Thursday, 31 October 2019

मध्य प्रदेश का 64 वां स्थापना दिवस कल, 11 शहरों में "सिटी वॉक फेस्टिवल" का किया जा रहा आयोजन।


भोपालः कल मध्य प्रदेश का 64 वां स्थापना दिवस है। 1 नवंबर 1956 को अस्तित्व में आया मध्य प्रदेश कभी मध्य भारत में आता था, लेकिन 15 अगस्त 1947 को आजादी मिलने के बाद देश की सभी रियासतों को स्वतंत्र भारत में मिलाकर एकीकृत किया गया। जिसके बाद 1 नवंबर 1956 को मध्य भारत पूरे देश में मध्य प्रदेश के तौर पर जाना जाने लगा। बता दें मध्य प्रदेश के गठन के बाद प्रदेश की राजधानी को लेकर देश के तमाम नेताओं ने तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जबाहर लाल नेहरू को इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के नाम सुझाए, लेकिन इन सब के बीच नेहरू को भोपाल काफी पसंद था, जिसके चलते मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल चुना गया।

1 नवंबर को मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को प्रदेश के 11 शहरों में 'सिटी वॉक फेस्टिवल' का आयोजन किया जा रहा है। 64 वें स्थापना दिवस पर भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, पन्ना, विदिशा, खजुराहो, चंदेरी, जबलपुर, बुरहानपुर और ओरछा में सिटी वॉक फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा।
भोपाल में सुबह 7 बजे हेरिटेज सिटी वॉक कमला पार्क से शुरू होकर गौहर महल, इकबाल मैदान होते हुए सदर मंजिल तक पहुंचेंगा। जिसमें प्रदेश की कई गणमान्य हस्तियां शामिल होंगी। भोपाल में मुख्यमंत्री कमलनाथ स्थापना दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश स्थापना दिवस मनाने के लिए मंत्रियों को जिलों का आवंटन किया गया है, जहां वह कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।

Wednesday, 30 October 2019

पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कुंवर अर्जुन सिंह की स्मृति में "यादें अर्जुन सिंह" कार्यक्रम 5 नवम्बर को भोपाल में। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह रहेंगें उपस्थित।


भोपाल: प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय कुंवर अर्जुन सिंह की स्मृति में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आगामी 5 नवम्बर को भोपाल के इकबाल मैदान में कुंवर अर्जुन सिंह सदभावना मंच द्वारा "यादें अर्जुन सिंह" कार्यक्रम के तहत एक बड़े मुशायरे का आयोजन किया गया है। इससे पहले पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के शिवाजीनगर स्थित आवास C19 में पुष्पांजलि कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्र नेता को श्रद्धा सुमन अर्पित किये जायेंगे।
कुँवर अर्जुन सिंह सदभावना मंच एवं आयोजन समिति के सचिव डॉ महेंद्र सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया की 5 नवंबर को पूर्व नेता प्रतिपक्ष के शिवाजीनगर स्थिति आवास C19 में सर्वप्रथम सुबह 10 बजे से पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया है जिसमें दिवंगत नेता को श्रद्धा सुमन अर्पित किये जायेंगे। उक्त कार्यक्रम के पश्चात रात्रि 8.30 बजे से इकबाल मैदान में भव्य मुशायरे का आयोजन किया गया है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह "राहुल" सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में होने वाले उक्त कार्यक्रम में देश के जानेमाने शायर और कवि हिस्सा लेंगे। उक्त कार्यक्रम में पत्रकारिता एवं सामज से जुड़ी दो महान विभूतियों को "अर्जुन सिंह अलंकरण" सम्मान से सम्मानित किया जायेगा।
डॉ महेंद्र सिंह के मुताबिक उक्त कार्यक्रम में अज़हर इनायती (रामपुर), राहत इंदौरी (इंदौर), जौहर कानपुरी (कानपुर), अंजुम रहबर (मुंबई), शबीना अदीब (कानपुर), प्रताप फ़ौज़दार हास्य (आगरा), अबरार काशिफ़ (अमरावती), सज्जाद झंझट हास्य (रुड़की), महशर आफ़रीदी (मुंबई), अखिलेश द्विवेदी हास्य (इलाहाबाद), मीसम गोपालपुरी (बिहार) एवं शरफ़ नानपारवे (नानपारा यू पी) जैसे ख्याति प्राप्त कवि और शायर हिस्सा लेंगे।

Tuesday, 29 October 2019

कांतिलाल भूरिया का, विधायक पद शपथ ग्रहण कार्यक्रम 31अक्टूबर को। मंत्रिमंडल विस्तार एवं प्रदेश अध्यक्ष के नाम का भी ऐलान संभव।


भोपाल: झाबुआ विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज करनें वाले कांतिलाल भूरिया राजधानी पहुंच गए हैं। भूरिया गुरूवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे। इसके साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार का ऐलान भी हो सकता है। खबर तो यह भी आ रही कि इसी दिन प्रदेश कांग्रेस को नया अध्यक्ष भी मिल सकता है।मंगलवार को राजधानी में जिला कांग्रेस कार्यालय पर भूरिया का स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला कांग्रेसाध्यक्ष कैलाश मिश्रा ने बताया कि भूरिया की ऐतिहासिक जीत कांग्रेस के लिए कई मायने रखती है। इसके अलावा भूरिया कांग्रेस क सीनियर नेता हैं, उन्होंने पार्टी के लिए कई स्तर पर बड़ा योगदान दिया है। दीवाली के मौके पर आई उनकी जीत की खबर ने कांग्रेस के लिए रौशनी और मिठास का काम किया है।

31 अक्टूबर को विधायक पद की शपथ ग्रहण।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उप चुनाव में जीते कांतिलाल भूरिया 31 अक्टूबर को विधायक पद की शपथ ग्रहण लेंगें शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सरकार के सभी मंत्री, विधायक, पार्टीजन मौजूद रहेंगे। जानकारी के मुताबिक भूरिया को विधानसभा में सुबह 11:30 बजे विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति शपथ दिलाएंगे।

मंत्रिमंडल विस्तार की भी खबर।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भूरिया के विधानसभा में शामिल होने के बाद उन्हें उनके कद और अनुभव के हिसाब से पद दिए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। इसके लिए मौजूदा मंत्रियों के पदों में बदलाव करने की योजना भी तैयार की गई है। बताया जा रहा है कि ऐसे मंत्री, जिनके पास एक से ज्यादा विभाग मौजूद हैं, उनसे कुछ विभाग कम किए जा सकते हैं। इसके अलावा कुछ मंत्रियों के विभागों को इधर से उधर भी किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार सम्भवत: 31 अक्टूबर की शाम को हो सकता है। बताया जा रहा है मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस मामले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से विस्तृत चर्चा भी की है। 

प्रदेश अध्यक्ष के लिए नए नाम का ऐलान भी किया जा सकता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ,31 अक्टूबर को होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही इसी दिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के लिए नए नाम का ऐलान भी किया जा सकता है। करीब डेढ़ साल पहले अरुण यादव की जगह अध्यक्ष बनाए गए कमलनाथ के सीएम बनने के बाद से इस बात की कवायद जारी है कि अध्यक्ष की जिम्मेदारी किसी दूसरे नेता को दी जाए। इस बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया से लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ,बाला बच्चन और जीतू पटवारी तक के नामों की चर्चाएं उठती रही हैं। लेकिन सहमती ना बन पानें की वजह से यह ऐलान रुका हुआ है। इधर हाल ही में कांग्रेस के कद्दावर मंत्री सज्जन सिंह वर्मा द्वारा दिए गए भूरिया को अध्यक्ष बनाए जाने के बयान को लेकर कहा जा रहा है कि संभवत: पार्टी भूरिया को ही यह जिम्मेदारी दे सकती है। 
उम्मीद की जा रही है मुख्यमंत्री कमलनाथ मंगलवार की मुलाकात में कांग्रेस आलाकमान से मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पद पर भी मोहर लगवा कर लाएंगे। 

भूरिया को सत्ता या फिर संगठन में जगह देनें पर कांग्रेस के साथ साथ भूरिया भी असमंजस में।
झाबुआ उपचुनाव में जीत के बाद विधायक कांतिलाल भूरिया का नाम जैसे ही प्रदेश अध्यक्ष पद पर विकल्प के रूप में चर्चा में आया, भूरिया खुद असमंजस मे पड़ गये, उनकी पसंद सरकार में  हिस्सेदारी हैं। चुनाव में उन्हे डिप्टी सीएम प्रोजेक्ट किया गया था। कांतिलाल इससे कम कुछ नहीं चाहते और इसके लिए अब लाबिंग भी शुरू हो गई है।

दिग्विजय सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री करेंगे फैसला।
झाबुआ सीट पर जीत के साथ ही कांतिलाल भूरिया की ताजपोशी को लेकर अब कांग्रेस मुश्किल में है। भूरिया को सत्ता या संगठन में जगह देने की मजबूरी पर मंथन तेज हो गया है। उपचुनाव में कांतिलाल भूरिया को डिप्टी सीएम प्रोजेक्ट करने के बाद कांग्रेस में नवनिर्वाचित विधायक को सत्ता में जगह देने को लेकर चर्चाएं गरम हैं। मंत्री सज्जन सिंह वर्मा द्वारा कांतिलाल भूरिया को पीसीसी चीफ के लिए परफेक्ट बताने के बयान के बाद नेताओं के रिएक्शन तेज हो गये हैंं। मंत्री पीसी शर्मा पार्टी में भूरिया की नई भूमिका को लेकर सीधे तौर पर कुछ भी बोलने से बचते दिखे। तो वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि इस बारे में फैसला मुख्यमंत्री कमलनाथ को करना है।

