Friday, 10 July 2020

विकास दुबे एनकाउंटर पर दिग्विजय सिंह नें कहा - जिसका शक था वही हुआ।


भोपाल: कानपुर का कुख्यात अपराधी विकास दुबे आज एनकाउंटर में मारा गया, जिसको लेकर अब सवाल उठनें शुरु हो गये हैं। विकास दुबे के एनकाउंटर पर मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा- "जिसका शक था वही हो गया"। दिग्विजय सिंह ने पहले ही आशंका जताई थी कि विकास दुबे की हत्या की जा सकती है। जिन राजनीतिक लोगों ने उसे संरक्षण दिया वही उसकी हत्या करवा सकते हैं। 


दरअसल, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को उज्जैन में गैंगस्टर विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद कहा था कि उसे राजनीतिक संरक्षण देने वाले ही उसकी हत्या करा सकते हैं। इसलिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में SIT से मामले की जांच करायी जाना चाहिए। उन्होंने मांग की थी कि उत्तर प्रदेश पुलिस के हत्यारे गैंगस्टर विकास दुबे को न्यायिक हिरासत में रखा जाए और सुरक्षा भी मुहैया कराई जाए। गैंगस्टर को राजनीतिक संगरक्षण देने वाले ही उसकी हत्या करा सकते हैं।

दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि यह पता लगाना आवश्यक है विकास दुबे ने मध्यप्रदेश के उज्जैन महाकाल मंदिर को सरेंडर के लिए क्यों चुना? मध्यप्रदेश के कौन से प्रभावशाली व्यक्ति के भरोसे वो यहाँ उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटर से बचने आया था?

दिग्विजय सिंह ने कहा था कि विकास दुबे उत्तर प्रदेश का सबसे खतरनाक गैंगस्टर है। उस पर 60 आपराधिक मामले दर्ज हैं जिसमें थाने के अंदर हत्या करना भी शामिल है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था कि गैंगस्टर को भाजपा नेताओं का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। इस वजह से ही उसे जमानत भी मिल गई, सजा आज तक नहीं हुई

दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया था कि विकास दुबे की पुलिस और प्रशासन के साथ सांठगांठ है। इस वजह से ही वो अब तक बचा हुआ था। दिग्विजय सिंह ने शक ज़ाहिर किया था। उत्तर प्रदेश के कानपुर में इतना बड़ा पुलिस हत्याकांड करने के बाद भी वो बच निकलता है। उज्जैन में बिना हथियार के आता है। महाकाल के मंदिर में एक निजी सुरक्षा कंपनी का गार्ड उसे पकड़ता है। फिर गार्ड ही एक पुलिस के सिपाही को सौंप देता है. यह गिरफ्तारी है या सरेंडर।

पुलिस एनकाउंटर में मारा गया विकास दुबे, STF की गाड़ी पलटने के बाद की थी भागने की कोशिश।


कानपुर: कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद 6 दिन तक फरार रहनें वाला गैंगेस्टर विकास दुबे पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया। विकास दुबे को कानपुर ला रही STF के काफिले की गाड़ी आज सुबह हादसे का शिकार हो गई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे के बाद पुलिस की बंदूक छीनकर विकास भागने कोशिश कर रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे मार गिराया।

गौरतलब है कि, विकास को उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब वह मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में महाकाल के दर्शन करने पहुंचा था। गार्ड द्वारा पहचाने जाने के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। मध्य प्रदेश पुलिस ने कल रात ही उसे उत्तर प्रदेश पुलिस के हवाले किया था।

दरअसल, एसटीएफ की टीम उसे रिमांड पर यूपी लेकर जा रही थी। तभी बीच रास्ते में एसटीएफ टीम की गाड़ी पलट गई है। जो गाड़ी पलटी, उसी में विकास दुबे सवार था। इसके बाद उसने पुलिस का हथियार छानकर भागने की कोशिश की। इसके बाद हुए एनकाउंटर में विकास दुबे मारा गया।

