता और समन्वय के साथ इस पर फैसला किया जाएगा। 

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