मुख्यमंत्री कमलनाथ करेंगे फैसला।
बहरहाल झाबुआ में जीत हासिल कर कांग्रेस ने संख्या गणित में भले ही मजबूती हासिल कर ली हो लेकिन भूरिया की नई पारी को लेकर कांग्रेस में संकट के हालात जरूर खड़े हो गये हैं। यदि कांग्रेस नेताओं के झाबुआ में दिए गये बयानों पर अमल होता है तो कांतिलाल भूरिया को सत्ता में भागीदार बनाया जाएगा लेकिन यदि सिंधिया, अजय सिंह और दूसरे नेताओं की पीसीसी चीफ को लेकर की जा रही दावेदारी को कमजोर किया जाना है तो भूरिया को प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व की जिम्मेदारी दी जा सकती है लेकिन कांग्रेस के इस सीनियर लीडर की नई भूमिका को लेकर अब गेंद मुख्यमंत्री कमलनाथ के पाले में है और उम्मीद इसको लेकर है कि 31 अक्टूबर को विधानसभा में विधायक पद की सदस्यता के बाद पार्टी इस मामले को लेकर कोई बड़ा फैसला जरूर ले लेगी।

किसान, हरिजन, आदिवासी सम्मेलन 31 को भेड़ा में । पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह भी करेंगे शिरकत।



सतना : आगामी 31 अक्टूबर को मैंहर विधानसभा के ग्राम भेड़ा में सुबह 11 बजे से विशाल किसान एवं हरिजन आदिवासी महासम्मेलन आयोजित किया गया है । कार्यक्रम का संयोजक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामनिवास उरमलिया को बनाया गया है ।

जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अतुल सिंह परिहार ने जानकारी देते हुए बताया कि मप्र विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह "राहुल भइया" के मुख्य आतिथ्य एवं जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दिलीप मिश्रा की अध्यक्षता में होने वाले उक्त महासम्मेलन में विधायक नीलांशू चतुर्वेदी, पूर्व महापौर राजाराम त्रिपाठी, पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह, विधानसभा प्रत्याशी श्रीकांत चतुर्वेदी, नगरपालिका अध्यक्ष धर्मेश घई सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मैंहर के अध्यक्ष गौरव चौरसिया एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नादन के अध्यक्ष रामभद्र पांडे ने पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्र की जनता से अधिक से अधिक संख्या में पहुंच कर उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है ।

Monday, 28 October 2019

VIDEO: मंत्री जीतू पटवारी ने निराश्रित बच्चों के साथ इंदौर के होटल रेडिसन में मनाई दिवाली।


इंदौर: देश भर में एक तरफ जहां दिवाली पर लोग अपनों के लिए अलग-अलग तैयारियां कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ 
कमलनाथ सरकार के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी ने निराश्रित बच्चों के साथ दिवाली मनाई। जीतू पटवारी हर साल की तरह इस बार भी बच्चों के साथ दिवाली मनाने पहुंचे। 

मंत्री जीतू पटवारी इन बच्चों को लेकर फाइव स्टार होटल रेडिसन पहुंचे और बच्चों के साथ लंच भी किया। इस मौके पर उनके साथ पाकिस्तान से भारत आई मूकबधिर गीता भी मौजूद रही। इस दीपावली पर श्रद्धानंद अनाथालय के 50 से अधिक बच्चों के साथ मंत्री पटवारी रेडिसन होटल पहुंचे। साथ ही में मूकबधिर गीता भी थी। इस दौरान बच्चों ने भी मंत्री के साथ खुब एंजॉय किया। इस दौरान बच्चों ने मंत्री के साथ फोटो भी खिंचवाए। मंत्री ने बच्चों को दीपावली की शुभकामनाएं भी दी। मंत्री पटवारी नें बच्चों को तोहफे भी दिए। जीतू ने कहा कि उनका बेटा हॉस्टल में रहता है। उसका कॉल आया कि आज दिवाली है क्या हम बच्चों के साथ होटल में सेलिब्रेशन नहीं करेंगे। उसकी बात सुनते ही मैंने उससे कहा जरूर करेंगे और फिर हम बच्चों के साथ यहां आए।

मंत्री जीतू पटवारी नें आगे कहा कि बच्चों के साथ इस पल में आनंद की अनुभूति हुई वाकई हम जब किसी और के जीवन में खुशियों का दीप जलाने की कोशिश करते हैं तो उनकी प्रसन्नता हमें अभिभूत कर देती है।

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Sunday, 27 October 2019

भाजपा प्रदेश नेतृत्व द्वारा, सीधी विधायक के खिलाफ इतनी जल्दी कार्यवाही की वजह, कहीं विधायक का सीधी सांसद से आपसी मतभेद तो नहीं?


सीधी / भोपाल: विश्व की सबसे बड़ी कार्यकर्ता आधारित एवं अनुशासन वाली पार्टी का दावा करनें वाली भाजपा में सब कुछ ठीक नही चल रहा, जिसका सबसे बड़ा उदहारण सीधी भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला द्वारा अपनें ही प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ़ अभी हाल में ही दिया गया एक बयान है, झाबुआ उपचुनाव हारने के बाद  भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सीधी से विधायक केदारनाथ शुक्ला ने अपनी ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की काबिलियत पर सवालिया निशान खड़े कर दिए और यह तक कह डाला कि उन्हीं के असक्षम नेतृत्व के चलते पार्टी चुनाव हारी है ।शुक्ल ने यहां तक कह दिया कि  राकेश सिंह के नेतृत्व में पार्टी चौपट हो रही है और उन्हें जल्द पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया जाना चाहिए। 

केदारनाथ शुक्ला का इतना बोलते ही पार्टी में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पार्टी के प्रदेश महामंत्री विष्णुदत्त शर्मा ने केदारनाथ शुक्ल की इस बयान बाजी को अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस थमा दिया।
महामंत्री भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश विष्णु दत्त शर्मा द्वारा जारी बयान के मुताबिक, झाबुआ विधानसभा उपचुनाव के परिणाम को लेकर सीधी के विधायक केदारनाथ शुक्ला के वक्तव्य को भारतीय जनता पार्टी अनुशासनहीनता मानती है। उन्होंने जो कहा है वह पार्टी की रीति नीति के तहत नहीं आता। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह पर अक्षमता के जो आरोप लगाए हैं ,उसके संबंध में केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा के उपरांत उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 

भाजपा के इतिहास में शायद पहली बार इतनी जल्द कार्यवाही हुई। इससे पहले ऐसे कई उदहारण रहे है जब भाजपा में लोगों ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ बयानबाज़ी की लेकिन उनपर कोई कार्यवाही नही की गई, कुछ दिनों पहले ही पार्टी के दो विधायक, नारायण त्रिपाठी एवं शरद कोल ने तो खुले आम बगावती तेवर अपनाते हुये मुख्यमंत्री कमल नाथ एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस कर भाजपा को बुरा भला कहते हुये कांग्रेस में जानें की बात कही थी, तब भी भाजपा नें उन पर कोई कार्यवाही नही की थी,  हला की बाद में दोनों विधायक फिर भाजपा नें वापस लौट गये।
पार्टी के एक अन्य सीनियर नेता रघुनंदन शर्मा भी गाहे-बगाहे शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ मोर्चा खोलते रहते हैं और अभी भी उन्होंने केदारनाथ शुक्ल की राय से इत्तेफाक रखते हुए पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए।लेकिन उन पर कार्रवाई की चर्चा तक नहीं हुई।
अब बड़ा सवाल यह उठ रहा की, आखिर सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला पर इतनी जल्दी कार्यवाही क्यूं? कहीं इसके पीछे सीधी सांसद रीति पाठक तो नही?

क्युकिं सीधी से भोपाल तक राजनैतिक गलियारों में ,शुक्ल के खिलाफ हुई इस कार्रवाई को सीधी जिले में चल रही सांसद और विधायक के बीच तकरार से जोड़कर देखा जा रहा है। 

दरअसल सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ल और सांसद रीति पाठक के रिश्ते बिल्कुल समान्य नही है, और दोनों एक दुसरे के बारे मे मीडिया में भी बयानवाजी करनें से पीछे नही हटते। हालत तो यहां तक पहुंच गये थे की सीधी विधायक द्वारा सीधी सांसद पर व्यक्तिगत छींटाकशी की गयी थी, जिसके जवाब में सांसद रीति पाठक ने, सीधी विधायक के मानसिक स्थिति पर ही सवालिया निशान लगा दिया था, और शिवराज सिंह को बीच बचाव करना पड़ा था।

सीधी सांसद रीति पाठक प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के खेमे की मानी जाती है, और सीधी विधायक के खिलाफ इतनी जल्दी कार्यवाही किये जानें के पीछे सीधी भाजपा की गुटवाजी भी जिम्मेदार है। और अब इस कार्यवाही से पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश जा रहा है ,आखिर अनुशासनहीनता के नाम पर कार्यवाही कुछ चिन्हित लोगों के खिलाफ ही क्यूं?

