Monday, 30 September 2019

VIDEO: मंत्री पटवारी के बयान पर, प्रदेश भर के पटवारी नाराज, सार्वजनिक मंच से खेद प्रगट करनें और माफ़ी की मांग।


सीधी: उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी के बयान कि "सौ फीसदी पटवारी रिश्वत लेते हैं" के बाद से ही प्रदेश में बवाल मच गया है। पटवारी संघ ने मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पटवारी संघ से जुड़े पदाधिकारियों ने मंत्री के इस्तीफे और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की और ये भी साफ कर दिया कि अगर तीन दिन में उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वो प्रदेश स्तर पर मंत्री पटवारी के खिलाफ आंदोलन छेड़ देंगे। 
पटवारी संघ मध्य-प्रदेश के प्रांताध्यक्ष उपेन्द्र सिंह बघेल आज सीधी पहुंच कर पटवारियों के साथ मिलकर कलेक्टर को ज्ञापन दिया और मंत्री जीतू पटवारी द्वारा प्रदेश के पटवारियों पर गलतबयानी पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुये कहा, की आज प्रदेश में अतिवृष्टि का माहौल और प्रदेश का किसान परेशान है और किसानों मे साथ सभी पटवारी खडें है, दिन रात सर्वे कर रहें है, ऐसे मे मंत्री जी पटवारियों के साथ खडें होने के बजाय उनपर भ्रष्ट होनें का आरोप लगाकर उनका मनोबल तोड़ रहे हैं, जिसका मध्य प्रदेश पटवारी संघ घोर निंदा करता है।
आगे बोलते हुये श्री बघेल नें कहा की, मंत्री जी नें ट्विटर पर खेद व्यक्त किया है जो हम लोंगो के लिये कोई मायनें नही रखता क्युकी प्रदेश का जादातर किसान और पटवारी ट्विटर का इस्तेमाल नही करते, मंत्री जी सार्वजनिक रुप से खेद प्रगट करें और माफी मांगे , नही तो पूरे प्रदेश का पटवारी आंदोलन पर चला जायेगा।
बता दें कि प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री ने शनिवार को उनके विधानसभा क्षेत्र के रंगवासा में आपकी सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम में उनकी यही पीड़ा मंच से उभर आई थी। हजारों की तादाद में मौजूद किसानों और अधिकारियों की मौजूदगी में मंत्री ने कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव को संबोधित करते हुए कहा था कि 100 प्रतिशत पटवारी रिश्वत लेते हैं। बिना पैसा लिए काम ही नहीं करते। मेरे नाम में भी पटवारी है, इसलिए मेरा भी नाम बदनाम होता है।
मंत्री पटवारी ने यह भी कहा था कि पटवारियों से हाथ जोड़कर निवेदन करने पर भी नहीं मानते। कोई किसान ऊपर का पैसा दे रहा है तो वह गलत कर रहा है, उसकी भी जिम्मेदारी है। रिश्वत लेने वाला दोषी है तो देने वाला भी दोषी है। थोड़ा लड़ो, नेताओं को भी झिंझोड़ो, चार बात सुनाओ, क्योंकि आपके वोट की कीमत है। मंत्री ने कलेक्टर से अनुरोध किया कि वे पटवारियों पर लगाम कसें। हालांकि अपने बयान पर बचे बवाल के बाद उन्होंने ट्वीट कर सफाई भी दी कि, लेकिन बात नहीं बनी और पटवारी संघ ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
देखें वीडियो में, क्या कहा उपेन्द्र सिंह बघेल नें 👇👇


VIDEO: रीवा भाजपा सांसद के बिगड़े बोल, निगम आयुक्त को जमीन में जिंदा दफनानें की धमकी।


रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा से भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा के बिगड़े बोल, रीवा के सांसद जनार्दन मिश्रा योजना क्रमांक-6 के निवासियों से मिलने पहुंचे थे. यहां हुई बैठक में जब लोगों ने अपनी पीड़ा बताई तो सांसद बिफर पड़े. उन्होंने नगर निगम आयुक्त के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया दी. सांसद ने कहा, 'अगर निगम आयुक्त ने योजना क्रमांक-6 में रह रहे लोगों के घर को हाथ भी लगाया, तो उन्हें जिंदा ही जमीन में दफना देंगे। अगर वह यहां के घरों को हाथ लगाने की कोशिश करे तो आप मुझे बताइए. कुदाल लेकर आऊंगा और उसी गली में गड्ढा खोदकर उसे वहीं दफना दूंगा , सांसद इतने पर ही नहीं रुके, उन्होंने लोगों से कहा कि आप लोग इसके लिए तैयार रहें. मैं न रहूं तो आप ही ये काम करें. इससे मेरा नाम होगा. पूरी दुनिया में लोग मुझे जानेंगे.
साथ ही सांसद नें बैठक में मौजूद भूतपूर्व सैनिकों से कहा की,आप लोग जैसे कारगिल युद्ध में पाकिस्तानियों के साथ किया था वैसे ही निगम आयुक्त के साथ करो,  सांसद ने बैठक के दौरान लोगों से पूछा, 'निगम आयुक्त पाकिस्तान से ज्यादा खतरनाक हैं क्या?

गौरतलब है की रीवा सांसद अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते रहे हैं. कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जूता मारकर भगाने का उनका बयान काफी चर्चा में रहा था. 

क्या था मामला? जिस पर सांसद भड़के।
दरअसल, रीवा नगर निगम के अधिकारियों के ऊपर योजना क्रमांक-6 के तहत अवैध आवंटन में 300 करोड़ रुपए का भूमि घोटाला करने का आरोप है. बताया गया कि अफसरों ने नगर निगम की बेशकीमती जमीन का अवैध रूप से आवंटन किया. फर्जी तरीके से भवन निर्माण की अनुमति देकर इन अफसरों ने निगम को करोड़ों रुपए की चपत लगाई. निगम आयुक्त सभाजीत यादव ने आईएचएसडीपी योजना के तहत अवैध रूप से आवंटित भूमि और भवनों की जांच कराई और भवन-मालिकों को बकाया भुगतान का नोटिस भेज दिया. बताया गया कि दो दिन पहले पूर्व मंत्री और वर्तमान में विधायक राजेंद्र शुक्ल को भी ऐसा ही एक नोटिस मिला. विधायक ने कई विस्थापितों को निःशुल्क आवास आवंटित कराया है. निगम आयुक्त की तरफ से भेजे गए नोटिस में राजेंद्र शुक्ला से 4 करोड़ 95 लाख रुपए का भुगतान करने को कहा गया था. इसी मुद्दे को लेकर अब बवाल मचा हुआ है.