एनकाउंटर के बाद विकास दुबे को कानपुर के अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ कानपुर के पास टोल प्लाजा से 25 किलोमीटर दूर हुई। जब एसटीएफ की गाड़ी पलटी तो उसके बाद विकास दुबे पुलिस का हथियार छीनकर भागने लगा और फायरिंग करने लगा। जवाबी हमले में एसटीएफ की टीम ने उसे गोली मारकर घायल कर दिया। लेकिन जब उसे अस्पताल लाया गया, तब डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जब गाड़ी पलटी उस वक्त तेज बारिश हो रही थी, जबकि पुलिस की गाड़ी तेज रफ्तार से जा रही थी।

Thursday, 9 July 2020

MP के कुख्यात भाजपा नेताओं और मंत्रियों ने दी विकास दुबे को शरण, CBI जांच हो: अजय सिंह।


भोपाल: उत्तर प्रदेश के कानपुर में पिछले दिनों आठ पुलिसकर्मियों को घेरकर बेरहमी से हत्या करने के आरोपी कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे आखिरकार आज मध्यप्रदेश के उज्जैन में गिरफ्तार कर लिया गया है। विकास दुबे उज्जैन के महाकाल में दर्शन के लिए गया था, तभी वहां के गार्ड ने पहचाना। जिसके बाद वहां की पुलिस एक्शन में आई और उसे वहीं पकड़ लिया। लेकिन अब विकास दुबे की उज्जैन से गिरफ्तारी पर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय सिंह नें विकास दुबे की गिरफ्तारी को प्री- प्लानिंग के तहत की गयी गिरफ्तारी बताते हुये सीबीआई जांच की मांग की है।

दरअसल, विकास दुबे को उज्जैन से गिरफ्तार किये जानें के बाद से ही कांग्रेस लगातार हमलावर है, और इसे गिरफ्तारी ना मानते हुये सरेंडर बता रही है। कांग्रेस की तरफ से पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व मंत्री जीतू परवारी एवं पीसी शर्मा नें विकास दुबे की गिरफ्तारी पर सवालिया निशान लगाया है।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें की सीबीआई जांच की मांग।
मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे की गिरफ्तारी को लेकर शिवराज सरकार को कटघरे में खड़ा किया है एवं सीबीआई जांच की मांग की है। अजय सिंह नें एक न्यूज़ चैनल से दूरभाष पर चर्चा के दौरान यह बात कही। इससे पहले अजय सिंह नें ट्वीट कर विकास दुबे की गिरफ्तारी को प्री प्लानिंग के तहत की गयी गिरफ्तारी बताया था।

भाजपा राज में अब कुख्यात अपराधियों की शरण स्थली बना प्रदेश: अजय सिंह।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि उत्तरप्रदेश के जघन्य, क्रूर और आठ पुलिस कर्मियों को जान से मारने वाले अपराधी विकास दुबे को भाजपा सरकार ने शरण देकर पूरे देश में मध्यप्रदेश को बदनाम कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पिछले 15 साल में प्रदेश को हर बुरे काम में अव्वल रखने की जो ख्याति प्राप्त की थी, विकास दुबे के मामले से अब वह शुरुआत हो गई है।

श्री सिंह ने कहा कि विकास दुबे 300 किलोमीटर मध्यप्रदेश में चलता रहा तब उसे किसी टोल नाके, पुलिस चौकसी में नहीं पकड़ा गया। वह पकड़ा गया महाकाल के मंदिर में जहां वह चिल्ला चिल्लाकर खुद कह रहा था कि वह विकास दुबे है। उन्होने कहा कि महाकाल दर्शन की जब रसीद कटवा रहा था तब आईडी प्रूफ की आवश्यकता होती है तब भी उसे नहीं पहचाना गया। श्री सिंह ने कहा कि प्रथम द्रष्ट्या कोई पाँचवी कक्षा का बालक इस घटना को देखकर बता देगा कि यह मध्यप्रदेश में आमंत्रित किया गया अपराधी था जिसे एक कहानी गढ़कर बचाने के लिए मध्यप्रदेश के कुख्यात भाजपा नेताओं और मंत्रियों ने शरण दी।