Saturday, 26 October 2019

झाबुआ उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के साथ ही, अब जल्द ही कांग्रेस के नए अध्यक्ष का फैसला, दौड़ में कई दावेदार।


भोपाल: झाबुआ उपचुनाव तथा दिग्गजों के आपसी खींचतान की वजह से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर फैसला रुक गया था, लेकिन अब झाबुआ उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के साथ ही जल्द ही संगठन से जुड़े अहम फैसले होने वाले हैं। दीपावली बाद प्रदेश कांग्रेस के नए अध्यक्ष का ऐलान भी संभव है।इस बारे में पार्टी आलाकमान एवं सोनिया गांधी द्वारा मुख्यमंत्री कमलनाथ, महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से अलग-अलग चर्चा की जा चुकी है।

समन्वय के फार्मूले के तहत होगा अध्यक्ष का फैसला।
प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने प्रदेश अध्यक्ष के बारे में प्रदेश में रायशुमारी कर नेताओं से सहमति ले ली है, और उसकी रिपोर्ट भी सोनिया गांधी को दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोनिया गांधी जल्द ही पीसीसी अध्यक्ष का नाम तय करने वाली हैं। सोनिया गांधी ने अध्यक्ष के लिए समन्वय का फॉर्मूला अपनाया है। इसके लिए प्रदेश के सभी गुटों के नेताओं से सहमति ली जा चुकी है।

अध्यक्ष पद  की दौड़ में ये हैं मुख्य दावेदार।

ज्योतिरादित्य सिंधिया :
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम सबसे निकट माना जा रहा था, लेकिन सिंधिया कुछ दिनों से अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ाकर, भाजपा को बैठे बैठाए कमलनाथ सरकार को घेरनें का मौका दे दिया, साथ ही सिंधिया कांग्रेस में अपनी भूमिका से थोड़े नाराज भी नजर आ रहे हैं। झाबुआ में उनका चुनाव प्रचार न करना इसी ओर इशारा करता है। झाबुआ के चुनाव नें मध्यप्रदेश की राजनीति में खलबली मचा दी है। इस चुनाव में जहां एक और कमलनाथ की पकड़ को साबित किया है तो दूसरी और दिग्विजय सिंह की जमीनी राजनीति एक बार फिर प्रमाणित हो गई। यह चुनाव केवल भारतीय जनता पार्टी ही नही हारी बल्कि ज्योतिरादित्य सिंधिया भी हार गए। वह अब प्रदेश अध्यक्ष के पद से भी अपनी दावेदारी हारते हुये दिख रहे।

अजय सिंह: 
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का नाम भी प्रदेश अध्यक्ष के लिये सबसे तेजी से उभरा है, और वो भी अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हैं। अजय सिंह के यहां हुई 20 से 25 विधायकों की बैठक का घटनाक्रम भी यह दर्शाता है की कांग्रेस के कई विधायक और कमलनाथ सरकार के कई मंत्री भी अजय सिंह को प्रदेश की कमान देना चाहते है। साथ ही अजय सिंह भी प्रदेश भर मे काफी सक्रिय दिखायी दे रहें है, हाल ही के दिनों मे वो कई जिलों में कार्यकर्ता सम्मलेन के साथ साथ कांग्रेस सदस्यता अभियान की शुरुआत कर संगठन को मजबूत करनें में महत्वपूर्ण भुमिका अदा कर रहें है।
इसके साथ ही झाबुआ उपचुनाव का परिणाम भी मप्र की सियासत में एक बार फिर दिग्विजय सिंह की पकड़ मजबूत हुई है, और दिग्विजय सिंह भी यह चाहते हैं की प्रदेश की कमान पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को दे दी जाए, अजय सिंह का अनुभव और प्रदेशभर में उनकी स्वीकार्यता संगठन को और भी मजबूत करनें मे मददगार साबित होगी।
कांतिलाल भूरिया की झाबुआ उपचुनाव के लिये उम्मीदवारी भी अजय सिंह से मुलाकात और दिग्विजय सिंह के दबाब औऱ गारंटी पर ही फाइनल की गई थी।

कमलनाथ के कई मंत्रियों के नाम भी दौड़ मे।
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए मंत्रियों के नामों पर भी विचार हो रहा है। मंत्रियों मे पहला नाम खेल एवं उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी का आ रहा है, साथ ही आदिवासी वर्ग से आने वाले मंत्री बाला बच्चन और ओमकार सिंह मरकाम का नाम भी प्रदेश अध्यक्ष के लिए बढ़ाया गया है।

दावेदार और भी :
वही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, पूर्व मंत्री मुकेश नायक का नाम भी प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए उभरकर सामने आया है। वहीं आरक्षित वर्ग से प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह चौधरी भी पद के दावेदार माने जा रहे हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष पद पर फैसला जल्द ही: दीपक बावरिया प्रदेश प्रभारी,कांग्रेस।
झाबुआ उपचुनाव के कारण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर फैसला रुक गया था। अब प्राथमिकता से जल्द ही पार्टी हाइकमान इस संबंध में फैसला ले सकती हैं। सारे राजनीतिक हालत उनके सामने हैं। परिस्थितियों को ध्यान में रखकर सर्व स्वीकार्यता और समन्वय के साथ इस पर फैसला किया जाएगा। 

Thursday, 24 October 2019

राकेश सिंह पार्टी अध्यक्ष रहनें लायक नही: केदारनाथ शुक्ला (सीधी भाजपा विधायक)


भोपाल / भोपाल: मध्यप्रदेश के झाबुआ विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया ने भाजपा प्रत्याशी भानु भूरिया को 27 हजार 757 मतों से पराजित कर भाजपा से यह सीट छीन ली।
कांग्रेस के भूरिया को 95741 मत मिले, वहीं भाजपा के भानु भूरिया ने 67984 मत हासिल किए। नतीजों के बाद अब भाजपा के प्रदेश नेतृत्व पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सीधी से भाजपा विधायक एवं मध्य प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता केदारनाथ शुक्ला का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 
उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि वह अपनी जिम्मेदारियों को सही तरह से नहीं निभा पा रहे हैं। यही नहीं उन्होंने राकेश सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए केंद्रीय नेतृत्व से उन्हें हटाने तक की मांग कर दी। उन्होंने कहा कि राकेश सिंह अध्यक्ष पद पर रहने लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी फोरम पर झाबुआ हार के कारण पर अपनी बात रखेंगे। 
अब बड़ा सवाल यह है कि भाजपा आलाकमान इस पर क्या रुख अपनायेगा , क्युकी जहा भाजपा एक तरफ एक जुट होने का दावा कर रही, वही दूसरी तरफ उप चुनाव में हार के बाद अब पार्टी नेताओं की आवाजें उठना शुूरू हो गई हैं।
गौरतलब है कि भाजपा ने झाबुआ विधानसभा सीट से उप चुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। पार्टी के सभी बड़े दिग्गज नेता जीत का दावा कर रहे थे। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से लेकर पार्टी अध्यक्ष राकेश सिंह भी झाबुआ में जीत का दावा कर रहे थे। यही नहीं नतीजों से पहले तक भाजपा नेताओं का दावा था कि झाबुआ उप चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार गिर जाएगी। लेकिन अब नतीजे आने के बाद पार्टी नेता कमलनाथ सरकार पर सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगा रहे, साथ ही झाबुआ को कांग्रेस की परम्परागत सीट बता रहे।

आदिवासी नेता श्री मान सिंह की प्रतिमा ग्राम कोचिला में स्थापित की जाएगी -अजय सिंह।

        (फोटो फ़ाइल -अजय सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष)

भोपाल: 24 अक्तूबर, 2019, सीधी जिले के जुझारू आदिवासी नेता श्री मान सिंह के सम्मान में गृह ग्राम कोचिला में उनकी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। सीधी जिले के आदिवासियों में लोकप्रिय श्री मान सिंह मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री अर्जुनसिंह के राजनीतिक साथी  थे और कांग्रेस पार्टी के आधार स्तम्भ थे। मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह "राहुल" ने उपरोक्त जानकारी देते हुये बताया है कि श्री मान सिंह की प्रतिमा लगाने के लिए ग्राम पंचायत कोचिला से सर्वसम्मति से प्रस्ताव प्राप्त हुआ है तथा सीधी जिले के पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं का संमान करते हुये आगे इस पर कार्यवाही की जा रही है।

कांग्रेस ने झाबुआ विधानसभा सीट भाजपा से छीनी, कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया 25 हजार से अधिक वोटों से जीते।


झाबुआ: झाबुआ विधानसभा सीट कांग्रेस नें जीत ली है,उसने यह सीट बीजेपी से छीन ली है, पार्टी के कांतिलाल भूरिया 27925 वोटों से चुनाव जीत गए हैं। भूरिया ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के भानु भूरिया को हराया।  कांतिलाल को 89945 वोट मिले, जबकि भानु भूरिया के खाते में 64714 वोट पड़े। अभी रिजल्ट की आधिकारिक घोषणा होना बाकी है।

कांग्रेस के भूरिया नें शुरु से ही बढ़त बना रखी थी।
मतगणना शुरू होते ही कांतिलाल भूरिया ने भानु भूरिया पर बढ़त बना ली थी जो हर राउंड के साथ बढ़ती गयी। 14 वें राउंड तक पहुंचते-पहुंचते साफ हो गया था कि कांग्रेस ये सीट प्रचंड बहुमत से जीतने वाली है।

भाजपा के भूरिया नें 21वें राउंड में आपत्ति की।
भाजपा प्रत्याशी भानु भुरिया की आपत्ति के बाद झाबुआ में कुछ देर के लिए मतगणना रोकना पड़ा। भानु भूरिया ने निर्वाचन पदाधिकारी को री काउंटिंग की एप्लीकेशन दी थी।तब तक 21 राउंड पूरे हो चुके थे। आपत्ति खारिज होने के बाद दोबारा मतगणना शुरू की गयी।

भाजपा का गढ़ कहे जानें वाले कल्याणपुरा में भी कांग्रेस की जीत।
कांग्रेस ने कल्याणपुरा में भी जीत हासिल की। इसे बीजेपी का गढ़ कहा जाता है। इस बार चुनाव में इस इलाके में दो अलग-अलग तस्वीरें रहीं। कल्याणपुरा के इस क्षेत्र में संघ की खासी पैठ है।बीजेपी यहां कांग्रेस को पछाड़ती आई है।हालांकि इस इलाके में ईसाई मिशनरीज़ का खासा प्रभाव है।
इस बार चुनाव में इस इलाके में सेंध लगाने के लिए सीएम कमलनाथ ने रोड-शो किया था, खासकर उसकी नज़र ईसाई वोट बैंक पर थी।
कांतिलाल भूरिया ने कल्याणपुरा मतदाताओं का आभार व्यक्त किया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं मे जश्न का माहौल।
झाबुआ विधानसभा सीट उप चुनाव में काउंटिंग के कुल 26 राउंड थे, शुरुआती 8 राउंड तक कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के भानु भूरिया से लगातार बढ़त बनाए रहे, तो कांग्रेस में खुशी की लहर दौड़ पड़ी, समर्थक पटाख़े और फूल मामला लेकर आ गए।कांतिलाल का स्वागत किया और नाच-गाना शुरू कर दिया। जीत की उम्मीद में हो रहे इस जश्न में कलावती भूरिया भी शामिल हुईं।

