Tuesday, 24 September 2019

सीधी: जिला मुख्यालय से सटा हुआ ग्राम पड़रा, मोदी सरकार की "सौभाग्य" योजना से आज भी अछूता।


सीधी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के हर घर तक बिजली पहुंचाने के लिए "सहज बिजली हर घर योजना" (सौभाग्य) लांच की थी।
उत्तर प्रदेश, ओडिशा, जम्मू कश्मीर, झारखंड, दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के सभी गांव में बिजली पहुंचाने के उद्देश्य से सौभाग्य योजना की शुरुआत 25 सितम्बर 2017 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर की गयी थी।

लेकिन सीधी जिले की ग्राम पंचायत पड़रा, जो सीधी जिले के नगर पालिका क्षेत्र से जुड़ी हुई है, वहां अभी तक शासन की अतिमहत्वाकांक्षी "सहज बिजली हर घर योजना"(सौभाग्य) का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है, यहां पर लोग आज भी बांस बल्ली के खम्भे का उपयोग कर बिजली अपनें घरों तक ला रहे हैं, जो कि किसी जोखिम से कम नहीं है और ऐसे में किसी भी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है । सीधी के समीप ही गोपालदास बांध के वीआईपी रेस्ट हाऊस के आस-पास का भी यही आलम है, जबकि यहां अधिकारियों का आना जाना भी लगा रहता है ।
अब इसे सीधी का दुर्भाग्य कहें या शासन-प्रशासन की उदासीनता, या फिर पक्ष, और विपक्ष दोनों की ही आम जनता के प्रति जवाबदेही ना लेना और उनकी शून्यता इसके लिये जिम्मेदार है।


क्या है सौभाग्य योजना?
जिन लोगों का नाम साल 2011 की सामाजिक-आर्थिक जनगणना में है, उन्हें सौभाग्य योजना के तहत मुफ्त बिजली कनेक्शन दिया जाता है।

जिन लोगों का नाम सामाजिक-आर्थिक जनगणना में नहीं है, उन्हें बिजली का कनेक्शन सिर्फ 500 रुपये के शुल्क पर मिल सकता है. ऐसे लोग यह 500 रुपये भी दस आसान किस्तों में चुका सकते हैं.

देश के जिन इलाके में अभी तक बिजली नहीं पहुंची है, वहां सौभाग्य योजना के तहत सरकार द्वारा हर घर को एक सोलर पैक, जिसमें पांच एलईडी बल्ब और एक पंखा देनें का प्रावधान था।

बिजली से वंचित देश के चार करोड़ घर के हिसाब से सरकार ने सौभाग्य  योजना के लिए 16 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा था।

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