             (रीवा निगम आयुक्त, सभाजीत यादव)
निगम आयुक्त का सधे हुये अंदाज में जवाब।
रीवा के भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा के हमले को लेकर जब न्यूज 18 इंडिया ने निगम आयुक्त सभाजीत यादव से बात की तो उन्होंने बड़े सधे अंदाज में जवाब दिया. सभाजीत यादव ने उर्दू का मशहूर शेर पढ़ते हुए कहा, 'कुछ तो मजबूरियां रही होंगी, वरना कोई बेवफा नहीं होता.' रीवा नगर निगम के कमिश्नर ने सांसद के बयान को लेकर कहा, 'मैं सांसद के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दूंगा. मैं नियमों के तहत अपना काम करता हूं. सांसद की अपनी कुछ परिस्थितियां रही होंगी. वे अपना काम कर रहे हैं और मैं अपना।

देखें वीडियो, सांसद नें क्या कहा? 👇👇

झाबुआ उपचुनाव: कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की लिस्ट, राष्ट्रिय अध्यक्ष, पूर्व पीएम, सीएम, पूर्व सीएम, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं सरकार के कई मंत्रियों के नाम शामिल।


भोपाल: मध्य प्रदेश में झाबुआ उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने अपने स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी कर दी है। 

कांग्रेस द्वारा जारी लिस्ट में राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, सीएम कमलनाथ, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व पीसीसी चीफ़ सुरेश पचौरी एवं अरुण यादव, मध्य प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया, सरकार के मंत्री सुरेन्द्र सिंह बघेल, जयवर्धन सिंह, प्रियब्रत सिंह, बाला बच्चन, कमलेश्वर पटेल एवं हर्ष यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा एवं राजमणि पटेल तक का नाम शामिल है।
इस बात से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कांग्रेस इस सीट पर जीत के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। कांग्रेस नेताओं द्वारा यह दावा भी किया जा रहा है कि भाजपा ने भानु भूरिया को टिकट देकर उनकी राह आसान कर दी गयी है, लेकिन यह तो वक़्त ही बतयेगा की उनके दावे कितनें सच साबित होतें है।
दरअसल, कांग्रेस के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का मुद्दा बन गई है, यही कारण है कि कांग्रेस के दिग्गज इस सीट पर प्रचार करने के लिए ताकत झोंकेंगे। 

वहीं, दुसरी तरफ भाजपा भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती और अपनी इस सीट पर दोबारा कब्जा करने की फिराक में है। 
पार्टी ने चुनाव की घोषणा से पहले ही बूथ स्तर पर कार्यकर्ता तैयार कर दिए थे। पार्टी का ग्राउंड लेवल पर काम तेजी से चल रहा है। दोनों ही दलों के लिए यह सीट जीतना मध्य प्रदेश की सियासत का भविष्य तय करेगा। जहां कांग्रेस को जीत के बाद सरकार चलाने में मज़बूती मिलेगी वहीं भाजपा अगर जीत दर्ज करती है तो वह सरकार पर लगातार दबाव बनाने का काम करेगी।



झाबुआ उपचुनाव: कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया, सीएम कमलनाथ एवं पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की उपास्थिती में आज नामांकन दाखिल करेंगे।


झाबुआ: झाबुआ विधानसभा उप चुनाव के कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी, झाबुआ के पूर्व सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया आज सोमवार दिनांक 30 सितंबर को अपना नामांकन दाख़िल करेंगे.
इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री  कमलनाथ , पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एवं प्रदेश सरकार के कई मंत्री एवं अनेकों जन प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

क्यों हो रहा झाबुआ उपचुनाव।
झाबुआ विधानसभा सीट भाजपा विधायक जीएस डामोर के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। 2019 में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद जीएस डामोर ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

चुनाव का कार्यक्रम।
ये है चुनाव का पूरा कार्यक्रम 23 सितंबर से नाम निर्देशन की पत्र भरे जाएंगे। 30 तारीख को नामांकन जमा करने की अंतिम तारीख 1 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 3 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 21 अक्टूबर को मतदान होगा। 24 अक्टूबर को परिणाम घोषित होंगे।

Sunday, 29 September 2019

झाबुआ उपचुनाव: भूरिया vs भूरिया, बीजेपी ने भानु भूरिया को बनाया अपना उम्मीदवार।


भोपाल: मध्यप्रदेश के झाबुआ सीट के उपचुनाव के लिये बीजेपी ने भानु भूरिया को अपना उम्मीदवार बनाया है, जिससे मुकाबला अब भूरिया vs भूरिया हो गया है, क्युकी कांग्रेस नें पहले ही पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व पीसीसी चीफ़ कांतिलाल भूरिया को अपना उमीदवार घोषित कर चुकी है।
हला की  यह सीट पहले बीजेपी के कब्जे में थी। यहां जीएस डामोर विधायक थे। लेकिन उनके लोकसभा चुनाव जीतने के बाद इस सीट पर उपचुनाव होने हैं।

कमलनाथ सरकार के लिए यह प्रतिष्ठा की सीट।
लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कमलनाथ की सरकार के लिए यह प्रतिष्ठा की सीट है। चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले सीएम कमलनाथ ने झाबुआ जाकर वहां के लोगों को कई तोहफे दिए हैं। साथ ही इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस को जीताने की अपील भी की थी।

बीजेपी के लिए भी यह सीट प्रतिष्ठा का सवाल है। 
भाजपा में उम्मीदवार चयन को लेकर पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और संगठन महामंत्री सुहास भगत में चर्चा हुई थी। उसके बाद तीन नामों पर मुहर लगा केंद्रीय नेतृत्व के पास भेज दिया था। जिसमें भानु भूरिया, शांतिलाल बिलावल और गोविंद अजनार का नाम था। लेकिन फाइनल मुहर भानु भूरिया के नाम पर लगी।

क्यों हो रहा झाबुआ उपचुनाव।
झाबुआ विधानसभा सीट भाजपा विधायक जीएस डामोर के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। 2019 में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद जीएस डामोर ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

चुनाव का कार्यक्रम।
ये है चुनाव का पूरा कार्यक्रम 23 सितंबर से नाम निर्देशन की पत्र भरे जाएंगे। 30 तारीख को नामांकन जमा करने की अंतिम तारीख 1 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 3 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 21 अक्टूबर को मतदान होगा। 24 अक्टूबर को परिणाम घोषित होंगे।

मंत्री जीतू पटवारी ने अपनें बयान "सौ प्रतिशत पटवारी लेते हैं रिश्वत" पर दी सफ़ाई।


इंदौर: कमल नाथ सरकार के मंत्री जीतू पटवारी ने, अपने द्वारा पटवारियों पर दिये गये बयान "100 प्रतिशत पटवारी रिश्वत लेते हैं, इन पर लगाम कसना जरूरी है" पर सफाई दी है। उन्होनें कहा की हमारे प्रदेश में 99% कर्मचारी ईमानदारी से काम करते है कुछ नहीं करते है उससे विभाग पर सवाल खड़े होते है, जो ठीक बात नहीं है।

साथ ही उन्होने अपनें बयान पर सफाई देते हुये कहा की, इंदौर के एक ब्लॉक के पटवारियों की शिकायतें मिल रही थी उसी के संदर्भ में मैंने बयान दिया था ना कि पूरे प्रदेश के पटवारियों के बारे में, मेरा भाव किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था।

गौरतलब है कि राऊ विधानसभा के रंगवासा में आयोजित 'आपकी सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री जीतू पटवारी शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को जमकर निशाने पर लिया। उच्च शिक्षा मंत्री पटवारी ने मंच पर कलेक्टर को संबोधित करते हुए कहा कि आपके 100 प्रतिशत पटवारी रिश्वत लेते हैं, इन पर लगाम कसना जरूरी है।
मंत्री जीतू पटवारी यहीं नही रूके इसके साथ ही उन्होने शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आई तो कड़ी कार्रवाई होगी.

Saturday, 28 September 2019

VIDEO: कमलनाथ सरकार की मंत्री इमरती देवी ने माना, 'ट्रांसफर करवाने में लगते हैं पैसे'!