कांतिलाल भूरिया अपना बूथ हारे।
ये भी अजब इत्तेफाक़ है कि कांतिलाल भूरिया अपने ही बूथ से हार गए.मतदान केंद्र क्रमांक 93 में उन्होंने वोट डाला था।लेकिन गोपाल कॉलोनी के इस क्षेत्र से भूरिया हार गए. इस बूथ पर उन्हें  175 वोट मिले जबकि बीजेपी के भानु भूरिया को 214 वोट लेकर उनसे आगे रहे।
झाबुआ विधान सभा क्षेत्र में 2 लाख 77 हजार 500 मतदाता हैं. इनमें से 1लाख 7 2 हजार 144 ने इस बार अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।इस उप चुनाव में कुल 356 मतदान केन्द्र बनाए गए थे।उप चुनाव में 62.01 फीसदी मतदान हुआ था, जो पिछले विधानसभा चुनाव से करीबी 2 फीसदी कम था।

गुमराह करने की राजनीति का समय खत्म- CM कमलनाथ।
उपचुनाव के नतीज़ों पर मुख्यमंत्री कमलनाथ नें प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा की''लोगों को कांग्रेस से उम्मीद, जनता ने कांग्रेस पर भरोसा किया'' साथ ही उन्होनें यह भी कहा की अब गुमराह करने की राजनीति का समय खत्म हो गया।

भाजपा अध्यक्ष नें अपनीं हार मानी।
भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह नें अपनी हार मानते हुये हार की समीक्षा की बात कही।

भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय का बयान ।
चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस की सरकार गिरानें की बात करनें वाले भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय नें कहा की झाबुआ कांग्रेस की परम्परागत सीट है।

Wednesday, 23 October 2019

झाबुआ उपचुनाव: एग्जिट पोल के मुताबिक कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया चुनाव जीत रहे।


झाबुआ: झाबुआ उपचुनाव पर एक स्थानीय न्यूज़ पोर्टल"झाबुआ लाइव" द्वारा किये गये एग्जिट पोल के मुताबिक कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया को 53% वोट मिलते हुये दिख रहा है, जबकी भाजपा प्रत्याशी भानू भूरिया को 47% वोट मिल रहा, इस हिसाब से कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया करीब 8500 मतों से यह चुनाव जीतते हुये दिख रहे।

गौरतलब है की मध्यप्रदेश के झाबुआ उपचुनाव के लिए मतदान 21 तारीख को संपन्न हुआ था और वहां करीब 62 फीसदी वोटिंग हुई थी।
झाबुआ विधानसभा उपचुनाव के लिए हुए मतदान में 85618 महिलाओं और 86268 पुरुषों ने मतदान किया। मतगणना कल यानी 24 तारीख को होनी है, जिसके बाद ही पता चलेगा की झाबुआ की जनता  किसे अपना प्रतिनिधित्व करनें का मौका दे रही है, लेकिन एग्जिट पोल के मुताबिक़ कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव जीतते हुये दिख रहे।

हला की झाबुआ उपचुनाव पर एग्जिट पोल करनें वाले न्यूज़ पोर्टल "झाबुआ लाइव" नें 10 % गलती की गंजाईस भी रखी है, और यदि ऐसा होता है तो, भाजपा प्रत्याशी भानू भूरिया करीब 4000 मतों से चुनाव जीत सकतें है, लेकिन झाबुआ लाइव नें 90% कांग्रेस प्रत्याशी के चुनाव जीतनें पर अपनीं मुहर लगाई है।

चुनाव मैदान में पांच उम्मीदवार हैं, लेकिन मुकाबला कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशी के बीच।

ये हैं विधानसभा क्षेत्र के 5 प्रत्याशी-

1. कांतिलाल भूरिया ------ कांग्रेस

2. भानु भूरिया -------------भाजपा

3. कल्याणसिंह डामोर -----निर्दलीय

4. निलेश डामोर ------------निर्दलीय

5. रामेश्वर सिंगार -----------निर्दलीय

झाबुआ में मतदाताओं की संख्या ।
2,77,599 कुल मतदाता 1, 39, 330 पुरुष मतदाता 1,38,026 महिला मतदाता 03 अन्य मतदाता 356 मतदान केंद्रों पर मतदान, 24 को होगी मतगणना ।

क्यूँ हो रहा उपचुनाव।

झाबुआ में उपचुनाव इसलिए हो रहा है क्योंकि 2018 में विधायक बने गुमानसिंह डामोर को मई 2019 में सांसद बनने का भी मौका मिल गया। दोनों संवैधानिक पद पर एक साथ नहीं रह सकते थे। एक पद से इस्तीफा देना जरूरी था। डामोर ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद झाबुआ की सीट रिक्त हो गई।

Monday, 21 October 2019

झाबुआ उपचुनाव के लिये मतदान जारी, अब तक 47.38% मतदान, कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशी ने किया मतदान।



झाबुआ: झाबुआ विधानसभा उपचुनाव के लिए सोमवार सुबह ७ बजे से मतदान शुरू हो चुका है और खबर 
लिखे जानें तक 47.38% मतदान हो चुका है।क्षेत्र में 356 केंद्र बनाए गए हैं, 15 केंद्रों पर चुनाव आयोग वेबकास्टिंग के ज़रिए नजर रख रहा है. सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की चार कंपनियों समेत पुलिसकर्मी तैनात हैं।

ईवीएम और वीवीपैट की खराबी के चलते मतदान प्रभावित न हो, इसके लिए 20 प्रतिशत मशीनें सेक्टर ऑफिसरों को दी गई हैं। यह लोग मतदान के दौरान भ्रमण पर रहेंगे। ईवीएम या वीवीपैट में खराबी की सूचना मिलते ही तत्काल इसे बदलवाएंगे। रानापुर के मतदान केंद्र समोई 237 पर ईवीएम खराब होने से वोटिंग रुकी। इसके बाद नई मशीन आने पर फिर से वोटिंग शुरू करवाई गई।

कांग्रेस प्रत्याशी नें वोट डाला।

कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया नें अपने परिवार सहित वोट डाला, वोट डालने से पहले वो मंदिर गए और फिर से मतदान क्रमांक 93 पर मतदान करने पहुंचे, उन्होंने अपने मुहूर्त 8:45 पर मतदान किया, उनके साथ उनका पूरा परिवार था, घर से निकलने वक़्त कांतिलाल भूरिया मीडिया से बातचीत में कहा कि झाबुआ उपचुनाव का फैसला उन्होंने मतदाताओं पर छोड़ दिया है। मतदाता ही फैसला करेंगे कि वो कैसा जनप्रतिनिधि चाहते हैं। इस चुनाव में मध्यप्रदेश सरकार की नीतियों पर वोट डाले जा रहे हैं। सीएम कमलनाथ ने कहा है झाबुआ में छिंदवाड़ा मॉडल लागू करेंगे, ताकि झाबुआ का ज्यादा से ज्यादा विकास हो सके और वो विकास वाले इलाकों में शामिल हो सके, कांतिलाल भूरिया ने कहा ये चुनाव बीजेपी के 15 साल बनाम कमलनाथ सरकार के 10 महीने के काम का है।

भाजपा प्रत्याशी नें भी वोट डाला।
बीजेपी प्रत्याशी भानु भूरिया ने अपने गृह ग्राम धोतड के भालू विद्यालय में वोट डाला. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, जनता मोदी सरकार की उपलब्धियां और कमलनाथ सरकार की नाकामी को ध्यान में रखकर वोट डालेगी।15 साल में झाबुआ का जो विकास हुआ है वो 60 साल के कांग्रेस शासन में नहीं हुआ, जनता मोदी सरकार की नीतियों से प्रभावित है और उसी को ध्यान में रखकर वोट देगी।

चुनाव मैदान में पांच उम्मीदवार हैं।

ये हैं विधानसभा क्षेत्र के 5 प्रत्याशी-
1. कांतिलाल भूरिया ------ कांग्रेस 
2. भानु भूरिया -------------भाजपा
3. कल्याणसिंह डामोर -----निर्दलीय 
4. निलेश डामोर ------------निर्दलीय
5. रामेश्वर सिंगार -----------निर्दलीय

झाबुआ में मतदाताओं की संख्या ।
2,77,599 कुल मतदाता 1, 39, 330 पुरुष मतदाता 1,38,026 महिला मतदाता 03 अन्य मतदाता 356 मतदान केंद्रों पर मतदान, 24 को होगी मतगणना ।

झाबुआ में पिछले चुनावों का मतदान प्रतिशत।
1952 ------ 44.18 
1957 ------ 43.26 
1962 ------ 37.96
1967 ------ 38.90 
1972 ------ 32.15 
1977 ------ 27.40 
1980 -------29.47
1985 -------25.47
1990 -------36.81
1993 ------ 39.66
1998 ------ 38.26
2003 -------48.70 
2008 ------ 54.25 
2013 ------ 54.41 
2018 ------ 64.55

क्यूँ हो रहा उपचुनाव।
झाबुआ में उपचुनाव इसलिए हो रहा है क्योंकि 2018 में विधायक बने गुमानसिंह डामोर को मई 2019 में सांसद बनने का भी मौका मिल गया। दोनों संवैधानिक पद पर एक साथ नहीं रह सकते थे। एक पद से इस्तीफा देना जरूरी था। डामोर ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद झाबुआ की सीट रिक्त हो गई।

Sunday, 20 October 2019

भाजपा नेता एवं इंदौर से विधायक रमेश मेंदोला को झाबुआ पुलिस ने हिरासत में लिया।


झाबुआ: भाजपा के नेता एवं इंदौर से विधायक रमेश मेंदोला को झाबुआ में पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, आरोप है कि उनके वाहन से पुलिस को संदिग्ध चीजें मिली हैं। बता देगी झाबुआ में चुनाव प्रचार थम गया है। वहां केवल मतदान शेष है। निर्वाचन आयोग ने बाहरी लोगों को झाबुआ की सीमा से बाहर जाने की हिदायत दी है।