श्री अजयसिंह ने कहा कि व्यापम, बलात्कार, बेरोजगारी, किसानों की आत्महत्या, अवैध रेत उत्खनन में तो हमारा भाजपा राज्य में देश में प्रथम था। अब अपराधियों को शरण देने और उन्हें बचाने में भी पहला राज्य का खिताब मिल गया लेकिन प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता का सिर इससे शर्म से झुक गया। भाजपा को बधाई।

कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक की रिपोर्ट निकली कोरोना पॉजिटिव, भोपाल के एक निजी अस्पताल में हुये भर्ती।


भोपाल: देश के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी कोरोना का कहर जारी है। कोरोना पॉजिटिव मरीजोंं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच आज गुरुवार को ग्वालियर दक्षिण से कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक अस्वस्थता के चलते भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गए है।



प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रवीण पाठक की तीसरी जांच कोरोना पॉजिटिव निकली हैं। पिछले दिनों पाठक के गनमैन भी कोरोना पॉजिटिव मिले थे। जिसके बाद कांग्रेस विधायक ने दो जांच भी करवा ली थी, जिसमें वह निगेटिव पाये गये थे।लेकिन अब तीसरी जांच में वो कोरोना पॉजिटिव पाए गए है।बतां दें कि कोरोना महामारी के दौरान विधायक पाठक अपने क्षेत्र में लोगों को राशन वितरण से लेकर अन्य समस्याओं के निराकरण में निरंतर क्षेत्र के लोगों के संपर्क में रहे।



गौरतलब है की, इसके पहले मध्यप्रदेश के कालापीपल विधानसभा से कांग्रेस विधायक एवं यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुणाल चौधरी भी कोरोना पॉजिटिव पाये गये थे। उन्होनें राज्यसभा चुनाव में PPE किट पहनकर मतदान किया था। हला की अब वो कोरोन को मात देकर स्वस्थ्य हो चूकें हैं।

विकास दुबे की गिरफ्तारी पर सवाल: अजय सिंह नें कहा- प्री प्लानिंग के तहत की गयी गिरफ्तारी।


भोपाल: उत्तर प्रदेश के कानपुर में पिछले दिनों आठ पुलिसकर्मियों को घेरकर बेरहमी से हत्या करने के आरोपी कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे आखिरकार आज मध्यप्रदेश के उज्जैन में गिरफ्तार कर लिया गया है। विकास दुबे उज्जैन के महाकाल में दर्शन के लिए गया था, तभी वहां के गार्ड ने पहचाना। जिसके बाद वहां की पुलिस एक्शन में आई और उसे वहीं पकड़ लिया। लेकिन अब विकास दुबे की उज्जैन से गिरफ्तारी पर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय सिंह नें विकास दुबे की गिरफ्तारी को प्री- प्लानिंग के तहत की गयी गिरफ्तारी बताया है।



मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नें कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे की गिरफ्तारी को लेकर शिवराज सरकार को कटघरे में खड़ा किया एवं ट्वीट करते हुये लिखा-"ऐसे टहल रहा विकास दुबे मंदिर परिसर में। प्री प्लानिंग गिरफ्तारी हुई है। उसमें भी वाह वाही लूटी जा रही है। शर्म करो शिवराज"।




गौरतलब है की, विकास दुबे गुरुवार की सुबह महाकाल के उज्जैन मंदिर पहुंचा था, जहां लखनलाल यादव नाम के एक गार्ड ने उसे पहचान लिया, जिसके चलते उसकी गिरफ्तारी हो सकी। फिलहाल दुबे उज्जैन पुलिस की गिरफ्त में है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि उन्होंने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से बात है की है और एमपी पुलिस दुबे को यूपी पुलिस को सौंप देगी।