ग्वालियर: कमलनाथ सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी का एक वीडियो सामनें आया है, जिसमें वह कह रही हैं कि डॉक्टर का ट्रांसफर नहीं करवायेंगी इसमें पैसा लगता है, इसलिए उसे सस्पेंड ही कर देते हैं।
बता दें कि मंत्री इमरती देवी, ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमें से विधायक एवं मंत्री हैं। वो सिंधिया को भगवान मानतीं हैं। 

मंत्री नें कहा, ट्रांसफर के पैसे लगतें है।
कैबिनेट मंत्री इमरती देवी इस वीडियो में ट्रांसफर के बदले पैसे लगने की बात कह रही हैं। वीडियो में दिख रहा है कि पार्टी के कुछ लोगों ने उनसे कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता ही बुरे लोगों का सपोर्ट कर रहे हैं तो इस पर मंत्री ने उनसे कहा की ट्रांसफर के पैसे लगेंगे, सस्पेंड ही कर देतें है।

निरीक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं और डॉक्टरों मे नोक झोंक ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह वीडियो मंत्री इमरती देवी के डबरा क्षेत्र के दौरे के वक़्त का है, इस दौरान उन्होंने सरकारी अस्पताल का भी दौरा और निरीक्षण किया।
मंत्री के निरीक्षण के दौरान भी कार्यकर्ता और अस्पताल के डॉक्टर आपस में एक दूसरे पर चिल्ला कर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे थे। अस्पताल में हुई बैठक में मौजूद ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष मोहन सिंह राठौड़ ने उन्हें शांत कराया। मंत्री इमरती देवी ने अस्पताल में मरीजों से पैसे लेने वाले स्टाफ को चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश सीएमएचओ डॉ. मृदुल सक्सेना को दिए थे। 
देंखें वीडियो मंत्री ने क्या कहा 👇👇


Friday, 27 September 2019

राजकुमार सिंह "भयंकर", राहुल गांधी विचार मंच, सीधी के जिलाध्यक्ष बनें।

(फोटो फ़ाइल, राजकुमार सिंह,भयंकर, अजय सिंह के साथ)

सीधी: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की विचारधारा को आम जन तक पहुंचाने तथा कांग्रेस कि रिती नीतियों को जन-जन तक प्रचार प्रसार के उद्देश्य के लिये बनाये गये संगठन "राहुल गांधी विचार मंच" द्वारा राजकुमार सिंह "भयंकर" को राहुल गांधी विचार मंच कोर कमेटी के द्वारा सीधी जिले का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है ।

गौरतलब है की राजकुमार सिंह, चुरहट विधानसभा से है और लगातार कांग्रेस को मजबूत करनें के लिये क्षेत्र मे सक्रिय है, जिसके चलते उन्हें यह महत्वपूर्ण जवाबदारी "राहुल गांधी विचार मंच" संगठन द्वारा दी गयी है।
राजकुमार सिंह नें अपनी इस पद पर नियुक्ति के बाद कहा की, वो संगठन द्वारा दी गयी जवाबदारी को बेहतर तरीके से निभायेंगे और संगठन की विचारधारा को जन जन तक लेकर जायेंगे, साथ ही राज कुमार सिंह ने सभी शुभचिंतकों और मित्रों को धन्यवाद प्रेषित किया है।
राजकुमार सिंह के अध्यक्ष बननें पर उनके मित्रों, शुभचिंतकों और कांग्रेस के पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई दी है।


Thursday, 26 September 2019

VIDEO: सरकार बदली, विधायक बदले, लेकिन चुरहट सड़क की हालत आज भी खस्ता-हाल। जिम्मेदार कौन?


चुरहट/सीधी : मध्य-प्रदेश में सत्ता भाजपा के हांथ से निकलकर कांग्रेस के पास आये करीबन 9 महीनें हो चुकें है, चुरहट से कांग्रेस के 6 बार विधायक रहे कांग्रेस के कद्दावर नेंता, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह चुनाव हार चुके है, और चुरहट सड़क की जर्जर हालत के लिये अजय सिंह को दोष देनें वाले भाजपा के सर्देंदु तिवारी अब विधायक बन चुके है, लेकिन विडंबना ये है की चुरहट बाजार की सड़क जो सीधी-रीवा मार्ग के बीच में आती है, आज भी जस की तस खाईनुमा गड्ढों और कीचड़ से भरी हुई खस्ता-हाल एवं जर्जर हालत में है।

आखिर जिम्मेदार कौन?
गौरतलब है की, गत वर्ष तत्कालीन भाजपा की शिवराज सरकार के समय, इसी मार्ग के निर्माण को लेकर सीधी युवक कांग्रेस अध्यक्षा एड.रंजना मिश्रा द्वारा भूख हड़ताल भी की गई थी, तथा तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान भी चुरहट में इस सड़क के मुद्दे को लेकर काफी बबाल हुआ था, और उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा था, उस समय भाजपा का आरोप था की रोड निर्माण ना होनें के लिये तत्कालीन कांग्रेस विधायक अजय सिंह जिम्मेदार है, जबकी कांग्रेस का कहना था की शिवराज सरकार चुरहट के साथ सौतेला व्यवहार कर रही, और सड़क निर्माण नही करा रही।
अब यह जनता को फैसला लेना है की, चुरहट सड़क निर्माण ना होनें का जिम्मेदार कौन है?

यह महज एक संयोग या चुरहट का दुर्भाग्य?
अब इसे महज एक संयोग कहें या चुरहट का दुर्भाग्य? क्युकी 15 साल बाद सरकार तो पलट गयी और कांग्रेस सत्ता में आ गयी, लेकिन कांग्रेस यहां से चुनाव हार गयी, और वहीं दूसरी तरफ भाजपा नें कांग्रेस के एक मजबूत किले को भेदते हुये चुरहट फतह कर अपना विधायक तो जिता लिया लेकिन सरकार उनके हांथ से निकल गयी, और सड़क आज भी वैसी की वैसी, आखिर कब तक आम लोग बरसात में कीचड़ से भरी और गड्ढो वाली सड़क पर चलनें के लिये मजबूर रहेंगे।


जर्जर सड़क vs हादसा।

चुरहट बाजार क्षेत्र से होकर गुजरने वाले रीवा-सीधी मार्ग के जर्जर होने के कारण कई बार सड़क हादसे हो चुके हैं। जिसमें लोग दुर्घटनाग्रस्त होकर अपनी जान तक गवां चुके हैं, कई बार सड़क निर्माण को लेकर हुए आंदोलन प्रदर्शन के बाद भी सड़क मार्ग की जर्जर हालत में सुधार नहीं हो सका है। 

देखिये चुरहट की खस्ताहाल सड़क का वीडियो 👇👇



पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के जन्मदिन पर,पीएम मोदी तथा सीएम कमलनाथ ने दी बधाई।


नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह आज 87 साल के हो गए. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 में हुआ था. साल 2004 में वे पहली बार प्रधानमंत्री बनें. वे 22 मई 2004 से 26 मई 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे.

1991 से 1996 तक मनमोहन सिंह ने भारत के वित्तमंत्री रहें, इसे भारत के आर्थिक इतिहास में एक निर्णायक समय के रूप में याद किया जाता है. उन्होंने आर्थिक सुधारों को लागू करने की उनकी भूमिका की सभी ने सराहना की थी.
1972 में उन्हें वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार बनाया गया. इसके बाद के वर्षों में वे योजना आयोग के उपाध्यक्ष, रिजर्व बैंक के गवर्नर, प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष भी रहे।

मनमोहन सिंह ने 1948 में पंजाब विश्वविद्यालय से मेट्रिक की शिक्षा पास की और आगे की शिक्षा ब्रिटेन के कैंब्रिज विश्वविद्यालय से हासिल की. 1957 में उन्होंने अर्थशास्त्र में प्रथम श्रेणी से ऑनर्स की डिग्री अर्जित की. इसके बाद 1962 में उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के नूफील्ड कॉलेज से अर्थशास्त्र में डी. फिल किया.