जबकी रमेश मेंदोला और उनके साथियों का कहना है कि वह कल चुनाव प्रचार थम जाने के बाद गुजरात चले गए थे और गुजरात से वापस जा रहे थे तभी पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान उन्हें रोक लिया और अवैध रूप से हिरासत में ले लिया। पुलिस ने रमेश मेंदोला की कार को जप्त कर लिया। उन्हें अंतरवेलिया पुलिस चौकी में रखा गया। जानकारी मिलने के बाद झाबुआ सांसद जीएस डामोर, विधायक रमेश मेंदोला से मिलने पुलिस चौकी अन्तरवेलिया थाने कल्याणपुर पहुंचे। 
भाजपा विधायक के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है,विधायक के ड्राइवर के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है, विधायक की कार और मोबाइल पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। पुलिस थाना कल्याणपुरा के टीआई ने बताया कि विधायक रमेश मेंदोला की गाड़ी से किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। चुनाव प्रचार खत्म हो जाने के बाद वह अवैध रूप से झाबुआ की सीमा में थे इसलिए उन्हें हिरासत में लिया गया और झाबुआ से बाहर भेज दिया गया।
इस मामले में भाजपा ने प्रशासन पर सरकार के इशारे पर काम करने के आरोप लगाए हैं। वहीं मंत्री पीसी शर्मा ने भोपाल में कहा है कि भाजपा के कई नेताओं ने गुपचुप झाबुआ में डेरा डाल रखा है, इनकी मंशा चुनाव प्रभावित करने की है।

गौरतलब है की झाबुआ विधानसभा उपचुनाव के प्रचार का सिलसिला शनिवार को थम गया। शाम 5 बजते ही बाहर से आए नेता रवाना हो गए। यहां अब 21 अक्टूबर को मतदान होंगे। जिसका रिजल्ट 24 को आएगा।

Friday, 18 October 2019

Pics: MagnificentMP का आगाज, निवेश कराने में सफल रहे CM कमलनाथ। देखिये कुछ खास तस्वीरें।


इंदौर: मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार सुबह 11 बजे ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में मैग्नीफिसेंट एमपी का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन से किया। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने वेबकास्ट के जरिए बात की। उन्होंने करीब 4 मिनट और 40 सेकंड तक अपने विचार रखे। उन्होंने सीएम और मप्र की तारीफ की।
उन्होंने कहा कि मप्र में दस हजार आउटलेट किसान सेक्टर में खोलने जा रहे हैं। मध्यप्रदेश बिजनेस के लिए सबसे अच्छा स्थान है। 45 स्थानों पर हम अलग अलग सेक्टर में निवेश कर रहे हैं। सौर उर्जा व एनर्जी रिनेवल सोर्स पर हमारा ज्यादा फोकस होगा।

सीएम कमलनाथ ने सभी उद्योगपतियों से कहा देश के सबसे स्वच्छ शहर में आप सभी का स्वागत है। उन्होंने कहा हमने आप सभी को यहां प्रदेश की ग्रोथ के लिए बुलाया है। सीएम ने कहा पिछले 10 महीने में से 3 महीने चुनाव में बीते पर हमने काफी काम किया। इंदौर, भोपाल में मेट्रो का काम शुरू हो गया है। 20 लाख किसानों के लोन चुकाए, प्रॉपर्टी की गाइडलाइन कम की।


सीएम के साथ विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति, उद्योगपति आदि गोदरेज, दिलीप सांघवी, संजीव पुरी, विक्रम किर्लोस्कर और एम श्रीनिवासन मौजूद रहे।


900 से ज्यादा जाने-माने उद्योगपतियों की मौजूदगी में रंगारंग प्रस्तुति के साथ इसका आगाज हुआ।


इसके बाद लेजर शो के जरिए मप्र में निवेश की संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया।


इसके अलावा बिड़ला ग्रुप के कुमार मंगलम बिड़ला, ट्राइडेंट ग्रुप के राजिंदर गुप्ता, एचईजी ग्रुप के रवि झुनझुनवाला, आईटीसी के संजीव पुरी, सन फार्मा के दिलीप संघवी, किर्लोस्कर ग्रुप के विक्रम किर्लोस्कर, इंडिया सीमेंट के एन. श्रीनिवासन, गोदरेज ग्रुप के आदि गोदरेज, भारती एक्सा के राकेश मित्तल और लैब इंडिया के मार्क जेराल्ट भी अपनी बात रखी।


मैग्नीफिसेंट एमपी में शामिल होने आए सन फार्मा के दिलीप संघवी ने कहा हमारी कंपनी लंबे समय से मप्र में है। ये आयोजन पूरी तरह से कमलनाथ जी का ही है। शानदार आयोजन के लिए बधाई। मप्र निवेश की सबसे बेहतरीन जगह है।


आईटीसी के चेयरमैन संजीव पुरी ने मैग्नीफिसेंट एमपी के आयोजन के फोकस की सराहना करते हुए कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए सकारात्मक लक्षण हैं कि खाद्य प्रसंस्करण और कृषि उद्योगों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने निवेश और उद्योगों के विकास के लिए मुख्यमंत्री के विजन की सराहना की। पुरी ने कहा कि सरकार के साथ मिलकर हम प्रदेश के लोगों का सॉस-इकोनॉमिक चेंज लाएंगे।

शाजापुर: भीषण सड़क हादसे में 4 स्कूली बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन? क्षमता से ज़्यादा बच्चों से ठसाठस भरी थी वैन।


शाजापुर: आज भीषण सड़क हादसे में 4 स्कूली बच्चों की मौत हो गयी, एक स्कूल वैन शुक्रवार दोपहर पानी भरे गड्ढे में गिर गई। वैन में 22 बच्चे सवार थे। 18 बच्चों को रेस्क्यू कर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर रिछोदा गांव में हुआ।
एडवांस एकेडमी में पढ़ने वाले 22 बच्चे, जिनकी उम्र 5 से 10 साल के बीच थी, स्कूल से छुट्‌टी के बाद घर जाने के लिए वैन में सवार हुए थे। इसके बाद ड्राइवर ने गाड़ी रिवर्स ली। रिवर्स लेते समय वैन पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी। यह गड्ढा स्कूल से कुछ ही दूर पर था।वैन को गड्ढे में गिरते देखआसपास के लोगों ने बच्चों को बचाने के लिए गड्ढे में छलांग भी लगाई।


क्षमता से कहीं ज़्यादा बच्चों से ठसाठस भरी थी वैन।
दुर्घटनाग्रस्त हुई स्कूल वैन में क्षमता से कई गुना ज़्यादा बच्चे सवार थे. बताया जा रहा है वैन में ड्राइवर और 23 बच्चे सवार थे. इनमें से 4 की मौत हो गयी. 18 को सुरक्षित निकाल लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गाड़ी में बैठे सभी बच्चे 5 से 10 साल के थे. खबर मिलते ही कलेक्टर और एसपी सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया और रेस्क्यू शुरू किया, शिक्षा विभाग ने स्कूल की मान्यता रद्द कर दी है।

बड़ा सवाल यह- ह्रदय विदारक घटना का जिम्मेदार कौन?
अब सवाल यह खड़ा होता है, कि बच्चों के साथ ऐसे हादसे कब तक होतें रहेंगे? प्रशासन ऐसी घटनाओं को रोकनें में नाकाम क्यू? क्यू क्षमता से जादा बच्चे स्कूल बसों मे बैठाए जाते है ? जवाब कुछ भी नही, क्युकी जब भी कोई ऐसी दुखद घटना घटती है, तब प्रशासन थोड़ा सख्त होता है, लेकिन थोडे दिन बाद हालत वैसी की वैसी हो जाती है सरकार कोई भी हो, किसी की भी हो, सिर्फ एक दूसरे के प्रति आरोप-प्रत्यारोप के अलावा कुछ भी हांसिल नही होता।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हादसे पर जताया दुख!
शाजापुर में हुई वैन दुर्घटना पर सीएम कमलनाथ ने शोक जताया है. उन्होंने ट्वीटर पर अपने संदेश में कहा-शाजापुर के रिछोदा में एक निजी स्कूल की स्कूली बच्चों से भरी वैन के कुएँ में गिरने की घटना बेहद दुःखद है. उन्होंने तत्काल राहत कार्य करने का निर्देश दिया है. सीएम ने आगे लिखा,दुर्घटना में मृत बच्चों के परिवारों के प्रति मेरी शोक संवेदनाएं.घायल बच्चों का समुचित इलाज हो.पीड़ित परिवारों के साथ इस दुःख की घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है.घटना की जाँच हो और दोषियों को बख्शा नहीं जाये,उन पर कड़ी कार्रवाई हो।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी जताया दुख!