UP पुलिस के एनकाउंटर से बचने के लिए प्रायोजित सरेंडर, MP भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के सौजन्य से हुआ संभव: दिग्विजय सिंह।


भोपाल: कानपुर पुलिस के आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर फरार हुआ मुख्य आरोपी विकास दुबे गुरुवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया। विकास दुबे एक हफ्ते से पुलिस से छिपता फिर रहा था। गुरुवार को वो उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर पहुंचा था। यहां पर उसे एक गार्ड ने पहचान लिया, जिसके बाद उज्जैन पुलिस को जानकारी दी गयी और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विकास दुबे को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन अब विकास दुबे की गिरफ्तारी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। 

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजिय सिंह ने गिरफ्तारी की खबर आने के बाद एक ट्वीट करते हुए इसपर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इसमें मध्य प्रदेश बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'यह तो उत्तरप्रदेश पुलिस के एनकाउंटर से बचने के लिए प्रायोजित सरेंडर लग रहा है। मेरी सूचना है कि मध्यप्रदेश भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के सौजन्य से यह संभव हुआ है। जय महाकाल.'। दिग्विजय सिंह ने बिना नाम लिए एमपी बीजेपी के किसी वरिष्ठ नेता का नाम मामले में खींचा है।


गौरतलब है की, विकास दुबे गुरुवार की सुबह महाकाल के उज्जैन मंदिर पहुंचा था, जहां लखनलाल यादव नाम के एक गार्ड ने उसे पहचान लिया, जिसके चलते उसकी गिरफ्तारी हो सकी। फिलहाल दुबे उज्जैन पुलिस की गिरफ्त में है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि उन्होंने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से बात है की है और एमपी पुलिस दुबे को यूपी पुलिस को सौंप देगी।

सवालों में घिरी विकास दुबे की गिरफ्तारी, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी एवं पीसी शर्मा ने खड़े किये सवाल।


भोपाल: उत्तर प्रदेश के कानपुर में पिछले दिनों आठ पुलिसकर्मियों को घेरकर बेरहमी से हत्या करने के आरोपी कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे आखिरकार आज मध्यप्रदेश के उज्जैन में गिरफ्तार कर लिया गया है। विकास दुबे उज्जैन के महाकाल में दर्शन के लिए गया था, तभी वहां के गार्ड ने पहचाना। जिसके बाद वहां की पुलिस एक्शन में आई और उसे वहीं पकड़ लिया। लेकिन अब विकास दुबे की उज्जैन से गिरफ्तारी सवाल खड़े हो गए हैं। पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने ट्वीट कर इस गिरफ्तार पर सवाल खड़ा किया है। 

जीतू पटवारी नें एक शख्स के ट्वीट पर रिट्वीट किया है, जिसमें लिखा है कि 'बुधवार रात करीब 8.30 बजे उज्जैन कलेकट्र और एसपी बड़ी हड़बड़ी में महाकाल मंदिर पहंचे थे। (दर्शन के लिए नहीं) देर तक एक कक्ष में मंत्रणा करते रहे। सुबह विकास दुबे गिरफ्तार हो गया। कहीं गिरफ्तारी की पटकथा का हिस्सा तो नहीं'


बता दें इससे पहले पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने भी इस गिरफ्तारी को शरण और सरेंडर का खेल करार दिया था। पीसी शर्मा नें ट्वीट कर कहा- "मुझे लगता है यह शरण और सरेंडर का खेल है। उसके उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से संबंध रहे हैं और मध्य प्रदेश में भी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से संबंध हैं इसलिए वो मध्य प्रदेश आया और उज्जैन में पकड़ा गया। यह शरण और सरेंडर का खेल लग रहा है। जिस प्रकार के अपराध उसने किये हैं , इसकी पूरी जांच होना चाहिए कि उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में किन किन नेताओं से उसके संबंध रहे हैं। जिन लोगों ने शरण दी है उन्हीं ने सरेंडर करवाया होगा।"

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