पीएम मोदी ने दी जन्मदिन की बधाई।
पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ''हमारे पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं. मैं उनके लंबे और स्वस्थ्य जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं.''

मध्यप्रदेश के  मुख्यमंत्री कमलनाथ नें भी दी बधाई।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दी बधाई ।

On his birthday, let us acknowledge Dr Manmohan Singh Ji’s selfless service, dedication & incredible contribution to the cause of nation building. 

Wednesday, 25 September 2019

मध्यप्रदेश, झाबुआ विधानसभा उप-चुनाव के लिए कांतिलाल भूरिया कांग्रेस से प्रत्यासी घोषित।


भोपाल: मध्य प्रदेश के झाबुआ विधानसभा के उप चुनाव के लिए कांग्रेस नें सभी अटकलों को विराम देते हुये अपनें प्रत्याशी की घोषणा कर दी है।
पूर्व पीसीसी चीफ़, झाबुआ के पूर्व सांसद रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कांतिलाल भूरिया को कांग्रेस ने टिकट दिया है। पार्टी ने लंबे मंथन के बाद एक बार फिर पूर्व सांसद कांतिलाल भूरिया पर विश्वास जताया है।  पहले ऐसा माना जा रहा था कि विधानसभा चुनाव में बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़े जेवियर मेडा को पार्टी अपना उम्मीदवार घोषित कर सकती है लेकिन पार्टी में अपनी अच्छी पैठ और क्षेत्र में दबदबे के चलते कांग्रेस नें एक बार फिर भूरिया पर भरोसा जताया है।

जब कांतिलाल भूरिया और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह की मुलाकात बनीं थी चर्चा का विषय।
पिछले दिनों कांतिलाल भूरिया, झाबुआ से 2018 विधानसभा मे कांग्रेस से प्रत्यासी रहे अपनें बेटे डा. विक्रांत भूरिया सहित, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह से उनके आवास C 19 भोपाल में मुलाकात की थी, जिससे राजनीतिक गलियारों में ये चर्चा ये जोर पकड़नें लगी थी, की कांतिलाल की यह मुलाकात खुद की दावेदारी मजबूत करनें का एक प्रयास था। हला की, कांतिलाल भूरिया ने टिकट के सवाल पर कहा था की, टिकट राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और आलाकमान तय करेगा।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उपचुनाव की तारिख के एलान को लेकर  ट्वीट किया था। उन्होंने ट्वीट कर लिखा था "प्रदेश के झाबुआ उपचुनाव के लिये कांग्रेस पूरी तरह से तैयार है।
मुख्यमंत्री कमलनाथ को पूरा विश्वास है कि विधानसभा चुनाव की तरह उपचुनाव में कांग्रेस अपना प्रदर्शन दोहराएगी।उन्होंने दावा किया है कि उपचुनाव में कांग्रेस की निश्चित ही जीत होगी।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उपचुनाव की तारिख के एलान को लेकर  ट्वीट किया था। उन्होंने ट्वीट कर लिखा था"प्रदेश के झाबुआ उपचुनाव के लिये कांग्रेस पूरी तरह से तैयार है, हमारी निश्चित विजय होगी। हमारी सरकार के 9 माह के जनहितैषी कार्यों का, आदिवासी वर्ग के हित में सरकार द्वारा लिए गये ऐतिहासिक निर्णयो का व झाबुआ में किये गये विकास कार्यों का समर्थन भी कांग्रेस पार्टी को ज़रूर मिलेगा।


झाबुआ में 21 को चुनाव 24 को परिणाम।
30 तारीख को नामांकन जमा करने की अंतिम तारीख 1 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 3 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 21 अक्टूबर को मतदान होगा। 24 अक्टूबर को परिणाम घोषित होंगे। कांग्रेस के बाद अब बीजेपी भी जल्द ही अपना उम्मीदवार घोषित कर सकती है।

मंत्री जीतू पटवारी नें दी बधाई
कमलनाथ सरकार के मंत्री जीतू पटवारी ने ,कांतिलाल भूरिया को झाबुआ उपचुनाव के लिये कांग्रेस प्रत्यासी घोसित किये जानें पर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी है।

युवा कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक कुणाल चौधरी ने भी दी बधाई। 
विधायक कुणाल चौधरी नें भी ,कांतिलाल भूरिया को झाबुआ उपचुनाव के लिये कांग्रेस प्रत्यासी घोसित किये जानें पर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी है।

प्रदेश में अब महापौर और अध्यक्ष का चुनाव सीधे ना होकर अप्रत्यक्ष तरीके से होगा।


भोपाल: मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने आज बड़ा फैसला लिया है. कैबिनेट ने नगरीय निकाय एक्ट में बदलाव को मंज़ूरी दे दी है. इसके बाद अब महापौर का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से किया जाएगा.
भोपाल में आज कमलनाथ कैबिनेट की बैठक हुई. इसमें नगरीय निकाय एक्ट में बदलाव के फैसले पर कैबिनेट ने मोहर लगा दी. इस बदलाव के बाद प्रदेश में महापौर और अध्यक्ष का चुनाव सीधे ना होकर अप्रत्यक्ष तरीके से होगा. यानि जनता सीधे महापौर को नहीं चुन पाएगी. पार्षदों के ज़रिए महापौर और अध्यक्ष चुने जाएंगे.

गौरतलब है कि पिछले 20 साल से जनता सीधे वोट देकर अपने नगर पालिका अध्यक्ष एवं महापौर का चुनाव करती आई है परंतु अब ऐसा नहीं कर पाएगी। कमलनाथ कैबिनेट ने तय किया है कि 20 साल पहले जैसा होता था वही फिर से किया जाएगा। जनता पार्षदों को चुनेगी और पार्षद महापौर या अध्यक्ष को।

प्रदेश में अगले साल मार्च के महीने में निकायों के चुनाव संभावित है। 
फिलहाल प्रदेश के नगरीय निकायों में आम चुनाव के जरिए जनता वोट कर महापौर या अध्यक्ष को चुनती है। नई व्यवस्था लागू करने के लिए मध्यप्रदेश नगर पालिक अधिनियम में संशोधन करने जा रही है। प्रदेश में अगले साल मार्च के महीने में निकायों के चुनाव संभावित है। अब यह देखना दिलचस्प होगा की उन लोंंगो की क्या प्रतिकृया आती है, जो लोग आने वाले निकाय चुनाव के लिये पूरी तैयारी कर के बैठे थे।

20 साल पहले पार्षदों की खरीद फरोख्त रोकनें के लिये प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव करानें का निर्णय लिया गया था।
20 साल पहले तय हुआ था कि अप्रत्यक्ष प्रणाली से नगर पालिका अध्यक्ष या महापौर का चुनाव होना गलत है।
अप्रत्यक्ष प्रणाली की सबसे बड़ी खामी यह होती है कि चुनाव जीतकर आए पार्षदों की खरीद फरोख्त शुरू हो जाती है। सरकार के पास ऐसा कोई फार्मूला नहीं हो जो वो पार्षदों की खरीद फरोख्त जैसे गंभीर अपराध को रोक पाए,  और जो व्यक्ति करोड़ों खर्च करके महापौर बनेगा, यह यह स्वभाविक नहीं होगा वो निवेश की गई रकम का 10 गुना कमाने की कोशिश नहीं करेगा।

VIDEO: मंत्री जीतू पटवारी का शिवराज सिंह पर बड़ा हमला, कहा केंद्र से राहत राशि दिलवानें में मदद करें, नही तो उनके घर के सामने धरना दूंगा।