Thursday, 17 October 2019

VIDEO: झाबुआ उपचुनाव, प्रचार के दौरान मंत्री जयवर्धन सिंह का जिम में युवाओं के साथ दिखा एक अलग अंदाज।


झाबुआ: मध्यप्रदेश के झाबुआ सीट के उपचुनाव के लिये कांग्रेस और भाजपा नें प्रचार अभियान तेज कर दिया है।
कांग्रेस की तरफ से जहां सीएम कमलनाथ खुद और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह नें मोर्चा सम्भाल रखा है, साथ ही सरकार के करीब आधा दर्जन मंत्रियों के साथ कांग्रेस विधायकों नें भी झाबुआ में डेरा डाल रखा है, वहीं भाजपा के तरफ से पूर्व सीएम शिवराज सिंह, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के साथ साथ प्रभात झा एवं कैलाश विजयवर्गीय नें भी भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में पूरी ताकत लगा रखी है।

मंत्री जयवर्धन सिंह का दिखा एक अलग अंदाज।
इन सब के बीच झाबुआ उपचुनाव में प्रचार के दौरान कमलनाथ सरकार के मंत्री जयवर्धन सिंह का एक अलग अंदाज देखनें को मिला, युवाओं में लोकप्रिय हो चुके मंत्री जयवर्धन सिंह, झाबुआ के एक स्थानीय जिम में युवाओं के साथ संवाद एवं जिम करते हुये दिखे।
गौरतलब है की कमलनाथ सरकार के नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह, पिछले कुछ समय से झाबुआ में ही हैं, और सक्रिय प्रचार में लगकर कांग्रेस प्रत्याशी कान्तिलाल भूरिया को जितानें के लिये पूरी ताकत लगा रखी है।

कमलनाथ सरकार के लिए यह प्रतिष्ठा की सीट।
लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कमलनाथ की सरकार के लिए यह प्रतिष्ठा की सीट है। चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले सीएम कमलनाथ ने झाबुआ जाकर वहां के लोगों को कई तोहफे दिए हैं। साथ ही इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस को जीताने की अपील भी की थी।

क्यों हो रहा झाबुआ उपचुनाव।
झाबुआ विधानसभा सीट भाजपा विधायक जीएस डामोर के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। 2019 में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद जीएस डामोर ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

चुनाव का कार्यक्रम।
ये है चुनाव का पूरा कार्यक्रम 23 सितंबर से नाम निर्देशन की पत्र भरे गये थे। 30 तारीख को नामांकन जमा करने की अंतिम तारीख थी, 1 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच हुई। 3 अक्टूबर तक नाम वापस लिए गये। 21 अक्टूबर को मतदान होगा। 24 अक्टूबर को परिणाम घोषित होंगे।

वीडियो देखें 👇👇

Tuesday, 15 October 2019

दलबदल में महारत हासिल कर चुके नारायण त्रिपाठी को लेकर, अजय सिंह नें पहले ही पार्टी को किया था आगाह।



भोपाल: विधानसभा में मतविभाजन के दौरान कांग्रेस के पक्ष में वोटिंग के बाद सुर्ख़ियों में आये दलबदल के महारथी मैहर सीट से बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने मीडिया के सामने आकर आज कांग्रेस को ठेंगा दिखाते हुये बोले कि वे बीजेपी के साथ थे और बीजेपी के साथ ही रहेंगे।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मंगलवार को नारायण त्रिपाठी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और स्पष्ट किया कि विधायक त्रिपाठी भाजपा में ही हैं कांग्रेस में नहीं गए हैं। 

हला की आज से करीब ढाई महीनें पहले जब कमलनाथ सरकार, बीजेपी के दो विधायकों को अपने पाले में लाने के बाद एक तरफ जहा जश्न मना रही थी तो वही मध्यप्रदेश केे दिग्गज कांग्रेसी नेता अजय सिंह ने नारायणी त्रिपाठी की घर वापसी पर सवाल खड़े करते हुये पार्टी को चेताया था।

क्या कहा था, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें?
अजय सिंह ने कहा था कि नारायण त्रिपाठी को लाने से पहले पार्टी को यह सोचना चाहिए था, निष्ठावान कार्यकर्ताओं के ऊपर क्या गुजरेगी. हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ को अनुभवी नेता बताते हुए कहा कि पांच साल सरकार चलाने के लिए उन्होंने यह सोच समझकर ही यह कदम उठाया होगा !

अजय सिंह ने कहा था कि इन लोगों के बारे में जो उनकी व्यक्तिगत राय है, वह जग जाहिर है. जहां तक आज की राजनीतिक संस्कृति है,उसके बारें में कुछ नहीं कहा जा सकता नारायण त्रिपाठी के बारे मे मुझे और बोलने की जरुरत नही है !

गौरतलब है नारायण त्रिपाठी का दल बदल का लम्बा इतिहास रहा है, और वो कभी निर्दलिय, समाजवादी, कांग्रेस, भाजपा से होते हुये कांग्रेस और आज फिर भाजपा के साथ हो लिये।

एक समय था जब अजय सिंह ने ही नारायण त्रिपाठी को कांग्रेस मे लाकर 2013 मे मैहर से टिकट दिया था और कांग्रेस के विधायक चुने गये थे लेकिन इन्ही नारायण त्रिपाठी ने 2014 लोकसभा चुनाव में जब अजय सिंह सतना लोकसभा सीट से चुनाव लड़े थे और उस दौरान मतदान से दो दिन पहले नारायण त्रिपाठी ने तात्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ मंच साझा करते हुये भाजपा मे चले गये थे और अजय सिंह महज चंद मतों से यह चुनाव हार गये थे !

कहतें है वक़्त करवट जरुर बदलता है, 2014 मे नारायण त्रिपाठी ने जिस भाजपा प्रत्यासी गणेश सिंह को कांग्रेस तथा अजय सिंह से गद्दारी कर के जीवन दान दिया था वही गणेश सिंह आज भरे मंच से नारायण त्रिपाठी को देख लेने की धमकी दे रहे थे, जिसकी बदौलत नारायण त्रिपाठी फिर से कांग्रेस मे भविश्य तलाश रहे थे की अचानक उनका फिर मन परिवर्तन हो गया और फिर से भाजपा के साथ हो लिये।
आज के दौर की राजनीति यही है, दलबदल एक फैशन बन चुका है और व्यक्तिगत फायदे के लिये नेता जी लोग कभी भी पार्टी बदल ले रहे है, और मतदाता अपने आप को  ठगा हुआ महसूस कर रहें!

मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने फिर बदला पाला, कहा बीजेपी के साथ थे और साथ ही रहेंगे।

भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह के साथ आए 'U-टर्न स्पेशलिस्ट' नारायण त्रिपाठी।

भोपाल: झाबुआ उपचुनाव की सरगर्मियों के बीच, विधानसभा में मतविभाजन के दौरान कांग्रेस के पक्ष में वोटिंग के बाद सुर्ख़ियों में आये मैहर सीट से बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने मीडिया के सामने आकर बोला कि वे बीजेपी के साथ थे और बीजेपी के साथ ही रहेंगे।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मंगलवार को नारायण त्रिपाठी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और स्पष्ट किया कि विधायक त्रिपाठी भाजपा में ही हैं कांग्रेस में नहीं गए हैं। 

हम भाजपा की सरकार बना सकते है: नारायण त्रिपाठी।
मीडिया के सामने विधायक नारायण त्रिपाठी ने कांग्रेस को लेकर भी बड़ा बयान दिया, उन्होंने कांग्रेस को कोसते हुए कहा सरकार दिशाहीन है, कांग्रेस में कोई लीडर नहीं है, कोई नेतृत्व नहीं है, वहीं कांग्रेस से नजदीकी पर उन्होंने कहा जब धारा 370 हटी तो मैने खुलकर मोदी सरकार का समर्थन किया,बल्लभ भवन में भी मैने बोला था कभी भी हम सरकार बना सकते हैं, मैं भाजपा से अलग नहीं हुआ था। उस समय मै यह नहीं जान पाया की भाजपा के विधायक इस वोटिंग में शामिल नहीं हुए, मैं अपने क्षेत्र के काम के लिए मैं सरकार से संपर्क में था, लेकिन मैं कांग्रेस में नहीं गया। वहीं इस दौरान उन्होनें खुलकर कहा की, हम कभी भी भाजपा की सरकार बना सकतें हैं।

पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का कांग्रेस पर तंज।
वहीं पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा जिन लोगों ने संख्या बढ़ाकर बताई थी अब वो वापस अपने आंकड़े सुधार लें।
जिन लोगों ने 114 की संख्या बढ़ाकर 116 और 121 को बढ़ाकर 123 बताई थी वो अब इसमें सुधार कर लें।

भाजपा अध्यक्ष का बयांन।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कांग्रेस ने मैहर के विधायक श्री नारायण त्रिपाठी जी को  कई प्रकार के प्रलोभन देकर अपनी ओर मिलाने की कोशिश की, परंतु नारायण त्रिपाठी जी ने सारे प्रलोभनों को ठोकर मारते हुए पूरी निष्ठा के साथ भाजपा के साथ हैं। अब जब झाबुआ में उपचुनाव है, और संख्याबल को लेकर यह चुनाव बेहद अहम् माना जा रहा है, इससे ठीक पहले भाजपा ने नारायण त्रिपाठी को मीडिया के सामने लाकर बड़ा दांव चला है।

मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा, नारायण पर पूरा भरोसा।
नारायण त्रिपाठी के भाजपा कार्यालय पहुंचने के बाद नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा- हमें नारायण त्रिपाठी पर पूरा भरोसा है। नारायण त्रिपाठी कांग्रेस के साथ थे और आगे भी रहेंगे।

गौरतलब है की, मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिराने का दावा करने वाली भाजपा का दांव उस वक्त उल्टा पड़ गया था। जब भाजपा 25 जुलाई को दो विधायकों ने सदन में दंड विधि (संशोधन) विधायक पर सरकार के पक्ष में वोटिंग की थी। भाजपा के दो विधायकों के कांग्रेस के पक्ष में वोटिंग करने से कमल नाथ सरकार मजबूत हुई थी। भाजपा के नारायण त्रिपाठी और शरद कोल ने सरकार के समर्थन में वोटिंग की थी। बता दें कि नारायण त्रिपाठी सतना जिले की मैहर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। हालांकि धारा 370 हटाए जाने के बाद नारायण त्रिपाठी ने अमित शाह की तारीफ की थी।

Pics: शादी के बंधन में बंधी रीवा राजकुमारी मोहिना, ये रही शादी की कुछ खास तस्वीरें ।


टेलीविजन अभिनेत्री एवं रीवा राजकुमारी मोहिना कुमारी सोमवार को, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री और आध्यात्मिक गुरु सतपाल महाराज के बेटे सुयश महाराज के साथ शादी के बंधन में बंध गई।
शादी के बंधन में बंधे मोहिना कुमारी और सुयश की कुछ तस्वीरें।

बहुत कम लोग जानते होंगे कि मोहिना रीवा के महाराजा पुष्पराज सिंह जूदेव की बेटी हैं और उनकी रीयल लाइफ बेहद रॉयल है।


मोहिना उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री और आध्यात्मिक गुरु सतपाल महाराज के घर की बहू वन चुकी. इस दौरान कपल काफी खुश दिखाई दिया.


शादी के बंधन में बंधे नवदंपती को आचार्य महा मंडलेश्वर स्वामी श्री अवधेशानंद गिरि महराज आशीर्वाद देते हुये।


योग गुरु बाबा रामदेव राजकुमारी मोहिना कुमारी से बात करते हुये।


तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि मोहिना और सुयश की शादी में फिल्म इंडस्ट्री से लेकर पॉलीटिक्स तक कई बड़े सेलेब्स पहुंचे थे.

बता दें कि शादी से पहले मोहिना आखिरी बार टीवी शो 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' में दिखाई दी थीं।

मोहिना ने शादी से पहले इंटरव्यू में बताया था कि वो शादी के बाद इंडस्ट्री से दूर हो जाएंगी और परदे पर दिखाई नहीं देंगी।

मोहिना कुमारी कई डांस रियलिटी शोज़ में भी काम कर चुकी है, साथ ही वो एक बेहतरीन डांसर के साथ साथ कोरियोग्राफर भी हैं।

Monday, 14 October 2019

होशंगाबाद: एक सड़क हादसे में चार हॉकी खिलाड़ियों की मौत, सीएम ने जताया शोक।


होशंगाबाद : होशंगाबाद में आज एनएच-69 के पास एक सड़क हादसा हो गया, जिसमें राष्ट्रीय स्तर से चार हॉकी खिलाड़ियों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य घायल हुए हैं, घायलों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 
सभी खिलाड़ी होशंगाबाद में होने जा रहे मेजर ध्यानचंद हॉकी टूर्नामेंट में शामिल होने जा रहे थे, हादसे के वक्त खिलाड़ी स्विफ्ट डिजायर कार में सवार थे, इसी दौरान कार अनियंत्रित होकर एक पेड़ से जा टकराई। कार की टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और टक्कर के बाद कार सड़क किनारे बने एक गड्ढे में जा धंसी. मृतकों में शाहनवाज खान निवासी इंदौर, आदर्श हरदुआ निवासी इटारसी, आशीष लाल निवासी जबलपुर और अनिकेत निवासी ग्वालियर शामिल हैं।
इस कार में कुल 7 लोग सवार थे. हादसे में 3 लोग गंभीर रूप से घयाल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। घटनास्थल पर पुलिस के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन भी पहुंचा है।
जिस जगह यह हादसा हुआ है, वो सड़क सिंगल लेन की है, लेकिन हाईवे होने की वजह से भारी वाहन भी यहां से गुजरते हैं। कार की रफ्तार बेहद तेज थी इसी दौरान एक गाड़ी को ओवरटेक करने के प्रयास में अनियंत्रित होकर कार पेड़ से जा टकराई।
सीएम कमलनाथ नें जताया शोक।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस घटना पर गहरा दुख प्रगट करते हुये, शोक जताया है, तथा मदद का भरोसा दिया है।

खेल मंत्री नें भी जताया शोक।
हादसे पर खेल मंत्री जीतू पटवारी नें शोक जताया है, साथ ही जीतू पटवारी नें आज झाबुआ उपचुनाव के अपनें सभी कार्यक्रम तत्काल रद्द कर होशंगाबाद रवाना हो गए।

Sunday, 13 October 2019

झाबुआ उपचुनाव: भाजपा के भूरिया नें, कांग्रेस के भूरिया के पैर छूकर, मांगा जीत का आशीर्वाद।


झाबुआ: झाबुआ उपचुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ने ही चुनाव प्रचार तेज कर दिया है।
कांग्रेस की तरफ से कमलनाथ सरकार के करीब दर्जन भर  मंत्री और कांग्रेस विधायकों ने झाबुआ में डेरा डाल रखा है।
कमलनाथ सरकार के मंत्री और झाबुआ प्रभारी सुरेन्द्र सिंह बघेल जहां झाबुआ में ही डेरा डाल लियें है, वही मंत्री कमलेश्वर पटेल, जीतू पटवारी, जयवर्धन सिंह, प्रियब्रत सिंह, सचिन यादव, हर्ष यादव, तुलसी सिलावट और ओम सिंह मरकाम भी झाबुआ पहुंचकर कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया के समर्थन मे प्रचार कर रहें है।

लेकिन इस सब के बीच शनिवार को प्रचार के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिसकी चर्चाएं चारों ओर हो रही है।वही इस घटना का एक फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दरअसल, कांग्रेस ने पूर्व पीसीसी चीफ़ एवं पूर्व  केन्द्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया को और बीजेपी ने भानु भूरिया को उम्मीदवार बनाया है। दोनों जमकर प्रचार प्रसार में जुटे हुए है। शनिवार को जब प्रचार के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया ,भाजपा प्रत्याशी भानु भूरिया से टकरए तो भानू भूरिया ने उनके पैर छू लिए और जीत का आशीर्वाद मांग लिया।
खास बात ये रही कि इस दौरान किसी ने उनका ये फोटो क्लिक कर लिया जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बता दे कि भाजपा विधायक गुमान सिंह डामोर के त्यागपत्र देने से झाबुआ सीट खाली हुई। डामोर इस साल हुए लोकसभा चुनाव में रतलाम-झाबुआ सीट से सांसद बन गये इसलिए उन्होंने झाबुआ विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया।डामोर ने साल 2019 में हुए रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट पर कांतिलाल भूरिया को हराया था जबकि 2018 में झाबुआ विधानसभा सीट पर कांतिलाल भूरिया के बेटे विक्रांत भूरिया को हराया था। झाबुआ विधानसभा सीट पर 21 अक्टूबर को उपचुनाव होगा और मतगणना 24 अक्टूबर को होगी।इसमें कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व केन्द्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया और भाजपा के युवा प्रत्याशी भानू भूरिया के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी, वही कल्याण सिंह डामोर के निर्दलीय चुनाव लड़ने से यह मुकाबला त्रिकोणीय होता दिखाई दे रहा है। देखना रोचक होगा कि इस बार बीजेपी कांग्रेस में से कौन जीत की बाजी मारता है।

सीधी जेल में बंदी व कैदी करेगे आज नाटक चरणदास चोर का मंचन।


सीधी: आज सुबह 10 बजे से सीधी मुख्य जेल एवं सुधारकेन्द्र में हबीब तनवीर द्वारा लिखित सुप्रसिद्ध नाटक चरणदास चोर का मंचन होने जा रहा है, जिसका आयोजन इन्द्रवती नाट्य समिति नें किया है,यह नाटक यहाँ के कैदियों के साथ पिछले 21 दिनों में तैयार हुआ है।
इन्द्रवती नाट्य समिति और पूरी टीम नें जेल अधीक्षक श्री कुलवंत सिंह धुर्वे का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया और कहा की उन्होनें यह अवसर प्रदान किया जिसकी बदौलत आज यह संभव हो पाया है।

निर्देशक : रोशनी प्रसाद मिश्र
सहायक निर्देशक : करुणा सिंह
संगीत : नरेन्द्र सिंह एवं प्रजीत कुमार
कॉस्ट्यूम : रूपेश मिश्र
अभिनय प्रशिक्षण : रजनीश जायसवाल
कार्यशाला प्रबंधन : नीरज कुन्देर
मंच व्यवस्था : आशीष पाण्डेय
आयोजक : इन्द्रवती नाट्य समिति
प्रायोजक : जिला जेल सीधी म.प्र.


Saturday, 12 October 2019

मऊगंज: भाजपा विधायक का 36 घंटे चला अनशन, चुरहट विधायक सरदेंदु तिवारी भी पहुंचे थे धरना स्थल।



रीवा: मऊगंज से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल दो दिन तक आमरण अनशन पर बैठे रहे, लेकिन जिले के प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नही पहुंचे।

रीवा सांसद एवं चुरहट विधायक धरना स्थल पर पहुंचे।
धरनें के दूसरे दिन शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने विधायक प्रदीप पटेल  से मोबाइल पर पूरे मामले पर बात की और मौके पर जिले के सांसद जनार्दन मिश्रा व चुरहट विधायक सरदेंदु तिवारी धरना स्थल पर पहुंचे।

इसी बीच एसडीएम मऊगंज ने विधायक और सांसद से कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव की बात कराई। कलेक्टर ने सात दिन के भीतर सडक़ का निर्माण कराने और प्रधानमंत्री आवास योजना की जांच कर कार्रवाई की बात कही। जिसके बाद विधायक का आमरण अनशन दूसरे दिन रात में समाप्त हो गया।

क्षेत्र की सम्स्यायों को लेकर विधायक ने शुरू किया था अनशन।
भाजपा विधायक प्रदीप पटेल विधानसभा क्षेत्र में सडक़, बिजली और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1400 गरीबों की दूसरी किस्त खाते में नहीं पहुंचने के मुद्दे को लेकर गुरुवार को आमरण अनशन शुरू कर दिया। लेकिन देर शाम तबीयत बिगडऩे के बाद आधी रात एम्बुलेंस मगाई गई, इसके बाद मऊगंज स्थित कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में उन्हे भर्ती करा दिया गया। सुबह विधायक दोबारा धरना स्थल पर पहुंच गए। दोपहर विधायक से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव व पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मोबाइल पर उनसे बात की।

रीवा सांसद ने कहा, मांगें पूरी नही हुई तो आंदोलन होगा।
रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने कलेक्टर से कहा कि एक सप्ताह बाद सडक़ का निर्माण सहित अन्य मांगों पर काम शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन होगा। सांसद ने उस आंदोलन में स्वयं को शामिल होने की घोषणा की। विधायक पार्टी नेताओं और कलेक्टर के आश्वासन पर दूसरे दिन शुक्रवार को साढ़े आठ बजे धरना खत्म कर दिया। 