भोपाल:  उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने प्रदेश के कई अहम मुद्दों को लेकर पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान पर हमले किए हैं। साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर के सामने धरना देने एवं पदयात्रा प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। उन्होंने अल्टीमेटम दिया है कि या तो शिवराज सिंह केंद्र से 12000 करोड़ की राहत राशि दिलवाने में मदद करें नहीं तो उनके घर के सामने धरना दिया जाएगा। 

पटवारी ने, शिवराज सिंह को उनके फाइव स्टार उपवास की याद दिलाई।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य में 15 सालों तक शिवराज की सरकार रही, उस दौरान उन्होंने केंद्र की कांग्रेस सरकार के खिलाफ कई प्रदर्शन किए तथा भोपाल में फाइव स्टार उपवास किया। 

शिवराज सिंह के खिलाफ पदयात्रा करूंगा, घर के सामने धरना दूंगा।
जीतू पटवारी नें कहा कि चौहान इस वर्ष राज्य में हुई अतिवर्षा के कारण हुए नुकसान पर राहत राशि के तौर पर 12 हजार करोड़ रुपए की सहायता नरेंद्र मोदी सरकार से दिलाने में मदद करें। उन्होंने कहा कि अगर श्री चौहान चाहें तो वे स्वयं भी उनके साथ चलने के लिए तैयार हैं, लेकिन अगर श्री चौहान ने ऐसा नहीं किया तो वे स्वयं उनके खिलाफ पदयात्रा करेंगे और उनके घर के सामने धरना देंगे।

शिवराज सिंह टीवी पर दिखते नहीं तो बीमार होने लगते हैं, उन्हे छपास की बीमारी है।
पटवारी ने आज भोपाल में संवाददाताओं से चर्चा के दौरान चौहान पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह टीवी पर दिखते नहीं तो बीमार होने लगते हैं। उन्हें छपास की बीमारी है। उनका कार्य व्यवहार सही नहीं है, उन्हें किसी अच्छे मनोचिकित्सक को दिखाना चाहिए। पटवारी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में बाढ़ के दौरान चौहान का कार्य-व्यवहार और उनकी राजनीति का तरीका जिस प्रकार का रहा है, उससे उन्होंने एक पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर प्रदेश की गरिमा को नीचे गिराया
जीतू ने मजाकिया अंदाज में शिवराज पर चुटकी लेते कहा कि शायद शिवराज टीवी पर नहीं दिखते इसलिए भाभी को शिकायत रहती है।

शिवराज लोगों को कहते हैं कि बिजली का बिल मत भरो, लेकिन वे खुद अपना बिल 15 सालों से नहीं भरे।
पटवारी के मुताबिक शिवराज लोगों को कहते हैं कि बिजली का बिल मत भरो, लेकिन वे खुद अपने विदिशा के मकान का बिल 15 सालों से नहीं भरे। बाद में सवाल उठाए जाने पर उन्होंने बिल जमा करवाए हैं। जीतू ने शिवराज पर ओछी राजनीति करने का आरोप लगाया। पटवारी ने केंद्र सरकार से राज्य को दी जाने वाली राशि रोके जाने के आंकड़े भी गिनाए।
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मंत्री जीतू पटवारी के ट्वीट 👇👇

Tuesday, 24 September 2019

सीधी: जिला मुख्यालय से सटा हुआ ग्राम पड़रा, मोदी सरकार की "सौभाग्य" योजना से आज भी अछूता।


सीधी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के हर घर तक बिजली पहुंचाने के लिए "सहज बिजली हर घर योजना" (सौभाग्य) लांच की थी।
उत्तर प्रदेश, ओडिशा, जम्मू कश्मीर, झारखंड, दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के सभी गांव में बिजली पहुंचाने के उद्देश्य से सौभाग्य योजना की शुरुआत 25 सितम्बर 2017 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर की गयी थी।

लेकिन सीधी जिले की ग्राम पंचायत पड़रा, जो सीधी जिले के नगर पालिका क्षेत्र से जुड़ी हुई है, वहां अभी तक शासन की अतिमहत्वाकांक्षी "सहज बिजली हर घर योजना"(सौभाग्य) का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है, यहां पर लोग आज भी बांस बल्ली के खम्भे का उपयोग कर बिजली अपनें घरों तक ला रहे हैं, जो कि किसी जोखिम से कम नहीं है और ऐसे में किसी भी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है । सीधी के समीप ही गोपालदास बांध के वीआईपी रेस्ट हाऊस के आस-पास का भी यही आलम है, जबकि यहां अधिकारियों का आना जाना भी लगा रहता है ।
अब इसे सीधी का दुर्भाग्य कहें या शासन-प्रशासन की उदासीनता, या फिर पक्ष, और विपक्ष दोनों की ही आम जनता के प्रति जवाबदेही ना लेना और उनकी शून्यता इसके लिये जिम्मेदार है।


क्या है सौभाग्य योजना?
जिन लोगों का नाम साल 2011 की सामाजिक-आर्थिक जनगणना में है, उन्हें सौभाग्य योजना के तहत मुफ्त बिजली कनेक्शन दिया जाता है।

जिन लोगों का नाम सामाजिक-आर्थिक जनगणना में नहीं है, उन्हें बिजली का कनेक्शन सिर्फ 500 रुपये के शुल्क पर मिल सकता है. ऐसे लोग यह 500 रुपये भी दस आसान किस्तों में चुका सकते हैं.

देश के जिन इलाके में अभी तक बिजली नहीं पहुंची है, वहां सौभाग्य योजना के तहत सरकार द्वारा हर घर को एक सोलर पैक, जिसमें पांच एलईडी बल्ब और एक पंखा देनें का प्रावधान था।

बिजली से वंचित देश के चार करोड़ घर के हिसाब से सरकार ने सौभाग्य  योजना के लिए 16 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा था।

VIDEO: सतना, कार्यकर्ताओं द्वारा अजय सिंह के जन्मदिन पर लगाये गये पोस्टरों को, नगर निगम द्वारा हटाये जानें पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में आक्रोश।


सतना: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह 'राहुल भैया' के जन्म दिवस के अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों द्वारा अजय सिंह 'राहुल भैया' को बधाई देते हुए पोस्टर और बैनर लगवाए गए थे जिनको नगर-निगम कर्मचारियों द्वारा हटा दिया गया. कांग्रेस नेता राजभान सिंह 'राज' ने इसपर कड़ी आपत्ति जताते हुये कहा है कि निरंकुश नगर-निगम कर्मचारियों द्वारा अपनाया गया यह तरीका बेहद ही अनुचित, द्वेषपूर्ण और अपमानजनक था, कानूनन अगर देखा जाए तो निगम कर्मचारियों को संबंधितों को सूचना दी जानी चाहिये थी या फिर जुर्माना लगाया जाना चाहिए था मगर जिस प्रकार से यह कार्यवाही  की गई उससे हमारे नेता का अपमान हुआ है और इससे समस्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में अच्छा खासा आक्रोश है।

राजभान सिंह 'राज' ने इस द्वेषपूर्ण कार्यवाही का विरोध करते हुये नगर निगम मे धरना दिया एवं कमिश्नर को ज्ञापन सौपते आगाह किया है कि अतिक्रमण अधिकारी को तत्काल हटाया जाए अन्यथा वे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे और इस दौरान अगर कुछ अप्रिय घटना होती है तो उसकी पूरी जवाबदारी नगर निगम सतना की होगी।

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प्रदेशभर में, कार्यकर्ताओं द्वारा अजय सिंह का जन्मदिन, रक्तदान शिविर, दंत चिकित्सा शिविर लगाकर ,मरीजों को फल वितरण कर एवं पौधारोपण कर मनाया गया।