विधायक को तीन घंटे तक एम्बुलेंस में लेकर घूमते रहे डॉक्टर।
मऊगंज में अनशन स्थल पर विधायक प्रदीप पटेल की तबीयत बिगडऩे के बाद रातभर अस्पताल में भर्ती रहे। इससे पहले विधायक को धरना के पहले दिन आधी रात चिकित्सक एम्बुलेंस में लेकर करीब तीन से चार घंटे तक मऊगंज से लेकर जिला मुख्यालय घूमते रहे। जोगिनिहाई टोल प्लाजा पर एम्बुलेंस में विधायक का इलाज किया गया। बताया गया कि विधायक शुगर के मरीज हैं। धरना स्थल पर शुगर लेवल सामान्य से नीचे आ गया। जिससे विधायक की आवाज बंद हो गई थी।

Thursday, 10 October 2019

चुरहट: कांग्रेस सदस्यता अभियांन के तहत ब्लॉक स्तर मीटिंग 13 अक्टूबर को चुरहट रेस्ट हाउस में ।


चुरहट/ सीधी: मध्यप्रदेश कांग्रेस में चल रहे सदस्यता अभियान के मद्देनजर, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के दिशा निर्देश पर, जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं सदस्यता अभियान समिति चुरहट के प्रभारी राजकुमार सिंह की उपस्थिति में 13 अक्टूबर को 11:00 बजे चुरहट रेस्ट हाउस में सदस्यता अभियान से सम्बन्धित ब्लॉक स्तर की मीटिंग बुलाई गई है, जिसमें चुरहट ब्लॉक के सभी पदाधिकारियों, मण्डलम के समस्त पदाधिकारियों एवं सेक्टर के सभी पदाधिकारियो को आवश्यक रुप से उपस्थित रहनें के लिये बोला गया है।
यह जानकारी ब्लॉक अध्यक्ष रामभिलाष पटेल द्वारा प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई है।

सिंगरौली: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह की उपस्थिती में, कांग्रेस सदस्यता अभियान की शुरुआत।


सिंगरौली: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और सीधी-सिंगरौली कांग्रेस सदस्यता अभियान प्रभारी डा. महेंद्र सिंह चौहान आज सिंगरौली पहुंच कर विभिन्न कार्यक्रमों मे शिरकत करते हुये सदस्यता अभियान का शुभारंभ किया।


यूथ कांग्रेस ने किया जोरदार स्वागत।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के आज सिंगरौली पहुचनें पर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सिंह और कार्यकर्ताओं नें बाइक रैली निकालकर उनका जोरदार स्वागत किया।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं सदस्यता अभियान प्रभारी नें दीप प्रज्वलित कर सदस्यता अभियान की शुरुआत की।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के मुख्य-अतिथि में कांग्रेस पार्टी के सदस्यता अभियान का आज शुभारंभ किया गया जिसमें मुख्य रूप से सीधी सिंगरौली के कांग्रेस पार्टी के सदस्यता अभियान के प्रभारी महेंद्र सिंह चौहान एवं कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी मौजूद रहे। कांग्रेस पार्टी सिंगरौली के जिला अध्यक्ष तिलक राज सिंह, उपाध्यक्ष अरविंद सिंह चंदेल, प्रदेश सचिव ज्ञान सिंह चौहान, सीधी कांग्रेस जिला अध्यक्ष रूद्र प्रताप सिंह बाबा, प्रदेश उपाध्यक्ष लालचंद गुप्ता, पूर्व सांसद मानिक सिंह, पूर्व विधायक सरस्वती सिंह, सिंगरौली से विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी रहीं रेनू शाह, धौहनी से प्रत्यासी रही कमलेश सिंह, आनंद सिंह शेरगांव,दान बहादुर सिंह एवं सिंगरौली जिले के सभी कार्यकर्ता पदाधिकारी मौजूद रहे।

Wednesday, 9 October 2019

झाबुआ उपचुनाव: सीएम कमलनाथ नें कांतिलाल भूरिया के पक्ष में किया प्रचार, साथ में मंत्री कमलेश्वर पटेल भी रहे मौजूद।

  • कांग्रेस ने कांतिलाल भूरिया को प्रत्याशी बनाया है, जबकि भाजपा ने भानू भूरिया को मैदान में उतारा है।
  • मिंडल से लेकर कल्याणपुरा तक रोड शो के बादकल्याणपुरा में सीएम की सभा हुई।
  • कांतिलाल भूरिया के समर्थन में सीएम का रोड शो और सभा, साथ ही कहा - भारी बहुमत से जीतेंगे झाबुआ उप चुनाव।
  • भाजपा के 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को कांग्रेस का दुपट्टा पहनाकर सदस्यता दिलवाई।
  • मंत्री कमलेश्वर पटेल का बयान, 'भारी बहुमत से जीतेंगे झाबुआ चुनाव', 'कांग्रेस के लिए कोई चुनौती नहीं झाबुआ सीट'।
झाबुआ: विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस नेे चुनाव प्रचार तेज कर दिया है, बुधवार को सीएम कमलनाथ कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया के पक्ष में प्रचार करने पहुंचे। रोड शो के बाद आमसभा में उन्होंने कहा कि हम झाबुआ में काफी बढ़े अंतर से जीत दर्ज करेंगे। प्रदेश की जनता हमारे 9 महीने के काम को देख रही है। हमने इतने कम दिनों में हर वर्ग को ध्यान में रखकर काम किया है।

भाजपा ने 15 सालों तक झाबुआ को विकास से दूर रखा: कमलनाथ।
मुख्यमंत्री कमलनाथ नें कहा कि, कांग्रेस की नीति यही रही कि वह आदिवासी क्षेत्र का विकास करे। भाजपा ने 15 साल झाबुआ को विकास से दूर रखा। मैं झाबुआ में विकास का नया इतिहास बनाऊंगा।हमने तो अपना जीवन बिना बिजली और पानी के काट दिया था, लेकिन नौजवान इसे बदल देंगे। उन्होंने कहा कि यह सोचना होगा कि आप किसके हाथों में अपना भविष्य सौपना चाहते हैं। सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा के 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को कांग्रेस का दुपट्टा पहनाकर सदस्यता दिलवाई।

कांग्रेस के लिये यह चुनाव करो या मरो वाला लग रहा।
ये चुनाव कांग्रेस के लिए करो या मरो वाला लग रहा है। यही वजह है कई सारे मंत्री यहां डेरा डाले हुए हैं। मुख्यमंत्री का रोड शो बुधवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे झाबुआ के पास मिंडल से शुरू हुआ, जो कल्याणपुरा में खत्म हुआ। कल्याणपुरा में मुख्यमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित किया। इस रोड शो में 5 मंत्री और 7 विधायकों सहित दर्जनों नेता मौजूद रहे।

कमल नाथ सरकार के कई  मंत्री और विधायक झाबुआ मे डेरा डाले हुए।
बता दें कि कांतिलाल भूरिया के प्रचार के लिए मंत्री सुरेंद्रसिंह बघेल यहीं टिके हुए हैं। बाला बच्चन लगातार आ रहे हैं। बुधवार को कमलेश्वर पटेल, विजयलक्ष्मी साधौ, जयवर्धनसिंह भी यहां पहुंचे। विधायकों में कलावती भूरिया, ग्यारसीलाल रावत, मनोज चावला, सचिन बिरला, प्रताप ग्रेवाल, वीरसिंह भूरिया, वालसिंह मेड़ा मौजूद रहे। पिछले चुनाव के बागी जेवियर मेड़ा और अल्पसंख्यक कांग्रेस के मुजीब कुरैशी भी मौजूद रहे।

पंचायत मंत्री कमलेश्वर पटेल नें कहा, भारी बहुमत से जीतेगें झाबुआ उपचुनाव।
झाबुआ पहुंचे कमल नाथ सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल नें कहा, भारी बहुमत से जीतेंगे झाबुआ चुनाव', 'कांग्रेस के लिए कोई चुनौती नहीं झाबुआ सीट'।

क्यूं हो रहा झाबुआ उपचुनाव।
हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने विधायक गुमान सिंह डामोर को चुनाव मैदान में उतारा था। सांसद बनने के बाद सिंह ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद यह सीट खाली हो गई थी। गुमान ने विधानसभा चुनाव में जहां कांतिलाल भूरिया के बेटे को पराजित किया था, वहीं लोकसभा चुनाव में कांतिलाल भूरिया को बड़े अंतर से हराया था।

Tuesday, 8 October 2019

उमा भारती के विधायक भतीजे, राहुल सिंह लोधी ने कार से 3 को कुचला, तीनों की मौत।


टीकमगढ़: पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी की  नेता उमा भारती के भतीजे, राहुल सिंह लोधी जो खुद भी भाजपा विधायक हैं, की गाड़ी से सोमवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। भाजपा विधायक राहुल लोधी ने बाइक सवार 3 लोगों को कुचल दिया। इस घटना में तीनों ही लोगों की मौत हो गई।आरोपी राहुल लोधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
चश्मदीद के मुताबिक, कार उमा भारती के भतीजे और बीजेपी विधायक चला रहे थे। लोगों ने राहुल लोधी के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग करते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि राहुल लोधी अपनी कार से लोगों को कुचलने के बाद घटनास्थल से भाग गए।
लोगों का यह भी आरोप है कि विधायक राहुल लोधी धक्का मार कर घटनास्थल से भाग गए।

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बिजली समस्या को लेकर कांग्रेस की चुरहट इकाई नें, मवई विद्युत वितरण केन्द्र का किया घेराव।

सीधी / चुरहट: काग्रेस पार्टी (चुरहट इकाई) द्वारा बिजली की समस्या को लेकर मवई डी.सी. कार्यालय का घेराव किया गया। गरीब मजदूर, आम जनता एवं किसा...