मध्‍यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता और राज्‍य विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह " राहुल" का आज जन्मदिन है।
जिसके अवसर पर आज विंध्य सहित पूरे प्रदेश में कार्यकर्ताओं नें, रक्तदान शिविर लगाकर, मरीजों को फल वितरण कर, पौधारोपण कर तथा अपनें प्रिय नेता की दीर्घायु के लिये पूजा-पाठ, और भजन कर अजय सिंह का जन्मदिन मनाया ।
भोपाल: अजय सिंह का जन्मदिन उनके आवास C 19 पर विधायक लक्षमण सिंह , पूर्व विधायक यादवेन्द्र  सिंह, कांग्रेस नेता महेंद्र सिंह चौहान, ज्ञान सिंह चौहान और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ केक काट कर मनाया गया।


सीधी: जिला चिकित्सालय सीधी में कार्यकर्ताओं द्वारा फल वितरण कर अजय सिंह का जन्म दिन मनाया गया।
साथ ही अजय सिंह के 65वे जन्म दिवस के अवसर पर गायत्री मंदिर सीधी में 65 दीप प्रज्वलित कर पञ्चतत्व पूजन,आरती एवं भजन संध्या का कार्यक्रम आयोजित हुआ।


चुरहट: अजय सिंह 'राहुल भइया' के 65 वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चुरहट में मरीजों को फल व मिस्ठान वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें समस्त मरीजों  उनके सहयोगियों एवं स्टाप सहित सभी को फल व मिस्ठान वितरित किया गया।  ततपश्चात मां झडवा देवी मंदिर में पूजा अर्चना की गई एवं शाम 4 बजे बृहद भंडारे का आयोजन रखा गया।


रामपुर: अजय सिंह के जन्म दिवस पर युवा कांग्रेस विधानसभा चुरहट के अध्यक्ष प्रकाश सिंह परिहार एवं  युवा साथियों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर नैकिन में  रक्तदान किया गया एवं मरीजों को फल वितरित कर अपने नेता के स्वस्थ एवं दीर्घायु होने की कामना की।


खड्डी: आज खड्डी खुर्द महावीरन हनुमान मंदिर में केक काट कर अजय सिंह का जन्मदिन मनाया गया इस अवसर पर सुंदरकांड का पाठ भी किया गया।
जिसमें प्रमुख रूप से जनपद अध्यक्ष केडी सिंह जी तथा किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष जगदीश मिश्रा एवं भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।


शिवराजपुर: अजय सिंह “राहुल भैया” का जन्म दिवस कॉंग्रेस सेवादल यंग  ब्रिगेड सीधी के कार्यकर्ताओं द्वारा अजय सिंह के गृह ग्राम शिवराजपुर के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय सांड़ा के छात्र ,छात्राओं और आंगनवाड़ी के बच्चों के बीच केक काटकर लड्डू का वितरण किया गया।


सिंगरौली: अजय सिंह राहुल भैया के जन्मदिवस युवक कांग्रेस सिंगरौली द्वारा  19 यूनिट रक्तदान किया गया। युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सिंह द्वारा कार्यक्रम में पधारे सभी सभी यूथ कांग्रेस के साथियों को धन्यवाद आभार किया साथ ही उन्होनें कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता गण को भी धन्यवाद किया।


सिंगरौली में अजय सिंह राहुल जन्मदिवस पर सेक्टर नंबर 1 शिव मंदिर में सुंदरकांड का पाठ एवं भंडारा कार्यक्रम  किया गया।
नवानगर: कांग्रेस कार्यालय में जिला उपाध्यक्ष श्री अरविंद सिंह चंदेल ने केक काटकर कार्यकर्ताओं के साथ जन्मदिन मनाया ।

वही पर सेवा दल के जिलाध्यक्ष माननीय रुपेश चंद्र पांडे जी ने आदिवासी बैगा परिवार के बीच संकल्प दिवस के रूप में जन्मदिन मनाया।

वैढन : वहीं पर ब्लॉक अध्यक्ष वैढन मोहम्मद शाहनवाज खान (मिनाज ) के नेतृत्व में सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल में मरीजों को फल वितरण कर जन्मदिन मनाया।

विंध्यानगर: वहीं पर पंडित राम अशोक शर्मा (कार्यवाहक अध्यक्ष) के नेतृत्व में शर्मा फैंस क्लब द्वारा एनटीपीसी विंध्यानगर में ब्लड डोनेशन कराया गया।।

मोरवा: वहीं पर मोरवा ब्लॉक कांग्रेस द्वारा विनोद सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केक काटकर जन्मदिन मनाया ।

चितरंगी:ब्लाक कांग्रेस कमेटी चितरंगी के अध्यक्ष संकठा सिंह ने आज विधान सभा चितरंगी के कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा पूर्व नेता प्रतिपक्ष राहुल भैया के 65 वा जन्म दिन पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चितरंगी में गरीबो एवं मरीजो को फल वितरण कर उनके दीर्घ आयु की कामना किया।

सतना : मध्य प्रदेश विधानसभा पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के 65 वें जन्मदिवस के अवसर पर उनकी दीर्घायु के लिए शहर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजभान  सिंह राज के नेतृत्व में जिला अस्पताल सतना में सेवा संकल्प प्रांगण में मरीजों एवं मरीजों के परिजनों को निशुल्क भोजन कराकर धूम धाम से जन्म दिवस मनाया गया, इसी तारतम्य में सतना एन.एस.यू.आई. के जिला अध्यक्ष स्वतंत्र मिश्रा के नेतृत्व में साईं मंदिर धवारी में वरिष्ठ नेताओं के द्वारा पूजा अर्चना कर एवं साईं बाबा के समक्ष केक काटकर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया एवं राहुल भैया की उज्जवल भविष्य एवं दीर्घायु की ईश्वर से कामना की गई ।


सतना जिला पंचायत उपाध्यक्ष डॉ.रश्मि सिंह और वरिष्ठ समाजसेवी डॉ.अरुणेंद्र सिंह द्वारा पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के जन्मदिन के अवसर पर नि:शुल्क दंत चिकित्सा शिविर लगाया गया।


रीवा:   रीवा साई मंदिर में फ़ल और प्रसाद वितरित कर मध्य प्रदेश पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का भव्य जन्मदिन मनाया गया।


नईगढी:अजय सिंह राहुल भैया के 65 वें जन्मदिवस के अवसर पर  कांग्रेस जनों द्वारा  जनपद पंचायत नईगढी के उपाध्यक्ष नृपेंद्र सिंह पिंटू की अगुवाई में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं पोषण पुनर्वास केंद्र नईगढ़ी में मरीजों एवं उपस्थित उनके परिजनों को फल वितरण किया गया तथा अजय सिंह के दीर्घायु हों इस हेतु मां अष्टभुजा से कामना की गई ।

होशंगाबाद: होशंगाबाद मे भी अजय सिंह का जन्मदिन कार्यकर्ताओं द्वारा मनाया गया।

औबेदुल्लाहगंज: में अजय सिंह का जन्मदिन पौधारोपण कर एवं सरकारी अस्पताल मे मरीजों को फल वितरित कर मनाया गया।

भोजपुर: अजय सिंह के जन्मदिन पर भोजपुर में पार्षद खत्री द्वारा गरीब महिलाओ को साड़ी बाँटी गयी।


Monday, 23 September 2019

जन्मदिन पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को बधाइयों का तांता, सीएम कमलनाथ ने भी दी शुभकामनाएं।


मध्‍यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता और राज्‍य विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह " राहुल" का आज जन्मदिन है।
अजय सिंह का जन्‍म 23 सितंबर 1955 को इलाहाबाद में हुआ था। अजय सिंह प्रसिद्ध कांग्रेस नेता श्री कुंवर अर्जुन सिंह के पुत्र हैं। अर्जुन सिंह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री तथा पंजाब के राज्यपाल भी रह चुके हैं। 

जन्मदिन के अवसर पर हर कोई पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को बधाई दे रहा है. इनमें मुख्यमंत्री एवं पीसीसी चीफ़ कमलनाथ ने भी ट्विटर पर उन्हें बधाई दी. कमलनाथ के अलावा अन्य मंत्रियों, और नेताओं ने भी ट्विटर पर अजय सिंह को शुभकामनाएं दी।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दी बधाई।
कमल नाथ नें अजय सिंह को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुये ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थय, दीर्घायु और यशस्वी जीवन की कामना की।

पूर्व पीसीसी चीफ़ अरुण यादव ने दी शुभकामनाएं।
अरुण यादव नें भी अजय सिंह के स्वस्थ जीवन एवं दीर्घायु जीवन की ईश्वर से कामना की।

कमलनाथ सरकार के मंत्री जीतू पटवारी ने दी बधाई।
मंत्री जीतू पटवारी नें भी अजय सिंह को जन्मदिन की बधाई दी और भगवान से उनके उत्तम स्वास्थय और दीर्घायु होने की प्रार्थना की।

कमलनाथ सरकार के मंत्री सचिन यादव नें बधाई दी।
कमलनाथ सरकार के मंत्री सचिन यादव नें अजय सिंह के जन्मदिन पर उन्हें बधाई दी।

कमलनाथ सरकार के मंत्री सुरेन्द्र सिंह बघेल नें दी शुभकामनाएं।
कमल नाथ सरकार के मंत्री सुरेन्द्र सिंह बघेल नें भी अजय सिंह को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी और अजय सिंह द्वारा पार्टी के लिये हमेशा खड़े रहने की सराहना की।

युवा कांग्रेस अध्यक्ष, विधायक कुणाल चौधरी ने बधाई दी।
युवा कांग्रेस अध्यक्ष एवं काला पीपल से विधायक कुणाल चौधरी नें अजय सिंह को जन्मदिन की बधाई दी और भगवान से उनके उत्तम स्वास्थय और दीर्घायु होने की प्रार्थना की।

जन्मदिन विशेष: अजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष रहते हुये तत्कालीन भाजपा सरकार को सदन से लेकर सड़क तक घेरा और कांग्रेस की सरकार में वापसी की नीव रखी।

मध्‍यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता और राज्‍य विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह " राहुल" का आज जन्मदिन है।
अजय सिंह का जन्‍म 23 सितंबर 1955 को इलाहाबाद में हुआ था। अजय सिंह प्रसिद्ध कांग्रेस नेता श्री कुंवर अर्जुन सिंह के पुत्र हैं। अर्जुन सिंह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री तथा पंजाब के राज्यपाल भी रह चुके हैं। 


अजय सिंह, ये साली जिन्दगी, जिस्म-2, मैं तेरा हीरो और मोहन जोदाडो जैसी बॉलीवुड फिल्मों से अपनें अभिनय का लोहा मनवा चुके, अभिनेता अरुणोदय सिंह के पिता हैं।



शिक्षा।

अजय सिंह ने अपनी शुरूआती पढ़ाई भोपाल मे कैंपियन स्कूल से पूरी की थी वे वर्ष 1971-72 के दौरान कैंपियन स्‍कूल के कैप्‍टन भी रह चुके हैं। इसके बाद वो दिल्ली आ गये और श्रीराम कॉलेज ऑफ कामर्स, दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय से बी.ए. (अर्थशास्‍त्र) आनर्स किया उसके बाद उन्होंने 1976-77 में भोपाल विश्‍वविद्यालय से एम.ए. (अर्थशास्‍त्र) में किया और गोल्‍ड मेडल भी प्राप्त किया। इसके अलावा अजय सिंह 1971 में सर्वश्रेष्‍ठ एनसीसी सदस्‍य चुने गए तथा 1972 में इंटरस्‍कूल डिबेट कॉम्पीटिशन की ट्रॉफी जीती। 

राजनीतिक करियर।
अजय सिंह मध्यप्रदेश राजनीति का जाना-माना चेहरा हैं। वह छह बार लगातार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। 
    
पहली बार 1985 के उप चुनाव मे चुरहट से विधायक बनें।         
1985 मे अजय सिंह पहली बार मध्यप्रदेश के सीधी जिले की चुरहट विधानसभा से उपचुनाव जीत कर पहली बार विधायक बनें,यह सीट उनके पिता कुं.अर्जुन सिंह के पंजाब के राज्यपाल बन जानेंं के बाद खाली हुई थी।
           
दूसरी बार 1991 में फिर उपचुनाव जीत कर विधायक बनें
1991 मे अजय सिंह दूसरी बार मध्यप्रदेश के सीधी जिले की चुरहट विधानसभा से दुबारा उपचुनाव जीत कर दूसरी बार विधायक बनें, यह सीट उनके पिता कुं.अर्जुन सिंह के केंद्र सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री बन जानें के बाद खाली हुई थी।        


1998 में उन्हें तीसरी बार विधायक चुना गया।     
1998 में मध्यप्रदेश मे हुये विधानसभा चुनाव में उन्होनें सीधी जिले की चुरहट विधानसभा से भाजपा के कद्दवार नेता गोविंद प्रसाद मिश्रा को हराकर तीसरी बार विधायक बनें।            


मध्यप्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनें।
1998 में उन्हें तीसरी बार विधायक चुना गया और मध्यप्रदेश सरकार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पर्यटन और संस्कृति विभागों के कैबिनेट मंत्री बन गए।जब शाइनिंग इंडिया का दौर चल रहा था। केंद्र में वेंकैया नायडू पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री थे।उस वक्त अजय सिंह मध्य प्रदेश में भी पंचायत मंत्री थे।प्रदेश में अजय सिंह का मॉडल बहुत फेमस हुआ था।जिससे प्रभावित होकर श्री नायडू ने उसे समझने के लिए अजय सिंह को आमंत्रित किया गया था, और अजय सिंह से मुलाकात की थी।


2003 में चौथी बार विधायक चुनें गये।
2003 में मध्यप्रदेश मे हुये विधानसभा चुनाव में उन्होनें सीधी जिले की चुरहट विधानसभा से भाजपा के कद्दवार नेता गोविंद प्रसाद मिश्रा को हराकर तीसरी बार विधायक बनें।


2008 में पांचवी बार मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए।
2008 में मध्यप्रदेश मे हुये विधानसभा चुनाव में उन्होनें सीधी जिले की चुरहट विधानसभा से भाजपा के अजय प्रताप सिंह को हरा कर विधायक बनें। अजय प्रताप सिंह बर्तमान में मध्य-प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं।


2011 में पहली बार मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में चुने गए।
15 अप्रैल, 2011 को मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में चुने गए थे। नेता प्रतिपक्ष रहते हुये उन्होनें तत्कालीन शिवराज सिंह चौहान सरकार को सदन से लेकर सड़क तक घेरा, और सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर भी आये, लेकिन ऐन वक़्त पर कांग्रेस के ही विधायक चौधरी राकेश सिंह के भाजपा के पक्ष में चले जानें से शिवराज सिंह सरकार बचानें मे कामयाब हो गये।


2013 में छठी बार विधायक बने।                  
2013 में मध्यप्रदेश मे हुये विधानसभा चुनाव में उन्होनें सीधी जिले की चुरहट विधानसभा से भाजपा के शर्देँदु तिवारी को हरा कर विधायक बनें। वर्तमान मे शर्देँदु तिवारी चुरहट से भाजपा विधायक हैं।


2017 को वह दूसरी बार विपक्ष के नेता चुनें गये।      
27 फरवरी, 2017 को वह दूसरी बार विपक्ष के नेता के रूप में चुने गये, और दिसंबर 2018 में कांग्रेस सरकार बननें तक वो नेता प्रतिपक्ष रहे।


व्यापम घोटाले को सदन से सड़क तक ले आये।       
नेता प्रतिपक्ष रहते हुये अजय सिंह नें, व्यापम घोटाले के मुद्दे पर तत्कालीन शिवराज सरकार को सदन से लेकर सड़क तक घेरा। व्यापम घोटाले को व्यापक तरीके से उठाने और तत्कालीन सरकार को उस पर कार्यवाही करने के लिये मजबूर करनें का श्रेय अजय सिंह को ही जाता है।


अजय- अरूण की जोड़ी नें कांग्रेस के पक्ष में माहौल तैयार किया
साल 2018 में अजय सिंह नें तत्कालीन पीसीसी अध्यक्ष अरूण यादव के साथ मिलकर प्रदेश भर में यात्रा कर कांग्रेस के पक्ष में माहौल तैयार किया। बाद मे कमलनाथ के पीसीसी चीफ़ बननें पर अजय सिंह ने कमल नाथ के साथ मिलकर प्रचार अभियान की कमांन संभाली और कांग्रेस की प्रदेश में वापसी हुई।हला की 2018 का चुनाव अजय सिंह और अरुण यादव दोनों लोग हार गये, लेकिन पार्टी की इस जीत का श्रेय पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव और नेता प्रतिपक्ष रहे अजय सिंह को भी जाता है।वे चुनाव जरूर हार गए, लेकिन पार्टी की सरकार बनाने में उनके त्याग को दरकिनार नहीं किया जा सकता।

अजय सिंह के हार के साथ जुड़ा है, अजब संयोग।
अजय सिंह के साथ एक अजब सा संयोग यह भी है कि विपक्ष में रहने के बाद वे जब-जब चुनाव हारते हैं प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है। वर्ष 1990 से 1993 तक विपक्ष में रहने के बाद उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा को घेरने के लिए चुरहट की बजाय भोजपुर से चुनाव लड़ा था। पटवा ने उन्हें चुनाव तो हरा दिया, लेकिन बहुमत ला पाने में सफल नहीं हो पाए थे। ठीक इसी तरह विपक्ष के नेता होनें की वजह से 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा नें अपना पूरा जोर अजय सिंह के प्रभाव वाले विंध्य क्षेत्र में लगा दिया, जिससे अजय सिंह सहित विंध्य से आने वाले कई दिग्गज चुनाव हार गये लेकिन कांग्रेस सरकार बनानें मे सफल हो गयी।

अजय सिंह की हार पर जब अरुण यादव हुये भावुक।


2018 के विधानसभा चुनाव मे अजय सिंह के हार के बाद एक बेहद भावुक दृश्य देखने में आया जब अजय सिंह से मिलने पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव के आंसू निकल आए। भावुक हुए अरुण यादव को अजय सिंह और आसपास के लोगों ने सांत्वना दी।
दरअसल भोपाल में अजय सिंह से अरुण यादव जब मिले तो उनकी आंखों में आंसू आ गए।अजय -अरुण की जोड़ी  नें तत्कालीन भाजपा सरकार के खिलाफ काफी संघर्ष किया जिसकी बदौलत सूबे में कांग्रेस की सरकार बनीं पर अजय सिंह की हार ने अरुण यादव को भावुक कर दिया।


अजय सिंह के लिए सीट छोड़ने को तैयार हुये थे, दर्जनभर विधायक।
नरसिंहपुरगाडरवारा से नव निर्वाचित कांग्रेस विधायक सुनीता पटेल चुरहट से पराजित हुए नेता प्रतिपक्ष रहे अजय सिंह के लिए अपनी सीट छोड़ने तैयार थी। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की थी। साथ ही एक दर्जन विधायकों ने भी उनके लिए सीट छोड़ने की पेशकश की थी। इसमें चित्रकूट के विधायक नीलांशु चतुर्वेदी, चांचोड़ा के विधायक लक्ष्मण सिंह, गाडरवाड़ा विधायक सुनीता पटेल और छतरपुर के आलोक चतुर्वेदी, सुरेन्द्र सिंह और विनय सक्सेना आदि विधायकों ने कमलनाथ को चिट्ठी लिखकर इस्तीफे की पेशकश की थी।

चुनाव हारे पर लोकप्रियता कम नही हुई।
अजय सिंह आज भी उतनें ही लोकप्रिय है, इस बात का अन्दाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की आज भी चाहे भोपाल हो या चुरहट अजय सिंह से मिलनें के लिये पार्टी कार्यकर्ताओं और क्षेत्र की जनता  का जमावड़ा आज भी लगा रहता है, आज चुनाव हारनें के बाद भी अजय सिंह लोंगों से उतनी ही सिद्दत से मिलतें है, जैसे की विधायक रहते मिलते थे।

राजनैतिक बिरोधियों से भी अजय सिंह के मधुर संबंध।

अजय सिंह का विपक्षी पार्टियों के लोंगों से भी बड़े गर्मजोशी से मिलतें है, और सब का हाल चाल जानतें रहतें है, उनका कहना है की उनका विरोध सिर्फ राजनैतिक है, व्यक्तिगत नही। ऐसा ही एक उदहारण 2019 के लोकसभा चुनाव के वक़्त देखनें को मिला था, जब उनके धुर राजनैतिक विरोधी, सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला की तवियत अचानक खराब हो गयी, और अजय सिंह जो सीधी लोकसभा से खुद प्रत्यासी थे, अपना दौरा तत्काल रद्द कर श्री शुक्ला से मिलनें पहुंचे और उनके स्वास्थ्य के बारे मे जाना।


चुरहट विधानसभा से हमेशा उनके खिलाफ चुनाव लड़ने वाले गोविंद प्रसाद मिश्रा से भी उनके मधुर संबंध है।


अजय सिंह की पहचान ,एक जमीन से जुड़े हुये नेता की।
अजय सिंह एक जमीन से जुड़े हुये नेता है, और अपनें क्षेत्र और क्षेत्र के लोंगों से गहरा संबंध रखतें है, और उनके सुख और दुख मे हमेशा शरीक होतें है।
अजय सिंह का कार्यक्रम चाहे कितना भी व्यस्त क्युं ना हो, वो हर महीनें अपनें क्षेत्र का दौरा जरुर करतें है।
वों भोपाल के अपने सरकारी आवास में हो या फिर चुरहट के अपनें पैतृक निवास पर सभी से बराबर मिलते हुये उनकी समस्याओं के बारें में जानते हुये उसका निदान करनें का प्रयास करतें हैं।


धर्म के प्रति अजय सिंह की गहरी आस्था ।
अजय सिंह अपनें धर्म के प्रति गहरी आस्था के साथ साथ दुसरे धर्मों का भी उतना ही सम्मान करतें है।

श्री सिंह, आचार्य महा मंडलेश्वर स्वामी श्री अवधेशानंद गिरि महराज से गहरी आस्था रखतें हैं।


अजय सिंह, महाकालेश्वर उज्जैन, शारदा मन्दिर मैहर, चित्रकूट धाम के साथ साथ प्रयागराज से आस्था रखते हुये हिंदू त्यौहारों पर यहा आशीर्वाद लेनें जरुर पहुंचते है।


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